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संन्यासी विद्रोह पर SS राजामौली के चेले की फिल्म ‘1770’, पिता की कलम से पर्दे पर उतरेगा ‘आनंदमठ’: साधु-संतों ने अंग्रेजों को चटा दी थी धूल

बॉलीवुड के पास उम्दा कहानी न होने के कारण एक के बाद एक फिल्मों की दुर्गति हो रही है। वहीं दक्षिण सिनेमा एक से बढ़कर एक फिल्में बना रहा है। हाल में फिल्म ‘1770’ का मोशन पोस्टर रिलीज किया गया। सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर खासा क्रेज देखा जा रहा है। यह फिल्म बंकिम चंद्र चटर्जी के बांग्ला उपन्यास ‘आनंदमठ’ पर आधारित है। ‘आनंदमठ’ की कथा काल्पनिक नहीं है, बल्कि ये भारत के अब तक हिन्दू बने रहने के संघर्ष की कहानी है। ‘1770’ फिल्म के मोशन पोस्टर पर लिखा है- ‘Celebrating 150 years of Vande Matram!’

इसके बाद से हर कोई ‘आनंदमठ’ के बारे में जानने को इच्छुक है। बंकिम चंद्र चटर्जी का बंगाली उपन्यास ‘आनंदमठ’ 1882 में प्रकाशित हुआ था। उपन्यास में बताया गया है कि हिंदुओं, खासकर संन्यासियों ने कैसे अंग्रेजों से लोहा लिया था। ‘आनंदमठ’ वही है, जिससे आजादी की चिंगारी उठी थी। ‘वंदे मातरम’ गीत से भारतीयों की रगो में खून उबलने लगता था। इसी ने भारतवासियों को विद्रोह करना सिखाया।

क्या है संन्यासी विद्रोह

फिल्म ‘1770’, संन्यासी विद्रोह पर आधारित है। संन्यासी विद्रोह बंगाल में हुआ था। यह विद्रोह 1770 में पड़े भीषण अकाल, संन्यासियों पर लगे प्रतिबंध और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ था। इसमें किसानों, फकीरों और शोषित लोगों ने संन्यासियों का साथ दिया था। संन्यासी विद्रोह भारत की आजादी के लिए बंगाल में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध किया गया एक प्रबल विद्रोह था। यह विद्रोह 1770 में प्रारंभ हुआ और दूसरे दशक 1820 तक चलता रहा।

संन्यासी विद्रोह का मुख्य कारण अंग्रेजों का भारत में तीर्थ यात्रा पर प्रतिबंध लगाना बताया जाता है। इसकी वजह से हिंदुओं, नागा साधुओं और शांत संन्यासियों को विद्रोह करना पड़ा था। किसानों, फकीरों ने भी इस विद्रोह में बढ़-चढकर हिस्सा लिया और संन्यासियों की मदद की। इन संन्यासियों में अधिकतर आदि शंकराचार्य के अनुयायी थे। बंगाल में अंग्रेजों की दमकारी नीतियों और शोषण से वहाँ के जमींदार, फकीर, किसान और शिल्पकार काफी परेशान और आक्रोशित थे।

इन सबने संन्यासियों के साथ मिलकर अंग्रेजों को नाकों चने चबवा दिए थे। संन्यासी और फकीर वहाँ घूम-घूमकर अमीरों और बड़े सरकारी अफसरों के घरों को लूट लेते थे। वे लूटे हुए पैसों से गरीब लोगों की मदद कर दिया करते थे। संन्यासी विद्रोह का नेतृत्व पंडित भबानी चरण पाठक ने किया था।

सबसे खास बात यह है कि फिल्ममेकर एस एस राजामौली के पिता और मशहूर लेखकों में शुमार वी विजयेंद्र प्रसाद ‘1770’ की स्क्रिप्ट लिख रहे हैं। इससे पहले वह तीन सुपरहिट फिल्मों ‘बाहुबली-द बिगनिंग’, ‘बाहुबली- द कन्क्लूजन’ और आरआरआर का भी स्क्रीनप्ले लिख चुके हैं। यही नहीं उन्होंने जिस भी बॉलीवुड फिल्म की कहानी लिखी है, वह सुपरहिट साबित हुई है। बजरंगी भाईजान, राउडी राठौर, थलाइवी और मणिकर्णिका की कहानी भी वी विजयेंद्र प्रसाद ने ही लिखी है।

‘1770’ को एसएस राजामौली के असिस्टेंट रह चुके अश्विन गंगाराजू डायरेक्ट कर रहे हैं। वह एसएस राजामौली को ‘मक्खी’ और ‘बाहुबली’ जैसी बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में असिस्ट कर चुके हैं। फिल्म की रिलीज से पहले ही इसे सुपरहिट माना जा रहा है। अधिकतर लोग संन्यासी विद्रोह के बारे में नहीं जानते होंगे। ऐसे में भारत के गौरवान्वित इतिहास से जुड़ी फिल्म बनाना काबिल-ए-तारीफ है। इससे देश का हर नौजवान भारतीय इतिहास और संन्यासियों के विद्रोह के बारे में जान सकेगा।

नफीस ने हिंदू युवती को मिलने के बहाने बुलाया, अगवा कर होटल में किया रेप: जान से मारने की धमकी दी, UP पुलिस ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से एक फिर लव जिहाद (Love Jihad) का मामला सामने आया है। प्रदेश के फतेहपुर जिले में नफीस नामक युवक ने हिंदू लड़की को फाँसकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। यूपी पुलिस आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बड़ागाँव के रहने वाले नफीस ने एक हिंदू लड़की को अपने प्रेमजाल में फँसा लिया। उसके बाद लड़की को फतेहपुर मिलने के लिए बुलाया और फिर उसे अगवा कर लिया। अगवा करने के बाद वह युवती को सदर कोतवाली क्षेत्र के सिटी कॉर्नर होटल में ले गया और वहाँ उसके साथ बलात्कार किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपित नफीस अमेठी जिले के गौरीगंज थाना इलाके की रहने वाली एक 22 वर्षीय लड़की को अपने प्रेमजाल में फँसाकर 16 अगस्त की रात फतेहपुर बुलाया था। इसके बाद उसे होटल में ले जाकर रेप किया। लड़की ने जब इसका विरोध किया तो उसने जान से मारने की धमकी भी दी।

मामले का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने उस होटल में दबिश दी। चेकिंग के दौरान पीड़ित युवती पुलिस के सामने आई और अपने साथ हुई बर्बरता को साझा किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में लिया। उस पर IPC की धारा 366 और 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पहले भी हिंदू युवती के हुआ लव जिहाद और धर्म परिवर्तन

कुछ महीने पहले जिले से ही लव जिहाद का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया था। मिर्जा साबिर नाम का एक आरोपित 31 मार्च को गाजीपुर थाने के साखां गाँव से 18 वर्षीय एक हिंदू लड़की को भगा ले गया था। मिर्जा ने बांदा ले जाकर उस लड़की का एक मस्जिद में धर्म परिवर्तन करवा दिया था।

पीड़िता ने बताया था कि बांदा में धर्म परिवर्तन के बाद साबिर ने उसके साथ निकाह किया। निकाह के बाद उसने मेहर की रकम 10 हजार माँगी। इसके बाद युवती घर से रुपए लाने की बात कहकर किसी तरह वहाँ से भाग निकली।

घर पहुँचकर लड़की ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद लड़की के परिजन थाने पहुँचकर धर्म परिवर्तन और निकाह किए जाने की लिखित तहरीर थाने में दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।

कभी UP सरकार से अनुराग कश्यप को हर महीने मिलते थे ₹50000, योगी बने CM तो बंद हुआ बॉलीवुड वालों का पेंशन

बॉलीवुड के सितारे इन दिनों गर्दिश में हैं। कई बड़े बजट और बैनर की फिल्मों को बॉयकॉट का सामना करना पड़ रहा है। हाल में रिलीज हुई आमिर खान (Aamir Khan) की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddha) के बॉयकॉट का सीधा असर फिल्म के बिजनेस पर दिखा और यह फ्लॉप हो गई। आमिर ने न सिर्फ देश विरोधी बयान दिए थे, बल्कि PK फिल्म के जरिए हिंदुओं की आस्था का मजाक का भी उड़ाया था।

इसी तरह की मानसिकता वाले लोगों को कभी उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार प्रोत्साहित करती थी और उन्हें पेंशन देती थी। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी की सरकार में दर्जनों बॉलीवुड अभिनेता और निर्माता मासिक पेंशन का लाभ उठाते रहे। हालाँकि, योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने मुख्यमंत्री बनने के बाद इस पेंशन को बंद कर दिया।

योगी आदित्यनाथ ने पेंशन देने पर लगाई रोक

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो साल पहले दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि राज्य ने अब खैरात बाँटना बंद कर दिया है। जिन लोगों का पेंशन बंद किया गया था, उनमें फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) भी शामिल हैं।

एक सवाल के जवाब में सीएम योगी कहते हैं, “हमने खैरात बाँटने की व्यवस्था बंद कर दी है, फिर चाहे वो अनुराग कश्यप हों या कोई और। इन लोगों की आदतें खराब हो चुकी थीं। स्वाभाविक रूप से ये 23 करोड़ जनता का पैसा है। इस पैसे का उपयोग 23 करोड़ लोगों के ही ऊपर किया जाना चाहिए।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह इंटरव्यू 15.52 मिनट का है। इसमें अनुराग कश्यप से जुड़े सवाल पर सीएम योगी के जवाब को 11.40 से लेकर 15.52 मिनट के बीच सुना जा सकता है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी कहा हैं, “हम अपने यहाँ हर फील्ड से जुड़े हुए उन कर्मियों को, जो वास्तव में प्रेरणादायी कार्य कर सकें, उनके बारे में सोचेंगे। उत्तर प्रदेश के लिए काम करिए, देश के लिए काम करिए। अगर आप देश के विभाजन की मंशा रखने वाले तत्वों को प्रमोट करते हैं और शासन की सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं तो ये कतई नहीं चलेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “इन लोगों को गलतफहमी अपने दिल से निकाल देनी चाहिए। ये एक्सपोज हो जाएँगे। हमने ‘तानाजी’ फिल्म को इसलिए टैक्स-फ्री किया, क्योंकि वह प्रेरणादायी है। वहीं, विभाजन की मानसिकता के साथ जो इस प्रकार का कार्य करेंगे, उत्तर प्रदेश में उनके लिए कोई जगह नहीं होगी।”

बता दें कि विधानसभा चुनावों से एक साल पहले यानी साल 2016 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य में यश भारती सम्मान पुरस्कार (Yash Bharti Samman awardees) विजेताओं को 50,000 रुपए की मासिक पेंशन देने की घोषणा की थी। योजना के अनुसार, फरवरी 2017 तक 172 लाभार्थियों को पेंशन मिली।

मासिक पेंशन के अलावा पुरस्कार पाने वाले को 11 लाख रुपए, एक शॉल और एक प्रमाण पत्र मिला। साल 1994 में मुलायम सिंह यादव द्वारा शुरू किए गए यश भारती सम्मान को मायावती सरकार ने सत्ता में आने के बाद बंद कर दिया था।

हालाँकि, अखिलेश यादव ने इसे साल 2013 में फिर से शुरू कर दिया। अखिलेश सरकार ने अक्टूबर 2015 में घोषणा की कि इस सम्मान को पाने वाले लोगों को मासिक पेंशन भी दी जाएगी। इस सम्मान को पाने वाले लाभुकों ने फरवरी 2017 तक इस पेंशन का लाभ उठाया।

इस योजना का लाभ जिन्हें मिला, उनमें राज बब्बर, उनकी पत्नी नादिरा राज बब्बर, फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप, विशाल भारद्वाज और नवाजुद्दीन सिद्दीकी लाभान्वित शामिल थे। योगी आदित्यनाथ ने 21 अप्रैल 2017 को सांस्कृतिक विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान राज्य के सबसे बड़े यश भारती पुरस्कारों की जाँच के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा था कि पुरस्कार के मानदंडों की गहनता से समीक्षा की जाए। पुरस्कार सिर्फ काबिल लोगों को मिलना चाहिए।

जिस हमले के लिए राहुल गाँधी ने दिया था ‘क्षमादान’, उस दिन कॉन्ग्रेसियों ने ही वायनाड ऑफिस में फाड़ी थी महात्मा गाँधी की तस्वीरः PA सहित 4 गिरफ्तार

वायनाड के कालपेट्टा स्थित राहुल गाँधी के दफ्तर में महात्मा गाँधी की तस्वीर क्षतिग्रस्त करने के आरोप में पुलिस ने 4 कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। राहुल गाँधी केरल के वायनाड से ही सांसद हैं। यहाँ उनका दफ्तर भी है। कॉन्ग्रेस पार्टी का आरोप है कि उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि सत्ताधारी CPM के ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI)’ को बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

कॉन्ग्रेस नेताओं ने कहा कि 24 जून, 2022 को हुई इस घटना में SFI के लोग ही शामिल थे। कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया है कि उसके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करवा के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुश करना चाहते हैं। गिरफ्तार कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं में रतीश कुमार सांसद राहुल गाँधी का PA (पर्सनल असिस्टैंट) है। ऑफिस स्टाफ एसआर के अलावा नौशाद और केए मुजीब नाम के दो अन्य कार्यकर्ताओं को भी केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

हालाँकि, इस हमले के सम्बन्ध में कई SFI कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जंगल के 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाकों को ‘स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ)’ घोषित किया जाए, लेकिन SFI का आरोप था कि राहुल गाँधी इस दिशा में बतौर सांसद कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं और स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। इसी के विरोध में SFI ने राहुल गाँधी के दफ्तर तक मार्च निकाला था। हमले के बाद राहुल गाँधी ने अपने दफ्तर का दौरा भी किया था।

बाद में ये हिंसक हो गया था। सीएम विजयन ने कहा था कि महात्मा गाँधी की तस्वीर को जब क्षतिग्रस्त किया गया, तब तक पुलिस SFI कार्यकर्ताओं को वहाँ से हटा चुकी थी। इसीलिए, इस घटना में उन्होंने कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं का हाथ बताया था। केरल में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और कालपेट्टा से विधायक टी सिद्दीकी का कहना है कि पुलिस मुख्यमंत्री के इसी बयान को सही साबित करने के लिए मनगढंत सबूत पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस इसका विरोध करेगी। राहुल गाँधी ने इस हमले के बाद महात्मा गाँधी का उद्धरण देते हुए हमलवारों को माफ़ करने की बात कही थी।

‘हिसाब तुमको देना पड़ेगा… तुमको खत्म कर देंगेः आर्यन खान को पकड़ने वाले अफसर को धमकी, नवाब मलिक ने भी घेरा था

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) को सोशल मीडिया के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई है। उन्हें यह धमकी एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के बाद मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वानखेड़े की शिकायत पर मुंबई की गोरेगांव पुलिस ने नवाब मलिक (Nawab Malik) के खिलाफ आईपीसी की धारा 500, 501 और एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों मामलों के बीच कोई संबंध है या नहीं।

वानखेड़े को धमकी दिए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज कर गोरेगांव पुलिस जाँच कर रही है। बताया जा रहा है कि जिस ट्विटर अकाउंट से वानखेड़े को धमकी दी गई है, वह 14 अगस्त को ही बनाया गया है। इस अकाउंट के जीरो फ़ॉलोअर्स हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यह ट्विटर अकाउंट धमकी देने के ही मकसद से बनाया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमन नाम के इस ट्विटर अकाउंट से वानखेड़े को मैसेज कर कहा गया, “तुमको पता नहीं तुमने क्या किया है। इसका हिसाब तुमको देना पड़ेगा। हम तुमको खत्म कर देंगे।”

पिछले दिनों ही वानखेड़े को जन्म प्रमाण-पत्र मामले में राहत मिली है। जाँच पैनल ने कहा था कि वे जन्म से मुस्लिम नहीं हैं और उनका जाति प्रमाण-पत्र असली है। मलिक ने ही उन पर फर्जी प्रमाण-पत्र पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया था। वानखेड़े ने कहा था कि नवाब मलिक ने एक कैबिनेट मंत्री के रूप में जाति प्रमाण-पत्र का मुद्दा इसलिए उठाया, क्योंकि उनकी टीम ने मलिक के दामाद समीर खान को ड्रग मामले में गिरफ्तार किया था। समीर खान 2021 में जनवरी में गिरफ्तार हुए थे।

समीर वानखेड़े की जाति का मामला नवाब मलिक ने तब उठाया था, जब वे आर्यन खान ड्रग केस की जाँच में लगे हुए थे। मलिक ने कई तरह के आरोप लगाते हुए यह भी कहा था कि उन्हें समीर वानखेड़े को टारगेट नहीं करने के लिए लगातार धमकी मिल रही है। वानखेड़े ने भी उस समय यह आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि सिविल ड्रेस में कुछ लोग उनका लगातार पीछा कर रहे हैं।

बिहार में अब जमाई बाबू भी सरकार, तेजप्रताप की सरकारी बैठक में ‘MP पति’ के दिखने पर विवाद: नीतीश कुमार की ‘पलटी’ के खिलाफ हाई कोर्ट में PIL

बिहार की राजनीति में (Bihar Politics) बीते कुछ सप्ताह में बड़ा उठापटक देखने को मिला है। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की ओर से तब शुरू हुई, जब उन्होंने एनडीए (NDA) गठबंधन से अलग होकर महागठबंधन के साथ सरकार बना ली। इसके बाद से महागठबंधन की यह सरकार विवादों में है।

अब सीएम नीतीश कुमार की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। इस खतरे का कारण पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) में दायर की गई एक जनहित याचिका है। इस याचिका में नीतीश कुमार को सीएम पद से हटाने की माँग की गई है।

याचिका में कहा गया है राज्यपाल द्वारा नीतीश कुमार की मुख्यमंत्री पद पर पुनर्नियुक्ति पूरी तरह से असंवैधानिक है। नीतीश कुमार ने महागठबंधन के साथ सरकार बनाकर धोखाधड़ी का काम किया है। इसलिए इन्हें मुख्यमंत्री पद से हटा देना चाहिए।

यह याचिका समाजसेवी धर्मशीला देवी की तरफ से उनके वकील बरूण सिन्हा ने दायर की है। याचिका में आगे कहा गया है कि दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लिए नीतीश कुमार ने जो किया है वह संसदीय लोकतंत्र और संविधान के पूरी तरह खिलाफ है।

इसके अलावा इस याचिका में यह भी कहा गया है कि नीतीश कुमार का एनडीए से हटने के बाद महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाना धोखाधड़ी के साथ ही भारतीय संविधान की मूल विशेषता का उल्लंघन है।

इसमें कहा गया है कि राज्यपाल को अनुच्छेद 163 और 164 के अंतर्गत नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद के लिए फिर से नियुक्त नहीं करना चाहिए था। क्योंकि, नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद मेजॉरिटी कॉलेजन को छोड़कर माइनॉरिटी कॉलेजन के साथ सरकार बनाई है। भारतीय संविधान इसकी अनुमति नहीं देता।

जीजा को लिया साथ तो विवादों से घिरे तेज प्रताप यादव

उधर, नीतीश सरकार में पर्यावरण एवं वन मंत्री और लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने नियमों की धज्जियाँ उड़ाकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। तेज प्रताप मंत्रालय की एक बैठक में अपने जीजा को साथ लेकर पहुँच गए।

दरअसल, बिहार सरकार में तेज प्रताप यादव गुरुवार (18 अगस्त 2022) को बिहार प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के ऑफिस पहुँचे थे। वहाँ उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में उनके साथ उनके जीजा शैलेश कुमार भी नजर आए। इतना ही नहीं, शैलेश कुमार बैठक में अधिकारियों से बातचीत करते भी दिखाई दिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक का संचालन भी शैलेश कुमार ने ही किया।

बैठक की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। बैठक में तेज प्रताप के जीजा की मौजूदगी पर विपक्षी दल भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं। भाजपा ने पूछा कि प्रदूषण बोर्ड की मीटिंग में लालू यादव के बड़े दामाद क्या कर रहे थे? बता दें कि शैलेश कुमार लालू यादव के सबसे बड़े दामाद और मीसा भारती के पति हैं।

भाजपा ने उठाए सवाल

इस पर भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने व्यंग्य करते हुए ट्वीट किया, ”बिहार के वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री तेज प्रताप यादव को कोई हल्के में ना ले। हमारे भाई शैलेश जी भी साथ बैठे हैं। मेरा दावा है कि राजद के सभी मंत्रियों से शैलेश जी ज्यादा समझदार- ज्ञानी- टैलेंटेड जरूर हैं। शैलेश भाई का आशीर्वाद रहा तो तेज प्रताप सबसे बेस्ट मिनिस्टर साबित होंगे।”

निखिल आनंद ने कहा कि राजद (RJD) एक परिवार की पार्टी है और पारिवारिक हितों को रक्षा करना इस पार्टी का मूलमंत्र है। उन्होंने कहा कि राजद कितना भी जातिवाद कर ले, धार्मिक तुष्टिकरण कर ले, पारिवारिक हित साधना ही इसके केंद्र में है। 

‘10000 महिलाओं के साथ सोया हूँ’: विरोध करने पर रेप पीड़िता से पूर्व फुटबॉलर ने कहा था, आरोप – नंगा कर के 20 मिनट में 3 बार किया बलात्कार

मैनचेस्टर सिटी के पूर्व फुटबॉलर बेंजामिन मेंडी (Benjamin Mendy) पर चेस्टर क्राउन कोर्ट में कई महिलाओं का यौन शोषण व रेप करने के आरोप में सुनवाई चल रही है। गुरुवार (18 अगस्त, 2022) को इस मामले में सुनवाई के दौरान एक पीड़िता ने नया खुलासा किया। बेंजामिन मेंडी पर रेप का आरोप लगाने वाली एक पीड़िता ने बताया कि फुटबॉलर ने उससे कहा था कि वह 10,000 महिलाओं के साथ सो चुका है।

बेंजामिन पर साल 2018 से 2021 के बीच हुई घटनाओं को लेकर 7 महिलाओं ने केस दर्ज कराया है। इन 7 महिलाओं में से पहला केस दर्ज कराने वाली महिला ने गुरुवार को कोर्ट को बताया कि बेंजामिन ने उसका फोन ले लिया था, फिर उसे फँसाकर अपने बेडरूम में ले गया। आरोप है कि इसके बाद उसने दरवाजा बंद कर दिया और कहा कि वह वहाँ से बाहर नहीं निकल सकती। जब पीड़िता ने उससे फोन माँगा तो उसने कहा कि उसे फोन तभी वापस मिलेगा, जब वह अपने सारे कपड़े उतार देगी।

पीड़िता ने बताया कि वह अक्टूबर 2020 में मेंडी से एक बार में मिली थी। उसने बताया कि बार बंद होने के बाद वह और कुछ दोस्त मेंडी के घर गए। उसका घर पास में ही था। यहाँ पर पीड़िता स्नैपचैट का इस्तेमाल कर रही थी। यह देख मेंडी ने कहा था कि वह सोशल मीडिया पर उसके घर की तस्वीरें नहीं डाल सकती, क्योंकि लॉकडाउन तोड़ने वाली पार्टियों के लिए उस पर पहले ही जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बाद फुटबॉलर ने उसका फोन लिया और उसकी तस्वीरों को देखना शुरू कर दिया। जिसमें कुछ प्राइवेट तस्वीरें भी थी।

इसके बाद मेंडी ने फिंगरप्रिंट से अपने बेडरूम का दरवाजा खोला। इस समय पीड़िता का फोन मेंडी के हाथ में ही था। वह बार-बार उससे अपना फोन माँग रही थी। महिला अपना फोन वापस माँगते हुए मेंडी के बेडरूम में चली गई। महिला ने दावा किया बेडरूम में अंदर आने के बाद मेंडी ने कहा कि दरवाजा लॉक है और तुम अब कहीं नहीं जा सकती हो।

उसने फुटबॉलर से साफ कह दिया कि उसे उसमें कोई दिलचस्पी नहीं है, वह उसके साथ सेक्स नहीं करना चाहती है और जाना चाहती है। आरोप है कि इसके बाद मेंडी कहने लगा कि वह उसे नग्न देखना चाहता है, मगर पीड़िता ने मना कर दिया।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपित ने उसके सारे कपड़े उतार दिए और फिर उसे पीछे से पकड़ लिया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो मेंडी ने कहा, “ओह, तुम तो बहुत शर्मीली हो।” इस पर पीड़िता ने कहा, “नहीं, मैं शर्मीली नहीं हूँ। मैं तुम्हारे साथ सेक्स नहीं करना चाहती।” इस पर फुटबॉलर ने कहा, “इट्स फाइन। मैंने 10,000 महिलाओं के साथ सेक्स किया है। कोई बात नहीं।” रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 20 मिनट में मेंडी ने उसके साथ तीन बार बलात्कार किया। जब महिला ने जाने की बात कही तो उसने कहा कि अगर वह किसी को कुछ भी नहीं बताती है तो रोज रात को यहाँ पर आ सकती है।

गौरतलब है कि बेंजामिन पर 13 महिलाओं के साथ दुष्कर्म व यौन शोषण (4 रेप, 7 यौन उत्पीड़न और 2 के साथ दोनों) करने के आरोप लगे हैं। अभी जो केस चल रह रहा है वो साल 2018 से 2021 के बीच हुई घटनाओं को लेकर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें फुटबॉलर पर 7 महिलाओं ने केस दर्ज कराया है। पिछले दिनों यह बात भी सामने आई थी कि बेंजामिन मेंडी के 4.8 मिलियन पाउंड (45.41 करोड़ रुपए) के घर के अंदर कथित तौर पर कई महिलाओं का यौन शोषण किया था।

बताया गया कि मेंडी फिक्सर के जरिए अपने घर पर महिलाओं को सेक्स के लिए लाता था और उन्हें पैनिक रूम में बंद कर देता था। यहाँ वह उनके साथ बलात्कार की घटना को अंजाम देता था। इसके लिए वह दरवाजों पर अलग तरह के लॉक का इस्तेमाल किया करता था। हालाँकि, फुटबॉलर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।

‘कार खरीदी, गर्लफ्रेंड्स व सब्जी वालों का धन्यवाद’: व्यंग्य को सच समझ रवीश कुमार ने दी बधाई, जवाब मिला – मजाक है, वामपंथ की तरह

सोशल प्लेटफॉर्म LinkedIn पर एक व्यंग्य वाले पोस्ट को तथाकथित पत्रकार रवीश कुमार ने वास्तविक मान लिया। ये पोस्ट ‘The Placard Guy’ के नाम से मशहूर मधुर सिंह का था, जिस पर रवीश कुमार ने कमेंट किया। असल में उस पोस्ट में मधुर सिंह ने बताया है कि उन्होंने एक कार खरीदी है। लेकिन, इसके पीछे के ‘संघर्षों’ का विवरण करते हुए उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कुछ बातें लिखी हैं, जिन्हें रवीश कुमार ने सच मान लिया।

पोस्ट में मधुर सिंह ने लिखा, “मैं ये बताते हुए काफी रोमांचित हूँ कि मैंने ‘टाटा टियागो’ कार खरीदी है। मैंने पूरे पैसे देकर इसे लिया, लोन-इन्सटॉलमेंट का कोई झंझट नहीं। मैंने वर्षों रुपए बचाए, ताकि एक कार खरीद सकूँ। मैं दोस्तों के साथ पार्टी करने नहीं जाता था, न ही मैंने अपनी गर्लफ्रेंड्स या पत्नी के लिए कभी कोई महँगी गिफ्ट खरीदी। जब मेरी माँ मुझे सब्जी खरीदने भेजती थीं तो मैं सब्जी वाले को धनिया के पत्ते और हरी मिर्च मुफ्त में देने को बोलता था, ताकि कार के लिए मैं 10 रुपए बचा सकूँ।”

मधुर सिंह ने इसी पोस्ट में आगे लिखा है कि उन्होंने रातों को एक वॉचमैन के रूप में एक्स्ट्रा शिफ्ट काम किया। साथ ही बताया है कि उन्होंने कभी-कभी McDonalds पर काम किया, तो कभी UPSC की तैयारी करने वालों को पढ़ाया। मधुर सिंह ने लिखा कि अब इंतजार की घड़ी अंततः समाप्त हो गई है और उनकी मेहनत रंग लाई है। उन्होंने लिखा कि उनकी जमापूंजी का अंततः सदुपयोग हुआ है। इस दौरान उन्होंने अपने अभिभावकों के साथ-साथ अपने सभी पूर्व बॉस, एक्स व वर्तमान गर्लफ्रेंड्स और सब्जी वालों का भी समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

रवीश कुमार ने इस व्यंग्य भरे पोस्ट को सही मान लिया। इसके साथ एक तस्वीर भी लगी थी, जिसमें मधुर सिंह एक कार के आगे खड़े दिख रहे हैं। रवीश कुमार ने लिखा, “शानदार। बधाई। कितनी अच्छी बात है कि आप कार लेकर आए हैं, क़र्ज़ का भार नहीं।” इस पर मधुर सिंह ने उन्हें जवाब दिया, “अरे रवीश जी, मजाक है ये। एकदम वामपंथ की तरह।” साथ ही उन्होंने खुल कर हँसने वाली इमोजी भी डाली। इस पोस्ट पर खबर लिखे जाने तक 20,600 से अधिक रिएक्शंस एवं 1624 कमेंट्स आ चुके थे।

‘तेलंगाना के होटलों में शराब माफिया से डील करते थे सिसोदिया’: बोले BJP नेता- ‘तीसरा चोर भी जल्दी पकड़ा जाएगा’

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Delhi Deputy CM Manish Sisodia) के घर पड़ी सीबीआई रेड (CBI Raid) के बाद से भाजपा (BJP) दिल्ली सरकार और सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) पर हमलावर है। भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने मनीष सिसोदिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे तेलंगाना के होटलों में जाकर शराब माफियाओं से डील किया करते थे।

सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा, “शराब माफियाओं के तार तेलंगाना से भी जुड़े हुए हैं। इन्होंने वहाँ पर कौन-सा होटल बुक कराया था, कौन-सा सुइट बुक कराया था, कब-कब मनीष सिसोदिया गए, किस-किस रेस्टोरेंट में रात में जाकर डील करते थे, किन-किन लोगों से डील करते थे… इसमें एक-दो आदमी नहीं है। इसमें 10-15 प्राइवेट प्लेयर्स हैं। इसमें सरकारी लोग भी हैं और मनीष सिसोदिया खुद भी हैं।”

एक ट्वीट में सांसद ने लिखा, “8 साल में ना कोई नया अस्पताल बना, ना सिसोदिया ने कोई नया स्कूल बनाया। दसवीं के रिजल्ट में टॉप 10 रैंकिंग से भी दिल्ली बाहर रही। दिल्ली के टैक्सपेयर्स का पैसा कहाँ लगाया अरविंद जी? सत्येंद्र जैन ने तो बोल दिया है कि मेरी याददाश्त चली गयी है। क्या अब शिक्षामंत्री/शराबमंत्री भी यही कहेगा?”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में मनीष सिसोदिया के ट्वीट का पर जवाब देते हुए कहा, “इरादा लाखों बच्चों के लिए स्कूल नहीं, दिल्ली के लाखों युवाओं के भविष्य को खराब करने के लिए शराब माफियाओं से दलाली लेकर शराब की अवैध दुकान खोलना था। दिल्ली में शराब की दुकानों से घरेलू हिंसा बढ़ी आपके कारण। खराब रिजल्ट लाकर भी पैसे खिलाकर अखबारों में कैसे वाहवाही ली जाए ऐसे इरादे है।”

दरअसल, मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया है, “मुझे तुम्हारी साज़िशें तोड़ न सकेंगी। मैंने दिल्ली के लाखों बच्चों के लिए ये स्कूल बनाए हैं। लाखों बच्चों की ज़िंदगी में आई मुस्कान मेरी ताक़त है। तुम्हारा इरादा मुझे तोड़ने का है।”

कपिल मिश्रा और अनुराग ठाकुर ने भी ‘आप’ पर साधा निशाना

वहीं, भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने एक वीडियो के माध्यम से कहा, “सत्येंद्र जैन, मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल तीनों भ्रष्टाचार में जेल जाएँगे। दो के घोटाले पकड़े जा चुके हैं और तीसरा चोर भी बहुत जल्दी पकड़ा जाएगा।”

वहीं भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी ‘आप’ सरकार पर निशाना साधा और कहा, “भ्रष्टचारी जितना मर्जी ईमानदारी का चोला पहन ले, वह भ्रष्टाचारी ही रहता है। आम आदमी पार्टी का भ्रष्टाचार एक बार नहीं, कई बार सामने देखने को आया है। आज मुद्दा है शराब के ठेकों का और इसमें हुए भ्रष्टाचार का। इस विभाग के मंत्री हैं मनीष सिसोदिया जी।”

उन्होंने आगे कहा, “जिस दिन CBI को जाँच दी गई, उसी दिन शराब नीति को वापस लिया। अगर शराब नीति में कोई घोटाला नहीं था तो उसको वापस क्यों लिया? क्योंकि, शराब के ठेकों में दिल्ली में भयंकर भ्रष्टाचार हुआ। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की साँठगाँठ सामने आई। जनता को मूर्ख ना समझें।”

NYT के जिस ‘विज्ञापन’ पर सिसोदिया को दुनिया में बेस्ट बता रहे CM केजरीवाल, उसमें प्राइवेट स्कूल की तस्वीर होने का दावा

अरविंद केजरीवाल ‘न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT)’ में छपे अपने ‘विज्ञापन’ को लेकर खुद की पीठ थपथपाने में लगे हुए हैं। लेकिन, अब सामने आया है कि NYT के उस विज्ञापन में जिन बच्चों को दिल्ली के सरकारी स्कूलों का बताया गया है, वो तस्वीर एक प्राइवेट स्कूल की है। असल में पता चला है कि ये तस्वीर दिल्ली के मयूर विहार स्थित ‘मदर मेरी स्कूल’ के छात्र-छात्राओं की है। मनीष सिसोदिया के ठिकानों पर CBI की छापेमारी के बीच अब AAP सुप्रीमों विपक्ष का निशाना बन रहे हैं।

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने लिखा, “न्यूयॉर्क टाइम्स और ख़लीज़ टाइम्स में पैसे देकर ख़बर तो छपवा ली, पर झूठ और चोरी की आदत नहीं गई। ये फ़ोटो दिल्ली के सरकारी स्कूल की नहीं, बल्कि मयूर विहार के ‘मदर मैरी स्कूल’ के बच्चों की । केजरीवाल और सिसोदिया देश में भी झूठ बेच रहे हैं और विदेश में भी।” मनीष सिसोदिया पर रेड का अब AAP ये कहते हुए विरोध कर रही है कि अरविंद केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता को देख कर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घबरा गए हैं।

AAP के कई कार्यकर्ता और विधायक मनीष सिसोदिया के आवास के बाहर जमा हो गए। सीएम केजरीवाल का कहना है कि सारे आरोप झूठे हैं और CBI को निर्देश मिला है कि दिल्ली सरकार को परेशान किया जाए। उन्होंने दावा किया कि मनीष सिसोदिया को आज दुनिया का सबसे बेहतर शिक्षा मंत्री घोषित किया गया है। इसका आधार NYT और ‘खलीज टाइम्स’ में छपा वही विज्ञापन था, जिसे करण दीप सिंह नाम के रिपोर्टर ने लिखा है, जो पहले से ही भाजपा और पीएम मोदी का विरोध करता रहा है।

उधर अरविंद केजरीवाल ने कहा, ” जिस NYT के पहले पन्ने पर आने के लिए दुनिया के प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति बेचैन रहते हैं, वहाँ मनीष सिसोदिया की तस्वीर छपी। एक तरह से उन्हें दुनिया का सबसे अच्छा शिक्षा मंत्री बताया गया। सालों बाद भारत की सकारात्मक खबर छपी। कोरोना से सबसे ज़्यादा मौत की स्टोरी तो छपी थी। उनके घर CBI रेड मारने पहुँच गई। CBI को ऊपर से आदेश है इन्हें तंग करो। पहले भी कई छपेमारियाँ कर चुके, कुछ नहीं मिला। अभी भी कुछ नहीं मिलेगा। अड़चनें आएँगी, लेकिन काम नहीं रुकेगा।”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी मनीष सिसोदिया के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि मनीष सिसोदिया आज़ाद भारत के सबसे बेहतरीन शिक्षा मंत्री हैं और आज US के सबसे बड़े अख़बार NYT ने फ़्रंट पेज पर उनकी फ़ोटो छापी। उन्होंने कहा कि आज ही मोदी जी ने उनके घर CBI भेज दी, ऐसे भारत कैसे आगे बढ़ेगा? लोगों का कहना है कि NYT में छपी वो ‘खबर’ नहीं, बल्कि पैसे देकर छपवाया गया विज्ञापन है। इसे अरविंद केजरीवाल का हथकंडा बताया जा रहा है।