Home Blog Page 2211

30 दिन में बाँटी जाएँगी 1 लाख भगवद गीता: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने की इस्कॉन के प्रयास की सराहना, बोले- इसे पढ़ लिया तो किसी हेल्प बुक की जरूरत नहीं

श्रीमदभगवद् गीता जयंती महोत्सव पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बंगलुरु में इस्कॉन (ISCKON) के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गीता सिर्फ एक ग्रंथ भर नहीं है, यह जीती-जागती ज्ञान गंगा हैं, जो प्राचीन काल से मानव को अपने ज्ञानामृत से सींचती चली आ रही है।

उन्होंने कहा, “अनादि काल से चले आ रहे मानवीय भावों को उदात्त करने का एक माध्यम है गीता। गीता शाश्वत है, नित्य है, सत्य है। इसलिए गीता का कोई एक दिवस न होकर हरेक दिवस होना चाहिए। वास्तव में तो गीता मनाने की नहीं, बल्कि मानने का आग्रह है। मानने की भी नहीं, बल्कि यह जीने का आग्रह है।”

रक्षामंत्री ने कहा, “हरि अनंत हरि कथा अनंता’ की भाँति गीता भी मैं समझता हूँ अनंत है और इसकी व्याख्या अनंत है। अब तक जिन ग्रंथों के सर्वाधिक भाष्य मिलते हैं, गीता उनमें से एक है। स्वामी विवेकानंद, महात्मा गाँधी से लेकर पंडित नेहरू, महर्षि अरविंदो, लोकमान्य तिलक ने गीता को अपने-अपने ढंग से देखा है।” उन्होंने कहा कि विदेशों में समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पबुक का चलन है, लेकिन अगर गीता को पढ़ लिया तो हेल्प बुक की जरूरत नहीं पड़ेगी।

उन्होंने कहा, “गीता हमें ऐसा सूत्र प्रदान करती है, जिसके सहारे हम अपनी आत्मा का दर्शन कर सकते हैं। आज इंसान को बाहरी दुनिया की बड़ी चिंता रहती है। दिल्ली में क्या हो रहा है, अमेरिका में क्या हो रहा है, लंदन में, फ्रांस में क्या घटित हो रहा है, उसे बड़ी चिंता रहती है। गीता हमें अंतर्मन की ओर देखने का ज्ञान देती है। आत्मा से जोड़ती है, जो परमात्मा का ही एक अंश है। जो शाश्वत है और अनश्वर है। आत्मा को केंद्र में रखने वाला प्राणी सुख-दुख से ऊपर उठकर दुख से ऊपर उठकर आनंद की प्राप्ति करता है।”

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत हमेशा से ज्ञान का केंद्र रहा है और इस ज्ञान के अस्तित्व को न केवल दूसरे देशों ने स्वीकार किया, बल्कि अपनाया भी है। भगवदगीता ने दुनिया के कई महान और प्रसिद्ध लोगों को न केवल प्रभावित किया है, बल्कि उनके जीवन को भी पूरी तरह से बदल दिया है। गीता सिर्फ धार्मिक ग्रन्थ ही नहीं, इसमें निहित ज्ञान सबके लिए, खासकर युवा वर्ग के लिए एक Inspiration है।

रक्षा मंत्री ने कहा, “गीता का ज्ञान भारत के समाज का आधार है। भारत एक शान्तिप्रिय देश रहा है। हिंसा, युद्ध यह कभी भी भारत की प्रवृत्ति नहीं रही है। इसलिए भारत ने कभी किसी दूसरे देश पर न हमला किया ना कभी किसी की एक इंच ज़मीन पर कब्जा किया। इसलिए दुनिया को यह समझना होगा कि अगर युद्ध और हिंसा हमारी प्रवृत्ति नहीं तो अन्याय सहना और अधर्म के प्रति तटस्थ रहना भी हमारे चरित्र का हिस्सा नहीं रहा है।”

ISKON की सराहना करते हुए रक्षामंत्री सिंह ने कहा कि गीता दान यज्ञ महोत्सव के माध्यम से भगवान कृष्ण के शाश्वत संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इस्कॉन का प्रयास सराहना है। उन्होंने कहा कि 30 दिनों तक चलने वाले इस यज्ञ के दौरान 1 लाख भगवदगीता बाँटने की योजना बनाई गई है। ज्ञान ही तो ऐसा धन है, जो बाँटने से बढ़ता है। इस्कॉन अपने प्रयास में सफल होगा।

‘ये इस्लामी मुल्क है, यहाँ अपनी टाँगें मत दिखाओ’: बिकनी में धूप सेंकती दिखी Pak पहुँची अंग्रेज कमेंटेटर तो भड़के कट्टरपंथी, कहा – हमारी संस्कृति का सम्मान करो

इंग्लैंड की टीम फ़िलहाल पाकिस्तान के दौरे पर है, जहाँ उसने पाकिस्तानी टीम के छक्के छुड़ा रखे है। आतंक के गढ़ पाकिस्तान में तमाम आशंकाओं के बावजूद इंग्लैंड की टीम पहुँच कर टेस्ट मैच खेल रही है। मैच से पहले इंग्लैंड के कई खिलाड़ी बीमार भी हो गए थे। इसी बीच इंग्लिश कमेंटेटर एलेक्जेंड्रा हार्टली का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो पाकिस्तान में बिकनी पहन कर धूप सेंकती हुई दिख रही हैं। इस वीडियो से पाकिस्तान के सलामी कट्टरपंथी नाराज़ हैं।

ये वीडियो पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित सेरेना होटल का है, जिसमें वो एक पूल किनारे दिख रही हैं। वीडियो में उन्होंने सिर्फ अपनी टाँगें ही दिखाई हैं। अहमद फ़ाज़ नामक पाकिस्तानी ने आक्रोश जताते हुए लिखा, “क्या यह इस्लामी गणतंत्र पाकिस्तान है?”

वहीं सऊद नाम के मुस्लिम ट्विटर यूजर ने उन्हें सलाह दी कि वो ‘उचित कपड़े’ पहनें, वरना अगर होटल के कर्मचारी उन्हें घूरते हैं तो इसके लिए उन्हें जिम्मेदार न ठहराएँ। उक्त यूजर ने उन्हें बाजार से तैराकी के ‘उचित कपड़े’ खरीदने की सलाह दे डाली।

वहीं मलिक राशिद ने पोछा, “क्या आपको अपनी टाँगें दिखानी ज़रूरी है?”

वहीं एमी आबिद नाम के यूजर ने उन्हें पाकिस्तान की संस्कृति का ख्याल रखने की चेतावनी दी। उसने धमकाया कि एलेक्सा हार्टली पाकिस्तान में इस तरह की संस्कृति का प्रचार-प्रसार न करें और मेहमाननवाजी का गलत फायदा न उठाएँ। 29 वर्षीय एलेक्सा हार्टली बीबीसी की टीम की तरफ से मैच को कवर करने के लिए आई हैं। 29 वर्षीय एलेक्सा इससे पहले कई क्रिकेट सीरीज को कवर कर चुकी हैं।

वहीं एक जिम्बाब्वे के क्रिकेट फैन ने एलेक्जेंड्रा हार्टली को एक सलाह दी। फैन ने लिखा, “बुर्का पहनें। इस तरह के शॉर्ट्स पहनने की अनुमति पाकिस्तान में नहीं है। यहाँ आसपास काफी ठरकी हैं।” बता दें कि T20 विश्व कप में नकली मिस्टर बीन को लेकर जिम्बाब्वे के क्रिकेट फैंस ने पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई थी। जहाँ तक पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड टेस्ट मैच की बात है, इंग्लैंड ने 4 बल्लेबाजों के शतक की मदद से 657 रन बनाए थे, वहीं जवाब में पाकिस्तान ने भी 3 शतकों की मदद से 4 विकेट पर 421 रन बनाए हैं।

‘मेरी माँ की तस्वीर लगी थी… वो कैसे बैठे’ : दिल्ली MCD चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस नेता पर भड़के शीला दीक्षित के बेटे, BJP बोली- ‘राहुल जी पहले अपने नेताओं को जोड़ लो’

दिल्ली में एमसीडी चुनाव से ठीक पहले कॉन्ग्रेस में नया कलह शुरू हो गया है। कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने एक ट्वीट के जरिए अपनी ही पार्टी के नेता देवेंद्र यादव पर निशाना साधा। उनको इस बात से ऐतराज हो गया कि देवेंद्र यादव कॉन्ग्रेस के उस कार्यक्रम में कैसे शामिल हुए जहाँ उनकी माँ शीला दीक्षित की तस्वीर लगी हुई है।

दरअसल, जिस कार्यक्रम में कॉन्ग्रेस पार्टी की तरफ से दिल्ली एमसीडी चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी किया जा रहा था उस कार्यक्रम के एक बैनर पर शीला दीक्षित की भी तस्वीर लगी हुई थी। कार्यक्रम की तस्वीरें कॉन्ग्रेस नेता मुदित अग्रवाल ने ट्विटर पर शेयर कीं। इन तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए संदीप दीक्षित ने लिखा,

“मुझे यह पूरी तरह से निंदनीय लगता है कि देवेंद्र यादव उस मंच पर बैठे हैं जहाँ मेरी माँ की तस्वीर लगी हुई है। एक समय में उन्होंने मेरी माँ को अपमानित करने की पूरी कोशिश की थी।”

वर्ष 2019 में अजय माकन के इस्तीफे के बाद शीला दीक्षित दिल्ली कॉन्ग्रेस की प्रमुख बनी थीं। उस वक्त देवेंद्र यादव कार्यकारी अध्यक्ष पद पर थे। कहा जाता है कि शीला दीक्षित और देवेंद्र यादव के बीच अनबन रहती थी।

भाजपा ने इस मामले को लेकर कॉन्ग्रेस पर तंज किया है। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया,

“राजस्थान में पायलट बनाम गहलोत विवाद के बाद अब दिल्ली में भी कॉन्ग्रेस बनाम कॉन्ग्रेस विवाद!एक बार फिर से ‘टुकड़े-टुकड़े कॉन्ग्रेस’! दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री (शीला दीक्षित) के बेटे ने अपने ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा!पहले राहुल जी कॉन्ग्रेस जोड़ो- भारत तो जुड़ा हुआ है। सरदार पटेल जी को धन्यवाद।”

आपको बता दें कि राजस्थान में दो सालों से अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सीमए की कुर्सी को लेकर घमासान मचा हुआ है। करीब दो महीने पहले 25 सितंबर को एक बार फिर राजस्थान में सियासी भूचाल आया था जब कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर पर्चा भरने से पहले अशोक गहलोत से इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। इसके बाद अगले सीएम को लेकर पार्टी के अंदर मचा घमासान पूरी तरह से सड़क पर आ गया था। इस घमासान के बाद हुई बयानबाजियों में दोनों खेमों के मंत्रियों ने एक दूसरे पर तीखे प्रहार भी किए। गहलोत तो अब तक सचिन को गद्दार बताते फिरते हैं।

हाल ही में एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए गहलोत ने सचिन पायलट को फिर से गद्दार कह दिया। जिसके बाद दोनों खेमों में एक बार फिर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस बीच 04 दिसंबर, 2022 को राहुल गाँधी की यात्रा राजस्थान में प्रवेश करने वाली है। ऐसे में पार्टी लीडरशीप नहीं चाहेगी कि दोनों खेमों के बीच अनबन का असर यात्रा पर पड़े। यही कारण है कि पिछले दिनों राहुल गाँधी ने गहलोत और पायलट दोनों को पार्टी का असेट बताया था।

कुल मिलाकर जिस तरह की घटनाएँ पार्टी के अंदर से सामने आ रही हैं इससे यह तो स्पष्ट है कि कॉन्ग्रेस टुकड़े-टुकड़े होती जा रही है।

हिंदू आतंकवादी, शिवसेना डकैत: इंदौर के लॉ कॉलेज में चल रहा लव जिहाद का पाठ, हिंदूविरोधी किताबें न पढ़ने पर काटे जाते हैं नंबर

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय में हिंदुओं के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने और हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फँसाने का छात्राओं द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद मामला गर्मा गया है। छात्र संगठन ABVP की शिकायत के बाद कॉलेज के 6 प्रोफेसरों को 5 दिन के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया है और मामले की जाँच के लिए एक समिति गठित की गई है।

कॉलेज के छात्रों का आरोप है कि लाइब्रेरी में ऐसी किताबें रखी गई हैं, जिनमें हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखी हुई है। किताब में लिखा है- हिंदू मुख्य आतंकवादी हैं। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में धारा-370 को सही बताते हुए विश्व हिंदू परिषद, RSS को लेकर विवादास्पद बातें लिखी गई हैं।

छात्रों का कहना है कि डॉ. फरहत खान के नाम से लिखी गई इन किताबों को लाइब्रेरी में किसके कहने पर रखा गया, इसकी जाँच होनी चाहिए। इसके साथ ही छात्रों ने लेखिका, प्राचार्य, प्रोफेसर डॉ. मिर्जा मोईज, प्रो. सुहैल अहमद वानी और प्रो. अमीक खोखर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की माँग की है। इस मामले में छात्रों ने भँवरकुआ थाने में शिकायत दी है और साथ में किताब को सबूत के तौर पर भी पेश किया है।

इतना ही नहीं, इस लॉ कॉलेज में हिंदू लड़कियों को भी टारगेट कर लव जिहाद में फँसाने की बात सामने आई है। छात्रों ने कॉलेज परिसर में अनुशासनहीनता और धार्मिक कट्टरता फैलाने को लेकर प्रिंसिपल डॉ. इनामुर्रहमान से शिकायत की थी। मामला बढ़ने के बाद इस पर प्रिंसिपल ने अब कार्रवाई की बात कही है।

इस मामले में राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि अगर कोई दोषी है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉ. फरहत खान द्वारा लिखी गई किताब की 24 घंटे में जाँच कर FIR दर्ज करने के निर्देश इंदौर के कमिश्नर को दिए गए हैं।

क्या लिखा है किताब में

फरहत खान द्वारा लिखित ‘सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्धति’ में कई सारी कट्टरता वाली बातें लिखी गई हैं। उसमें लिखा गया है, “पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, बर्मा में सांप्रदायिकता का संघर्ष नहीं है। शासन तो वहाँ भी सैकड़ों वर्ष अंग्रेजों का रहा था और अमेरिका का हस्तक्षेप आज भी इनकी सत्ता पर रहता है। आज सारे हिंदू संगठन एक स्वर से मुसलमानों के कश्मीर में धारा 370 लगाकर विशेष सुविधाएँ देने का विरोध यह कहकर करते हैं कि कश्मीर में उग्रवाद धारा 370 के कारण ही पनप रहा है।”

किताब में आगे लिखा है, “यदि इनसे पूछा जाए कि पंजाब में उग्रवाद क्यों है, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम में जहाँ हिंदू उग्रवाद है, वहाँ भी धारा 370 नहीं लगी है। हिंदू कहते हैं कि समान नागरिक संहिता की बात कहकर हम मुसलमानों के कानून में सुधार करना चाहते हैं, जो नारी के विरुद्ध है। यदि उनसे पूछा जाए कि आप अपने व्यक्तिगत कानून को और भी शास्त्रों के कानून को क्यों लागू करना चाहते हैं, जो शूद्र स्त्री और गैर हिंदुओं के विरुद्ध है। पहले हिंदुओं को अपने सिविल कोड में सुधार की बात करनी चाहिए।”

किताब में और आगे लिखा है, “उपरोक्त संक्षिप्त विवरण में हमने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसकी परिवार की संस्थाओं के क्रियाकलाप पर प्रकाश डाला। हिंदुओं के जितने भी सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठन बने हैं। उनका एक मात्र उद्देश्य देश के मुसलमानों का विनाश करना है और शूद्रों को दास बनाना है। हिंदू पद पादशाही कायम करना है और हिंदू राजतंत्र का शासन वापस लाकर ब्राह्मण को पृथ्वी का देवता बनाकर पूज्य बनाना है।”

फरहत ने अपनी किताब में विश्व हिंदू परिषद को टारगेट करते हुए लिखा है, “विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन हिंदू बहुमत का राज्य स्थापित करना चाहते हैं। दूसरे समुदायों को शक्तिहीन बनाकर गुलाम बनाना चाहते हैं। पंजाब में सिखों के खिलाफ शिवसेना जैसे त्रिशूलधारी नए संगठनों ने मोर्चा बना लिया है। अपनी सांप्रदायिक गतिविधियों को मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों से संचालित करने लगे हैं। शिवसेना हिंदू राष्ट्र का नारा दे रही है, जो पूरे सिख समाज के विरुद्ध हैं।”

झूठे प्रोपेगेेंडा को बढ़ाते हुए इसमें आगे कहा गया है, “अब शिवसेना के नौजवान सिखों के घरों में डकैती और अनजानी घटनाएँ कर रहे हैं। यहाँ तक कि निर्दोष सिखों की हत्याएँ भी कर रहे हैं। हिंदू शिव सेना के लोगों ने बैंक में डकैतियाँ भी डाली हैं। पंजाब में जो कुछ हो रहा है, पंजाबी और उर्दू अखबार ही सही लिखते हैं और हिंदी अखबार झूठ। पंजाब का सच आज यह है कि मुख्य आंतकवादी हिंदू हैं और सिख प्रतिक्रिया में आतंकवादी बन रहा है।”

छात्रों का कहना है कि इन किताबों को पढ़ने के लिए उन पर दबाव बनाया जाता है। अगर परीक्षा में उन किताबों का रेफरेंस देकर उत्तर नहीं लिखा जाता है तो नंबर काट लिए जाते हैं और उन्हें पास नहीं होने दिया जाता है। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज के तार कई राष्ट्र विरोधी संगठनों से जोड़कर षड्यंत्रकारी छात्रों का ब्रेनवॉश किया जा रहा है। संगठनों में आगे की ट्रेनिंग लेने के लिए भी यहाँ के छात्रों को उकसाया जा रहा है।

हिंदू लड़कियों को किया जाता है टारगेट

दैनिक भास्कर को नाम नहीं छापने की शर्त पर कॉलेज की छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने बताया कि क्लास में मुस्लिम लड़के हिंदू लड़कियों को टारगेट करते हैं। फर्स्ट और सेकंड सेमेस्टर में हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फँसाने का काम होता है और इसमें मुस्लिम लड़कियाँ मददगार बनती हैं।

लड़कियों ने बताया कि मुस्लिम लड़कियाँ नई आईं इन हिंदू लड़कियों को मुस्लिम लड़कों से परिचय करवाती हैं। बाद में दोनों के बीच फोन नंबर आदान-प्रदान होता है और बातचीत होने लगती है। बाहर से पढ़ने के लिए इंदौर आई हिंदू लड़कियाँ इनका सॉफ्ट टारगेट होती हैं।

हॉस्टल में रहने वाली एक लड़की ने बताया कि उसे एक लड़के ने परेशान करके रखा है। लड़के का कहना है कि उससे या सर से कमिटेड होना पड़ेगा। अपना धर्म बदल लो और निकाह कर लो। कॉलेज की छात्राओं ने बताया कि जिन लड़कियों से मुस्लिम लड़कों की दोस्ती हो जाती है, वे उन्हें बाहर घुमाने ले जाते हैं।

लड़कियों का कहना है कि अगर कोई छात्रा इसकी शिकायत कॉलेज प्रशासन से करती है तो उसे परेशान किया जाता है। यहाँ तक कि कॉलेज के इंटरनल परीक्षा में कम नंबर दिए जाते हैं। इससे डर कर लड़कियाँ चुप रहती हैं। वहीं, हिंदू टीचर भी नौकरी के चक्कर में आवाज नहीं उठाते हैं।

प्रोफेसर ने हिंदू लड़कियों पर रखते हैं गंदी नजर

कॉलेज की एक छात्रा ने बताया, “हमारे एक प्रोफेसर हैं अमीक सर, वो लड़कियों को अपने साथ मूवीज, पब, डिस्को और कैफे ले जाते हैं। सर उन्हें लेट नाइट मैसेज करते हैं, लव ईमोजी भेजते हैं। उनका बिहेवियर लड़कियों को आकर्षित करने वाला रहता है। यहाँ पर सबसे ज्यादा लव जिहाद को बढ़ावा मिल रहा है। हमारी क्लास में भी ऐसे बच्चे हैं जो इसे बढ़ावा दे रहे हैं।”

छात्रा ने बताया कि कॉलेज के ही एक मिर्जा सर हैं, जो सरकार की नई शिक्षा नीति का विरोध कर रहे हैं। छात्रा का कहना है कि वे छात्रों को इसके विरोध के लिए उकसाते हैं और उनसे कागज पर इसके विरोध में हस्ताक्षर ले रहे हैं।

एक अन्य छात्रा ने बताया, “कॉलेज की कई स्टूडेंट ऐसी हैं, जो सर के साथ कैफे, पब और मूवी देखने बाहर जाती हैं। सोशल मीडिया पर स्टोरी भी अपलोड की गई हैं। टीचर पढ़ाने की जगह लड़कियों को क्लब और पब लेकर जाते हैं। इंटरनल मार्क्स का हवाला देकर छात्राओं पर दबाव डाला जाता है।”

कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष अभाविप के दीपेन्द्र सिंह ठाकुर ने इतिहास में जब मुगलों के बारे में पढ़ाने की बात आती है तो वे उनका महिमामंडन करते हैं। बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। वहीं, हिन्दू राजाओं के बारे में बात करते समय उनकी उपलब्धियों की चर्चा भी नहीं करते हैं।

वहीं, ABVP के प्रांत मंत्री घनश्याम सिंह चौहान का कहना है कि परिसर में धार्मिक कट्टरता फैलाने को लेकर प्राचार्य को पहले मौखिक शिकायत दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। छात्राओं पर पब और कैफे जाने के लिए शिक्षकों द्वारा दबाव बनाया जाता है। खुद छात्राओं ने प्राचार्य को इसकी जानकारी दी है। कॉलेज प्रशासन ने मामले में जाँच की बात कही है।

फोटो खींचने का बहाना, लेकिन मोबाइल की जगह निकला तमंचा… राजस्थान में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की एंट्री से पहले खूनी खेल, लौट कर देखा ज़िंदा तो नहीं

राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा की एंट्री से पहले सीकर में कुख्यात गैंगस्टर राजू ठेहट की शनिवार (3 दिसंबर 2022) सुबह हत्या कर दी गई। हमलावर कोचिंग की ड्रेस पहनकर आए थे। उन्होंने पहले ठेहट को उनके घर से बाहर बुलाया और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस दौरान ठेहट को 3 से ज्यादा गोलियाँ लगीं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। देख सकते हैं कि कैसे बदमाशों ने पहले गोली मारी और फिर भाग निकले।

इस संबंध में राजस्थान पुलिस के महानिदेशक उमेश मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के लिए टीम लगाई है। एसएचओ को फील्ड में रहने के निर्देश हैं। घटना में एक और व्यक्ति की गोली लगने से मौत हुई। हमलावरों ने उसे इसलिए मारा क्योंकि वो उनकी वीडियो बना रहा था।

हत्या की जिम्मेदारी

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार घटनास्थल पर सीकर के आला अधिकारी पहुँचे। मामले की जाँच की। फिलहाल आरोपितों को पकड़ने के लिए पूरे राज्य में नाकाबंदी कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक शूटर हरियाणा के हो सकते हैं। वहीं दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के सूत्रों ने कहा है कि राजू ठेठ को करीब 10 साल से मारने का प्लान बनाया जा रहा था। इनमें लॉरेंस गैंग, आनंदपाल गैंग और काला जेठड़ी गैंग शामिल थे।

जाँच में भी अभी तक यही पता चला है कि ठेहट की गैंग शहर में सक्रिय थी और उनकी आनंदपाल गैंग से दुश्मनी थी। दोनों एक दूसरे से बदला लेने पर तुले रहते थे। पहले हमले के पीछे भी आनंदपाल गैंग के बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष का नाम सामने आ रहा था। क्योंकि वो भी दो साल से ठेहट को मारने की प्लानिंग कर रहा था। हालाँकि इस हत्या के बाद लॉरेंस गैंग से जुड़े रोहित गोदारा ने अपनी फेसबुक आईडी से हत्या की जिम्मेदारी ली और कहा कि उन्होंने आनंदपाल और बलबीर बानूड़ा की हत्या का बदला लिया है। 

राजू ठेहट की हत्या का CCTV

राजू ठेहट की हत्या के बाद वारदात का सीसीटीवी सामने आया है। देख सकते हैं कि कैसे पहले ठेहट के घर के सामने ट्रैक्टर रोका गया। उसके बाद कोचिंग की जैकेट में 4-5 बदमाश रुके। उन्होंने घंटी बजाई और ठेहट के साथ फोटो खिंचाने का बहाना बनाया। ठेहट को लगा शायद वो लोग मोबाइल निकाल रहे हैं। लेकिन उन्होंने यहाँ तमंचा निकाला और उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। रिपोर्ट बताती है कि करीबन 50-60 राउंड फायरिंग हुई। बदमाशों ने राजू को मारने के बाद लौटकर दोबारा चेक भी किया कि कहीं राजू जिंदा तो नहीं बचा।

राजनीति में आने की फिराक में था राजू

बता दें कि राजू ठेहट सीकर का रहने वाला था। उसे लग्जरी लाइफ जीने का शौक था। उस पर महंगी गाड़ियाँ और बाइकें थीं। वो बिन नंबर की फॉर्च्यूनर में घूमता था और उसने अपनी सुरक्षा के लिए तीन गनमैन रखे हुए थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी उसने अपनी लग्जरी जिंदगी दिखाते हुए गाड़ियों और 3 गनमैन के साथ कई रील्स डाली हुई थीं। वह अपना वर्चस्व बढ़ाना चाहता था इसलिए राजनीति में आने का प्लान कर रहा था। सोशल मीडिया पर उसकी चाकसू विधानसभा यूथ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष कैलाश चौधरी के साथ तस्वीरें थीं। इसके अलावा उसके महेश नगर के पूर्व भाजपा विधायक प्रेम सिंह बाजोर के घर भी टिकने की खबर सामने आई थी।

हनुमान मंदिर को हटाने के लिए बुलडोजर लेकर पहुँचे अधिकारी, हिन्दुओं ने किया विरोध प्रदर्शन: कॉन्ग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में आरोप – प्रतिमा कर दी क्षतिग्रस्त

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक मंदिर को हटाने को ले कर नगर निगम और हिंदू संगठन आमने-सामने आ गए हैं। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि निगम कर्मचारियों ने मंदिर को क्षतिग्रस्त किया है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन भी किया है। उनका कहना है कि मंदिर में रखी मूर्ति को भी नुकसान पहुँचाने की कोशिश हुई है। लोगों ने चंदा लगा कर टूटे मंदिर की फिर से मरम्मत का एलान किया है। विवाद 2 दिसंबर, 2022 का बताया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक, यह विवाद ‘रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड’ द्वारा करवाई जा रही शहर के कथित सौंदर्यीकरण की कार्रवाई के दौरान खड़ा हुआ। यहाँ लाखेनगर चौक से राजकुमार कॉलेज के बीच पड़ने वाली सड़क को चौड़ा किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की जद में कुछ घरों के अलावा 5 मंदिर भी आ रहे हैं। कुछ मूर्तियों को लोगों की सहमति से अलग जगह शिफ्ट भी कर दिया गया। ये मूर्तियाँ माई की बगिया नाम की जगह पर जमा की गई हैं जहाँ उनकी नए सिरे से प्राण प्रतिष्ठा करवाई जा रही है।

इस दौरान प्राचीन बजरंग बली की मूर्ति भी हटाने की कोशिश की जाने लगी। इस बात की जानकारी होते ही हिन्दू संगठन मौके पर जमा हो गए। उनका कहना था कि मूर्ति की पूँछ मंदिर से सटी हुई है और हटाने पर मूर्ति क्षतिग्रस्त हो जाएगी। इस दौरान अधिकारियों से उन्होंने बहस की। बाद में अन्य स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर जमा हो गए। लोगों ने मूर्ति को सही सलामत हटाने के लिए कहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जब तक हनुमान जी की मूर्ति को सही सलामत निकाले जाने का भरोसा नहीं दिया जाता तब तक मूर्ति अपनी जगह पर ही रहेगी।

वहीं इस मुद्दे पर जोन 5 के कमिश्नर राकेश गुप्ता ने भरोसा दिया है कि मामले का सर्वसम्मति से संतोषजनक समाधान निकाल लिया जाएगा।

वही एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, मूर्ति हटाने पहुँचे निगम के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को सूचित नहीं किया था। इसी के साथ निगम द्वारा मंदिर के खिलाफ शाम को कार्रवाई करना बताया गया है जबकि अधिकारियों द्वारा इसे दिन में करने के लिए कहा गया था। बताया जा रहा है कि निगम मंदिर पर बुलडोजर ले कर पहुँचा था, जिस पर लोगों ने सख्त आपत्ति जताई है।

‘डोर टू डोर’ चुनाव प्रचार के लिए गुजरात पहुँचे थे ओवैसी, लोगों ने काले झंडों के साथ किया स्वागत: लगे ‘गो बैक’ के नारे, रैली में ‘अल्लाह’ का नाम लेकर रोए थे

गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो चुका है। अब सियासी पार्टियाँ सोमवार(5 दिसंबर, 2022) को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए एड़ी चोटी की ताकत लगा रही हैं। इसी दौरान अहमदाबाद में डोर टू डोर कैंपेन कर रहे एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रचार के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाए गए। विरोध कर रहे लोग उनके खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि विरोध कर रहे लोग कॉन्ग्रेस के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओवैसी अहमदाबाद के शाहपुर मिल कंपाउंड के पास मुस्लिम बहुल इलाके में वोट माँगने पहुँचे थे। असदुद्दीन ओवैसी पैदल चलते हुए जमालपुर से एआईएसआईएम उम्मीदवार साबिर काबलीवाला के लिए वोट माँग रहे थे। ओवैसी के साथ उनके सैकड़ों समर्थक भी थे। इस बीच स्थानीय लोगों ने ओवैसी का विरोध शुरू कर दिया। कैंपेनिंग के दौरान ‘ओवैसी गो बैक’ के नारे भी लगाए गए। ओवैसी को काले झंडे दिखाए जाने लगे। दावा किया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने कॉन्ग्रेस के समर्थन में नारेबाजी की।

यह पहली बार नहीं है जब गुजरात में असदुद्दीन ओवैसी को विरोध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले भी गुजरात के कई मुस्लिम इलाकों में ओवैसी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। तकरीबन दो सप्ताह पहले सूरत ईस्ट में मुस्लिम नौजवानों ने ओवैसी की सार्वजनिक सभा में काले झंडे दिखाए थे।

इसके पहले शुक्रवार (02 दिसंबर, 2022) को इसी विधानसभा क्षेत्र (जमालपुर) में एक रैली के दौरान असदुद्दीन ओवैसी फफककर रोने लगे थे। ओवैसी रोते हुए अल्लाह से अपने उम्मीदवार को जिताने की भीख माँग रहे थे।

जमालपुर में रैली के दौरान ओवैसी ने राहुल गाँधी पर भी जमकर निशाना साधा था। ओवैसी ने कहा था कि राहुल गाँधी बहस में पाँच मिनट भी मेरे सामने टिक नहीं पाएँगे। ओवैसी ने कहा था, “हमारी सच्चाई के सामने कॉन्ग्रेस का झूठ चकनाचूर हो जाएगा, हमारी जुबान के सामने कॉन्ग्रेस के लोग गूंगे बन जाएंगे।” माना जा रहा है कि उनके इस भाषण के बाद कॉन्ग्रेस समर्थकों में नाराजगी थी।

FBI के दबाव में ट्विटर ने छिपाए थे जो बायडेन के बेटे के कारनामे, विजया गाड्डे ने रचा था सारा ‘खेल’: एलन मस्क ने खोली ‘ट्विटर फाइल्स’

ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क ने शनिवार (3 दिसंबर 2022) को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बेटे हंटर बाइडन के कारनामों की जानकारी देने की घोषणा करके दुनिया भर में सनसनी मचा दी है। उन्होंने बताया कि माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर साल 2020 में टीम बाइडन के दबाव में इस रिपोर्ट को दबाया गया था।

मस्क ने कहा कि ट्विटर द्वारा हंटर बाइडेन स्टोरी को हटाने के लिए क्या किया गया था, इसे प्रकाशित किया जाएगा! मस्क द न्यूयॉर्क पोस्ट की 2020 की उस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के बारे में बात कर रहे थे, जिसे ट्विटर द्वारा हटा दिया गया था। अब मस्क रिपोर्ट को हटाने के दौरान ट्विटर अधिकारियों द्वारा साझा किए ईमेल को सार्वजनिक करेंगे।

मस्क ने कहा कि 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान कंपनी ने रिपोर्ट को हटाने के टीम बाइडन के आग्रह को मान लिया था। ‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ ने यह मीडिया रिपोर्ट हंटर बाइडन के लैपटॉप से रिकवर किए गए ईमेल पर तैयार किया था। इस स्टोरी को लेकर रूसी हैकिंग की बात कही है और कहा गया कि FBI ने इसे हटाने के लिए दबाव डाला था।

मस्क ने इस मामले का खुलासा करते हुए स्वतंत्र पत्रकार और लेखक मैट टैबी के अकाउंट का लिंक ट्वीट किया। इसके बाद टैबी ने ‘हंटर बाइडन लैपटॉप स्टोरी’ को ट्विटर पर सेंसर किए जाने के फैसले के पीछे के राज उजागर किए। उन्होंने ट्वीट्स की एक पूरी सीरीज पोस्ट की और बताया कि कैसे क्या हुआ था। टैबी ने इसे ‘द ट्विटर फाइल्स, पार्ट वन’ नाम दिया है। उसमें टैबी ने बताया कि ट्विटर ने हंटर बाइडन लैपटॉप स्टोरी को कैसे और क्यों ब्लॉक किया था।

टैबी के अनुसार, ट्विटर ने न्यूयॉर्क पोस्ट की हंटर बाइडेन स्टोरी (Hunter Biden Story) को दबाने के लिए असाधारण कदम उठाए थे। कंपनी ने लिंक हटा दिए और चेतावनी पोस्ट की कि यह ‘असुरक्षित’ हो सकता है। टैबी ने आगे कहा, “ट्विटर ने डाइरेक्ट मैसेज के माध्यम से इसके प्रसारण को भी ब्लॉक कर दिया, जैसे कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी को किया जाता है।”

दरअसल, 14 अक्टूबर 2020 को न्यूयॉर्क पोस्ट ने हंटर बाइडन का एक गोपनीय ईमेल प्रकाशित किया था, जो उनके लैपटॉप से हासिल किया गया था। टैबी ने दावा किया कि इसे सेंसर करने का फैसला ट्विटर के उच्चाधिकारियों ने किया था। हालाँकि इसकी जानकारी ट्विटर के तत्कालीन सीईओ जैक डोर्सी को नहीं थी। इसमें कंपनी की कानूनी मामलों की पूर्व प्रमुख विजया गाड्डे ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

न्यूयॉर्क पोस्ट की स्टोरी

द न्यूयॉर्क पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि हंटर बाइडन ने अपने पिता और अमेरिका के तत्कालीन उपराष्ट्रपति जो बाइडन को यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी से लगभग एक साल पहले मिलवाया था। उस वक्त बाइडन ने यूक्रेन में सरकारी अधिकारियों पर उस वकील पर गोलीबारी के लिए दबाव डलवाया था, जो कंपनी की जाँच कर रहा था। 

हंटर बाइडन 2015 में यूक्रेन की कंपनी बुरिस्मा के निदेशक मंडल में 50,000 डॉलर प्रति माह के वेतन पर शामिल हुए थे। कंपनी पर हंटर के प्रभावों का इस्तेमाल करने का भी आरोप है। ईमेल में कंपनी के सलाहकार वडिम पॉजर्स्की ने 17 अप्रैल 2015 को हंटर को एक ईमेल लिखकर इस बात के लिए शुक्रिया कहा था कि उन्होंने अपने पिता से उनकी मुलाकात करा दी।

यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी में सलाहकार पॉजर्स्की ने यह मेल हंटर बाइडेन के निदेशक बनने के एक साल बाद किया गया था। इसके पहले मई 2014 में पॉजर्स्की ने हंटर को ईमेल कर सलाह माँगी थी कि वे कंपनी के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।

इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय न्यूजपेपर डेली मेल ने कहा था कि तस्वीरों, दस्तावेजों, ईमेल और टेक्स्ट मैसेज से पता चला है कि 2013 से 2016 तक 6 मिलियन डॉलर (60 लाख डॉलर) से ज्यादा की आय होने के बाद भी उनके शाही खर्चों ने उन्हें कर्ज में डुबो दिया था। जब हंटर की कई बिजनेस डील रद्द हो गई और उनके खिलाफ फेडरल इन्वेस्टिगेशन (FBI) चल रही थी, तब उन्होंने एक ईमेल लिखा था। इसमें उन्होंने खुद को जेल भेजे जाने का डर जताया था।

जहाँ होने वाली है CM ममता के भतीजे की जनसभा, वहाँ बम बना रहे थे TMC कार्यकर्ता: ब्लास्ट में 2 की मौत, विस्फोट में उड़ गया घर का छप्पर

पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदनीपुर में बम ब्लास्ट की खबर है। इस ब्लास्ट में 2 लोगों के मारे जाने की सूचना आ रही है। दोनों मृतक ममता बनर्जी की पार्टी TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं, जिसमें एक पार्टी का बूथ सभापति भी शामिल है। घटना आज शनिवार (3 दिसम्बर 2022) की है।। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह धमाका बम बनाने के दौरान हुआ है। पूर्वी मेदनीपुर के एक ग्राउंड में आज ही TMC के राष्ट्रीय महासचिव की रैली भी प्रस्तावित है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना अर्जुननगर इलाके की है। घटना जिस जिले की है वो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का गृह जनपद है। विस्फोट से हुए मृतकों में एक की पहचान राजकुमार मन्ना के तौर पर हुई है। उसकी उम्र 42 साल है और वो TMC का पदाधिकारी भी है। इस ब्लास्ट में एक अन्य व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की भी सूचना है।

‘CNN18’ की पत्रकार कनिका सेनगुप्ता द्वारा घटना का विजुअल शेयर किया गया है। वीडियो के मुताबिक, ब्लास्ट एक छप्परनुमा घर में हुआ था। धमाके में छप्पर पूरी तरह से उड़ गया है। सारा सामान बिखरा पड़ा है और आस-पास लोग खड़े हो कर घटनास्थल को देख रहे हैं।

वहीं एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्लास्ट गुरुवार (1 दिसम्बर, 2022) को हुआ है। इस रिपोर्ट में ब्लास्ट की वजह पटाखों में विस्फोट होना बताया गया है। इसी के साथ मृतकों की संख्या 1 होने की भी जानकारी दी गई है। बताया गया है कि ब्लास्ट वाली जगह पुलिस स्टेशन के पीछे ही है। एक बाइक के भी जलने की सूचना है, जिसे थाने पर खड़ी बताया गया है। भाजपा के बंगाल प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने इस घटना के पीछे TMC द्वारा डर फैलाने की साजिश की आशंका जताई है।

पूर्वी मेदनीपुर में आज ही TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की जनसभा है। वो इस जिले में कोणताई कॉलेज ग्राउंड पर लोगों को संबोधित करने वाले हैं। इस जनसभा के विरोध में भाजपा विधायक हाईकोर्ट गए थे, जहाँ उन्होंने इस पर रोक की माँग की थी। हालाँकि हाईकोर्ट ने उनकी अपील ख़ारिज कर दी थी। गौरतलब है कि अगले साल पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव होने वाले हैं।

‘मुख्यमंत्री के दफ्तर से चल रहा था उगाही का रैकेट, रोज ₹3 करोड़ की कमाई’: CM बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ कोयला घोटाले में ED की कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोयला घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाला मामले में शुक्रवार (2 दिसंबर, 2022) को गिरफ्तार कर लिया है। पिछले ढाई महीने से केंद्रीय एजेंसी इस कोयला उगाही घोटाला मामले की जाँच कर रही है। सौम्या चौरसिया 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं, जो 2018 के दिसंबर में कॉन्ग्रेस पार्टी के राज्य की सत्ता में वापसी के बाद से ही इस शक्तिशाली पद पर काबिज हैं।

इस घोटाले के तार सीधे रायपुर स्थित CMO से जुड़े हैं, जिसके बाद मामला हाई-प्रोफ़ाइल बन गया है। इस मामले में ED पहले ही 2009 बैच के IAS अधिकारी समीर बिश्नोई के अलावा 3 कारोबारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। कोयला उगाही घोटाला मामले में ED ने कारोबारी सूर्यकान्त तिवारी को मुख्य आरोपित बताया है, जो जाँच एजेंसी की गिरफ़्त में है। इस मामले में 3 IAS अधिकारियों के ठिकानों पर ED की छापेमारी हो चुकी है।

शुक्रवार दोपहर को गिरफ़्तारी से पहले ED पिछले दो महीनों में कई बार सौम्या चौरसिया से पूछताछ भी कर चुकी थी। इस मामले में सितंबर 2022 के दूसरे हफ्ते में एक IAS पति-पत्नी के यहाँ भी छापेमारी हो चुकी है। सौम्या चौरसिया का मेडिकल एग्जामिनेशन कराने के बाद उन्हें अजय सिंह राजपूत की PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सौम्या चौरसिया को 4 दिन की रिमांड में भेज दिया है। हालाँकि, जाँच एजेंसी ने 14 दिनों की कस्टडी की माँग की थी।

सौम्या चौरसिया को इससे पहले 9 बार पूछताछ के लिए समन किया गया था। उनके वकील फैसल रिजवी ने दावा किया कि उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने के लिए ये सब किया जा रहा है। इस मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपितों को जुडिशल कस्टडी में रायपुर स्थित सेन्ट्रल जेल में रखा गया है। ED का कहना है कि नेताओं-कारोबारियों-अधिकारियों के रैकेट ने इस घोटाले को अंजाम दिया, जिसके तहत प्रति टन कोयला 25 रुपए की उगाही की गई।

इसके तहत प्रतिदिन 2-3 करोड़ रुपए की अवैध उगाही की गई। सौम्या चौरसिया की गिरफ़्तारी को सीएम बघेल ने राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए ऐलान किया है कि वो इसके खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेंगे। उन्होंने ED पर अधिकारियों के साथ मारपीट का भी आरोप लगाया। 6 दिसंबर को फिर से सौम्या चौरसिया को अदालत में पेश किया जाएगा। सौम्या पर ये भी आरोप है कि उन्होंने अपने परिजनों के नाम पर सस्ते दाम में खरीदी गई जमीनों को महँगे दाम पर बेच कर दूसरी जमीनें खरीदी हैं।