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गुजरात: कॉन्ग्रेस प्रत्याशी की चुनावी सभा में मंच पर लगे ठुमके, Video वायरल होने पर विधायक ने कहा- नाच में कुछ अश्लील हरकत नहीं हुई

गुजरात चुनावों के बीच कॉन्ग्रेस प्रत्याशी के चुनावी प्रचार कार्यक्रम से एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में मंच पर लेडी डांस हो रहा है। कथिततौर पर इन डांसरों को कॉन्ग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह धीरसिंह ने चुनाव कैंपेन के लिए बुलाया था। हालाँकि, सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा है कि उन्हें इस संबंध में नहीं पता था और यह आयोजन स्थानीय कार्यकर्ताओं ने करवाया था।

बता दें कि परमार राजेंद्र सिंह धीरसिंह कॉन्ग्रेस के बोरसाड से विधायक हैं। वह अमूल कंपनी के उपाध्यक्ष भी हैं। उनके पोस्टर वाले मंच पर हुए डांस का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियोज में कॉन्ग्रेसियों के झंडे भी साफ देखे जा सकते हैं। इसके अलावा कुछ लोग भी दिख रहे हैं जो डांसरों के ऊपर पैसे घुमा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि ये राजेंद्र सिंह ने ही इस कार्यक्रम को आयोजित करवाया था। विवाद होने के बाद उन्होंने कहा कि चुनाव कैंपेन के दौरान कराए गए डांस में कुछ गलत नहीं था। वो सिर्फ डांस पर्फॉर्मेंस थी। इसके बाद उन्होंने एबीपी की अस्मिता से बात करते हुए खुद को कार्यक्रम से अलग बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई आइडिया नहीं था कि स्थानीय समर्थकों ने क्या चुनावी कैंपेन के नाम पर क्या कार्यक्रम आयोजित किया है।

उन्होंने माना कि ये स्टेज चुनावी प्रचार का ही हिस्सा था। मगर जब वो वहाँ अपना भाषण देने गए थे तब तक वहाँ कोई डांसर नहीं थी। उन्होंने इस पूरे आयोजन का ठीकरा स्थानीय समर्थकों पर फोड़ा। उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

परमार राजेंद्र सिंह ने इस आयोजन को जस्टिफाई करते हुए कहा कि अन्य पार्टियाँ भी जो चुनावी प्रचार के लिए फिल्म स्टार को लेकर आते हैं। उनके प्रचार में तो ऐसा पहली बार हुआ है वो भी उन्हें नहीं पता था तभी हुआ। उनके अनुसार उन्हें अगली सुबह पता चला कि आखिर कार्यकर्ताओं ने ऐसा कार्यकर्म आयोजित किया था।

बैंक में काम करने वाली हिंदू लड़की का जावेद ने कराया धर्मांतरण, निकाह के बाद पिता को नोटिस भिजवाया: काजी समेत 9 पर FIR दर्ज

हरियाणा के फरीदाबाद में धर्मान्तरण का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि हिंदू लड़की को इस्लाम कबूल करवाने के बाद उस से निकाह किया गया है। पीड़िता बैंक की स्टाफ बताई जा रही है। मुख्य आरोपित का नाम जावेद है। लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने उसकी खुद की बेटी सहित कुल 9 आरोपितों पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। आरोपितों में जावेद के परिजनों के अलावा निकाह करवाने वाला काजी भी शामिल है। घटना सोमवार (28 नवम्बर 2022) की है।

इस मामले की शिकायत लड़की के पिता ने शुक्रवार (2 दिंसबर 2022) को फरीदाबाद के SGM नगर थाने में दी है। पीड़ित पिता के मुताबिक वो हिंदू धर्म का पालन करता है। उनके 3 बच्चे हैं जिसमें सबसे बड़ी बेटी 22 साल की है। शिकायत में आगे जावेद पर अपनी बड़ी बेटी को झाँसे में लेने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित की बड़ी बेटी HDFC बैंक में नौकरी करती है। पीड़ित पिता के मुताबिक साल भर पहले आरोपित अपनी अम्मी, अब्बा और अपने भाई के साथ उसके घर आया था। इस दौरान जावेद के परिवार ने पीड़ित से बेटी की शादी जावेद से करने को कहा था।

शिकायत में आगे बताया गया है कि पीड़ित ने इस शादी से मना करते हुए खुद को हिंदू बताया तो आरोपित के घर वाले नाराज हो गए। इस दौरान जावेद के भाई फ़िरोज़, अब्बा लियाकत और उसकी अम्मी गुफ्फरन ये कहते हुए वापस लौट गए कि अब लड़की के बाद की मंजूरी उनके लिए जरूरी नहीं है। पीड़ित पिता ने इसके बाद अपनी बेटी को बहुत समझाया जिस पर वो चुप रही। शिकायत में आगे बताया गया है कि 28 नवम्बर 2022 को उनकी बेटी के बैंक से फोन आया कि वो ऑफिस नहीं पहुँची।

लड़की के पिता ने आगे लिखा कि इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को खोजना शुरू किया तो पता चला कि उसने जावेद से निकाह कर लिया है। निकाह के बाद उसने फरीदाबाद कोर्ट में अपने ही पिता के खिलाफ प्रोटेक्शन पेटिशन दायर कर दी। इसका नोटिस आने के बाद पीड़ित पिता को पता चला कि उनकी लड़की ने अपना धर्म बदल लिया है। पीड़ित पिता के मुताबिक यह धर्म परिवर्तन हरियाणा सरकार की नियमावली के खिलाफ हुआ है। इसी आधार पर पीड़ित पिता ने निकाह को भी गैरकानूनी करार दिया है।

पीड़ित पिता ने जावेद के कृत्य को कानूनन गलत बताया है। इस शिकायत में उसने निकाह की गवाह लड़की, निकाह के दूसरे गवाह इरशाद, निकाह करवाने वाले क़ाज़ी अब्दुल सज़ान, निकाह का नोटरी करने वाले ईश्वर प्रसाद, जावेद के बबा लियाकत, जावेद के भाई फ़िरोज़ और जावेद की अम्मी को भी नामजद किया है। पीड़ित ने इन सभी को जावेद और अपनी बेटी के अपराध में बराबर का दोषी बताया है।

पीड़ित ने अपनी शिकायत में यह भी लिखा है कि वर्तमान समय में मुस्लिम लड़कों द्वारा हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फँसाया जा रहा है। पीड़ित पिता ने पुलिस से सभी 9 आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर सभी आरोपितों के खिलाफ हरियाणा विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन निवारण अधिनियम 2022 की धारा 12 (1), 12 (5) के तहत FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। सूर्या समाचार की रिपोर्ट के मुताबिक मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज, माफी माँगते हुए कहा- ठेस पहुँची, तो शब्द वापस लेता हूँ; पहले बोला था- ‘हिंदू 40 की उम्र तक रखते हैं कई बीवियाँ’

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल के हिंदुओं पर दिए विवादित बयान के बाद असम में बवाल मच गया है। हिंदू लड़कियों पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर अजमल फँसते नजर आ रहे हैं। असम के हिंदू युवा छात्र परिषद ने अजमल की टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ नौगाँव सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। विवाद बढ़ने के बाद बदरुद्दीन अजमल ने माफी भी माँगी है।

बदरुद्दीन अजमल ने हिंदुओं के खिलाफ दिया था विवादित बयान

शुक्रवार (03 दिसंबर, 2022) को अजमल ने हिंदुओं पर विवादित बयान देते हुए हिंदुओं को बच्चों के मामले में मुसलमानों का फॉर्मूला अपनानने की नसीहत दी थी। अजमल ने कहा था कि हिंदू लड़कियों का 40 साल की उम्र तक विवाह नहीं होता। वो (हिंदू) लोग 40 साल से पहले गैरकानूनी तरीके से 2-3 बीवियाँ रखते हैं। 40 साल के बाद उनमें बच्चा पैदा करने की क्षमता नहीं रहती है। उनको (हिंदुओं) को मुसलमानों के फॉर्मूले को अपनाकर अपने बच्चों की 18-20 साल की उम्र में शादी करा देनी चाहिए।

अजमल के खिलाफ शिकायत दर्ज

हिंदुओं पर इस विवादित टिप्पणी को लेकर हिंदू युवा छात्र परिषद ने बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ नौगाँव सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में हिंदुओं के खिलाफ गलत बयानबाजी करने की बात कही गई है।

AIUDAF चीफ ने माँगी माफी

विवाद बढ़ने के बाद बदरुद्दीन अजमल ने माफी माँगी है। अजमल ने कहा, “अगर मेरे शब्दों से किसी की भावना को ठेस पहुँची है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूँ।” उन्होंने कहा, “मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का नहीं था। मैं सिर्फ इतना चाहता हूँ कि सरकार अल्पसंख्यकों के साथ भी न्याय करे और उन्हें शिक्षा और रोजगार दे।”

बयान के बाद से ही बीजेपी हमलावर

अजमल का विवादित बयान सामने आने के बाद से ही भाजपा हमलावर है। बीजेपी एमएलए दिगंत कलिता के बाद भाजपा प्रवक्ता रंजीव कुमार शर्मा ने भी बदरुद्दीन अजमल के बयान की निंदा की है। शर्मा ने कहा कि अजमल औरंगजेब का दूसरा संस्करण है और उनकी इन बातों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा सांसद पबित्रा मार्गेरिता ने कहा, ये शब्द असंवैधानिक हैं और सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि सरकार को इस इस्लामी एजेंडे के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसे लोगों को खुले में नहीं छोड़ा जा सकता। भाजपा ने अजमल से मौलाना की पदवी भी वापस लेने की माँग की है।

नौसेना में पहली बार 341 महिलाएँ नाविक बनेंगी, पुरूषों की तरह ही होगी ट्रेनिंग: 3000 अग्निवीरों का पहला बैच तैयार

अग्निपथ योजना के तहत भारतीय नौसेना में 3000 अग्निवीरों का पहला बैच तैयार हो गया है, जिनमें 341 महिलाएँ हैं। यह पहली बार है जब महिलाओं को नाविक के तौर पर शामिल किया गया है। इन महिलाओं की ट्रेनिंग पुरुषों की ही भाँति होगी।

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना में उपलब्ध पदों के लिए आवेदन करने वाले 10 लाख व्यक्तियों में से 82,000 महिलाएँ थीं। उन्होंने कहा कि अगले साल से महिला अधिकारियों के लिए सभी ब्रांच खोल दिए जाएँगे।

नेवी चीफ ने कहा कि सेनाओं को जेंडर-न्यूट्रल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना में पहले फाइटर पायलटों और महिला एयर ऑपरेशन ऑफिसर्स सहित 7-8 ब्रांच में महिलाओं को एंट्री दी जाती थी, लेकिन अब महिला नाविकों को भी भर्ती किया जा रहा है। इन्हें अपने पुरुष समकक्षों के समान तैनात और ट्रेनिंग दी जाएगी।

पुणे के खडकवासला में नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए एडमिरल हरि कुमार ने कहा, “वे जहाजों, एयरबेस, विमान पर तैनात किए जाएँगे। उन्हें हर चीज के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा, जिस तरह से एक सामान्य नाविक को प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण में कोई अंतर नहीं होगा। केवल व्यक्ति की क्षमता को देखा जाएगा।”

अग्निपथ योजना की तारीफ करते हुए नेवी चीफ ने कहा कि यह एक शानदार योजना है, जिसे ‘व्यापक विचार-विमर्श और व्यापक अध्ययन के बाद पेश किया गया है कि अन्य सैन्य बलों ने अपने मानव संसाधन को किस तरह व्यवस्थित किया है। उन्होंने कहा कि यह विचार 2020 के मध्य के आसपास आया था और इसे अमल में लाने में लगभग दो साल लग गए। 

सेना की औसत आयु को कम करने के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, “कारगिल समीक्षा समिति की रिपोर्ट में एक सिफारिश है कि सशस्त्र बलों में उम्र सीमा को नीचे लाने की जरूरत है। उस समय औसत उम्र 32 वर्ष थी और सिफारिश में कहा गया कि इसे कम करके लगभग 25-26 वर्ष तक लाया जाना चाहिए।”

₹60 करोड़ की योजना, ₹30 करोड़ ही खर्च किए, ₹52 करोड़ विज्ञापन पर फूँक डाले: दिल्ली के ‘शिक्षा मॉडल’ की फिर खुली पोल

दिल्ली सरकार अक्सर अपने तथाकथित शिक्षा मॉडल को लेकर देश भर में ढोल पीटती रहती है और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री बताते नहीं थकती है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी जगह-जगह होने वाली चुनावी सभाओं में दावा करते हैं कि अमेरिका तब से लोग दिल्ली के स्कूल देखने आते हैं। हालाँकि, इस ‘शिक्षा मॉडल’ की पोल समय-समय पर खुलती रही है। इसकी ताज़ा बानगी भी सामने आई है।

दरअसल, दिल्ली सरकार ‘Entrepreneurial Mindset Curriculum’ नाम से एक योजना लेकर आई। इस योजना के तहत दिल्ली के स्कूलों को 56.14 करोड़ रुपए दिए गए। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी को 2000 रुपए दिए जाने थे। दिल्ली सरकार ने जो इसकी आंतरिक रिपोर्ट मँगाई है, उससे ही उसकी पोल खुल गई है। 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए लाई गई इस योजना के तहत बजट में 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था।

जो 56.14 करोड़ रुपए स्कूलों को भेजे गए, उसमें से 26 करोड़ रुपए स्कूलों ने खर्च तक नहीं किए और दिल्ली सरकार को वापस लौटा दिए। इसका सीधा अर्थ है कि ‘एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम (EMC) के लिए प्रावधान तो 60 करोड़ रुपए का किया गया था, लेकिन इसमें से मात्र 30 करोड़ रुपए ही स्कूलों ने खर्च किए। हैरानी की बात तो ये है कि इसका पौने 2 गुना तो AAP सरकार ने सिर्फ इस योजना के विज्ञापन पर खर्च कर डाले।

असल में इन रुपयों का इस्तेमाल छात्रों को बिजनेस के लिए आईडिया विकसित करने के लिए होना था। अब 2000 रुपए में छात्र कौन से बिजनेस आईडिया विकसित कर लेंगे, ये समझ से परे है। अप्रैल 2022 में मनीष सिसोदिया ने इस संबंध में भूटान से करार की बात भी कही थी। मनीष सिसोदिया फ़िलहाल शराब घोटाले में भी फँसे हुए हैं, क्योंकि वो शिक्षा के साथ-साथ आबकारी वाला विभाग भी देख रहे हैं। दिल्ली के स्कूलों में बस घोटाला भी सामने आया है।

बेटी की तस्वीरों से हो रही छेड़छाड़, अश्लील गानों में नाम: खेसारी लाल यादव ने कहा- ‘छोड़ दूँगा भोजपुरी इंडस्ट्री’ , नेहा राठौड़ ने लगाया विक्टिम कार्ड खेलने का आरोप

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के स्टार खेसारी लाल यादव आजकल काफी दर्द में हैं। हाल ही में उन्होंने एक के बाद एक लाइव वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। लाइव के दौरान प्रशंसकों से बात करते-करते उनके आँसू छलक पड़े। एक्टर ने कहा कि उन्हें परेशान किया जा रहा है और अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री छोड़ देंगे।

बेटी की फोटो से छेड़-छाड़ पर जताई नाराजगी

एक विवाद के बाद कुछ लोग उनकी बेटी की तस्वीर और नाम अश्लील गानों से जोड़ रहे थे। इसके बाद एक्टर ने लाइव आकर ऐसा न करने की अपील की थी। एक्टर ने एक समाज के कुछ लोगों पर नाराजगी जताई थी। अब एक बार फिर एक्टर लाइव आए और उन्होंने इंडस्ट्री ही छोड़ने का ऐलान कर दिया। वीडियो में खेसारी ने कहा कि उन्हें काम करने दिया जाए। उन्होंने कहा कि वह पूरे दिन काम नहीं कर पाए, उन्हें नींद और भूख भी नहीं लग रही है। उनका कहना है कि वह काम करना चाहते हैं लेकिन उन्हें रोका जा रहा है। पहले की तुलना में उनके पास अब कम काम रह गया है।

चोरी हो रहे हैं गाने

खेसारी लाल यादव ने आगे बताया कि उनके गाने चोरी हो रहे हैं। कोई उन्हें पहले ही गा देता है। उन्होंने वीडियो में फैन्स से भी एक सवाल किया। पूछा कि अगर उन्हें ऐसा लगता है कि वह भोजपुरी सिनेमा के लायक नहीं हैं, तो बताएँ, वह किसी और इंडस्ट्री में चले जाएँगे। वहाँ पर इसी दम-खम के साथ मेहनत करेंगे और खुद को साबित करेंगे। खेसारी लाल यादव ने लोगों से निवेदन किया कि उनके परिवार के लोगों को टारगेट न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इतनी परेशानी उन्होंने कभी नहीं उठाई थी।

विवाद की जड़ में क्या ?

दरअसल, एक लाइव प्रोग्राम के दौरान खेसारी लाल यादव के करीबी ने किसी लड़के को थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद कथित तौर पर राजपूत समाज भड़क उठा और एक्टर की बेटी को टारगेट किया जाने लगा। आरोप है कि इस विवाद के बाद खेसारी लाल यादव की बेटी की फोटो के साथ अश्लील गाने जोड़े जाने लगे। इसके बाद खेसारी इस मुद्दे को लेकर पहली बार लाइव आए थे। इस दौरान उन्होंने अपने पिता होने की दुहाई दी थी। एक्टर ने बताया कि यूट्यूब से भी उनके कई गाने डिलीट कर दिए गए थे। उन्होंने अपील की थी कि उनके परिवार को इस मामले में न घसीटा जाए।

नेहा सिंह राठौर ने लगाया विक्टिम कार्ड खेलने का आरोप

खेसारी के इन वीडियो के बाद भोजपुरी सिंगर नेहा सिंह राठौर ने उनपर निशाना साधा है। नेहा ने फेसबुक पर एक क्लिप शेयर किया है जिसमें उन्होंने खेसारी लाल यादव विक्टिम कार्ड खेलने का आरोप लगाया है। उन्होंने पूछा कि आज आपकी बेटी को टारगेट किया जा रहा है लेकिन इसकी शुरुआत किसने की? जब आप खुद एक पिता है तो गंदे-गंदे गानों को क्यों गाते हैं? नेहा ने आगे पूछा, “जब किसी और की बेटी के साथ अश्लील गानों पर नाचते हो तब नहीं सोचते कि मेरी बेटी क्या कहेगी ? दुनियाभर में भोजपुरी को बदनाम कर दिया। लेकिन जब आपके घर में बीवी है, एक बेटी है तब तो ये सब गाना छोड़ देना चाहिए।”

महिलाओं पर बदजुबानी के बाद चुनाव आयोग और पुलिस पर विवादित टिप्पणी, आज़म खान के खिलाफ लगातार दूसरे दिन FIR: कहा था – बुर्कापोशों पर बेंत तोड़ने वालों…

अपने विवादित बयानों के लिए कुख्यात समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान के खिलाफ एक और FIR दर्ज हुई है। बताया जा रहा है कि यह केस आज़म द्वारा अखिलेश की जनसभा में दिए गए एक आपत्तिजनक भाषण के चलते दर्ज हुआ है। रामपुर में अखिलेश की जनसभा गुरुवार (1 दिसम्बर, 2022) को थी। एक दिन पहले ही आज़म के खिलाफ रामपुर के गंज थाना क्षेत्र में महिलाओं के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने की FIR दर्ज हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखिलेश की जनसभा किला मैदान में थी। इस दौरान जयंत चौधरी भी मंच पर मौजूद थे। तब आज़म ने जनता को संबोधित करते हुए कहा था, “तुम कम हो, वर्दियाँ ज्यादा हैं। वाह रे मेरे देश के चलाने वालों, मुबारक हो। इलेक्शन कमिश्नर, आप यहाँ आ जाओ। दे दो जीत का सर्टिफिकेट एमएलए का। हम भी ताली बजाएँगे।” आज़म का ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इसी वीडियो में आज़म ने आगे कहा, “बेकसूरों को डराने वालों, वाह। बुर्कापोशों पर बेंत तुड़ाने वालों, मुबारक हो तुम्हें।” आज़म के समर्थन में भीड़ से आवाज उठ रही थी। बताया जा रहा है कि आज़म पर संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी का केस दर्ज हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, FIR रामपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में IPC की धारा 153-A, 505 (1)(b) और 125 के तहत दर्ज हुई है। इसी सभा के आज़म खान ने मंच से नारा लगाया था, “लाठी डंडा खाएँगे, आसिम राजा को जिताएँगे।”

गौरतलब है कि आज़म खान पर एक दिन पहले रामपुर के ही गंज थानाक्षेत्र में FIR दर्ज हुई थी। यह FIR शहनाज बेगम नाम की एक महिला की शिकायत पर दर्ज हुई थी। इस केस में IPC की धारा 294(b), 354(क)1(iv), 504, 505(2), 509, 153-A(1) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत कार्रवाई की गई थी। शहनाज के मुताबिक उसे आज़म खान द्वारा महिलाओं और बच्चों पर दिए गए आपत्तिजनक बयान से काफी आघात पहुँचा था।

बदजुबानी दुर्गति का कारण बनती है

आज़म खान के तमाम भाषणों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि बदजुबानी अक्सर दुर्गति का कारण बनती है। सरकार पर आज़म के लगाए जा रहे आरोपों को बिना नाम लिए योगी ने आधारहीन बताते हुए कहा कि बेहतर होता कि वो मंत्री रहने के दौरान अपनी ऊर्जा प्रदेश के विकास में लगाते। इशारों ही इशारों में आज़म खान को कर्मों का फल सबको मिलता वाली कहावत सुना कर योगी ने कहा कि मामले न्यायालय में हैं और न्यायिक कार्यों को सरकार से जोड़ना गलत है।

योगी आदित्यनाथ ने यह बयान मैनपुरी की एक जनसभा में शुक्रवार (2 दिसम्बर, 2022) को दिया।

नवी मुंबई में अवैध चर्च पर चला बुलडोजर: 55 वर्षीय पादरी ने 4 लड़कियों का किया था यौन शोषण, बुरे हालात में रखे गए 45 बच्चों को NCPCR ने बचाया

नवी मुंबई (Navi Mumbai) के सीवुड स्थित सेंट बेथेल चर्च (Sant Bethel Church) के पादरी पर चार लड़कियों का यौन शोषण करने के आरोप के बाद नवी मुंबई नगर निगम ने इसे ध्वस्त कर दिया है। चर्च को जेसीबी से धवस्त करने से पहले शुक्रवार (2 नवंबर 2022) को उसके अंदर रखे सामनों को बाहर निकाल दिया गया।

नगर निगम की इस कार्रवाई का NCPCR के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने जानकारी दी। कानूनगो ने शनिवार (3 नवंबर 2022) को इस बारे में ट्वीट कर कहा, “नवी मुंबई में बेथेल गॉस्पेल चर्च द्वारा चलाए जा रहे अवैध चिल्ड्रन होम में बच्चों के यौन शोषण की शिकायतों की @NCPCR_ द्वारा जाँच के उपरांत अनुशंसाओं के आधार पर अवैध बाल गृह को बुलडोजरों ने ध्वस्त कर दिया। यहाँ से 45 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है।”

चर्च के पादरी द्वारा यहाँ की लड़कियों का यौन शोषण करने की घटना सामने आने के बाद भाजपा की महिला विंग ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। इस साल अगस्त में ठाणे जिला बाल संरक्षण इकाई ने एक गैर सरकारी संगठन के साथ इस चर्च पर छापा मारा था। चर्च परिसर में 45 नाबालिग बच्चे और बच्चियाँ मिली थीं।

छापेमारी के दौरान पाया गया कि इन बच्चों को चर्च परिसर में बेहद गंदे हालात में रखा जा रहा था। जिन कमरों में ये बच्चे रहते थे, वे बेहद छोटे और अंधेरे थे। उन कमरों में वेंटिलेशन की भी व्यवस्था नहीं थी। इतना ही नहीं, इन्हें खाने के लिए बासी खाना दिया जाता था।

छापेमारी के बाद सभी बच्चों को रेस्क्यू कराने के बाद उन्हें ठाणे जिले के विभिन्न बाल गृहों में भेज दिया गया। इस छापेमारी के एक हफ्ते बाद चर्च के 55 वर्षीय पादरी को एनआरआई कोस्टल पुलिस ने नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।

मामला सामने आने के बाद चर्च को लेकर भी सवाल उठने लगे। कहा जाने लगा कि यह चर्च अवैध रूप से बना है। नवी मुंबई पुलिस ने नवी मुंबई नगर निगम को इसके अवैध होने की सूचना दी थी। इसके बदा निगम के अधिकारियों ने चर्च को नोटिस भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद नवी मुंबई की भाजपा की महिला विंग ने इस मुद्दे को उठाया और पाया कि चर्च अवैध है।

‘कंधे, घुटने और नाभि ढँकने के लिए कपड़े ही नहीं हैं’: मॉडल ने क़तर में पहने सेक्सी कपड़े, कहा – गिरफ़्तारी से नहीं डरती, मुस्लिम नहीं कैथोलिक हूँ

इस्लामी मुल्क क़तर में FIFA वर्ल्ड कप का आयोजन हो रहा है हालाँकि, इस दौरान फुटबॉल फैंस के लिए इस्लामी मुल्क ने जो नियम-कानून बताए हैं, वो चर्चा का विषय बन रहे हैं। जहाँ एक तरफ उन्हें पूरे कपड़े पहनने के लिए कहा गया, वहीं दूसरी तरफ शराब पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। स्टेडियम में बियर भी नहीं दिया जा रहा। इसी बीच पूर्व ‘मिस क्रोएशिया’ इवाना नॉल सेक्सी ड्रेस में मैच का लुत्फ़ उठाती दिखीं, जिसके बाद उन पर गिरफ़्तारी की तलवार भी लटक रही है।

इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर इवाना नॉल ने खुलेआम क़तर में ड्रेस को लेकर बने नियम-कानूनों का उल्लंघन किया और कहा कि अधिकारी क्या कहते हैं, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने स्टेडियम से तस्वीरें भी शेयर की, जिसमें शेख लोग उनकी तरफ देखते हुए और उनकी तस्वीरें लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अपने स्नैप्स को लेकर कहा कि वो बिलकुल भी नहीं डरी हुई हैं। उन्होंने क्रोएशिया के राष्ट्रीय ध्वज वाली सेक्सी ड्रेस पहन रखी थी।

26 वर्षीय इवाना नॉल का साफ़ कहना है कि उन्हें क़तर में गिरफ़्तारी से डर नहीं लगता है। उन्होंने कहा, “पहले मैं सोच रही थी कि अगर FIFA विश्व कप क़तर में हो रहा है तो वो फुटबॉल फैंस को सहज महसूस कराने के लिए सब कुछ करेंगे और किसी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं लगाएँगे। लेकिन, जब मुझे नियम-कानूनों के बारे में पता चला तो मैं हैरान रह गई। ड्रेस कोड में कंधे, घुटने और नाभि वगैरह दिखाना मना है। ये सब ढँकने के लिए तो मेरे पास कपड़े भी नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं काफी गुस्सा थी, क्योंकि मैं एक मुस्लिम नहीं हूँ और अगर हमलोग यूरोप में हिजाब और नकाब का सम्मान करते हैं तो फिर उन्हें भी हमारे मजहब और हमारे जीवन जीने के तरीके का सम्मान करना चाहिए। मैं क्रोएशिया की कैथोलिक हूँ, जो वर्ल्ड कप देखने यहाँ आई हूँ। मैं गिरफ़्तारी से नहीं डरती हूँ।” बता दें कि क़तर में नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और जेल का प्रावधान है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों की गतिविधियाँ रिकॉर्ड की जा रही हैं, ऐसे में बाद में जाँच के समय ये फुटेज काम आएँगे।

चाइनीज चापड़ से काटा श्रद्धा का हाथ, नार्को के लिए रिहर्सल करके गया: शातिर आफताब तिहाड़ में इंग्लिश नॉवेल पढ़ना चाहता है, शतरंज खेलकर बिता रहा समय

दिल्ली के महरौली में हुए श्रद्धा मर्डर केस में आरोपित आफताब का नार्को टेस्ट पूरा हो गया है। आशंका जताई जा रही रही कि अपनी करतूतों पर पर्दा डालने के लिए आफताब अपने टेस्ट का रिहर्सल कर के आया था। बताया जा रहा है कि जेल में आफताब ने पढ़ने के लिए अधिकारियों से नॉवेल माँगी है। वहीं उसका कुछ समय शतरंज खेल कर और ज्यादातर टाइम अकेले में बीत रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेल प्रशासन आफताब की हरकतों पर लगातार नजर रखे हुए है। आफताब ने अपना समय काटने के लिए तिहाड़ के अधिकारियों से अंग्रेजी नॉवेल माँगा है। आफताब को जेल प्रशासन ने टाइम पास के लिए शतरंज भी दिया है लेकिन वो ज्यादातर समय अकेले में बिता रहा है। उसका पॉलिग्राफिक और नार्को टेस्ट करवाने के बाद उसे 2 दिसम्बर 2022 से तिहाड़ में शिफ्ट कर दिया गया है।

नार्को टेस्ट में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास

एक रिपोर्ट के मुताबिक आशंका है कि आफताब ने अपने नार्को की प्रैक्टिस पहले से की थी। बताया जा रहा है कि उसने पूछताछ के दौरान पुलिस क गुमराह करने की पूरी कोशिश की थी। इस दौरान किसी बड़े खुलासे की संभावना नहीं है। श्रद्धा की लाश के अन्य टुकड़ों के बारे में उसने बस यही बताया कि उसे दिल्ली की भौगोलिक हालातों की जानकारी नहीं है इसलिए वो टुकड़ों की लोकेशन नहीं बता सकता।

ऐसा बताया जा रहा है कि श्रद्धा की लाश के टुकड़े काटने के लिए आफताब ने एक छूरे का प्रयोग किया था। उस छूरे को उसने अपने गुरुग्राम स्थित ऑफिस के आस-पास कहीं झाड़ियों में फेंका था। हालाँकि बताया जा रहा है कि नार्को टेस्ट में उसने खुद के द्वारा श्रद्धा का कत्ल करने की बात कबूल की है। उसने यह भी माना है कि लाश के टुकड़ों को उसी ने जंगल के कई हिस्सों में फेंका है।

दावा किया जा रहा है कि आफताब के फ़्लैट से कत्ल में प्रयोग हथियारों को बरामद कर लिया गया है। जाँच में यह भी निकल कर सामने आया है कि श्रद्धा की हत्या के लिए आफताब ने चाइनीज चापड़ का प्रयोग किया था।

नार्को टेस्ट के दौरान आफ़ताब से लगभग 2 घंटे तक पूछताछ चली। अब तक श्रद्धा की कुल 13 हड्डियाँ बरामद हो गईं हैं। श्रद्धा के पिता से DNA मिलान की रिपोर्ट अगले हफ्ते तक आने की उम्मीद है। इसके साथ कुछ डिजिटल प्रमाण भी सामने रखे जाएँगे जिसमें फिंगर और फुटप्रिंट भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि उन्होंने आफताब को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त सबूत जमा कर लिए हैं।