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श्रद्धा को मार कर आफताब ने निकाल ली अँगूठी, नई गर्लफ्रेंड को पहना दिया: लाश काटने वाले हथियार बरामद, सिम तोड़ कर WiFi से चला रहा था श्रद्धा का सोशल मीडिया

दिल्ली के महरौली इलाके में आफताब द्वारा की गई श्रद्धा की निर्मम हत्या के मामले में नए खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस के मृतका की लाश काटने वाले कुछ हथियार बरामद कर लिए हैं। इसी के साथ आफ़ताब ने श्रद्धा की ही अँगूठी एक अन्य लड़की को गिफ्ट कर दी थी। यह वही लड़की थी जिसे बारे में कहा जा रहा है कि वो श्रद्धा की हत्या के बाद आफ़ताब के फ़्लैट पर गई थी। पुलिस ने वह अँगूठी भी बरामद कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रद्धा हत्याकांड की बिखरी कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस को आफ़ताब ने पॉलिग्राफिक टेस्ट में भी काफी गुमराह करने की कोशिश की। उसने तीन बार हुए पॉलिग्राफिक टेस्ट में कई सवालों के जवाब तो दिए लेकिन कुछ को उसने आधा-अधूरा छोड़ दिया। माना जा रहा है कि आने वाले 5 दिसंबर को आफ़ताब का नार्को टेस्ट हो सकता है। इस टेस्ट के लिए पुलिस अभी से अपने सवालों को तैयार कर रही है।

जाँच में अब तक यह बात भी सामने आई है कि जिस दिन श्रद्धा की हत्या हुई, उसी दिन आफताब ने उससे झगड़ा किया था। बताया ये भी जा रहा है कि हत्या के दिन आफ़ताब ने गाँजा पिया था।

Wi Fi से चला रहा था श्रद्धा का सोशल मीडिया

ताजा जानकारी के मुताबिक, आफ़ताब ने 23 अक्टूबर 2022 तक श्रद्धा का फोन एक्टिव रखा। जब उसे 26 अक्टूबर को महाराष्ट्र के मानिकपुर पुलिस स्टेशन पूछताछ के लिए बुलाया गया तब उसने श्रद्धा की सिम तो तोड़ कर समुद्र में फेंक दिया था। बाद में आफताब ने श्रद्धा का सोशल मीडिया WiFi के जरिए चलाना जारी रखा था। इस दौरान आफताब श्रद्धा के कुछ दोस्तों से भी मिला था जिसमें उसने खुद के श्रद्धा से रिश्ते टूटने की मनगढ़ंत कहानी सुनाई थी। बताया जा रहा है कि ऐसा आफताब अपने खिलाफ लोगों के मन में शक न पैदा होने के लिए कर रहा था।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, आफ़ताब को ड्रग्स सप्लाई करने वाला फैज़ल मोमिन गुजरात के सूरत पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। फैज़ल की गिरफ्तार के लिए दिल्ली पुलिस ने गुजरात पुलिस से सम्पर्क किया था। फैज़ल और आफताब दोनों मुंबई के वसई इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस दोनों की कॉल डिटेल निकलवा रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही फैज़ल से आफ़ताब के बारे में पूछताछ की जा सकती है।

‘जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कानून जरूरी’: सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार का हलफनामा, कहा- महिला-पिछड़े वर्गों की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार (28 नवंबर 2022) को जबरन धर्मांतरण के मुद्दे पर सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए हलफनामा पेश किया। उन्होंने हलफनामे में कहा है कि यह एक गंभीर मामला है। वह याचिका में उठाए गए इस मुद्दे की गंभीरता से अवगत हैं। केंद्र ने अपने जवाब में कहा है कि धर्म की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार में दूसरे लोगों को धोखे, जबरन, प्रलोभन या ऐसे अन्य माध्यमों से धर्मांतरित करने का अधिकार शामिल नहीं है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए 9 राज्य ओडिशा, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और हरियाणा पहले से ही कानून बना चुके हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं, आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों सहित समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए इस तरह के कानून आवश्यक हैं।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर जस्टिस एमआर शाह और सीटी रवि कुमार ने सुनवाई की। भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने केंद्र और राज्य सरकारों से काला जादू, अंधविश्वास और जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए अलग से कानून बनाने के लिए यह याचिका दायर की थी।

याचिका में दावा किया गया है कि अगर जबरन धर्मांतरण पर रोक नहीं लगाई गई तो भारत में हिंदू जल्द ही अल्पसंख्यक हो जाएँगे। इससे पहले 14 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए जबरन धर्मांतरण को एक बहुत गंभीर मुद्दा बताया था। कोर्ट ने कहा था कि यह राष्ट्र की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है और केंद्र से जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं, इस पर अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि धर्म की स्वतंत्रता है, लेकिन जबरन धर्मांतरण पर कोई स्वतंत्रता नहीं है।

बता दें कि उपाध्याय की याचिका में कहा गया है कि अनुच्छेद 25 में धर्म की स्वतंत्रता दी गई है। इसमें सभी धर्म समान रूप से शामिल हैं। किसी को भी किसी अन्य का धर्म में बदलने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है।

आरोपित- मोहम्मद फराज, थानेदार- मेराज हुसैन, आरोप- नाबालिग हिंदू लड़की को ‘बालिग’ बता रही बिहार पुलिस: पूर्णिया ‘लव जिहाद’ से आक्रोशित

बिहार के पूर्णिया जिले में गुरुवार (24 नवंबर, 2022) को हिन्दू समाज की एक लड़की को फराज नाम के युवक द्वारा बहला-फुसला कर ले जाने का मामला आने के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर इल्जाम लगाए। परिवार ने कहा कि स्थानीय थानेदार मेराज हुसैन आरोपित को बचाने की कोशिश कर रहा है। उनकी नाबालिग लड़की अभी तक बरामद नहीं हुई है। वहीं इस मामले पर थाना प्रभारी ने कहा है कि वो लोग नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित के अब्बा और भाई को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। पीड़ित परिजनों का कहना है कि फराज के भाई ने उनके साथ बदतमीजी की है। इसी के साथ उन्होंने आगे बताया कि थाने में प्रभारी ने आरोपित से वीडियो कॉल से बात भी की है, जिसमें फराज ने खुद को बेगुनाह बताया। बाद में लड़की के हैदराबाद में होने की जानकारी सामने आई। इस दौरान एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें लड़की फराज से 4 साल से अपने अफेयर की बात कह रही है।

लड़की को बालिग दिखाने में जुटी पुलिस, आरोपित का कर रही बचाव: पीड़ित परिवार का आरोप

ऑपइंडिया ने इस मामले में लड़की के चाचा से बात की। उन्होंने हमें बताया कि पुलिस खुद कुछ करने के बजाए उनके परिवार द्वारा जमा की जा रही जानकारी पर काम कर रही है। उन्होंने हमें बताया कि आरोपित के परिजनों को थोड़ी देर थाने में बिठा कर रखा गया जिसे बाद में छोड़ दिया गया है। इसी के साथ उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी आरोपित फराज की बातों पर विश्वास कर रहे हैं। उदहारण देते हुए उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी मेराज हुसैन ने उन्हें आरोपित के लड़की के साथ विजयवाड़ा से दिल्ली आने की जानकारी दी लेकिन पूरी ट्रेन खोज लेने के बाद भी आरोपित का कहीं पता नहीं चल पाया।

इसी के साथ लड़की के चाचा ने आरोप लगाया कि पहले थानेदार उनकी भतीजी को बालिग बता रहे थे। मगर बाद में क्लास 10 के सर्टिफिकेट कोर्ट से मुहर लगवा कर उन्होंने लड़की के नाबालिग होने का सबूत दिया। आरोपित फराज के मोहल्ले को मुस्लिम बहुल बताते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ हिन्दुओं की संख्या नाममात्र है। उनका कहना है कि पिछले 6 माह के अंदर उनके क्षेत्र में लव जिहाद की लगभग 3 घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। फराज के परिजनों के बारे में बताते हुए लड़की के चाचा ने कहा कि उनके घर में किसी के भी चेहरे पर कोई शिकन या पछतावा नहीं दिख रहा है।

लड़की के चाचा का दावा है कि लड़की के बागडोगरा एयरपोर्ट पर पहुँचने के घंटे भर में ही वो सब थाने पहुँच गए थे। उनके अनुसार अगर उसी समय को ठोस कदम उठाया गया होता तो संभवतः लड़की मिल गई होती। फराज हैदराबाद में प्राइवेट नौकरी करता है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने फराज के घर जा कर पूछताछ करने की कोशिश की तो उन्हें डाँट कर भगा दिया गया। फिलहाल पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने फ़राज़ के खिलाफ IPC की धारा 363, 365, 504 और 34 IPC के तहत FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पुलिस पर लग रहे आरोप गलत: थाना प्रभारी मेराज हुसैन

ऑपइंडिया ने इस मामले में पुलिस का पक्ष जानने के लिए थाना प्रभारी बनमनखी मेराज हुसैन से बात की। मेराज हुसैन ने हमें बताया कि लड़की को बरामद करने के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया है। उन्होंने हमें बताया कि पुलिस पर लग रहे आरोप गलत हैं। इसी के साथ मेराज हुसैन ने हमें आगे बताया कि अब तक की जाँच में ये सामने आया है कि जिस दिन लड़की घर से निकली है उस दिन फराज हैदराबाद में था। थाना प्रभारी का कहना है कि ये जाँच के बाद ही पता चल पाएगा कि किसने लड़की की हैदराबाद तक पहुँचने में मदद की है।

लड़की और लड़के के विजयवाड़ा से दिल्ली की ट्रेन में होने वाले मुद्दे पर थाना प्रभारी का कहना है कि उस दिन लड़के का रिजर्वेशन ट्रेन में मौजूद है। मेराज हुसैन के मुताबिक लड़की की बरामदगी के बाद अगर मेडिकल में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि होती है तब इस केस में IPC की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की वृद्धि की जाएगी। थाना प्रभारी का दावा है कि लड़की और लड़का पूर्व परिचित हैं और काफी पहले से बातचीत कर रहे हैं। लड़की को पहले नाबालिग बताने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले उन्हें जो कागज परिजनों द्वारा सौंपे गए थे उसमें लड़की बालिग थी।

वाराणसी के पावरलूम सेंटर में चोरी करने घुसा जावेद, किवाड़ों के बीच ऐसे फँसी गर्दन कि मर गया: जिसने भी देखी लाश रह गया भौंचक

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में एक चोर की मौत दरवाजों के बीच गर्दन फँसने से हो गई। जावेद चोरी करने के इरादे से एक पावरलूम सेंटर में घुसने की कोशिश कर रहा था। लेकिन उसका गर्दन दरवाजे के बीच फँस गया। लाख जतन के बाद भी वह बाहर नहीं निकल पाया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।

रविवार (27 नवंबर 2022) की सुबह जब लोगों ने दरवाजे के बीच सिर फँसा शव देखा तो आश्चर्यचिकत रह गए। शव दरवाजे के बीच ऐसे फँसा था कि जैसे किसी ने टांग दिया हो। दनियालपुर निवासी जावेद शनिवार की रात चोरी के इरादे से वाराणसी के सारनाथ स्थित पावरलूम सेंटर के एक कमरे में घुसने का प्रयास कर रहा था। उसी दौरान वह बंद दरवाजे के बीच बुरी तरह फँस गया।

बताया जा रहा है कि पावरलूम सेंटर का दरवाजा बंद था। जावेद ने दोनों किवाड़ को अलग कर अंदर घुसने की कोशिश की। इस क्रम में वह पहले अपना गर्दन किवाड़ के बीच लेकर गया। लेकिन उसका गर्दन वहाँ ऐसे फँस गया कि वह न तो बाहर आ पाया और न ही अंदर जा पाया, जिसके बाद दम घुटने से उसकी मौत हो गई

यह पावरलूम सेंटर निजाम अजीज रहमान के मकान में किराए पर चलता है। सेंटर दो दिनों से बंद था। रविवार सुबह जब संचालक ने पावरलूम खोलने के लिए पहले बाउंड्री का गेट खोल कर अंदर गया तो देखा एक युवक का गर्दन दरवाजे में फँसा हुआ है। शव को दरवाजे के बीच फँसा देखकर स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। इस दौरान मौके पर पहुँचे पुराना पुल चौकी प्रभारी उपेंद्र यादव ने दरवाजा तोड़ कर शव को निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

स्‍थानीय लोगों के अनुसार जावेद को नशे की आदत थी। क्षेत्र में अकसर चोरी करता था। वहीं मृतक के बड़े भाई गुलजार का कहना है कि जावेद की शादी एक वर्ष पूर्व हुई थी। उसकी आदतों से तंग आकर पत्नी तरन्नुम भी अपने मायके चली गई थी।

MP के सरकारी स्कूल का मास्टर शमीम खान, YouTube पर ‘बिंदी-साड़ी वाली’ से इश्क: असल जिंदगी में नाबालिग हिंदू लड़की को बनाना चाहता था मुस्लिम

मध्य प्रदेश में नाबालिग हिंदू लड़की के यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के आरोप में शमीम खान गिरफ्तार किया गया है। वह एक सरकारी स्कूल में शिक्षक है। यूट्यूब पर ‘SKB Films Production’ नाम से चैनल चलाता है। इस पर मौजूद ज्यादातर वीडियो में वह खुद ‘हीरो’ बनकर ‘बिंदी-साड़ी वाली महिलाओं’ से इश्क लड़ाता नजर आता है।

शमीम खान की गिरफ्तारी 17 साल की एक हिंदू लड़की की शिकायत पर हुई है। इस लड़की की माँ शमीम खान के घर में खाना बनाने का काम करती थी। यह बात सामने आई है कि लड़की की माँ को प्रेमजाल में फँसाकर शमीम उसका धर्म परिवर्तन करवा चुका है। इस महिला के साथ उसने सोशल मीडिया में अश्लील वीडियो भी पोस्ट कर रखे हैं।

स्वराज्य की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा स्वाति ने ट्वीट कर कहा है, “मिलिए इस म्यूजिकल वीडियो के ‘हीरो’ शमीम खान से। उसे मध्य प्रदेश पुलिस ने एक नाबालिग हिंदू लड़की के यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार किया है। शमीम का लड़की की माँ से अफेयर चल रहा है। उसके ट्विटर अकाउंट पर लड़की की माँ के साथ बनाया गया एक अश्लील वीडियो है।”

नाबालिग हिंदू लड़की ने सागर जिले के बीना पुलिस थाने में 11 नवंबर 2022 को शिकायत दर्ज कराई थी। लड़की ने आरोप लगाया है कि 4 नवंबर को शमीम उसके घर में घुस गया। उस समय वह अकेली थी। उसने बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़कर बदतमीजी की। लड़की के चिल्लाने के बाद शमीम भाग गया।

पीड़ित लड़की के अनुसार शमीम पहले से ही उस पर बुरी नजर रख रहा था। उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव डाल रहा था। पीड़िता के अनुसार बीते साल उसके माँ-बाप में झगड़ा हो गया था। इसके बाद उसकी माँ उसे लेकर भोपाल चली गई। इस दौरान शमीम भी था। उस समय भी उसने लड़की के साथ छेड़छाड़ की थी। फिलहाल लड़की अपने भाई और पिता के साथ रहती है।

स्वराज्य ने बीना पुलिस के हवाले से बताया है कि शमीम को 11 नवंबर को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करने से पुलिस ने इनकार किया है।

पोर्न से जनता का विरोध छिपा रहा चीन, ट्विटर पर ठूँस दिए हैं सेक्स वीडियोज: देश के कई शहरों में जिनपिंग के खिलाफ सड़क उतरे हैं लोग

चीन के शिनजियांग प्रांत में गुरुवार (24 नवंबर, 2022) को वहाँ की वामपंथी सरकार द्वारा थोपे गए लॉकडाउन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। यह प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुका है। इस विरोध प्रदर्शन की खबरों ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। हालाँकि, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी इस विरोध की खबरों और वीडियो व फोटोज को दुनिया भर में फैलने से रोकने के लिए ट्विटर पर चीनी भाषा में बने ट्विटर हैंडल्स के जरिए ‘पॉर्न’ परोस रही है।

दरअसल, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) नहीं चाहती है कि विरोध की खबरें दुनिया भर में प्रसारित हों। इसलिए, बीते कई महीनों या सालों से बंद पड़े ट्विटर अकाउंट्स के जरिए शहरों के नाम के साथ एस्कॉर्ट्स सर्विस और एडल्ट्स ऑफरिंग के लिंक्स शेयर किए जा रहे हैं। हालाँकि, इसके लिए सिर्फ पुराने अकाउंट्स का ही यूज नहीं किया जा रहा है बल्कि हजारों की संख्या में ऐसे ट्विटर अकाउंट हैं जो नवंबर में बने हैं और पहला ट्वीट 24 नवंबर के बाद यानी विरोध शुरू होने के बाद किया गया है।

बड़ी बात यह है कि इनमें अधिकांश अकाउंट चीनी भाषा में बने हुए हैं। ट्विटर पर जब शहरों का नाम या हैशटैग के साथ शहरों का नाम सर्च किया जा रहा है तो सेक्स के लिए लुभाने वाले फोटो, वीडियो दिखाई दे रहे हैं। कुछ वीडियो में तो फोन नंबर तक दिए गए हैं। हालाँकि, ट्वीट का टेक्स्ट अंग्रेजी में है।

हमने जब चीन के सबसे बड़े शहर शंघाई को (चाइनीज में # 上海) ट्विटर पर सर्च किया तो हमें ऐसे हजारों वीडियो और फोटो देखने को मिले जिसमें एडल्ट्स ऑफरिंग की बात कही गई थी। इन अकाउंट्स में से कुछ के द्वारा एक घण्टे में 100 ट्वीट तो कुछ में बीते कुछ घण्टों में ही 500 से अधिक ट्वीट किए गए हैं।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ट्विटर पर जो कर रही है उसे यदि तकनीकी भाषा में समझें तो यह स्पैमिंग का कमाल है, जिसमें किसी एक शब्द या की-वर्ड को लेकर हजारों ट्वीट किए जाते हैं। इसके बाद, जब कोई यूजर उस बारे में सर्च करता है तो उसे वास्तविक कंटेंट मिलने की जगह वो दिखाई देता है जो स्पैमर्स चाहते हैं।

हालाँकि, ट्विटर की एंटी प्रोपेगैंडा टीम ऐसे ट्वीटस और फेक कंटेंट्स को हटाने में लगी है। लेकिन, एलन मस्क के आने बाद से ट्विटर में बड़े स्तर पर हुई छँटनी और इस्तीफे के बाद ट्विटर में कर्मचारियों की संख्या मात्र 2000 के आसपास रह गई है। इसलिए, ट्विटर को चीन के प्रोपेगैंडा कंटेंट हटाने में अधिक टाइम भी लग रहा है।

विरोध प्रदर्शन को ढँकने के लिए ट्विटर पर छाए पॉर्न को लेकर अमेरिकी सरकार के एक कॉन्ट्रैक्टर और चाइना मामलों एक्सपर्ट ने नाम न लिखने की शर्त पर कहा, “50% पोर्न और 50 प्रतिशत विरोध प्रदर्शन दिखाई दे रहा है। दिन में पोस्ट देखने पर मुझे फीड में मैंने 3-4 बार स्क्रॉल किया। लेकिन, ज्यादातर बार मुझे पॉर्न ही दिखाई दिया।”

यही नहीं, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने चायनीज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विरोध प्रदर्शन से जुड़े से कंटेंट पर भी रोक लगा दी है। चीनी सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से रैलियों से जुड़ी की खबरों को भी हटा दिया है । साथ ही, विरोध प्रदर्शन का गढ़ बन चुके ‘Liangma River’ और ‘Urumqi Road’ जैसे शब्दों के रिफरेंस सर्च को चीन के सोशल मीडिया ऐप बीवो से हटा दिया है। ये दोनों ही शब्द बीजिंग और संघाई की लोकेशन के लिए उपयोग किए जाते हैं।

क्यों हो रहा है चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का विरोध

दरअसल, गुरुवार (24 नवंबर, 2022) को चीन के शिनजियांग प्रांत की राजधानी उरुमकी में स्थित 21 मंजिला इमारत में आग लग गई थी, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी। यह आग इतनी भीषण थी कि इसे बुझाने में तीन घंटे का समय लग गया। जब इस इमारत में आग लगी, तब वहाँ कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन लगा हुआ था।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ‘जीरो कोविड पॉलिसी’ के कारण लोगों को आवाजाही की मनाही थी। यहाँ तक कि सरकारी मशीनरी भी किसी प्रकार का काम नहीं कर रही थी। लोगों का आरोप है कि घटना के बाद लॉकडाउन के कारण यहाँ राहत कार्य शुरू होने में देरी हुई और 10 लोग जिंदा जल गए। इसके अगले ही दिन लोग सड़कों पर उतर आए और अब चीन विरोध की आग में जलता दिखाई दे रहा है।

वास्तव में, चीन में कोई भी बड़ा विरोध प्रदर्शन आखिरी बार साल 1989 में देखा गया था। हालाँकि, तब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने तियानमेन चौक में करीब 10 हजार लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद से चीन में रहने वाले लोग विरोध प्रदर्शन करना तो दूर तानाशाह सरकार के खिलाफ बोलने से भी कतराते रहे हैं।

लेना चाहते थे 7 फेरे, लेकिन दिलवाई हिंदू विरोधी शपथ: कॉन्ग्रेसी मंत्री की मौजूदगी में ‘बौद्ध’ वाली शादी, घर पहुँच देवी-देवताओं की पूजा

राजस्थान के भरतपुर में सामूहिक विवाह सम्मेलन में 11 नवविवाहित जोड़ों को हिंदू विरोधी शपथ दिलाने का वीडियो वायरल होने के बाद से बवाल खड़ा हो गया है। दावा किया जा रहा है कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में आए दूल्हा-दुल्हन 7 फेरे लेकर हिंदू रीति रिवाज से शादी करना चाहते थे, लेकिन उन्हें उनके ही धर्म के खिलाफ 22 प्रतिज्ञाएँ दिलवाई गईं। वायरल वीडियो में नवविवाहित जोड़ों को यह कहते हुए सुना गया, “मैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश और गणेश को नहीं मानूँगा और ना ही उनकी पूजा करूँगा।”

इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह, भरतपुर मेयर, जिला कलेक्टर से लेकर 20 से ज्यादा अधिकारियों मौजूद थे।

दैनिक भास्कर’ ने उन दूल्हों और उनके परिवार वालों से बातचीत की, जिनके धर्म-परिवर्तन को लेकर दावा किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, तुईया गाँव के रहने वाले दूल्हे विपिन के घर में अभी भी हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर लगी हुई है। 22 वर्षीय विपिन ने बताया, “समारोह में हिंदू जोड़ों की शादी बौद्ध धर्म के अनुसार करवाई गई। मैं भी सात फेरे लेकर शादी करना चाहता था, लेकिन जब दूसरे दूल्हों ने विरोध नहीं किया, तो मैं भी चुपचाप उनके बताए अनुसार सब कुछ करता रहा।”

उन्होंने बताया, “महज वरमाला पहनाकर हमारी शादी करवाई गई। इसके बाद 22 प्रतिज्ञाओं की शपथ दिलाई गई। विवाह समारोह के लिए मैंने और मेरे पत्नी के पिता ने 11 हजार रुपए देकर रजिस्ट्रेशन करवाया था।”

विपिन ने आगे बताया, “शादी का आयोजन कैसे हुआ, हमें इससे मतलब नहीं था। न ही हमें किसी प्रकार की सूचना दी गई थी कि वे इस तरह से शपथ दिलाएँगे। जैसे ही उनका समारोह समाप्त हुआ, इसके बाद हम इंतजार कर रहे थे घर जाने का, ताकि जल्दी से जल्दी घर जाकर हमारी (हिन्दू) परंपराओं के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा अर्चना कर सकें। घर आकर हमने हिंदू रीति रिवाज से भगवान की पूजा-अर्चना की और शादी के बाद की सभी रस्में निभाई।”

‘बौद्ध धर्म में 22 प्रतिज्ञा का कोई जिक्र नहीं’

वहीं, नवविवाहित प्रमोद ने बताया कि उन पर किसी का दबाव नहीं था, लेकिन शादी समारोह में जो 22 प्रतिज्ञाएँ दिलाई गईं, वो उन्हें याद नहीं हैं। हालाँकि, बौद्ध धर्म विशेषज्ञ के मुताबिक, इस धर्म में कहीं भी 22 प्रतिज्ञा को कोई जिक्र नहीं है। ‘महाकारुणिक बुद्ध विहार’ के अध्यक्ष नरेंद्र बुद्ध ने बताया कि बौद्ध धर्म में किसी भी धर्म की खिलाफत की एक भी ​प्रतिज्ञा नहीं है, और जो 22 प्रतिज्ञाएँ भरतपुर के वायरल वीडियो में सुनी गई, उनका गौतम बुद्ध की प्रेरणाओं से कोई लेना देना नहीं है।

इस मामले पर संत रविदास समिति के प्रदेश अध्यक्ष लालचंद तेलगुरिया ने कहा कि शादी समारोह में उन्होंने बाबा अंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं की शपथ दिलाई थी। समिति ने दावा किया कि ये वहीं 22 प्रतिज्ञाएँ हैं, जो नागपुर में 15 अक्टूबर 1956 को डॉ भीमराव अंबेडकर ने ली थी।

‘डॉक्यूमेंट्स में आज भी ये हिंदू हैं’

वहीं नवविवाहित प्रमोद ने बताया कि उन पर किसी का दबाव नहीं था, लेकिन शादी समारोह में जो 22 प्रतिज्ञाएं उसे दिलाई गईं, वो उसे याद नहीं हैं। हालाँकि, बौद्ध धर्म एक्सपर्ट के मुताबिक, इस धर्म में कहीं भी 22 प्रतिज्ञा को कोई जिक्र नहीं है। हिंदू विरोधी इस शपथ पर आपत्ति जताने वाले विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सेवा प्रमुख नरेश खंडेलवाल और विभाग मंत्री सिद्धार्थ सिंह फौजदार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग फंड लेकर हिंदुओं को दूसरे धर्मों में परिवर्तित करना चाहते हैं।

हिन्दू धर्म को अंधविश्वास बताकर ये गरीब लोगों को झाँसे में लेते हैं। कई लोग मजबूरियों के चलते इनके झाँसे में आ जाते हैं। यह रिकॉर्ड में धर्म-परिवर्तन नहीं होता। सिद्धार्थ सिंह फौजदार ने बताया कि यह गरीब तबके के लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। धर्म-परिवर्तन करवाने के लिए इनके पास बड़ा फंड आता है। उन्होंने दावा किया कि समाज में दिखावे के लिए ये बौद्ध धर्म अपना रहे हैं, लेकिन आरक्षण के लाभ के लिए डॉक्यूमेंट्स में आज भी ये हिंदू हैं।

धर्म परिवर्तन जैसी बात सामने नहीं आई: पुलिस

भरतपुर के एसपी श्याम सिंह ने बताया कि इस मामले में कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, लेकिन पुलिस ने अपने स्तर पर जाँच करवाई है। उनकी टीम ने शादी करने वाले दूल्हे और दुल्हनों के घर जाकर पड़ताल की। 22 तरह की प्रतिज्ञाएँ जरूर दिलाई गई हैं। लेकिन जबरन शादी और धर्म-परिवर्तन जैसी बात सामने नहीं आई है।

बता दें कि मामला तूल पकड़ने के बाद संत रविदास समिति के संयोजक गिरधारी लाल बैरवा ने माफी माँगी है। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल गरीब लोगों के बच्चों की सामूहिक शादी करवाना था। उन्होंने कहा कि हमने किसी का धर्म-परिवर्तन नहीं करवाया है और अगर किसी की भावना आहत हुई है, तो क्षमा प्रार्थी हूँ।

गौरतलब है कि भरतपुर के कुम्हेर कस्बे में 20 नवंबर, 2022 को संत रविदास सेवा समिति की ओर से सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया था। समिति की ओर से यह पाँचवाँ आयोजन था। सबसे पहले 11 जोड़ों को बौद्ध धर्म में कन्वर्ट करवाया गया। फिर इसके बाद सभी विवाहित जोड़ों को शपथ दिलाई गई। शपथ में कहा गया था, “मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को ईश्वर नहीं मानूँगा। उनकी पूजा नहीं करूँगा। राम और कृष्ण को ईश्वर नहीं मानूँगा। उनकी पूजा नहीं करूँगा।”

गौरी-गणपति आदि हिंदू धर्म के किसी देवी-देवता को नहीं मानूँगा और ना ही उनकी पूजा करूँगा। ईश्वर ने अवतार लिया है इस पर मेरा विश्वास नहीं है। मैं ऐसा कभी नहीं मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं। ऐसे प्रचार को मैं पागलपन और झूठा समझता हूँ। मैं बौद्ध धर्म के विरोध में कभी कोई बात नहीं करूँगा।”

8 बच्चों के बाप की ‘बेटी-बहू’ पर थी बुरी नजर, पत्नी-बेटे ने काटकर किए टुकड़े: मई में मर्डर-नवंबर में खुलासा, रामलीला मैदान में मिले थे बॉडी पार्ट्स

दिल्ली के पांडव नगर से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। वहाँ एक पत्नी ने अपने बेटे के साथ मिलकर अपने पति को बेरहमी से मार डाला और फिर उसके टुकड़े-टुकड़े करके उसे फ्रिज में बंद कर दिया। धीरे-धीरे दोनों माँ-बेटे लाश के टुकड़ों को ठिकाने लगा ही रहे थे कि दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को उनके अपराध की भनक लग गई। पुलिस ने फौरन दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

एक वीडियो सामने आई है जिसमें दोनों माँ-बेटे थैले में लेकर शव के टुकड़े पास के मैदान में फेंकते दिखाई पड़ रहे हैं। वहीं दूसरी वीडियो में वो घर और फ्रिज दिखाया गया है जहाँ हत्या को अंजाम दिया गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक की पहचान अंजन दास के तौर पर हुई। उनकी बीवी पूनम और पूनम के बेटे दीपक ने उन्हें मई में मारा था। इसके बाद उन्हें फ्रिज में रख दिया। उनका कटा सिर और हाथ दिल्ली के त्रिलोकपुरी में जून में बरामद हुआ था लेकिन तब पुलिस उस सिर की शिनाख्त नहीं कर पाई थी। महीनों तक लगातार छानबीन के बाद पता चला की वो अंजन दास के शव के टुकड़े थे।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमित गोयल ने बताया, “30 मई को माँ-बेटे ने अंजन को नींद की गोलियाँ मिलाकर शराब पिलाई। इसके बाद उन्होंने उसका गला काटा और बाकी शव को घर में रखे रखा ताकि पूरा खून एक बार में बह जाए। इसके बाद उन्होंने शव को 10 टुकड़ों में काटा। हमें 6 मिल चुके हैं।”

डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि सबसे पहले उन्हें 5 जून को कुछ बॉडी पार्ट रामलीला मैदान में मिले थे। इसके 3 दिन बाद 2 पैर, 2 जांघ, 1 खोपड़ी और कलाई बरामद हुई। पुलिस ने कोशिश की कि किसी तरह शव की शिनाख्त हो पर बॉडी की पहचान नहीं हो सकी। कुछ समय बाद उन्हें अंजन दास का पता चला जो 5-6 माह से गायब थे और उनका परिवार कोई शिकायत नहीं करवा रहा था।

पुलिस ने पूछताछ की तो मालूम चला कि वाकई वो टुकड़े अंजन के थे जिन्हें उनकी पत्नी पूनम ने मारा था। दोनों की शादी 2017 में हुई थी। पूनम अपने बेटे दीपक और बेटियों के साथ अंजन के पास रहती थीं। पर बाद में पता चला कि अंजन ने पहले ही बिहार में शादी की हुई थी, वो 8 बच्चों के पिता भी थे, फिर भी यहाँ रहकर कुछ नहीं कमाते थे और सिर्फ लड़ते थे।

पुलिस के मुताबिक, पूनम और उसके बेटे दीपक ने अंजन से तंग आकर 30 मई को शराब में मिलाकर उसे नींद की दवाइयाँ दीं और उसके बाद अंजन का गला काटा। हत्या के बाद उन्होंने शव को पूरे दिन वैसा ही रखा ताकि पूरा खून शरीर से निकल जाए। खून बहने के बाद शव के 10 टुकड़े किए गए और उन्हें अलग-अलग इलाकों में फेंकना शुरू किया गया। इनमें 6 टुकड़े पुलिस को बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि अंजन दास, दीपक की बीवी और बहनों में से एक पर बुरी नजर रखता था, इस वजह से भी दीपक और उसकी माँ को अंजन पर गुस्सा आया।

कंबल ओढ़ जेल में चैन की नींद सो रहा आफताब, तिहाड़ में सुसाइड करने का डर: 24 घंटे हो रही निगरानी, 8 CCTV कैमरे-1 गार्ड की नजर

श्रद्धा मर्डर केस के आरोपित आफताब अमीन पूनावाला को दिल्ली कोर्ट ने शनिवार (26 नवंबर, 2022) को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा था। ऐसी आशंका है कि आफताब आत्महत्या करने की कोशिश कर सकता है, इसलिए उसे 24 घण्टे निगरानी में रखा गया है। साथ ही, सोमवार (28 नवंबर, 2022) को एक बार फिर उसका पॉलीग्राफ टेस्ट किया जाएगा।

‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के अनुसार, आफताब को तिहाड़ की जेल नंबर 4 में रखा गया है, जहाँ वह सेल में अकेला रहेगा। आम तौर पर इस जेल में पहली बार अपराध करने वालों को रखा जाता है। आत्महत्या की आशंका के चलते उसकी सेल के बाहर 24 घंटे एक गार्ड तैनात रहेगा। फ़िलहाल जेल में आफताब चैन की नींद सो रहा है और कंबल ओढ़ कर आराम करता रहता है।

साथ ही, जेल कर्मचारियों को आदेश दिया गया है कि उसकी सेल में ऐसी कोई भी चीज न रखी जाएगी जिससे वह खुद को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर सकता है। इसके अलावा, यहाँ 8 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जिनसे उसकी निगरानी की जाएगी। चूँकि तिहाड़ जेल में आत्महत्या के मामले सामने आते रहे हैं, इसलिए भी आफताब की निगरानी करना जरूरी हो जाता है। आँकड़ों की मानें तो साल 2019 में 8 लोगों ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या की थी।

सोमवार (28 नवंबर, 2022) को आफताब का एक बार फिर पॉलीग्राफ टेस्ट किया जाएगा। इससे पहले वह 3 बार पॉलीग्राफ टेस्ट से गुजर चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, आफताब ने पॉलीग्राफ टेस्ट से पहले ही इसकी प्रैक्टिस कर ली थी।

इस बारे में एक जाँच अधिकारी का कहना है कि ऐसा लग रहा था कि आफताब को पहले ही पता था कि उससे किस तरह के सवाल पूछे जा सकते हैं। पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान वह कुछ सवालों के जवाब बड़ी बेबाकी से दे रहा था। लेकिन, श्रद्धा के मर्डर से जुड़े सवालों में या तो वह चुप हो जाता था या फिर झूठ बोलने लगता था।

जेल में आफताब का जिस तरह से व्यवहार है और केस की स्थिति को देखते हुए यदि उसे किसी भी काम से सेल से बाहर ले जाया जाता है, तो उसे जेल के दो कर्मचारी उसके साथ रहेंगे। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, आफताब को 28 नवंबर, 29 नवंबर और 5 दिसंबर को परीक्षण के लिए बाहर लाया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि सोमवार (28 नवंबर, 2022) को उसका पॉलीग्राफ टेस्ट होना है, साथ ही 29 नवंबर को भी यही टेस्ट हो सकता है। वहीं, 5 दिसंबर को उसका नार्को टेस्ट किए जाने की संभावना है। पुलिस को आफताब का नार्को टेस्ट करने की अनुमति पहले ही मिल चुकी है।

मुस्लिम शौहर इस्लाम कबूलने का डालता था दबाव, रूसी महिला ने भारत आ कृष्ण भक्ति में खोजी मुक्ति; अब हिंदू के साथ करेंगी शादी

सोशल मीडिया पर रूस की एक कृष्ण भक्त महिला चर्चा में है। इनका नाम स्वेतलाना ओचिलोवा (Svetlana Ochilova)। स्वेतलाना का पहला पति मुस्लिम था। वह उन पर इस्लाम कबूलने का दबाव डालता था। स्वेतलाना ने कृष्ण भक्ति के जरिए पहले इस रिश्ते से मुक्ति का रास्ता खोजा। अब वे एक हिंदू से शादी करने जा रही हैं।

पेशे से ग्राफिक डिजाइनर स्वेतलाना के इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोवर हैं। कृष्ण भक्ति से अपने जीवन में आए बदलावों के बारे में वे वीडियो और पोस्ट के जरिए लोगों को लगातार बताती रहती हैं। उनके इंस्टाग्राम पोस्ट्स को पढ़ने से पता चलता है कि मुस्लिम शौहर उनको मारता-पीटता था। इस्लाम कबूलने का दबाव बनाता था। इस रिश्ते से उनका एक बेटा भी है।

स्वेतलाना अब भारत के मायापुर में रहती हैं। 14 जनवरी 2022 को इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने बताया है, “मैं वास्तविक खुशी की तलाश में थी। मुझे लगा था जब बच्चा होगा तो मुझे खुशी मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूसरी ओर मेरा पति एक कट्टर मुस्लिम था। वह मुझ पर इस्लाम अपनाने का दबाव डालता था। मैं काफी डिप्रेशन में चली गई थी। मैं इस कदर टूट गई थी कि मैं नौवीं मंजिल पर स्थित अपने घर से छलांग लगाना चाहती थी। लेकिन मैं भगवान कृष्ण का शुक्रिया अदा करना चाहूँगी कि उन्होंने मुझे बचा लिया। मेरी यह शादी एक गलती थी। इस तरह की चीजें जो सह रही हैं, मैं उनका दर्द समझ सकती हूँ। उस समय मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं नरक में जी रही हूँ।”

मुस्लिम शौहर की प्रताड़नाओं ने स्वेतलाना को कृष्ण भक्ति की ओर मोड़ा। साल 2016 में वे करीब एक साल तक अपने पति से अलग रहीं। भारत आईं। इस दौरान हुए अनुभवों के आधार पर खुद को कृष्ण भक्ति की मार्ग पर ले जाने का फैसला किया। वह कहती हैं, “मेरे अंदर से पति का डर पूरी तरह से चला गया। मैं खुश रहने लगी। साल 2017 में मेरे पति ने मुझसे कहा कि कृष्णा और मेरे बीच किसी एक को चुनो। मैंने कृष्णा को चुना। इसके बाद हम दोनों का तलाक हो गया।”

तलाक के बाद स्वेतलाना भारत आ गईं। बेटे के साथ मायापुर में रहने लगीं। यहीं उनकी मुलाकात रौशन झा से हुई। वे भी कृष्ण भक्त हैं। एक दूसरे को जानने के बाद दोनों ने सगाई कर ली। सगाई के बारे में एक पोस्ट में बताते हुए स्वेतलाना ने लिखा है, “वह सच में हमारी फिक्र करते हैं। रौशन झा ने मुझे मेरे अतीत, वर्तमान और भविष्य के साथ स्वीकार किया है। वह मुझसे प्यार करते हैं। मेरे बेटे को भी उन्होंने अपने बेटे की तरह अपना लिया है।”

इंस्टाग्राम पर शेयर एक अन्य पोस्ट में स्वेतलाना ने बताया है कि वह कैसे पहले भौतिकवाद की तरफ भागती थीं। लेकिन भारत आकर और कृष्ण भक्ति से उन्हें कैसे शांति मिली है।