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‘मुल्ला जी ने बगल में बिठाया और छूने लगा छाती’: जिसने ट्रेन में पिटाई को ‘जय श्रीराम’ से जोड़ा, उसकी करतूत पीड़िता ने बताई; गिरफ्तार हुआ आसिम हुसैन

ट्रेन में छेड़खानी करने पर हुई पिटाई को ‘जय श्रीराम’ से जोड़ने वाला आसिम हुसैन गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ित लड़की ने अपनी शिकायत में बताया है कि हुसैन ने ट्रेन में उसे अपने पास बैठने को जगह दी और फिर उसकी छाती को छूने लगा था। इसके बाद यात्रियों ने उसकी पिटाई की थी। घटना 12 जनवरी 2023 को पद्मावत एक्सप्रेस में हुई थी।

पीड़ित लड़की शाहजहाँपुर की है। नोएडा में अपने परिवार के साथ रहती है। 12 जनवरी की रात वह शाहजहाँपुर जाने के लिए पद्मावत एक्सप्रेस के जनरल डब्बे में गाजियाबद से अपने भाई के साथ सवार हुई थी। लड़की ने शिकायत में कहा है कि डिब्बे में काफी भीड़ थी। बैठने की जगह नहीं थी। वह डिब्बे की गैलरी में खड़ी थी। इसी दौरान उसे पास वाली सीट पर बैठे हुसैन ने जगह दी थी।

लड़की ने बताया है, “पास वाली सीट पर एक दाढ़ी वाले मुल्ला जी बैठे थे। उन्होंने कहा कि यहाँ मेरे पास बैठ जाओ। उन्होंने थोड़ी जगह देकर मुझे अपनी पास बैठा लिया था। यात्रा के दौरान मुल्ला जी मुझे छेड़ने लगा। उसकी हरकतें बढ़ने लगी और उसने मेरा सीना पकड़ना शुरू कर दिया।” पीड़िता के मुताबिक 40-45 साल के मुल्ला जी की इस ​​हरकत से उसे रोना आ गया था। इसके बाद युवकों ने हुसैन की पिटाई की थी।

14 जनवरी AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी और कॉन्ग्रेस नेता इमरान प्रतापगढी ने हुसैन का वीडियो शेयर कर दावा किया था कि ‘जय श्रीराम’ न बोलने के चलते मुस्लिम कारोबारी की पिटाई की गई। मुरादाबाद के रेल पुलिस उपाधीक्षक ने इन दावों को खारिज करते हुए बताया था कि ट्रेन में छेड़छाड़ करने पर लोगों ने हुसैन की पिटाई की थी।

पुलिस को दी शिकायत

पुलिस के मुताबिक आमिर हुसैन की हरकतें सामने बैठे दो युवक भी देख रहे थे। उन्होंने आसिम की पिटाई कर दी। इस दौरान आसिम ने माफी भी माँगी। ट्रेन से उतरने के बाद आमिर हुसैन 24 घंटे बाद AIMIM कार्यकर्ताओं के साथ मुरादाबाद GRP थाने आया और ‘जय श्रीराम’ नहीं बोलने पर पिटाई की शिकायत दर्ज कराई। उसने पैसे लूटने का भी आरोप लगाया। मिल्लत टाइम्स और ABP न्यूज़ जैसी मीडिया संस्थानों ने भी उसके दावों को हवा देने का काम किया।

पुलिस ने हुसैन की पिटाई करने वाले दोनों युवकों का चालान करते हुए पहले ही दिन इस मामले में धार्मिक एंगल को खारिज कर दिया था। बाद में छेड़छाड़ की पीड़िता ने शाहजहाँपुर से आकर GRP मुरादाबाद में आमिर हुसैन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उसे पीटने वाले युवकों की भी तलाश कर रही है।

तो यह भारत जोड़ो यात्रा पर ‘रैप’ नहीं, राहुल गाँधी को ‘ट्रोल’ कर रही अनम अली: बताया- ट्वीट करती रही पर किसी कॉन्ग्रेसी ने नहीं दिया जवाब

‘भारत जोड़ो यात्रा’ (Bharat Jodo Yatra) पर रैप ने अनम अली (Anam Ali) को सोशल मीडिया में ‘कुख्यात’ कर दिया है। अब अपने रैप पर मिली प्रतिक्रियाओं को लेकर उन्होंने निराशा जताई है। साथ ही एक वीडियो संदेश में बताया है कि वह कॉन्ग्रेसी हैं। कॉन्ग्रेस शासित छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं। लेकिन जब छत्तीसगढ़ की एक यूनिवर्सिटी से उनका आंसर शीट गायब हो गया तो राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) सहित किसी कॉन्ग्रेसी ने उनकी सुध नहीं ली। वे ट्वीट करते-करते थक गईं, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।

अनम ने मंगलवार (17 जनवरी 2023) को ‘ट्रोलर्स के लिए मेरा मैसेज’ कैप्शन के साथ एक वीडियो संदेश ट्वीट किया है। इसमें वह कह रहीं हैं, “मेरा नाम अनम अली है। मैं रायपुर छत्तीसगढ़ से हूँ। मैंने राहुल गाँधी सर के लिए जो लिखा उसे न तो स्पीच कहा जा सकता है और ना ही गाना। वो ‘भारत जोड़ो यात्रा’ रैप ही है। मैंने अपनी वीडियो में कई बार यह बताया है कि न तो मैं टेक्निकल सिंगर हूँ और न ही कोई टेक्निकल रैपर।”

उन्होंने आगे कहा है, “मैंने कभी भी किसी की बुराई नहीं की। वो काम तो आप लोगों का है। कुछ रचनात्मक काम करिए। आप लोग मेरी बुराई करेंगे तो मैं बुरी नहीं दिखूँगी। आप लोग ही बुरे दिखेंगे। आप लोग मेरे बारे में गूगल सर्च कर सकते हैं। मैं हिंदू लॉ गोल्ड मेडलिस्ट हूँ। जब मेरी आंसर शीट पंडित रविशंकर शुल्क यूनिवर्सिटी वालों ने गुमा दी थी। तब, मैंने कुछ RTI के माध्यम से बड़ी मुश्किल से कुछ आंसर शीट निलकवाईं थीं। लेकिन, यूनिवर्सिटी वालों ने उनकी जाँच भी नहीं की।”

अनस ने यह भी कहा है, “मैं शुरू से कॉन्ग्रेसी हूँ। इसलिए, इस मैटर को लेकर मैंने राहुल गाँधी सर और कई कॉन्ग्रेस लीडर्स को कई ट्वीट किए। लेकिन कभी किसी ने कोई रिप्लाई नहीं किया। फिर भी, भारत जोड़ो यात्रा पर मैंने चार लाइन क्या लिख दीं, आप लोग मुझे ट्रोल करने लगे।”

इस वीडियो में उन्होंने आगे कहा है, “इंडिया टीवी को मैं इतना कहना चाहूँगी कि आप लोगों का इतना पुराना चैनल है। इसके बाद आप भी लोगों ने इस तरह की न्यूज लिखी और उसे पब्लिश भी कर दिया। आप लोग उल्टा मुझे ही ट्रोल करने लग गए। आप लोगों को अगर कुछ न्यूज लिखनी है तो उसके बारे में पहले मेरे से पूछना चाहिए था। आप लोग अपने मन से कुछ भी लिख दिए।”

अनस ने यह भी कहा है, “आप लोगों की भी बहन-बेटियाँ होगीं। ट्रोल करने के पहले सोचा करिए। आप लोगों को प्रॉब्लम है कि मैं अम्बेडकरवादी हूँ। आप लोगों को यह भी प्रॉब्लम है कि मैं मुस्लिम हूँ। लेकिन मेरे मन में आप लोगों के लिए कोई नफरत नहीं है। आप लोगों का दिमाग बहुत छोटा है। थोड़ा समझदार बनिए। जिन लोगों ने मेरे ‘भारत जोड़ो’ रैप की तारीफ की उन्हें मेरा धन्यवाद।”

इससे पहले उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर रैप जारी किया था, जिसने नेटिजन्स को ढिंचैक पूजा की याद दिला दी थी। मंगलवार की सुबह अपलोड किए इस वीडियो में वह बिना किसी लय के रैप को बस पढ़ती नजर आईं थी। इसके बाद वह ट्रोल होने लगीं। देखते-देखते उनके कमेंट बॉक्स में मीम्स और मजाकिया कमेंट्स की बाढ़ सी आ गई। कुछ यूजर्स ने ऐसे मीम शेयर किए जैसे अनम का रैप सुनकर उनकी कानों से खून आ रहा है। कुछ ने उल्टी आने वाले इमोजी को शेयर करके अपनी प्रतिक्रिया दी।

अनम अली ने अपने प्रोफाइल में भी खुद को कॉन्ग्रेस समर्थक बताया है। वह खुद को आंबेडकरवादी भी बताती हैं। छत्तीसगढ़ के रायपुर की रहने वाली अनम सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और लगातार वीडियो अपलोड करती रहती हैं। 6 दिसंबर 2022 को बाबा साहेब आंबेडकर पर भी रैप अपलोड किया था।

अब ‘ट्रोलर्स के लिए संदेश’ वाले वीडियो में उन्होंने जिस तरह आंसर शीट गायब होने के मामले में कॉन्ग्रेसियों की उपेक्षा का जिक्र किया है, उससे तो यही लगता है कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर ‘कान से खून, मुँह से उलटी…’ उन्होंने यूँ ही नहीं करवाया है। शायद इसलिए बिना तैयारी गाए रैप को जारी करने के बाद उन्होंने उसे अधिक से अधिक शेयर करने और राहुल गाँधी तक पहुँचाने की अपील की। यह अनम अली की ‘कुख्यात’ होने की मंशा कम, राहुल गाँधी को ट्रोल करने, उन्हें उनकी करनी याद दिलाने की मंशा अधिक दिखती है।

दूसरी बार माँ बनने पर इंक्रीमेंट, तीसरे बच्चे पर डबल इंक्रीमेंट, IVF प्रेगनेंसी पर ₹3 लाख: जनसंख्या बढ़ाने के लिए भारत का एक राज्य ऐसे कर रहा प्रोत्साहित

1961 के बाद पहली बार चीन की जनसंख्या में कमी दर्ज की गई है। भारत के जल्द ही दुनिया के सर्वाधिक आबादी वाला देश बनने की उम्मीद है। देश में जनसंख्या नियंत्रण पर चर्चा हो रही है। लेकिन एक राज्य ऐसा भी है जो प्रजनन दर घटने से चिंतित है। आबादी बढ़ाने के लिए लोग प्रोत्साहित हों इसके लिए स्कीम लागू कर रही है। यह राज्य है सिक्किम।

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। राज्य सरकार की तरफ से इसके लिए एक स्कीम भी तैयार की गई है। इसके तहत स्थानीय समुदाय के लोगों को आबादी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सीएम तमांग की तरफ से की गई घोषणा के तहत माँ बनने वाली सरकारी महिला कर्मचारियों को इंक्रीमेंट दिया जाएगा। आम लोगों को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। सिक्किम में पहले से ही माता-पिता बनने वाले दंपती को अतिरिक्त अवकाश प्राप्त है।

सिक्किम के जोरथांग में रविवार (15 जनवरी 2023) को माघे संक्रांति (मकर संक्रांति) समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सिक्किम में स्थानीय जातीय समुदायों की कम होती आबादी पर चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं सहित स्थानीय लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर कम होती प्रजनन दर को रोकने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की तरफ से तैयार किए गए एक प्रस्ताव का जिक्र किया। प्रस्ताव के अनुसार दूसरी बार माँ बनने पर राज्य सरकार की महिला कर्मचारियों को इंक्रीमेंट मिलेगा। तीसरे बच्चे के जन्म पर डबल इंक्रीमेंट दिया जाएगा।

सीएम ने कहा कि जातीय समुदाय के आम लोगों को भी बच्चे पैदा करने पर आर्थिक मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तैयार किए गए विवरण के आधार पर उन्हें वित्तीय मदद दी जाएगी। वहीं, प्राकृतिक रूप से गर्भ धारण करने में असमर्थ महिलाओं की मदद के लिए अस्पतालों में आईवीएफ (IVF) सुविधा दी जा रही है। सीएम ने कहा कि आईवीएफ के जरिए माँ बनने वाली महिलाओं को 3 लाख रुपए दिए जाएँगे।

सीएम तमांग ने बताया कि आईवीएफ तकनीक से राज्य में अब तक 38 महिलाएँ गर्भधारण कर चुकी हैं। इनमें से कुछ माँ भी बन चुकी हैं। सीएम ने जानकारी दी कि उनकी सरकार पहले से ही माँ बनने वाली महिलाओं को 365 दिन का मातृत्व अवकाश और पुरुष कर्मचारियों को 30 दिन का पितृत्व अवकाश दे रही है। बता दें कि वर्तमान में सिक्किम की जनसंख्या सात लाख से भी कम है। 80 प्रतिशत आबादी जातीय समुदायों की है। लेकिन पिछले कुछ सालों में उनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है।

7 लोग-5 दिन, 12 साल की बच्ची को बंधक बनाकर करते रहे बलात्कार: राजस्थान में 4 जनवरी से गायब बच्ची बस स्टैंड से लावारिस मिली, DGP ने कहा था 41% रेप केस फेक

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आँकड़े बताते हैं कि रेप और महिलाओं के प्रति अपराध के मामले में राजस्थान देश में नंबर वन है। वैसे राजस्थान पुलिस के मुखिया उमेश मिश्रा का कहना है कि प्रदेश में दर्ज रेप के 41% और महिला पर अत्याचार के 47% केस झूठे पाए गए हैं। अब इसी राजस्थान से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें 12 साल की बच्ची को बंधक बनाकर 5 दिनों तक सामूहिक बलात्कार किया गया। इस मामले में 7 लोगों की गिरफ्तारी की सूचना है।

पीड़िता राजस्थान के राजसमंद की है। वह 4 जनवरी 2023 से लापता थी। 10 जनवरी 2023 को उदयपुर बस स्टैंड पर लावारिस हाल में मिली। उसके बाद जो मामला सामने आया, उसने राजस्थान में कानून-व्यवस्था की पोल फिर से खोल दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लड़की के गायब होने की शिकायत राजसमंद के केलवाड़ा थाने में 5 जनवरी को दर्ज करवाई गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उनकी बेटी 4 जनवरी को घर से बाहर गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। 10 जनवरी को जब लड़की मिली तो पूछताछ में उसने गैंगरेप की जानकारी दी। आरोपितों में रोडवेज बस का एक ड्राइवर और कंडक्टर भी शामिल हैं। मंगलवार (17 जनवरी 2023) को सभी आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए।

पीड़िता ने बताया कि 4 जनवरी को वह अपने एक परिचित से मिलने घर से निकली थी। रास्ते में एक ऑटो वाला मिला जो उसे झाँसा देकर धर्मशाला ले गया। यहाँ उसे 2 दिन रखकर ऑटो वाले ने खुद और अपने अन्य साथियों के साथ रेप करवाया। 2 दिनों बाद पीड़िता धर्मशाला से निकली तो उसे कुछ अन्य लोग मिले। वे लोग लड़की को अपने साथ मावली नाम की जगह ले गए। यहाँ भी लड़की के साथ गैंगरेप हुआ। मावली में लड़की को एक दिन रखा गया। यहाँ से उसे उदयपुर ले जाया गया।

आरोपितों ने इस दौरान पीड़िता को उदयपुर से उदियापोल के बीच में कई बार घुमाया, जबकि उदयपुर बस स्टॉप पर एक पुलिस चौकी भी है। 10 जनवरी को बच्ची उदयपुर बस स्टॉप पर वह लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने 6 आरोपितों को रेप और 1 अन्य को अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पकड़े गए आरोपितों के नामों का खुलासा अभी नहीं हुआ है।

भाजपा ने बताया जंगलराज

राजसमंद की घटना पर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार को घेरा है। स्थानीय भाजपा सांसद दिया कुमारी ने इस घटना को कॉन्ग्रेस का कुशासन और जंगलराज बताते हुए राजस्थान में बहन-बेटियों को असुरक्षित बताया है।

DGP के मुताबिक 41% रेप केस झूठे

भले ही महिला संबंधी अपराधों को लेकर राजस्थान पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हों, लेकिन प्रदेश के पुलिस प्रमुख राजस्थान में दर्ज होने वाले 41% रेप केसों को झूठा बता रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक DGP उमेश मिश्रा ने साल 2022 के आँकड़े पेश करते हुए कहा कि जाँच के बाद रेप के 41% और महिला विरुद्ध अत्याचार के 47% केस झूठे पाए गए हैं। पत्रकारों ने सालभर रेप केस 11% बढ़ने को लेकर सवाल किया तो डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में मामले दर्ज होने की संख्या बढ़ी है। लेकिन जाँच में लगभग आधे केस झूठे निकले हैं।

कान से खून, मुँह से उल्टी… ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर राहुल गाँधी की फैन अनम अली का रैप वायरल, नेटीजन्स बेहाल होकर बोले- ढिंचैक पूजा इससे अच्छी

राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से प्रभावित कॉन्ग्रेस की समर्थक और सोशल मीडिया यूजर अनम अली ने ट्विटर पर एक रैप गाना (Rap song) जारी किया। रैप गाने में राहुल गाँधी और उनके नेतृत्व में जारी भारत जोड़ो यात्रा की प्रशंसा की गई है। अनम ने इस वीडियो को जारी करते हुए इसे अधिक से अधिक शेयर करने और राहुल गाँधी तक पहुँचाने की अपील की है। हालाँकि इस रैप ने नेटिजन्स को ढिंचैक पूजा की याद दिला दी।

अनम अली नाम की कन्ग्रेस समर्थक ने अपने ट्विटर हैंडल से मंगलवार (17 जनवरी, 2023) सुबह 7 बजे इस वीडियो को अपलोड किया। भारत जोड़ो यात्रा पर तैयार इस रैप को बिना किसी लय के बस पढ़ रहीं थीं। नेटिजन्स को उनका यह रैप पसंद नहीं आया और अनम अली ट्रोल होने लगीं। देखते-देखते उनके कमेंट बॉक्स में मीम्स और मजाकिया कमेंट्स की बाढ़ सी आ गई। कुछ नेटिजन्स को उनका यह गाना इतना बुरा लगा कि उन्होंने ढिंचैक पूजा को अनम से बेहतर रैपर बता दिया।

वायरल वीडियो पर कई लोगों ने अपनी मज़ेदार प्रतिक्रियाएँ साझा कीं। आशुतोष दुबे नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “यह जुल्म मत करो।” यूजर ने एक मीम भी शेयर किया जिसमें एक पुरुष पास खड़ी महिला को पानी की पेशकश करते हुए देखा जा सकता है।

एक अन्य यूजर ने लिखा कि आज बहरे लोगों से ईर्ष्या होने लगी है।

तृप्ती गर्ग नाम की यूजर ने लिखा कि यदि क्रेडिट कार्ड या बैंक वाले फोन कर के परेशान करें तो इस गाने को अपना कॉलक ट्यून बनाएँ।

सत्य चौधरी नाम के यूजर ने लिखा कि इसी को सुन के राहुल गाँधी जी ने राहुल गाँधी जी को मार दिया था शायद।

अंकित भाटी नाम के यूजर ने बॉलीवुड की मशहूर कॉमेडी फिल्म हेरा फेरी का दृश्य साझा करते हुए ढिंचैक पूजा को याद किया।

वैभव मिश्रा नाम के यूजर ने लिखा, “लोग हँसे चाहे मज़ाक उड़ाएँ लेकिन बिना पूरा सुने कोई जाएगा नहीं।”

आपको बता दें कि अनम अली ने अपने प्रोफाइल में खुद को कॉन्ग्रेस समर्थक बताया है। वे खुद को अंबेडकर वादी भी बताती हैं। छत्तीसगढ़ के रायपुर की रहने वाली अनम सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और लगातार अपने वीडियो अपलोड करती रहती हैं। 6 दिसंबर 2022 को भी अनम ने बाबा साहेब अंबेडकर पर रैप गाना अपलोड किया था।

बता दें पूजा जैन जो ढिंचैक पूजा के नाम से मशहूर हैं। वह 2015 में सुर्खियों में आई थी जब उन्होंने अपना पहला गाना स्वैग वाली टोपी रिलीज की थी। साल 2017 में ढिंचैक पूजा का गाना “सेल्फी मैंने ले ली यार” काफी ज्यादा वायरल हुआ था। पूजा का ये गाना इतना वायरल हुआ था कि उन्हें यूट्यूब पर लाखों व्यूज मिले थे। इस गाने को लेकर पूजा बहुत ट्रोल भी हुई थीं। YouTube ने गोपनीयता उल्लंघन की एक व्यक्तिगत शिकायत के बाद 11 जून, 2017 को उनके गानों के सभी वीडियो पर प्रतिबंध लगा दिया था।

अनम अली का रैप नेटिजन्स को इतना बुरा लगा रहा है कि अब वे ढिंचैक पूजा के गानों को सहना ज्यादा उचित समझ रहे हैं। यूजर्स कह रहे हैं कि नई ढिंचैक पूजा आ गई है। कुछ का मानना है कि ढिंचैक पूजा अनम अली से बहुत बेहतर हैं। कुछ यूजर्स ऐसे मीम भी शेयर कर रहे हैं जिनमें दिखाने की कोशिश हो रही है कि अनम का गाना सुनकर कानों से खून आ रहा है। इसी तरह कई यूजर्स ने उल्टी आने वाले इमोजी को शेयर करके अपनी प्रतिक्रिया दी है।

इस्लाम की तारीफ, हिंदू ग्रंथों की गलत व्याख्या: माघ मेले में हिंदूविरोधी सामग्री बेचने पर मदरसा टीचर समेत 3 गिरफ्तार, UAE से आती थी फंडिंग

प्रयागराज में हिंदू धर्म की धार्मिक पुस्तकों की गलत व्याख्या वाली किताबों को बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपित समीर और मोनिश स्टॉल लगाक माघ मेले में इन आपत्तिजनक और अप्रमाणित पुस्तकों को बेच रहे थे। मामले का मास्टरमाइंड महमूद हसन गाजी गाजियाबाद में पैगामें बहदानियत संस्था का अध्यक्ष है और मदरसे का शिक्षक है।

पुलिस आयुक्तालय प्रयागराज की तरफ से घटना के संबंध में ट्वीट किया गया, ”माघ मेले में हिंदू धर्म की आस्था को ठेस पहुँचाने के आशय से अपनी पहचान छिपाकर कूटरचित संदिग्ध इस्लामिक पुस्तकें बेचने वाले गिरोह के तीन सदस्य को थाना दारागंज व एसओजी की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। साथ ही भारी संख्या में अप्रमाणित पुस्तकें बरामद किए गए हैं।”

वहीं अपर पुलिस उपायुक्त ने घटना के संबंध में ब्यान दिया है। उन्होंने कहा, ”माघ मेला क्षेत्र में हमने दो लड़कों को पकड़ा है। ये लोग वहाँ ठेला लगाकर मजहबी पुस्तकें बेच रहे थे। उसमें से कुछ पुस्तकें मुस्लिम धर्म से संबंधित थी और कुछ पुस्तकें हिंदू धर्म से संबंधित थीं, जिसमें उन्होंने किताब में हिंदू धर्म ग्रंथों के श्लोकों की गलत व्याख्या की हुई है। इससे हिंदू धर्म के लोगों की भावनाएँ को ठेस पहुँच सकती हैं। दोनों लड़के के नाम मोनिश और समीर हैं। दोनों पहले हिंदू थे। मोनिश ने दो साल पहले हिंदू धर्म अपनाया था। समीर ने 12 साल पहले मुस्लिम धर्म अपनाया था।”

उन्होंने आगे कहा, ”एक मदरसे के टीचर मोहम्मद गाजी को गिरफ्तार किया गया है। वह इन लड़कों को पुस्तक बेचने के लिए देता था और मुफ्त में लोगो को पुस्तकें मुहैया कराता था। ये लोग पुस्तक लेने वालों के फोटो खींच लेते थे और उनके कांटेक्ट नम्बर भी ले लेते थे। मकसद यह था कि जो लोग सॉफ्ट टारगेट हैं उन्हें अपने ग्रुप में शामिल किया जाए।”

अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि ये लोग विशेषकर हिंदू धर्मस्थलों पर जाते थे। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में ये लोग हनुमान मंदिर के पास ठेला लगाते थे। इन लोगों ने बनारस में भी किताबें बेची हैं। वहाँ अस्सी घाट में ये लोग किताबें बेचा करते थे। जानकारी के मुताबिक मोहम्मद मोनिश स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन (SIO) का पूर्वी उत्तर प्रदेश का जोनल सेक्रेटरी है और समीर भी इसी गिरोह का सक्रिय सदस्य है। वहीं महमूद हसन गाजी फतेहपुर का रहने वाला है जो मौजूदा समय में करेली में रहता है।

कथिततौर पर इस्लामी साहित्य बेचने के लिए इन्हें अबूधाबी (UAE की राजधानी) से पैसा आता ता। पुलिस विदेशी फंडिंग की डिटेल निकाल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इनके पास से 204 पुस्तकें, 2 मोबाइल और 4 आधार कार्ड बरामद हुए हैं। इनके पास मिली पुस्तकों में हिंदू धर्म के वेद, श्लोक आदियों का गलत अर्थ छपा है।

GST का 64% भर रहा ‘गरीब’, अमीरों को मिल रहा फायदा: OXFAM इंडिया ने रिपोर्ट के नाम पर परोसा प्रपंच, ऐसे खुली पोल

ऑक्सफैम इंडिया की तरफ से 15 जनवरी, 2023 को एक रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में वस्तु एवं सेवा कर (Goods and services Tax) को लेकर ऐसे अजीबोगरीब दावे किए गए जो व्यवहारिक रूप से संभव नजर नहीं आते। ऑक्सफैम इंडिया ने दावा किया है कि अमीरों की तुलना में गरीब और मध्यम वर्गीय लोग अप्रत्यक्ष करों का अधिक भुगतान कर रहे हैं। कर सही अनुपात में नहीं लिए जा रहे हैं।

ऑक्सफैम इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार वसूली गई कुल जीएसटी में से अमीरी के आधार पर टॉप के 10 प्रतिशत लोग सिर्फ 3 प्रतिशत का योगदान देते हैं। बीच की 40 प्रतिशत आबादी 33 फीसद जीएसटी भर रही है जबकि बची हुई 50 प्रतिशत आबादी लगभग 64 प्रतिशत जीएसटी भर रही है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 10 प्रतिशत अमीर लोगों की तुलना में 50 प्रतिशत गरीब 6 गुना ज्यादा टैक्स भरते हैं। अमीरों की तुलना में भारत में गरीबों पर अधिक कर (TAX) लगाया जाता है। करों में छूट देकर अमीरों को लाभ पहुँचाया जाता है जबकि गरीबों से टैक्स वसूल लिया जाता है।

ऑक्सफैम इंडिया की रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट

आर्थिक मामलों की जानकार दिवा जैन ने ट्विटर पर थ्रेड के जरिए इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “ऑक्सफैम की 50 प्रतिशत भारतीयों के 63 प्रतिशत जीएसटी भुगतान वाली रिपोर्ट सामने आने के बाद हो हल्ला मचाया जा सकता है। ऑक्सफैम के इस विश्लेषण में तथ्य कम हैं। शब्दों व आँकड़ों के जरिए ऐसा प्रपंच परोसा गया है कि एक बार को गोल्डमैन सैक्स (इनवेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी) के बैंकर भी शर्मा जाएँ।”

दिवा जैन के अनुसार ऑक्सफैम को अपने 50% भारतीयों द्वारा 63.4 प्रतिशत जीएसटी भरने के दावे पर ही पूरी तरह से यकीन नहीं है। इसलिए यह दावा करते हुए रिपोर्ट में सांकेतिक अनुमान जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। दिवा जैन ने समझाया कि वित्त वर्ष 2022 में औसत मासिक जीएसटी राजस्व ₹1,23,585 करोड़ था। यदि उपरोक्त दावा सही है तो 1,23,585 करोड़ का 64.3% यानि ₹79465 करोड़ नीचे के 50% भारतीयों की कुल मासिक आय के 6.7% के बराबर होना चाहिए।

इस 50 प्रतिशत गरीब आबादी को 70 करोड़ मान कर ( भारत की कुल आबादी 140 करोड़ के आधार पर) दिवा जैन ने ऑक्सफैम इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए आँकड़ों का उपयोग करके उनकी मासिक आमदनी की गणना की। 70 करोड़ लोगों की आमदनी 16,943 रुपए प्रति माह या 2,03,322 रुपए सालाना निकली। दिलचस्प बात यह है कि भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी (देश में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य/कुल जनसंख्या) लगभग ₹1,72,913 है।

बकौल दिवा जैन, ऑक्सफैम के रिपोर्ट के दावे को सही माना जाए तो इसका अर्थ होगा कि 50% भारतीयों की वार्षिक आमदनी भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी /जीएनपी से अधिक है जो कि गणितीय रूप से असंभव है। जैन ने बताया कि कैसे शब्दों और आँकड़ों में उलझा कर ऑक्सफैम इंडिया लोगों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा, “ऑक्सफैम यह नहीं कहता कि उसके दावे सभी जीएसटी राजस्व के लिए सही है। बल्कि यह केवल उन जीएसटी राजस्व के लिए सही है जिन वस्तुओं से वसूले गए जीएसटी का अध्ययन किया गया है। लेकिन रिपोर्ट में इसे स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट करने के बजाय इस विवरण को रिपोर्ट के अंत में एक फुटनोट में दबा दिया गया है।

दिवा जैन ने अपने एजेंडे के तहत प्रकाशित रिपोर्ट के लिए ऑक्सफैम की आलोचना की। उन्होंने कहा,”जीएसटी स्लैब को लेकर सवाल उठाने में कोई बुराई नहीं है लेकिन आँकड़ों को गलत तरीके से पेश कर लोगों को गुमराह करने के लिए सनसनी फैलाना गलत है। इससे संगठन और इसकी क्षमताओं पर सवाल खड़ा होता है।”

आपको बता दें कि इससे पहले जुलाई 2019 में ऑक्सफैम इंडिया के तत्कालीन सीईओ अमिताभ बेहर ने अपने एक लेख में कॉन्ग्रेस पार्टी की जमकर तारीफ की थी। अपने लेख में बेहर ने देश को लेकर कॉन्ग्रेस के विचारों की प्रशंसा की थी। उनके लेख में साफ तौर पर कॉन्ग्रेस को लेकर झुकाव देखा जा सकता था। उन्होंने अपने लेख में कॉन्ग्रेस की विचारधारा को आइडिया ऑफ इंडिया करार दिया था। कुछ ऐसा ही ऑक्सफैम के कामकाज में भी शामिल हो गया है।

उल्लेखनीय है कि ऑक्सफैम का दावा है कि वह दुनिया भर में आपदा राहत और गरीबी उन्मूलन का काम कर रहा है। दुनियाभर के अलग अलग देशों में कुल 20 ऑक्सफैम बने हुए हैं। ऑक्सफैम अमेरिका, ऑक्सफैम ऑस्ट्रेलिया आदि की तरह भारत में ऑक्सफैम इंडिया बनी हुई है।

शार्क टैंक में देते हैं ज्ञान, पर बिजनेस में करोड़ों का घाटा: LinkedIn पोस्ट वायरल, दावा- सिर्फ BOAT के अमन गुप्ता कमा रहे फायदा

सोनी टीवी पर लोकप्रिय बिजनेस शो ‘शार्क टैंक (Shark Tank)’ का दूसरा सीजन प्रसारित हो रहा है। बिजनेस और स्टार्ट-अप के दीवानों को यह शो काफी पसंद आता है। शो के जज के मजेदार कमेंट और बिजनेस चलाने को लेकर दिए गए सुझाव से आम लोग भी प्रभावित होते हैं। दूसरी और सोशल मीडिया साइट लिंक्डइन पर फेमस ऑर्थर अंकित उत्तम की एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमे उन्होंने बताया है कि दूसरों को बिजनेस की सीख देने और फंड बाँटने वालों की कम्पनियाँ के मालिक खुद भारी घाटे में है। BOAT के अमन गुप्ता को छोड़कर सबकी हालत खस्ता है।

Shark Tank के जज को लेकर अंकित उत्तम का वायरल पोस्ट

वायरल हो रहे पोस्ट में अंकित दावा करते हैं कि शार्क टैंक के जजों की संपत्ति में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अंकित पोस्ट की शुरुआत शार्क टैंक अमेरिका से करते हैं। वह कहते हैं कि शार्क टैंक के अमेरिकी वर्जन के जजों  की कम्पनियाँ फायदे में है। शार्क टैंक के दूसरे सीजन में विनीता सिंह, गजल अलघ, अनुपम मित्तल, नमिता थापर, पीयूष बंसल और अमित जैन जज की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं पहले सीजन में अपने सख्त लहजे के लिए सुर्खियाँ बटोरने वाले अशनीर ग्रोवर इस सीजन का हिस्सा नहीं हैं।

अंकित सभी जजों का एक-एक करके आँकलन करते हैं और सभी की संपत्तियों के बारे में बताते हैं। बकौल अंकित,विनीता सिंह की SUGAR  Cosmetics को वित्तीय वर्ष 2022 में 75 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। वहीं वित्तीय वर्ष 2021 में कंपनी को 21.1 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। 

ग़ज़ल अलघ के मामाअर्थ (Mama Earth) ने स्थापना के बाद पहली बार वित्त वर्ष 2022 में 14.44 करोड़ रुपए का लाभ कमाया था। जबकि कंपनी को वित्तीय वर्ष 2021 में 1,332 करोड़ रुपए और वित्तीय वर्ष 2020 में 428 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। साथ ही कंपनी ने वित्तीय वर्ष  2023 की पहली छमाही के लिए लगभग 4 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। कंपनी ने हाल ही में लाभ कमाना शुरू किया है। साथ ही मिंट की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वे 24000 करोड़ रुपए के मूल्यांकन के आंकड़े पर आईपीओ लाने जा रहे हैं। अंकित आश्चर्य जताते हुए कहते हैं कि 24000 करोड़ का आईपीओ…जब मुनाफा सिर्फ 14 करोड़ रुपए है।

अंकित आगे बताते हैं, ”वित्त वर्ष 2022 में BharatPe का कुल घाटा 5,594 करोड़ रुपए रहा था। वित्त वर्ष 2021 में कंपनी को कुल 2,961 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। अशनीर ग्रोवर को 2022 में कंपनी से हटा दिया गया था, ये नुकसान भी उनके ही हिस्से आएगा क्योंकि वह वित्त वर्ष 2022 में कंपनी के साथ थे।”

अंकित आगे अनुपम मित्तल के बारे में बताते हैं। वह कहते हैं, ”अनुपम मित्तल  Shaadi. com, Makaan .com , मौज मोबाइल जैसे ब्रांड के मालिक हैं। Shaadi. com  को छोड़कर, ऐसा लगता है कि उनके अन्य ब्रांड या तो समाप्त हो चुके हैं या पर्याप्त पैसा नहीं कमा रहे हैं, क्योंकि मीडिया में उनके बारे में बहुत कम या कोई खबर नहीं है। यहाँ तक कि Shaadi. com  की वित्तीय स्थिति सार्वजनिक रूप से ज्ञात नहीं है सिवाय इसके कि भविष्य में इसका आईपीओ आ सकता है। हालाँकि 2009 में ऐसा ही एक प्रयास किया गया था।”

वहीं पीयूष बंसल के लेंसकार्ट को वित्तीय वर्ष 2022 में 102.3 करोड़ का घाटा हुआ था। उन्होंने एमक्योर फार्मा की नमिता थापर की तुलना अभिनेत्री अनन्या पांडे से कर दी और नेपोटिज्म का उदाहरण बता दिया। अंकित ने कहा कि थापर एमक्योर फार्मा की संस्थापक नहीं हैं। उनके पिता ने इसे शुरू किया था और अभी वह इसकी CEO हैं।

वहीं उन्होंने कहा कि अमित जैन की CarDekho ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 246.5 करोड़ रुपए का घाटा दर्ज किया था । बकौल अंकित, अमन गुप्ता की BOAT इकलौती ऐसी कंपनी है जो शुरुआत से ही मुनाफे में रही है।

नोट: यह खबर अंकित उत्तम के वायरल पोस्ट पर आधारित है। ऑपइंडिया इन आँकड़ों की पुष्टि इस खबर में नहीं करता है

‘मोदी को बनाओ निशाना, हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ : ऑस्ट्रेलिया में 4 दिन के अंदर 2 हिंदू मंदिरों पर हमला, खालिस्तानियों ने शिव विष्णु मंदिर पर लिखे भारत विरोधी नारे

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में खालिस्तानी समर्थकों ने एक और हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की। बदमाशों ने कैरम डाउन्स में ऐतिहासिक श्री शिव विष्णु मंदिर (Shri Shiva Vishnu Temple) पर हमला किया और तोड़फोड़ के दौरान मंदिर के पास की दीवारों पर हिंदू विरोधी और भारत विरोधी नारे लिखे।

बदमाशों ने तोड़-फोड़ के दौरान ‘टारगेट मोदी (मोदी को बनाओ निशाना)’, ‘मोदी हिटलर’ और ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे मंदिर की दीवारों पर लिख दिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला सोमवार (16 जनवरी 2023) को हुआ। खालिस्तान समर्थकों ने इससे पहले मेलबर्न के उत्तरी उपनगर मिल पार्क (Melbourne’s northern suburb of Mill Park) में BAPS स्वामीनारायण मंदिर पर कथित तौर पर हमला किया था।

घटना तब हुई, जब श्रद्धालु ‘दर्शन’ के लिए और तीन दिवसीय ‘थाई पोंगल’ त्योहार मनाने के लिए मंदिर पहुँचे थे। ‘थाई पोंगल’ त्यौहार हिंदू आबादी द्वारा मनाया जाता है। हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया चैप्टर के अध्यक्ष मकरंद भागवत ने इस घटना की निंदा की और कहा,

“मैं आपको यह नहीं बता सकता कि खालिस्तान प्रोपेगेंडा के लिए एक दूसरे हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ से हम कितना परेशान हैं। हम निश्चित रूप से इस मामले को विक्टोरियन बहुसांस्कृतिक आयोग और विक्टोरिया के बहुसांस्कृतिक मंत्री के सामने उठाएँगे। हिंदुओं को मौत की धमकी एक बहुत ही गंभीर मामला है। यहाँ समुदाय इन खालिस्तान समर्थकों से डरता है।”

इस बीच, मेलबर्न हिंदू समुदाय के सदस्य सचिन महते ने कहा, ”अगर इन खालिस्तान समर्थकों में हिम्मत है तो उन्हें शांतिपूर्ण हिंदू समुदाय के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के बजाय विक्टोरियन संसद भवन पर कुछ लिखना चाहिए।”

इससे पहले रविवार (15 जनवरी 2023) शाम को मेलबर्न में खालिस्तानी समर्थकों ने एक वाहन रैली निकली थी और जनमत संग्रह के लिए समर्थन जुटाने के प्रयास किया था। हालाँकि, रिपोर्ट में बताया गया है कि मेलबर्न में लगभग 60,000 सिखों की आबादी में से 200 से कम व्यक्तियों ने ही इसमें भाग लिया।

खालिस्तान समर्थकों द्वारा आयोजित एक रैली (इमेज सोर्स- ऑस्ट्रेलिया टुडे)

विक्टोरिया की यहूदी समुदाय परिषद (Jewish Community Council of Victoria), गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार (Gurdwara Siri Guru Nanak Darbar), चर्चों की विक्टोरियन परिषद (Victorian Council of Churches) और विक्टोरिया की बौद्ध परिषद (Buddhist Council of Victoria) ने हिंदू मंदिरों पर हमले की निंदा की है। परिषदों के अनुसार, हिंदुओं के खिलाफ मौत की धमकी एक चिंता का विषय है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय अब खालिस्तान समर्थकों के आतंक में जी रहा है।

भारतीय बौद्ध परिषद द्वारा जारी बयान (स्रोत- ऑस्ट्रेलिया टुडे)
जेसीसीवी द्वारा जारी एक बयान (स्रोत- ऑस्ट्रेलिया टुडे)

इससे पहले गुरुवार (12 जनवरी 2023) को ऑस्ट्रेलिया में एक हिंदू मंदिर BAPS स्वामीनारायण मंदिर में खालिस्तान समर्थकों ने कथित तौर पर तोड़-फोड़ की थी और उस पर भारत विरोधी नारे लिखे थे। रिपोर्टों के अनुसार,  मेलबर्न के प्रतिष्ठित स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारों लिखे गए थे।

मुस्लिम का ढाबा-हिंदू ग्राहक, बाइक खड़ी करने को लेकर हुआ विवाद बवाल में बदला: 5 घंटे तक चलता रहा पथराव, अलीगढ़ की घटना

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बाइक खड़ी करने को लेकर हुआ विवाद दो समुदायों के बीच बवाल में बदल गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार करीब 5 घंटे तक पथराव हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुँच हालात पर काबू पाया। घटना सोमवार (16 जनवरी 2023) रात की है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मामला सासनी गेट थाना क्षेत्र के सराय सुल्लानी का है। यह जगह मिश्रित आबादी वाला है। बताया जा रहा है कि सोमवार की रात ताला व्यापारी हिमांशु वार्ष्णेय खाना खाने सराय सुल्लानी के एक ढाबा पर गए थे। ताज होटल नामक यह ढाबा मुस्लिम का बताया जाता है। इसी दौरान बाइक खड़ी करने को ले कर हिमांशु और ढाबा मालिक में कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान होटल मालिक और आसपास के दुकानदारों ने मिलकर हिमांशु की पिटाई कर दी।

जब हिमांशु ने इसकी सूचना अपने घर भेजी तो उसका भाई आकाश अपने साथियों के साथ मदद के लिए पहुँचा। दोनों पक्षों के आमने-सामने आ जाने के चलते हालात तनावपूर्ण हो गए और पथराव होने लगा। इसमें हिमांशु और आकाश दोनों को चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस को देख ढाबा संचालक की तरफ से पथराव कर रही भीड़ भाग खड़ी हुई। बवाल के चलते बाजार में कइयों ने दुकानें बंद कर ली।

मामले की जानकारी होने पर हिमांशु की तरफ से भी लोग जमा होने लगे। घटना के विरोध में लोगों ने सड़क जाम कर आरोपितों की गिरफ़्तारी की माँग करने लगे। पीड़ित हिमांशु वार्ष्णेय ने हमलावरों पर मोबाइल, सोने की चेन, ATM कार्ड और 25 हजार रुपए छीनने का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने हमलावरों की संख्या 50 से 60 के बीच बताई है। चश्मदीदों का कहना है कि हमलावरों ने कबाव सेंकने वाली लोहे की सीकों, चाकू, बेलचा से हमला किया था। लोगों ने हिंसा के दौरान फायरिंग का भी आरोप लगाया।

वहीं दूसरे पक्ष ने हिमांशु पर नशे में होने का आरोप लगाया। यह बात भी सामने आई है कि पुलिस की मौजूदगी में भी पथराव किया गया। अलीगढ़ के SSP कलानिधि नैथानी के मुताबिक केस दर्ज कर आरोपितों पर कार्रवाई के साथ सराय सुल्लानी की दुकानों की वैधता भी संबंधित विभाग द्वारा जाँची जा रही है।

एक स्थानीय व्यक्ति का आरोप है कि इस इलाके में न सिर्फ मंदिर के बगल माँस बिकता है, बल्कि रास्ते से गुजरने वाली महिलाओं से छेड़छाड़ भी की जाती है। लोगों के मुताबिक सराय सुल्लानी इलाके में 6 साल पहले भी विवाद हुआ था।

पीड़ित ने अपने बयान में यह भी कहा कि जब उसका इलाज करवाने मेडिकल कॉलेज ले जाया गया तब वहाँ के स्टाफ ने कहा, “हिन्दू हो तो पूरा पैसा लगेगा।” पीड़ित का आरोप है कि उस डॉक्टर ने पुलिस की भी बात नहीं मानी।