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गोरी विदेशी लड़की को जबरन चूम रहा था, शेख और आलम अंसारी गिरफ्तार: YouTube पर Live हुआ सब कुछ, वीडियो वायरल

मुंबई के खार इलाके में कोरियन महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर भी इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दो युवक कोरियन महिला को छेड़ते हुए नजर आ रहे हैं। आरोपितों की पहचान मोबीन चाँद मोहम्मद शेख और मोहम्मद नकीब सदरियालम अंसारी के रूप में हुई है। वीडियो सामने आने के बाद खार पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ धारा 354 के तहत मामला दर्ज उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा है कि छेड़छाड़ के वक्त युवती लाइव स्ट्रीमिंग कर रही थी। इस दौरान 1000 से ज्यादा लोग लाइव जुड़े हुए थे।

महिला एक यूट्यूबर है। उसका नाम म्योची (Mhyochi) है। वह मुंबई में रहती है। उसने अपने ट्विटर हैंडल पर भी इस वीडियो को शेयर है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे रोड पर लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान एक शख्स उसके पास आता है और उसकी उम्र पूछता है। मना करने के बाद भी वह जबरदस्ती उसका हाथ पकड़कर उसे अपने साथ गाड़ी में बैठने को कहता है।

वह पूछती है, “मुझे कहाँ ले जा रहे हो।” इसके बाद वह शख्स उसे स्कूटी पर बैठने के लिए कहता है। महिला उसे मना करती है। इसके बावजूद वह उसे बार-बार परेशान करता है। फिर वह महिला आगे चली जाती है। कुछ दूर जाने के बाद भी वह उसकी पीछा नहीं छोड़ता। आरोपित अपने दोस्त के साथ स्कूटी पर उसके पीछे आता है और उसे उसके घर छोड़ने के लिए कहता है। लेकिन यूट्यूबर उन्हें मना करती है। वह कहती है, “मेरा घर पास में ही है। मैं अपने आप चली जाऊँगी।”

म्योची ने इस घटना के बारे में बुधवार (30 नवंबर 2022) को अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “कल रात स्ट्रीमिंग के दौरान एक आदमी ने मुझे परेशान किया। मैंने पूरी कोशिश कि मैं बिना बात बढ़ाए, वहाँ से निकल जाऊँ, क्योंकि वह अपने दोस्त के साथ था। इस घटना ने मुझे स्ट्रीमिंग के बारे में फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया।”

बता दें कि 29 नवंबर 2022 को भी मुंबई में एक विदेशी से छेड़छाड़ की खबर सामने आई थी। आरोप था कि अंधेरी इलाके में एक कैब ड्राइवर ने चलती गाड़ी में महिला के सामने हस्तमैथुन (Masturbation) किया। डीएन नगर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

’15 साल की उम्र में मुस्लिम लड़कियाँ अपनी इच्छा से शादी करने के लिए स्वतंत्र’: झारखंड उच्च न्यायालय ने कहा- मुस्लिम लॉ के अनुसार यह मान्य

झारखंड उच्च न्यायालय (Jharkhand High Court) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि मुस्लिम लड़कियाँ 15 साल की उम्र हो जाने के बाद अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी व्यक्ति के साथ शादी करने के लिए स्वतंत्र हैं। कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम लॉ में माना गया गया है कि 15 साल की उम्र में मुस्लिम लड़कियाँ यौवन प्राप्त कर लेती हैं।

जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा, “एक मुस्लिम लड़की का विवाह मुस्लिम पर्सनल लॉ द्वारा शासित होता है। सर दिनशाह फरदूनजी मुल्ला की पुस्तक ‘प्रिंसिपल्स ऑफ मुस्लिम लॉ’ के अनुच्छेद 195 के अनुसार, विपरीत पक्ष संख्या 2 (लड़की) लगभग 15 वर्ष की आयु में अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ विवाह के अनुबंध में प्रवेश करने के योग्य है।”

इसके साथ ही उच्च न्यायालय की एकल बेंच कोर्ट ने 15 साल की लड़की से शादी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया। इस मामले में लड़की के अब्बू ने लड़की के गायब होने की रिपोर्ट लिखवाई थी और इसके आधार पर IPC की धारा 366A और 120B के तहत कार्रवाई की जा रही थी।

इसके बाद लड़की के वकील की ओर से अदालत में कहा गया कि दोनों का निकाह हो चुका है और दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार भी कर लिया है। इसलिए इस मामले में आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया को रोका जाए। उधर, लड़की के पिता ने भी कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि ‘अल्लाह की मेहरबानी से नेक जोड़ीदार मिला है’।

इस दौरान कोर्ट ने यूनुस खान बनाम हरियाणा राज्य व अन्य, 2014 (3) आरसीआर (क्रिमिनल) 518 का संदर्भ दिया। इसमें कहा गया है कि मुस्लिम लड़की का विवाह मुस्लिम पर्सनल लॉ द्वारा शासित होता है। इसके बाद कोर्ट ने आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया।

प्राथमिकी में कहा गया था कि बिहार के नवादा निवासी 24 वर्षीय मोहम्मद सोनू ने झारखंड के जमशेदपुर के जुगसलाई की 15 वर्षीय मुस्लिम लड़की को निकाह के लिए बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया। बाद में लड़की के अब्बू ने कहा कि अदालत में कहा कि उन्होंने ‘कुछ गलतफहमी के कारण’ मोहम्मद सोनू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

AAP मंत्री का सरकारी घर, 170 मोबाइल, राजधानी से दूर CM की बेटी और मनीष सिसोदिया… दिल्ली शराब घोटाले में ED का खुलासा

दिल्ली की शराब नीति घोटाले में हुए मनी लॉन्ड्रिंग केस में जाँच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा खुलासा किया है। ईडी ने कोर्ट में कहा कि उसकी जाँच में सामने आया है कि आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत दिल्ली शराब नीति घोटाले के आरोपियों ने कई बार अपने फोन बदले और सबूत नष्ट कर दिए। गिरफ्तार आरोपित अमित अरोड़ा से हुई पूछताछ में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता का नाम भी सामने आया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत में दाखिल रिमांड एप्लिकेशन में कहा है कि शराब घोटाले में शामिल आरोपित लोग बहुत सारे मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। साथ ही, सबूत मिटाने के लिए ये आरोपित इन मोबाइलों को नष्ट भी कर रहे थे।

ईडी ने कोर्ट में कुल 36 लोगों के नाम और मोबाइल नंबर पेश किए हैं। इस बारे में कहा गया कि दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने चार मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए कुल 14 मोबाइल बदले हैं। इसी तरह से अमित अरोड़ा ने 11 बार मोबाइल और दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने 3 फोन बदले हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दावा है कि दिल्ली की नई आबकारी नीति के तहत हुए घोटाले में संलिप्त आरोपितों ने कुल 170 मोबाइल फोन बदले थे। इनमें से 17 मोबाइल बरामद किए गए हैं।

ईडी का कहना है कि इस घोटाले से जुड़े कई बड़े सबूत बरामद किए गए मोबाइल से ही सामने आए हैं। ईडी की मानें तो यदि अन्य मोबाइल फोन और लैपटाप नष्ट नहीं किए जाते (आरोपितों द्वारा सबूत नहीं मिटाए जाते) तो घोटाले से जुड़ा बड़ा खुलासा सामने आ सकता था।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता का नाम भी लिया। ईडी ने कहा:

“आबकारी नीति के बाद शराब के होलसेल विक्रेता अपनी 12 प्रतिशत की कमाई का आधा हिस्सा AAP नेताओं को दे रहे थे। अब तक की गई जाँच में सामने आया है कि विजय नायर ने ‘आप’ के नेताओं की ओर से साउथ ग्रुप नाम के एक समूह से कम से कम ₹100 करोड़ की रिश्वत प्राप्त की। साउथ ग्रुप को सरथ रेड्डी, के कविता, मगुन्ता श्रीनिवासुलु रेड्डी द्वारा चलाया जाता है। इस बात का खुलासा गिरफ्तार आरोपित अमित अरोड़ा ने किया है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार (30 नवंबर 2022) को प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में गिरफ्तार आरोपित और सीबीआई के गवाह बन चुके अमित अरोड़ा की रिमांड के लिए एप्लिकेशन दायर की। इस एप्लिकेशन में ईडी ने शराब घोटाले के मुख्य आरोपितों में से एक विजय नायर के बयान का हवाला दिया है।

ईडी ने कोर्ट में कहा है कि अपने बयान में, विजय नायर ने स्वीकार किया है कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कैंप ऑफिस से काम करता था। साथ ही, साल 2020 से दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के सरकारी आवास में रह रहा था।

मीडिया रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि खुद मंत्री कैलाश गहलोत नजफगढ़ में एक प्राइवेट मकान में रहते हैं। ईडी ने कोर्ट में यह भी कहा कि विजय नायर का यह दावा इसीलिए भी सही है क्योंकि उसका दिल्ली में कोई घर नहीं है।

ईडी ने यह भी दावा किया है कि विजय नायर आम आदमी पार्टी का सामान्य कार्यकर्ता नहीं था बल्कि सीएम केजरीवाल का बड़ा करीबी था। ईडी के अनुसार, शराब घोटाले से हुई कमाई का बड़ा हिस्सा विजय नायर के माध्यम से आम आदमी पार्टी के नेताओं तक पहुँचता था। इसके लिए, दिनेश अरोड़ा और अमित अरोड़ा पैसे भेजने का काम करते थे।

इसके अलावा ईडी ने अदालत में कहा है कि दिल्ली की नई आबकारी नीति के अंतर्गत आम आदमी पार्टी के नेताओं ने दिल्ली में बिकने वाली शराब पर इसको बनाने वाली कंपनी से लेकर होलसेलर और रिटेलर के स्तर तक धन की उगाई की थी। ईडी का कहना है कि आम आदमी पार्टी ने शराब नीति को इस तरह से बनाया था कि शराब निर्माता और इसके होलसेलर के बीच आपसी तालमेल बन जाए। इससे, होलसेलर 12 प्रतिशत और रिटेलर 185 प्रतिशत तक की बड़ी कमाई कर रहे थे।

ईडी ने यह भी कहा कि महादेव लिकर नामक कंपनी अपनी कमाई का 6 प्रतिशत हिस्सा घूस के तौर पर देने को तैयार नहीं थी। इसलिए, अमित अरोड़ा ने पंजाब सरकार और दिल्ली सरकार की सहायता लेकर महादेव लिकर को कंपनी सरेंडर करने और फिर लाइसेंस सरेंडर करने के लिए दवाब डाला था। अमित अरोड़ा ने महादेव लिकर से कहा था यदि वह 6 प्रतिशत नहीं देगा तो पंजाब में चल रही उनकी शराब बनाने की फैक्ट्रियों को बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद पंजाब के आबकारी विभाग से जुड़े अधिकारियों के मौखिक आदेशों से महादेव लिकर की फैक्ट्रियाँ बंद कर दी गईं थीं।

प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में बताया कि गिरफ्तार आरोपित अमित अरोड़ा ने घूस के जरिए 2.5 करोड़ रुपए इकट्ठा किए थे। अमित अरोड़ा पंजाब के पटियाला में मैन्युफैक्चरर और रिटेलर है। इसलिए, उसको दिल्ली में शराब के लिए लाइसेंस मिलना नियमों के खिलाफ है। इन तमाम दलीलों के आधार पर ईडी ने कोर्ट से अमित अरोड़ा की 14 दिन की रिमांड माँगी थी। हालाँकि, कोर्ट ने सिर्फ 7 दिनों की ही रिमांड की मंजूरी दी है।

टीकों की जमाखोरी वाली मानसिकता क्यों? – PM मोदी ने जी-20 अध्यक्षता पर ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ का दिया रोडमैप

भारत गुरुवार (1 दिसंबर 2022) से एक साल की अवधि के लिए G-20 की अध्यक्षता करेगा। इस मौके पर देशभर में फैले यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल समेत केंद्र सरकार द्वारा संरक्षित 100 स्मारकों को सप्ताह भर के लिए रोशनी से जगमग किया जाएगा।

जी-20 भारत के लिए एक ऐसा मौका है, जहाँ वह क्लाइमेट चेंज, फाइनेंस और स्टार्टअप्स के एजेंडे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे आगे लाने की कोशिश कर रहा है। भारत जी-20 में संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत, विविधता और 75 वर्षों की अपनी उपलब्धियों और प्रगति को भी पेश करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने इसको लेकर बुधवार (30 नवंबर 2022) को अपने ब्लॉग में लिखा:

“आज भारत अपनी G-20 अध्यक्षता शुरू कर रहा है। जी-20 की पिछली 17 अध्यक्षताओं के दौरान आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने, अंतरराष्ट्रीय कराधान को तर्कसंगत बनाने और विभिन्न देशों के सिर से कर्ज के बोझ को कम करने समेत कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए। हम इन उपलब्धियों से लाभान्वित होंगे और यहाँ से बहुत आगे बढ़ेंगे। अब, जबकि भारत ने इस महत्वपूर्ण पद को ग्रहण किया है, मैं खुद से यह पूछता हूँ कि क्या जी-20 अब भी और आगे बढ़ सकता है? क्या हम समग्र मानवता के कल्याण के लिए मानसिकता में मूलभूत बदलाव को उत्प्रेरित कर सकते हैं? मेरा विश्वास है कि हम ऐसा कर सकते हैं।”

टीकों की जमाखोरी वाली मानसिकता क्यों?

पीएम मोदी ने आगे लिखा, “हमारी परिस्थितियाँ ही हमारी मानसिकता को आकार देती हैं। पूरे इतिहास के दौरान मानवता अभाव में रही। हम सीमित संसाधनों के लिए लड़े, क्योंकि हमारा अस्तित्व दूसरों को उन संसाधनों से वंचित कर देने पर निर्भर था। विभिन्न विचारों, विचारधाराओं और पहचानों के बीच टकराव और प्रतिस्पर्धा आदर्श बन गए। दुर्भाग्य से, हम आज भी उसी शून्य-योग की मानसिकता में अटके हुए हैं।”

प्रधानमंत्री ने जोर देकर सवालिया लहजे में लिखा कि आखिर विभिन्न देश या क्षेत्र संसाधनों के लिए आपस में लड़ते क्यों हैं। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को हथियार बनाए जाने पर उन्होंने आश्चर्य जताया। कुछ लोगों द्वारा टीकों की जमाखोरी और अरबों लोग का बीमारी से असुरक्षित रखे जाने पर उन्होंने सवाल खड़े किए।

‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’

प्रधानमंत्री अपनी बात को जारी रखते हुए कहते हैं कि कुछ लोग यह तर्क दे सकते हैं कि टकराव और लालच मानवीय स्वभाव है। लेकिन वह इस बात से असहमत हैं। उनका कहना है, “भारत की जी-20 की अध्यक्षता दुनिया में एकता की इस सार्वभौमिक भावना को बढ़ावा देने की ओर काम करेगी। इसलिए हमारी थीम ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ (One Earth, One Family, One Future) है। यह सिर्फ एक नारा नहीं है। यह मानवीय परिस्थितियों में उन हालिया बदलावों को ध्यान में रखता है, जिनकी सराहना करने में हम सामूहिक रूप से विफल रहे हैं।”

पीएम मोदी ने बल देकर कहा कि आज दुनिया के पास सभी लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त उत्पादन के साधन हैं। अपने अस्तित्व के लिए लड़ने की जरूरत को उन्होंने नकार दिया। जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और महामारी जैसी बड़ी चुनौतियों का जिक्र कर उन्होंने लिखा कि इन सबका समाधान आपस में लड़कर नहीं, बल्कि मिल कर काम करके ही निकाला जा सकता है।

‘भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को एक आर्थिक शक्ति बताते हुए कहा:

“भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। हमने ऐसी डिजिटल जन उपयोगिताएँ निर्मित करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया है, जो खुली और समावेशी हैं। इनके कारण सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन और इलेक्ट्रॉनिक भुगतान जैसे विविध क्षेत्रों में क्रांतिकारी प्रगति हुई है।”

जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत क्या-क्या करेगा, इसका एक रोडमैप उन्होंने दिया। इसके तहत उन्होंने बताया कि भारत के अनुभव, ज्ञान और प्रारूप को दूसरों के लिए, विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए संभावित टेम्पलेट के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि जी-20 प्राथमिकताओं को न केवल भारत बल्कि जी-20 के अन्य भागीदारों, साथ चलने वाले देशों, जिनकी बातें अक्सर अनसुनी कर दी जाती है, उनके परामर्श से निर्धारित किया जाएगा।

‘भारत का जी20 एजेंडा समावेशी, महत्त्वाकांक्षी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह परिवार के भीतर सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए खाद्य, उर्वरक और चिकित्सा उत्पादों की वैश्विक आपूर्ति को गैर-राजनीतिक बनाने की कोशिश करेंगे, ताकि भू-राजनीतिक तनाव मानवीय संकट का कारण न बने। उनके मुताबिक, जैसा हमारे अपने परिवारों में होता है, जिनकी जरूरतें सबसे ज्यादा होती हैं, हमें उनकी चिंता सबसे पहले करनी चाहिए, वैसी ही सोच जी-20 के लिए भी होगी। उनके अनुसार भारत का जी-20 एजेंडा समावेशी, महत्त्वाकांक्षी, कार्रवाई-उन्मुख और निर्णायक होगा।

अंत में अपनी बात को समाप्त करते हुए पीएम मोदी ने कहा:

“आइए, हम भारत की जी-20 अध्यक्षता को संरक्षण, सद्भाव और उम्मीद की अध्यक्षता बनाने के लिए एकजुट हों। आइए, हम मानव-केंद्रित वैश्वीकरण के एक नए प्रतिमान को स्वरूप देने के लिए मिलकर काम करें।”

PM मोदी के इस ब्लॉग को आप यहाँ पूरा पढ़ सकते हैं।

‘हमारी फिल्मों को ब्लॉकबस्टर बना कर जनता लिबरल गिरोह को दिखाएगी आईना’: IFFI कांड पर बोले ‘द कश्मीर फाइल्स’ के निर्माता – सच्चाई दिखाना नहीं छोड़ेंगे

इजरायल के फ़िल्मकार नादव लैपिड को गोवा में आयोजित ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI)’ में बतौर जूरी हेड आमंत्रित किया गया था। समारोह का आयोजन गोवा सरकार और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय मिल कर करता है। नादव लैपिड ने समारोह के समापन के दौरान ‘द कश्मीर फाइल्स’ को प्रोपगैंडा और भद्दी फिल्म बता दिया। कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार की सच्चाई दर्शाती इस फिल्म को दुनिया भर में काफी प्यार मिला था।

जहाँ दुनिया भर में इस फिल्म ने 350 कारोबार किया था, वहीं भारत में भी इस फिल्म का नेट कलेक्शन 250 करोड़ रुपए के पार रहा है। IFFI के 53वें संस्करण के मंच से फिल्म के खिलाफ घृणा फैलाए जाने को लेकर हमने ‘द कश्मीर फाइल्स’ के निर्माता अभिषेक अग्रवाल से बातचीत की। अभिषेक अग्रवाल और निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की जोड़ी ‘द दिल्ली फाइल्स’ और ‘द वैक्सीन वॉर’ के लिए भी साथ काम कर रही है। ऑपइंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में अभिषेक अग्रवाल ने नादव लिपिड के बयानों पर प्रतिक्रिया दी।

सवाल: नादव लैपिड ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को प्रोपेगंडा और वल्गर फिल्म बताया है। आप इस पर किस तरह प्रतिक्रिया देना चाहेंगे?
जवाब
: सबसे पहली बात तो ये है कि इतने प्रतिष्ठित समारोह में एक जूरी सदस्य द्वारा एक खास फिल्म की आलोचना करना काफी गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। चूँकि नादव लैपिड एक बाहरी हैं, उन्हें शायद इसका अंदाज़ा भी नहीं है कि हमारे देश को क्या झेलना पड़ा था और कश्मीरी पंडितों के साथ कैसा अत्याचार हुआ था। इसीलिए, उनके द्वारा ‘द कश्मीर फाइल्स’ को ‘प्रोपेगंडा और वल्गर’ बताया जाना बिलकुल भी स्वीकार्य नहीं है।

सवाल: इजरायल के कई राजनयिकों और नेताओं ने नादव लैपिड को उनके बयान के लिए लताड़ लगाई है। यहूदियों और इजरायल को लेकर आपके क्या विचार हैं? क्या आपको लगता है कि इससे हिन्दू-यहूदी या भारत-इजरायल के रिश्तों पर फर्क पड़ेगा?
जवाब
: किसी एक व्यक्ति का बेहूदा बयान दो देशों के बीच रिश्ते नहीं बिगाड़ सकता। भारत में इजरायल के काउंसल जनरल कोबी शोशानी ने नादव लैपिड द्वारा की गई टिप्पणी की सार्वजनिक रूप से निंदा की। वो अनुपम खेर (‘द कश्मीर फाइल्स’ के मुख्य अभिनेता) के मित्र भी हैं और उन्होंने अभिनेता से उनके स्कूल पर जाकर मुलाकात कर के बताया कि वो किस कदर तक इस टिप्पणी से दुःखी हैं। प्रत्येक सभ्यता और राष्ट्र अपनी अलग-अलग समस्याओं से जूझता है, जिनसे एक होकर निपटना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। चाहे वो यहूदी हों या फिर हिन्दू, हमें एकता में ही मजबूती ढूँढ़नी चाहिए।

सवाल: IFFI का आयोजन गोवा सरकार और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय मिल कर करता रहा है। क्या आपको लगता है कि नादव लैपिड को जूरी हेड बना कर उन्होंने गलती की? गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और IB मंत्री अनुराग ठाकुर से आप क्या माँग करना चाहेंगे?
जवाब: किसी घटना के घट जाने के बाद हम हम कई चीजों पर बहस कर सकते हैं और बातचीत कर सकते हैं। लेकिन, जूरी का चुनाव एक खास मापदंड के आधार पर किया गया था और अब कोई एक व्यक्ति दुष्ट निकल गया तो इसके लिए पूरी सिलेक्शन कमिटी को दोष नहीं दिया जा सकता। स्टेज पर जाकर एक व्यक्ति क्या करता है और क्या सब बोलता है, ऐसे कार्यक्रमों में इस पर नियंत्रण रखना कठिन होता है। इस मामले में भी यही हुआ है।लेकिन, हमारे कश्मीरी भाइयों के दर्द को दिखाती फिल्म को प्रोपेगंडा बताना हर एक भारतीय के लिए पाना मुश्किल है। इस टिप्पणी का जम कर विरोध हो रहा है, जो सही भी है।

सवाल: IFFI कार्यक्रम के दौरान आप भी गोवा गए थे। वहाँ लोग ‘द कश्मीर फाइल्स’ के बारे में क्या कह रहे थे?
जवाब
: ‘द कश्मीर फाइल्स’ को रिलीज हुए 10 महीने हो चुके हैं। इस बीच जहाँ भी इसे दिखाया गया, वहाँ लोगों ने इसकी तारीफ़ की है और इसे हर जगह काफी सराहना मिली है। गोवा में आयोजित IFFI में भी ऐसा ही हुआ। इस फिल्म को देखते हुए लोगों ने कश्मीरी पंडितों के दुःख-दर्द को समझा और उनके साथ सहानुभूति जताई। इस फिल्म को बनाने के पीछे उद्देश्य ही यही था कि सच्चाई ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचे। हमें गर्व है कि हमने इस लक्ष्य को प्राप्त किया।

सवाल: क्या टीम को डर है कि ‘द दिल्ली फाइल्स’ या ‘द वैक्सीन वॉर’ को भी इसी तरह निशाना बनाया जा सकता है? क्या आपने इसके लिए कोई विशेष तैयारी की है? अपने इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर आप लिबरल गिरोह का किस तरह सामना करेंगे?
जवाब: बिलकुल नहीं। हमारा कार्य है कि हम अच्छी फ़िल्में बनाएँ और शानदार कहानियाँ परदे पर उतारें। ‘द दिल्ली फाइल्स’ हो या फिर ‘द वैक्सीन वॉर’, ये दोनों ही ऐसी कहानियाँ हैं जिन्हें कहा जाना अति आवश्यक है। हम ईमानदार फिल्म निर्माण में विश्वास रखते हैं और हम ऐसी फ़िल्में जनता तक पहुँचाना चाहते हैं जिन्हें दूर-दूर तक प्यार मिले। जहाँ तक लिबरल गिरोह का सवाल है, हमारी फिल्मों को ब्लॉकबस्टर बना कर भारत की जनता उनसे निपटेगी।

सवाल: क्या आप लोगों को बता सकते हैं कि मेगास्टार चिरंजीवी और ‘मास महाराजा’ रवि तेजा की ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर क्या राय है? चूँकि ये हर एक मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से नहीं बोलते, इस फिल्म को लेकर उनकी राय हम जानना चाहेंगे।
जवाब: दोनों ही सितारों, ‘मेगास्टार’ चिरंजीवी और ‘मास महाराजा’ रवि तेजा ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ की तारीफ़ की। इतनी बड़ी हस्तियों से प्रशंसा मिलना अपने-आप में बहुत बड़ी बात होती है। इस स्तर के वरिष्ठ अभिनेता होने के नाते उन्होंने समझा कि किस तरह की फिल्म हमलोगों ने बनाई थी और साथ ही इसके बारे में अच्छी बातें भी कही।

सवाल: IFFI जैसे फिल्म या सम्मान समारोहों के लिए जूरी के चयन को लेकर क्या आप केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को कुछ सलाह देना चाहते हैं? क्या आपको लगता है कि TKF जैसी फिल्मों को ब्यूरोक्रेसी में बैठे कुछ लोग जानबूझ कर निशाना बना रहे हैं। एक बड़े फिल्म निर्माता होने के नाते हमारे माध्यम से सरकार को आप कुछ सलाह दे सकते हैं।
जवाब: केंद्र सरकार में कुछ महत्वपूर्ण लोग हैं जो हमारी फिल्म इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए शानदार कार्य कर रहे हैं। साथ ही वो इंडस्ट्री के हित के बारे में भी सोच रहे हैं। मैं एकमात्र सलाह यही देना चाहूँगा कि इस तरह के बड़े और प्रतिष्ठित समारोहों में, जहाँ काफी कुछ दाँव पर लगा हो, उनमें जिम्मेदार लोगों को चुनने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए। भारत एक विविधता वाला देश है और यही बात हमारी फिल्म इंडस्ट्री पर भी लागू होती है। ऐसे लोग इस तरह की जिम्मेदारियों के लिए सही चुनाव हो सकते हैं, जो हमारे महान राष्ट्र की राजनीतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक संरचना को अच्छे से समझते हों।

सवाल: क्या नादव लैपिड के बयान के बाद आपने निर्देशक विवेक अग्निहोत्री और अभिनेता अनुपम खेर से कोई चर्चा की? आपलोगों में क्या बात हुई? उन दोनों का क्या कहना था? क्या वो दुःखी थे या फिर उन्हें कहीं न कहीं पहले से आशंका थी कि ऐसा हो सकता है?
जवाब: हम सब ने संक्षिप्त चर्चा तो की, लेकिन हमें ये काफी छोटा मुद्दा लगा। हम सबका यही मानना है कि हमें उन लोगों को गले लगाना चाहिए जो हमें और हमारे सिनेमा को प्यार करते हैं, बजाए उन पर ध्यान देने के जो आलोचना करते हैं और घृणा फैलाने का काम करते हैं। हालाँकि, इतने बड़े कार्यक्रम में किसी के द्वारा इतनी आसानी से हमारे कार्य और कश्मीरी हिन्दुओं के संघर्ष को नीचा दिखाए जाने से हमें थोड़ा दुःख ज़रूर हुआ। हमें वो कहानी लोगों तक पहुँचाई जो बताई जानी चाहिए थी और हमें इस पर गर्व है।

सवाल: ZEE5 पर ‘द कश्मीर फाइल्स’ को किस तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है? क्या आपके पास कोई आँकड़े हैं, जिससे OTT पर इसके प्रदर्शन के बारे में बताया जा सके?
जवाब: मेरे पास इसके पुष्ट आँकड़े तो नहीं हैं, लेकिन जब से हमारी फिल्म Zee5 पर स्ट्रीम होनी शुरू हुई है, अब तक इसका व्यूअरशिप शानदार रहा है। मुझे विश्वास है कि व्यूअरशिप में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इस फिल्म को देखने में रुचि दिखा रहे हैं।

सवाल: क्या आपको उम्मीद है कि आगामी ‘राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों’ में ‘द कश्मीर फाइल्स’ का डंका बजेगा? क्या आपको लगता है कि फिल्मफेयर वाले इसे नॉमिनेशन और अवॉर्ड देंगे?
जवाब: हमने इस फिल्म को सिर्फ एक उद्देश्य के लिए बनाना शुरू किया था और बनाया – कश्मीरी हिन्दुओं की व्यथा को अधिकतम ईमानदारी से लोगों तक पहुँचाया जाए। फिल्म रिलीज हुई, ब्लॉकबस्टर भी हुई। हम अवॉर्ड्स के पीछे नहीं भाग रहे, लेकिन हमारी मेहनत को सम्मान और प्रशंसा मिलने से हमें बहुत ख़ुशी होती है। अवॉर्ड्स मिलना अच्छी बात है, लेकिन भारत की जनता का समर्थन पाना और लोगों द्वारा हमारे फिल्म का प्रचार-प्रसार किया जाना सबसे बड़ी उपलब्धि है।

बता दें कि अब सफाई देते हुए फिल्म निर्माता नादव लैपिड ने कहा है कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ को बहुत लोग पसंद करते हैं और ब्रिलियंट फइल्म मानते हैं। उन्होंने कहा कि कोई यह निर्धारित निर्धारित नहीं कर सकता कि प्रोपेगेंडा क्या है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि IFFI के समापन समारोह में उन्होंने फिल्म के बारे में जो कुछ कहा, उस पर वे अब भी कायम हैं। उन्होंने कहा, “कोई भी यह निर्धारित नहीं कर सकता कि प्रोपेगेंडा क्या है। मैं इस तथ्य को स्वीकार करता हूँ। यह एक शानदार फिल्म है। मैंने जो कहा वह मेरा कर्तव्य था कि मैं जो देखूँ उसे कहूँ। यह एक बहुत ही व्यक्तिपरक तरीका है।”

NDTV से इस्तीफा देकर अब ‘Jaat Tak’ में जाएँगे रवीश कुमार? लोग लगा रहे अटकलें – अगर गौतम और मुकेश भाई YouTube ही खरीद डालें तो…

NDTV की होल्डिंग कंपनी पर अडानी समूह के नियंत्रण के बाद रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने चैनल से इस्तीफा दे दिया है। रवीश कुमार NDTV के हिंदी चैनल के माध्यम से लगातार मोदी विरोधी प्रोपेगंडा फैलाने में व्यस्त थे। उनका इस्तीफा तुरंत प्रभाव से लागू हो गया था। उन्हें चैनल में ‘सीनियर एग्जीक्यूटिव’ का पद दिया गया था। उन्होंने ‘हम लोग’, ‘रवीश की रिपोर्ट’, ‘देस की बात’ और ‘प्राइम टाइम’ समेत कई कार्यक्रमों में NDTV के लिए एंकरिंग की।

चैनल ने अपने कर्मचारियों को भेजी गई आंतरिक मेल में कहा, “काफी कम पत्रकारों ने जनता पर उतना असर डाला, जितना रवीश कुमार ने। वो जहाँ भी जाते हैं वहाँ जुटने वाली भीड़ उनके बारे में लोगों की सोच को प्रदर्शित करती है। भारत से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक उन्होंने कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स अपने नाम किए हैं। दशकों तक वो NDTV का एक अभिन्न अंग रहे हैं। उनका योगदान शानदार रहा है। नई शुरुआत में वो सफल होंगे।”

रवीश कुमार के इस्तीफे की खबर सामने आते ही, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया था। नेटिजन्स NDTV से रवीश के इस्तीफे पर अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं। Dr. Richa Rajpoot नामक यूजर ने लिखा “सही है क्या? NDTV से रवीश कुमार का इस्तीफा। और “Jaat Tak” चैनल जॉइन कर रहे हैं…”

Dr Smoking Kills नामक ट्विटर यूजर ने लिखा “NDTV स्टूडियो से बाहर निकाले जाते रवीश कुमार की ताज़ा तस्वीर..”

Rofl Gandhi 2.0 नामक ट्विटर यूजर ने ट्वीट करते हुए कहा, “रवीश कुमार NDTV छोड़कर यूट्यूब पर आ रहे हैं। सब सरकार विरोधी पत्रकार चैनल छोड़कर यूट्यूब पर चले जाते हैं। गौतम और मुकेश भाई मिलकर यूट्यूब ही खरीद ही डालें तो जड़ से छुटकारा मिल जाये इस समस्या से।”

वहीं, एक अन्य यूजर U=MC ने ट्वीट कर कहा “सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है, रविश कुमार ने अपने यू ट्यूब चैनल का नाम “कौन जात” रखने का निर्णय किया है।”

ट्विटर यूजर Bhagwan Shree Rajneesh ने “इस बीच रवीश कुमार…”

Aayam नामक यूजर ने रवीश कुमार द्वारा फेक न्यूज फैलाने को लेकर माफी माँगने वाली ऑपइंडिया इंग्लिश की न्यूज का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा “मोदी विरोधी ठीक है। लेकिन आज एंटी इंडिया जर्नलिस्ट रवीश कुमार को पिता गौतम अडानी ने लात मारी और उनका बेटा ध्रुव राठी रोने लगा।”

कालनेमि (Parody) नामक ट्विटर यूजर ने ट्वीट कर कहा “अडानी अंकल के हाथ में NDTV की बागडोर आते ही कल प्रणव रॉय और राधिका रॉय ने इस्तीफा दिया और आज भारतीय पत्रकारों के मसीहा श्री श्री रवीश कुमार जी ने NDTV से यह कह कर इस्तीफा दे दिया कि देश में डर का माहौल है और अब वह प्रधानमंत्री मोदी जी और बीजेपी की बुराई ठीक से कर नहीं पाएँगे।”

कुछ अन्य यूजर्स ने रवीश कुमार के इस्तीफे पर मीम शेयर कर प्रतिक्रिया दी…

रेलवे इंजन और 500 टन के पुल की चोरी के बाद बिहार में अब पूरी की पूरी सड़क ही गायब: रात को थी, सुबह उठते ही छू-मंतर

बिहार में वैसी-वैसी घटनाओं को अपराधी अंजाम दे देते हैं, जिनकी कल्पना भी कोई नहीं करता। रेलवे यार्ड में रखे इंजन और पुल को चुराने के बाद अब गाँव की सड़क गायब होने की खबर है। बांका जिले के एक गाँव में जब ग्रामीण अगले दिन सुबह जगे तो उनकी सड़क ही गायब थी। इसकी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

घटना बांका के नवादा-खरौनी पंचायत की है। दरअसल, 29 नवंबर 2022 की सुबह जब ग्रामीणों ने देखा तो सड़क ही गायब मिली। यह सड़क खरौनी गाँव से दक्षिण दिशा में स्थित खादमपुर गाँव तक जाती है। खरौनी गाँव से कहीं भी जाने के लिए यही एकमात्र सड़क थी।

दरअसल, जहाँ सड़क थी वहाँ अब गेहूँ की खेत है। खरौनी गाँव के कुछ दबंगों ने सड़क को रातों-रात जोतकर उसमें गेहूँ की बुआई कर दी। खादमपुर गाँव के लोगों ने जब खरौनी गाँव के उन लोगों से बात करने पहुँचे तो उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की लिखित जानकारी पुलिस को दी है।

ग्रामीण बताते हैं कि करीब 500 मीटर तक सड़क का पीसीसी भी किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि दशकों से इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि सरकारी पगडंडी थी। इस घटना के बाद दोनों गाँवों के बीच तनाव का माहौल बन गया है। प्रशासन किसी भी तरह की अनहोनी को देखते हुए इलाके में पुलिस की चौकसी बढ़ा दी है।

इससे पहले चोरों ने बरौनी के गरहरा यार्ड से पूरे रेल के एक इंजन को ही चुरा लिया था। यह चोरी सुरंग खोदकर की गई थी। बरौनी के गरहरा यार्ड में मरम्मत के लिए लाए गए डीजल इंजन पर चोरों की नजर थी। चोरों ने पुर्जों को अलग-अलग कर चुराना शुरू किया और पूरे इंजन को गायब कर दिया। इंजन चुराने के लिए चोरों के गिरोह ने स्टेशन तक सुरंग खोद डाला। अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

अररिया जिले में तो चोरों के दूसरे गिरोह ने सीताधार नदी पर बने लोहे के पलटनिया पुल का ताला खोलकर उसके कुछ हिस्से चुरा लिए। इसके बाद पुल की सुरक्षा के लिए एक कॉन्स्टेबल को तैनात करना पड़ा है। पलटनिया पुल अररिया के फारबिसगंज को रानीगंज से जोड़ता है।

इससे पहले पूर्णिया जिले में रेलवे स्टेशन पर सार्वजिनक प्रदर्शन के लिए रखे विंटेज मीटर गेज स्टीम इंजन को गायब कर बेच दिया गया था। जाँच के दौरान पुलिस ने पाया कि रेलवे के एक इंजीनियर ने ही फर्जी दस्तावेज बनाकर इस स्टीम इंजन को बेच दिया था।

इसी तरह रोहतास में अप्रैल 2022 में चोरों के गिरोह ने लगभग 500 टन वजनी 45 साल पुराने स्टील के पुल को तोड़कर बेच दिया। चोरी के इस वारदात में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगा था। बाद में इस मामले में जल संसाधन विभाग के एक सहायक अभियंता समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

अफगानिस्तान की मस्जिद में दोपहर की नमाज के दौरान धमाका: 16 की मौत, मृतकों में अधिकतर मदरसे में पढ़ने वाले छात्र

अफगानिस्तान के एक मदरसे में नमाज के दौरान धमाका हुआ है। इस धमाके में 16 लोगों के मौत की खबर है। वहीं धमाके में 24 लोग घायल हुए हैं। बम धमाका उत्तरी अफगानिस्तान के समांगन प्रांत के मध्य में स्थित ऐबक शहर के जहदिया मदरसे में हुआ है। ऐबक समांगन प्रांत की राजधानी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में मरने और घायल होने वाले ज्यादातर पीड़ित मदरसा में पढ़ने वाले छात्र हैं। धमाका दोपहर की नमाज के दौरान हुआ। तालिबान के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि धमाके से मरने वाले 16 लोगों में 10 छात्र शामिल हैं।

फिलहाल किसी समूह या संगठन ने धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है। वहीं विस्फोट में 26 लोग ज़ख्मी हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस मदरसे में धमाका हुआ है वह हाल ही में बना था।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने अपने महीने भर के संघर्ष विराम को वापस ले लिया। टीटीपी ने अपने लड़ाकों के खिलाफ नए सैन्य अभियान को युद्धविराम की समाप्ति का कारण बताया। टीटीपी नेतृत्व के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत जिले में उसके लड़ाकों के खिलाफ पाकिस्तानी आर्मी सैन्य अभियान चला रही है। संघर्ष विराम वापस लेने के बाद ही बलूचिस्तान प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के एक आत्मघाती हमलावर ने पोलियो टीम की सुरक्षा के लिए जा रहे पुलिसकर्मियों के ट्रक को निशाना बनाकर खुद को उड़ा लिया। इस आत्मघाती हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, और 23 अन्य घायल हो गए।

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले के बाद का दृश्य

हालाँकि, अफगानिस्तान में आए दिन इस तरह के धमाके होते रहते हैं। खासतौर पर तालिबान के नियंत्रण में आने के बाद से अफगानिस्तान इस तरह की घटनाओं में बढ़ोत्री हुई है। कुछ धमाकों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISKP) ने ली है। दो महीने पहले काबुल में भी गृह मंत्रालय के पास बनी मस्जिद में धमाका हुआ था। उस धमाके में 4 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 25 लोग घायल हुए थे। यह हमला भी उसी वक्त हुआ जब मदरसे में नमाज पढ़ी जा रही थी। मंत्रालय का परिसर काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित है जो देश के सुरक्षित इलाकों में गिना जाता है।

‘जीसस ने विमान का दरवाजा खोलने के लिए कहा’: 37000 फीट की ऊँचाई पर 34 साल की महिला खोलने लगी इमरजेंसी गेट, रोकने पर सहयात्री के जाँघ में काटा

हवाई यात्रा के बीच में यात्रियों के अलग-अलग व्यवहार को लेकर कई तरह की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। ऐसी ही एक घटना अमेरिका से आई, जहाँ एक महिला यात्री ने अपने सहयात्री के जाँघ में काट लिया और प्लेन का दरवाजे खोलने की कोशिश की। उसने कहा कि जीसस ने उसे ऐसा करने के लिए कहा है।

यह घटना अमेरिका के साउथवेस्ट एयरलाइंस की है। हॉस्टन से ओहियो जा रही फ्लाइट नंबर 192 में 34 साल की एलोम एगबेग्निनौ नाम की यात्री ने हंगामा मचा दिया। इसके कारण फ्लाइट को अर्कांसस के लिटिल रॉक में बिल और हिलेरी क्लिंटन राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्लाइट को आपातकालीन लैंडिंग कराना पड़ा।

उड़ान के दौरान एलोम ने विमान का पिछला दरवाजा खोलने की कोशिश की। इतना ही नहीं, जब एक यात्री ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने एक सहयात्री की जाँघ पर काट लिया। विमान की आपातकालीन लैंडिंग के बाद महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना 26 नवंबर 2022 की है।

महिला की करतूतों को लेकर स्थानीय अदालत में कहा गया कि विमान के चालक दल ने एलोम को विमान के पिछले हिस्से में लटका हुआ देखा। इसके बाद उसे बाथरूम का उपयोग करने या बैठने के लिए कहा गया था। वह अपनी सीट पर बैठने के बजाय विमान का आपातकालीन गेट खोलने की कोशिश करने लगी।

जमीन से 37,000 फीट की ऊँचाई पर विमान का गेट खोलने के दौरान एलोम ने से कहा, “जीसस ने उसे ओहियो के लिए उड़ान भरने और दरवाजा खोलने के लिए कहा था।” महिला के बारे में यह भी कहा जाता है कि वह बिना सामान के अकेली यात्रा कर रही थी और उसने अपने पति को नहीं बताया था कि वह उड़ान भरेगी।

अडानी की एंट्री के बाद रवीश कुमार ने NDTV से दिया इस्तीफा, कंपनी के बोर्ड से जा चुके हैं प्रणय-राधिका रॉय भी

NDTV की होल्डिंग कंपनी पर अडानी समूह के नियंत्रण के बाद रवीश कुमार ने चैनल से इस्तीफा दे दिया है। रवीश कुमार NDTV के हिंदी चैनल के माध्यम से लगातार मोदी विरोधी प्रोपेगंडा फैलाने में व्यस्त थे। उनका इस्तीफा तुरंत प्रभाव से लागू हो गया था। उन्हें चैनल में ‘सीनियर एग्जीक्यूटिव’ का पद दिया गया था। उन्होंने ‘हम लोग’, ‘रवीश की रिपोर्ट’, ‘देस की बात’ और ‘प्राइम टाइम’ समेत कई कार्यक्रमों में NDTV के लिए एंकरिंग की।

चैनल ने अपने कर्मचारियों को भेजी गई आंतरिक मेल में कहा, “काफी कम पत्रकारों ने जनता पर उतना असर डाला, जितना रवीश कुमार ने। वो जहाँ भी जाते हैं वहाँ जुटने वाली भीड़ उनके बारे में लोगों की सोच को प्रदर्शित करती है। भारत से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक उन्होंने कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स अपने नाम किए हैं। दशकों तक वो NDTV का एक अभिन्न अंग रहे हैं। उनका योगदान शानदार रहा है। नई शुरुआत में वो सफल होंगे।”

बता दें कि NDTV के मालिक और संस्थापक प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय ने भी मंगलवार (29 नवंबर 2022) को आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड (RRPRH) के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया। बीएसई के साथ किए गए एक नियामक फाइलिंग में इसकी जानकारी दी गई। प्रणय रॉय और राधिका रॉय के इस्तीफा देने के तुरंत बाद कंपनी के बोर्ड में तीन नए निदेशक नियुक्त किए गए हैं। इनमें अडानी समूह के सीईओ सुदीप्त भट्टाचार्य, संजय पुगलिया और सेंथिल सिन्नैया चेंगलवारायण शामिल हैं।

बीएसई की वेबसाइट के मुताबिक, प्रणय रॉय एनडीटीवी के चेयरपर्सन हैं और राधिका रॉय एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर। उनके पास न्यू दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड के एक चौथाई से अधिक शेयर हैं। उन्होंने अपना यह फैसला आरआरपीआर होल्डिंग की 99.5% इक्विटी को अडानी समूह के स्वामित्व वाली विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) को हस्तांतरित करने के बाद लिया है। इस साल अगस्त में, अडानी ग्रुप ने NDTV में अप्रत्यक्ष रूप से 29.18% शेयर्स खरीदे थे। ये सौदा ‘विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL)’ और ‘RRPR होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए हुआ था।