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सोमालिया: होटल पर आतंकी संगठन अल शबाब का हमला, 10 की मौत

सोमालिया की राजधानी मोगादिशु (Mogadishu, Somalia) में इस्लामी आतंकवादी संगठन Islamic Terrorist organisation) अल-कायदा (Al-Qaeda) से जुड़े अल शबाब (Al Shabaab) के आतंकियों ने एक होटल पर हमला कर अपने कब्जे में ले लिया है। इस हमले में 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से अधिक से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। सुरक्षाबलों और आतंकियों में मुठभेड़ खबर लिखे जाने तक जारी थी।

हमला मुंबई के ताज होटल जैसा है। शुक्रवार (19 अगस्त 2022) को इस्लामी आतंकियों ने राजधानी के प्रसिद्ध होटल हयात में ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसाते हुए घुस गए। इसके बाद बाद से होटल को अपने कब्जे में लिया है। अधिकारियों ने कम-से-कम 8 लोगों के मारे की पुष्टि की है।

सोमालिया की सेना अभी भी इन आतंकियों से जूझ रही है। आतंकियों की ओर लगातार गोलीबारी की जा रही है और बम फेंके जा रहे हैं। मोहम्मद अब्दिकादिर नामक के एक अधिकारी ने AFP को बताया, “सुरक्षा बलों ने इमारत में फँसे बच्चों सहित दर्जनों नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है।”

इससे पहले अल-शबाब से जुड़े एक वेबसाइट ने कहा था कि इस्लामी आतंकवादियों का एक समूह होटल में ‘जबरन घुस गया’ और गोलीबारी कर रहा है। बता दें कि जिस हयात होटल को आतंकियों ने निशाना बनाया है, वह राजधानी का प्रसिद्ध होटल है और वहाँ सोमालिया की सरकार अक्सर बैठकों का आयोजन करती रहती है।

सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिन्हें होटल हयात का बताया जा रहा है। इसमें लोगों को धुआँ निकलते होटल से लोगों को चिल्लाते हुए बाहर निकलते देखा जा सकता है। वहीं, कुछ धमाकों की भी आवाजें सुनाई दे रही हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया कि सबसे पहले आतंकियों ने होटल हयात को दो कार बमों ने निशाना बनाया। एक कार होटल के पास एक बैरियर से टकराई और दूसरी होटल के गेट से टकराई। इसके बाद आतंकी होटल में गोलीबारी करते हुए घुस गए। माना जा रहा है कि वे होटल की सबसे ऊपरी मंजिल पर छिपे हुए हैं।

बता दें कि अल-शबाब का दक्षिणी और मध्य सोमालिया के अधिकांश हिस्से पर कब्जा है। वह सरकार के खिलाफ लगातार सशस्त्र संघर्ष करता रहा है और वहाँ के लोगों पर हमले कर उनका नरसंहार करते रहा है। हाल के हफ्तों में इसके आतंकियों ने सोमालिया-इथियोपिया सीमा पर भी कई हमले किए।

इसी सप्ताह अमेरिका ने अल शबाब के आतंकियों पर पर हवाई हमले कर कई चरमपंथियों को मौत के घाट उतार दिया था। यूएस अफ्रीका कमांड (AFRICOM) ने पुष्टि की है कि इस सप्ताह सोमालिया में एक अमेरिकी हवाई हमले में अल-शबाब के एक दर्जन से अधिक आतंकवादी मारे गए।

जालौर के छात्र की मौत का जाति नहीं जिम्मेदार: राजस्थान बाल अधिकार आयोग ने ‘दलित’ एंगल किया खारिज, बताया- सभी एक ही टंकी से पीते हैं पानी

राजस्थान के जालौर के एक स्कूल में ‘मटके से पानी पीने पर दलित छात्र की शिक्षक द्वारा पीटकर की गई हत्या’ की सच्चाई अब सामने आने लगी है। घटना को जातीय एंगल देकर जिस तरह से राजनीति हो रही है, इसकी पोल मामले की जाँच कर रही चाइल्ड पैनल ने खोल दी है। पैनल ने स्पष्ट किया है कि बच्चे की मौत में ‘जाति’ का मामला नहीं है।

राजस्थान के राज्य बाल अधिकार आयोग (SCRC) ने जालौर जिले के सुराणा गाँव में निजी स्कूल का दौरा किया और कहा कि बच्चे को थप्पड़ मारने के मामले में जाति का कोई आधार नहीं था। बता दें कि इस स्कूल के हेडमास्टर छैल सिंह ने इंद्र कुमार मेघवाल नाम के एक दलित बच्चे को थप्पड़ मार दिया था। बाद में उस बच्चे की अस्पताल में मौत हो गई थी।

आयोग के सदस्यों ने स्कूल के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों से बातचीत करने के बाद राज्य सरकार को इस पर रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मृतक छात्र ने चित्रकला की पुस्तक को लेकर एक दूसरे छात्र के साथ झगड़ा किया था। इसी बात पर शिक्षक ने दोनों छात्रों को थप्पड़ मारा था।

आयोग ने इस मामले जो बात कही है, वही बात प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और जिला प्रशासन ने भी कहा है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग के सदस्य शिव भगवान नागा का कहना है कि स्कूल में पानी पीने के लिए कोई मटका नहीं था। शिक्षक और छात्र स्कूल में बने पानी टंकी से ही पानी पीते थे।

मृतक इंद्र की मंगलराम नाम के अपने सहपाठी के साथ झगड़ा हुआ था। मंगलराम के हवाले से आयोग ने कहा है कि उधर से गुजर रहे छैल सिंह ने जब देखा तो दोनों छात्रों को थप्पड़ लगा दिया। दो थप्पड़ लगने के बाद इंद्र कक्षा में गिर गया था और उसके आँख और कान में चोट आई थी।

हालाँकि, आयोग की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उसी स्कूल में इंद्र का भाई 13 वर्षीय नरेश कुमार भी पढ़ता है। उसने बताया कि लंच टाइम के दौरान मटकी से पानी पीने के कारण उसके भाई को पीटा गया।

इस घटना को लेकर बवाल मचने के बाद इस निजी स्कूल की संबद्धता (Recognition) को खत्म कर दिया गया है। वहीं, आयोग ने कहा है कि स्कूल की मान्यता रद्द करने के बाद वहाँ पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य को सुनिश्चित करना होगा।

बता दें कि सुराणा आजकल राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है। भीम आर्मी लगातार लोगों को उकसाने का काम कर रही है। वहीं, कई अन्य संगठन प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन संगठनों की माँग है कि मृतक छात्र के परिजन को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। आम आदमी पार्टी ने तो एक करोड़ रुपए मुआवजे की माँग की है।

9 साल के इंद्र की मौत के बाद सवर्ण शिक्षक छैल सिंह पर एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। मृतक के पिता देवाराम मेघवाल का दावा है कि 20 जुलाई को इंद्र ने अपने हेडमास्टर छैल सिंह की मटकी से पानी पी लिया था। इसी के बाद उसे भद्दी-भद्दी गाली देते हुए पीटा गया, जिससे उसका ब्रेन हैमरेज हो गया और 24 दिन बाद इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

शिक्षकों ने नकारा भेदभाव वाला एंगल

सरस्वती स्कूल के टीचर गटाराम मेघवाल (मृतक बच्चे की जाति वाले टीचर) ने बताया था कि वो 7-8 साल से स्कूल में पढ़ा रहे हैं, पर उन्होंने भेदभाव कभी महसूस नहीं किया। छोटे बच्चों का भी कहना है कि स्कूल में कोई मटकी नहीं है, सारे लोग टंकी का पानी पीते हैं।

टीचर ने बताया कि अभी तक खबरों में ये बातें सामने आई हैं कि बच्चे को मटकी से पानी पीने के कारण मारा गया, लेकिन हकीकत तो ये है कि स्कूल में भेदभाव जैसा कुछ नहीं है। वो खुद स्कूल में 8 सालों से पढ़ा रहे हैं। पूरे स्कूल में एक टंकी है और सब उससे पानी पीते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल में कुल 8 स्टाफ हैं, जिनमें एससी-एसटी के 5 स्टाफ हैं। ऐसे में भेदभाव का तो सवाल ही नहीं है।

‘तुम, तुम्हारा, तुमसे… जैसे संजय सिंह ने सिखाया आज मैं सिखाऊँगा’: करप्शन पर सवाल, TV पर महिला पत्रकार से AAP प्रवक्ता ने की बदजुबानी

शराब घोटाले में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री (Delhi Deputy CM) मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) के घर CBI छापे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता भड़क गए हैं। पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bharadwaj) ने जी न्यूज (ZeeNews) की एंकर के साथ बदतमीजी की। वे नाम के साथ ‘जी’ नहीं लगाने से भड़क गए थे।

दरअसल, सिसोदिया की गिरफ्तारी को लेकर एंकर अदिति त्यागी शुक्रवार (19 अगस्त 2022) को जी न्यूज पर एक शो को होस्ट कर रही थीं। इस शो में भाजपा की तरफ से शहजाद पूनावाला और आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज को बुलाया गया था।

जब एंकर अदिति ने भारद्वाज से सवाल पूछा तो वह भड़क गए। लाइव शो के दौरान वह महिला एंकर के साथ के तू-तड़ाक करने लगे। बदतमीजी की सीमा को पार करते हुए भारद्वाज उन्हें सबक सिखाने तक की धमकी दे दी। यहाँ तक कि वे एंकर के परिजन तक पहुँच गए।

भारद्वाज ने त्यागी पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया। दरअसल, अदिति ने उन्हें लाइव डिबेट के दौरान ‘सौरभ भारद्वाज’ कह दिया है। इससे भारद्वाज नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि त्यागी को बात करने की तमीज नहीं है और नाम के साथ ‘जी’ लगाकर बोलना चाहिए।

भारद्वाज ने कहा, “सुनो अदिति त्यागी, तुम्हें बात करने की तमीज नहीं है। क्या तुम अपने घरवालों से ऐसे ही बात करती हो? अपने भाई से ऐसे ही बात करती हो? चैनल के मालिक सुभाष चंद्रा से ऐसे ही बात करती हो।”

इस पर एंकर ने कहा कि उन्हें तमीज सिखाने की जरूरत नहीं है। इसके बाद AAP विधायक भारद्वाज ने कहा, “जैसे संजय सिंह ने तुम्हें सिखाई तमीज, वैसे मैं आज तुम्हें सिखा करके जाऊँगा।”

अदिति त्यागी ने कहा कि उनके सवाल का जवाब पार्टी के पास नहीं तो वह बदतमीजी के नाम से सवालों से कन्नी काट कर रही है। इतना ही नहीं, अदिति ने इस मामले को ट्वीट कर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) से शिकायत की है।

अदिति त्यागी ने अपने ट्वीट में लिखा, “माननीय मुख्यमंत्री @ArvindKejriwal जी, आज @AamAadmiParty के ‘जन प्रतिनिधि’ ने लाइव टीवी पर मुझे धमकाया। उन्होंने मुझे और मेरे ‘खानदान’ को कहा। इस घटना पर आपके reaction और action की प्रतीक्षा मेरे साथ देश की 65 करोड़ महिलाएँ कर रही हैं। #SatyamevJayate

सौरभ भारद्वाज और अदिति त्यागी के इस मौखिक झड़प को लेकर सोशल मीडिया पर AAP की खूब आलोचना हो रही है। यूजर एक महिला एंकर के साथ बदतमीजी करने पर सौरभ भारद्वाज की आलोचना कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी भारद्वाज के व्यवहार की निंदा की है और कहा है कि AAP के आधिकारिक प्रवक्ता ने एक महिला एंकर के साथ बदतमीजी कर सारी सीमाएँ तोड़ दीं।

मनीष सिसोदिया के सहयोगी को शराब कारोबारी ने दिए एक करोड़ रुपए: CBI नेे FIR में बताया

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर शुक्रवार (19 अगस्त 2022) को 8 घंटे से अधिक समय तक छापेमारी की गई। मामला शराब और दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़ा है। इस मामले में जाँच एजेंसी ने CBI ने FIR की है, जिसमें सिसोदिया को आरोपित नंबर एक बनाया गया है।

सीबीआई ने अपनी FIR में कहा है कि एक शराब कारोबारी ने मनीष सिसोदिया के एक सहयोगी द्वारा संचालित कंपनी को एक करोड़ रुपए का भुगतान किया था। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों से संबंधित धाराओं में 15 लोगों को नामजद किया है।

इनमें दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, 9 कारोबारी, 3 आबकारी अधिकारी और दो कंपनियाँ हैं। बता दें कि CBI की टीम ने शुक्रवार को देश के 7 राज्यों के दर्जनों ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें सिसोदिया सहित उनसे संबंधित लोग भी शामिल हैं।

CBI ने मनीष सिसोदिया के घर और सरकारी आवास में भी रेड किया। यहाँ तक कि उनकी कार की भी तलाशी ली गई है। सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबर आ रही है कि मनीष सिसोदिया के मोबाइल और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक समान को जब्त कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि जाँच एजेंसी को मनीष सिसोदिया के घर पर आबकारी विभाग के कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो किसी अधिकारी या मंत्री के घर पर नहीं होने चाहिए। हालाँकि, ये दस्तावेज किस तरह के हैं, इसके बारे में कोई विशेष जानकारी सामने नहीं आई है।

वहीं, दिल्ली के आबकारी आयुक्त रह चुके IAS ए गोपीकृष्ण, दिल्ली के आबकारी उप-आयुक्त IAS आनंद तिवारी और सहायक आबकारी आयुक्त पंकज भटनागर के घर पर भी रेड हुई है। इन तीनों के तार दिल्ली के आबकारी घोटाले से जुड़े बताए जा रहे हैं। CBI ने इस मामले में 7 राज्यों के 21 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है।

बता देें कि CBI जाँच की सिफारिश दिल्ली के उप-राज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव के रिपोर्ट के आधार पर की थी। मनीष सिसोदिया पर दिल्ली की नई आबकारी नीति में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया गया है।

हिन्दू लड़की के पिता को मिली छेड़खानी के विरोध की सज़ा, ताबड़तोड़ गोदा चाकू और हथौड़े से सिर पर किया वार: इधर-उधर दौड़ाती रही पुलिस

भारत के कई इलाकों से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में हिन्दुओं की दुर्दशा की खबरें सामने आती रहती हैं, लेकिन बात इस्लामी मुल्कों पाकिस्तान और बांग्लादेश की करें तो वहाँ तो जैसे ये एक सामान्य घटनाक्रम बन चुका हो। आए दिन वहाँ हिन्दुओं पर क्रूरता और हिन्दू महिलाओं की प्रताड़ना की खबरें आती रहती हैं।

अब बांग्लादेश से ऐसी ही एक घटना सामने आई है, जहाँ एक पिता को सिर्फ इसलिए चाकुओं से गोद दिया गया क्योंकि वो अपनी बेटी के साथ हुई छेड़छाड़ का विरोध कर रहा था। दरअसल, नेहा (बदला हुआ नाम) रोज की तरह अपनी कोचिंग क्लासेस लेने जा रही थी। इस दौरान राजशाही रेलवे स्टेशन के पास रास्ते में मिराज उर्फ इरफान खान और प्रिंस ने उसके छेड़खानी करने की कोशिश की थी।

इससे पहले दोनों आरोपित अपने मक़सद में कामयाब होते, एक व्यक्ति ने नेहा को बचाते हुए कोचिंग सेंटर तक पहुँचा दिया। बचाने वाले व्यक्ति की पहचान एमोन के रूप में हुई है जो कि आरोपित प्रिंस का दोस्त भी है।

हालाँकि, इसके बाद आरोपित पीड़िता नेहा के घर पहुँचे और उसके पिता नील माधव साहा के साथ बहस करने लगे। इसी बीच मिराज और प्रिंस ने चाकू निकाल लिया और नील माधव साहा पर लगातार वार करने लगे। चाकू मारने के बाद मिराज ने हथौड़ा उठा लिया और साहा के सिर पर मार दिया।

मीडिया से बात करते हुए नील माधव साहा ने बताया, “वो (आरोपित) मेरी बेटी को परेशान करते थे। इमोन, आरोपी प्रिंस का दोस्त है। जब इमोन ने आरोपित को रोकने की कोशिश की तो उसे भी धमकाया गया।”

साहा ने यह भी कहा, “प्रिंस ने मुझसे कहा था कि अगर हम जीना चाहते हैं तो हमें उसे हर महीने पैसे देने होंगे। उसने धमकी दी थी कि वो मेरी बेटी का जबरन निकाह करा देंगे।”

पीड़िता के पिता ने बताया, “मिराज ने मेरे सिर पर हथौड़े से वार किया है। उन लोगों ने मेरी बनियान खींची और मेरे पैरों को पकड़ लिया… वे मेरी जान लेना चाहते थे।” इसके अलावा, साहा ने अपने ऊपर हुए इस हमले के लिए मामून, फराद, रेहम, अखेर और रॉबिन का भी नाम लिया है।

नील माधव साहा ने कहा, “हम अल्पसंख्यक हैं और हर तरह की जबरदस्ती का सामना कर रहे हैं। हमें मरना होगा, आत्महत्या करनी होगी या फिर भारत भागना होगा। कोई भी हमारी मदद के लिए आगे नहीं आया है। हम न्याय चाहते हैं। हम कानून का एक स्वतंत्र और निष्पक्ष शासन चाहते हैं। मेरी बेटी पढ़ाई नहीं कर पा रही है और मेरी पत्नी अपना पार्लर दोबारा शुरू नहीं कर पा रही है।”

तीन थानों की पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर

रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपितों ने नील माधव साहा से मारपीट करने के बाद उसकी जेब से 300 रुपए और पत्नी की चैन लूट ली थी। इस वारदात के बाद जब साहा पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने गए तो उनके घावों से खून बह रहा था। लेकिन, पुलिस ने बिना कोई कार्यवाही किए उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती करा दिया।

पीड़िता के पिता ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि जब साहा पहली बार चंद्रिमा पुलिस स्टेशन गए तो पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार करते हुए उन्हें पहले इलाज कराने के लिए कहा था।

इसके बाद, जब वह इलाज करा कर आए तो पुलिस द्वारा साहा को मोतिहार पुलिस स्टेशन जाने के लिए कहा गया था। इसके बाद मोतिहार पुलिस द्वारा यह कहते हुए एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया गया कि मामला रेलवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में है। अफसोस की बात तो यह है कि रेलवे पुलिस द्वारा भी किसी प्रकार की शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया गया था।

मीडिया के सामने आने पर दर्ज हुआ मामला, 3 गिरफ्तार

इसके बाद जब पीड़िता द्वारा 17 अगस्त को मीडिया के सामने इस पूरे मुद्दे को उठाया तब जाकर रेलवे पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है। उसी दिन रैपिड एक्शन बटालियन ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिन तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, इनमें मिराज, फरहाद और अखेर का नाम शामिल है।

धान के खेत में हिंदू महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या

हिंदुओ के साथ बांग्लादेश में हुई ये इकलौती घटना नहीं है। इसी साल 29 जुलाई को बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के भेरवेदी यूनियन के कुमार पारा इलाके में धान के खेत में एक हिंदू महिला का शव मिला था।

जानकारी के अनुसार, मृतक महिला की पहचान अपो रानी रॉय के रूप में हुई थी। वह अपने मायके से ससुराल लौट रही थी। लेकिन, वह घर नहीं पहुँच सकी और बाद में उसका शव धान के खेत में मिला था। पीड़िता के शव के पास 10 साल की बिपाशा रानी रॉय नाम की उसकी बच्ची भी अचेत अवस्था में मिली थी।

पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया था कि अपो रानी रॉय के साथ अज्ञात अपराधियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है। उन्होंने दावा किया था कि आरोपितों की पहचान करने से रोकने के लिए पीड़िता की हत्या की गई थी।

एक अन्य मामले में, इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में, 10 वर्षीय बच्ची को यह कहते हुए सुना जा सकता था, “मेरी माँ ने मेरा हाथ कसकर पकड़ लिया था। वह अपराधियों से छोड़ देने के लिए कहते हुए गिड़गिड़ा रही थी। वह उनसे पूछती रही कि हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है। उन्होंने मेरी गर्दन से पकड़ ली थी और मेरे सिर पर मारा। मैं बेहोश हो गयी लेकिन उन्हें ऐसा लगा कि मैं मर गई हूँ। मुझे नहीं पता कि उसके बाद मेरी माँ के साथ क्या हुआ।”

दिल्ली के दारू घोटाले वाली सीबीआई FIR में उसका भी नाम जो AIB का था ‘मास्टरमाइंड’, शो में माँ-बहन को सामने बिठाकर बॉलीवुड वाले देते थे गाली

शराब घोटाले को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित 15 लोगों को आरोपित किया है। इसमें कई भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी और व्यवसायी है। इनके एक नाम ऐसा भी है, जो एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ा है और विवादास्पद शो से जुड़ा हुआ है।

CBI ने जिन 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है उनमें विजय नायर का भी नाम है। विजय नायर ‘ऑनली मच लाउडर’ के पूर्व CEO हैं। ऑनली मच लाउडर कंपनी महाराष्ट्र के मुंबई में पंजीकृत एक एंटरटेनमेंट ऐंड इवेंट मैनेजमेंट कंपनी है। शराब घोटाले में इसका भी नाम सामने आया है।

विवादास्पद YouTube शो ‘ऑल इंडिया बकचोद (AIB)’ के पीछे विजय नायर का हाथ माना जाता है। गाली-गलौच से भरे इस शो के आते ही बवाल हो गया। लोगों ने इसकी जरूरत के नाम पर सवाल उठाना शुरू कर दिया।

विजय नायर के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने 15 साल की उम्र में कॉलेज छोड़ दिया और 18 साल की उम्र में अपनी खुद की कंपनी शुरू कर ली थी। कंपनी का नाम ‘ओनली मच लाउडर’ (OML) था, जो अपने NH7 वीकेंडर संगीत समारोहों के लिए जानी जाती थी।

यह स्वतंत्र कलाकारों को बढ़ावा देने के साथ-साथ कॉमेडी ‘ऑल इंडिया बकचोद’ शुरू किया था। साल 2015 के बाद से उन पर साइबर स्टॉकिंग का एक मामला चल रहा है। नायर पर एक महिला ने स्टॉकिंग का आरोप लगाया था। इसको लेकर काफी बवाल हुआ था।

दरअसल, यह शो क्रिएटिविटी और लोगों को हँसाने के नाम पर तैयार किया गया था। इस चैनल ने 2 फरवरी 2013 को अपना पहला वीडियो डाला था। बातचीत फिल्मों के सीन को लेकर थी और बीच-बीच में गालियाँ बकी जा रही थीं। इस वीडियो को 8 लाख से अधिक लोगों ने देखा था।

इस शो में रेप जैसे मुद्दों पर बात करते हुए महिलाओं के कपड़ों और उनके चाल पर आपत्तिजनक से टिप्पणी की गई थी। मनोरंजन के नाम पर भद्दी गालियाँ, फूहड़ता और निम्नस्तरीय कंटेंट परोसने के बाद ऑल इंडिया बकचोद (AIB) में कार्यरत कई लोग #MeToo कैम्पेन में नाम उजागर होने के बाद से संस्था से हटा दिए गए थे।

साल 2019 में AIB ‘नए’ लोगों के साथ सोशल मीडिया पर वापसी करती नजर आई। उस दौरान AIB ने एक ऐसा वीडियो शेयर किया था, जिसमें स्कूल के बच्चों को स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान गाँजा (नशा) इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। AIB ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसकी लोगों द्वारा काफी आलोचना की गई।

आतंकियों के लिए फंड्स मैनेज कर रहा था कपड़ा कारोबारी मोहम्मद यासीन, दिल्ली से धराया: विदेश से मँगा कर कश्मीर में भेजे लाखों

दिल्ली पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। लश्कर और अल-बदर जैसे आतंकी संगठनों के लिए फंड की जुटाने वाले एक हवाला एजेंट को गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़ा गया हवाला एजेंट दिल्ली में कपड़े का व्यापार करता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल और जम्मू कश्मीर पुलिस (JK Police) ने एक संयुक्त ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस दौरान स्पेशल टीम ने मोहम्मद यासीन नामक आतंकी को दिल्ली के तुर्कमान गेट से गिरफ्तार किया। पुलिस को अब इससे जुड़े कुछ ओर लोगों पर भी शक है।

शुरुआती जानकारियों में यह बात स्पष्ट हुई है कि हवाला ऑपरेटर मोहम्मद यासीन ने कश्मीर के एक आतंकी को 10 लाख रुपए ट्रांसफर भी किए थे, जिनका बाद में आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ। वहीं यह बात भी सामने आ रही है कि दिल्ली पुलिस को इस हवाला एजेंट के बारे में केंद्रीय एजेंसियों के द्वारा जानकारी दी गई थी।

दिल्ली पुलिस को यह सूचना मिली कि मीना बाजार से कोई हवाला एजेंट काम कर रहा है। इसके साथ-साथ यह भी जानकारी मिली कि यह हवाला एजेंट आतंकवादियों के लिए फंड्स मैनेज करता है। एजेंसियों से मिली इनपुट के आधार पर ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुक्रवार (19 अगस्त, 2022) को दिल्ली के तुर्कमान गेट से मोहम्मद यासीन को पकड़ लिया।

इस मामले में दिल्ली पुलिस के अधिकारी एचजीएस धालीवाल ने बताया कि यह स्पेशल सेल और जम्मू-कश्मीर पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन था। पकड़ा गया हवाला एजेंट मोहम्मद यासीन एक कपड़ा व्यापारी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पुंछ में उसके एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया। जाँच के दौरान पता चला कि वह लंबे समय से आतंकी फंडिंग गतिविधियों में शामिल था।

पूछताछ के दौरान हुए बड़े खुलासे

बताते चलें कि मोहम्मद यासीन से पूछताछ के दौरान यह पता चला कि वह मीना बाजार में अपना खुद का काम करता है। वह यहाँ दुनिया को दिखाने के लिए कपड़ों का धंधा करता है, लेकिन असल में वह विदेशों से आने वाले पैसे को जम्मू और कश्मीर आतंकी संगठनों को भेजता था। बाद में इसी पैसे से देश में आतंकी साजिशों को अंजाम देने के लिए काम में लिया जाता था।

मोहम्मद यासीन ने पूछताछ के दौरान बताया कि ये पैसा दक्षिण अफ्रीका से भारत के सूरत और मुंबई आता था। फिर वहाँ दिल्ली उसके पास और फिर आखिर में जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के पास जाता था। बताया जा रहा है कि मोहम्मद यासीन को हवाला के जरिए 24 लाख रुपए भी ट्रांसफर किए गए थे। उसमें से 17 लाख रुपए तो जम्मू-कश्मीर भेज भी दिए गए। वहीं इससे पहले अब्दुल हामिद नाम के आतंकी को भी 10 लाख रुपए भेजे गए थे, जिसे जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

‘कम बुद्धि वाला व्यक्ति भी समझ जाएगा’: पत्रकार ने कोयला आयात को लेकर फैलाया झूठ, बिजली के दाम बढ़ने का दिखाया डर तो मंत्रालय ने फटकारा

ऊर्जा मंत्रालय ने देश में कोयले के आयात के बारे में लोगों को गुमराह करने को लेकर गुरुवार (18 अगस्त, 2022) को ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ की सहायक संपादक श्रेया जय को कड़ी फटकार लगाई है।

यह पूरा मसला इस महीने की शुरुआत (3 अगस्त) में तब शुरू हुआ जब श्रेया जय ने ट्वीट करते हुए यह दावा किया कि मोदी सरकार ने अपनी ऊर्जा नीति में यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने अपने ट्वीट में आरोप लगाते हुए कहा था “केंद्र सरकार ने तीन महीने में बिजली उत्पादन कंपनियों के लिए आयातित कोयले की ब्लेंडिंग को अनिवार्य करने से लेकर वैकल्पिक बना दिया है।”

उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी कहा”मई में, ऊर्जा मंत्रालय ने बिजली उत्पादन कंपनियों को 10% आयातित कोयले को का मिश्रण करने या घरेलू आपूर्ति में कमी करने के लिए भी कहा था।”

श्रेया जय ने दावा किया कि ऊर्जा मंत्रालय ने बिजली उत्पादन कंपनियों को आयातित कोयले की बढ़ी हुई कीमत को उपभोक्ताओं तक पहुँचाने की अनुमति दी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (NTPCL) ने 6.25 मिलियन टन का आयात टेंडर रखा है।

यही नहीं, श्रेया जय ने ट्वीट में दावा किया, “10% आयातित कोयले की ब्लेंडिंग के बाद बिजली की कीमतों में 50-70 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हो सकती है।” यही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस तरह से अडानी समूह ने टेंडर हासिल किए हैं वह सब एक तरीके का ‘गलत खेल’ है।

इसके बाद, ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ की पत्रकार ने एक ट्वीट में दावा करते हुए लिखा, “कई राज्यों ने कोयला आयात करने का विरोध किया था लेकिन ऊर्जा मंत्रालय ने उन्हें अपने टेंडर्स वापस करने के लिए कहा। और, इसके बाद राष्ट्रीय खनिक और दुनिया के दूसरे सबसे बड़े कोयला उत्पादक कोल इंडिया को इतिहास में पहली बार कोयला आयात करने के लिए कहा गया।”

इसके बाद उन्होंने एक ट्वीट में आरोप लगाते हुए कहा ”40 मिलियन टन की अनुमानित मांग के विपरीत, कोल इंडिया लिमिटेड को राज्यों और प्राइवेट बिजली उत्पादन कम्पनियों से मुश्किल से 2.4 मिट्रिक टन का ब्याज मिला। इसके बाद 4,500 करोड़ रुपये का पहला टेंडर अडानी एंटरप्राइजेज को और दूसरा इंडोनेशिया की एक ब्लैकलिस्टेड फर्म को दिया गया।”

एक अन्य ट्वीट में, श्रेया जय ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस ‘यू-टर्न’ ने प्राइवेट और सरकारी बिजली उत्पादन कम्पनियों को बड़ा झटका दिया है।

श्रेया ने केंद्र सरकार पर एक और आरोप लगाते हुए कहा, “कल (2 अगस्त), ऊर्जा मंत्रालय ने आयातित कोयले पर अपने पहले के सभी फैसलों को रद्द कर दिया, और जरूरत पड़ने पर कोयले का आयात करने के लिए राज्यों और बिजली उत्पादन कम्पनियों पर छोड़ दिया है। सरकार ने एनटीपीसी को ब्लेंडिंग 10% से घटाकर 5% करने के लिए भी कहा है।”

बिजनेस स्टैंडर्ड की सहायक संपादक श्रेया जय ने इसके बाद फरवरी 2020 की एक प्रेस विज्ञप्ति शेयर की। जिसमें तत्कालीन कोयला और खनन मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा था कि भारत वित्तीय वर्ष 2023-24 से थर्मल कोयले के आयात को रोक देगा। इस प्रेस विज्ञप्ति को शेयर करने का सीधा मतलब यह दिखाना था कि केंद्र सरकार अपनी ही बात से मुकर रही है।

ऊर्जा मंत्रालय ने लगाई श्रेया जय को फटकार

इन तमाम आरोपों ल बाद गुरुवार (18 अगस्त) को ऊर्जा मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए इन सभी आरोपों का खंडन किया और श्रेया जय को फटकार लगाते हुए लिखा ”जिस क्षेत्र में आप काम कर रहीं हैं उसमें आपकी अज्ञानता पूरी तरह से दिखाई दे रही है।”

ऊर्जा मंत्रालय ने अपने ट्वीट में स्पष्ट किया कि भारत में लंबे समय से कोयले का आयात किया जा रहा है। साथ ही यह भी बताया कि कैसे समय के साथ 2013-2014 में 38.5 मिलियन टन से 2022-2023 में 12.2 मिलियन टन तक आयात कम हो गया है।

मंत्रालय द्वारा लिखा गया “हमारी बिजली की माँग अगस्त-सितंबर 2021 से 15 से 20% तक बढ़ी है। इस दौरान घरेलू कोयले की आपूर्ति भी बढ़ी है लेकिन यह माँग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।”

ऊर्जा मंत्रालय द्वारा यह भी बताया गया कि बिजली संयंत्रों में कोयले के भंडार का तेजी से उपयोग किया जा रहा था, जिससे इस साल अप्रैल-मई तक हर दिन 1.2 लाख टन की कमी हुई है।

ट्वीट करते हुए ऊर्जा मंत्रालय ने लिखा, “अगर हमने आयात शुरू नहीं किया होता तो हमारा कोयला स्टॉक 23 जुलाई को 70 लाख टन के निचले स्तर पर पहुँच जाता।” कोयला आयात करने को लेकर तर्क देते हुए एक अन्य ट्वीट में मंत्रालय ने कहा, “जब घरेलू कोयले की आपूर्ति पर्याप्त होती है तो हम कम कोयले का आयात नहीं करते हैं। जब घरेलू आपूर्ति अपर्याप्त होती है, तो ब्लेंडिंग के लिए कोयले का आयात करना पड़ता है।”

इसके बाद ऊर्जा मंत्रालय ने श्रेया जय को एक और बार फटकार लगाई इस बार मंत्रालय की ओर से लिखा गया कि न्यूनतम बुद्धि वाला कोई व्यक्ति भी ये सब समझता है, लेकिन दुर्भाग्य से आप संवाददाता (पत्रकार) होकर भी यह नहीं कर सकीं।

बिजली मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि कोल इंडिया लिमिटेड को आयात में शामिल करने का निर्णय राज्य, केंद्र और आईपीपी स्तर पर बिजली उत्पादन कंपनियों के पास है। “अगर राज्य चाहते हैं कि कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) उनकी ओर से आयात करे तो वे सीआईएल को अपना इंडेंट देते हैं।”

अडानी ग्रुप को डेंटर पर तरजीह दिए जाने के दावे को खारिज करते हुए, बिजली मंत्रालय ने कहा, “कोयले से जुड़ी सभी खरीद खुली अंतरराष्ट्रीय बोलियों के माध्यम से होती है और टेंडर उस कंपनी को दिया जाता है जो सबसे कम दर पर कोयले की आपूर्ति कर सकती है।”

जुमे की नमाज अदा करते-करते गिर कर मर गया आतंकी, Pak बॉर्डर से जमा करता था विस्फोटक: हार्ट अटैक मौत का कारण

जम्मू की कोट भलवाल जेल में जुमे की नमाज अदा करते हुए आतंकी मॉड्यूल के एक सदस्य की शुक्रवार (19 अगस्त, 2022) को मौत हो गई। पाकिस्तान बॉर्डर के पास विदेश से आने वाली विस्फोटक सामग्री और हथियारों को इकट्ठा करने व लेकर जाने जैसी गतिविधियों में इसका नाम शामिल था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जम्मू और कश्मीर के कठुआ जिले में 29 मई को अंतर्राष्ट्रीय सीमा से विस्फोटक गिराए गए थे। इसी मामले में शामिल मॉड्यूल की जाँच कर रहे एनआईए ने अप्रैल महीने की शुरुआत में ही इस आरोपी को हिरासत में लिया था। मृतक कैदी कठुआ जिले के रामपुरा गाँव का रहने वाला था और इसकी उम्र 36 वर्ष बताई जा रही है।

मृतक कैदी का नाम मुनि मोहम्मद है, जिसको शुक्रवार को जुमे की नमाज पढ़ते दिल का दौरा पड़ गया। जेल के ही एक अधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि विचाराधीन कैदी मुनि मोहम्मद बाकी कैदियों के साथ नमाज अदा कर रहा था, तभी वह अचानक गिर पड़ा। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।

बताते चलें कि संदिग्ध आतंकी पर आईपीसी की धारा 121, 121 ए (साजिश रचने), 122, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 16, धारा 18 के तहत आरोप लगाए गए थे। वहीं बीती 10 अगस्त को ही इसे कोट भलवाल जेल भेजा गया था। मामले की शुरुआत 29 मई 2022 को हुई, जब कठुआ के राजबाग पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। इसके बाद एनआईए द्वारा फिर से 30 जुलाई को मामला दर्ज किया गया था।

इस मामले में संघीय एजेंसी यानि NIA के एक प्रवक्ता ने बताया कि टीआरएफ के आतंकी पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं। एजेंसी ने कहा कि गुरुवार को ली गई तलाशी में विभिन्न आपत्तिजनक सामग्री, डिजिटल उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि यह मामला पहले 29 मई को कठुआ के राजबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था जबकि एनआईए ने 30 जुलाई को फिर से मामला दर्ज किया था।

CBI की FIR में 15 नाम, टॉप पर मनीष सिसोदिया: सुबह से दिल्ली डिप्टी CM के घर जाँच एजेंसी, कार की भी तलाशी-मोबाइल और लैपटॉप सीज

शराब घोटाले को लेकर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Delhi Deputy CM Manish Sisodia) के घर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की छापेमारी जारी है। सिसोदिया के साथ-साथ की अन्य आरोपितों के यहाँ भी रेड डाली जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एजेंसी को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं।

वहीं, इस मामले में CBI ने अब FIR दर्ज की है, जिसमें मनीष सिसोदिया को मुख्य आरोपित बनाया गया है। शराब घोटाले से जुड़ी इस प्राथमिकी में मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों को आरोपित बनाया गया है। आरोपितों में आबकारी विभाग के अधिकारियों, शराब कंपनी के अधिकारियों, डीलरों के साथ-साथ अज्ञात सिविल सर्वेंट और निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं।

बता दें कि पिछले 8 घंटों से मनीष सिसोदिया के घरों पर CBI की रेड चल रही है। इसमें अपने घर और सरकारी आवास भी शामिल हैं। CBI ने उनके घर का एक-एक छान रही है। यहाँ तक कि उनकी कार की भी तलाशी ली गई है। सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबर आ रही है कि मनीष सिसोदिया के मोबाइल और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक समान को जब्त कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि जाँच एजेंसी को मनीष सिसोदिया के घर पर आबकारी विभाग के कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो किसी अधिकारी या मंत्री के घर पर नहीं होने चाहिए। हालाँकि, ये दस्तावेज किस तरह के हैं, इसके बारे में कोई विशेष जानकारी सामने नहीं आई है।

वहीं, दिल्ली के आबकारी आयुक्त रह चुके IAS ए गोपीकृष्ण, दिल्ली के आबकारी उप-आयुक्त IAS आनंद तिवारी और सहायक आबकारी आयुक्त पंकज भटनागर के घर पर भी रेड हुई है। इन तीनों के तार दिल्ली के आबकारी घोटाले से जुड़े बताए जा रहे हैं। CBI ने इस मामले में 7 राज्यों के 21 ठिकानों पर छापेमारी की है।

बता देें कि CBI जाँच की सिफारिश दिल्ली के उप-राज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव के रिपोर्ट के आधार पर की थी। मनीष सिसोदिया पर दिल्ली की नई आबकारी नीति में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया गया है।