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केरल में चलती कार में जिस मॉडल से गैंगरेप, उसने कहा – बियर में कुछ पाउडर मिला हुआ था, जताई ‘साजिश’ की आशंका

केरल के कोच्चि (Kochi, Kerala) में गैंगरेप की शिकार 19 वर्षीय मॉडल ने इस मामले में ‘साजिश’ का अंदेशा जताया है। मॉडल ने पुलिस को बताया कि राजस्थानी मूल की उसकी दोस्त डिंपल लंपा उसे पब ले गई थी। उसने संदेह जताया कि उसे दी गई बीयर में किसी तरह का नशा मिला दिया गया था।

मॉडल ने अपने बयान में कहा है कि बेहोश होने के दौरान डिंपल ने कोडुंगल्लूर के रहने वाले तीन युवकों- सुदीप, विवेक और नितिन की कार में उसे बैठने के लिए कहा था। ये तीनों युवक डिंपल के दोस्त हैं। पुलिस ने शुक्रवार (18 नवंबर 2022) को महिला और तीनों युवकों गिरफ्तार कर लिया है।

मॉडल ने कहा, “मेरा दोस्त, जिसे मैं कुछ समय से जानती हूँ, मुझे पार्टी के लिए पब में ले गया। आशंका है कि मुझे दी गई बीयर में कुछ पाउडर मिला हुआ था। डिंपल लंपा ने अपने दोस्त की कार में बैठने के लिए कहा।”

मॉडल का आरोप है कि तीनों ने चलती कार में उसके साथ गाली-गलौज की। इस दौरान कार करीब 45 मिनट तक शहर के विभिन्न स्थानों पर घूमती रही। दुर्व्यवहार के बाद उसे खाना खाने के लिए एक रेस्तरां में छोड़ दिया गया। फिर वे पब लौट आए और डिंपल को अपने साथ ले गए। वह डरी हुई थी और इसलिए उस समय कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकती थी।

इस बीच, पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस सही दिशा में जाँच नहीं कर रही है। पीड़ित मॉडल का आरोप है कि पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसे अब लौटाया है। उधर, पुलिस ने आरोपियों पर दुष्कर्म, साजिश रचने और अपहरण के आरोप लगाए गए हैं।

कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त सीएच नागराजू ने कहा कि पुलिस इस बात की जाँच करेगी कि घटना के पीछे कोई साजिश तो नहीं है। उन्होंने कहा, “यदि आवश्यक हुआ तो यह पता लगाने के लिए वैज्ञानिक जाँच की जाएगी कि क्या लड़की को शराब पीने के बाद छेड़छाड़ की गई थी।”

बता दें कि गुरुवार (17 नवंबर 2022) की रात करीब 10 बजे पीड़िता ने बीयर पी और रविपुरम स्थित पब के अंदर बेहोश होकर गिर गई। पब में मौजूद युवक उसे अपनी कार में यह कहते हुए ले गए कि वे उसे कक्कनड में उसके घर छोड़ देंगे। इस बार उसकी सहेली चली गई।

गैंगरेप के बाद तीनों आरोपित पीड़िता को उसके आवास पर छोड़ कर चले गए। इस दौरान महिला की तबियत काफी खराब होने लगी। महिला ने अपने एक दोस्त को पूरी बात बताई। इसी दोस्त ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता रात से सुबह 5 बजे तक बेसुध हालत में पड़ी रही थी। पुलिस ने उसे कक्कानड अस्पताल में भर्ती करवाया था, जहाँ से हालत गंभीर होने के चलते उसे कलमस्सेरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था।

इस घटना पर केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस घटना को चौंकाने वाली और निंदनीय बताया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने पीड़िता का बेहतर इलाज करवाने के साथ आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

गुजरात में 7वीं बार भाजपा सरकार, AAP की डूबेगी नैया: जनमत सर्वेक्षण में BJP को 104-119 सीटें, भूपेंद्र पटेल सबसे पसंदीदा CM

गुजरात में जारी विधानसभा चुनावों (Gujarat Assembly Election) के बीच सामने में सर्वे में भाजपा (BJP) रिकॉर्ड बनाने जा रही है। ओपिनियन पोल के मुताबिक, भाजपा राज्य में लगातार सातवीं बार सरकार बनाने की दिशा में बढ़ रही है। वहीं, कॉन्ग्रेस (Congress) को दूसरे स्थान पर बताया गया है।

इंडिया टीवी और मैट्रिज द्वारा कराए गए जनमत सर्वे के मुताबिक, इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 104-119 मिलने का अनुमान है। वहीं, कॉन्ग्रेस को 53-68 सीटें मिलने की बात कही गई है। उधर, भाजपा ने राज्य के 182 विधानसभा सीटों में से 140 सीटें जीतने का दावा कर रही है। बहुमत के लिए 92 सीटों की जरूरत है।

ओपिनियन पोल में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की आम आदमी पार्टी (Aam Adami Party) को सिर्फ पाँच सीटों से संतोष करना पड़ रहा है। वहीं, अन्य दलों एवं निर्दलीयों को 3 सीटें दी गई हैं। बता दें कि केजरीवाल ने गुजरात में माहौल बनाने की कोशिश करते हुए कॉन्ग्रेस को 5 सीटें मिलने का दावा किया था।

अगर पिछले विधानसभा चुनाव यानी 2017 की बात की जाए तो उस समय भाजपा ने 182 सीटों में से 99 सीटें जीती थीं। वहीं, कॉन्ग्रेस को 77 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। आम आदमी पार्टी ने उस समय राज्य में चुनाव नहीं लड़ा था।

सर्वे में कहा गया है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कुल मत का 49.50 प्रतिशत मिलने की उम्मीद है। वहीं, कॉन्ग्रेस को 39.10 प्रतिशत, आम आदमी पार्टी को सिर्फ 8.40 प्रतिशत और अन्य दलों एवं निर्दलीयों को 3 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 49.05 और कॉन्ग्रेस को 41.44 प्रतिशत वोट मिले थे।

वोटों के डिस्ट्रिब्यूशन की बात की जाए तो मध्य गुजरात में भाजपा को सबसे अधिक 61 में से 41 सीटें मिलती दिख रही हैं। यहाँ कॉन्ग्रेस को 19 और आम आदमी पार्टी को शून्य सीटें मिलने की उम्मीद है। सौराष्ट्र-कच्छ में भाजपा को 54 में से 30 सीटें मिलेंगी, जबकि कॉन्ग्रेस को 21 और AAP को 3 सीटें मिलने का अनुमान है।

दक्षिण गुजरात की कुल 35 सीटों में से भाजपा को 26 और कॉन्ग्रेस को 3 सीटें मिलने की बात कही गई है। यहाँ भी आम आदमी पार्टी को 3 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, उत्तरी गुजरात की कुल 32 सीटों में भाजपा और कॉन्ग्रेस को बराबर सीटें मिलती दिख रही हैं। AAP को यहाँ एक भी सीट नहीं दी गई है।

सर्वे में पसंदीदा मुख्यमंत्री का सवाल भी लोगों से पूछा गया था। इस सर्वे में 32 प्रतिशत लोगों ने वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पसंदीदा बताया है। AAP नेता इसुदान गढ़वी को 7 प्रतिशत, कॉन्ग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल को 6 प्रतिशत, भरत सिंह सोलंकी को 4 प्रतिशत, सुखराम राठवा को 4 प्रतिशत लोगों ने मनपसंद बताया।

कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम से शशि थरूर को हटाया गया, कोई कारण भी नहीं बताया: गाँधी परिवार के कैंडिडेट और अध्यक्ष खड़गे के खिलाफ लड़े थे चुनाव

युवा कॉन्ग्रेस (Yuva Congress) द्वारा रविवार (20 नवंबर 2022) को केरल के कोझीकोड (Kozhikode, Kerala) में ‘संघ परिवार और धर्मनिरपेक्षता के लिए चुनौतियाँ’ विषय पर वार्ता आयोजित करा रही है। अब आयोजकों ने इसकी मेजबानी से कॉन्ग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress MP Shashi Tharoor) से हटा दिया।

इसके पीछे कॉन्ग्रेस या युवा कॉन्ग्रेस ने कोई कारण नहीं बताया है। थरूर उत्तरी केरल के चार दिवसीय दौरे पर हैं। ऐसे में कोझीकोड जिला युवा कॉन्ग्रेस ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। हालाँकि, अंतिम समय में थरूर को इससे अलग कर दिया गया। माना जा रहा है कि कॉन्ग्रेस का एक वर्ग थरूर को बुलाने से नाराज चल रहा था।

इसको लेकर थरूर ने कहा, “जब भी मैं कोझीकोड में होता हूँ, DCC मुझे एक कार्यक्रम में आमंत्रित करता है। मुझे लगा कि यह एक समान निमंत्रण था। जो मैं समझता हूँ, उन्हें कुछ असुविधा हुई, लेकिन मुझे इससे कोई समस्या नहीं है। कोझीकोड में मेरा कार्यक्रम वैसे भी भरा हुआ है।”

जब उनसे मीडियाकर्मियों ने पूछा कि उनका बढ़ता कद किसी के लिए खतरा है, तब इस पर थरूर ने कहा, “मैं किसी से नहीं डरता और मुझे नहीं लगता कि किसी को भी मुझसे डरना चाहिए।”

कोझीकोड के सांसद एमके राघवन भी इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। राघवन ने पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव में थरूर का समर्थन किया था। बता दें कि थरूर ने पार्टी अध्यक्ष के चुनाव में उम्मीदवार थे और वे गाँधी परिवार द्वारा समर्थित उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए।

कार्यक्रम से थरूर को हटाने को लेकर यूथ कॉन्ग्रेस की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक केएस सबरीनाधन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, “इस कार्यक्रम के माध्यम से थरूर उत्तरी केरल में कॉन्ग्रेस के धर्मनिरपेक्ष रुख को उजागर कर सकते थे, लेकिन मीडिया के माध्यम से मुझे पता चला कि कुछ तबकों से इस कार्यक्रम को बदलने का निर्देश दिया गया था।”

शनिवार की शाम को थरूर ने कोझीकोड के सांसद एमके राघवन के साथ थमारसेरी कैथोलिक बिशप बिशप रेमिगियोस इनचानानियिल से मुलाकात की। बिशप को किसानों के मुद्दों को उठाने के लिए जाना जाता है और थरूर की पादरियों से मुलाकात को ईसाई समुदाय के किसानों का विश्वास जीतने के प्रयास के रूप में देखा जाता है।

आफताब ने श्रद्धा का मर्डर किया… क्योंकि इंटरनेट पर सब कुछ आसानी से मिलता है: बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का तर्क

श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Murder Case) पर बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता (Chief Justice Dipankar Datta) का भी बयान आया है। शनिवार (19 नवम्बर 2022) को उन्होंने भारत में बढ़ रहे साइबर अपराध पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर हर चीज आसानी से मिल जाने के सकारात्मक के साथ नकारात्मक परिणाम भी होते हैं।

बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दत्ता ने यह बयान पुणे में टेलीकॉम डिस्प्यूट स्टेटमेंट अपीलेट ट्रिब्यूनल (TDSAT) के ‘टेलीकॉम, ब्रॉडकास्टिंग, आईटी और साइबर सेक्टर्स में डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन मैकेनिज्म’ सेमिनार को संबोधित करते हुए दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेमिनार में बोलते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि लोगों ने श्रद्धा मर्डर केस के बारे में अख़बारों में पढ़ा होगा। उन्होंने इसे मुंबई में प्रेम और दिल्ली में खौफ की संज्ञा दी। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह से अपराधों में बढ़ोत्तरी इसलिए हो रही है क्योंकि इंटरनेट के माध्यम से लोगों को वो तमाम चीजें आसानी से मिल जाती हैं, जिसकी तो तलाश करते हैं।

जस्टिस दत्ता के मुताबिक उन्हें आशा है कि भारत सरकार भी इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही होगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपांकर के मुताबिक हालॉंकि भारत में दूरसंचार विधेयक मौजूद है लेकिन भविष्य की चुनौतियों के लिए एक मजबूत कानून जरूरी होगा।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने निजी सम्मान की रक्षा करते हुए समाज में सभी को न्याय दिलाने की दिशा में प्रयास करना होगा। न्यायाधीश ने लोगों से इसे एक टारगेट के तौर पर लेने की अपील की है। NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के मुद्दे पर बोलते हुए जस्टिस दत्ता ने कहा कि इसकी क्षेत्र के हिसाब से बेंच होनी चाहिए। अंत में उन्होंने लोगों से संवैधनिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की।

भारत की साइबर दुनिया में तेजी से हो रहे बदलाव पर जस्टिस दत्ता ने पिछले दिनों की याद दिलाई। उन्होंने बताया कि 1989 में लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं थे लेकिन 2-3 वर्षों के अंदर उनके पास पेजर आ गए। पहले मोटोरोला के बड़े हैंडसेट की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि बाद में छोटे हैंडसेट आ गए।

बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता के मुताबिक अब आ रहे फोन में ऐसी चीजें उपब्लध हैं, जो पहले सोच से भी परे थीं। न्यायाधीश ने इस नए सिस्टम में हैकिंग के खतरे बढ़ने से सतर्क करते हुए इसे लोगों की निजता पर हमला बताया है।

ट्रंप का ट्विटर हैंडल हो गया रिस्टोर, एलन मस्क ने कराया था पोल: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा – अब लौटने में दिलचस्पी नहीं

टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) एलन मस्क (Elon Musk) द्वारा सोशल मीडिया साइट ट्विटर (Twitter) का अधिग्रहण करने के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US Ex-President Donald Trump) की इस पर वापसी हो गई है। इसके पहले मस्क ने ट्विटर पर इसके लिए पोल कराया था। हालाँकि, ट्रंप ने शनिवार (19 नवंबर 2022) को कहा कि बहुमत के बाद भी ट्विटर पर लौटने में अब उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।

इसके पहले एलन मस्क ने ट्विटर पर लोगों से इसके बारे में पूछा था। उन्होंने कहा था कि कुछ लोग चाहते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप के ट्विटर हैंडल को रिस्टोर किया जाए। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया साइट पर पोल कराकर लोगों से पूछा था कि डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट रिस्टोर किया जाए या नहीं।

इस पोल में 51.8 प्रतिशत लोगों ने डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट रिस्टोर करने की बात कही। इसके बाद एलन मस्क ने रविवार (20 नवंबर 2022) को डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट रिस्टोर करने की जानकारी ट्विटर पर दी। उन्होंने लिखा, “जनता बोल चुकी है। ट्रंप को बहाल किया जाएगा। जनता की आवाज, ईश्वर की आवाज है।”

एलन मस्क की घोषणा के बाद डोनाल्ड ट्रंप का ट्विटर अकाउंट रिस्टोर हो गया। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप पर चुनाव नतीजों के बाद कैपिटल हिल में दंगा भड़काने के आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद ट्विटर के पुराने मालिकों ने जनवरी 2021 में ट्रंप का अकाउंट स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया था। इस दंगों को लेकर उन पर अवांछित कंटेंट शेयर करने का आरोप लगाया गया था। 

ट्विटर पर वापसी को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मुझे वापसी का कोई कारण नहीं दिखता है। मैं अपनी ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) स्टार्टअप की ओर से विकसित ऐप ‘ट्रूथ सोशल’ पर रहूँगा। इस पर ट्विटर की तुलना में यूजर्स से बेहतर जुड़ाव है और यह बहुत अच्छा कर रहा है।”

बंगाल में ‘दत्ता’ की जगह लिख दिया ‘कुत्ता’, अधिकारी के सामने ही भोंकने लगा शख्स: अजोबोग़रीब विरोध के बाद गलती सुधारने का दिया गया आदेश

पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में रहने वाले एक व्यक्ति ने राशन कार्ड में दत्ता की जगह कुत्ता नाम हो जाने पर विरोध करने का अजीबोगरीब तरीका अपनाया है, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अधिकारी की गाड़ी के पास जाकर भोंकते हुए नजर आ रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा मामला बाँकुरा जिले के बिकना ग्राम पंचायत अंतर्गत केशियाकोले गाँव का है। जहाँ, श्रीकांत दत्ता नामक व्यक्ति के राशन कार्ड में बार-बार नाम गलत हो रहा था। पहले तो उनका नाम मण्डल और दत्त कर दिया गया। लेकिन, हद तो तब हो गई जब दत्ता की जगह ‘कुत्ता‘ लिख दिया गया। इसके बाद से वह कुत्तों की तरह भोंक कर विरोध दर्ज करा रहे हैं।

दरअसल, बुधवार (16 नवंबर 2022) को संयुक्त बीडीओ बिकाना ग्राम पंचायत के ‘दुआरे सरकार’ शिविर का दौरा करने पहुँचे थे। जहाँ, अपने राशन कार्ड में बार-बार नाम गलत होने से परेशान श्रीकांत दत्ता ने कुत्ते की तरह भोंक कर विरोध जताया। श्रीकांत दत्ता जब भोंक रहे थे तब कार पर बैठे अधिकारी ने अपना मुँह फेर लिया था। लेकिन, श्रीकांत लगातार भोंकते रहे। एक समय तो ऐसा भी आया जब कार में बैठे बीडीओ घबरा गए।

हालाँकि, बाद में बीडीओ ने कार रोककर श्रीकांत दत्ता से बातचीत की और पूरी बात समझने के बाद अधिकारियों को उनके नाम से ‘कुत्ता’ हटाने और उसकी जगह सही नाम श्रीकांत दत्ता दर्ज करने का आदेश दिया।

इस पूरे मामले में पीड़ित श्रीकांत दत्ता का कहना है कि जब उन्होंने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था तब पहले चरण में उन्हें राशन कार्ड मिला तो उसमें उनका नाम श्रीकांत दत्ता की जगह श्रीकांत मण्डल कर दिया गया था। इसके बाद जब, उन्होंने नाम सुधार के लिए आवेदन दिया तब उनका नाम दत्ता की जगह दत्त कर दिया गया। एक बार फिर उन्होंने नाम सुधार का आवेदन दिया, तब उनका नाम श्रीकांति कुमार कुत्ता लिख दिया गया, जिसके बाद वह मानसिक रूप से टूट गए। इसलिए, उन्होंने विरोध करने के लिए यह तरीका अपनाया।

डंडे से डराया, पीटा, नाबालिग लड़की को KISS करवाया, हँसते रहे सब… वीडियो वायरल होने के बाद कॉलेज ने 12 को किया निलंबित: BJD का छात्र नेता है आरोपित

ओडिशा के गंजाम जिले के एक जूनियर कॉलेज में रैगिंग के नाम पर नाबालिग लड़की और लड़के को जबरन किस कराने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद 5 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें दो नाबालिग हैं। वहीं, कॉलेज ने घटना में शामिल छात्रों को कॉलेज से निष्काषित किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रैगिंग और यौन उत्पीड़न का यह मामला गंजाम जिले के बेरहामपुर स्थित बिनायक आचार्य गवर्नमेंट कॉलेज बेरहामपुर का है। इस घटना के वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि आरोपित छात्र कॉलेज के जूनियर लड़के को एक नाबालिग लड़की को किस करने के लिए मजबूर कर रहा है। इसके बाद, जूनियर लड़का लड़की को किस करता दिखाई देता है।

हालाँकि, बात यहीं पर खत्म नहीं होती। जब लड़का, वहाँ से जाने लगता है आरोपित छात्र डंडा दिखाकर उसे रोकता है। साथ ही, जब लड़की उठकर जाने लगती है तो आरोपित उसे भी डंडा दिखाता है और उसका हाथ पकड़ कर खींचते हुए उसे वापस बैठा देता है। यही नहीं, वह जूनियर लड़के को जमीन पर बैठाकर पीटता हुआ भी दिखाई दे रहा है। इस वीडियो में, कुछ लड़के और लड़कियाँ भी दिखाई दे रहीं हैं, लेकिन घटना का विरोध करने की बजाय सभी हँसते हुए दिखाई दे रहे हैं।

इस मामले पर, कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रमिला खडंगा ने कहा है कि रैगिंग में शामिल हुए छात्रों की पहचान हो गई है। एंटी-रैगिंग टीम की सिफारिश के बाद इसमें संलिप्त 12 छात्रों को कॉलेज से निष्कासित किया गया है। 12वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन, ओडिशा बोर्ड को एक पत्र भी लिखेगा।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद, स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पाँच आरोपित छात्रों को हिरासत में लिया है। इसमें, दो नाबालिग और तीन बालिग छात्र हैं। इस घटना का मुख्य आरोपित अभिषेक नाहक है, जो यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में जमानत पर है। आरोपित अभिषेक ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी ‘बीजू जनता दल’ के छात्र संगठन और कैंपस समिति का सदस्य है।

इस पूरी घटना पर बेरहामपुर एसपी सरबन विवेक एम का कहना है कि आरोपित छात्रों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो एक्ट) अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी कहा है कि यह सिर्फ रैगिंग का मामला नहीं है, बल्कि पीड़ित छात्रा के यौन उत्पीड़न का भी मामला है।

‘आफ़ताब का मतलब सूर्य होता है’: श्रद्धा के हत्यारे का बचाव कर रहे कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद? उधर लापता परिवार की तलाश में जुटी पुलिस

ये खबर आजकल चर्चा का विषय बनी हुई है कि कैसे आफताब अमीन पूनावाला ने श्रद्धा नाम की हिन्दू लड़की की हत्या कर के शव के 35 टुकड़े किए और उन्हें अपने फ्रिज में डाल रखा था। अब इस घटना को लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी व भाजपा में वाक् युद्ध छिड़ गया है। दरअसल, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आगाह किया था कि अगर देश में एक मजबूत नेता नहीं होगा तो हर शहर में आफताब जैसे हत्यारे पैदा होंगे और हम अपने समाज की रक्षा करने में समर्थ नहीं हो पाएँगे।

उन्होंने गुजरात के कच्छ में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि आफ़ताब जैसे हत्यारे हर शहर में पैदा न हों, इसके लिए देश में एक मजबूत नेता का होना आवश्यक हैं। उन्होंने आगे कहा था कि इन्हीं कारणों से 2024 में नरेंद्र मोदी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना अति आवश्यक है। अब इस बयान के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी एक तरह से आफताब के बचाव में उतर आई है। पार्टी नेता सलमान ख़ुर्शीद के बयान से विवाद पैदा हो गया है।

‘रिपब्लिक’ की खबर के अनुसार, पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने पूछा है कि क्या सीएम सरमा ‘आफ़ताब’ शब्द का अर्थ जानते हैं? फिर उन्होंने समझाया कि ‘आफताब’ का मतलब सूर्य होता है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए ये कहा। बता दें कि श्रद्धा वॉकर हत्याकांड में पुलिस को अब आफताब के परिवार की तलाश है, जो लापता है। मुंबई के मीरा रोड स्थित उसका फ़्लैट खाली है। दीवाली के आसपास परिवार यहाँ रहने आया था।

श्रद्धा जिस कंपनी में काम करती थी, उसके मैनेजर करण बारी का बयान भी पुलिस दर्ज करेगी। उन्होंने जानकारी दी है कि नवंबर 2020 में श्रद्धा ने उन्हें आफताब द्वारा पीटे जाने की बात बताई थी। करण ने अपने एक परिचित को श्रद्धा की मदद के लिए भी भेजा था। आफताब का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है, जिसमें वो अपने घर से कुछ लेकर जाता दिख रहा है। हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद होने की बात कही जा रही है।

शादी का प्रस्ताव लेकर आफताब के घर गए थे श्रद्धा के माँ-बाप, बेइज्जत कर भगा दिया था: हत्या से पहले ‘छुट्टी पर’ चले गए थे अब्बू-अम्मी, बाद में लौटे

श्रद्धा मर्डर केस में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। मृतक श्रद्धा के पिता ने खुलासा किया है कि वह श्रद्धा की शादी का रिश्ता लेकर आफताब के घर गए थे, लेकिन आफताब ने शादी करने से इनकार कर दिया था। वहीं, आफताब के पड़ोसियों का कहना है कि उसके परिवार वाले छुट्टी मनाने गए थे और हत्या की खबर सामने आने के बाद वापस आए। यही नहीं, हत्या के आरोपित आफताब से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जिसमें वह बैग लिए दिखाई दे रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धा के पिता विकास वालकर ने खुलासा किया है कि वह और उनकी पत्नी हर्षिला अगस्त 2019 में शादी का प्रस्ताव लेकर आफताब के घर गए थे। लेकिन, आफताब के चचेरे भाई ने उन्हें बेइज्जत करते हुए भगा दिया था और कहा था कि कभी दरवाजे पर मत आना। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि, पहले उन्हें लगता था कि आफताब को उसके घरवालों का सपोर्ट नहीं है। लेकिन, अब आशंका जताई जा रही है कि उसके परिवार वाले भी इसमें शामिल थे।

गौरतलब है कि श्रद्धा की हत्या की जानकारी सामने आने के बाद से आफताब का परिवार गायब है। पुलिस को संदेह है कि श्रद्धा के मर्डर के बारे में आफताब के परिवार को पहले से जानकारी थी। इसलिए, पुलिस उसके परिवार वालों की तलाश में जुटी हुई है और उनके खिलाफ सबूत इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है।

वहीं, इस मामले में आफताब के पड़ोसियों का कहना है कि दिवाली के आसपास आफताब का परिवार वसई से मीरा रोड स्थित बिल्डिंग में शिफ्ट हुआ था। लेकिन, अब पिछले सप्ताह से फ्लैट पर ताला लगा हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि बिल्डिंग में रहने के लिए आने के बाद आफताब के माता-पिता और भाई सहित परिवार के सदस्य छुट्टी पर चले गए थे। इसके बाद, जब हत्या की खबर सामने आई तब वे लोग वापस आए थे। हत्या की घटना सामने आने के बाद, उन्होंने आफताब के पिता अमीन और माँ मुनीरा को दो बार देखा है।

यही नहीं, श्रद्धा की जघन्य हत्या करने के आरोपित आफताब का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में वह कंधे पर दो बैग टाँगे दिखाई दे रहा है। यह फुटेज 18 अक्टूबर की सुबह 4 बजे का बताया जा रहा है। इस फुटेज को लेकर पुलिस ने आफताब से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि उस बैग में आफताब श्रद्धा के शरीर के टुकड़े लेकर गया होगा।

नबाब खाँ की बकरी ने जन्मा इंसान जैसा दिखने वाला मेमना, चेहरा किसी चश्मा लगाए बुजुर्ग जैसा: सिरिंज से पिलाया जा रहा दूध, माँ नहीं आने दे रही पास

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बकरी ने इंसान की तरह दिखने वाले बच्चे को जन्म दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पालतू बकरी सिरोंज तहसील के सेमल खेड़ी गाँव के नबाब खाँ की है। नबाब खाँ की बकरी के बच्चे का चेहरा चश्मा लगाए बुजुर्ग जैसा लग रहा है। मेमना अब भी जीवित है। जिसे देखने के लिए आस पास के लोग पहुँच रहे हैं। अलग तरह का चेहरा होने के कारण बकरी बच्चे को दूध नहीं पिला पा रही है।

ऐसे में मेमने को सिरिंज की मदद से दूध पिलाया जा रहा है। सेमलखेड़ी के नबाब खाँ किसान हैं। उसके पास एक भैंस और 7 बकरियाँ हैं। इस बकरी ने पहली बार मेमने को जन्म दिया है। नबाब ने बताया कि बकरी इस अजीब बच्चे को अपने पास नहीं आने दे रही। मेमना कमजोर हो रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मेमने की तस्वीरें

सोशल मीडिया पर इस बकरी की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि उसकी आँखें, इंसानों की तरह बिल्कुल एक दूसरे के अगल-बगल हैं और उनके आसपास काला घेरा है जो किसी चश्मे जैसा दिख रहा है। इसके अलावा बकरी का मुँह भी इंसानों की ही तरह है और उसके सिर पर ढेरों सफेद बाल हैं। मेमने को देखने के लिए इलाके के लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों का कहना है कि उन्होंने इस तरह की घटना पहले नहीं देखी है।

बकरियों में न के बराबर सामने आते हैं ऐसे मामले

पशु चिकित्सक मानव सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि आम बोलचाल की भाषा मे ऐसे विकृत बच्चे को मोनिस्टर किड कहते हैं। चिकित्सीय भाषा में इस बीमारी को हेड डिस्पेसिया कहा जाता है। 50 हजार में से 1 बार इस तरह के मामले सामने आते हैं। ऐसे केस ज्यादातर गाय-भैंस में देखे जाते हैं। बकरियों में यह न के बराबर होता है। ऐसे बच्चे 1 हफ्ते से 15 दिन ही जिंदा रह पाते हैं। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के 2 कारण माने जाते हैं, एक गर्भावस्था में विटामिन ए की कमी, दूसरा गर्भावस्था में गलत या प्रतिबंधित दवाई का सेवन।