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अंजलि ने शादीशुदा अब्दुल से निकाह किया, शौहर के परिवार वालों ने ही पीठ में मार दी गोली

राजस्थान के जयपुर में अंजलि नाम की एक महिला को दिन-दहाड़े गोली मार दी गई है। मामला मुरलीपुरा इलाके का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाइक सवार दो लोगों ने अंजलि नाम की महिला को गोली मार दी। गोली अंजलि के पीठ में लगी, जिसके बाद वह सड़क पर गिर गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुँची। घायल अवस्था में अंजलि को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

अंजलि से खुश नहीं थे लतीफ के परिवार वाले, अब्दुल ने की थी दूसरी शादी

महिला के पति अब्दुल लतीफ ने पुलिस को बताया कि पिछले साल उसने अंजलि से प्रेम विवाह किया था। उसके परिवार के सदस्य इस विवाह से खुश नहीं थे। परिवार के लोग अब्दुल पर अंजलि को छोड़ने का दबाव बना रहे थे। अब्दुल के परिवार के लोग दोनों को परेशान कर रहे थे। इसे लेकर सदर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब्दुल ने अंजलि पर गोली चलाने के पीछे उसके बड़े भाई अजीज और उसके दोस्तों का हाथ बताया है।

दरअसल, अब्दुल लतीफ ने इससे पहले एक मुस्लिम महिला से शादी की थी। विवाद के बाद उसकी पहली शादी टूट गई थी। इसके बाद लतीफ ने अंजलि से शादी की, जिससे उसके परिवार के लोग नाराज़ थे। इसलिए वे मुरलीपुरा इलाके में किराए का मकान लेकर अलग रहने लगे। अब्दुल ने बताया कि शादी के बाद से ही अंजलि को अपनी हत्या का डर था।

जानकारी मिली है कि अंजलि पास के ही एक आर्युवेदिक दुकान पर काम करती है। बुधवार (23 नवंबर, 2022) की सुबह लगभग 10 बजे वह काम पर जाने के लिए घर से निकली थी। घर से डेढ़ किलोमीटर दूर सुबह करीब 10.29 बजे उस पर हमला किया गया।

पुलिस ने 2 संदिग्धों को पकड़ा

पुलिस को शक है कि अंजलि पर देसी कट्टे से हमला किया गया है। मौके से पुलिस को देसी कट्टे का एक खोल मिला है। पुलिस ने आसपास लगे हुए सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू कर दिए हैं। पीड़ित और उसके पति के बयानों के आधार पर पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पकड़ा है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

बाल-बच्चेदार आदमी से गैंगरेप: दावा- पता पूछने के बहाने 4 लड़कियों ने कार में खींचा, बारी-बारी बलात्कार कर फेंका

पंजाब के जालंधर में एक पुरुष ने 4 महिलाओं पर अपने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पीड़ित युवक एक फैक्ट्री में काम करता है। आरोप है कि कार सवार 4 लड़कियों ने पहले उसे बेहोश किया फिर अपने साथ ले गईं। बाद में पीड़ित को नशा दे कर चारों ने उसका रेप किया। कथित तौर पर रेप के शिकार युवक ने लोकलाज का डर बता कर इस घटना की शिकायत थाने में नहीं दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला शहर के कपूरथला रोड का है। यहाँ एक फैक्ट्री कम मजदूरी करने वाले व्यक्ति ने अपनी आपबीती सुनाई है। पीड़ित का कहना है कि वह हर दिन की तरह फैक्ट्री से अपने घर के लिए निकला था। इस दौरान थोड़ी ही दूर चलने पर उसके सामने एक सफेद रंग की कार रुकी। कार में 4 लड़कियाँ बैठीं थीं, जिनकी उम्र 22-23 साल के बीच थी। इस दौरान एक लड़की ने एक पर्ची निकाली और पीड़ित से पता पूछा। जब पीड़ित पर्ची में पता देख रहा था तब उसकी आँखों में लड़कियों ने कुछ डाल दिया जिस से उसे दिखना बंद हो गया।

पीड़ित ने आगे बताया कि थोड़ी देर में ही वो बेहोश हो गया। इस दौरान लड़कियों ने उसे कार के अंदर खींच लिया। उसकी आँखों पर पट्टी बाँध दी गई और हाथों को पीछे से कस दिया गया। चारों कार में बिठा कर उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले गईं जहाँ उसे जबरन नशा दिया गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान लड़कियाँ भी शराब पी रहीं थीं। बाद में चारों लड़कियों ने उसके साथ बारी-बारी से रेप किया।

रात में लगभग 3 बजे उसके हाथों को बाँध कर उसे लेदर कॉम्प्लेक्स में फिर से छोड़ दिया गया। पीड़ित ने खुद को शादीशुदा और बाल-बच्चेदार बताया। उसने पुलिस में किसी भी तरह की शिकायत करने से मना कर दिया। इसकी वजह पीड़ित लोकलाज को बता रहा है। पीड़ित का कहना है कि घर लौट कर उसने अपने परिवार को सारी बात बताई थी। पीड़ित के मुताबिक, उसका परिवार भी इस बात से संतुष्ट है कि उसकी जान बच गई।

पीड़ित का कहना है कि उसका रेप करने वाली लड़कियाँ अंग्रजी में बात कर रहीं थी और वो अच्छे घरों से भी लग रही थीं। पीड़ित से बात करने के लिए वो पंजाबी में बोलती थीं। बताया जा रहा है कि खुफ़िया विभाग पीड़ित के बयान के आधार पर अपनी पड़ताल में जुट गया है।

‘पैगंबर मुहम्मद के नाम पर निर्दोष महिलाओं पर इस्लाम लागू कर रहा है तालिबान’: वीडियो शेयर करने पर डच सांसद को मिली सिर धड़ से अलग करने की धमकी

डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स (Geert Wilders) हमेशा से कट्टरवाद, आतंकवाद और जिहादियों के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहे हैं। वाइल्डर्स वही डच सांसद हैं, जिन्होंने धमकियों के बावजूद बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा का समर्थन किया था।

उन्होंने मंगलवार (22 नवंबर 2022) को एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें तालिबान एक महिला पर सार्वजनिक रूप से कोड़े बरसा रहा है। इस कृत्य का उन्होंने विरोध करते उन्होंने इस्लाम की आलोचना की। इसके बाद एक कट्टरपंथी ने एक वीडियो शेयर करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस पर गीर्ट ने लिखा, “ये लोग बहुत ही खतरनाक Nutcases (पागल) हैं।”

गीर्ट को धमकी देने वाले कट्टरपंथी का नाम सैयदा सादिया रिजविया है। उसके ट्विटर बॉयो के मुताबिक, वह पाकिस्तान के फैसलाबाद का रहने वाला है। सैयदा ने लिखा गया है, “सूअर की औलाद, हराम का जना, अब तुम्हारे पास बचने का कोई रास्ता नहीं है। तुम्हारा सिर धड़ से अलग कर दिया जाएगा। तुम हमारे प्यारे पैगंबर मुहम्मद के बारे में अनाप-शनाप बकते हो। तुम जल्द ही जहन्नुम में भेजे जाओगे। मुहम्मद का एक नौकर और अरबी शेर तुम्हें खाक में मिला देंगे।”

दरअसल, डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स ने मंगलवार (22 नवंबर 2022) को कट्टर इस्लामवादियों का एक वीडियो शेयर किया था। यह वीडियो उन्होंने अफगानिस्तान का बताया था, जिसमें ​एक कट्टरपंथी बुर्का पहनी मुस्लिम महिला को कोड़े मारता हुआ दिखाई दे रहा है।

एक मुस्लिम कट्टरपंथी ने उस महिला के दोनों हाथ पकड़ रखे हैं। एक उसे बेल्ट से पीट रहा है और कई कट्टरपंथी महिला को पिटते हुए देख रहे हैं। सांसद का कसूर केवल इतना था कि उन्होंने इस वीडियो की निंदा की थी। गीर्ट ने कैप्शन में लिखा था, “बर्बर तालिबान अपने पैगंबर मुहम्मद के नाम पर निर्दोष महिलाओं पर बर्बर इस्लाम लागू कर रहा है।” यह देखने के बाद कई कट्टरपंथी उनके खिलाफ हो गए और उन्हें सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी देने लगे।

बता दें कि इस साल जून में डच सांसद ने मुस्लिम देशों की निंदा करते हुए कहा था, ”इस्लाम असहिष्णु है और इसकी विचारधारा दुनिया के लिए खतरा है। नूपुर शर्मा मामले में भारत को माफी माँगने के लिए कहने वाले मुल्क बेहद क्रूर शरिया शासन का पालन करते हैं और उनका मानवाधिकार का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब है।”

आफताब ने नक्शा बनाकर श्रद्धा के शव को लगाया ठिकाने, नोटबुक में रखता था लाश के टुकड़ों का हिसाब: रिपोर्ट

श्रद्धा वालकर हत्‍याकांड में हैरतअंगेज खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने अदालत को बताया है कि आफताब के घर से एक नोटबुक और नक्शा बरामद हुआ है। उस नोटबुक में आफताब ना सिर्फ लाश के टुकड़ों का हिसाब रख रहा था, बल्कि ये भी लिखता था कि वह उसे कहाँ फेंकता है।

दिल्ली पुलिस ने आफताब की हिरासत अवधि मंगलवार (22 नवंबर 2022) को समाप्त होने के बाद कोर्ट में रिमांड लेटर दिया था, जिसमें पुलिस ने अदालत के सामने सनसनीखेज खुलासे किए थे। पुलिस ने बताया कि आफताब के घर से एक रफ साइट प्लान मिला है। साथ ही एक नोट बुक भी मिला है।

पुलिस के हाथ जो रफ साइट प्लान लगा है, उसमें कुछ नक्शे, ड्राइंग और जगहों के नाम लिखे हैं। इनमें महरौली के जंगल, मैदानगढ़ी, मैदानगढ़ी का तालाब, महरौली का सौ फुटा रोड और गुरुग्राम की डीएलएफ फेज-3 की कुछ जगहों के नाम लिखे हैं।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, आफताब ने नक़्शे में अपने फ़्लैट को केंद्र में और आसपास नदी, पेड़, रास्ते, तालाब, इमारत को दर्शाया है। इसके आलावा नक़्शे में 32 छोटे और बड़े बिंदु हैं। इसी नक्शे के हाथ लगने के बाद पुलिस की टीम पहली बार महरौली से जंगल से निकल मैदानगढ़ी के तालाब तक पहुँची थी। नक्शे में दिल्ली के अलावा गुरुग्राम की डीएलएफ फेस-3 का भी जिक्र है।

पुलिस को शक है कि आफताब ने लाश के टुकड़े करनेवाली आरी और ब्लेड को गुरुग्राम में ही DLF फेज 3 की झाड़ियों में फेंका है। वहीं दिल्ली पुलिस ने पहली बार एक लिखित बयान के जरिए अदालत को बताया है कि उसने श्रद्धा की लाश के टुकड़ों की कुछ हड्डियाँ और जबड़े का कुछ हिस्सा बरामद कर लिया है।

नई जानकारी के मुताबिक, आफताब के घर के अंदर फर्श पर लगी टाइल्स के गैप से सीएफएसएल ने खून के कुछ धब्बे बरामद किए हैं। कमरे और किचन के अलावा पुलिस ने उस बाथरूम के भी कुछ टाइल्स उखाड़े, जिस बाथरूम में श्रद्धा की लाश के आफताब ने टुकड़े किए थे। बाथरूम की टाइल्स के गैप से भी खून के कुछ नमूने हाथ लगे हैं। इन सारे सबूतों को जाँच के लिए सीएफएसएल भेज दिया गया है।

इससे पहले पुलिस के हाथ एक इंसानी जबड़ा लगा था। पुलिस को यकीन है कि ये जबड़ा श्रद्धा का ही है। इस जबड़े के साथ कुछ दांत भी हैं। इनमें एक-दो दांतों का रूट कनाल भी हुआ है। दिल्ली पुलिस ने इस सिलसिले में जब श्रद्धा के पिता और भाई से बात की, तो पता चला कि श्रद्धा की दो दांतों का रूट कनाल हुआ था। दिल्ली पुलिस के लिए संभवतः यह एक बड़ी कामयाबी है।

वहीं श्रद्धा ने साल 2020 में तुलिंज पुलिस स्टेशन में आफ़ताब के खिलाफ शिकायत कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि आफ़ताब उसके साथ मारपीट करता था। साथ ही कहा था कि यदि उसे कुछ भी होता है तो इसके लिए आफ़ताब जिम्मेदार होगा। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रद्धा की चिट्ठी पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। उस समय जाँच क्यों नहीं हुई थी इसकी जाँच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कार्रवाई होती तो उसकी जान बच सकती थी।

‘निकाह कर नहीं तो यहीं जिंदा दफन कर दूँगा’: नाबालिग हिंदू लड़की को सलमान ने चॉल में कर रखा था कैद, UP पुलिस ने हरियाणा से दबोचा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। पुलिस ने नाबालिग हिंदू पीड़िता को ​हरियाणा के कैथल के जिले के चीका कस्बे से बरामद किया है। आरोपित सलमान भी गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि लड़की को ले जाने के बाद सलमान ने कैद कर रखा था। उसे निकाह नहीं करने पर हत्या की धमकी दे रहा था।

पीड़िता लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र की रहने वाली है। 13 नवंबर 2022 को परिजनों ने उसे फोन पर एक व्यक्ति से बात करते पकड़ा था। पूछने पर उसने बताया कि वह सलमान से बात कर रही थी। पड़ोस की एक अन्य नाबालिग लड़की का नाम बताते हुए कहा कि उसने सलमान से जान पहचान करवाई थी। पीड़िता के परिजनों के अनुसार उसी रात करीब 12 बजे सलमान लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।

पीड़ित परिवार ने सलमान के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने सर्विलांस की मदद से सलमान की तलाश शुरू की। उसकी लोकेशन हरियाणा के चीका में मिली। पुलिस ने सलमान के ठिकाने पर छापा मार उसे दबोच लिया। सलमान ने यहाँ एक चॉल में ठिकाना बनाया था।

इसी चॉल में उसने पीड़िता को कैद कर रखा था। आरोप है कि उस पर निकाह का दबाव डाल रहा था। इनकार करने पर वहीं जिंदा दफन करने की धमकी दे रहा था। पुलिस ने पीड़िता को उसके परिजनों के हवाले कर दिया है। आरोपित सलमान से पूछताछ की जा रही है। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता के भाई ने कहा कि जिस लड़की ने मेरी बहन का परिचय सलमान से करवाया था, उसको भी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सलमान के पकड़े जाने की जानकारी उन्हें 22 नवंबर की रात को मिली थी। मामले के संबंध में जानकारी के लिए ऑपइंडिया ने SHO पारा और ADCP पश्चिम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

हिजाब वाली छात्राओं के विरोध में हिंदुओं ने धारण किया प्रभु का नाम, झड़प के बाद बंगाल में परीक्षा रद्द: TMC विधायक ने हिजाब को बताया अधिकार

इस्लामी कट्टरपंथी शिक्षण संस्थानों को भी बख्शना नहीं चाहते। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के बाद कर्नाटक (Karnataka Hijab Controversy) में उठा स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनने की माँग ठंडा भी नहीं हुआ कि ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के शासन वाले पश्चिम बंगाल (West Bengal) ने इसने फिर सिर उठा लिया है।

बंगाल बोर्ड से संबद्ध हावड़ा का धुलागोरी आदर्श स्कूल में कुछ मुस्लिम छात्राएँ हिजाब पहनकर स्कूल में चली आईं। इसके बाद हिंदू विद्यार्थियों ने इसका विरोध किया और वे धार्मिक चिह्न पहनकर स्कूल पहुँच गए। इसके बाद दोनों गुट आपस में भिड़ गया। हालात को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने तुरंत छुट्टी की घोषणा कर दी।

दरअसल, स्कूल में 11वीं की परीक्षा के दौरान मुस्लिम छात्राएँ हिजाब पहनकर क्लास में बैठ गईं। इसका विरोध हिंदू छात्राओं ने किया। इस पर मुस्लिम छात्राएँ उनसे भिड़ गईं। दोनों के बीच कहासुनी हो गई। अगले दिन हिंदू छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करते हुए नामावली डालकर स्कूल आना शुरू कर दिया। इन गमछों पर राम नाम लिखा होता है।

इसके साथ ही कुछ हिंदू छात्र टी-शर्ट में आए। उनके टी-शर्टों पर भगवान शिव की तस्वीर बनी हुई थी। उन्हें स्कूल प्रशासन ने गेट पर रोक लिया। इसके बाद कुछ अन्य हिंदू छात्र-छात्राएँ उनके समर्थन में आ गए। इसको देखते हुए स्कूल प्रशासन ने आदेश दिया कि सभी छात्र-छात्राएँ सिर्फ यूनीफॉर्म में ही स्कूल आएँगे।

स्कूल प्रशासन के इस आदेश का मुस्लिम छात्र एवं छात्राओं ने विरोध करना शुरू कर दिया। वहीं, हिंदू छात्रों ने इसका समर्थन किया। धीरे-धीरे यह दोनों गुटों के बीच झड़प का कारण बन गई। इस दौरान एक मजहब के कुछ छात्रों ने स्कूल की कुर्सी-मेज एवं अन्य सामानों में तोड़-फोड़ शुरू कर दी।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को सँभालने का प्रयास किया। स्कूल में अशांति और तनाव को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने मंगलवार (22 नवंबर 2022) को होने वाली 11वीं और 12वीं की परीक्षा को स्थगित कर दिया।

राज्य सरकार में मंत्री अरूप राय ने कहा, “इसे उकसाया गया है। मैंने पुलिस से कहा है कि इस मामले की पूरी गंभीरता से जाँच करे और इसके दोषियों का ही सिर्फ पता नहीं लगाए, बल्कि यह भी पता लगाए कि इन्हें उकसाने वाले लोग कौन हैं।”

बता दें कि बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के विधायक मदन मित्रा (Madan Mitra) ने स्कूलों में मुस्लिम लड़कियों के हिजाब पहनने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, “जब कोई सिख हेलमेट पहनता है तो वह भारत के संविधान के खिलाफ नहीं जाता है। कानून में इसकी अनुमति है। ऐसे ही कोई मुस्लिम लड़की हिजाब पहनती तो उसका विरोध नहीं होना चाहिए।”

उधर, भाजपा ने मदन मित्रा के बयान का तीखा विरोध किया है। भाजपा नेता अग्निमित्र पॉल (Agnimitra Paul) ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों को यूनिफॉर्म ड्रेस कोड का पालन करना चाहिए। कोर्ट ने भी यही निर्णय दिया है।

बता दें कि कर्नाटक में हिजाब विवाद के दौरान इस साल फरवरी में बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित एक स्कूल के स्टाफ पर हमला कर दिया गया था। हमलावरों का आरोप था कि स्कूल के हेडमास्टर ने कुछ छात्राओं को हिजाब के बजाय स्कूल का ड्रेस पहनने के लिए कहा था।

Walmart के स्टोर में मैनेजर ही करने लगा गोलीबारी, 10 की ले ली जान: अमेरिका में नहीं रुक रही ‘मास शूटिंग’ की घटनाएँ

अमेरिका के वर्जीनिया में एक बार फिर से मास शूटिंग की घटना सामने आई है। वर्जीनिया के वालमार्ट के एक स्टोर में हुई फायरिंग में 10 लोगों के मारे जाने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई लोग घायल भी हुए हैं। घटना चेसापीक के पास सैम के सर्कल पर स्थित वॉलमार्ट स्टोर की बताई जा रही है जहाँ एक बंदूकधारी ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 10 लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

चेसापीक पुलिस के मुताबिक फायरिंग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची ने हमलावर को पकड़ने की कोशिश की और उसपर फायरिंग की। पुलिस का मानना है कि इस फायरिंग में शूटर मारा गया है। पुलिस इमारत की छानबीन कर रही है। स्थानीय लोगों को अभी इमारत से दूर रहने के लिए कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस को फायरिंग की जानकारी फोन कॉल पर दी गई। वालमार्ट स्टोर के बाहर अभी भी भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। इसी के साथ 40 से ज्यादा आपातकालीन वाहनों को तैनात रहने के लिए कहा गया है।

मैनेजर ही था हमलावर

‘डेली मेल’ पर प्रकाशित रिपोर्ट में चश्मदीदों के हवाले से दावा किया गया है कि फायरिंग करने वाला शख्स स्टोर का मैनेजर ही था। मैनेजर ब्रेक रूम में दाखिल हुआ और उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।

आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका में मास शूटिंग की घटना घटी हो। अमेरिका के किसी न किसी शहर से मास शूटिंग की घटनाएँ सामने आती रहती हैं। दो दिन पहले अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में समलैंगिकों के एक नाइट क्लब में फायरिंग की घटना हुई थी। नाइट क्लब में हुई फायरिंग में 5 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इसके पहले भी अमेरिका में मास शूटिंग की कई घटनाओं में निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है।

गैंगस्टर अतीक अहमद पर योगी सरकार की मार: प्रयागराज में 128 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त, अब्बू-चाचा के नाम पर थी जमीन, अब तक ₹1050 करोड़ की कुर्की

उत्तर प्रदेश के माफिया सरगना अतीक अहमद (Atiq Ahmad) पर सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का डंडा जारी है। प्रशासन ने बुधवार (23 नवंबर 2022) को अतीक की लगभग 128 करोड़ रुपए की संपत्ति को जब्त किया। यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है।

प्रशासन ने प्रयागराज के झूँसी स्थित हवेलिया में अतीक अहमद और उसके रिश्तेदारों की अवैध संपत्तियों पर यह कार्रवाई की। प्रशासन का कहना है कि अतीक अहमद ने इन संपत्तियों को अपराध के द्वारा अर्जित धन से किया है। उसने खुद के नाम के साथ अपने कुछ रिश्तेदारों के नाम से इन संपत्तियों को करवाया था।

प्रयागराज की धूमनगंज पुलिस कई थानों की फोर्स और PAC जवानों को लेकर हवेलिया पहुँची। वहाँ पहुँचकर पुलिस ने डुगडुगी पिटवा कर कुर्की की कार्रवाई की मुनादी करवाई। कार्रवाई के बाद कुर्क संपत्ति पर बोर्ड भी लगवाया गया है।

धूमनगंज थाना के SHO राजेश मौर्या ने बताया कि जब्त की गई जमीन की कीमत एक अरब 28 करोड़ रुपए है। इस पर चोरी-छिपे प्लॉटिंग भी की जा रही थी। झूँसी में अतीक की 36,000 वर्ग गज जमीन चिह्नित की गई है। यह संपत्ति उसने अपने पिता और चाचा के नाम पर साल 2006-07 में खरीदा था।

इन संपत्तियों को अतीक अहमद ने अपने अब्बू हाजी फिरोज और चाचा उस्मान अहमद व अफरोज अहमद के नाम पर खरीदी थी। पहली संपत्ति 1.8260 हेक्टेयर की है, जो हाजी फिरोज और उनके भाई उस्मान व अफरोज के नाम है। इसकी कीमत 76 करोड़ 16 लाख रुपए से अधिक है। वहीं, दूसरी प्रॉपर्टी 1.1300 हेक्टेयर की है और यह उस्मान के नाम है। इसकी कीमत 47 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।

इससे पहले धूमनगंज थाना पुलिस ने 18 नवंबर को अतीक अहमद के भाई पूर्व सपा विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ की करोड़ों रुपए की जमीन को कुर्क कर दिया था। इस जमीन की अनुमानित कीमत 7 करोड़ रुपए है। जमीन को कुर्क करने के बाद वहाँ पर भी कुर्की का बोर्ड लगा दिया गया है।

बता दें कि प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी (PDA) ने अतीक अहमद गैंग पर अब तक 7 अरब 61 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसके अलावा गैंगस्टर एक्ट में 2 अरब 80 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। कुल मिलाकर अब तक अतीक गैंग पर 10 अरब 41 करोड़ 57 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। अतीक अहमद के खिलाफ 96 संगीन मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं।

ब्राजील से आए 6 दर्शकों ने मस्जिद जाने के बाद अपनाया इस्लाम, FIFA वर्ल्ड कप के बहाने क़तर में खूब चल रहा जिहाद: जाकिर नाइक भी मोर्चे पर

कतर में चल रहे फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) के बीच एक ब्राजील परिवार (Brazilian Family) के धर्मांतरण की खबर सामने आई है। ‘द गार्जियन के सहयोगी’ माजिद फ्रीमैन ने बुधवार (23 नवंबर, 2022) को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। सोशल मीडिया पर भी इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस्लाम (Islam) कबूल करने से पहले ब्राजील के परिवार के 6 सदस्य मस्जिद गए थे। इसमें तीन लड़कियाँ, 1 लड़का और उनके माता-पिता हैं।

वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक मौलवी इन लोगों को इस्लाम कबूल करवाने के बाद उनसे पूछ रहा है कि अब आपको कैसा लग रहा है। इस दौरान परिवार के सदस्य पहले कुछ भी बोलने से बचते नजर आए, लेकिन मौलवी के बार-बार पूछने पर एक महिला ने कहा कि य​ह काफी ‘टचिंग’ (दिल को छू लेने वाला) है। तभी पीछे से आवाज आती है – वेरी नाइस (बहुत अच्छा)। इसके बाद परिवार के बच्चों से पूछा जाता है कि क्या आपको इस्लाम कबूल करने के लिए किसी ने फोर्स किया, तो वे ‘ना’ में अपना सिर हिला देते हैं।

इससे पहले माजिद ने मंगलवार (22 नवंबर, 2022) को ट्वीट कर दावा किया था कि कतर में वर्ल्ड कप देखने आए लोगों में से 500 लोगों ने इस्लाम में धर्म-परिवर्तन किया। अपने ट्वीट में उसने कहा था, “अल्लाहु अकबर! हमने सुना है कि कतर में हाल में 500 लोगों ने इस्लाम कबूल कर लिया।” फ्रीमैन ने मेक्सिकन व्यक्ति की वीडियो भी शेयर किया और दावा किया कि वो इस्लाम कबूल रहा है। उसने लिखा, “दुनिया भर के हजारों फैन यहाँ हैं। उन्हें भी इस्लाम की खूबसूरती देखने का मौका मिले और अल्लाह उन्हें दिशा दिखाए।”

बता दें कि भारत में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को बढ़ावा देने, अवैध धर्मांतरण सहित कई मामलों का वांछित भगोड़ा जाकिर नाइक भी FIFA वर्ल्ड कप के बीच कतर पहुँचा। जाकिर नाइक को कतर में इस्लाम का प्रचार करने वाले भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था।

जामा मस्जिद में अकेली लड़कियों की एंट्री पर लगा बैन, चस्पाए गए पोस्टर्स: VHP ने कहा – मस्जिदों के दरवाजे पर लट्ठ लेकर खड़े हैं हलाला-तीन तलाक की वकालत करने वाले

देश की राजधानी दिल्ली में मौजूद जामा मस्जिद में लड़कियों के अकेले प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। यह फरमान मस्जिद प्रशासन की तरफ से जारी किया गया है। इस आदेश की एक प्लेट बाकायदा मस्जिद की दीवार पर भी चस्पा कर दी गई है। विश्व हिन्दू परिषद प्रवक्ता ने मस्जिद प्रशासन के इस निर्णय की आलोचना की है। वहीं मस्जिद प्रशासन ने अपने फैसले को सही ठहराया है।

जामा मस्जिद दिल्ली के चाँदनी चौक इलाके में लाल किले के पास मौजूद है। लड़कियों के अकेले एंट्री न करने के आदेश मस्जिद के 3 तरफ से लगा दिए गए है। ये फरमान हिंदी के अलावा उर्दू में भी लिखे गए हैं। धातु की इन पट्टियों पर काले रंग से लिखा गया है, “जामा मस्जिद में लड़की या लड़कियों का अकेले दाखिल होना मना है।” यह आदेश दफ्तर जामा मस्जिद दिल्ली की तरफ से बताया गया है। इसमें ‘[email protected]’ नाम से एक ई मेल ID भी लिखी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्जिद प्रशासन के इस फैसले की आलोचना हो रही है। मुस्लिम समाज की ही सामाजिक कार्यकर्ता शहनाज अफजल ने इस फरमान का खुला विरोध करते हुए इसे गैर-संवैधानिक बताया है। उन्होंने इसे बराबरी के हक के खिलाफ बताया है। शहनाज़ के मुताबिक, इस फैसले को कतई कबूल नहीं किया जाएगा क्योंकि ऐसे फरमान देने वाले लड़कियों के समानता के अधिकार को छीनना चाहते हैं।

VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी जामा मस्जिद प्रशासन के इस निर्णय का विरोध किया है। बंसल ने लिखा, “तीन तलाक, हलाला, हिजाब और काले बोरे में कैद रखने वाले जिहादी ठेकेदार मुस्लिम बेटियों को व्यभिचार के अड्डे बनते मदरसों में भेजने की तो वकालत करते हैं किन्तु मस्जिदों के गेट पर लट्ठ लेकर खड़े हो जाते हैं। उन्होंने आगे कहा, “भारत को सीरिया बनाने की मानसिकता पाले ये मुस्लिम कट्टरपंथी ईरान की घटनाओं से भी सबक नहीं ले रहे। ये भारत है, जहाँ की सरकार का ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ’ का नारा है और जामा मस्जिद में नारी निषेध है?”

ऑपइंडिया से बात करते हुए जामा मस्जिद प्रशासन के सदस्य सबीउल्लाह ने कहा कि केवल अकेली लड़कियों को ही मस्जिद में घुसने पर रोक है। उन्होंने कहा कि कई लड़कियाँ ऐसी भी हैं जो आती तो अकेले हैं, लेकिन पीछे से किसी और को बुला लेती हैं। सबीउल्लाह के अनुसार, परिवार के साथ आने वाली लड़कियों के लिए कोई रोक नहीं है। मस्जिद के कायदे और कानूनों का हवाला देते हुए उन्होंने इस खबर की पुष्टि करते हुए फैसले को सही ठहराया।