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ब्रिटेन में 44% बढ़ी मुस्लिमों की जनसंख्या, पहली बार आधे से भी कम रह गए ईसाई: रिपोर्ट

मामले में यॉर्क के आर्कबिशप स्टीफन कोट्रेल का कहना है कि ये सच में चौंकाने वाला है कि ब्रिटेन में ईसाइयों की जनसंख्या तेजी से घटी है। उनका कहना है, "यूरोप में चल रहे युद्ध और रहने-खाने के संकट के बीच लोगों को धार्मिक मदद की जरूरत है। हम उनके लिए हैं।"

ब्रिटेन में इन दिनों ईसाइयों की आबादी तेजी से घट रही है और मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ रही है। मंगलवार (29 नवंबर 2022) को जारी किए गए जनसंख्या के आँकड़ों के मुताबिक इंग्लैंड और वेल्स में ईसाइयों की आबादी पहली बार कुल आबादी के आधे से भी कम हो गई है। ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के ताजा जनगणना के आँकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन में मुस्लिमों की आबादी (Muslim Population) एक दशक में 44 प्रतिशत बढ़ी है। देश की कुल आबादी में से 6.5 प्रतिशत यानी 3.9 मिलियन (3900000) लोग इस्लाम मजहब को मानने वाले हैं। रिपोर्ट में यह खुलासा भी हुआ है कि ब्रिटेन में ईसाइयों के बाद ‘नो रिलीजन’ यानी कोई धर्म नहीं वाली आबादी दूसरे नंबर पर है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन में ईसाइयों की आबादी में 13.1 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, मुस्लिमों की आबादी 4.9 फीसदी से बढ़कर 6.5 फीसदी हो गई है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब ईसाइयों की आबादी आधी से भी कम रह गई है। ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, इंग्लैंड और वेल्स में ईसाइयों की आबादी घटकर 46.2 प्रतिशत रह गई है।

इंग्लैंड और वेल्स की ओएनएस जनगणना (फोटो साभार: गार्जियन)

इस मामले में यॉर्क के आर्कबिशप स्टीफन कोट्रेल का कहना है कि ये सच में चौंकाने वाला है कि ब्रिटेन में ईसाइयों की जनसंख्या तेजी से घटी है। उनका कहना है, “यूरोप में चल रहे युद्ध और रहने-खाने के संकट के बीच लोगों को धार्मिक मदद की जरूरत है। हम उनके लिए हैं। कई मामलों में हमारी तरफ से जरूरतमंदों को खाना और अन्य मदद दी जाती है। क्रिसमस पर लाखों लोग चर्च आते हैं और हमारी मदद लेते हैं।”

2021 की जनगणना में पाया गया है कि यूके के लगभग 10 प्रतिशत परिवारों में अब कम से कम दो अलग-अलग जातीय समूहों के सदस्य हैं। इनमें 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही यह भी सामने आया है कि यहाँ पंजाबी और उर्दू क्रमशः 291,000 और 270,000 लोगों द्वारा बोली जाती है। पंजाबी और उर्दू यूके में बोली जाने वाली 5वीं और छठी सबसे आम भाषा बन गई है। आँकड़ों से यह भी पता चलता है कि लंदन इंग्लैंड का सबसे धार्मिक रूप से विविध क्षेत्र बना हुआ है। ब्रिटेन की राजधानी के उत्तर में हैरो शहर में हिंदू आबादी का प्रतिशत सबसे अधिक 25.8 है, जो 2011 में 25.3 प्रतिशत था।

बता दें कि ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक 2001 में ब्रिटेन की जनगणना में धर्म का सवाल जोड़ा गया था। इसमें करीब 94 फीसदी लोगों ने अपनी इच्छा से जवाब दिया था। इंग्लैंड और वेल्स में लगभग 46.2 प्रतिशत जनसंख्या ईसाई हैं। 2011 की तुलना में इनकी आबादी में करीब 13.1 फीसदी की गिरावट आई है। इनके अलावा ‘नो रिलीजन’ यानी कोई धर्म नहीं वाली आबादी का आँकड़ा 2.22 करोड़ यानी 37.2 फीसदी है। मुस्लिमों की आबादी बढ़कर 39 लाख हो गई है। इसके बाद हिंदुओं की आबादी 10 लाख है। सिखों की आबादी 5,24,000 है। बौद्ध धर्म की आबादी 2.73 लाख से बढ़कर 2.71 लाख हो गई है। यहूदी यहाँ सबसे क​म हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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