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‘आरिफ की फैक्ट्री में हो रहे थे काले काम, पोल खुलने के डर से अनुराग त्यागी को मार डाला’: मालिक आरिफ और फोरमैन रिहान के खिलाफ हत्या की FIR

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में शुक्रवार (25 नवंबर, 2022) को लोहा गलाने वाली एक फैक्ट्री की भट्ठी में गिर कर अनुराग त्यागी नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने इस घटना को हत्या बताते हुए फैक्ट्री मालिक सहित 3 लोगो पर नामजद FIR दर्ज करवाई है। अनुराग त्यागी की 7 वर्षीया बेटी और 5 वर्षीय बेटे के लिए 1 करोड़ रुपए मुआवजा की माँग उठी है। वहीं आरिफ की ‘खेकड़ा कॉस्टिंग प्राइवेट लिमिटेड’ पर बुलडोजर चलाने और मामले की की CBI जाँच की माँग को ले कर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भी भेजा गया है।

आरिफ के साथ रिहान भी नामजद

घटना की FIR में आरिफ, मोहम्मद रिहान के अलावा एक केमिस्ट को भी नामजद किया गया है। रिहान फैक्ट्री का फोरमैन है। FIR में बताया गया है कि मृतक का कुछ दिनों पहले मालिक आरिफ, फोरमैन रिहान और केमिस्ट से विवाद भी हुआ था। पुलिस ने मामले में IPC की धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाने) के तहत कार्रवाई की है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। एडिशनल SP के मुताबिक मामले में जाँच की जा रही है।

ऑपइंडिया से बातचीत के दौरान पिलखुआ DSP वरुण मिश्रा ने बताया कि साक्ष्य संकलन के साथ पूछताछ चल रही है। सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में फ़िलहाल अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

ऑपइंडिया ने मृतक के भाई अरुण त्यागी से बात की। अरुण ने हमें बताया कि उन्हें किसी भी कार्रवाई की सही जानकारी प्रशासन द्वारा नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके भाई को प्रतिमाह 35 हजार रुपए की सैलरी पर रखा गया था, जिसमें 21 हजार रुपए रजिस्टर पर दर्ज होते थे और बाकी पैसे कैश में बिना लिखा-पढ़ी के दे दिए जाते थे। अरुण का दावा है कि उनके भाई ने कुछ समय पहले उन्हें बातचीत में अपनी फैक्ट्री में 2 नंबर का काम होने की आशंका जताई थी जिस पर उन्हें परिवार से दूसरा काम खोजने की सलाह भी मिली थी।

गवाह मिटाने के लिए हत्या

अरुण ने हमसे बातचीत के दौरान यह भी दावा किया कि उनके भाई की हत्या फैक्ट्री में हो रहे अवैध कामों के सबूत मिटाने के लिए की गई है। उनका कहना था कि फैक्ट्री मालिक को शक था कि उनका भाई वहाँ हो रहे काले कारनामों की पोल खोल सकता है, इसीलिए उसे रास्ते से हटा दिया गया। अरुण का दावा है कि फैक्ट्री में काम करने वाले किसी भी मजदूर की विस्तृत जानकारी दर्ज नहीं करवाई जाती।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई न होने पर ‘त्यागी ब्राह्मण भूमिहार समाज समिति’ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। ऑपइंडिया से बात करते हुए संगठन के पदाधिकारी माँगेराम त्यागी ने कहा कि हैरानी की बात ये है कि फैक्ट्री में 6 माह से बिना CCTV के काम चल रहा है और अधिकारियों को इसकी कोई जानकारी ही नहीं है। माँगेराम ने हमें यह भी बताया कि जब उन्होंने उस फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों से बात की थी तब उन्होंने अधिकारियों की मिलीभगत की तरफ भी इशारा किया था।

माँगेराम का ये भी कहना था कि बिना CCTV के उस फैक्ट्री में चोरी की गाड़ियाँ गलाई जा रहीं हैं या कोई अन्य गैरकानूनी काम हो रहा इसका पता कैसे चले। उन्होंने हमें यह भी बताया कि शिकायत के बाद SDM ने मामले को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया था।

UPSIDA प्रबंधक ने नहीं उठाया फोन

फैक्ट्री के कागजातों की वैधता के मामले और CCTV आदि न होने के आरोपों पर ऑपइंडिया ने UPSIDA (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास अथॉरिटी) के क्षत्रीय प्रबंधक गाजियाबाद राकेश झा को संपर्क किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। राकेश झा का बयान आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में ‘मोदी-मोदी’ और ‘जय श्रीराम’ नारे से हुआ राहुल गाँधी की यात्रा का स्वागत, गिर कर जख्मी हुए पार्टी का महासचिव

कॉन्ग्रेस (Congress) नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ (Bharat Jodo Yatra) में ‘जय श्रीराम’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाने की खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में राहुल की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का आज (28 नवंबर 2022) छठा दिन है। वहीं, इंदौर में यात्रा के दौरान गिर जाने से कॉन्ग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के हाथ और घुटने में चोट लग गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार (27 नवंबर 2022) को इंदौर के बड़ा गणपति चौराहे से शुरू हुई यह यात्रा शहर के सांवेर रोड मॉडर्न चौराहे के पास पहुँची। तभी वहाँ खड़े कुछ युवक जोर-जोर से ‘जय श्रीराम’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाने लग गए। युवकों को नारे लगाते देख राहुल गाँधी वहीं रुक गए। उन्होंने युवाओं को अपने पास बुलाया, लेकिन तब तक वे वहाँ से निकल गए। इसके बाद यात्रा आगे बढ़ गई।

इससे पहले कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को लेकर दावा किया गया था कि राहुल गाँधी के नेतृत्व में निकाली जा रही इस यात्रा में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए। ऐसा तब हुआ जब यात्रा मध्य प्रदेश के खरगोन से गुजर रही थी। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट करके यह दावा किया था। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा था, “राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होने के लिए ऋचा चड्ढा के सार्वजनिक आवेदन के बाद, खरगोन में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगे। एमपी कॉन्ग्रेस के ट्विटर हैंडल ने इस वीडियो को पोस्ट किया, फिर इस ट्वीट को डिलीट कर दिया गया।”

यही नहीं, भाजपा ने राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को लेकर कई और आरोप भी लगाए थे। भाजपा के मुताबिक, ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल सेलेब्रिटीज को राहुल गाँधी के साथ चलने के लिए पैसे दिए जा रहे हैं। बता दें कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल यात्रा पर निकले राहुल गाँधी की यह यात्रा 23 नवंबर को महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश में दाखिल हुई थी। 4 दिसंबर,2022 को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ मध्य प्रदेश से राजस्थान में प्रवेश करेगी।

उर्फी जावेद के सामने टिकती भी नहीं ऋचा-तापसी-स्वरा, SRK-अल्लू अर्जुन को दे रही टक्कर: Google सर्च में अतरंगी ड्रेस के आगे ‘एजेंडा’ फीका

बिग बॉस ओटीटी (Bigg Boss OTT) से फेमस हुईं उर्फी जावेद (Uorfi Javed) अपने बेबाक अंदाज और अतरंगी फैशन के कारण अक्सर चर्चा में रहती हैं। सोशल मीडिया पर भी वह खासा एक्टिव रहती हैं। अजीबोगरीब ड्रेसिंग सेंस के मामले में उर्फी ने बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू (Taapsee Pannu), ऋचा चड्ढा (Richa Chadha) और स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) तक को पीछे छोड़ दिया है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें लाखों लोग फॉलो करते हैं।

हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन भगत (Chetan Bhagat) ने उर्फी जावेद को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उर्फी यूथ का ध्यान भटका रही हैं। ‘गूगल ट्रेंड्स’ के अनुसार, उर्फी जावेद को बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू, ऋचा चड्ढा और स्वरा भास्कर की तुलना में कई अधिक सर्च किया गया है।

हमने पिछले 12 महीनों के ट्रेंड की तुलना की और पाया कि तापसी पन्नू, ऋचा चड्ढा और स्वरा भास्कर के पास पीआर टीम होने के बावजूद उर्फी इन तीनों से कहीं अधिक ट्रेंड कर रही हैं। तीनों में सिर्फ तापसी पन्नू ही इस साल जनवरी में पिछले 12 महीनों के दौरान एक बार उर्फी के ट्रेंडिंग स्टेटस की बराबरी करने में कामयाब रहीं। अगस्त में वह दो बार टॉप पर पहुँची, लेकिन उर्फी की लोकप्रियता को टक्कर नहीं दे पाईं।

वहीं उर्फी की तुलना में स्वरा भास्कर का ट्रेंड मैप साल भर लगभग सपाट रहा। जबकि ऋचा चड्ढा का ट्रेंड मैप अक्टूबर के दौरान केवल एक बार बढ़ा, लेकिन वह भी उर्फी के ट्रेंड मैप को पीछे नहीं कर सका।

फोटो साभार: गूगल ट्रेंड्स

दिलचस्प बात यह है कि उर्फी का ट्रेंड मैप पिछले साल दो बार बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की लोकप्रियता के बराबर था। एक बार अप्रैल में और दूसरी बार अक्टूबर में।

फोटो साभार: गूगल ट्रेंड्स

इसी तरह दक्षिण भारतीय सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की पॉपुलैरिटी को उर्फी के ट्रेंड मैप ने इस साल अधिकांश समय कड़ी टक्कर दी।

फोटो साभार: गूगल ट्रेंड्स

इसके अलावा उर्फी के इंस्टाग्राम पर 3.9 मिलियन (39 लाख) फॉलोअर्स हैं। इंस्टाग्राम पर शाहरुख खान के 32.7 मिलियन (3 करोड़ 27 लाख), अल्लू अर्जुन के 19.7 मिलियन (1 करोड़ 97 लाख), स्वरा भास्कर के 1 मिलियन (10 लाख), ऋचा चड्ढा के 2.5 मिलियन (25 लाख) और पन्नू के 20 मिलियन (2 करोड़) फॉलोअर्स हैं। स्वरा और तापसी जैसे अभिनेत्रियों के पास उनकी पीआर टीम है, तब कहीं जाकर सोशल मीडिया पर उनकी इतनी फैंस फॉलोइंग हैं। वहीं उर्फी बिना किसी पीआर टीम के इस मुकाम तक पहुँची हैं। वह हर हफ्ते अपनी ड्रेसिं​ग सेंस को लेकर खबरों में रहती हैं। वह कई बार पैपराजी के सामने कह चुकी हैं कि वह अपनी बोल्ड ड्रेसेस का चयन खुद करती हैं।

वह किसी भी चीज को ड्रेस में बदलने की क्षमता रखती हैं, फिर चाहे वह मोबाइल फोन हो, सेफ्टी पिन हो, ऑडियो टेप हो, तार हों या फिर अन्य चीज। उर्फी अपनी बोल्ड और अतरंगी ड्रेसेस की फोटो और वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर रहती हैं।

बता दें कि उर्फी जावेद को पिछले महीने सारेगामा म्यूजिक के वीडियो ‘हाय हाय ये मजबूरी‘ में देखा गया था। इस महीने की शुरुआत में वह एमटीवी पर डेटिंग रिएलिटी शो ‘स्प्लिट्सविला एक्स4′ में एक कंटेस्टेंट के रूप में शामिल हुईं। शो को अर्जुन बिजलानी और सनी लियोन होस्ट कर रहे हैं।

केरल: चर्च की भीड़ ने लाठी-पत्थरों से पुलिस थाने पर किया हमला, 36 पुलिसकर्मी घायल, 15 पादरियों पर केस दर्ज

केरल में लैटिन कैथोलिक चर्च के नेतृत्व में ईसाइयों की भीड़ ने रविवार देर रात को (27 अक्टूबर 2022) विझिंजम पुलिस थाने पर हमला किया। घटना में कम से कम 36 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

बताया जा रहा है कि क्षेत्र में अडानी समूह द्वारा किए जा रहे बंदरगाह के विरोध में हिंसक प्रदर्शन चल रहा था, जिसके बाद पुलिस ने कुछ लोगों (रिपोर्ट के अनुसार 5) को हिरासत में लिया था। पुलिस की इसी कार्रवाई के बाद स्टेशन पर पत्थर और लाठियों से हमला हुआ।

सामने आई वीडियोज में दिख रहा है कि किस तरह बेकाबू भीड़ स्टेशन के सामने हर जगह लाठियाँ मार रही है और पत्थर फेंक रही है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार इस भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घायल किया। साथ में पुलिस की 4 जीप, 2 वैन और 20 मोटरसाइकिलों को भी क्षतिग्रस्त किया। कुछ फर्नीचर और दस्तावेजों को भी नष्ट किया गया।

हिंसक प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पुलिस की जब जीप को तोड़ने का भी प्रयास किया, तब दो पुलिसवाले वहाँ भी घायल हुए। इनमें एक को तो विझिंजम के अस्पताल में भर्ती करवाया गया जबकि दूसरे को तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया। घटना के बाद आज तिरुवनंतपुरम में सर्वदलीय बैठक होनी है।

पादरियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज

जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने केरल हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद विझिंजम में चल रही अडानी समूह की परियोजना को रोकने के लिए उन गाड़ियों का रास्ता बाधित किया जिनमें बंदरगाह निर्माण का सामान आ रहा था। इस संबंध में रविवार को कम से कम 15 पादरियों पर शिकायत हुई। इनमें आर्किबिशप थॉमस जे नेट्टो, फादर क्रिस्टूदास, फादर यूगिन पेरेरा समेत कई लोग थे। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए 200 से अतिरिक्ट पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।

अडानी समूह द्वारा बनाया जा रहा पोर्ट

उल्लेखनीय है कि अडानी समूह द्वारा कराया जा रहा बंदरगाह का निर्माण कोर्ट के फैसले के बाद हो रहा है। मगर फिर भी करीबन 120 दिन से प्रोटे्स के कारण यहाँ ढंग से काम नहीं हो पा रहा। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था जहाँ फैसला उनके पक्ष में आया है।

कोर्ट ने कंपनी को काम शुरू करने को कहा। मगर पादरियों के नेतृत्व में कई इसाई उनका रास्ता ब्लॉक करते रहे। स्थानीयों का कहना है कि इस बंदरगाह के बनने से उनके रोजगार पर असर पड़ेगा जबकि कोर्ट ने पूरा पक्ष सुनकर यह फैसला दिया है कि प्रोजेक्ट का कार्य किसी हाल में सस्पेंड नहीं हो सकता।

आमिर खान को बाइक के लिए चाहिए थे ₹70 हजार, हिना ने मायके से लाकर नहीं दिए तो डाला तेजाब: दो बच्चों का अब्बा बीवी पर एसिड अटैक कर फरार

आमिर खान को बाइक लेनी थी। बीवी हिना परवीन पर इसके लिए 70 हजार रुपए अपने मायके से लाने को कहा। हिना पैसे लेकर नहीं लौटी तो आमिर ने उस पर तेजाब उड़ेल दिया। मामला झारखंड के रांची का है। घटना रविवार (27 नवंबर 2022) की है। हिना की हालत गंभीर है। आमिर फरार है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला नामकुम थाना क्षेत्र के काँटाटोली स्थित मौलाना आजाद कॉलोनी का है। पीड़िता के अब्बा ने दामाद आमिर अपनी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया है कि आमिर पिछले कुछ समय से उनकी बेटी पर 70 हजार रुपए लाने का दबाव बना रहा था। प्रताड़ना से तंग आकर हिना शनिवार को मायके चली आई थी। पिता ने उसे जल्द पैसे का इंतजाम करने का भरोसा देकर वापस ससुराल भेजा दिया।

हिना के अब्बा के मुताबिक आमिर इन पैसों से बाइक खरीदना चाहता था। रविवार को हिना के वापस लौटते ही आमिर पैसे माँगने लगा। आरोप है कि उसने पहले से ही तेजाब खरीद कर घर में रख लिया था। जब हिना अपना मुँह धो रही थी तो उसने स्टील के बर्तन में रखे तेजाब को उस पर उड़ेल दिया। उसके चिल्लाने की आवाज सुन आसपास के लोग जमा हुए। एसिड अटैक से हिना का चेहरा, गर्दन और छाती बुरी तरह से जल गए।

बताया जा रहा है कि इस दौरान आमिर घटनास्थल से भाग निकला। हिना का रिम्स के बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है। हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल वह कुछ बोल नहीं पा रही है। हिना के अब्बा के मुताबिक आमिर आए दिन नशे में उनकी बेटी की पिटाई करता था। उनका कहना है कि एक बार तो हालात तलाक तक पहुँच गए थे, लेकिन दोनों पक्षों के कुछ लोगों ने बातचीत कर मामला सुलझा दिया था।

पीड़िता के भाई के मुताबिक हिना और आमिर का निकाह लगभग 10 साल पहले हुआ था। दोनों के 2 बच्चे भी हैं। आरोप है कि हिना जब भी मायके आती थी, ससुराल के लिए 5-10 हजार ले जाती थी। आमिर की मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान है। पुलिस का कहना है कि आमिर के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।

मोहम्मद फैज ने नाबालिग हिंदू लड़की से कहा- निकाह कर, नहीं तो कर दूँगा टुकड़े-टुकड़े, पकड़ने आई पुलिस से भिड़ गए परिजन

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक नाबालिग हिंदू लड़की पर निकाह के लिए दबाव डालने और धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोपित की पहचान मोहम्मद फैज के तौर पर हुई है। उस पर पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। फैज को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन उससे पहले उसे पकड़ने आई पुलिस से उसके परिजन और पड़ोसी भिड़ गए। घटना शनिवार (26 नवम्बर 2022) की है।

घटना नौबस्ता थाना क्षेत्र की है। पीड़िता एक बिजनेसमैन की बेटी है। 12वीं में पढ़ती है। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित परिवार ने फैज पर अपनी बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। चमनगंज के रहने वाले फैज पर नाबालिग छात्रा पर इस्लाम कबूलने और खुद से निकाह करने का दबाव डालने का आरोप है।

शिकायत के मुताबिक फैज ने निकाह नहीं करने पर पीड़िता के टुकड़े टुकड़े करने की धमकी दी। उसे घर से उठाने की बात कही। साथ ही उसके पूरे परिवार को गोली मारने की भी धमकी दी। ऑपइंडिया के पास मामले की शिकायत कॉपी मौजूद है। अक्टूबर में पीड़ित परिवार ने पहली बार फैज के खिलाफ शिकायत की तो वह फरार हो गया। लेकिन फरारी में भी वह 25 नवंबर को पीड़िता के घर पहुँच गया था। पुलिस के अनुसार फैज आपराधिक प्रवृत्ति का है। उस पर पहले से 3 केस दर्ज हैं। वह पहले भी जेल जा चुका है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता के परिवार के लोग अक्सर बीमार रहते थे। इसी दौरान किसी ने उन्हें अजमेर दरगाह जाने की सलाह दी थी। पीड़िता के पिता के मुताबिक फैज उन्हें अजमेर के रास्ते में मिला था। बाद में उसने सोशल मीडिया के जरिए उनकी बेटी से दोस्ती कर ली। जब वह लड़की को प्रताड़ित करने लगा तो अक्टूबर 2022 में पीड़ित परिवार ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करवा। इसके बाद वह फरार हो गया। इस दौरान पीड़ित पिता को लगातार धमकियाँ मिलने के चलते उन्होंने 27 नवंबर को फिर से उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया।

फरारी में फैज लगातार लोकेशन बदल रहा था। शनिवार (26 नवंबर 2022) को पुलिस को उसकी लोकेशन चमनगंज में मिली। उसकी घेराबंदी की गई तो उसने महिलाओं को आगे कर दिया। बाद में महिलाओं ने आसपड़ोस के बाकी लोगों को भी जमा कर पुलिस से धक्कामुक्की की। बाद में अतिरिक्त फोर्स बुलाकर भीड़ को काबू किया गया और फैज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में फैज की अम्मी पुलिस वालों से उलझती दिखाई दे रही हैं। हालाँकि पुलिस ने महिलाओं को चेतावनी देकर छोड़ दिया है।

मदरसों में पढ़ रहे आठवीं तक के छात्रों को अब नहीं मिलेगी स्कॉलरशिप, पिछले साल 16558 मदरसों के 5 लाख बच्चों को मिला था

केंद्र की मोदी सरकार ने मदरसा छात्रों को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि अभी तक जो उनकी ओर से 1 से 8 वीं कक्षा के छात्रों को छात्रवृत्ति मिलती थी वो अब से नहीं मिलेगी।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार मदरसा के कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को जो स्कॉलरशिप देती थी, उसमें उन्होंने अपने हिस्सा देने पर रोक लगा दी है। केंद्र सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि शिक्षा के अधिकार के तहत ‘पहली से लेकर आठवीं क्लास’ की शिक्षा मुफ्त है। ऐसे में 1 से 5 तक के छात्रों को 1000 रुपए और 6 से 8वीं तक के बच्चों को अलग-अलग कोर्स के हिसाब से छात्रवृत्ति देने पर रोक लगाई गई। अब केवल 9 वीं और 10वीं के छात्रों को पहले की तरह स्कॉलरशिप मिलेगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले वर्ष 16558 मदरसों के 4 से 5 लाख बच्चों को स्कॉलरशिप मिली थी। इस साल भी तमाम बच्चों ने इसके लिए आवेदन किया। हालाँकि केंद्र की ओर से फैसला आया कि अब से ये स्कॉलरशिप नहीं दी जाएगी।

इस संबंध में अल्पसंख्यक विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया कि शिक्षा के अधिकार के तहत क्लास 1 से लेकर क्लास आठवीं तक पढ़ाई फ्री है। विद्यार्थियों को जरूरत की चीजें भी दी जाती हैं। इसलिए केवल 9वीं और 10वीं के बच्चों को ही छात्रवृत्ति मिलेगी। उन्हीं के आवेदन स्वीकारे जाएँगे।

दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट बताती है कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के 269 मदरसों में भी 1 से 8वीं क्लास के लगभग 15 हजारों छात्रों की स्कॉलरशिप रोकी है। यह फैसला केंद्र सरकार के फैसले के बाद लिया गया है।

मदरसों को लेकर विवाद

उल्लेखनीय है कि बीते कुछ समय में देश भर के मदरसे काफी कारणों से चर्चा में रहे है। उत्तर प्रदेश में तो सर्वे के बाद यह तक पता चला था कि राज्य में 7500 से अधिक मदरसे बिन मान्यता के चल रहे थे। सर्वेक्षण के दौरान कहा गया था कि ये मदरसे दान पर चल रहे हैं।

ऐसे में योगी सरकार ने फैसला किया था कि वो इन दान के स्रोत की जाँच करवाएगी। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, सऊदी और नेपाल से इन्हें मदरसा संचालित करने के लिए जकात दी गई थी।

‘यात्रीगण कृपया ध्यान दें, डिंपल भाभी को जिताएँ’: इटावा रेलवे स्टेशन पर इन्क्वायरी रूम से अनाउसमेंट, जिंदाबाद के भी लगे नारे

उत्तर प्रदेश के इटावा रेलवे स्टेशन पर मैनपुरी से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी डिंपल यादव के समर्थन में अनाउसमेंट किए जाने का मामला सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार इन्क्वायरी रूम से शनिवार (26 नवम्बर 2022) की रात 11 बजे के करीब उनके समर्थक में अपील की गई। बीजेपी ने आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत का फैसला किया है। रेलवे मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार रात लगभग 11 बजे यात्रियों को ट्रेन की जानकारी देने वाले माइक से ‘यात्रीगण कृपया ध्यान दें, डिंपल भाभी को जिताएँ’ का अनाउसमेंट किया गया। पहले तो यात्री कुछ समझ नहीं पाए। चश्मदीदों के मुताबिक यह अनाउसमेंट 15 से 20 बार किया गया।

इस दौरान ‘डिंपल यादव जिंदाबाद’ के नारे लगने की भी खबर है। चश्मदीदों के अनुसार रात के समय इन्क्वायरी रूम खाली था। कुछ लोग उसमें घुस गए और ये हरकत की। अनाउसमेंट सुनकर जब तक लोग इन्क्वायरी रूम पहुँचे वे लोग निकल चुके थे। चंद्रवीर नामक एक प्रत्यक्षदर्शी का दावा है कि यह हरकत रेलवे यूनियन से जुड़े कुछ लोगों ने की है जो प्रयागराज जा रहे थे। अनाउंसमेंट करने वालों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक पूछताछ काउंटर पर तैनात कर्मचारी मंशा मुंडा ने इसे नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा जबरन की गई हरकत बताया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट सीनियर अधिकारियों को भेजी जा रही है। मैनपुरी से भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए इसे समाजवादी पार्टी की बौखलाहट बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सपा ने अभी से हार मार ली है। शाक्य ने इस हरकत की शिकायत चुनाव आयोग से करने का फैसला किया है।

गौरतलब है कि मुलायम सिंह के निधन से खाली हुई मैनपुरी लोकसभा सीट पर आगामी 5 दिसम्बर 2022 को उपचुनाव होना है। समाजवादी पार्टी ने यहाँ से अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है।

चीन के कई शहरों में फैला प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे छात्र: शी जिनपिंग के खिलाफ नारेबाजी, पत्रकार को पुलिस ने पीटा

चीन के अलग-अलग शहरों की सड़कों पर वामपंथी सरकार के खिलाफ उठा विरोध प्रदर्शन जोर पकड़ चुका है। खबर है कि वहाँ सैंकड़ों छात्र बीजिंग के चाओयांग जिले में एकत्रित हुए जहाँ हर एंबेसी स्थित है। यहाँ उन्होंने अपना प्रदर्शन किया जो धीरे-धीरे चीन के अन्य शहरों और यूनिवर्सिटीज में भी फैलता दिखाई दिया। हालात देखते हुए प्रशासन भारी तादाद में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

बीबीसी के पत्रकार को पीटा

इस बीच बीबीसी ने भी जानकारी दी कि रविवार को उनका एक पत्रकार चीन में हो रहे प्रदर्शन की कवरेज करने मौके पर पहुँचा थे कि लेकिन पुलिस ने वहाँ उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पत्रकार का नाम एड लॉरेंस हैं जिन्हें शंघाई में चल रहे प्रदर्शन की कवरेज करने पर पकड़ा गया।

कथिततौर पर पुलिस ने लॉरेंस को घंटों हिरासत में रखा। इस दौरान उन्हें पीटा गया, पुलिस द्वारा मारा गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। बीबीसी ने अपने बयान में कहा भी, “यह देखना बहुत चिंताजनक है कि हमारे पत्रकार पर उस समय हमला हुआ जब वो बस अपनी ड्यूटी कर रहा था।”

बीबीसी ने बताया कि उनके पास इस घटना के संबंध में कहीं से कोई सफाई नहीं आई है बल्कि प्रशासन तो कह रहा है कि उन्होंने पत्रकार को उसके भले के लिए पकड़ा था ताकि उसे भीड़ में कोरोना न हो जाए। बीबीसी ने घटना के संबंध में विस्तृत सफाई माँगी है।

चीन की सड़कों पर उतरे लोग, शी जिनपिंग के खिलाफ नारेबाजी

उल्लेखनीय है कि चीन में लगे लॉकडाउन के बीच गुरुवार (24 नवंबर को हुए बड़े हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद शनिवार को वहाँ विरोध प्रदर्शन भड़का। सैंकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने चीन की वामपंथी सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की और अपना गुस्सा जाहिर किया।  सामने आई वीडियोज को लेकर दावे किए गए कि लोगों ने वामपंथी सरकार को ललकारते हुए कुर्सी छोड़ने को कहा। लोग बोले- “कम्युनिस्ट पार्टी कुर्सी छोड़ो, शी जिनपिंग कुर्सी छोड़ों।”

जीरो कोविड पॉलिसी पर भड़के चीनी लोगों ने यह भी कहा, “हमें पीसीआर टेस्ट नहीं करवाना, हमें आजादी चाहिए, लॉकडाउन खत्म करो, लॉकडाउन खत्म करो।” कथिततौर पर इस प्रदर्शन के दौरान आम जनता पुलिस के सामने ही नारेबाजी करती रही, जिसे पुलिस ने चुपचाप देखा। सोशल मीडिया यह नजारा देख लोग बोले कि शायद ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पुलिस भी हैरान थी जो दशकों से नहीं हुआ वो अब हो रहा है।

‘बच्चों की हत्यारी सरकार’: हिजाब विरोधी प्रदर्शन के बीच ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता की भांजी को ही गिरफ्तार किया, UN को भी सुनाई थी खरी-खरी

ईरान में चल रहे हिजाब विरोधी प्रदर्शन के बीच ईरान पुलिस ने वहाँ के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की भांजी फरीद मोरादखानी को गिरफ्तार किया है। दरअसल, मोरादखानी ने यूट्यूब पर एक वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में उन्होंने ईरानी सरकार की आलोचना करते हुए उसे ‘जानलेवा और बच्चों की हत्या करने वाली सरकार’ करार दिया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

फरीद मोरादखानी को जिस वीडियो के आधार पर गिरफ्तार किया गया है, उस वीडियो उन्होंने ईरान के लोगों से अपील करते हुए कहा था, “स्वतंत्र लोगों, हमारे साथ रहो। अपनी सरकारों से कहो कि वह इस जानलेवा और बच्चों की हत्या करने वाले शासन का समर्थन करना बंद करें। यह शासन अपने किसी भी धार्मिक सिद्धांत के प्रति वफादार नहीं है। ईरानी शासन अपनी शक्ति को बनाए रखने के अलावा किसी भी अन्य नियम या कानून को नहीं जानता है।”

इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था, “संयुक्त राष्ट्र ने यहाँ बहादुर ईरानियों पर हो रहे खुले उत्पीड़न के लिए खेद जताने और अप्रभावी बयानों के अलावा क्या किया है।” हालाँकि, अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि फरीद मोरादखानी का यह वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था।  कहा जा रहा है कि फरीद मोरादखानी की गिरफ्तारी बुधवार (23 नवंबर, 2022) को हुई है। इस गिरफ्तारी की जानकारी, उनके भाई महमूद मोरादखानी ने दी है।

गौरतलब है कि ईरान में मोरादखानी को मृत्युदंड विरोधी कार्यकर्ता के रूप में जाने जाता है, उन्होंने कई मोर्चों पर मृत्युदंड देना का खुला विरोध किया था। यह पहली बार नहीं है जब फरीद मोरादखानी को गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा हो, इससे पहले उन्हें इसी साल जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी अक्टूबर 2021 के एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने शाह मोहम्मद रजा पहलवी की विधवा फराह दीबा की दिल खोलकर प्रशंसा की थी।

बता दें कि फरीद मोरादखानी ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनई की बहन बादरी की बेटी हैं। बादरी साल 1980 के दशक में अपने परिवार से अलग हो गईं थीं और इराक भाग गई थीं।