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कानपुर में अवैध मकान गिरवाने पहुँची पुलिस पर ईंट-पत्थरों से हमला, 3 घायल: UP पुलिस ने छत पर चढ़ बरसाई लाठियाँ, 2 पत्थरबाज गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले (Kanpur Dehat News) में मंगलवार (18 अक्टूबर 2022) को कोर्ट के आदेश पर कब्जा हटाने गई पुलिस की टीम पर पथराव करने वालों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सोशल मीडिया पर दो दिन बाद इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि पुलिस की टीम इन पत्थरबाजों पर जमकर लाठियाँ बरसाते हुए नजर आ रही है। पत्रकार तुषार श्रीवास्तव ने यह वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जमीन विवाद का यह मामला कानपुर देहात के थाना भोगनीपुर के पुखरायाँ कस्बे का है। यहाँ कोर्ट के आदेश पर अवैध कब्जे पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पहुँचे पुलिस-प्रशासन पर 18 अक्टूबर 2022 को पथराव किया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद 2 पुलिसकर्मियों के साथ एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले गई और छत से ईंट पत्थर फेंक रहे दोनों आरोपितों पर जमकर लाठियाँ बरसाई।

बता दें कि जमीन का विवाद न्यायालय अपर सिविल जज (सी.डि) कोर्ट संख्या -01, कानपुर देहात में सत्यदेव बनाम मोतीलाल कोर्ट में विचाराधीन चल रहा था। लंबे समय के बाद कोर्ट ने सत्यदेव के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पुलिस को निर्देश दिया था कि जमीन के ऊपर बने अवैध मकान की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए और कब्जा दिलवाया जाए। पुलिस कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए यहाँ पहुँची थी।

कानपुर देहात के भोगनीपुर में रहने वाले सत्यदेव ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुँचे थे। इस दौरान समीर और कार्तिक ने मकान की छत से गाली गलौज करते हुए ईट पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस ने सत्यदेव के शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ आईपीसी 353, 332, 336 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। फिर जाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ सकी।

ब्रिटेन की PM लिज ट्रस ने सिर्फ 44 दिन में दिया पद से इस्तीफा, आर्थिक नीतियों के कारण झेल रही थीं आलोचना: देश के इतिहास में सबसे कम समय वाली प्रधानमंत्री बनीं

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस (Britain PM Liz Truss) ने देश में जारी राजनीतिक संकट के बीच 44 दिन बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विवादित मिनी बजट पेश के कारण उनकी काफी आलोचना हो रही थी। इसके बाद उन्होंने लोगों से माफी माँग ली थी, लेकिन उनकी कंजर्वेटिव पार्टी के अधिकांश सदस्य उनके इस्तीफे की माँग कर रहे थे।

इस्तीफा देने के बाद लिज ने कहा कि वो अपने वादे पूरा करने में नाकाम रहीं, जिसकी वजह से वो इस्तीफा दे रही हैं। उनका कहना है कि जब वह प्रधानमंत्री बनी थीं, तब देश में आर्थिक स्थिरता नहीं थी। उन्होंने कहा, “मैंने टैक्स कम करने का सपना देखा था और मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव डालने की कोशिश की, लेकिन मैं नाकाम रही।”

लिज ने आगे कहा, “आज सुबह मैं 1922 समिति के अध्यक्ष सर ग्राहम ब्रैडी से मिली। हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि नेतृत्व का चुनाव अगले सप्ताह तक पूरा किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि हम अपनी वित्तीय योजनाओं को पूरा करने और अपने देश की आर्थिक स्थिरता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के रास्ते पर बने रहें।”

पद से इस्तीफा देने के बाद लिज ट्रस ब्रिटिश इतिहास में सबसे कम समय तक रहने वाली प्रधानमंत्री बन गई हैं। लिज सिर्फ 44 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर रहीं। इससे पहले सबसे कम समय तक ब्रिटेन का प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड जॉर्ज कैनिंग के नाम था। जॉर्ज कैनिंग 119 दिनों तक इस पद पर थे। लिज ब्रिटेन की तीसरी महिला प्रधानमंत्री थीं।

दरअसल, प्रधानमंत्री रहने के दौरान लिज ट्रस ने संसद में मिनी बजट पेश किया था। इस बजट में उन्होंने टैक्स कटौती और महंगाई नियंत्रित करने के लिए फैसले लिए थे। इससे ब्रिटेन के शेयर बाजार में हलचल मच गई। मॉर्गेज रेट में तेजी से इजाफा हुआ और मुद्रा कमजोर होने लगी।

हालात को देखते हुए ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक ‘बैंक ऑफ इंग्लैंड’ को ऋण बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा। बाजार की स्थिति को देखते हुए कहा गया कि लिज की सरकार ने विशेषज्ञों की राय की अनदेखी की। मिनी बजट की घोषणा से ठीक पहले वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग ने अपने विभाग के अहम अधिकारियों को हटा दिया।

अर्थव्यवस्था के पटरी से उतरते ही लिज ट्रस की हर तरफ, यहाँ तक कि अपनी ही पार्टी में आलोचना होने लगी। इसके बाद क्वासी क्वार्टेंग को बर्खास्त कर दिया गया और उनकी जगह जेरमी हंट वित्त मंत्री बने। जेरमी ने आलोचना से बचने के लिए क्वार्टेंग के सारे फैसलों को पलट दिया। लिज ने माफी माँगी। इसके बाद भी उन पर इस्तीफा का दबाव बना रहा।

हालाँकि, लिज ट्रस की टैक्स कटौती नीतियों को लेकर पार्टी में उनके प्रतिद्वंद्वी ऋषि सुनक ने आगाह किया था, लेकिन सरकार के टैक्स कटौती के फैसले के दौरान वे चुप्पी साधे रहे। अब माना जा रहा है कि देश की बागडोर ऋषि सुनक के हाथ आ सकती है। बता दें कि अगला प्रधानमंत्री चुने जाने तक लिज अपने पद पर बनी रहेंगी।

तेलंगाना में उपचुनाव से पहले खोदी गई जेपी नड्डा की ‘सांकेतिक कब्र’: BJP कराएगी TRS नेताओं पर केस दर्ज

तेलंगाना के नलगोंडा जिले में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की फोटो लगाकर उनके नाम की सांकेतिक कब्र खोद जाने का मामला सामने आया है। जेपी नड्डा की फोटो के साथ कब्र के पास क्षेत्रीय फ्लोराइड शमन और अनुसंधान केंद्र का बोर्ड भी लगा है। भाजपा ने इसे उपचुनाव से पहले बीआरएस (पुराना नाम टीआरएस) नेताओं की हरकत बताते हुए शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। तेलंगाना में 3 नवंबर को उपचुनाव होने हैं।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को प्रतीकात्मक रूप से दफनाने को लेकर टीआरएस नेताओं ने दावा किया है यह स्वास्थ्य मंत्री के रूप में नड्डा द्वारा किए गए वादों का प्रतिफल है। टीआरएस नेता और मंत्री हरीश रावत ने आरोप लगाया है कि जेपी नड्डा ने साल 2016 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए मैरीगुडा में 300 बेड का अस्पताल बनवाने का वादा किया था। साथ ही, चौतुप्पल में फ्लोराइड अनुसंधान केंद्र और फ्लोराइड पीड़ितों को सहायता का आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक ये वादे पूरे नहीं हुए हैं। इसलिए लोग विरोध कर रहे हैं।

वहीं, इस मामले में भाजपा नेता एनवी सुभाष ने कहा है “बीजेपी ने जेपी नड्डा के फ्लोराइड संस्थान बनाने वाले आश्वासनों को लेकर टीआरएस सरकार से कई बार अनुरोध किया है। लेकिन, बार-बार आश्वासन के बाद भी टीआरएस सरकार अंधी और बहरी बनी हुई है। चूँकि, टीआरएस सरकार पूरी तरह से फेल हो गई है और उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए, उन्होंने उपचुनाव से पहले इस मुद्दे को उठाया है। कब्र खोदना और जेपी नड्डा की तस्वीर लगाना मूर्खता है। हम इसकी निंदा करते हैं और पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे।”

आंध्र प्रदेश के बीजेपी महासचिव विष्णु वर्धन रेड्डी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की ‘कब्र’ वाला वीडियो ट्वीट कर कहा है “यह निंदनीय है। टीआरएस कार्यकर्ताओं ने हमारे पार्टी अध्यक्ष की कब्र बनाई है। हम इसकी घोर निंदा करते हैं। सब को पता है कि केटीआर बीजेपी के बढ़ते जनसमर्थन से निराश हैं, लेकिन सोचिए अगर बीजेपी के 18 करोड़ सदस्य टीआरएस के साथ ऐसा ही करने लगें तो क्या होगा।”

वहीं, इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इसे भारतीय राजनीति का निचला स्तर करार दिया है। उन्होंने लिखा, “भारतीय राजनीति में एक नया निचला स्तर। विनाश काले विपरीत बुद्धि।”

इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता और पूर्व एमएलसी रामचंदर राव ने कहा है कि बीजेपी इस हरकत की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने, इस हरकत के लिए टीआरएस नेताओं पर आरोप लगाया है। साथ ही, कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

परिजनों को देख फूट-फूटकर रोया कन्हैयालाल का हत्यारा गौस मोहम्मद: अब्बू ने माँगी माफी, अम्मी बोलीं- ऐसी घटना हो जाती है, अल्लाह सब जानता है

राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की बेरहमी से हत्या करने वाले मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हैं। ये दोनों कई दिनों से अपने परिवार से मिलने के लिए तड़प रहे हैं। इसी बीच खबर है कि बुधवार (19 अक्टूबर 2022) को गौस मोहम्मद के अम्मी-अब्बू उससे मिलने जेल पहुँचे। उन दोनों को देखकर वह फूट-फूट कर रोने लगा। यह मुलाकात केवल 5 मिनट की थी। तीनों ने एक दूसरे को काँच से देखा और इंटरकॉम के जरिए बात की। वहीं, दूसरे हत्यारोपित रियाज के परिवार वाले अभी तक उससे मिलने के लिए नहीं पहुँचे।

गौस के अब्बू ने कन्हैयालाल हत्याकांड पर अफसोस जताते हुए कहा, “मेरे बेटे ने गलती की है। मैं माफी माँगता हूँ। यह हमारा देश है। जन्म भूमि है। यहाँ ऐसा नहीं होना चाहिए था।” वही हत्यारे की अम्मी ने कहा कि इस हत्याकांड को लेकर वह गड़े मुर्दे नहीं उखाड़ना चाहती हैं। घटना को लेकर पश्चाताप तो होता है। सोचा नहीं था कि ऐसा होगा। यह घटना क्यों हुई इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस पर एक पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि जो हुआ वह गलत हुआ तो उन्होंने कहा, “इस तरह की घटना हो जाती है। यह सब अल्लाह जानता है हम नहीं जानते, जो हो गया उसे अब भूल जाना चाहिए।” बताया जा रहा है कि गौस ने अपने अम्मी-अब्बू से सर्दी के कपड़े माँगे और कहा वकील को भी मिलने के लिए भेजना।

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में अधीक्षक के पद पर तैनात पारसमल जांगिड़ ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच सभी हार्डकोर आरोपितों को जेल में रखा गया है। कई कारणों से पिछले कुछ समय से कैदियों के परिजनों की मुलाकात नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब इसे फिर से शुरू कर दिया गया है। इस दौरान परिजनों की कड़ी चेकिंग के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया जाता है। बीते दिनों रियाज और गौस मोहम्मद समेत कन्हैयालाल हत्याकांड के सभी 9 आरोपितों को पढ़ने के लिए महान व्यक्तियों की जीवनी दी गईं। मालूम हो कि केवल रविवार और बुधवार को ही सभी कैदियों को अपने परिवारवालों से मिलने की अनुमति है। 

उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या

गौरतलब है कि उदयपुर के कन्हैयालाल ने इस साल 15 जून को पुलिस में शिकायत दी थी और सुरक्षा की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके बाद 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद कपड़ा सिलवाने के बहाने से कन्हैयालाल की दुकान में घुसे थे और उनकी हत्या को अंजाम दिया गया था।

इस दौरान एक उनका वीडियो बना रहा था, जबकि दूसरा अपना नाप देने का नाटक कर रहा था। वीडियो में दिख रहा था कि दोनों ने कन्हैया को निशाना तब बनाया जब वह नाप लेने में व्यस्त हो गए। इसके बाद ही इन्होंने अचानक से उनके ऊपर हमला किया। कन्हैया चीखते रहे, लेकिन आरोपितों ने दबोच कर उनका सिर कलम कर दिया। खून से लथपथ कन्हैया ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। दुकान में मौजूद 2 कर्मचारियों ने कन्हैयालाल को बचाने की कोशिश की थी। लेकिन उन दोनों पर भी हमला कर दिया गया। हत्या के बाद मोहम्मद गौस ने रियाज के साथ मिल हँसते हुए वीडियो शेयर की थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ा था।

‘…प्रेस में बयानबाजी और बड़े विज्ञापनों से होगा विकास’ : CM केजरीवाल पर बरसे अमित शाह, कहा- दिल्ली को ये AAP निर्भर बनाना चाहते हैं

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(Amit Shah) ने गुरुवार (20 अक्टूबर 2020) को द‍िल्‍ली के तेहखंड में ‘वेस्‍ट टू एनर्जी’ प्‍लांट का उद्घाटन किया। शाह ने इस दौरान द‍िल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल(Arvind kejriwal) पर जमकर निशाना साधा और कहा क‍ि आप सरकार एमसीडी के साथ भेदभाव करती है और फंड नहीं देती है। गृहमंत्री ने कहा कि केजरीवाल व‍िज्ञापनों के जरिए दिल्‍ली की जनता को भ्रमित करना चाहते हैं।

उन्‍होंने यह भी कहा, “दिल्‍ली में भले आप की सरकार हो, ऊपर नरेंद्र मोदी हैं। इसलिए कोई काम रुकने वाला नहीं है। शाह ने कहा क‍ि आप पार्टी द‍िल्‍ली को ‘आप निर्भर’ बनाना चाहती है, लेकिन हम दिल्‍ली को ‘आत्मनिर्भर’ बनाना चाहते हैं।”

अम‍ित शाह ने कहा, ”एमसीडी के साथ अरविंद केजरीवाल के व्यवहार का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे। दिल्ली के लोगों को तय करना है कि उन्हें विज्ञापन की राजनीति पसंद है या ‘विकास’ की राजनीति। लोगों को यह भी तय करना चाहिए कि उन्हें ‘प्रचार’ (अभियान) की राजनीति पसंद है या ‘परिवर्तन’ की राजनीति।”

शाह ने कहा, ”केजरीवाल जी हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, बड़े-बड़े विज्ञापन करते हैं। उन्होंने मान लिया है कि प्रेस के इंटरव्यू से ही विकास होता है। उन्होंने मान लिया है कि विज्ञापन से देश की जनता भ्रमित हो सकती है। यह भ्रम 5 साल, 7 साल चल सकता है। मैं जनता को कहने आया हूँ कि आप पार्टी दिल्ली को आप निर्भर बनाना चाहती है और हम आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। दिल्ली की जनता को तय करना है कि आप निर्भर दिल्ली चाहिए या आत्मनिर्भर दिल्ली चाहिए।”

उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में हर रोज लगभग 7000 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होगा और 2000 मीट्रिक टन कूड़े को दोबारा हरित तरीके से उपयोग में लाया जाएगा। ये प्लांट हर रोज 25 मेगावाट तक ग्रीन एनर्जी द‍िल्‍ली को देने का काम करेगा।

वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के MCD प्रभारी दुर्गेश पाठक गुरुवार (20 अक्टूबर 2020) को भलस्वा डेयरी लैंडफिल साइट पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय विधायकों के साथ कूड़े के ढेर पर पहुँचे और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नारेबाजी की।

‘लोगों को साफ हवा में लेने दो सांस’: दीवाली में पटाखों पर लगे बैन के खिलाफ तत्काल सुनवाई से SC ने किया इनकार, मनोज तिवारी की याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पटाखों पर बैन के दिल्ली सरकार (Delhi Government) के फैसले के खिलाफ चुनौती देने वाली भाजपा सांसद मनोज तिवारी की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal) ने दीपावली पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पटाखों पर बैन (Ban on Firecracker) लगा दिया है।

मनोज तिवारी की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों को स्वच्छ हवा में साँस लेने दीजिए और अपने रुपयों से मिठाइयाँ खरीदिए। दिल्ली सरकार ने पटाखों के खरीद-बिक्री के साथ-साथ इसके उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसका उल्लंघन करने पर 200 रुपए जुर्माना और 6 महीने जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।

उधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले गुरुवार (20 अक्टूबर 2022) को ही दिल्ली हाईकोर्ट ने भी पटाखा विक्रेताओं की याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिका में पटाखा कारोबारियों ने कहा था कि दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमिटी (DPCC) द्वारा 14 सितंबर 2022 को लगाया गया प्रतिबंध अवैध और मनमाना है।

पटाखा कारोबारियों ने कोर्ट में तर्क दिया कि DPCC के इस फैसले से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। इसलिए हाईकोर्ट उन्हें ग्रीन पटाखों को बेचने की अनुमति दे। हालाँकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर यह कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इस याचिका में विक्रेताओं ने DPCC के फैसले को चुनौती दी थी।

इससे पहले 10 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने मनोज की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार द्वारा पटाखा पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने से इनकार कर दिया था। याचिका में भाजपा सांसद तिवारी ने कहा था कि दिल्ली में प्रदूषण पराली जलाए जाने के कारण हो रही है।  

इस दौरान न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने दिवाली के दौरान प्रदूषण के स्तर पर भी चिंता व्यक्त की थी। पीठ ने कहा था कि प्रदूषण को और नहीं बढ़ाया जाना चाहिए, इसलिए पटाखों की अनुमति नहीं दी सकती, चाहे वो ईको फ्रेंडली पटाखों की ही क्यों न हो।

5 साल की मदरसा छात्रा को एकांत में ले गया मौलाना अब्दुल, अकेले में की अश्लील हरकत: शिकायत के बाद हुआ गिरफ्तार

मदरसों में पढ़ाई के नाम पर देश विरोधी गतिविधियों से लेकर यौन शोषण और बलात्कार की खबरें सामने आती रहती हैं। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया। जहाँ, मदरसे में पढ़ने गई 5 साल की मासूम बच्ची के साथ मौलाना ने बलात्कार की कोशिश की। फिलहाल, पुलिस ने आरोपित मौलाना को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपित मौलाना अब्दुल रहीम उन्नाव जिले के गंगाघाट कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत 16 बीघा इलाके में स्थित एक मदरसे में पढ़ाता है। सोमवार (19 अक्टूबर 2022) को रोज की भाँति 5 वर्षीय मासूम बच्ची पढ़ने के लिए मदरसा गई थी। जहाँ, मौलाना बच्ची को तालाब दिखाने के बहाने बहला-फुसलाकर एकांत में ले गया था। इसके बाद उसने बच्ची के साथ गलत हरकत करते हुए बलात्कार की कोशिश की।

इसके बाद, जब बच्ची घर पहुँची तो उसने परिजनों को अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। जिसके बाद, उसके पिता ने स्थानीय गंगाघाट कोतवाली थाने में जाकर इस बारे में शिकायत दर्ज कराई। वहीं पुलिस ने पीड़ित बच्ची के पिता की शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 376AB और पॉक्सो एक्ट की धारा 5M/6 के तहत मामला दर्ज करते हुए आरोपित मौलाना को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपित मौलाना अब्दुल रहीम मूल रूप से दरभंगा बिहार का रहने वाला है। फिलहाल वह, कानपुर के जाजमऊ में रहते हुए उन्नाव के गंगा घाट स्थित मदरसे में पढ़ाता है।

इस मामले में, अपर पुलिस अधीक्षक शशि शेखर सिंह का कहना है कि, मौलाना अब्दुल रहीम मदरसे में पढ़ाता था। उसने 5 वर्षीय बच्ची के साथ अश्लील हरकत की। इस मामले में पुलिस के समक्ष बच्ची के पिता ने एफआईआर दर्ज कराई है। जिसके आधार पर आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

केरल के जिस घर में तड़पाकर मार दी गईं 2 औरतें, उसे देखने अब दूर-दूर से आ रहे ‘पर्यटक’: सबमें उस गड्ढे को देखने की इच्छा, जहाँ दफन थे शव के टुकड़े

केरल के पठानमथिट्टा जिले में स्थित एलंथूर गाँव का नाम कुछ दिन पहले तक शायद ही कोई जानता था, लेकिन जब से ये जगह दो महिलाओं की निर्मम हत्या के कारण खबरों में आई है तब से लोग इस जगह को देखने के लिए वहाँ मोबाइल लेकर पहुँचने लगे हैं।

दरअसल, केरल के एर्नाकुलम में पिछले दिनों दो महिलाओं के अपहरण और हत्या की खबर सामने आई थी। एक दंपत्ति ने अमीर बनने के लालच में शफी नाम के शख्स के कहने पर औरतों को न केवल शारीरिक प्रताड़ना दी थी, बल्कि निर्ममता से उनका कत्ल भी किया था।

हत्या के बाद महिलाओं के शव को काट-काटकर जिस घर में दफनाया गया था, अब उस घर को देखने के लिए सैकड़ों लोग प्रतिदिन आ रहे हैं। लोग उस घर के अलावा उन गड्ढों को देखना चाह रहे हैं जहाँ से औरतों के शरीर के हिस्से बरामद हुए।

एलंथूर गाँव के इस घर के आसपास पहले दुकानें नहीं थीं। लेकिन अब इस घर को देखने आने वालों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यहाँ कई दुकानें खुल चुकीं हैं।

द न्यूज मिनट की खबर के अनुसार इस घर को करीब 49 किमी दूर से देखने आए शशिकुमार कहते हैं, उन्होंने पहली बार ऐसी किसी घटना के बारे में सुना है इसलिए वह इस जगह को देखना चाहते थे। वह यहाँ अपने दोस्तों के साथ इस घर को देखने आए थे और इसके लिए वह काफी उत्सुक थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस घर को देखने आने वालों में एर्नाकुलम की रहने वाली रेम्या ने बताया कि वह अपने रिश्तेदारों से मिलने पठानमथिट्टा आई थी। इसके बाद, उन लोगों ने पूरे परिवार को साथ लेकर एलंथूर आने का फैसला किया।

रेम्या कहती हैं, “जब मैंने इस घटना को समाचार में देखा था तभी से इस जगह को देखने आना चाहती थी। अब मैं यहाँ रिश्तेदारों के साथ आई हूँ।मुझे मजा आया।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस गाँव में जो हुआ वह दुर्लभ और असामान्य है। यही वजह है कि कई लोग इस जगह को देखना चाहते हैं। इस घर के अलावा यह एक सामान्य गाँव है, सामान्य घर है, कुछ खास नहीं है। वह उस घर और उन गड्ढों को देखना चाहती हैं जहाँ उन महिलाओं को मारने के बाद उन्हें दफनाया गया था। वह उन गड्ढों के पास खड़े होकर फोटो खिंचवाना चाहतीं थीं। लेकिन, उन्हें अफसोस हुआ कि पुलिस ने सब कुछ सील कर दिया।

बढ़ती भीड़ से पड़ोसी परेशान

हत्या के आरोपित भगवंत सिंह और लैला के पड़ोसी जोस का कहना है कि इस घटना के बाद से वह बेहद परेशान है। लोग उनके घर के अंदर घुस आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, केरल के सभी जिलों से हर रोज कई लोग यहाँ आते हैं। वे मेरे घर के अंदर भगवंत के घर को देखने आते हैं। मेरे घर के एक कोने से वे गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। लोग मेरे घर में इसलिए आ रहे हैं क्योंकि पुलिस ने चारों तरफ से बैरिकेड्स लगा रखे हैं। यहाँ आने वाले लोग कुछ दिन पहले मेरे घर की दीवार कूदकर अंदर आ गए थे। इसलिए, अब मैं गेट खुला रखता हूँ।”

जोस यह भी कहते हैं कि यहाँ आने वाले लोग हर समय फोटो और सेल्फी लेते रहते हैं। यूट्यूब वीडियो बनाने वाले लोग भी यहाँ लगातार आ रहे हैं। हर कोई इस घर को देखते हुए फोटो और वीडियो बनाना चाहता है। बहुत सारे लोग तो बारिश में भींगते हुए भी इस घर को देखने के लिए आ रहे हैं।

एलंथूर में हुई इस घटना से जहाँ, एक ओर इस घर को देखने के लिए लगातार लोग आ रहे हैं, वहीं गाँव वाले इतनी भीड़ को देखकर खुश नहीं हैं।

एलंथूर के निवासी अशोकन कहते हैं, “एलंथूर गलत कारणों से चर्चित हो रहा है। हमारे गाँव की अपनी सांस्कृतिक विरासत है। यह अभिनेता मोहनलाल और स्वतंत्रता सेनानी के कुमार का जन्मस्थान है। इस गाँव ने केरल के सांस्कृतिक और राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन, अब हर कोई यहाँ उस घर को देखने के लिए आ रहा है। अब हमें यह कहते हुए भी शर्म आ रही है कि हम एलंथूर में रहते हैं।”

क्या है पूरा मामला…

केरल के पथानामथिट्टा जिले में स्थित एलंथूर गाँव में रहने वाले भगवंत सिंह और उसकी पत्नी लैला आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे थे। इसी दौरान, शफी नामक व्यक्ति ने फेसबुक पर श्रीदेवी बनकर नैचुरल थेरेपिस्ट भगवंत सिंह को फँसाया और उन्हें आर्थिक समृद्धि के लिए दो महिलाओं का सिर तन से जुदा करने के लिए कहा। शफी ने भगवंत को आश्वासन दिया था कि दो महिलाओं की कुर्बानी देने के बाद उसकी सारी आर्थिक समस्याएँ दूर हो जाएँगी।

इसके बाद मोहम्मद शफी ने भगवंत से महिलाओं को खोजने के लिए दो लाख रुपए भी ठगे और उन्हें लाने के लिए दंपत्ति से कार भी खरीदवाई। इसके बाद शफी ने रोजलिन और पद्मा नाम की दो महिलाओं का अपहरण कर उन्हें भगवंत और लैला के घर ले गया था। जहाँ, महिलाओं को चारपाई से बाँधकर गला घोंटा गया। उनके स्तन काट दिए गए और खून बहने दिया गया। इनमें से एक महिला के 56 टुकड़े कर दिए गए। आरोपित ने कथित तौर पर रोजलिन का प्राइवेट पार्ट काटकर उसे भूनकर खाया। बाद में शव के टुकड़े गढ्ढों में दबा दिए गए। वहीं, पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने कहा कि उन्होंने किसी भी इंसान का मांस नहीं खाया था।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मुख्य आरोपित मोहम्मद शफी और लैला की नजदीकियाँ बढ़ गईं थी। यह बात भी सामने आई है कि मोहम्मद शफी लैला के साथ मिलकर उसके पति भगवंत को रास्ते से हटाने की योजना बना चुका था। अगर इन महिलाओं की हत्या का भंडाफोड़ नहीं होता तो इनका अगला शिकार भगवंत ही होता। लैला भगवंत की दूसरी पत्नी है। उसकी पहली पत्नी और बच्चे विदेश में रहते हैं।

‘CM योगी ईमानदार और बहादुर’: पुलिस की गाड़ी में बैठ बोला गैंगस्टर अतीक अहमद, मीडिया में की UP मुख्यमंत्री की तारीफ; Video

जेल में बंद बाहुबली नेता और माफिया अतीक अमहद (Atiq Ahmad) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) की जमकर तारीफ की है। अतीक ने कहा कि योगी आदित्यनाथ बहुत ईमानदार और बहादुर मुख्यमंत्री हैं। वे बहुत मेहनत कर रहे हैं।

दरअसल, भारी सुरक्षा के बीच अतीक अहमद को गुजरात के साबरमती जेल से लखनऊ जेल लाया गया है। अतीक को बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में आज लखनऊ की सीबीआई कोर्ट के सामने पेश किया गया, जहाँ उन पर आरोप तय किए गए। पुलिस वैन में बैठे अतीक से मीडियाकर्मियों ने सवाल पूछा तो वह सीएम योगी का गुणगान करने लगे।

इलाहाबाद (पश्चिमी) से बसपा विधायक राजू पाल की साल 2005 में हत्या कर दी गई थी। इलाहाबाद पश्चिमी सीट पर हुए उपचुनाव में राजू पाल ने अतीक अहमद के भाई अशरफ को हरा दिया था। इसके बाद राजू पाल पर दो बार जानलेवा हमला हुआ था और अंत में 25 जनवरी 2005 को उनकी हत्या कर दी गई। इस केस में अतीक मुख्य आरोपित हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गुजरात के साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद को लखनऊ की एंटी करप्शन स्पेशल कोर्ट में पेश किया था। अतीक 2 साल से गुजरात की साबरमती जेल में बंद हैं और कोरोना काल के बाद उनकी यह पहली पेशी है। इस मामले में अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।

अतीक अहमद भले सीएम योगी का गुणगान कर रहे हों, लेकिन उनके खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई जारी है। इनमें अतीक उनके गुर्गों के संपत्तियों की कुर्की शामिल है। अभी 15 अक्टूबर 2022 को ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 34 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर ली थी।

साल 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के माफियाओं पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। इनमें अतीक अहमद सबसे प्रमुख हैं। उनके पुराने मामले खुलने लगे और उन पर केस दर्ज किए जाने लगे।

इसके साथ ही प्रशासन ने कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी शुरू कर दी। अतीक अहमद और उनके करीबियों की अब तक लगभग 1,000 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। वहीं, अतीक अहमद के खिलाफ 98 मुकदमे दर्ज हैं। अतीक के इस गुणगान के कई अर्थ लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि अपने तबाह हो साम्राज्य में जो कुछ भी बचा है, उसे बचाने के लिए वह मुख्यमंत्री की तारीफ कर रहे हैं।

मादर%# सुखेजा: ड्राइवर सलमान ने बस के डिस्प्ले पर लिखा मालिक के लिए गाली… क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा के लिए उसे नौकरी से निकाला था

मध्य प्रदेश के सतना जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक बस की डिस्प्ले पर सुखेजा नाम के व्यक्ति के लिए माँ की गाली लिखी है। इस बस के मालिक सतीश सुखेजा हैं। रविवार (16 अक्टूबर 2022) इस मामले की पुलिस में शिकायत दी गई है। शिकायत में पूर्व ड्राइवर सलमान खान पर हरकत का शक जताया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद सलमान फरार बताया जा रहा है। पुलिस घटना की जाँच कर रही है।

वायरल हो रहे वीडियो में रात का समय है और एक बाजार में बस खड़ी है। बस के सामने वाले डिजिटल स्क्रीन पर ‘माद#*द सुखेजा लिखा हुआ स्क्रॉल हो रहा है। वीडियो बनाने वाला हँसता भी सुनाई दे रहा है। हालाँकि वीडियो जिसने बनाई, उसका चेहरा नहीं दिख रहा है।

सुखेजा कंपनी के मैनेजर अनिल कुमार पाठक ने थाना कोलगवाँ पुलिस में शिकायत दी है। पाठक ने अपनी शिकायत में पूर्व ड्राइवर सलामन खान द्वारा ये हरकत किए जाने का शक जताया है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि पूर्व ड्राइवर सलमान खान ने सुखेजा कम्पनी की छवि को धूमिल करने के लिए ऐसा किया है। सलमान को आरोपित करते हुए पाठक ने लिखा है कि बस संख्या MP19 P 7782 के डिस्प्ले बोर्ड का पासवर्ड केवल सलमान के ही पास था।

शिकायत कॉपी

इसी शिकायत में आगे लिखा गया है कि संदिग्ध आरोपित सलमान पिछले 5-6 माह से सुखेजा कम्पनी में काम नहीं कर रहा। खुद को कम्पनी का 22 साल पुराना स्टाफ बताते हए शिकायतकर्ता ने आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए हटाया था सलमान को

ऑपइंडिया ने बस मालिक सतीश सुखेजा से बात की। उन्होंने बताया कि सलमान पॉवर का एक मोटा सा चश्मा पहनता था। इस कारण उसे रात में चलने वाली बसों को चलाने योग्य नहीं समझा गया। सुखेजा ने अपने निर्णय को यात्रियों की चिंता के तौर पर बताया। इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा कि सलमान को छोटी गाड़ियों को चलाने का ऑफर दिया गया था लेकिन फिर भी उसने ऐसी हरकत कर दी, जिसे सोचा भी नहीं था।

ड्राइविंग लाइसेंस में बिना चश्मे का फोटो

बस मालिक के अनुसार उनकी कम्पनी में ड्राइविंग लाइसेंस देख कर नियुक्ति दी जाती है और सलमान ने अपने ड्राइविंग लाइसेंस में बिना चश्मे की फोटो लगा रखी है। उन्होंने बताया कि उनके यहाँ ज्वाइन करने के बाद वो अधिकतम 1 माह तक ही काम किया।

सुखेजा के अनुसार संभवतः इसी के बाद सलमान ने कम्पनी को बदनाम करने की कोशिश की, जिसमें वो सफल रहा। बस मलिक के मुताबिक जब उन्होंने RTO से मोटे पावर के चश्मे वाले व्यक्ति को DL जारी करने पर सवाल किया तो विभागीय अधिकारियों ने तब सलमान के फिट होने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया।

वीडियो वायरल होने के बाद दिखाने लगा शराफत

हमसे बात करते हुए बस मालिक सतीश सुखेजा ने कहा कि पुलिस की पूछताछ में बाकी स्टाफ ने घटना के दिन सलमान के बस में आने की पुष्टि की है। सतीश के मुताबिक बस के अन्य स्टाफ ने बताया है कि वो सिस्टम में कुछ कर के लौट गया था।

सुखेजा ने हमें बताया कि जब वीडियो वायरल होने के बाद उसकी हरकत के बारे में सवाल किया गया तो वो अनजान बनने लगा था और खुद को उस दिन घटनास्थल पर न रहने जैसे झूठ बोलने लगा। सुखेजा के मुताबिक केस दर्ज होने के बाद से सलमान फरार चल रहा है।

‘पहले सेक्युलर था, अब सतर्क हूँ’

बस मालिक सतीश सुखेजा के मुताबिक पहले वो काफी धर्मनिरपेक्ष स्वभाव के थे और उनके न सिर्फ ड्राइवर बल्कि कई दोस्त भी मुस्लिम थे। हमसे बात करते हुए सतीश ने बताया कि उन्हें सलमान द्वारा उनके तोड़े गए विश्वास से काफी आघात लगा है। सुखेजा के अनुसार अब वो सेक्युलर के बजाय सतर्क हैं और आगे सब कुछ देख कर ही कोई काम करेंगे।

पन्ना जिले से जारी हुआ सलमान का ड्राइविंग लाइसेंस

ऑपइंडिया के पास सलमान का ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद है। इस DL में वो बिना पावर के चश्मे के दिखाई दे रहा। ड्राइविंग लाइसेंस उसे जनवरी 2021 में जारी हुआ था, जिसकी वैलिडिटी मार्च 2039 तक है। सलमान के अब्बा का नाम शम्सुद्दीन है और वो पन्ना जिले का मूल निवासी है, जहाँ के RTO द्वारा ही उसे DL जारी हुआ है।

ऑपइंडिया ने सलमान का पक्ष जानने के लिए उसके उपलब्ध नंबर पर सम्पर्क किया तो वो नंबर सेवा से बाहर बताया गया।