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आफताब ने कहा – श्रद्धा से हो गई थी नफरत… सबूत मिटाने के लिए उसकी तस्वीरें तक मिटा डाली: कुल्लू के जिस होटल में रुके थे दोनों, वहाँ पुलिस ने की छानबीन

दिल्ली के मेहरौली इलाके में हुई दलित लड़की श्रद्धा की हत्या का आरोपित आफ़ताब लगातार नए खुलासे कर रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपित ने श्रद्धा से बेहद नफरत हो जाने की बात कबूल की है। लाश के टुकड़े करने के बाद उसने श्रद्धा की तस्वीरों को जलाने की भी जानकारी दी है। ये तस्वीरें उसे कत्ल के बाद सबूत मिटाने के लिए की गई घर की सफाई के दौरान मिली थीं। वहीं एक अन्य जानकारी के मुताबिक, अब तक दिल्ली पुलिस खोपड़ी का निचला हिस्सा और 3 हड्डियाँ खोजने में सफल हो पाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आफताब ने 23 मई को अपने घर की तलाशी ली थी। वह श्रद्धा से जुड़ी हर चीज अपने घर से हटा देना चाहता था। इस दौरान उसे श्रद्धा की 3 तस्वीरें मिली थीं। ये तस्वीरें एक फ्रेम में लगी हुई थी, जो श्रद्धा के कमरे में पड़ी थीं। इसमें एक दोनों के उत्तराखंड टूर की तो दूसरी मुंबई के गेटवे ऑफ़ इंडिया की थी जो दोनों ने एक साथ साल 2020 में खिंचवाई थी। आफ़ताब ने पुलिस को बताया कि उसने पहले फ्रेम तोड़ कर तस्वीरों को निकला और बाद में किचन में ले जा कर उसमें आग लगा दी।

इस बीच दिल्ली पुलिस आफ़ताब को ले कर एक बार फिर से उसके फ़्लैट पर गई। कहा जा रहा है कि यहाँ आफताब से क्राइम सीन को रिक्रिएट करवाया गया। बाद में दिल्ली पुलिस 2 पॉलीथिन में कुछ ले कर फ़्लैट से निकल गई। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस आफ़ताब के ड्रेनेज से भी श्रद्धा की हड्डियाँ बरामद करने के प्रयास में है। दिल्ली पुलिस की ही टीमें उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भेजी गई हैं, जहाँ आफ़ताब के मुताबिक वो श्रद्धा को ले कर कत्ल से पहले टूर पर गया था।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में सबूतों की तलाश करते हुए दिल्ली पुलिस कुल्लू के मणिकर्ण पहुँची है। यहाँ होटल वाइट लोटस में जानकारी हुई कि श्रद्धा और आफ़ताब अप्रैल माह में आए थे। जानकारी के मुताबिक होटल मैनेजमेंट ने यहाँ आफ़ताब का पहचान पत्र भी नहीं लिया था। होटल के स्टाफ को नजदीकी पुलिस चौकी ला कर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि श्रद्धा और आफ़ताब 6 व 8 अप्रैल को गेस्ट हाउस में ठहरे थे।

होटल का पेमेंट गूगल पे से हुआ था। स्टाफ ने पुलिस को बताया कि दोनों के हावभाव सामान्य दिख रहे थे और ऐसा लगा नहीं कि दोनों के बीच कोई झगड़ा हो रहा हो।

‘राम सिर्फ हिंदुओं के भगवान नहीं, सबके हैं’: फारूक अब्दुल्ला के बदले सुर, कहा- कभी नहीं दिया पाकिस्तान का साथ

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने कहा है कि भगवान राम सिर्फ हिंदुओं के ही नहीं, बल्कि सबके भगवान हैं। उन्होंने लोगों से धर्म के आधार पर बाँटने की कोशिशों के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि देश को मजबूत बनाने सबको एक साथ खड़ा होना होगा।

फारूक ने 19 नवंबर 2022 को कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना (Mohammad Ali Jinnah) उनके पिता शेख अब्दुल्ला (Sheikh Abdullah) से मिलने आए थे, लेकिन उन्होंने जिन्ना के साथ हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी ने कभी पाकिस्तान (Pakistan) के साथ हाथ नहीं मिलाया।

बता दें फारूक अपने विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं। अभी दो पहले उन्होंने अपनी पैतृक पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके बेटे उमर अब्दुल्ला को 5 दिसंबर 2022 को होने वाले पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव में चुने जाने की संभावना है। इस तारीख तक वे पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष बने रहेंगे।

भाजपा (BJP) पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए फारूक ने कहा, “कोई भी धर्म बुरा नहीं है, उसके इंसान जो भ्रष्ट हैं, धर्म नहीं… वे चुनाव के दौरान ‘हिंदू खतरे में है’ का बहुत उपयोग करेंगे। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इसके शिकार न हों। भारत में 70 से 80 प्रतिशत हिंदू आबादी है और क्या आपको लगता है कि वे खतरे में पड़ जाएँगे?”

इससे पहले सितंबर 20222 में फारूक ने पीडीपी की अध्यक्ष मुफ्ती महबूबा (Mufti Mehbooba) के हिंदुत्व के एजेंडे के दावे को खारिज कर दिया था। फारूक ने कहा था कि अगर कोई हिंदू अजमेर के मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जाता है तो क्या वो मुस्लिम हो जाता है।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर में भाजपा के साथ गठबंधन सरकार चलाने वाली महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि भाजपा स्कूलों में अपने हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही थी और कश्मीर घाटी में मुस्लिम स्कूली बच्चों को हिंदू भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ गाने के लिए मजबूर कर रही है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस का कभी पाकिस्तान का साथ नहीं दिया

फारूक अब्दुल्ला ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कभी पाकिस्तान का साथ नहीं दिया। फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कभी भी पाकिस्तान का पक्ष नहीं लिया और हमेशा भारत के साथ मजबूती से खड़ा रहा। हमने कभी पाकिस्तान से हाथ नहीं मिलाया। जिन्ना मेरे पिता से मिलने आए थे, लेकिन हमने उनसे हाथ मिलाने से इनकार कर दिया।”

पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि वह समय दूर नहीं जब जम्मू, कश्मीर और लद्दाख एक बार फिर एक हो जाएँगे। उन्होंने कहा कि नौकरशाही शासन लोकप्रिय सरकार का विकल्प नहीं है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव तैयारियाँ जोरों पर हैं। वहाँ के मतदाता सूची को अपडेट करने का काम तेजी से किया जा रहा है। हालाँकि, चुनाव को लेकर अभी तारीखें तय नहीं हुई हैं, लेकिन माना जा रहा है कि अगले साल जनवरी-मार्च के बीच कभी भी चुनाव कराया जा सकता है।

दिल्ली में 25 की भीड़ ने गर्भवती कुतिया को मार डाला, कॉलेज के छात्रों और कर्मचारियों ने मिल कर दिया घटना को अंजाम: वीडियो आया सामने

राजधानी दिल्ली में मानवता को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ करीब 25 लोगों ने मिलकर एक गर्भवती कुतिया की बेरहमी से हत्या कर दी है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल, आरोपितों की तलाश जारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला दक्षिण पूर्वी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाना अंतर्गत स्थित एक पार्क का है। वहीं, गर्भवती कुतिया की हत्या करने वाले आरोपित लड़के डॉन बॉस्को टेक्निकल इंस्टीट्यूट के छात्र व स्टाफ सदस्य बताए जा रहे हैं।

इस घटना के सामने आए वीडियो में गर्भवती कुतिया टिन शेड के अंदर बैठी हुई है। इस कुतिया पर वहाँ मौजूद लड़के लगातार वार करते दिख रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है की एक हाथ में रॉड लिए हुए एक लड़का टिन शेड के अंदर जाता है। इसके बाद, वहाँ मौजूद अन्य लोग कुतिया को मारने के लिए कहते हैं। इसके बाद लड़के कुतिया को घसीट कर मैदान के बाहर फेंकते हुए दिख रहे हैं।

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता व पशु प्रेमी आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। इस मामले में दिल्ली के दक्षिण पूर्व इलाके की डीसीपी ईशा पांडे ने कहा, “हमें एक महिला से शिकायत मिली है, जिसने अज्ञात छात्रों पर कथित रूप से कुतिया को मारने का आरोप लगाया है। हमारे पास सबूत के तौर पर घटना का वीडियो भी है।” उन्होंने यह भी कहा है कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 429 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। मामले की जाँच कर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि कुछ दिन पहले ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से भी सामने आया था, जहाँ कुछ लोगों ने फाँसी लगाकर कुत्ते की हत्या कर दी थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

इसके अलावा हैदराबाद में भी ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ आरोपित ने पहले तो कुत्ते के पिल्ले को रस्सी से बाँध कर पेड़ से लटका दिया। इसके बाद चौथी मंजिल से उसे नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में आरोपित की मानसिक हालत कमजोर बताई जा रही है। साथ ही कहा जा रहा है कि घटना के समय वह नशे में था। हालाँकि, पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

मरीज बन रोज अस्पताल पहुँच जाता था तौहीद अली, महिला डॉक्टर को करता था गंदे इशारे: हॉस्टल तक पीछा भी किया, पिटाई के बाद पुलिस को सौंपा गया

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीमारी का बहाना बना कर MBBS की पढ़ाई के साथ प्रैक्टिस कर रही महिला डॉक्टर का पीछा करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि तौहीद अली नाम का व्यक्ति लगभग 1 माह से अस्पताल में मरीज बन कर आता था। इस दौरान वो कर्मचारियों से महिला डॉक्टर के न होने पर सवाल करता था और उनके बारे में जानकारी लेता था। शनिवार (19 नवम्बर, 2022) को अस्पताल के कर्मचारियों ने तौहीद अली को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने आरोपित पर छेड़छाड़ का केस दर्ज किया है।

पीड़िता GSVM मेडिकल कॉलेज की छात्रा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला स्वरूप नगर थानाक्षेत्र के हैलट अस्पताल का है। यहाँ एक महिला डॉक्टर OPD में तैनात थी। डॉक्टर MBBS की छात्रा थी जो अस्पताल में प्रैक्टिस कर रही थीं। कुछ समय पहले तौहीद अली वहाँ इलाज के लिए गया था जहाँ उसे उसके द्वारा बताई गई बीमारी के मुताबिक दवाएँ आदि दी गई थीं। इसके बाद उसने किसी न किसी बहाने से लगातार अस्पताल में आना-जाना शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार, महिला डॉक्टर के न मिलने पर वो अस्पताल के बाकी स्टाफ से उनकी जानकारी लेता था। वो बिना वजह OPD में बैठ कर डॉक्टर को इशारे करता था। आरोप यह भी है कि वो आए दिन अलग-अलग बीमारियों के पर्चे बनवाता था। इस दौरान वो डॉक्टर को घूरता रहता था। तौहीद पर आरोप है कि वो ड्यूटी खत्म कर के हॉस्टल जा रही डॉक्टर का पीछा भी करता था। शुरू में तो डॉक्टर ने तौहीद की हरकतों को अनदेखा किया, लेकिन बाद में उसने अपने साथियों से इस हरकत के बारे में बताया।

शनिवार को मेडिकल छात्रा के साथियों ने तौहीद को पकड़ कर धुनाई कर दी। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में तौहीद ने खुद को जाजमऊ के KDA कालोनी का निवासी बताया। तौहीद ने पुलिस के आगे छात्रा का पीछा करना कबूल किया है। तलाशी में उसके पास से अलग-अलग पर्चे भी मिले हैं। जिस दिन तौहीद पकड़ा गया, उस दिन वो आँख में बीमारी का बहना बना कर आया था। अस्पताल के CCTV फुटेज में भी तौहीद की कई बार की इंट्री दिख रही है।

‘दिल्ली में नरेंद्र तो गुजरात में भूपेंद्र करेंगे जनता की सेवा’: PM मोदी ने सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, कहा – अपने-अपने बूथ के बारे में सोचें BJP कार्यकर्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गृह राज्य गुजरात के दौरे पर हैं। विधानसभा चुनावों को देखते हुए रविवार (20 नवंबर, 2022) को वह 4 चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। इससे पहले वह सोमनाथ मंदिर पहुँचे। वहाँ उन्होंने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर पंचामृत अभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने सोमनाथ जिले के वेरावल कस्बे में भाजपा की एक सभा को संबोधित किया।

वेरावल कस्बे में आयोजित चुनावी सभा में गुजरात की जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है। उन्होंने जनता से अधिक से वोट करने की अपील करते हुए कहा इस बार पोलिंग बूथ में सारे रिकॉर्ड तोड़ देना है। उन्होंने बताया कि कैसे सभी ओपीनियन पोल, आँकड़े और न्यूज चैनल बता रहे हैं कि एक बार फिर भाजपा आ रही है।

इस सभा में उन्होंने यह भी कहा, “लोग मुझसे पूछते हैं कि तुम इतनी दौड़-भाग क्यों करते हैं। मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि मैं इसलिए इतनी दौड़-भाग करता हूँ, क्योंकि यह मेरा कर्तव्य है। आपके लिए मैं अपना कर्तव्य निभाता हूँ तो आपको भी वोट देकर अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं की हौसला-अफजाई करते हुए कहा है कि बीजेपी के लोगों को ज्यादा नहीं सोचना है, उन्हें केवल अपने बूथ को जिताने की चिंता करनी है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा कार्यकर्ता अपने-अपने बूथ जिता देंगे, तो यहाँ भाजपा सरकार अपने आप बन जाएगी।

प्रधानमंत्री ने गुजरात के पुराने हालातों और वर्तमान स्थिति के बारे में बात करते हुए कहा कि दो दशक पहले तक लोग गुजरात के बारे में सोचते थे कि यह सूखाग्रस्त राज्य है और कैसे विकास करेगा। जहाँ पानी नहीं है, लगातार अकाल से लोगों की हालत खराब है, ऐसा राज्य कैसे विकास करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले लोगों की राय थी कि गुजरात के लोग केवल व्यापारी हैं। एक जगह से सामान खरीदकर दूसरी जगह बेंचते हैं। लेकिन, सरकार ने पानी की व्यवस्था की, सूखाग्रस्त इलाकों में पानी पहुँचाया गया। आज गुजरात कहाँ है, यह पूरी दुनिया देख रही है। आज समुद्र किनारे का यह एरिया पूरी दुनिया में चमक रहा है।

पीएम मोदी ने आवास योजना, शौचालय योजना, उज्ज्वला योजना और हर हर नल कनेक्शन जैसे महत्वाकांक्षी योजनाओं के बारे में बात करते हुए कहा इन योजनाओं के कारण राज्य की माताओं, बहनों को बहुत लाभ मिला है। सरकार ने माताओं को पीड़ा से मुक्त कराने का बीड़ा उठाया है और उनके दुखों को बहुत हद तक खत्म कर दिया है।

कोविड-19 के कारण हुई समस्याओं और संकट काल में सरकार द्वारा सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा मुफ्त अनाज भेजकर सरकार ने किसी भी घर में माताओं और बच्चों को भूखा सोने नहीं दिया। राज्य में पर्यटन, कृषि और दुग्ध उद्योग के विकास से किसानों को लाभ मिला है। पीएम मोदी ने कहा कि नरेंद्र दिल्ली में तो भूपेंद्र गुजरात में लोगों की सेवा करेंगे। जनता को डबल इंजन की सरकार बनाए रखना है।

FIFA वर्ल्ड कप में दीनी तकरीर करेगा भारत का भगोड़ा जाकिर नाइक, क़तर ने बुलाया: मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी गतिविधियों में है वॉन्टेड

भारत में वांछित इस्लामी कट्टरपंथी मौलाना जाकिर नाइक (Zakir Naik) FIFA वर्ल्ड कप के दौरान उपदेश देने के लिए मेजबान कतर (Qatar) में रहेगा। कतर के सरकारी खेल चैनल अलकास (Alkass) के प्रस्तोता फैसल अलहाजरी ने ट्विटर पर नाइक की कतर में उपस्थिति की जानकारी दी।

फैसल अलहाजरी ने ट्विर पर जाकिर नाइक का फोटो डालते हुए लिखा, “इस्लामी मजहबी गुरु शेख जाकिर नाइक विश्व कप के दौरान कतर में हैं और पूरे विश्व कप के दौरान वे कई दीनी व्याख्यान देंगे।” जाहिर है कि सरकारी टीवी चैनल पर जाकिर नाइक का आना वहाँ की सरकार की सहमति से ही हो सकता है।

बता दें कि जाकिर नाइक अपने महजबी तकरीरों के जरिए समाज में ना सिर्फ नफरत फैलाता है, बल्कि मुस्लिम युवाओं को जिहाद और आतंकवाद के लिए भी प्रेरित करता है। हाल ही में कई गिरफ्तार आतंकियों ने बताया था कि वे जाकिर नाइक का वीडियो देखकर आतंकवाद की ओर बढ़े थे।

जाकिर नाइक पर भारत में उस पर मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को बढ़ावा देने, धर्मांतरण से जुड़ाव, समाज में नफरत फैलाने, हेट स्पीच सहित कई गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उस पर मामला दर्ज किया गया है। वह भारत का भगोड़ा और वांछित है। भारत सरकार उसे देश में लाने का लगातार प्रयास कर रही है।

साल 2016 के अंत में भारत ने नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार की कार्रवाई की भनक लगते ही जाकिर नाइक भागकर मलेशिया चला गया। उसके बाद साल 2017 में जाकिर नाइक को भगोड़े घोषित कर दिया गया।

मलेशिया में भी जाकिर नाइक ने अपने भाषणों के जरिए हिंदुओं और चीनियों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश की थी। इसके बाद मुस्लिम बहुल देश मलेशिया की पुलिस ने उससे पूछताछ भी की थी। बाद में वहाँ की सरकार ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का हवाला देते हुए साल 2020 में देश में जाकिर नाइक के भाषण देने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

बता दें कि साल 2022 के FIFA विश्व कप का मेजबान देश कतर है। यह खेल 20 नवंबर 2022 को कतर की राजधानी दोहा से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित अल बेयत स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। इसमें जाकिर नाइक को आमंत्रित किया गया है। कतर पहुँचने पर जाकिर नाइक का एक वीडियो भी सामने आया है।

कतर वही देश है, जिसने इस्लामी पैगंबर मुहम्मद पर जाकिर नाइक द्वारा कही गई बात को नूपुर शर्मा द्वारा टीवी पर दोहराने के बाद देश में हुए उत्पात के दौरान भारत के राजदूत को समन जारी किया था। पूर्व भाजपा नेता की टिप्पणियों की ‘अस्वीकृति और निंदा’ व्यक्त करते हुए विरोध का ज्ञापन दिया था।

सत्येंद्र जैन के मसाज को AAP ने बताया फिजियोथेरेपी तो भड़की मेडिकल संस्था, IAP ने कहा – देश भर के डॉक्टर करें विरोध: कोर्ट पहुँचे सत्येंद्र जैन के वकील इरशाद

दिल्ली की तिहाड़ जेल में भ्रष्टाचार के आरोप में बंद अरविंद केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन का वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में उन्हें जेल में ही मसाज कराते हुए देखा जा सकता है। वहीं आम आदमी पार्टी की तरफ से सफाई में इसे सत्येंद्र जैन की बीमारी बताते हुए फिजियोथेरेपी बताया गया है। AAP के इस फिजियोथेरेपी वाले दावे को तिहाड़ जेल प्रशासन और भारतीय फिजियोथेरेपी एसोशिएशन ने सामूहिक रूप से नकार दिया है। वहीं अपना वीडियो वायरल होने से नाराज सत्येंद्र जैन कोर्ट पहुँच गए हैं।

‘इंडियन एसोशिएशन ऑफ़ फिजियोथेरेपी’ के चीफ डॉक्टर संजीव झा ने उन दावों का खंडन किया है, जिसमें तिहाड़ के वायरल वीडियो में सत्येंद्र जैन की मालिश को उपचार बताया जा रहा है। IAP इंडिया ऑफिसियल हैंडल से वीडियो जारी करते हुए संजीव झा ने बताया कि फुटेज में जो कुछ भी दिख रहा है उसे फिजियोथेरेपी नहीं कहा जा सकता। संजीव झा ने इस हरकत की निंदा करते हुए इसे फिजियोथेरेपी का अपमान बताया है। वीडियो में हो रही गतिविधि को फिजियोथेरेपी बताने वालों से डॉक्टर संजीव झा ने माफ़ी माँगने के लिए कहा है।

इसी वीडियो में संजीव झा ने आगे कहा है कि मैं विनती करता हूँ भारत के सभी फिजियोथेरपी वाले डॉक्टर एकजुट हो कर ऐसी खबरों का विरोध करें। IAP चीफ ने आगे कहा कि फिजियोथेरेपी बाकायदा परीक्षण आदि की प्रक्रियाओं से की जाती है।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सतेंद्र जैन के वीडियो को फिजियोथेरेपी बताया था। 19 नवम्बर को उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “सत्येंद्र जैन के स्पाइन-इंजरी के दो ऑपरेशन हुए हैं। उनको डॉक्टर ने रेगुलर फ़िज़ियोथेरेपी बताई है। कोविड के बाद से उनके फेंफड़े में पैच है जो अभी ठीक नहीं हुआ है। किसी आदमी की बीमारी और उसको दिए जा रहे इलाज का मज़ाक़ बनाने की सोच ही बहुत घटिया है।”

कोर्ट पहुँचे सत्येंद्र जैन

वायरल वीडियो से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में सत्येंद्र जैन ED के खिलाफ कोर्ट पहुँच गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कोर्ट में शपथ पत्र जमा करने के बाद भी प्रवर्त्तन निदेशालय (ED) ने इसे लीक कर दिया है।

सत्येंद्र जैन के वकील मोहम्मद इरशाद ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस मामले पर कोर्ट सोमवार (21 नवम्बर, 2022) को सुनवाई करेगा। अधिवक्ता इरशाद के मुताबिक ED को कोर्ट में बताना पडेगा कि जेल के अंदर का वीडियो भाजपा वालों तक कैसे पहुँचा।

‘बेटे को बाँधकर रेलवे ट्रैक पर डाल देता’: उदयपुर घटना पर पिता को हो रही शर्मिंदगी, कश्मीरी आतंकियों के अब्बू को होता है ‘फख्र’

एक तरफ इस्लामिक आतंकियों के करतूतों को उसके परिजन छिपाने की कोशिश करते हैं या उसे ‘शहीद’ बताकर गर्व करते हैं तो दूसरी तरफ इसी तरह की एक घटना में एक पिता अपने बेटे के लिए फाँसी की सजा माँग रहा है। इतना ही नहीं, वह अपने बेटे की करतूत पर खुद को शर्मिंदा भई महसूस कर रहा है।

राजस्थान के उदयपुर में रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लास्ट के मामले में एक आरोपित के पिता ने शर्मिंदगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पता होता कि उनका बेटा इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने जा रहा है तो वे बेटे को बाँधकर रेलवे ट्रैक पर डाल देते। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों की जिंदगी दाँव पर लगाने वाले उसके बेटे को फाँसी दे दी जाए।

आरोपित धूलचंद मीणा के पिता सवाजी मीणा ने बताया, “बेटे की करतूत पर अफसोस है, उसे फाँसी पर चढ़ा देना चाहिए। अगर ट्रेन का हादसा हो जाता तो सैकड़ों लोगों की जान चली जाती। यदि ऐसा होता तो खुद को कभी माफ नहीं कर पाता। पुलिस आई तो मुझे इस घटना के बारे में पता चला।”

उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया कि 12 नवंबर देर शाम को ब्लास्ट की आवाज उन्होंने भी सुनी थी। उस रात धूलचंद घर आया तो नॉर्मल था। दो दिन घर में रहने के बाद भी भनक नहीं लगी कि उसने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया है।

सवाजी का कहना है कि उनके बेटे के कुछ साल पहले मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी, लेकिन कई जगह इलाज कराया और दिखाया-सुनवाया, इसके बाद वह पिछले 2 सालों से ठीक है। वह किसी प्रकार का नशा भी नहीं करता है और ना ही उसके कुछ दोस्त हैं। वह किसी से बातचीत भी नहीं करता और अपनी पत्नी से भी कम बोलता है।

उन्होंने कहा कि मुआवजे की बात के लिए उसने धमाका किया, लेकिन ना ही उनके नाम पर और ना ही उनके पिता के नाम पर कोई जमीन थी, जिसका अधिग्रहण हुआ। जिस जमीन का अधिग्रहण हुआ, वह उनके भाई के नाम पर है। धूलचंद उनके जमीनों के दस्तावेज लेकर क्यों घूमता था, पता नहीं। उसे किसी ने चढ़ाया होगा। फिर भी उसने गलती की है और उसकी सजा उसे मिलनी चाहिए।

ध्यान देने वाली बात यह है कि एक आरोपित का पिता किसी ट्रेन दुर्घटना में लोगों के मारे जाने की आशंका से ही लज्जित हो जाता और अपने आरोपित बेटे के लिए कठोर सजा की माँग करता है। वहीं, दूसरी तरफ इस देश में कुछ ऐसे लोग भी हैं, आतंकियों की तरफदारी करते हुए उसे बचाने की कोशिश करते हैं। कुछ तो ऐसे लोग भी हैं जो अपने बेटों पर ‘फख्र’ करते हैं।

साल 2019 में मार गिराए गए आतंकी आदिल अहमद डार ने अपने बेटे की जिहाद के दौरान मौत पर फख्र किया था। आतंकी आदिल अहमद के अब्बू गुलाम डार ने कहा था कि उन्हें बेटे की मौत का ग़म भी है और पुलवामा हमले में बलिदान हुए सीआरपीएफ जवानों और उनके परिवारों से सहानुभूति भी, पर वह यह नहीं मान सकते कि उनके बेटे ने कोई गलती की है।

उन्होंने कहा था, “मुझे फ़िक्र नहीं कि बाकी दुनिया उसे क्या कह रही है। अपने लोगों के लिए वह शहीद है, उसके जनाज़े में 2-3 हज़ार लोगों की भीड़ थी। हम यह नहीं कह सकते कि वह गलत राह पर हैं।” इस तरह के बयान कई कश्मीरी आतंकियों के अब्बू ने दिए हैं।

इतना ही नहीं, मुस्लिमों के मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता तौकीर रजा ने बाटला हाउस एनकाउंटर में मारे गए आतंकवादी को ‘शहीद’ बता दिया था। उन्होंने कहा था, “हमारे बच्चों को इस तरह आतंकवादी कह कर मार डाला गया।” कॉन्ग्रेस नेता सलमान नियाजी ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को भी ‘शहीद’ बताकर बचाव किया था।

मंगलुरु में चलते ऑटो में हुआ ब्लास्ट, पुलिस ने बताया आतंकी करतूत: ड्राइवर सहित 2 झुलसे: कूकर, गैस बर्नर, तार, बैटरी और नट-बोल्ट बरामद

कर्नाटक के मंगलुरु में चलते ऑटो में एक कम तीव्रता का ब्लास्ट हुआ है। इस घटना के चलते 2 लोगों के घायल होने की सूचना है। राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। कर्नाटक पुलिस के प्रमुख (DGP) IPS प्रवीण सूद ने इसे एक आतंकी हरकत करार देते हुए बताया कि ब्लास्ट से ज्यादा नुकसान भी हो सकता था। घटना शनिवार (19 नवम्बर, 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्लास्ट नागौरी इलाके में हुआ। यहाँ एक चलते ऑटो रिक्शा में अचानक ही ब्लास्ट हुआ और आग लग गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक 2 लोग झुलस गए थे। घायलों में ऑटो ड्राइवर भी शामिल है। बताया जा रहा है कि मंगलुरु रेलवे स्टेशन से एक व्यक्ति ने ऑटो चालक से शहर के अंदर ले जाने के लिए कहा था। बाद में थोड़ी ही दूरी तय करने के बाद अचानक ही ब्लास्ट हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और FSL की टीमें मौके पर पहुँच गईं। घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया और ऑटो की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान प्रेशर कुकर और गैस स्टोव का बर्नर बरामद हुआ है। अब तक हुई जाँच में ब्लास्ट के लिए 2 बैटरी, नट-बोल्ट, कुछ तार के साथ प्रेशर कुकर और गैस बर्नर बरामद हुए हैं। ऑटो में जो सवारी बैठी थी, उसके पहचान पत्र में उसका नाम प्रेमराज लिखा हुआ है। सवारी का आधा शरीर ब्लास्ट के चलते जल चुका है।

इस मामले का केस कंकानाडी थाने में दर्ज करवाया गया है। मामले की जाँच के लिए पुलिस ने कई CCTV फुटेज निकलवाए हैं। एक फुटेज में ऑटो में हुए ब्लास्ट का वीडियो होने का दावा किया जा रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो में बैठी सवारी ने एक बैग ले रखा था। ब्लास्ट में वह सवारी भी जख्मी हुई है। शहर के पुलिस कमिश्नर एन शशि कुमार ने लोगों से चिंता न करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से उड़ने वाली अफवाहों पर भी ध्यान न देने को कहा है।

‘कल बहुत मारा है उसने (आफताब)… एनर्जी नहीं बची है बेड से उठने की’ – पढ़िए श्रद्धा का व्हाट्सएप और ‘नाक टूटने’ वाला इन्स्टाग्राम चैट

श्रद्धा मर्डर केस में आफ़ताब की करतूतों के बारे में हो रहे तमाम खुलासों के बीच अब मृतका की व्हाट्सएप चैटिंग वायरल हो रही है। इस चैट स्क्रीनशॉट में श्रद्धा ने अपने दोस्तों से आफ़ताब द्वारा अपनी पिटाई का जिक्र किया है। ये चैटिंग साल 2020 की बताई जा रही है। तब श्रद्धा ने बताया था कि आफ़ताब ने उन्हें इतनी बेरहमी से मारा है कि वो बिस्तर से उठ भी नहीं पा रही हैं। दिल्ली पुलिस ने ये चैट स्क्रीनशॉट शनिवार (19 नवम्बर 2022) को सार्वजानिक किए।

रिपोर्ट्स के अनुसार आफ़ताब द्वारा अपनी पिटाई का जिक्र श्रद्धा ने करण भक्की, लक्ष्मण और राहुल राय के साथ किया था। अपने मैनेजर करण भक्की से उन्होंने कहा था कि एक दिन पहले उनकी पिटाई हुई है, जिसके चलते वो ऑफिस नहीं आ पाएँगी। अपने शरीर में बुरी तरह से दर्द बताते हुए श्रद्धा ने आगे लिखा था कि उन्हें अपना ब्लड प्रेशर कम लग रहा है और बदन में तेज दर्द हो रहा है। तब चैट में श्रद्धा ने खुद को बेड से उठने लायक भी नहीं बताया था।

2020 में आफताब इतने बुरे ढंग से मार रहा था श्रद्धा को

24 नवम्बर 2020 में श्रद्धा की इसी चैटिंग में लिखा था, “उसके माता-पिता के घर जाने के बाद सब सही हो गया। वह आज जा रहा है। मेरे शरीर में ऊर्जा नहीं बची है। मैं कोशिश करती हूँ कि वो आज ही बाहर चला जाए।” मैसेज के अंत में उन्होंने अपने मैनेजर से काम पर न आ पाने के लिए माफ़ी भी माँगी है।

श्रद्धा की व्हाट्सएप चैटिंग

श्रद्धा के 23 नवम्बर 2020 की एक अन्य चैटिंग में अपने घर से बाहर जाने का जिक्र है। तब उन्होंने थाने में किसी महिला मंडल से मिलने के लिए निकलने की बात कही थी। इस दौरान श्रद्धा ने अपने चेहरे पर किसी चोट की चर्चा करते हुए लिखा था कि वो इसे एक सबूत के तौर पर पेश करेंगी और ऐसा करने के लिए वो छुट्टी भी लेंगीं।

एक अन्य स्क्रीनशॉट में श्रद्धा के एक परिचित द्वारा उन्हें समझाने की कोशिश की जा रही है। तब उस परिचित ने श्रद्धा से न डरने और साथ होने का दिलासा दिया है। इसी चैटिंग में श्रद्धा ने अपने चेहरे पर चोट की तस्वीर शेयर की है।

व्हाट्सएप के अलावा श्रद्धा और उनके एक दोस्त के बीच इन्स्टाग्राम पर हुई चैट भी वायरल हो रही है। माना जा रहा है कि इस चैट में श्रद्धा अपने दोस्त से आफ़ताब द्वारा अपनी पिटाई की बात छिपाती दिख रहीं हैं। चैटिंग में उनके दोस्त ने नाक पर लगी चोट के बारे में पूछा तो श्रद्धा ने सीढ़ी से गिर कर फैक्चर होना बताया है।

श्रद्धा की इंस्टाग्राम चैटिंग

गौरतलब है कि श्रद्धा को 3 दिसंबर, 2020 को वसई के ओजोन मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान उनकी पीठ और रीढ़ में तेज दर्द की शिकायत थी। माना जा रहा है कि यह दर्द आफ़ताब द्वारा हुई पिटाई के चलते हुआ था।

अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें यह दर्द भर्ती होने से 4 से 5 दिन पहले से था। 24 नवंबर, 2020 को व्हाट्सएप पर पिटाई की चर्चा और 3 दिसंबर, 2020 को डॉक्टर की रिपोर्ट भी कहीं न कहीं एक दूसरे से मेल खाती दिख रही है।