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पाकिस्तान में बाढ़ पीड़ितों की मदद में भी हिन्दू-मुस्लिम: दयनीय हालातों में 100 हिंदुओं ने जोधपुर में ली शरण, प्रशासन जाँच रहा कागजात

पाकिस्तान में बहुसंख्यक मुस्लिमों द्वारा प्रताड़ित हिन्दुओं का एक और जत्था राजस्थान के जोधपुर में पहुँचा है। इस जत्थे में लगभग 100 हिन्दू शामिल हैं। इन सभी ने पाकिस्तान में हिन्दुओं के साथ भेदभाव होने का आरोप लगाया है और भारत में ही बसने की इच्छा जताई है।

हिन्दुओं के जत्थे में शामिल लोगों ने पाकिस्तान छोड़ने के अलावा अपने पास कोई भी विकल्प न होना बताया। फिलहाल सरकारी अधिकारी जत्थे में शामिल लोगों के कागज़ातों की जाँच करने की जानकारी दे रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लगभग 100 लोगों का यह समूह 2 भागों में पाकिस्तान से आया। पहला हिस्सा 12 अक्टूबर और दूसरा 14 अक्टूबर को भारत पहुँचा। ये सभी पहले हरिद्वार दर्शन करने के लिए गए। उसके बाद वहाँ से ये जोधपुर आ गए।

पीड़ित हिन्दुओं के मुताबिक पाकिस्तान में बाढ़ आने के बाद उनका जीवन और भी ज्यादा दयनीय हो चुका था। उन सभी के मुताबिक पाकिस्तान सरकार राहत और बचाव कार्यों में भी मुस्लिमों को प्राथमिकता देते हुए हिन्दुओं को अनदेखा कर रही है।

पाकिस्तानी हिन्दुओं के जत्थे में शामिल विष्णु के अनुसार बाढ़ आने के बाद वहाँ के हिन्दुओं के पास खाने के भी लाले पड़ गए। उन्होंने बताया कि अब न उनके पास खेती बची और न ही करने के लिए कोई नौकरी। विष्णु के मुताबिक अब पाकिस्तान को छोड़ देना ही उन लोगों के लिए अंतिम विकल्प के तौर पर बचा था।

बताया जा रहा है कि 100 हिन्दुओं के इस जत्थे में औरतों और बच्चों के साथ कई वृद्ध लोग भी शामिल हैं। ये सभी जोधपुर में पहले से शरणार्थी के तौर पर रह रहे अपने एक रिश्तेदार के यहाँ रुके हुए हैं।

जत्थे में शामिल सभी लोगों ने वाघा-अटारी के बॉर्डर के रास्ते में भारत में इंट्री की थी। ये सभी धार्मिक वीजा पर भारत आए हैं, जिन्होंने यहाँ तीर्थ यात्रा के लिए पाकिस्तान से अनुमित माँगी थी। हिन्दुओं के इस बड़े समूह के आने की जानकारी होते ही राजस्थान का प्रशासन अलर्ट हो गया है।

पुलिस अधीक्षक CID रामेश्वर लाल मेघवाल के मुताबिक यदि पाकिस्तान से आए लोग वापस नहीं जाना चाह रहे हैं तो उन्हें भारत में रहने की औपचारिकताओं को पूरा करना होगा। इसी के साथ उन्होंने बताया कि इस मामले में प्रशासन नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा। जत्थे में शामिल लोगों के कागजातों की जाँच भी की जा रही है।

PM मोदी ने देश भर में 75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट का किया लोकार्पण: बजट में हुई थी घोषणा, खाता खोलने से लेकर लोन लेने तक की मिलेगी सारी सुविधाएँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज रविवार (16 अक्टूबर 2022) को देश के 75 जिलों में 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयों (DBU) को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान देशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए पीएम ने कहा कि देश ‘डिजिटल इंडिया’ के सामर्थ्य का फिर साक्षी बन रहा है। DBU सरकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएँ प्रदान करेंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत के सामान्य लोगों के जीवन को आसान बनाने का अभियान देश में चल रहा है। डिजिटल बैंकिंग यूनिट उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और बड़ा प्रयास है। यह हमारा सामान्य लोगों के जीवन को बदलने का संकल्प है।”

उन्होंने आगे कहा, “डिजिटल बैंकिंग एक ऐसी विशेष बैंकिंग व्यवस्था है, जो मिनिमम (न्यूनतम) डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से मैक्सिमम (अधिकतम) सेवाएँ देने का काम करेगी। इन सेवाओं को घर-घर तक पहुँचाना हमारा लक्ष्य है। हम व्यवस्थाओं में सुधार, पारदर्शिता और आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने दो चीजों पर एक साथ काम किया है। एक है, बैंकिंग व्यवस्था में सुधार के जरिए उसे मजबूत करना एवं उसमें पारदर्शिता लाना और दूसरा वित्तीय समावेशन लाना। उन्होंने कहा कि IMF ने भी भारत के डिजिटल बैंकिंग बुनियादी ढाँचे की सराहना की है।

उन्होंने कहा, “आज भारत के 99% से ज्यादा गाँवों में पाँच किलोमीटर के अंदर कोई न कोई बैंक का ब्रांच, बैकिंग आउटलेट या बैंकिंग मित्र मौजूद हैं। आज देश में हर एक लाख वयस्क आबादी पर जितनी बैंक शाखाएँ हैं, उतनी जर्मनी, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में भी नहीं है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जब हमने जन-धन खाता खोलने का अभियान शुरू किया था, तब आवाजें उठीं कि गरीब बैंक खाते का क्या करेगा। इस फील्ड के कई एक्सपर्ट भी नहीं समझ पा रहे थे कि इस अभियान का महत्व क्या है। आज पूरा देश देख रहा है कि बैंक खाते की ताकत क्या होती है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “UPI अपनी तरह की दुनिया की पहली टेक्नोलॉजी है। आज भारत में आप इसे शहर से लेकर गाँव तक और शोरूम से लेकर सब्जी के ठेला तक देख सकते हैं। डिजिटल बैंकिंग ने आज वित्तीय लेनदेन को पीछे छोड़ दिया है और यह प्रणाली MSME और निजी संस्थाओं के लिए विकास का इंजन बन गई है।”

बता दें कि 2022-23 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में देश के कई जिलों में 75 DBU स्थापित करने की घोषणा की थी। DBU स्थापित करने का उद्देश्य डिजिटल बैंकिंग का लाभ देश के कोने-कोने तक पहुँचाना है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के 11 बैंक, निजी क्षेत्र के 12 बैंक और 1 लघु वित्त बैंक इस भाग ले रहे हैं।

DBU लोगों को विभिन्न प्रकार की डिजिटल बैंकिंग सुविधाएँ प्रदान करेगा। इनमें बचत खाता खोलना, खाता का शेष राशि की जाँच करना, पासबुक की छपाई, मनी ट्रांसफर, फिक्स्ड डिपॉजिट, लोन, क्रेडिट या डेबिट कार्ड के लिए आवेदन तथा बिल और कर भुगतान शामिल है। इसके साथ ही इन केंद्रों से सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है।

सीमा से लापता हुए अरुणाचल के 2 युवक, परिजनों ने चीन पर लगाया अपहरण का आरोप: वापसी के लिए सरकार से लगाई गुहार, पहले भी कर चुका है ऐसी हरकत

अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा के पास एक गाँव से 2 युवक लापता हो गए हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। लापता युवकों के परिजनों को आशंका है कि गलती से सीमा पार करने के चलते उन्हें चीन की फ़ौज ने हिरासत में ले लिया होगा। दोनों की तलाश करता स्थानीय प्रशासन औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद राज्य सरकार को पत्र लिखने की तैयारी में है। दोनों युवक 19 अगस्त, 2022 से लापता हैं जिसकी शिकायत 9 अक्टूबर 2022 को स्थानीय पुलिस थाने में की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला अंजाब जिले में चागलगाम इलाके में आने वाले गाँव दुइलियांग का है। लापता युवकों के नाम बेटिलम टिकरो और बेइंग्सो हैं। बेटिलम के छोटे भाई दिशांसो चिक्रो के मुताबिक दोनों दोस्त एक साथ 19 अगस्त को बॉर्डर पर मौजूद जंगलों में जड़ी-बूटी खरीदने की तलाश में गए थे। जिसके बाद दोनों अब तक नहीं लौटे। परिजनों ने काफी तलाश किया पर वो नहीं मिले। आखिरकार उन्होंने दोनों की गुमशुदगी की शिकायत स्थानीय खुपा थाने में दर्ज करवाई।

लापता युवक बेटिलम के परिजनों ने शक जताया है कि बॉर्डर पर दोनों को चीनी सेना ने हिरासत में ले लिया होगा। पीड़ित परिवार के मुताबिक वो काफी परेशान हैं और इसके बारे में उन्होंने हयूलियांग विधानसभा क्षेत्र के विधायक दासंगलू पुल को भी अवगत करवाया है। लापता युवकों के परिजनों ने खुद को काफी परेशान बता कर सरकार से दोनों की सकुशल वापसी की गुहार लगाई है।

इस मामले पर अंजाब के SP राइक कामसी ने बताया कि पुलिस जरूरी सरकारी औपचारिकताएँ पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसकी एक रिपोर्ट निर्देश के लिए राज्य सरकार को सौंपी जाएगी। पुलिस के मुताबिक बॉर्डर पर रहने वाले स्थानीय लोगों का जड़ी बूटी के लिए जंगलों में जाना एक सामान्य बात है।

गौरतलब है कि इसी साल जनवरी माह में इसी तरह के एक अन्य मामले में अरुणचल प्रदेश से मिराम नाम का युवक लापता हुआ था। जाँच के बाद मिराम के चीनी फ़ौज की कस्टडी में होने की जानकारी सामने आई थी। बाद बाद में भारतीय सेना ने चीन की फ़ौज के अधिकारियों से बात की। दबाव बनने पर चीन ने मिराम को सकुशल वापस लौटा दिया था। रिहा होने के बाद मिराम ने चीनी फ़ौज के अमानवीय टॉर्चर की जानकारी दी थी।

तब मिराम के पिता ने बताया था कि लगभग एक हफ्ते तक की की PLA (पीपल्स लिबरेशन आर्मी) ने उसके बेटे की आँखों पर पट्टी बाँध कर रखी। बाद में मिराम कोई पीठ पर लात मार कर बिजली के झटके दिए।

यात्रा राहुल गाँधी की, भीड़ नाइजीरिया की: कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीर, पोल खुलते डिलीट कर दिया

कॉन्ग्रेस नेता जितेंद्र सिंह पटवारी उर्फ़ जीतू पटवारी ने राहुल गाँधी के महिमामंडन के लिए ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की झूठी तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए उन्होंने दावा किया कि वायनाड के सांसद राहुल गाँधी की यात्रा में जन-सैलाब उमड़ पड़ा है। उन्होंने लिखा, “जन-सैलाब उमड़ पड़ा है, पूरा भारत चल पड़ा है।” साथ ही मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने ‘सुप्रभात’ और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का हैशटैग भी लगाया। हालाँकि, अब उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया है।

उन्होंने ये ट्वीट रविवार (16 अक्टूबर, 2022) की सुबह 7:27 बजे किया। लेकिन, सोशल मीडिया के जागरूक लोगों के सामने उनके झूठ की पोल खुलते देर न लगी। ट्विटर यूजर ‘Lala (@FabulasGuy)’ ने तुरंत स्क्रीनशॉट डालते हुए बताया कि ये तस्वीर स्टॉक नामक फोटो प्लेटफॉर्म से ली गई है और इसे नाइजीरिया में लिया गया था। इसका अर्थ है कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से इसका कोई सम्बन्ध नहीं। ऑपइंडिया ने भी इसकी पुष्टि के लिए रिवर्स इमेज सर्च तकनीक का प्रयोग किया।

जीतू पटवारी ने शेयर की फेक तस्वीर

हमने भी यही पाया कि ये तस्वीर ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की नहीं है। किसी भी मीडिया संस्थान में भी ये तस्वीर इस यात्रा की नहीं मिली। ये तस्वीरें नाइजीरिया में हुई ‘Azusa Street Revival crusade’ की है। ये 2019 में हुआ एक विरोध प्रदर्शन था। इसी तस्वीर को एडिट कर के कॉन्ग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर कर दिया। जिन प्रदर्शनों की ये तस्वीर है, वो ईसाई मजहब से सम्बंधित है और एक पादरी द्वारा आयोजित की गई थी।

हालाँकि, कॉन्ग्रेस का लंबा इतिहास रहा है झूठी तस्वीरें और वीडियो के सहारे अपनी राजनीति चमकाने का। हाल ही में पार्टी ने ‘आज तक’ मीडिया चैनल के नाम से एक झूठा सर्वे चला दिया, जिसके आधार पर दावा किया गया कि राहुल गाँधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज्यादा लोकप्रिय हैं। पार्टी ने दावा कर दिया कि राहुल गाँधी की अप्रूवल रेटिंग 52% है, जबकि नरेंद्र मोदी 46% रेटिंग के साथ पीछे हैं। खास बात है कि ‘आज तक’ ने ऐसा कोई सर्वे किया ही नहीं।

सलमान खान ड्रग्‍स लेता है, शाहरुख का बेटा ड्रग्‍स के कारण जेल गया… एक्ट्रेस लोग का तो भगवान ही मालिक: बाबा रामदेव

बॉलीवुड अक्‍सर ड्रग्‍स को लेकर विवादों में रहता है। सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से बॉलीवुड का ड्रग्‍स कनेक्‍शन आम जनता के सामने आया और सितारों को लेकर लोगों का मोहभंग होना शुरू हुआ। योग गुरु बाबा रामदेव भी बॉलीवुड में ड्रग्‍स के इस्‍तेमाल का लगातार विरोध करते रहे हैं। इस बार उन्‍होंने ड्रग्‍स को लेकर तीनों खानों (सलमान, शाहरुख, आमिर) पर निशाना साधा है।

योग गुरु बाबा रामदेव शनिवार (15 अक्टूबर 2022) को मुरादाबाद में आर्यसमाज के एक कार्यक्रम आर्यवीर और वीरांगना सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने पहुँचे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, स्‍वामी रामदेव ने सम्‍मेलन में कहा, “शाहरूख खान का बेटा ड्रग्स लेने के आरोप में पकड़ा गया और जेल भी गया। सलमान भी ड्रग्स लेता है। आमिर ड्रग्स लेता है या नहीं, यह पता नहीं। पूरा बॉलीवुड आज ड्रग्स की चपेट में है। एक्ट्रेसेस का तो भगवान ही मालिक है।”

स्‍वामी रामदेव ने मंच से देश को नशामुक्‍त बनाने के लिए लोगों को जागरूक करने का आहवान किया। योगगुरु ने लोगों से आर्य समाज के मूल्‍यों को अपनाने के लिए भी कहा। स्‍वामी रामदेव ने केवल बॉलीवुड (ramdev target salman for drugs) पर ही निशाना नहीं साधा बल्कि पाकिस्‍तान के जनक मोहम्‍मद अली जिन्‍ना को भी नशा करने के लिए आड़े हाथों लिया ।

बाबा रामदेव ने जिन्‍ना पर कहा, “जिन्‍ना दारू पीता था, मर गया, अच्‍छा हुआ।”

योग गुरु ने इस्‍लाम में नशे को लेकर फैली कुरीति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस्लाम में दारू पीने वाले को नापाक कहते हैं फिर हम तो ऋषियों के वंशज हैं। हमें सिगरेट-दारू हर बुरी आदत से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लाम में अगर लोगों ने दारू छोड़ दी तो बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, गुटखा और यहाँ तक की ड्रग्स लेने लग गए। आज एकमात्र कोई पवित्र समाज है, तो वो आर्यसमाज है।

UPSSC PET के पहले दिन सॉल्वर गैंग के 23 गिरफ्तार: परीक्षार्थियों के लिए स्पेशल ट्रेन और बस, जगह-जगह हेल्पडेस्क

उत्तर प्रदेश में यूपी अधीनस्थ चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (UP PET) 15 और 16 अक्टूबर को चार शिफ्ट में आयोजित हो रही है। इस परीक्षा में UP STF ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से सॉल्वर गैंग के 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। STF की कार्रवाई परीक्षा के दूसरे दिन भी जारी है।

UP STF ने शनिवार (15 अक्टूबर 2022) को परीक्षा के पहले दिन कार्रवाई करते हुए सॉल्वर गैंग के शामली से सबसे ज्यादा 5 सदस्यों, उन्नाव से 3, अमेठी से 2, प्रयागराज से 2, कानपुर से 2, जौनपुर से 2, बिजनौर से 2, सिद्धार्थ नगर 1, सीतापुर से 1, मेरठ से 1 सदस्य सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्नाव में पकड़े गए तीनों आरोपित मूल परीक्षार्थी के स्थान के परीक्षा दे रहे थे। इनमें पुष्पेंद्र यादव और अंकित कुमार मौर्य प्रयागराज में रहते हैं, जबकि तीसरा आरोपित सत्यम कुमार पांडे बिहार के पश्चिम चंपारण का रहने वाला है।

सॉल्वर गैंग के जिन अन्य परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया है, मधुबनी में रहने वाले कुमार कामत को अमेठी से, भोजपुर निवासी सिद्धार्थ शंकर दुबे और जौनपुर के रहने वाले अनिल कुमार मल्होत्रा को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। लखनऊ के रहने वाले रघुवीर को हरदोई से और सैफ अहमद खान को कानपुर से गिरफ्तार किया है। प्रियांशु मौर्य निवासी पड़री जनपद कुशीनगर और पप्पू कुमार निवासी गया, बिहार को भी पुलिस ने पकड़ा है। 

मेरठ के जिस आरोपित को पकड़ा गया है वह UP PET की उत्तर कुंजी के साथ पकड़ा गया है। आरोपितों के पास से पुलिस ने मोबाइल फोन, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड आदि बरामद किया है। इनके खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

बता दें कि UP PET की परीक्षा में लगभग 37 लाख अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। राज्य के अलग-अलग इलाकों में परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। परीक्षा शुरू होने के एक दिन पहले यानी शुक्रवार (14 अक्टूबर 2022) की रात तक रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।

इसको लेकर कॉन्ग्रेस (Congress) सांसद राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गाँधी (Priyanka Gandhi) ने परीक्षार्थियों की तस्वीरें ट्वीट कर सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश सरकार को घेरने की कोशिश की।

इन आरोपों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने ट्वीट कर जवाब दिया। सीएम योगी ने लिखा, “समाज में अफवाह फैलाना, लोगों को गुमराह करना, अस्थिरता उत्पन्न करना कॉन्ग्रेस का राजनीतिक संस्कार है। इनके स्टार ‘पॉलिटिकल टूरिस्ट’ ने दूसरे प्रदेश के रेलवे स्टेशन की भीड़ को उत्तर प्रदेश की भीड़ बताकर अपने संस्कार का पालन ही किया है। वैसे मायावी मारीच तो छल ही करेगा।”

UPSSSC PET के परीक्षार्थियों ने रेलवे के सामने अपनी चिंताओं को उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें ट्रेनों के समय के बारे में उचित नोटिस नहीं मिला है। उम्मीदवारों ने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके लिए विशेष व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया। इसके साथ ही परीक्षार्थियों ने मुफ्त यात्रा की माँग की, लेकिन इस पर किसी तरह का निर्णय लिया गया।

परीक्षार्थियों को किसी तरह की दिक्कत का सामना ना करना पड़े, इसके लिए उत्तर रेलवे की मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने प्रयागराज से राजधानी लखनऊ और अयोध्या से कई जिलों में परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष ट्रेनें चलाने का आदेश दिया। इसके साथ ही अन्य जिलों के लिए भी स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। साथ ही साथ परीक्षा केंद्रों वाले जगहों पर ट्रेनों के ठहराव का भी निर्देश दिया गया है।

वहीं, राज्य सरकार ने हर रेलवे स्टेशन और बस डिपो में परीक्षार्थियों के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं, ताकि उम्मीदवारों को यह पता लगाने में मदद मिल सके कि वे अपने परीक्षा केंद्रों से कितनी दूर हैं और वहाँ तक वे कैसे पहुँच सकते हैं। जिलों के परिवहन विभाग ने परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाने के लिए बसें चलाने का निर्णय लिया।

पुलिस वाले से लेकर बैंक मैनेजर और ऑफिसर तक… जम्मू कश्मीर में 5 देश-विरोधी सरकारी कर्मचारी बर्खास्त: करते थे हथियार-ड्रग्स सप्लाई

जम्मू कश्मीर सरकार ने 5 कर्मचारियों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में बर्खास्त कर दिया है। इन सभी पर नशे के अवैध कारोबार का हिस्सा होने का भी आरोप है। बर्खास्त हुए इन आरोपितों में से पुलिस कॉन्स्टेबल, चौकीदार, जल शक्ति विभाग, बैंक और ग्राम अधिकारी भी शामिल हैं।

बर्खास्त किए गए कुछ आरोपितों पर तो आतंकी हमलों की साजिश भी रचने का आरोप है। बर्खास्तगी की यह कार्रवाई जम्मू कश्मीर सरकार ने शनिवार (15 अक्टूबर 2022) को की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बर्खास्त हुए आरोपितों के नाम तनवीर सलीम डार, सैयद इफ्तिकार अंद्राबी, इरशाद अहमद खान, आफ़ाक़ अहमद वानी और अब्दुल मोमिन पीर हैं।

तवनीर सलीम डार जम्मू कश्मीर पुलिस में कॉन्स्टेबल था, सैयद इफ्तिकार अंद्राबी ग्रामीण विकास विभाग में ग्राम विकास ऑफिसर, जबकि इरशाद अहमद खान बारामुला के जलशक्ति विभाग में चौकीदार के पद पर काम करता था। इन तीनों के अलावा आफ़ाक़ अहमद वानी बारमूला सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक में मैनेजर और अब्दुल मोमिन पीर हंदवाड़ा के सब डिवीजन में असिस्टेंट लाईन मैन के पद पर काम करता था।

बर्खास्त पुलिस कॉन्स्टेबल तनवीर आतंकी ग्रुप लश्कर ए तैयबा में कमांडर के तौर पर सक्रिय था। वह आतंकियों तक रसद पहुँचाने का भी काम करता था। तनवीर पर कई आतंकी हमलों में शामिल होने और साजिशकर्ता होने का आरोप लगा है। इन आतंकी हमलों में साल 2021 में श्रीनगर में हुई MLC जावेद की हत्या भी शामिल है।

तनवीर साल 2003 से पहले आतंकी संगठनों के साथ मिला हुआ बताया जा रहा है। उस पर बांदीपुरा, सोपोर और श्रीनगर में भी आतंकी हमलों के सूत्रधार होने का आरोप है। इन हमलों में श्रीनगर के एक कॉम्प्लेक्स में साल 2003 में हुआ आत्मघाती हमला भी शामिल है, जिसमें कई नागरिक और सुरक्षा बलों की जान चली गई थी।

बर्खास्त सिपाही तनवीर होटल पंपोश पर हुए हमले का भी मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इस हमले में सुरक्षा बल के 8 जवान बलिदान हुए थे। साल 2014 में तनवीर को गिरफ्तार करके बर्खास्त कर दिया गया था लेकिन हाईकोर्ट ने उसकी बर्खास्तगी पर रोक लगा दी थी। उस पर आतंकियों को पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की मूवमेंट की जानकारी भी लीक करने का आरोप है।

बर्खास्त हुए कॉपरेटिव बैंक मैनजेर आफाक अहमद वानी पर नशे के कारोबार में शामिल होकर आतंकियों के लिए पैसे जुटाने का आरोप है। आफाक को साल 2020 में NIA ने आतंकी गठजोड़ के आरोप में गिरफ्तार किया था।

बर्खास्त ग्राम विकास ऑफिसर सैयद इफ्तिकार अंद्राबी पर साल 2015 और 2017 में पाकिस्तान दौरे का आरोप है। बताया जा रहा है कि वह लश्कर ए तैय्यबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के लिए काम करता था। अंद्राबी पर आतंकियों के लिए पैसे जुटाने का आरोप है और बताया जा रहा है कि उसके रिश्ते कई बड़े आतंकी कमांडरों से हैं।

बर्खास्त किया गया चौथा कर्मचारी अब्दुल मोमिन पीर हंदवाड़ा के बिजली विभाग में असिटेंट लाइन मैन के पद पर था। रिश्ते में वह इफ्तिखार अहमद अंद्राबी का दामाद है। पीर को साल 2017 व 2020 में नशे की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। उस पर पाकिस्तान के लश्कर आतंकी वहीद गिलानी से भी गठजोड़ का आरोप है।

बर्खास्त हुआ पाँचवाँ कर्मचारी इरशाद अहमद खान साल 2010 में भर्ती हुआ था। वह जलशक्ति विभाग में चौकीदार के पद पर था। उस पर आतंकी समूहों को हथियार और अन्य गोला बारुद सप्लाई करने का आरोप है। साल 2015 में सोपोर के एयरटेल टावर पर हुए हमले में इरशाद को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था।

पहले भी हुई हैं बर्ख़ास्तगियाँ

गौरतलब है कि अगस्त 2022 में जम्मू कश्मीर सरकार ने 4 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया था। इस कार्रवाई में आतंकी फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे की बीवी और आतंकवादी सैयद सलाहुद्दीन का बेटा भी शामिल था। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन आरोपितों के टेरर इकोसिस्टम में संलिप्तता के सबूत पाए थे। बर्खास्त कर्मचारियों में वैज्ञानिक और प्रोफेसर भी शामिल थे।

मार्च 2022 में भी 5 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था। इनमें कम्प्यूटर ऑपरेटर, टीचर और पुलिस कॉन्स्टेबल शामिल थे। अप्रैल 2022 में भी कश्मीर लॉ कॉलेज के पाकिस्तान समर्थक प्रोफेसर शेख शौकत को बर्खास्त किया गया था।

ताइवान पर कब्जा, हॉन्गकॉन्ग पर नियंत्रण… जरूरत पड़ी तो ताकत का इस्तेमाल: राष्ट्रपति शी जिनपिंग, चीन में कॉम्युनिस्ट पार्टी बैठक में 5 साल की रणनीति

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) का 20वाँ अधिवेशन राजधानी बीजिंग में चल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस अधिवेशन में कम्युनिस्ट पार्टी देश की कमान अगले पाँच साल के लिए फिर से शी जिनपिंग (Xi Jinping) को एक बार फिर से देश की कमान सौंपेगी। जिनपिंग ने कहा कि चीन वर्ल्ड क्लास मिलिट्री तैयार कर रहा है।

सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, “चीन ने हॉन्गकॉन्ग पर व्यापक नियंत्रण हासिल कर लिया और वहाँ अराजकता को सुशासन में बदल है। ताइवान के अलगाववाद के खिलाफ चीन ने बड़ा संघर्ष किया है और वह क्षेत्रीय अखंडता के लिए दृढ़ और सक्षम है। ताइवान मुद्दों को हल करना चीन के लोगों पर निर्भर है।”

बता देें कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का यह अधिवेशन हर पाँच वर्ष में होता है। इस दौरान पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य और सेना के कमांडर्स इसमें भाग लेते हैं। 16 अक्टूबर 2022 को शुरू हुआ 20वाँ अधिवेशन 22 अक्टूबर 2022 तक चलेगा। 

शी जिनपिंग ने कहा कि चीन ने गरीबी के खिलाफ मानवीय इतिहास की सबसे बड़ी और लंबी लड़ाई लड़ी है। शी जिनपिंग ने कहा, “हमने नई सदी में पार्टी और देश को आगे बढ़ाने की एक ठोस रणनीति तैयार की है। हमने मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ राजनीतिक सुधारों को मजबूती दी है, जिसके परिणाम कई क्षेत्रों में दिखे हैं।”

उन्होंने कहा, “चीन की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि हम उसकी जलवायु, उसके पहाड़ों और नदियों को संरक्षित करें। चीन की सुरक्षा के लिए सेना को मजबूत किया है। हमने ताइवान की स्वतंत्रता और उसमें विदेशी दखल को रोकने के लिए मजबूत कदम उठाए हैं। ताइवान चीन का है और उसे अपने साथ मिलाएँगे। जरूरत पड़ी तो ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा।”

शी जिनपिंग ने कहा, “PLA पर पार्टी के नेतृत्व को पूरी तरह स्थापित करने के लिए हमने मजबूत और आधारभूत बदलाव किए हैं। पार्टी के अंदर की बीमारियों को खत्म करने के लिए कुछ लोगों पर कार्रवाई भी की गई।”

इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए शी जिनपिंग ने कहा, “कुछ लोगों को बचाने के लिए देश के 140 करोड़ लोगों के साथ नाइंसाफी नहीं की जा सकती। हमें इस बारे में हमेशा ध्यान देना चाहिए कि कुछ छिपे हुए खतरे पार्टी के भीतर, लोगों के भीतर और सेना के भीतर भी हो सकते हैं।”

राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि चीन सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर को भी बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रवादी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। जिनपिंग ने देश में समाजवादी व्यवस्था को और मजबूत करने और अर्थव्यवस्था में निजी भागीदारी को बढ़ाने की बात कही है।

महिलाओं के प्राइवेट पार्ट काट कर रख लेता था, फ्रीजर में मिला 10 किलो मानव मांस… केरल के मोहम्मद शफी को कोई पछतावा नहीं

केरल के एलंथूर में 2 महिलाओं की हत्या करके उनके मांस को खाने के आरोप में पकड़े गए आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने सबूत जुटाने का दावा किया है। पुलिस ने कत्ल में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। इस मामले में मोहम्मद शफी, वामपंथी कार्यकर्ता भगवल और उसकी पत्नी लैला की 11 अक्टूबर 2022 को गिरफ्तारी हुई है। बताया जा रहा है कि शफी को अपने किए का कोई भी पछतावा नहीं है जबकि बाकी 2 अन्य आरोपितों ने अपनी करतूत पर दुःख जताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों महिलाओं के निर्मम कत्ल के दौरान तीनों आरोपित पूरे समय तक मौजूद थे। दावा किया जा रहा है कि पुलिस के आगे लैला को छोड़ कर बाकी आरोपितों ने मानव मांस को पका कर खाने की हरकत कबूल की है। आरोप यह भी है कि महिलाओं की हत्या के बाद एक फ्रीजर में उनके 10 किलो मांस को रखा गया था। पुलिस की फॉरेंसिक टीम को इस फ्रीजर पर मोहम्मद शफी की अँगुलियों के निशान भी मिले हैं।

बताया जा रहा है कि आरोपितों ने इस मानव मांस को पका कर खाया था और शरीर के बचे अंग को मसाज सेंटर के पीछे जला दिया था। मसाज सेंटर भगवल सिंह चलाता था। हालाँकि पुलिस के मुताबिक जलाए गए अवशेषों की जाँच करवाई जा रही है, जिसमें ये सामने आएगा कि वो मानव के हैं या किसी और जीव के। इन अवशेषों में एक हड्डी भी है, जिसे फॉरेंसिक टीम ने कब्ज़े में ले लिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक कत्ल के बाद महिलाओं की लाशों को घसीटा भी गया था। इसी घसीटे जाने के चलते घर की दीवारों पर खून के धब्बे भी मिले हैं। लाशों को काटने के लिए बिलहुक (दराँती) का इस्तेमाल किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने पकड़े गए आरोपितों से महिलाओं के कत्ल का डेमो भी करवाया। पुलिस को इस बात का भी शक है कि हत्या के बाद सबूतों को मिटाने में तीनों के अलावा कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार कत्ल से पहले शफी महिलाओं को रस्सियों से बाँध देता था। पुलिस को शफी द्वारा कुछ अन्य महिलाओं के भी कत्ल करने की आशंका है। पुलिस ने पिछले 5 सालों में लापता हुईं लगभग 26 महिलाओं की फ़ाइल फिर से खोली है।

शफी के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि वो अपने द्वारा कत्ल की गईं महिलाओं के प्राइवेट पार्ट काट कर रख लेता था। कोच्चि के DCP शशिधरन के मुताबिक घटनास्थल पर अभी भी पुलिस की फॉरेंसिक टीमें जाँच कर रही हैं।

‘कितनी बार सेक्स करती हो… ब्रेस्ट का साइज बताओ…’: Bigg Boss वाले साजिद खान ने भोजपुरी हिरोइन से पूछा, गंदे तरीके से छूने की कोशिश भी

बॉलीवुड निर्देशक साजिद खान (Bollywood Filmmaker Sajid Khan) पर MeToo का आरोप लगाते हुए उसकी करतूत के बारे में कई अभिनेत्रियाँ बता चुकी हैं। अब भोजपुरी सिनेमा की अभिनेत्री रानी चटर्जी ने खुलासा है कि साजिद उनका भी उत्पीड़न कर चुका है। रानी चटर्जी का कहना है कि बिग बॉस में साजिद खान को देखकर उन्हें गुस्सा आता है।

रानी चटर्जी ने बताया कि फिल्म में कास्ट करने के बहाने साजिद खान ने अपने घर पर बुलाकर उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की थी। रानी ने बताया, “साजिद ने कहा कि अपनी ब्रेस्ट की साइज बताओ। तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है या नहीं? कितनी बार सेक्स करती है?”

आजतक से बातचीत में रानी चटर्जी ने बताया कि साजिश खान ने उन्हें गंदे तरीके से छूने की कोशिश की थी, लेकिन वह वहाँ से तुरंत निकल गईं। रानी ने बताया कि फिल्म हिम्मतवाला के दौरान उन्होंने साजिद खान की टीम से संपर्क किया था, उसके बाद साजिद ने उन्हें कॉल करके अपने बुलाया। इस दौरान साजिद ने कहा कि वह अपने साथ किसी मैनेजर या PR को लेकर ना आए।

रानी चटर्जी के अनुसार, जब वह साजिद के जुहू स्थित घर पहुँची तो वह घर पर अकेला था और उसने रानी चटर्जी से कहा कि धोखा-धोखा आइटम सॉन्ग के लिए कास्ट किया जाएगा। इसमें शॉर्ट लहंगा पहनना है। इसके बाद साजिद ने रानी चटर्जी से अपना पैर दिखाने के लिए कहा।

रानी चटर्जी ने बताया कि इस मामले को वह इसलिए सार्वजनिक नहीं किया, क्योंकि लोग कहते कि मीडिया कवरेज के लिए ऐसा कर रही है। रानी का कहना है कि भोजपुरी एक्ट्रेस समझकर उन्हें सीरियसली नहीं लिया जाता और वह झूठी साबित हो जातीं।

बता दें कि साजिद खान को बिग बॉस -16 में लेने पर कई अभिनेत्रियाँ अपना गुस्सा जाहिर कर रही हैं। इससे पहले उस पर MeToo के आरोप लग चुके हैं। साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा, मंदाना करीमी, कश्मीरा शाह, जिया खान सहित कई अभिनेत्रियों ने MeToo का आरोप लगाया था।

शर्लिन चोपड़ा ने आरोप लगाया था कि साजिद खाने ने उनके सामने अपना प्राइवेट पार्ट दिखाकर कहा कि उसकी 0 से 10 के बीच रेटिंग करने के लिए कहा था। इसी तरह ‘दीया और बाती’ की अभिनेत्री कनिष्का सोनी ने साजिद पर आरोप लगाया था कि साजिद ने अकेला अपने घर बुलाया था और टॉप उठाकर पेट दिखाने के लिए कहा था। जब कनिष्का ने मना किया तो साजिद ने अपनी फिल्म में लेने से मना कर दिया था।