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परशुराम कुंड के स्नान घाट पर बना दिया चाँद-तारे का निशान, मंदिर से चोरी: पूर्वोत्तर के कुंभ में ऐसी घटनाओं से लोग चिंतित, सफाईकर्मियों में कई मुस्लिम

पूर्वोत्तर का कुंभ कहे जाने वाले अरुणाचल प्रदेश के परशुराम कुंड मकर संक्रांति मेले में हर साल हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। हालाँकि, इस साल की यात्रा में चोरी की कई घटनाएँ सामने आई हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं।

इस वर्ष मेले के दौरान परशुराम मंदिर के महंत बाबा हरिशरण दास सुबह जागकर अपने कक्ष के बाहर बैठे थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि कुछ संदिग्ध लोग मंदिर में घुस रहे हैं। उन्होंने अपने शिष्यों को आवाज देकर मंदिर की चल पड़े। इस संबंध में महंत ने 16 जनवरी 2023 को पुलिस थाने में शिकायत दी है।

महंत हरिशरण दास के मंदिर पहुँचने से पहले ही एक बदमाश तब तक दान का पैसा लेकर भाग गया। हालाँकि, दो अन्य को लोगों ने पकड़ लिया। उनकी जब तलाशी और पहचान की जाँच की गई तो वे मुस्लिम निकले। इसके बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया।

इस साल मेले में जो सबसे बड़ी और आपत्तिजनक घटना सामने आई, वह लोगों के दिमाग को झकझोर कर रख दिया है। इस साल मेले में परशुराम कुंड के पवित्र स्नान घाट के पास वाली दीवार पर किसी ने चाँद-तारा का निशान बना दिया है। यह इस्लामी निशान माना जाता है।

बता दें कि परशुराम यात्रा के दौरान कई मुस्लिम परिवार सफाई कर्मचारी के रूप में मेले में शामिल होते हैं। स्थानीय प्रशासन इन लोगों को पहचान पत्र जारी कर, इन्हें मेले में घुसने की अनुमति देता है। इसके बाद वे मेले में सफाई आदि का काम देखते हैं।

चोरी इस घटना को लेकर स्थानीय लोग भविष्य को लेकर गंभीर हो गए हैं। इन लोगों ने माँग की है कि यात्रा में इन लोगों को बुलाने वाले और इनको भेजने वाले ठेकेदार के बारे में पता लगाई जाए। स्थानीय लोगों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है।

यात्रा के दौरान होने वाली बहुत सी ऐसी घटनाएँ हैं, जिनके बारे में पता लगाने की जरूरत है। मान्यता के अनुसार, यात्रा में शामिल होने वाले यात्री नहाने के बाद अपने कुछ गीले कपड़े फेंक देते हैं। इन फेंके हुए कपड़ों को ये मुस्लिम उठाते थे। हालाँकि, इस साल नहाने गए लोगों के घाट पर सूखे कपड़ों के गायब होने की कई घटनाएँ सामने आईं।

इसके साथ ही हर वर्ष की अपेक्षा इस साल मेले में पॉकेटमारी की घटनाएँ भी खूब हुईं। भी कहा जाता है कि यात्रा के दौरान आने-जाने वाले रास्तों पर इन्हीं सफाई कर्मचारियों के परिवार के लोग भिखारी बनकर बैठते हैं। यात्रा के बाद वे सारा सामान, कपड़े और अनाज आदि गाड़ी में लेकर जाते हुए देखे गए हैं।

फिर से सिनेमाघरों में रिलीज होगी ‘द कश्मीर फाइल्स’, बोले अनुपम खेर – ‘नरसंहार दिवस’ पर कश्मीरी हिन्दुओं को श्रद्धांजलि देने के लिए…

कश्‍मीरी हिंदुओं के नरसंहार पर आधारित डायरेक्टर वि​वेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) की फिल्‍म ‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) एक बार फिर सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। डायरेक्टर ने बुधवार (18 जनवरी, 2023) को ट्वीट कर दर्शकों को यह जानकारी है। इसके साथ ही उन्होंने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज करने का कारण भी बताया है।

विवेक अग्निहोत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर ‘द कश्मीर फाइल्स’ का एक पोस्टर शेयर किया है, जिसमें उसकी नई रिलीज डेट 19 जनवरी, 2023 लिखी हुई इै। इसके साथ ही निर्देशक ने कैप्शन में लिखा, “द कश्मीर फाइल्स को एक बार फिर 19 जनवरी को रिलीज किया जा रहा है। उस दिन कश्मीरी हिंदू नरसंहार दिवस है। यह पहली बार है, जब कोई फिल्म एक साल में दो बार रिलीज हो रही है। अगर आप इसे बिग स्क्रीन पर देखने से चूक गए हैं, तो अभी अपनी टिकट बुक करें।”

वहीं, ‘द कश्मीर फाइल्स’ में अहम भूमिका निभाने वाले बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने भी इस फिल्म को लेकर ट्वीट किया है। अनुपम खेर ने ट्विटर पर इस फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, “कश्मीरी पंडितों के पलायन और नरसंहार के 33 साल पूरे होने पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कृपया कल फिर से ‘द कश्मीर फाइल्स’ को जरूर देखें। यह पहली बार है, जब किसी फिल्म को एक साल में दूसरी बार रिलीज किया जा रहा है।”

यह फिल्म पहली बार 11 मार्च, 2022 को रिलीज हुई थी। ‘द कश्मीर फाइल्स’ 2022 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्मों में से एक है। इसने कमाई के मामले में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था। 14 करोड़ के बजट में बनी ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 340 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की बंपर कमाई की थी। इस फिल्म में 1990 में कश्मीरी हिंदुओं के पलायन और उनके नरसंहार की सच्ची घटना को दिखाया गया है। इस फिल्म में अभिनेता अनुपम खेर, दर्शन कुमार, पल्लवी जोशी और मिथुन चक्रवर्ती ने मुख्य भूमिका निभाई है।

बता दें कि डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री इन दिनों अपने अगली फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर की’ शूटिंग में बिजी हैं। भारतीय सिनेमा के इतिहास में यह पहली फिल्म होगी, जो एक साथ 11 भाषाओं हिंदी, इंग्लिश, गुजराती, बांग्ला, मराठी, कन्नड़, तमिल, तेलुगू, मलयालम, पंजाबी और भोजपुरी में रिलीज की जाएगी। ‘द वैक्सीन वॉर’ भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा कोरोना महामारी के खिलाफ टीका विकसित करने के प्रयासों पर आधारित है। इस फिल्म को 15 अगस्त, 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

बिहार में शराब के धंधेबाजों को पकड़ने गया था सिपाही, बूढ़ी गंडक में फेंक कर मार डाला: लाश देख फफक पड़े साथी, Video

बिहार में पुलिस पर शराब तस्करों के हमले की कई घटनाएँ हो चुकी है। अब आबकारी विभाग के एक सिपाही को तस्करों ने नदी में डूबोकर मार डाला है। मृतक सिपाही 23 वर्षीय दीपक कुमार का बुधवार (18 जनवरी 2023) को भागलपुर के उनके पैतृक गाँव रसलपुर में अंतिम संस्कार किया गया। मुजफ्फरपुर जिले में सोमवार (16 जनवरी 2023) की रात छापेमारी के दौरान तस्करों ने बूढ़ी गंडक में उन्हें फेंक दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना दरधा के दियारा इलाके की है। आबकारी विभाग को यहाँ बूढी गंडक नदी के किनारे शराब माफिया द्वारा अवैध शराब बनाने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर आबकारी विभाग की टीम रात में छापेमारी करने गई थी। सूचना सही पाई गई थी और उत्पाद विभाग (आबकारी) की टीम ने मौके से शराब माफिया को पकड़ लिया। आरोपितों को नाव से लाया जा रहा था। इसी दौरान उनकी जवानों से झड़प हो गई और दीपक की नदी में धकेल दिया।

एनबीटी ने एक चश्मदीद के हवाले से बताया है कि तस्कर दीपक को घसीटकर ले गए और नदी में फेंक दिया। आबकारी विभाग के अधीक्षक संजय कुमार राय ने बताया है कि छापेमारी के दौरान दीपक ने 2 तस्करों को पकड़ रखा था। लेकिन वे दीपक को खींचकर एक छोटी नाव पर ले गए। हाथापाई के बाद उसे नदी में फेंक दिया। नदी में गिरने के बाद दीपक तेज धार में फँस गया और डूबकर उसकी मौत हो गई।

छापेमारी के दौरान दीपक के साथ टीम में 19 सदस्य और थे। दीपक को नदी में फेंकने के बाद मची अफरातफरी का फायदा उठा कर हिरासत में लिए गए तस्कर भाग निकले। साथी जवानों ने दीपक को जब तक नदी से निकाला उनकी साँसे थम चुकी थी।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वारयल हो रहा है। वायरल वीडियो में दीपक को नदी में से निकाल कर ले जा रहे साथी जवान रोते हुए सुनाई दे रहे हैं। इसी वीडियो में जवान दीपक की जान निकलने की बात भी कह रहे हैं। रात के करीब 12:30 बजे दीपक को नदी में फेंका गया था। उनका शव करीब 3 बजे बरामद हुआ था।

इस घटना के बाद आबकारी विभाग ने घटनास्थल पर पुलिस फ़ोर्स मँगवाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया। वहीं दीपक की मौत से साथी सिपाही आक्रोशित हैं। दीपक के परिवार के लिए सरकार से मुआवजे की माँग कर रहे हैं। दीपक के भाई प्रशांत ने इस घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई है।

‘मंदिर जाने वाले मूर्ख, राम मंदिर दुकानदारी’: यूपी के नायब तहसीलदार का वीडियो वायरल, चैलेन्ज देते हुए कहा – जा किसी को भी दिखा दे, मैं किसी से कमजोर नहीं

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में तैनात एक नायब तहसीलदार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में हिम्मत बहादुर नाम के अधिकारी ने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को दुकानदारी बताया है। इसी के साथ उसने मंदिर जाने वालों को मूर्ख कह कर सम्बोधित किया है। वीडियो वायरल होने के बाद गाजीपुर की DM ने जाँच करवाने की बात कही है। वहीं अयोध्या के संतों ने नायब तहसीलदार के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नायब तहसीलदार हिम्मत बहादुर जिले के सेवराई तहसील में पोस्टेड है। 1:28 मिनट के वीडियो में वो लोगों की मौजूदगी में न सिर्फ राम मंदिर और हिन्दू आस्थाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा है, बल्कि वीडियो बना रहे व्यक्ति से किसी को भी जा कर दिखाने का चैलेन्ज कर रहा है। अपनी चुनौती के दौरान हिम्मत बहादुर ‘किसी से कमजोर न होने’ का भी ताव देते सुनाई दे रहा है। उनके इस बयान पर आस-पास मौजूद कुछ लोग ठहाके भी लगाते सुनाई दे रहे।

जानकारी के मुताबिक, हिम्मत बहादुर के वीडियो पर जिले की DM ने संज्ञान ले लिया है और जाँच करवाने की बात कही है। ऑपइंडिया ने इस बयान की पुष्टि के लिए सेवराई के तहसीलदार से बात की। उन्होंने बताया कि यह बयान मंगलवार (17 जनवरी, 2022) का है। हमें बताया गया कि नायब तहसीलदार हिम्मत बहादुर का ट्रांसफर 1 दिन पहले ही जिला मुख्यालय हो चुका था, लेकिन किसी कारणवश वो वहाँ जॉइन नहीं कर पाया था।

संतों ने उठाई कार्रवाई की माँग

नायब तहसीलदार हिम्मत बहादुर के इस बयान पर सोशल मीडिया के अलावा संतों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रामलला के पुजारी महंत सत्येंद्र दास ने नायब तहसीलदार पर को पद से हटाने की माँग करते हुए ईशनिंदा के आरोप में जेल में डालने की जरूरत बताया। हिम्मत बहादुर को वर्ण शंकर और नास्तिक बताते हुए सत्येंद्र दास ने उसके शब्दों को बनावटी बताया।

जंतर-मंतर पर पहलवान: कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर यौन शोषण, गाली देने-थप्पड़ मारने के आरोप; बोलीं विनेश फोगट- पता नहीं जिंदा रहूँगी या नहीं

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारत के पदकवीर पहलवानों ने धरना दिया। वे भारतीय कुश्ती फेडरेशन की मनमानी का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

धरने पर बैठे पहलवानों में ओलंपिक मेडल विजेता बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक भी शामिल हैं। पहलवानों ने फेडरेशन अध्यक्ष पर यौन उत्पीड़न, जान से मारने की धमकी जैसे आरोप लगाए हैं।

पुनिया ने कहा है, “बृजभूषण सिंह हमें गाली देते हैं। यहाँ के किसी भी खिलाड़ी को टाटा स्पोर्ट्स से कभी सपोर्ट नहीं मिला। प्राइवेट प्रमोटर केवल फेडरेशन से ही आ सकते हैं। युवा खिलाड़ी आते हैं और हमसे पूछते हैं कि कहाँ जाना है। कोई भी खिलाड़ी सवाल करता है तो उस पर बैन लगा दिया जाता है।” उन्होंने यह भी कहा है, “हमें जान से मारने की धमकियाँ दी गईं थीं। टोक्यो ओलंपिक के बाद मैंने प्रधानमंत्री जी को इस बारे में बताया था। बृजभूषण ने ओलंपिक के बाद मुझसे बात करने से इनकार कर दिया। मुझे बृजभूषण से सीधे कोई धमकी नहीं मिली, बल्कि उनके लोग धमकी देते हैं।”

इसको लेकर पूनिया ने ट्वीट भी किया है। उन्होंने लिखा है, “फेडरेशन का काम खिलाड़ियों का साथ देना, उनकी खेल की जरूरतों का ध्यान रखना होता है। कोई समस्या हो तो उसका निदान करना होता है। लेकिन अगर फेडरेशन ही समस्या खड़ी करे तो क्या किया जाए? अब लड़ना पड़ेगा, हम पीछे नहीं हटेंगे ।”

वहीं, साक्षी मलिक ने ट्वीट कर कहा है, “खिलाड़ी पूरी मेहनत कर देश को मेडल दिलाता है। लेकिन फेडरेशन ने हमें नीचा दिखाने के अलावा कुछ नहीं किया। मनचाहे क़ायदे-क़ानून लगाकर खिलाड़ियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।”

विनेश फोगाट ने कहा है, “रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण और राष्ट्रीय शिविर में कुछ कोचों ने महिला पहलवानों का यौन शोषण किया है। मैंने आज खुले तौर पर यह कहा है। मुझे नहीं पता कि मैं कल जीवित रहूँगी या नहीं। हमने कई बार स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। कैंप लखनऊ से दूर है। ऐसा सिर्फ वहीं क्यों होता है? क्योंकि उसके लिए महिला पहलवानों को शिकार बनाना आसान होता है।”

उन्होंने आगे कहा है, “वे हमारे निजी जीवन में भी दखल देते हैं और हमें परेशान करते हैं। वे हमारा शोषण कर रहे हैं। जब हम ओलंपिक में गए थे तो हमारे पास फिजियो या कोच नहीं था। टोक्यो ओलंपिक में हार के बाद बृजभूषण सिंह ने मुझे खोटा सिक्का कहा। फेडरेशन ने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। मैं हर दिन अपने जीवन को समाप्त करने के बारे में सोचती थी। किसी पहलवान को कुछ होता है तो जिम्मेदारी बृजभूषण सिंह पर होगी।”

उन्होंने यह भी कहा है, “हम यहाँ तब तक रहेंगे जब तक बृजभूषण सिंह को पद से नहीं हटाया जाता। उनके पद से हटने तक हम किसी टूर्नामेंट में हिस्सा भी नहीं लेंगे। वह हर दिन मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। हमें छोटी-छोटी बातों के लिए भीख माँगना पड़ता है।”

हैट्रिक छक्का मार कर 200 रन… शुभमन गिल ने तेंदुलकर-कोहली सबका रिकॉर्ड तोड़ डाला

भारतीय सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैच में दोहरा शतक जमा कर कर रिकॉर्ड्स ध्वस्त के दिए हैं। याद हो कि उन्होंने पिछले मैच में श्रीलंका के विरुद्ध भी शतक जड़ा था। लेकिन, इस बार ये स्पेशल है क्योंकि वो सोहरा शतक जमाने वाले पाँचवें बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा (3 बार) और ईशान किशन ये कारनामा कर चुके हैं। शुभमन गिल ODI में सबसे तेज़ 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाजों की सूची में भी शुमार हो गए हैं।

शुभमन गिल की 149 गेंदों पर 208 रनों की पारी की बदौलत भारत ने 8 विकेट पर 349 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया। ये कितनी बड़ी पारी थी, इसे इसी से समझ लीजिए कि भारत की तरफ से दूसरे हाइएस्ट स्कोरर रोहित शर्मा रहे, जिन्होंने 34 रन बनाए। इस तरह शुभमन गिल और उनके स्कोर के बीच 174 रनों का फासला रहा। मात्र 23 साल 132 दिन की उम्र में शुभमन गिल ODI में दोहरा शतक जमाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं।

बड़ी बात ये रही कि शुभमन गिल जब 182 के स्कोर पर थे, तब उन्होंने हैट्रिक छक्के जमा कर अपना दोहरा शतक पूरा किया। अगले ओवर में आउट होने से पहले उन्होंने एक और छक्का जड़ डाला। उन्होंने अपनी पारी में 19 चौके और 9 छक्के लगाए। ये वनडे मैचों में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। शुभमन गिल ने सचिन तेंदुलकर के 186 नॉट आउट का रिकॉर्ड तोड़ा। वो मैच के अंतिम ओवर में आउट हुए।

ODI में सबसे तेज़ 1000 रन पूरा करने वाले बल्लेबाजों की बात करें तो इस सूची में शुभमन गिल तीसरे स्थान पर पहुँच गए हैं, जिन्होंने मात्र 19 मैचों में ये कारनामा किया। इस सूची में विराट कोहली 16वें नंबर पर, एमएस धोनी 55वें नंबर पर और सचिन तेंदुलकर 127वें नंबर पर हैं। शुभमन गिल काफी कम समय में ODI में 3 शतक जमा चुके हैं। टेस्ट मैचों में भी उनके नाम एक सेंचुरी दर्ज है। वनडे में उनका 68.88 का औसत है।

‘गली में 4 ही मुस्लिम परिवार, फिर भी करोड़ों की फंडिंग से बनी मस्जिद’: ब्रह्मपुरी में नहीं मिला ‘The Wire’ वाला पोस्टर, दंगे में मारे गए थे 2 हिन्दू

हाल ही में The Wire’ समेत कुछ वामपंथी मीडिया संस्थानों द्वारा दिल्ली के ब्रह्मपुरी में एक पोस्टर चिपकाया हुआ दिखाया गया था, जिसमें हिन्दुओं से मुस्लिमों को घर न बेचने की अपील की गई थी। रिपोर्टों में पोस्टर चिपकाने वाले के तौर पर एडवोकेट प्रदीप शर्मा का नाम बताया गया था, जिसके बाद उन्हें और उनके परिवार को धमकियाँ मिल रही हैं। ऑपइंडिया की टीम उस गली नंबर 13 में पहुँची तो वहाँ फिलहाल कोई विवादित पोस्टर नहीं दिखा।

ब्रह्मपुरी में एक लाइन से गलियाँ बनी हुईं हैं, जिनके बोर्ड पर नंबर लिखे हुए हैं। चौहान बांगर को एक सड़क ब्रह्मपुरी से अलग करती है और इसी सड़क पर ‘गली नंबर 13, ब्रह्मपुरी’ का बोर्ड लगा है। उस गली से हम अंदर की तरफ गए तो सबसे पहले शिव-गौरी नाम से एक मंदिर मिला। यहाँ पर लोगों की संख्या न के बराबर थी। मंदिर से लगभग 100 मीटर के अंदर ही आगे चल कर हमें दाएँ हाथ पर एक मस्जिद दिखी। यहाँ पर कई नमाज़ी खड़े दिखाई दिए।

फिलहाल, अब मस्जिद में वजू के लिए नल और नमाज़ के लिए एक बड़ा फ्लोर साफ़ तौर पर बाहर से ही देखा जा सकता है। गली की मस्जिद के बारे में अधिवक्ता शर्मा ने कहा कि उस जगह पहले एक ब्राह्मण समाज के हिन्दू का घर था, जिसे खरीद कर मस्जिद बनाई गई है। एडवोकेट प्रदीप शर्मा के मुताबिक, उस गली में हिन्दू की आबादी 70% व मुस्लिम की 30% है। हालाँकि, अधिवक्ता शर्मा ने हमें बताया कि पिछले 5 वर्षों में जनसंख्या का असंतुलन तेजी से बिगड़ा है और ‘गली नंबर 13’ के हिन्दुओं ने घर बेच कर पलायन करना शुरू कर दिया है।

अपना निजी मकान साल 1962 से ब्रह्मपुरी में बताते हुए प्रदीप शर्मा ने बताया कि उनके बचपन में मुस्लिम आबादी उतनी नहीं थी, जितनी अब दिखाई देती है।

ब्रह्मपुरी के गली नंबर 13 में पसरा सन्नाटा

एडवोकेट प्रदीप शर्मा के मुताबिक, उनकी पुलिस शिकायत को SHO न्यू उस्मानपुर ने गंभीरता से नहीं लिया। हालाँकि, खुद को मिली रिसीविंग को प्रदीप भविष्य में किसी अनहोनी की पूर्व सूचना का सबूत जैसा मानते हैं।

दिल्ली दंगों में 2 हिन्दू कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी

ऑपइंडिया ने ब्रह्मपुरी के ही गली नंबर 9 में रहने वाले भाजपा नेता विपिन शर्मा से बात की। विपिन शर्मा ने बताया कि साल 2020 के दंगों में उनके आसपास का इलाका भी हिंसा की चपेट में आया था। विपिन के अनुसार, इस हिंसा में ‘बजरंग दल’ कार्यकर्ता विनोद और भाजपा नेता अतुल की हत्या हुई थी। अतुल को गोली मारी गई थी और विनोद को पीट-पीट कर मार डाला गया था। विपिन के मुताबिक, दंगों में ‘खड्डे वाली मस्जिद’ के पास गलियों को ब्लॉक कर दिया गया था।

विपिन ने हमें ये भी जानकारी दी कि ब्रह्मपुरी 2 तरफ से मुस्लिम आबादी से घिरी हुई है।

सिर्फ 4 घर मुस्लिमों के लिए बनाई मस्जिद

ब्रह्मपुरी में होते डेमोग्राफिक बदलाव पर विपिन शर्मा गली नंबर 8 का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस गली में मुस्लिमों के सिर्फ 4 मकान थे लेकिन फिर भी वहाँ मस्जिद बनवाई गई। विपिन के अनुसार इस मस्जिद का विरोध हिन्दू संगठनों ने बहुत जोर-शोर से किया लेकिन ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के तत्कालीन विधायक हाजी भूरा ने आ कर उस जमीन पर हजारों समर्थकों के साथ नमाज़ पढ़ ली थी, जिसके बाद दबाव में वहाँ विरोध कर रहे हिन्दू संगठनों की हार हुई थी।

हालाँकि, विपिन का कहना है कि अभी भी लिखित तौर पर उस मस्जिद में सिर्फ गली के 4 घरों को ही नमाज़ पढ़ने के लिए कहा गया है।

होती है बाहरी फंडिंग

गली नंबर 8 की मस्जिद का जिक्र एक बार फिर से करते हुए भाजपा नेता विपिन शर्मा ने कहा कि वह लगभग 100 गज दायरे में है। उन्होंने कहा कि जमीन खरीदने से ले कर इमारत बनवाने में खर्च हुए करोड़ों रुपए गली के उन 4 मुस्लिम परिवारों के बजट के बाहर की बात है। शर्मा ने मस्जिद के लिए बाहरी फंडिंग मिलने की आशंका जताई। बताया गया कि अब उस मस्जिद में मदरसा भी बन चुका है। लोगों को आशंका है कि उस मदरसे के लिए नियमानुसार नक्शा तक पास नहीं कराया गया।

BBC के स्टूडियो से आने लगी पोर्न वाली उह-आह की आवाज… चल रहा था फुटबॉल मैच का Live कवरेज, माँगी माफी

एफए कप (FA Cup) मैच में लाइव कवरेज के दौरान अश्लील आवाजें सुनाई देने के मामले में बीबीसी (BBC) ने माफी माँगी है। दरअसल, मोलिनक्स स्टेडियम में खेले गए FA कप के एक मैच में वॉल्वरहैम्प्टन और लिवरपूल की टीमें आमने-सामने थीं। मैच शुरू होने से पहले मैच की कवरेज के दौरान अश्लील आवाजें सुनी गई थीं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, किसी व्यक्ति ने मजाक करने के लिए स्टूडियो में एक मोबाइल छिपा कर रखा था। इस मोबाइल में ही अश्लील साउंड प्ले हुआ था। इस घटना पर बीबीसी ने एक बयान जारी कर माफी माँगी है। बीबीसी ने कहा है, “आज शाम हुए मैच के लाइव कवरेज के दौरान आहत दर्शकों से हम माफी माँगते हैं।”

बता दें कि जब यह घटना हुई तब इंग्लैंड के दिग्गज स्ट्राइकर रहे गैरी लिनेकर (Gary Lineker) कमेंट्री कर रहे थे। इस घटना के बाद लिनेकर ने इस सेल फोन की फोटो ट्वीट की है। उन्होंने कहा है कि यह फोन स्टेडियम में बने सेट के पीछे छिपा हुआ था। इसको लेकर गैरी लिनेकर ने ट्वीट किया, “चलिए, हमने इसे सेट के पीछे टेप किया हुआ पाया। तोड़-फोड़ करना काफी मजेदार रहा।”

इस घटना को लेकर गैरी लिनेकर ने बीबीसी के शो न्यूज़नाइट पर कहा कि उन्होंने यह मान लिया था कि किसी पैनलिस्ट के फोन पर वीडियो चल गया है। हालाँकि, आवाजें बहुत जोर से आ रही थीं। इसलिए उन्हें लगा कि यह सब एक मजाक था। 

इस शो में जब उनसे यह पूछा गया कि स्टूडियो में आवाज कितनी तेज थी तो उन्होंने कहा कि यह आवाज इतनी तेज कि यदि कोई कान के पास आकर भी कुछ कहता तो वह सुन नहीं पाते। इस आवाज के कारण मैच से पहले होने वाली कवरेज को जारी रखना बेहद मुश्किल हो गया था। उन्होंने यह भी कहा है कि यह तो एक बेहतरीन मजाक था। पता नहीं बीबीसी ने माफी क्यों माँग ली।

FA कप के मैच में हुई इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई पोस्ट किए गए। यहाँ तक कि स्टेडियम में बैठे दर्शकों ने भी इसको लेकर कंटेंट शेयर किए। हालाँकि, बाद में यूट्यूब प्रैंकस्टर डेनियल जार्विस ने ट्विटर पर एक वीडियो अपलोड कर इस घटना की जिम्मेदारी ली है। जार्विस को जार्वो या जार्वो 69 के नाम से भी जाना जाता है। भारतीय क्रिकेट टीम के कई मैचों में इन्हें मैदान में घुसते हुए भी देखा गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लंदन के मशहूर ओवल ग्राउंड में एक टेस्ट मैच के दौरान डेनियल जार्विस इंग्लिश क्रिकेटर जॉनी बेयरस्टो से भिड़ गए थे। इसके बाद उन्हें दो साल के लिए जेल की सजा दी गई थी। यही नहीं, उसके इंग्लैंड या वेल्स में किसी भी एथलेटिक कार्यक्रम में भाग लेने और एक साल तक विदेश यात्रा पर भी रोक लगाई गई थी।

‘हिंदू बस्ती में क्यों आते हो’: पिटाई का Video वायरल, दावा- लालच दे 300 दलितों को बना दिया ईसाई; बिहार पुलिस ने नकारा

सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल है। इसमें कुछ लोग एक युवक की पिटाई कर रहे हैं। एक महिल उसे बचाने की कोशिश कर रही है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो बिहार के वैशाली जिले के जंदाहा का है। पिट रहा युवक और उसे बचा रही महिला पर इलाके के करीब 300 दलितों को लालच देकर ईसाई बनाने का आरोप है। हालाँकि बिहार पुलिस ने इस वीडियो को फेक बताते हुए कहा है कि उसे इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वायरल वीडियो जंदाहा थाना क्षेत्र के गुरु चौक इलाके का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति से पहले बहस करते दिखाई देते हैं। बहस की शुरुआत पैसे देकर धर्मान्तरण के आरोप से होती है। आरोपित व्यक्ति वीडियो बनाना बंद करने के लिए कहता है। लेकिन उसकी बात नहीं मानी जाती। कुछ देर बाद एक अन्य वीडियो में आरोपित को कुछ लोग पीटते दिखाई देते हैं। इस पिटाई में भी धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया जाता है। पिट रहे व्यक्ति को उसी के साथ मौजूद एक अन्य महिला बचाने का प्रयास करती दिखाई देती है।

यह वीडियो सबसे पहले गुरुवार (12 जनवरी 2023) को वैशाली के हिंदूवादी नेता आर्यन सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया। जिस व्यक्ति से सवाल पूछा जा रहा है, ट्रू कॉलर उसका नाम डी कुमार अन्ना बता रहा है। अन्ना के पास पश्चिम बंगाल का मोबाइल नंबर है। वीडियो में खेतों का दृश्य दिखाई दे रहा है और लोगों को सवाल करते सुना जा सकता है कि हिन्दू की बस्ती में क्यों आते हो। इसी वीडियो में लोगों ने ‘राम से बड़ा कोई नहीं’ के भी नारे लगाए हैं। बीच में पकड़े गए व्यक्ति की किसी से बात करवाई जाती है जो फोन पर तुरंत चले जाने की बात कह कर फोन रख देता है।

आर्यन सिंह ने अपने फेसबुक कैप्शन में वीडियो में दिख रहे व्यक्ति पर धर्मान्तरण का आरोप लगाया है। इसी वीडियो में एक व्यक्ति क्रिसमस के दिन 2 टैम्पो में भर के लोगों के कहीं बाहर जाने की बात कह रहा है। इसी के साथ साड़ी, कपड़ा और पैसे देकर धर्मान्तरण कराए जाने की बात कही जा रही है।

ऑपइंडिया ने इस वीडियो के बारे में आर्यन सिंह से बात की। आर्यन ने हमें बताया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कहीं बाहर से आया था और जंदाहा में किराए पर कमरा लेकर रहता था। वीडियो में दिख रही दूसरी महिला को भी धर्मान्तरित बताते हुए आर्यन सिंह ने आरोप लगाया कि दोनों मिल कर लगभग 300 हिन्दुओं का धर्मान्तरण करवा चुके हैं। इनमें अधिकतर दलित समुदाय के लोग हैं।

ऑपइंडिया ने पिटाई के शिकार डी कुमार अन्ना से सम्पर्क किया तो उनका फोन बंद आया। ऑपइंडिया ने जंदाहा थाने के SHO से मामले की जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। वीडियो को फेक बताते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि उन्होंने अपने इलाके के पादरियों से भी वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान करने को कहा तो उन्होंने उसे पहचानने से इनकार कर दिया। बकौल SHO क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से सामान्य है और लोग अफवाहों से बचें।

श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहराएँगे राहुल गाँधी, कॉन्ग्रेस ने बताया RSS का एजेंडा: ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की समाप्ति पर अब पार्टी कार्यालय में झंडोत्तोलन

भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) पर निकले कॉन्ग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) इसका समापन अब जम्मू-कश्मीर में पार्टी के ऑफिस में झंडा फहराकर करेंगे। इसके पहले पार्टी ने घोषणा की थी कि यात्रा का समापन कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर की कॉन्ग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि लाल चौक पर झंडा फहराना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एजेंडा था। पाटिल ने कहा कि 30 जनवरी को यात्रा की समाप्ति पार्टी के जम्मू-कश्मीर कार्यालय में तिरंगा फहराकर किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “हम लाल चौक पर तिरंगा फहराने के आरएसएस के एजेंडे में विश्वास नहीं करते हैं, जहाँ वह पहले ही फहरा चुका है। मुख्य समारोह श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में आयोजित किया जाएगा।”

इस यात्रा में फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, शिवसेना के संजय राउत भी शामिल होंगे। राहुल गाँधी का भारत जोड़ो यात्रा 19 जनवरी 2023 को जम्मू में प्रवेश करेगी। पाटिल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि वह अपनी माँ और बेटी के साथ शामिल होना चाहती हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि तीनों ऐसा कहाँ करेंगी।

गौरतलब है कि राहुल गाँधी ने 7 सितंबर 2022 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से यात्रा शुरू की थी। यह यात्रा तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब होकर गुजर चुकी है।