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हिजाब बैन के कारण 16% मुस्लिम छात्राओं ने छोड़ दी मंगलौर यूनिवर्सिटी, सरकारी कॉलेजों की एक तिहाई से अधिक मुस्लिम छात्राएँ चाहती हैं TC

कर्नाटक के कॉलेजों में हिजाब को लेकर शुरू हुए विवाद पर एक और खबर खबर सामने आई है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मंगलौर यूनिवर्सिटी की छात्राएँ लगातार टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) ले रहीं हैं। दरअसल, मंगलौर यूनिवर्सिटी (MU) के कुलपति प्रो पीएस यदपदिथ्या ने मई में एक बयान जारी कर कहा था कि जो भी छात्राएँ हिजाब पहनकर विश्विद्यालय आएँगी, उन्हें टीसी दे दी जाएगी।

डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलौर यूनिवर्सिटी के कुलपति के बयान के बाद से अब तक मंगलौर विश्विद्यालय से संबद्ध सरकारी और अनुदान प्राप्त कॉलेजों की 16% से अधिक छात्राओं ने टीसी ले ली है। दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में मैंगलोर यूनिवर्सिटी के सरकारी, सहायता प्राप्त व संबद्ध कॉलेजों में 2020-21 और 2021-22 सत्र के विभिन्न पाठ्यक्रमों हेतु एडमिशन लेने वाली कुल 900 मुस्लिम छात्राओं में से 145 ने अपनी टीसी ले ली है।

मंगलौर यूनिवर्सिटी से टीसी लेने वाली मुस्लिम छात्राओं में से कुछ ने उन कॉलेजों में एडमिशन ले लिया है जहाँ हिजाब पहनने की अनुमति है। हालाँकि, कोडागु जिले को लेकर जो आँकड़ा सामने आया है उसके हिसाब से यहाँ की 113 मुस्लिम छात्राओं में से किसी ने भी टीसी नहीं ली है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अनुदान प्राप्त कॉलेजों (8%) की तुलना में सरकारी कॉलेजों (34%) में टीसी लेने वाली मुस्लिम छात्राओं की संख्या अधिक है। उडुपी जिले की बात करें तो यहाँ टीसी की माँग करने वाली छात्राओं की संख्या (14%) है जबकि दक्षिण कन्नड़ जिले में (13%) है।

इन सभी आँकड़ों के बीच, कारस्ट्रीट के डॉ. पी दयानंद पाई-पी सतीशा पाई गवर्नमेंट फर्स्ट ग्रेड कॉलेज दक्षिण कन्नड़ जिले में टीसी माँगने वाली छात्राओं की संख्या में सबसे ऊपर है। यहाँ कुल 51 मुस्लिम छात्राओं में से 35 छात्राओं ने अपनी टीसी ले ली है।

हलांगडी के गवर्नमेंट फर्स्ट ग्रेड कॉलेज में पहले, तीसरे एवं चौथे सेमेस्टर की कक्षाओं की कुल 20 मुस्लिम छात्राओं ने दूसरे, चौथे एवं छठवें सेमेस्टर में रहते हुए अपनी टीसी ले ली है। हलांगडी के सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल श्रीधर ने एक बातचीत में बताया है कि उन्होंने छात्राओं से क्लासेस लेने की अपील की थी लेकिन न तो किसी ने क्लासेस अटेंड किए और न ही टीसी ली।

इसके अलावा, उडुपी जिले के अज्जरकाड गवर्नमेंट फर्स्ट ग्रेड कॉलेज की 9 मुस्लिम छात्राओं ने टीसी ले ली है। सहायता प्राप्त कॉलेजों में की बात करें तो उजिरे में एसडीएम कॉलेज की 11 और कुंडापुर में भंडारकर कॉलेज की 13 छात्राओं ने टीसी ले ली है।

टीसी लेने के बाद क्या कर रहीं हैं छात्राएँ?

हाल ही में मंगलौर में आयोजित एक ‘गर्ल्स कॉन्फ्रेंस’ के दौरान हिबा शेख नामक एक छात्रा ने ‘डेक्कन हेराल्ड’ से हुई बातचीत में कहा था, “मैं दूसरे कॉलेज में एडमिशन हासिल करने की उम्मीद कर रही हूँ।” वह कारस्ट्रीट के सरकारी कॉलेज में बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा थी, इस दौरान ही उसमे टीसी ले ली है। मंगलौर यूनिवर्सिटी में 5 सेमेस्टर पूरा चुकी गौसिया ने एक प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन ले लिया है। गौसिया ने कहा है उसने एडमिशन तो ले लिया है लेकिन उसका छठा सेमेस्टर मार्च 2023 तक शुरू होने की संभावना है।

मंगलौर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर यदपदिथ्या ने कहा कि कई मुस्लिम छात्राओं ने उनसे मिलकर कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए उनकी मदद माँगी थी। उन्होंने यह भी कहा, “चूँकि इन मुद्दों को हल नहीं किया जा सकता है, मैंने उन्हें ‘कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय’ (ओपन यूनिवर्सिटी) से संपर्क करने के लिए कहा था। मैंने छात्राओं को बताया था कि शिक्षा धर्म से ज्यादा महत्वपूर्ण है।”

इसके अलावा, उप्पिनंगडी के फर्स्ट ग्रेड गवर्नमेंट कॉलेज ने एक आरटीआई में यह बताया था कि किसी भी छात्रा ने टीसी नहीं ली है। लेकिन, अब कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शेखर ने स्वीकार किया है कि दो मुस्लिम छात्राओं ने कॉलेज छोड़ दिया है। इन तमाम बातों और आँकड़ों के बीच कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) के जिलाध्यक्ष आठवुल्ला पुंजालकट्टे का कहना है कि उनके द्वारा इकट्ठा किए जा रहे डेटा से उन्हें ऐसा लगता है कि मंगलौर विश्विद्यालय में छात्राओं के ड्रॉपआउट का प्रतिशत बहुत अधिक है।

पहले हथियारों वाला बोट, फिर पाकिस्तानी नंबर से 26/11 जैसे हमले की धमकी: कहा- भारत में हमारे 6 लोग, मुंबई को उड़ाने की है तैयारी

मुंबई में 26/11 जैसा हमला करने की धमकी दी गई है। धमकी एक पाकिस्तानी नंबर से मुंबई पुलिस के ट्रैफिक कंट्रोल रूम के व्हाट्सएप नंबर पर आई है। इसमें दावा किया गया है कि मुंबई को उड़ाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए 6 लोग भारत में मौजूद हैं। इससे पहले महाराष्ट्र के रायगढ़ में एक संदिग्ध नौका बरामद की गई थी। नौका से हथियार और विस्फोटक बरामद हुए थे।

मुंबई के पुलिस कमिश्नर विवेक फणसालकर ने धमकी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गुरुवार (19 अगस्त 2022) की रात ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल को कुछ मैसेज मिले। इनमें आतंक फैलाने की बात करते हुए धमकी दी गई थी। मैसेज में यह दावा भी किया गया है कि धमकी भेजने वाले के कुछ साथी भारत में सक्रिय हैं।

उन्होंने बताया कि मामले की पड़ताल की जा रही है। इस संबंध में वर्ली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। महाराष्ट्र एटीएस के साथ जानकारी साझा की गई है। फणसालकर ने बताया कि फिलहाल इस संबंध में यकीनी तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। एजेंसियों को अलर्ट कर ‘सागर कवच’ नाम से एक ऑपरेशन भी शुरू किया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार मैसेज जिस नंबर से भेजा गया है, वह पाकिस्तान का लग रहा है। धमकी देने वाले ने कहा है कि लोकेशन ट्रेस करने पर बाहर का दिखाएगा। साथ ही कुछ नंबर भी शेयर किए हैं। मैसेज में अजमल कसाब, उदयपुर में कन्हैया लाल का सर काटने की घटना का भी जिक्र किया गया है।

रायगढ़ में मिली थी संदिग्ध नाव

इस धमकी के आने से पहले 18 अगस्त को रायगढ़ जिले के श्रीवर्धन तालुके के हरिहरेश्वर में समुद्र से संदिग्ध नाव बरामद की गई थी। नाव में 3 एके-47 राइफल्स, कारतूस और कुछ कागजात मिले थे। महाराष्ट्र एटीएस अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जाँच कर रही है।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया था कि इस नौका का नाम लेडी हान है। इसका मालिक हाना लॉर्डऑर्गन नामक एक ऑस्ट्रेलियाई महिला के पास है। उन्होंने हाई टाइड के कारण नाव के रायगढ़ तट पर आने की संभावना जताई थी। 

रायगढ़ में मिली नाव आखिरी बार दुबई से रवाना हुई थी। 26 जून को इसने ओमान की खाड़ी में मदद की गुहार लगाई थी। हालाँकि इस घटना के पीछे आतंकी साजिश होने की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन एक तथ्य यह भी है कि 1993 में मुंबई सीरियल ब्लास्ट के लिए साजो-सामान लेकर ‘बिस्मिल्लाह’ नाम की नौका रायगढ़ ही आई थी। रिपोर्टों के अनुसार 93 बम धमाकों से पहले दुबई में ही गुप्त मीटिंग हुई थी।

दिल्ली का दारू घोटाला: कौन हैं प्लेयर, कैसे दिया अंजाम, CBI की रडार पर क्यों आए मनीष सिसोदिया… सारे सवालों का जवाब एक साथ

शराब घोटाले को लेकर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Delhi Deputy CM Manish Sisodia) पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज FIR में सिसोदिया आरोपित नंबर एक हैं। वही, प्राथमिकी में 14 अन्य नाम भी हैं, जिनमें दो कंपनियों के नाम शामिल हैं।

ये पूरा मामला दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति-2021 से जुड़ा हुआ है। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया इस विभाग के भी प्रमुख हैं। इसलिए इस घोटाले के लिए उन्हें जिम्मेदार माना गया है। हालाँकि, बाद में दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति को वापस ले हुए पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू कर दिया है।

क्या है दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति

नई आबकारी नीति 2021-22 दिल्ली सरकार ने शराब पीने की उम्र 25 साल से घटाकर 21 कर दी थी। इसके साथ ही होटलों के बार, क्लब और रेस्‍टोरेंट को रात 3 बजे तक खुला रखने की छूट दी गई थी। इसके तहत वे अपनी छतों समेत किसी भी जगह शराब परोस सकते थे।

पुरानी आबकारी नीति में खुले में शराब परोसने पर रोक थी। नई नीति में बार में मनोरंजन का इंतजाम करने की भी छूट दी गई थी। इसके अलावा, बार काउंटर पर खुल चुकी शराब की बोतल की शेल्‍फ लाइफ पर से भी पाबंदी हटा ली गई थी।

इस नीति के लागू होने के बाद दिल्ली के कुल 32 जोन में कुल 850 दुकानें खोलने की इजाजत दी गई थी। इस नीति के यह व्यवस्था की गई थी कि सरकार किसी भी शराब की दुकान की मालिक नहीं होगी। इन दुकानों के मालिक निजी क्षेत्र के लोग होंगे।

दिल्ली सरकार का तर्क

नई आबकारी नीति 2021-22 नीति को लेकर दिल्ली सरकार ने दावा किया था कि इसका मकसद भ्रष्टाचार को कम करना और शराब व्यापार में प्रतिस्पर्धा का अवसर मुहैया कराना है। दिल्ली सरकार ने यह भी कहा था कि इससे दिल्ली में शराब माफिया और कालाबाजारी समाप्त होगी।

दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने दावा किया था कि नई आबकारी नीति से राज्य सरकार का राजस्व बढ़ेगा और इसका इस्तेमाल वह विकास के अन्य कामों में करेगी। इसके साथ ही शराब खरीदने वालों की वह शिकायत भी दूर होगी कि उनके इलाके में शराब की दुकानें दूर है। दिल्ली सरकार ने दावा किया था कि हर वार्ड में शराब की दुकानें एक समान होंगी।

भाजपा सहित विपक्षी दलों ने उठाई थी आपत्ति

दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति पर भाजपा (BJP) सहित विपक्षी दलों ने आपत्ति उठाई थी। भाजपा का कहना था कि दिल्ली सरकार शराब पीने की उम्र घटाकर लोगों को शराबी बना रही है।

इसके साथ ही यह भी कहा गया कि नई आबकारी नीति में केवल 16 प्लेयर्स को इजाजत दी जा सकती थी, जिसके कारण एकाधिकार को बढ़ावा मिलेगा। विपक्षी दलों ने यह भी कहा कि बड़े प्लेयर्स अपने स्टोर्स पर भारी डिस्काउंट दे रहे हैं, जिसके कारण छोटे वेंडर्स की दुकानें बंद हो चुकी हैं।

विपक्षी दलों का आरोप है कि नई आबकारी नीति के जरिए केजरीवाल सरकार ने भ्रष्‍टाचार करने का भी आरोप लगया। उन्होंने कहा कि शराब की थोक कीमतों के बारे में तो पता है, लेकिन उन्हें किस कीमत पर बेचना है, इसको लेकर स्पष्टता नहीं है।

दिल्ली सरकार पर आरोप

दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर आरोप लगा कि कैबिनेट को भरोसे में इसे जल्दबाजी में लागू किया गया। इतना ही नहीं, इसके लिए तमाम नियमों और प्रक्रियाओं की भी अनदेखी की गई। यह भी आरोप लगा कि एक्साइज विभाग मनमाने तरीके से काम कर रहा है।

यहाँ तक कि कैबिनेट से यह भी पास करवा लिया गया कि अगर नीति को लागू करने के दौरान कुछ बदलाव करने की जरूरत होती है तो आबकारी मंत्री ही वो बदलाव कर सकेंगे। जब तत्कालीन उप-राज्यपाल ने इस पर आपत्ति उठाई तो 21 मई की कैबिनेट बैठक में इस निर्णय को वापस ले लिया गया।

मुख्य सचिव ने LG को दी रिपोर्ट

नई आबकारी नीति के संबंध में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने उप-राज्यपाल को एक रिपोर्ट भेजी। इस रिपोर्ट में कहा गया कि नई नीति को लागू करने में जीएनसीटी एक्ट-1991, ट्रांजेक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स 1993, दिल्ली एक्साइज एक्ट 2009 और दिल्ली एक्साइज रूल्स 2010 का उल्लंघन किया गया है।

अपनी रिपोर्ट में मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि टेंडर जारी होने के बाद 2021-22 में लाइसेंस हासिल करने वालों को कई तरह से लाभ पहुँचाए गए। इसके लिए जान-बूझकर प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शराब उत्पादन, थोक और खुदरा बिक्री से जुड़ा काम एक ही व्यक्ति की कंपनियों को दी गई, जो आबकारी नियमों का उल्लंघन है।

लाइसेंस पाने वाले लोगों को लाभ पहुँचाने के कारण दिल्ली सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ा। रिपोर्ट में कहा गया कि शराब विक्रेताओं की 144.36 करोड़ रुपए की लाइसेंस फीस माफ किया गया। इसके अलावा, तमाम तरह की अनियमितताओं का भी जिक्र किया गया।

उप-राज्यपाल ने CBI जाँच की सिफारिश की

दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव से मिली रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली के उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना (LG VK Saxena) ने दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति की सीबीआई जाँच की सिफारिश कर दी। उप-राज्यपाल ने यह सिफारिश 22 जुलाई 2022 को ही की थी।

उप-राज्यपाल ने CBI जाँच की सिफारिश में दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति में नियमों और प्रक्रियाओं के उल्लंघन को आधार बनाया। इसके लिए उप-राज्यपाल ने मुख्य सचिव द्वारा दी गई रिपोर्ट को इसमें शामिल किया और इसकी एक कॉपी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी दी।

मनीष सिसोदिया और अन्य लोगों के ठिकानों पर छापे

CBI ने दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर और आवास पर शुक्रवार (19 अगस्त 2022) को छापेमारी की। 14 घंटे तक चली इस छापेमारी में CBI ने घर का एक-एक कोना छान मारा। यहाँ तक कि सिसोदिया के कार की भी तलाशी ली गई।

इसके साथ ही सीबीआई ने सिसोदिया के मोबाइल और लैपटॉप को जब्त कर लिया। मीडिया रिपोर्ट में यह भी खबरें आईं कि उनके घर पर आबकारी विभाग के कुछ ऐसे दस्तावेज बरामद किए गए, जो उनके या किसी अधिकारी के घर पर नहीं होने चाहिए थे।

सीबीआई ने यह रेड देश के 7 राज्यों के 21 ठिकानों पर एक साथ की। जिन अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई उनमें दो पूर्व आबकारी अधिकारी भी हैं। ये दोनों ने IAS हैं और दिल्ली सरकार में आबकारी अधिकारी रह चुके हैं। 

CBI की FIR में मनीष सिसोदिया पर आरोप

CBI ने इस मामले में एक FIR दर्ज की है। इस एफआईआर में 15 लोगों के नाम हैं। इनमें पहला नाम मनीष सिसोदिया का ही है। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, 9 कारोबारी, 3 आबकारी अधिकारी और दो कंपनियाँ हैं।

सीबीआई ने अपनी FIR में कहा है कि एक शराब कारोबारी ने मनीष सिसोदिया के एक सहयोगी द्वारा संचालित कंपनी को एक करोड़ रुपए का भुगतान किया था। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में आपराधिक साजिश रचने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों से संबंधित धाराओं में आरोपित बनाया है।

Zomato के विज्ञापन में महाकाल का नाम, ‘लाल सिंह चड्ढा’ का समर्थन करने वाला ऋतिक रोशन निशाने पर: बोले उज्जैन के पुजारी – कोर्ट जाएँगे

फूड एग्रीगेटर कंपनी Zomato के एक विज्ञापन में ऋतिक रोशन ने कुछ ऐसा कह दिया है, जिससे उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के पुजारी नाराज़ हैं। असल में ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी ने अपने विज्ञापन को भगवान महाकाल से जोड़ दिया है, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया है। इस विज्ञापन में वो कहते दिख रहे हैं, “थाली का मन किया। उज्जैन में हैं, तो महाकाल से मँगा लिया।” इस पर महाकाल मंदिर के पुजारियों ने आपत्ति जताई है।

‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, उज्जैन मंदिर के पुजारी महेश ने कहा कि ऐसे विज्ञापन जारी करने से पहले कंपनी को सोच-विचार करना चाहिए। उन्होंने हिन्दू समाज को सहिष्णु बताते हुए कहा कि ये कभी उग्र नहीं होता, लेकिन अगर किसी दूसरे समुदाय को लेकर इस तरह की टिप्पणी की गई होती तो कंपनी में आग लगा देते। उन्होंने इसे एक भ्रामक प्रचार बताते हुए Zomato को जगह किया कि वो हमारी भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करे।

उन्होंने जानकारी दी कि महाकाल मंदिर अन्न क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था है, लेकिन थाली डिलीवर करने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनी को महाकाल के नाम पर विज्ञापन नहीं करना चाहिए, जो मांसाहारी भोजन डिलीवर करने का भी काम करती हो। उन्होंने Zomato पर हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर कंपनी माफ़ी नहीं माँगती है तो वो कोर्ट जाएँगे।

वहीं उज्जैन के जिलाध्यक्ष और ‘महाकाल मंदिर समिति’ के अध्यक्ष आशीष सिंह ने भी इस विज्ञापन को तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए कहा कि महाकाल मंदिर के अन्न क्षेत्र में ही प्रसाद ग्रहण करने की सुविधा है, यहाँ से कहीं और थाली भेजने की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने भ्रामक विज्ञापन को बंद करने के लिए कार्रवाई का आश्वासन दिया। बता दें कि मंदिर क्षेत्र में दिन में 11 से 2 बजे और शाम को 5 से 8 बजे तक भोजन की निःशुल्क व्यवस्था है।

ऋतिक रोशन ‘लाल सिंह चड्ढा’ फिल्म का सोशल मीडिया पर प्रमोशन कर के पहले ही विवादों में आ चुके हैं। ऋतिक रोशन ने ‘लाल सिंह चड्ढा’ की तारीफ करते हुए ट्विटर पर लिखा था, “मैंने हाल ही में लाल सिंह चड्ढा देखी। मैंने इस फिल्म के दिल को महसूस किया है। अच्छी और बुरी चीजें एक साइड में रखकर, यह फिल्म वाकई शानदार है। इतनी अच्छी फिल्म को मिस मत करिए। जाइए और इसे अभी देखिए। ये बेहद खूबसूरत और सुंदर है।”

अपराधी को पकड़ने UP से बिहार गई पुलिस, घर में बंद कर कुत्ते से कटवायाः पत्थर मार दारोगा का फोड़ दिया सर, क्राइम के पैसे से बने आलीशान बंगले में हुई घटना

उत्तर प्रदेश से पुलिस एक अपराधी को पकड़ने के लिए बिहार गई। वहाँ अपराधी के परिजनों ने पुलिस पर हमला किया। घर में बंद कर अपने पालतू कुत्ते से कटवाया। पत्थरबाजी की। मामला पटना से सटे फुलवारीशरीफ का है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आखिरकार पुलिस तीन लोगों को गिरफ्तार करने में कामयाब रही। इनमें वह संजय अग्रवाल उर्फ संजय गुप्ता भी शामिल है, जिसे गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस आई थी। हमले में घायल हुए दारोगा के बयान पर इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार 5 जून 2022 को मगध एक्सप्रेस से मुकेश पांडेय का बैग चोरी हो गया था। इसमें लाखों का समान था। सीसीटीवी फुटेज में संजय अग्रवाल उनका बैग लेकर कानपुर स्टेशन पर ट्रेन से उतरते नजर आया। संजय ट्रनों में लूटपाट, चोरी और अन्य घटनाओं को अंजाम देने वाले रंजन कुमार श्रीवास्तव गिरोह का सदस्य है।

संजय की तलाश में यूपी से दारोगा अब्बास हैदर के नेतृत्व में जीआरपीएफ की एक टीम बिहार आई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से मंगलवार (17 अगस्त 2022) की रात उसने फुलवारीशरीफ के गोपालनगर में संजय के मौजूद होने की पुष्टि की। गोपालनगर में संजय ने अपराध की कमाई से आलीशान घर बना रखा है।

बुधवार की दोपहर जीआरपीएफ की टीम संजय को गिरफ्तार करने उसके घर पहुँची। पुलिस की देखते ही संजय के परिजनों ने हमला कर दिया। परिजनों ने संजय को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा लिया। पुलिसकर्मियों को घर में बंदकर उनके साथ मारपीट की। जर्मन शेफर्ड ब्रीड के कुत्ते से कटवाया। पत्थरबाजी में दारोगा अब्बास का सर फट गया।

किसी तरह जीआरपीएफ की टीम ने जान बचाई और घटना के बारे में पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने संजय, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। संजय को छत से भागने की कोशिश करते हुए दबोचा गया।

फुलवारीशरीफ के थाना प्रभारी इकरार अहमद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि जीआरपी टीम पर हमला करने वालों में आठ-दस लोग शामिल थे। जीआरपी प्रभारी आरके द्विवेदी ने बताया कि संजय को उसकी पत्नी और बेटे का साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। ट्रेन में चोरी की मामले की जाँच के लिए संजय को कानपुर ले जाया जाएगा।

‘अब सेक्स करने के लिए किसी आदमी की जरूरत नहीं’: TV हिरोइन ने खुद से रचाई शादी, सिंदूर-मंगलसूत्र वाला फोटो शेयर कर खुद को बताया ‘देवी’

टीवी सीरियल्स में काम करने वाली अभिनेत्री कनिष्का सोनी की शादी की खबर ने सबको चौंका दिया है। कनिष्का की शादी कोई सामान्य शादियों जैसी नहीं है। उन्होंने खुद से शादी की है। खुद अपनी माँग भरी है। खुद सिंदूर पहना है। यानी कि उन्होंने सोलोगामी मैरिज की है।

कनिष्का ने इस संबंध में 16 अगस्त को अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने कहा था, “मैंने खुद से शादी की है क्योंकि मैंने अपने सभी सपनों को पूरा किया है और मैं एकमात्र व्यक्ति हूँ जिसे मैं प्यार करती हूँ। मुझे कभी कोई आदमी नहीं चाहिए- ये जवाब उन सारे सवालों के लिए है जो मुझसे पूछे जा रहे हैं। मैं अकेले और अपने गिटार के साथ खुश हूँ। मैं देवी हूँ, मजबूत हूँ और शक्तिशाली हूँ, शिव और शक्ति मेरे अंदर सब कुछ है। धन्यवाद।”

कनिष्का को इस पोस्ट के बाद इंस्टाग्राम पर बहुत नेगेटिव कमेंट्स मिले। लोगों ने उनके इस फैसले पर सवाल उठाए। जिसके बाद उन्होंने एक 6 मिनट की वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर की। उन्होंने इस वीडियो में उन लोगों को सफाई दी जो उनकी शादी पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने कहा,

“मैंने नोटिस किया कि मुझे उस पोस्ट पर बहुत ही अजीबोगरीब कमेंट्स आ रहे हैं, जिसमें मैंने कहा है कि मैंने खुद से शादी कर ली है। तो मैंने ये बहुत सोच-समझकर निर्णय लिया है। लेकिन काफी लोगों ने मुझे कहा कि आपने साइंस को पीछे छोड़ दिया, आप सेक्स किसके साथ करेंगी, तो ईमानदारी से मैं आपको बताऊँ कि अगर साइंस के बारे में आपको इतना ही पता है, तकनीक के बारे में इतना ही जानते हैं, तो मैं आपको बता दूँ कि तकनीक बहुत आगे निकल गई है और इस हिसाब से भी लड़की को किसी की जरूरत नहीं है। किसी आदमी की जरूरत नहीं है।”

उन्होंने कहा, “मैं गुजरात की एक कंजर्वेटिव परिवार से हूँ। शादी करने का सपना मेरा भी था। लेकिन आज तक जिंदगी में मुझे ऐसा आदमी नहीं मिला, जो शब्दों पर टिका हो। हमेशा यही देखा कि आदमी जो बोलता है उसपर डटा नहीं रहता। इसी वजह से मेरा मानना है कि मैं तकनीक से सहारे अपनी पूरी जिंदगी बिन आदमी के रह सकती हूँ। अगर मैं खुद कमाती हूँ तो मुझे आदमी की जरूरत नहीं। मैं स्वतंत्र हूँ, मैं अपनी जरूरतों और सपनों का पूरा ख्याल रख सकती हूँ, मुझे आदमी की जरूरत क्यों होगी।”

कनिष्का सोनी ने वीडियो में ये भी कहा कि वो दुबई में थीं और कई लोगों से मिली। इस दौरान उन्हें पता चला कि 90 फीसदी लड़कियों का शादी के 10 महीने बाद तलाक हो जाता है। किसी को पति तंग करता है। कोई आँख फोड़ देता है। ये सब 15-16 साल साथ रह लो उसके बाद होता है।

कई लोग कहते हैं कि सब कोई ऐसा नहीं होता लेकिन कनिष्का के अनुसार, वह जहाँ-जहाँ गई हैं , जिन-जिन से मिली हैं वो लोग सिर्फ फोटो में खुश दिखते हैं। इसलिए उन्हें ऐसा परिवार नहीं चाहिए। वह कहती हैं, “मुझे सिंदूर-मंगलसूत्र वाला गेटअप पसंद है लेकिन मैं इसके लिए आदमी का इंतजार नहीं कर सकती। मुझे अब विश्वास नहीं है कि कोई ऐसा आदमी हो सकता है जो अपनी बातों पर टिके।”

क्षमा बिंदु ने की थी भारत में पहली सोलोगैमी मैरिज

कनिष्का सोनी से पहले गुजरात के वडोदरा की रहने वाली क्षमा बिंदु खुद से शादी करने के कारण चर्चा में आई थीं। 24 साल की क्षमा ने 8 जून को खुद से 7 फेरे लिए थे। खुद से अपनी माँग में सिंदूर भरा था, खुद से मंगलसूत्र पहना था। इतना ही नहीं क्षमा ने मेहंदी और हल्दी की रस्में भी की थीं, जिन्हें उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया था।

RSS पर फिल्म और वेब सीरीज बनाएँगे SS राजामौली के सांसद पिता, कहा – संघ न होता तो कश्मीर बन जाता Pak का हिस्सा, मारे जाते लाखों हिन्दू

महशूर लेखक व राज्यसभा सांसद वी विजयेंद्र प्रसाद ने ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)’ पर वेब सीरीज बनाने की घोषणा की है। वो SS राजामौली के पिता हैं। उन्होंने बताया कि RSS पर वो फिल्म और वेब सीरीज, दोनों ही बनाने जा रहे हैं। विजयवाड़ा में मंगलवार (16 अगस्त, 2022) को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने ये ऐलान किया। इस पुस्तक लॉन्च कार्यक्रम में संघ नेता राम माधव भी मौजूद थे। विजयेंद्र प्रसाद ने कहा कि RSS को लेकर उनकी सोच पहले सकारात्मक नहीं थी, लेकिन अब वो इस संगठन के कायल हैं।

इससे पहले 2018 में खबर आई थी कि वी विजयेंद्र प्रसाद RSS पर एक फिल्म लिखने वाले हैं, जिसमें इनके संस्थापक केबी हेडगेवार के अलावा संगठन के अन्य नेताओं के जीवन को भी दिखाया जाएगा। अब उन्होंने राम माधव की पुस्तक ‘Partitioned Freedom’ के लॉन्च कार्यक्रम में विजयवाड़ा के KVSR सिद्धार्थ फर्मास्युटिकल साइंस कॉलेज में नया ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 3-4 वर्ष पहले तक वो RSS के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे और समझते थे कि महात्मा गाँधी की हत्या में इसका हाथ है।

उन्होंने कहा, “4 साल पहले मुझे RSS पर फिल्म लिखने को कहा गया। चूँकि इसके लिए मुझे रुपए मिले थे, इसीलिए मैंने नागपुर जाकर मोहन भागवत से मुलाकात भी की। मैं वहाँ 1 दिन रुका और पहली बार देखा-समझा कि RSS क्या है और कैसे काम करता है। मुझे काफी पश्चाताप हुआ कि मैं इतने महान संगठन से अब तक परिचित नहीं था। अगर RSS नहीं होता तो आज कश्मीर भी नहीं होता। पाकिस्तान की वजह से लाखों हिन्दू मारे जाते।”

SS राजामौली के 80 वर्षीय पिता ने बताया कि 2 महीने में उन्होंने कहानी लिख दी, जिससे मोहन भागवत खुश भी थे। ‘मगधीरा (2009)’, बाहुबली सीरीज (2015, 2017), राउडी राठौड़ (2012), ‘बजरंगी भाईजान (2015)’ ‘मणिकर्णिका (2019)’ और ‘RRR (2022)’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म लिख चुके वरिष्ठ लेखक ने कहा कि RSS ने सिर्फ एक गलती की और वो ये है कि लोगों को अपने काम के बारे में नहीं बताया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास के बाद लोग गर्व से इसकी महानता की चर्चा करेंगे।

Amazon पर बिक रही थी राधा-कृष्ण की अश्लील पेंटिंग, दोनों को दिखाया नग्न: विरोध के बाद चुपचाप हटाया, लोग बोले – माफ़ी माँगो

भगवान श्रीकृष्ण और राधे रानी की अश्लील पेंटिंग बेचने वाला Amazon बॉयकॉट ट्रेंड के बाद बैकफुट पर आ गया है और उसने उस पेंटिंग को हटा दिया गया है। हालाँकि, इसके बाद भी लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। ‘हिन्दू जाग्रति ऑर्गेनाइजेशन’ ने इसे हिन्दुओं की जीत करार दिया है। Amazon ने विरोध के बाद भले ही चुपचाप इसे हटा दिया हो, लेकिन कंपनी की तरफ से अब तक इस पर किसी प्रकार की माफ़ी नहीं माँगी गई है।

इस सम्बन्ध में ‘हिन्दू जनजागृति समिति’ ने कार्रवाई की माँग की है, जिसके बाद लोगों ने भी Amazon के विरोध में ट्वीट्स किए। संगठन ने बेंगलुरु के सुब्रमण्या नगर पुलिस थाने में ऑनलाइन रिटेल जायंट के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है। मेमोरेंडम में कार्रवाई की माँग की गई है। इस पेंटिंग को ‘Exotic India’ की वेबसाइट पर भी बेचा जा रहा था। अजीब बात ये है कि ये ‘जन्माष्टमी सेल’ के तहत बेचा जा रहा था। Amazon पर इसे बेंगलुरु का ‘Inkologie’ नामक विक्रेता बेच रहा था।

विरोध के बाद Amazon और ‘Exotic India’, दोनों ने ही इस पेंटिंग को साइट पर से हटा दिया गया है। लोगों ने Amazon के विरोध में हैशटैग भी चलाया। ‘Exotic India Art’ ने अपने बयान में कहा, “ये हमारे संज्ञान में लाया गया है कि एक आपत्तिजनक तस्वीर को हमारी वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। हमने तुरंत ही इसे हटा दिया है। हम गंभीरता से माफ़ी माँगते हैं। कृपया हमारा बॉयकॉट न करें। हरे कृष्णा!”

हिन्दू संगठन ने इसके लिए संस्था का धन्यवाद देते हुए कहा है कि उसने तुरंत कार्रवाई की। साथ ही सलाह दी कि साइट पर उपलब्ध ऐसे अन्य आइटम्स को भी हटाया जाए और अच्छे से जाँच की जाए। जिस पेंटिंग को लेकर विवाद हुआ है, उसमें भगवान श्रीकृष्ण और राधे रानी को नग्न और आपत्तिजनक अवस्था में दिखाया गया है। हिन्दुओं ने कहा कि पूर्ण रूप से बहिष्कार ही इसका उपाय है, क्योंकि जब तक आर्थिक मार नहीं पड़ेगी तब तक हिन्दू विरोधी कंटेंट्स वाले नहीं सुधरेंगे।

‘लाल सिंह चड्ढा’ को ₹100 करोड़ का चूना, करीना कपूर चली ‘गीत’ को भुनाने: कहा- मेरी एक्टिंग से पैंट की ब्रिकी बढ़ी, रेलवे का रेवेन्यू भी बढ़ा

लाल सिंह चड्ढा फिल्म के फ्लॉप होने के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर अपने एक बयान के चलते चर्चा में आई हैं। उन्होंने अपने ‘जब वी मेट’ वाले किरदार को याद दिलाते हुए कहा है कि उनके गीत कैरेक्टर के कारण ‘हरेम पैंट्स’ और ‘भारतीय रेलवे’ को बहुत फायदा हुआ था।

उन्होंने ‘केस तो बनता है’ के एपिसोड में मजाकिया लहजे में कहा, “वैसे मेरे गीत का रोल प्ले करने के बाद हरेम पैंट की बिक्री और भारतीय रेलवे का राजस्व, दोनों बढ़ गए थे।”

एपिसोड में वकील के किरदार में नजर आने वाले वरुण शर्मा ने जब करीना से कहा कि वो अपनी कोर्ट अप्वाइंटमेंट्स को गंभीरता से लें, तो इस पर करीना ने कहा, “अब तू सिखाएगा मुझे, सिखड़ी हूँ मैं भटिंडा की, सब आता है मुझे, ट्रेन पकड़ने से लेकर केस जीतने तक।”

जब वी मेट में करीना और ट्रेन का रोल

बता दें कि करीना कपूर ने जिस फिल्म को लेकर अपनी तारीफें की हैं, वो जब वी मेट साल 2007 में रिलीज हुई थी। इसका निर्देशन इम्तियाज अली ने किया था। इसमें करीना कपूर ने एक सिख लड़की ‘गीत’ का किरदार निभाया था।

गीत फिल्म में बेहद बातूनी लड़की दिखाई गई थी। जो चलती ट्रेन में किसी अंजान आदित्य कश्यप (शाहिद कपूर) से जी भर के बात कर लेती है और आधी रात में जब उठती है तो उसको वहाँ न देख ट्रेन छोड़ देती है। इस तरह फिल्म की कहानी ट्रेन से शुरू होती है।

साल 2007 में शाहिद-करीना की यह फिल्म वाकई सुपरहिट गई थी। मगर, इसकी वजह से भारतीय रेलवे को राजस्व में कोई फायदा नहीं मिला था, ये बात आँकड़ों के ग्राफ से स्पष्ट होती है। देख सकते हैं कि 2007-2008 के बीच ग्राफ में कोई अलग बढ़त नहीं है।

भारतीय रेलवे का साल दर साल राजस्व (स्रोत: स्टेटिस्टा)

अब नहीं रहा करीना कपूर का जादू, लाल सिंह चड्ढा सुपर फ्लॉप

गौरतलब है कि एक समय में करीना कपूर को दर्शक उनके रोल्स के कारण काफी पसंद करते थे। लेकिन, लोगों में अब उनके लिए वैसा क्रेज नहीं है। हाल में रिलीज ‘लाल सिंह चड्ढा’ ने ये बात साफ कर दी। करीना कपूर के पुराने बयानों को देखने के बाद यूजर्स ने उन्हें ‘बॉयकॉट’ किया और लाल सिंह चड्ढा एक बिग फ्लॉप साबित हुई। करीना ने इस बीच लोगों से कहा भी कि वो चाहती है कि लोग उनकी फिल्म को देखें, हालाँकि उनकी अपील का कोई असर सिनेमाघरों में नहीं दिखा। नतीजन 180 करोड़ रुपए में बनी फिल्म को लेकर अंदाजा है कि ये मात्र 60-70 करोड़ रुपए की कमाई के बाद सिमट जाएगी।

पहले निर्दलीय मुख्यमंत्री देखा, अब ‘भाभीजी CM’ देखेगा झारखंड? खनन लीज मामले में EC के फैसले पर नजरें, हेमंत सोरेन की सदस्यता को खतरा

झारखंड में राजनीतिक समीकरण बदलते दिख रहे हैं। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी विधानसभा की सदस्यता जाती देख पत्नी को मुख्यमंत्री बनाने की की तैयारी कर रहे हैं। यह दावा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने किया है।

गोड्डा से भाजपा सांसद दुबे ने ट्वीट कर कहा, “झारखंड में भाभी जी के ताजपोशी की तैयारी, परिवारवादी पार्टी का बेहतरीन नुस्ख़ा गरीब के लिए।” उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन (Kalpna Soren) की ओर इशारा किया।

अपने एक अन्य ट्वीट में निशिकांत दुबे ने कहा था, “झारखंड मुक्ति मोर्चा और कॉन्ग्रेस दिल्ली-राँची क्यों दौड़ लगा रही है? हमने बोला बरहेट, दुमका में उपचुनाव होगा तो हमें काँके भेज रहे थे। अब तो विधानसभा अध्यक्ष को कनाडा जाने से रोक दिया गया। इस्तीफा ही विकल्प है, इसलिए दे दीजिए।”

इसके पहले दुबे ने भाजपा कार्यकर्ताओं को विधानसभा उपचुनाव के लिए तैयार रहने को कहकर राज्य की राजनीति गर्मा दी थी। उन्होंने कहा था कि बरहेट से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दुमका से उनके भाई बसंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता जा सकती है। उन्होंने दावा किया था कि सीएम सोरेन अगस्त बीता लें तो बड़ी बात होगी।

बता दें कि खनन लीज मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी को लेकर चुनाव आयोग का फैसला आने वाला है। सोरेन पर विभागीय मंत्री होते हुए अपने नाम से खनन लीज लेने का आरोप है। मामला राज्यपाल कार्यालय से होते हुए चुनाव आयोग तक पहुँचा और आयोग ने इस पर कई दिनों तक सुनवाई की। 

इसके साथ ही हाल ही में कॉन्ग्रेस के तीन विधायक 48 लाख रुपए की नकदी के साथ पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पकड़ाए थे। इसके बाद से उन्हें पार्टी में टूट का डर सताने लगा है। इस घटना के बाद से दोनों पार्टियाँ अलर्ट मोड में हैं।

इसको देखते हुए हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कॉन्ग्रेस (Congress) वाली गठबंधन सरकार में मंथन चल रहा है। इसको लेकर शनिवार (20 अगस्त 2022) को 11 बजे महत्वपूर्ण बैठक भी थी, जिसका विवरण सामने आना अभी बाकी है। महागठबंधन के दलों ने अपने-अपने विधायकों को राँची में ही रहने के लिए कहा है।

लालू यादव के रास्ते पर चल सकते हैं सोरेन

अगर चुनाव आयोग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके भाई बसंत सोरेन के खिलाफ फैसला देेता है और वर्तमान सरकार के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि लालू यादव की तर्ज पर हेमंत सोरेन अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो कल्‍पना सोरेन झारखंड की पहली महिला मुख्‍यमंत्री होंगी।

साल 1997 में चारा घोटाले में जेल जाने से पहले बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव ने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सीएम की कुर्सी सौंप दी थी। विश्लेषकों का मानना है कि JMM प्रमुख शिबू सोरेन (Shibu Soren) के नाम पर सहमति बन सकती है, लेकिन उनके खिलाफ भी दिल्ली लोकपाल में 25 अगस्त को सुनवाई होने वाली है।

कुछ विश्लेषक हेमंत सोरेन की माँ रूपी सोरेन और जामा से विधायक हेमंत की भाभी सरिता सोरेन के नाम को लेकर भी चर्चा हो सकती है। महागठबंधन की बैठक में राजनीति के अगले के कदम के बारे में महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है।