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जिसके घर से मिले कैश-गोल्ड-सेक्स टॉय, उसकी 31 LIC पॉलिसी के नॉमिनी भी पार्थ चटर्जी हीः अर्पिता मुखर्जी के साथ नजदीकियों का एक और पन्ना खुला

पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में लगातार खुलासे हो रहे हैं। ये खुलासे ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री रहे पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी के नजदीकी रिश्ते को भी बयाँ करते हैं। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि अर्पिता मुखर्जी की 31 एलआईसी पॉलिसी में नॉमिनी के तौर पर पार्थ चटर्जी का नाम दर्ज है।

SSC भर्ती घोटाले की ईडी जाँच में अब तक 50 करोड़ से अधिक कैश के साथ-साथ करोड़ों के जेवरात और प्रोपर्टी के पेपर मिले हैं। अर्पिता के घर से ईडी की टीम ने एलआईसी (LIC) की 31 पॉलिसी के पेपर जब्त किए हैं। ये सभी एलआईसी अर्पिता के नाम पर हैं। इनमें नॉमिनी की जगह पार्थ चटर्जी का नाम लिखा हुआ है। एलआईसी हो या फिर कोई और पॉलिसी आमतौर पर पॉलिसी होल्डर नॉमिनी में अपने परिवार के सदस्य मसलन माता-पिता अथवा पति-पत्नी का नाम देते हैं। ऐसे में पार्थ चटर्जी का नाम होना बताता है कि इनके बीच कितना ‘नजदीकी र‍िश्‍ता’ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीएमसी के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी ने अर्पिता मुखर्जी के साथ एलआईसी पॉलिसी के जरिए बड़ा निवेश कर रखा है। अर्पिता के घर से ईडी ने एडीएसआर बोलपुर (ADSR Bolpur) के कार्यालय में पंजीकृत दस्तावेज भी बरामद किए। इन दस्तावेजों में उल्लेख किया गया है कि दोनों 2012 से एक-दूसरे को जानते थे। पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी ने 1 जनवरी 2012 को एपीए यूटिलिटी सर्विसेज (APA utility services) के तहत पार्टनरशिप डीड की थी। एजेंसी ने कहा, “आरोपितों ने कुछ संपत्तियाँ कैश देकर भी खरीदी थीं। इन संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए धन का स्रोत पता लगाया जा रहा है।”

फोटो साभार: इंडिया टुडे

गौरतलब है कि पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी करोड़ों रुपए के एसएससी भर्ती घोटाले को लेकर ईडी की हिरासत में हैं। प्रवर्तन निदेशालय अर्पिता मुखर्जी के घरों पर छापेमारी कर अब तक 50 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश और 5 किलो सोना बरामद कर चुका है। उनके घर से सेक्स टॉय मिलने की भी खबरें सामने आई थी।

बीते दिनों बैसाखी बनर्जी ने बताया था कि पार्थ चटर्जी कई महिलाओं पर मेहरबान थे। उनके मोनालिसा दास के साथ भी रिश्ते थे। कथित तौर पर चार-पाँच लड़कियाँ पार्थ चटर्जी के आसपास हमेशा मँडराती रहतीं थी, जो उनका पसीना तक पोछती थीं।

हिटलर, तानाशाही, आरएसएस का आदमी… ED के कसते शिकंजे से बौखलाए राहुल गाँधी, कहा- मुझे सारी संस्थाएँ दो, मैं भी चुनाव जीतकर दिखा दूँगा

नेशनल हेराल्ड केस में कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार पर शिकंजा कसता जा रहा है। इसकी बौखलाहट भी पार्टी नेताओं पर स्पष्ट दिख रही है। इसी बौखलाहट में पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने दावा किया है कि देश में लोकतंत्र की मौत हो गई है। मोदी सरकार पर मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए दावा किया कि यदि सारी संस्थाएँ उन्हें भी दे दी जाए तो वे भी चुनाव जीत जाएँगे।

राहुल गाँधी ने शुक्रवार (5 अगस्त 2022) को मीडिया से बात करते हुए ये दावा किया। उन्होंने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस तब की है जब नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) लगातार कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार को कॉन्ग्रेस ने देशव्यापी प्रदर्शन का भी ऐलान कर रखा है। यह प्रदर्शन महँगाई, बेरोजगारी और खाद्य पदार्थों पर जीएसटी के खिलाफ है।

राहुल गाँधी ने कहा, “आज देश में सिर्फ चार लोगों की तानाशाही है। हम महँगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन हमें जेल में डाल दिया जाता है। हमें संसद में बहस नहीं करने दी जा रही।” इस दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जनता सामने आ रही है। मीडिया को भी हिम्मत दिखाना चाहिए। राहुल ने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि मीडिया हिम्मत नहीं दिखा रही है। 

राहुल गाँधी ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था और मीडिया के बल पर विपक्षी पार्टी खड़ी होती है। मगर आज देश के हर संस्थाओं में आरएसएस का एक व्यक्ति बैठा है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकर थी तो वह इन संस्थानों को कंट्रोल नहीं करती थी। आज हालात दूसरे हैं। जो सरकार के खिलाफ बोलता है उसके खिलाफ ईडी और आईटी लगा दी जाती है।

ईडी की पूछताछ के सवाल पर कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, “मैं सरकार के खिलाफ जितना बोलूँगा, मेरे खिलाफ उतनी अधिक कार्रवाई होंगे। जो धमकाता है वह डरता है। मैं महँगाई और बेरोजगारी के खिलाफ बोलना जारी रखूँगा।” उन्होंने कहा कि गाँधी परिवार विचारधारा के लिए लड़ती है। इस विचारधारा के देश में करोड़ों लोग हैं। इसलिए उनको निशाना बनाया जा रहा है। मोदी सरकार को झूठी बताते हुए उन्होंने कहा, “हिटलर भी चुनाव जीतकर आता था। मुझे भी सारी संस्थाएँ दे दें, मैं चुनाव जीतकर दिखाता हूँ।”

कॉन्ग्रेस का शुक्रवार का प्रदर्शन दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय से शुरू होना है। कॉन्ग्रेसी नेता यहाँ से राष्ट्रपति भवन की तरफ मार्च करेंगे।

इधर प्रदर्शन से पहले पुलिस ने जंतर-मंतर छोड़ कर पूरी दिल्ली में धारा 144 लागू कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने कॉन्ग्रस महासचिव केसी वेणुगोपाल को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि जंतर मंतर को छोड़कर पूरी नई दिल्ली इलाके में 144 धारा लागू है। लिहाजा किसी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर 144 धारा का उल्लंघन हुआ तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नई दिल्ली के डीसीपी ने 4 अगस्त को यह पत्र लिखा था।

इससे पहले राहुल गाँधी ने गुरुवार (4 अगस्त) को कहा था कि ईडी के जरिए नेशनल हेराल्ड की जाँच डराने वाली रणनीति का हिस्सा है। लेकिन वह डरने वाले नहीं हैं। राहुल गाँधी ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी से नहीं डरते हैं। उनको जो करना है, कर लें। वो सोचते हैं कि दबाव डालकर उन्हें चुप किया जा सकता है। लेकिन उन पर कुछ फर्क नहीं पड़ेगा। 

गौरतलब है कि पिछले दिनों ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘नेशनल हेराल्ड’ के मुख्यालय के एक हिस्से को सील कर दिया था। इस कार्रवाई से एक दिन पहले ED ने 11 जगहों पर छापेमारी की थी। उससे पहले राहुल और सोनिया गाँधी से एजेंसी ने पूछताछ की थी।

टेरर फंडिंग में शामिल था मुंबई का फल कारोबारी, दाऊद इब्राहिम के लिए भी वसूली: NIA ने छोटा शकील के जीजा को किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सलीम कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट को गिरफ्तार किया है। वह दाऊद इब्राहिम के खास छोटा शकील का जीजा है। सलीम की गिरफ्तारी 4 अगस्त 2022 (गुरुवार) को हुई। उस पर टेरर फंडिंग में शामिल होने, दाऊद इब्राहिम के लिए वसूली का आरोप है।

NIA ने प्रेस को जारी बयान में बताया है की एजेंसी ने आतंकी/आपराधिक गतिविधियों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए 3 फरवरी को FIR दर्ज की थी। इस मामले में यह तीसरी गिरफ्तारी है। अन्य दो की गिरफ्तारी 12 मई को हुई थी। बयान के मुताबिक सलीम डी गैंग का खास गुर्गा है। वह डी कंपनी की आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने, टेरर फंड जुटाने के लिए छोटा शकील के नाम पर प्रॉपर्टी डीलिंग और विवादों के निपटारे के नाम पर उगाही में सक्रिय था।

सलीम कुरैशी के संबंध जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैय्यबा और अल-कायदा से भी थे। उसने छोटा शकील के पैसों को जमीन और अन्य कारोबार में लगाया था। उसका दक्षिण मुंबई में फलों का व्यापर है। वो सेंट्रल मुंबई के अरब लेन में रहता है। साल 2006 में उसको दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था, जिसके बाद 2010 तक वो जेल में रहा।

इससे पहले 12 मई 2022 को NIA ने इसी गैंग से जुड़े 2 आरोपितों अबुबकर शेख उर्फ भाईजान और उसके भाई शब्बीर अबुबकर शेख को मुंबई के गोरेगाँव से गिरफ्तार किया था। इनके पास से NIA ने नकदी और हथियार सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी। इन सभी पर पाकिस्तान के इशारे पर भारत विरोधी गतिविधियों को संचालित करने का आरोप है। गौरतलब है कि 9 मई 2022 को NIA ने मुंबई के 24 ठिकानों पर छापेमारी की थी। आरोप है कि इन सभी के निशाने पर मुंबई ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य बड़े शहर भी थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में दंगे भड़काने की साजिश, हवाला, नशीले पदार्थों की तस्करी और नकली नोटों के काले कारोबार चलाने को लेकर दर्ज एक अन्य FIR में दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील ने भी नाम हैं। इसके लिए एक अलग दस्ता तैयार किया था।

‘उम्मीद है आप हमारे लिए भी अपनी पैंट उतारेंगे’: रणवीर सिंह को अब जानवरों के लिए नंगा होने का न्योता, पेटा के लिए पामेला एंडरसन ने उतारे थे कपड़े

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह (Ranveer Singh) को फिर से न्यूड फोटोशूट का ऑफर मिला है। पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल (PETA) ने अपने कैंपेन ‘ऑल एनिमल्स हैव द सेम पार्टस- ट्राई वीगन (Try Vegan)’ के लिए यह न्योता दिया है। इस संबंध में रणवीर सिंह को भेजी चिट्टी भी पेटा इंडिया ने अपने ट्विटर हैंडल पर साझा की है।

इस पत्र में अभिनेता से पेटा के इस कैंपेन के प्रति लोगों को जागरूक करने में मदद करने की गुजारिश की गई है। वीगन फूड के फायदे बताते हुए लेटर में उन सेलेब्स के नाम का भी जिक्र है जो इस कैंपेन से जुड़े हुए हैं। बताया गया है कि अनुष्का शर्मा, जोकिन फीनिक्स, कार्तिक आर्यन और नताली पोर्टमैन जैसी सेलिब्रिटीज वीगेन डाइट को फॉलो करते हैं।

पत्र में कहा गया है, “आपने पेपर मैगजीन के लिए जो फोटोशूट करवाया है, उसे हमने देखा है। उम्मीद है कि आप हमारे लिए भी अपनी पैंट उतारेंगे। जानवरों के प्रति लोगों में करुणा बढ़ाने के लिए क्या आप पेटा के लिए न्यूड फोटो शूट करवाना पसंद करेंगे।” फिलहाल इस ऑफर पर रणवीर सिंह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वैसे हॉलीवुड अभिनेत्री पामेला एंडरसन 2011 में पेटा के लिए न्यूड फोटोशूट करवा चुकी हैं।

2011 में पेटा के लिए पामेला एंडरसन द्वारा करवाया गया फोटो शूट

गौरतलब है कि बीते दिनों रणवीर के खिलाफ न्यूड फोटोशूट कराने के मामले में एक गैर-सरकारी संस्था ने मुंबई के चेम्बूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी। श्याम मंगाराम फाउंडेशन नाम के NGO ने अपनी शिकायत में लिखा था, ”हम पिछले 6 साल से बच्चों और विधवाओं के अच्छे भविष्य के लिए काम कर रहे हैं। पिछले हफ्ते हमने रणवीर सिंह की कई न्यूड फोटोज़ वायरल होते हुए देखीं। वो तस्वीरें जिस हिसाब से क्लिक की गईं उससे कोई भी महिला और पुरुष शर्मसार महसूस करेंगे।” इस शिकायत के आधार पर मुंबई के चेंबूर पुलिस स्टेशन में अभिनेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

वर्कफ्रंट की बात करें तो रणवीर सिंह रोहित शेट्टी की फिल्म ‘सर्कस’ और करण जौहर की फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में नजर आएँगे। ये दोनों फ़िल्में अगले साल सिनेमाघरों में दस्तक देगी। आखिरी बार रणवीर सिंह फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ में नजर आए थे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थी।

राजस्थान सरकार ने राजीव गाँधी युवा मित्र स्वयंसेवकों को ट्विटर और फेसबुक पर फेक एकाउंट्स खोलने का दिया निर्देश? लेटर वायरल होने के बाद अधिकारी निलंबित

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने एक सरकारी अधिकारी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब यह सामने आया कि उस अधिकारी ने राजीव गाँधी युवा मित्र वालंटियर को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी एकाउंट्स खोलने का निर्देश दिया था।

दरअसल, सवाई माधोपुर स्थित अर्थशास्त्र और सांख्यिकी कार्यालय के सहायक निदेशक सतीश सहरिया को उनके द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद निलंबित कर दिया गया है।

हालाँकि, राज्य के अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय द्वारा जारी निलंबन आदेश में कार्रवाई का कोई कारण नहीं बताया गया है। जबकि मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सहरिया को इसलिए निलंबित कर दिया गया था क्योंकि राज्य सरकार ने सोशल मीडिया पर फर्जी एकाउंट्स खोलने के उनके आदेश को गंभीरता से लिया था।

इससे पहले आज दिन में, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई लोगों अधिकारी द्वारा जारी आदेश को सोशल मीडिया पर शेयर किया था। जिसमें उन्होंने ऐसे आदेश के लिए राजस्थान सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार अपनी वाहवाही के लिए युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल रही है।

बता दें कि राजस्थान सरकार ने राज्य सरकार की उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ा कर बताने के लिए युवाओं को जोड़ने के लिए राजीव गाँधी युवा मित्र इंटर्नशिप नामक एक कार्यक्रम शुरू किया है। इसके लिए कॉन्ग्रेस की गहलोत सरकार ने राज्य में 2500 युवा मित्र और लगभग 50000 युवा मित्र स्वयंसेवकों को लगाया है, जो सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में लोगों को सूचित करने के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार करते हैं।

गौरतलब है कि राजस्थान के सवाई माधोपुर में अर्थशास्त्र और सांख्यिकी विभाग के अब निलंबित सहायक निदेशक द्वारा जारी आदेश में विभिन्न सरकारी अधिकारियों को अपने अधीन युवा मित्र स्वयंसेवकों को ट्विटर और फेसबुक पर फेक एकाउंट्स बनाने और उन एकाउंट्स को सक्रिय रूप से चलाने का निर्देश दिया गया है।

फेक एकाउंट्स खोलने के लिए जारी आदेश

यहाँ तक कि जिले के सभी ब्लॉक अधिकारियों और पंचायत समितियों को भी जारी आदेश में कहा गया है कि युवा मित्र स्वयंसेवकों के पास ट्विटर और फेसबुक अपने अकाउंट होने चाहिए, वहीं उन्हें दोनों प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट भी खोलना होगा।

आदेश में कहा गया है कि राजीव गाँधी युवा मित्र स्वयंसेवकों को ट्विटर पर 10 डमी एकाउंट्स खोलने हैं, लेकिन उन खातों में ‘युवा मित्र’ शब्द नहीं होना चाहिए। इसमें कहा गया है कि एक फोन नंबर का इस्तेमाल 10 डमी ट्विटर एकाउंट खोलने के लिए किया जा सकता है। उन्हें सभी डमी एकाउंट्स से सामग्री को ट्वीट और रीट्वीट करना आवश्यक है।

इसी तरह, प्रत्येक युवा मित्र के पास स्वयं के फेसबुक एकाउंट्स होने चाहिए, और उन्हें एक ही फोन नंबर का उपयोग करके 5 फर्जी एकाउंट्स खोलने होंगे। स्वयंसेवकों को कंटेंट पोस्ट और साझा करके सभी एकाउंट्स को सक्रिय रखना है।

अधिकारी के निलंबन का आदेश

फर्जी एकाउंट्स खोलने के निर्देश के साथ-साथ आदेश में यह भी कहा गया है कि युवा मित्र स्वयंसेवकों को तीन लिंक भेजे जाएँगे, और उन्हें हर दिन उन वेबसाइटों पर पोस्ट करनी होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि युवा मित्रों को अपने व्हाट्सएप स्टेटस के रूप में सीएम द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित तस्वीरों का उपयोग करना होगा।

आदेश में आगे कहा गया है कि युवा मित्रों को सरकारी छुट्टियों के अलावा कोई छुट्टी नहीं मिलेगी और उन्हें शनिवार को भी काम करना होगा। प्रखंड सांख्यिकी कार्यालय स्तर पर कार्यरत युवा मित्रों को माह में केवल एक दिन का अवकाश तथा किसी भी अतिरिक्त अवकाश के लिए जिला कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। उन्हें निर्धारित ड्रेस कोड में राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल होना भी आवश्यक बताया गया है।

वहीं इस पूरे मामले में यह बात भी सामने आई है कि जिस आदेश को जारी करने के लिए अधिकारी को निलंबित कर दिया गया था, वह आदेश संपादित किया गया था, और सतीश सहरिया ने स्वयंसेवकों को कभी भी फेक एकाउंट्स खोलने के लिए नहीं कहा। आदेश का एक और संस्करण ट्विटर पर कुछ लोगों द्वारा साझा किया गया था, जिसमें कहा गया था कि स्वयंसेवकों को 10 लोगों को ट्विटर खाते और 5 लोगों को फेसबुक खाते खोलने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया था। बाकी दोनों आदेशों में शेष सामग्री समान है।

हालाँकि, निलंबन की जानकारी देने वाली मीडिया रिपोर्टों में वायरल पत्र का इस्तेमाल किया गया जिसमें फर्जी एकाउंट्स बनाने के लिए कहा गया था। इसलिए, यह पता नहीं चल पा रहा है कि वास्तव में कौन सा संपादित किया गया है, लेकिन अधिकारी को बिना कोई कारण बताए फिलहाल के लिए निलंबित कर दिया गया है।

क्या गुजरात सरकार ने इस नवरात्रि में गरबा खेलने पर लगाया GST? कॉन्ग्रेस और ‘आप’ के दावों की जानें सच्चाई

विपक्षी कॉन्ग्रेस (Congress) और आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुजरात (Gujarat) के वडोदरा, सूरत और वलसाड जैसे शहरों में भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। वे 18% जीएसटी को वापस लेने की माँग कर रहे हैं। उनका दावा है कि राज्य सरकार ने नौ दिवसीय नवरात्रि में राज्य में आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों के प्रवेश पास पर ‘इस साल’ GST लगाया है।

वास्तव में इस साल के गरबा पर राज्य सरकार द्वारा पेश किया गया कोई भी ‘नया’ जीएसटी नहीं देखा गया है। किसी भी व्यावसायिक आयोजन के लिए 500 रुपए से अधिक कीमत वाले टिकटों पर हमेशा जीएसटी लागू किया गया है। दरअसल, जीएसटी लागू होने से पहले सर्विस टैक्स और वैट लागू करने की प्रथा थी। इसकी पुष्टि किए बिना कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर गरबा कर रहे हैं।

कॉन्ग्रेस के कथित वरिष्ठ नेता अमित चावड़ा के अनुसार, “गुजरात के लोग बहुत गुस्से में हैं। बीजेपी ने हिंदुओं के आशीर्वाद से सरकार बनाई है और अब सरकार गरबा पर टैक्स लगाकर पैसा कमाना चाहती है, जो एक हिंदू परंपरा है और गुजरात की पहचान और गौरव है। बीजेपी गरबा पर टैक्स लगाकर गुजरात की पहचान को खत्म करना चाहती है।”

आम आदमी पार्टी ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर माँग की है कि गरबा पर लगे जीएसटी को हटाया जाए, क्योंकि यह आस्था का अपमान है। प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया ने कहा कि गरबा गुजरात की परंपरा है, संस्कृति है और करोड़ों लोगों की आस्था गरबा से जुड़ी है। गुजरात गरबा को देवी का आशीर्वाद के रूप में मनाता है, लेकिन बीजेपी सरकार ने इस पर भी 18 फीसदी जीएसटी लगा दिया है।

कॉन्ग्रेस शासित राज्यों समेत सभी राज्यों में 2017 से है टैक्स: BJP का पलटवार

गुजरात के शिक्षा मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता जीतू वघानी ने प्रोपगेेंडा फैलाकर राज्य सरकार की प्रतिष्ठा धूमिल करने के लिए विपक्षी दलों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “व्यावसायिक गरबा कार्यक्रमों सहित किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रवेश पास पर जीएसटी 2017 से लागू है और कॉन्ग्रेस द्वारा शासित राज्यों सहित सभी राज्यों द्वारा अनुमोदित किया गया है।”

उन्होंने कहा, “विपक्ष की दिलचस्पी सिर्फ लोगों को भड़काने में है। यह विरोध राजनीति से प्रेरित है, क्योंकि 2017 से विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर जीएसटी है। केंद्र ने 2017 में इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की थी और हर राज्य ने इस तरह के कर पर सहमति व्यक्त की थी।”

उन्होंने आगे कहा, “यह अधिसूचना प्रत्येक राज्य की सहमति से जारी की गई थी। उसके बाद कॉन्ग्रेस शासित राज्यों समेत देश में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह जीएसटी प्रवेश शुल्क पर है। यह नया नहीं है। आवासीय समितियों द्वारा आयोजित गैर-व्यावसायिक गरबा कार्यक्रमों पर कोई टैक्स नहीं है।”

देश गुजरात के अनुसार, एक गुजराती दैनिक द्वारा पहली बार इस झूठी सूचना को प्रसारित करने के बाद गरबा प्रवेश पास पर जीएसटी लगाने का मुद्दे जोर पकड़ा। हालाँकि, विपक्षी दलों ने इस तथ्य को जाँचने की कोशिश नहीं की।

देश गुजरात

इसके बाद मेगा गरबा कार्यक्रमों के आयोजन के लिए लोकप्रिय वडोदरा स्थित एनजीओ यूनाइटेड वे ऑफ बड़ौदा ने अपनी वेबसाइट पर लागू जीएसटी दरों का उल्लेख किया। वेबसाइट के अनुसार, पुरुषों के लिए नौ दिन के पास की कीमत 4,838 रुपए होगी। इसमें 4,100 रुपए का प्रवेश शुल्क और 738 रुपए का 18 प्रतिशत जीएसटी शामिल है। वहीं, महिलाओं के लिए प्रवेश शुल्क 1,298 रुपए है, जिसमें 1,100 रुपए प्रवेश शुल्क और 198 रुपए जीएसटी है।

क्या है गरबा पर जीएसटी लागू होने के पीछे की सच्चाई?

सच्चाई ये है कि राज्य सरकार ने गरबा या ऐसे किसी आयोजन पर कोई नया जीएसटी नहीं लगाया है। जीएसटी के लागू होने से पहले से ही ऐसे आयोजनों के प्रवेश पास पर सेवा कर 15% की दर से लगाया जाता था। इसके लिए शर्त ये थी कि प्रति व्यक्ति टिकट की कीमत 500 रुपए से अधिक होनी चाहिए। सेवा कर के अलावा, इस तरह के आयोजन के लिए इस्तेमाल किए गए सामानों पर भी वैट लगाया जाता था।

ध्यान देने वाली बात ये है कि सरकार की ‘एक राष्ट्र, एक कर’ नीति के तहत जब 1 जुलाई 2017 को वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू हुआ तो इसमें 17 बड़े कर और केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए 13 उपकर जैसे वैट, चुंगी, लग्जरी टैक्स, परचेज टैक्स तथा सेंट्रल टैक्स जैसे कस्टम ड्यूटी, सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और सर्विस टैक्स शामिल हो गए।

गरबा या ऐसे किसी भी आयोजन के लिए प्रवेश टिकट पर 18% जीएसटी, यदि प्रवेश की कीमत प्रति व्यक्ति 500 ​​रुपये से अधिक है, 1 जनवरी 2018 से लागू है। उसके बाद से जस की तस बनी हुई है। (अधिसूचना संख्या 12/2017-सीटी (आर) दिनांक 28.06.2017, क्रमांक 81)।

बता दें कि जीएसटी केवल उन टिकटों पर लगाया जाता है, जिनकी कीमत पार्टी स्थलों, क्लबों और स्टेडियमों में आयोजित पेशेवर गरबा कार्यक्रमों के लिए 500 रुपये से अधिक है। गरबा आयोजित करने वाली और 500 से कम की टिकट जारी करने वाली आवासीय समितियों पर कर नहीं लगता है।

₹1400 करोड़ की 700 किलोग्राम नशीली दवा जब्त, मुंबई पुलिस ने एक महिला समेत पाँच तस्करों को किया गिरफ्तार

महाराष्ट्र की मुंबई पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पड़ोसी जिले पालघर में मादक पदार्थ मेफेड्रोन की बड़ी खेप का भंडाफोड़ किया है। बरामद ड्रग्स का मूल्य 1400 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। इस मामले में एक महिला सहित पाँच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

मुंबई पुलिस के अनुसार, मेपेड्रोन ड्रग्स का वजन लगभग 703 किलोग्राम है। यह खेप जिले के नालासोपारा इलाके से पकड़ी की गई। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने की। सेल के डीसीपी दत्ता नलवाडे ने पाँच आरोपितों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इनमें से चार की गिरफ्तारी मुंबई से हुई है, जबकि एक नालासोपारा से पकड़ा गया है।

गिरफ्तार होने वाले आरोपितों में एक 55 वर्षीय केमिस्ट भी है, जो इसका मुख्य आरोपित बताया जा रहा है। मुख्य आरोपित नासिक में मेफेड्रोन का उत्पादन करता था और उसे नालासोपारा के एक व्यावसायिक टेनमेंट को इसकी आपूर्ति करता था।

मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच के एंटी नारकोटिक्स सेल को मुखबिरों से सूचना मिली थी कि एक दवा फैक्ट्री में प्रतिबंधित दवा मेफेड्रोन बनाया जा रहा है। डीसीपी नलवाडे ने बताया कि यह खेप हाल के दिनों में मुंबई में पुलिस द्वारा पकड़ी गई नशीली दवाओं की बड़ी खेप में से एक है।

पुलिस के मुताबिक, मादक पदार्थ मामले की जाँच इस साल 29 मार्च को शुरू हुई थी, जब नारकोटिक्स सेल की वर्ली इकाई ने गोवंडी इलाके से 250 ग्राम मेफेड्रोन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया था। इस सिंडिकेट की तीन लेयर को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने तस्कर, आपूर्तिकर्ता और फिर एक वितरक को गिरफ्तार किया था।

29 मार्च को पहली गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस की नारकोटिक्स सेल ने बाद में गोवंडी से एक दवा आपूर्तिकर्ता को भी गिरफ्तार किया था। उसके पास से 2.76 किलोग्राम एमडी जब्त की थी। जाँच में दो और व्यक्तियों, एक पुरुष और एक महिला की संलिप्तता का पता चला था। दोनों इसे वितरित करने का काम करते थ। दोनों को 27 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया था।

मेफेड्रो को ‘म्याऊ म्याऊ’ (meow meow) या एमडी (MD) के रूप में भी जाना जाता है। एक सिंथेटिक पावडर है, जो उत्तेजक होता है। इसे नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अधिनियम (NDPS) के तहत प्रतिबंधित है। 

फ्लॉप होने के कगार पर ‘एक विलेन रिटर्न्स’, बजट निकाल पाना भी मुश्किल, साउथ की ‘विक्रांत रोणा’ ने कमाए 110 करोड़ से ज्यादा

शुक्रवार को ‘एक विलेन रिटर्न्स’ और ‘विक्रांत रोणा’ रिलीज हुई थी। जिसमें एक विलेन के मुकाबले ‘विक्रांत रोणा’ तो ठीक-ठाक कमाई करते हुए 100 करोड़ का आँकड़ा पार कर चुकी है। वहीं मल्टीस्टारर फिल्म ‘एक विलेन रिटर्न्स’ फ्लॉप होती नजर आ रही है। 2014 में आई ‘एक विलेन’ की सीक्वल ‘एक विलेन रिटर्न्‍स’ (Ek Villain Returns) बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुँह गिरी है।

जहाँ रविवार को अर्जुन कपूर, जॉन अब्राहम, दिशा पाटनी और तारा सुतारिया स्टारर इस फिल्‍म ने 9.02 करोड़ रुपए का कारोबार किया जबकि शुक्रवार को महज 7.05 करोड़ रुपएऔर शनिवार को 7.47 करोड़ रुपए का, तीसरे दिन 9.02 करोड़ और चौथे दिन 3.02 करोड़ का, पाँचवे दिन 2.70 करोड़ का और आज छँटवे दिन करीब 3 करोड़ का बिजनेस ही कर पाई है। फिल्म लगातार गिरती गई और पूरे सप्ताह में मात्र 32 करोड़ बटोर पाई है। जबकि शुरू के तीन दिनों का ही कुल कलेक्शन मिलाकर फिल्म ने 23.54 करोड़ का बिजनेस कर लिया था।

वहीं विक्रम रोणा ने 5 दिनों में ही ₹100 करोड़ का आँकड़ा पार कर लिया है, दुनिया भर में कुल मिलाकर कमाई ₹110 करोड़ है। विश्लेषकों का कहना है कि ब्रेक ईवन पॉइंट को जल्द पार करेगी फिल्म, क्योंकि दर्शकों द्वारा इसे खूब सराहा जा रहा है। वहीं बात करें हिंदी कलेक्शंस की तो हिंदी में भी आज ₹6 करोड़ के पार पहुँच गई है।

‘एक विलेन रिटर्स’ को किच्चा सुदीप की ‘विक्रांत रोणा’ से कम्पेयर करें तो ‘एक विलेन रिटर्स’ कमाई के मामले में कहीं पीछे नजर आ रही है। यहाँ तक कि मल्टीस्टारर फिल्म ‘एक विलेन रिटर्न्स’ लगभग फ्लॉप हो चुकी है। अर्जुन कपूर और जॉन अब्राहम जैसी बड़ी स्टारकास्ट होने के बाद भी इस फिल्म को दर्शक कम पसंद कर रहे हैं। वहीं शमशेरा तो इस साल की सबसे बड़ी डिजास्टर की कैटिगरी में चली गई है।

बता दें कि किच्चा सुदीप की विक्रांत रोणा को 2500 स्क्रीन पर रिलीज किया गया है तो वहीं एक विलेन रिटर्स को 2539 स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया है। वहीं कल मृणाल ठाकुर की पैन इंडिया फिल्म ‘सीता रामम’ रिलीज हो रही है।

CM योगी का समर्थन और बीजेपी को वोट करने की मुस्लिम महिला को सजा, शौहर नदीम ने भेजा तलाक का नोटिस

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक मुस्लिम महिला को सीएम योगी का समर्थन करना और बीजेपी को वोट देना भारी पड़ गया है। सजा के तौर महिला के शौहर ने उसे अपने वकील के माध्यम से तलाक का नोटिस भेज दिया है। वहीं महिला ने भी अपने पति और ससुरालजनों पर गम्भीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। यूपी पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर मुक़दमा दर्ज कर आरोपित पति नदीम को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित महिला ने जब इसकी शिकायत ट्विटर के माध्यम से CM योगी आदित्यनाथ से की, जिसके तुरन्त बाद ही दिल्ली से एक हिन्दू संगठन के अध्यक्ष ने मुरादाबाद पुलिस के अधिकारियों को ट्वीट करके पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की अपील की है। अब सदर कोतवाली पुलिस ने तलाक पीड़िता को बुलाकर शिकायत दर्ज करके मामले में कार्रवाई कर रही है।

पीड़िता ने बताया कि जब भी मुझे तलाक देने की बात कही जाती तो मैं कहती थी कि योगी जी मेरे साथ है। मैं उनको ही सपोर्ट करती हूँ और वोट भी मैने योगी जी को ही दिया था। इस बात से भी मेरी ननद बहुत नाराज थी। उसी नाराजगी की वजह से आज तलाक का नोटिस भेज दिया। मैं इंसाफ चाहती हूँ, मैंने ट्वीट किया था जिसमें प्रमोद तिवारी ने मेरी बहुत मदद की।

रिपोर्ट के अनुसार, तलाक पीड़िता महिला ने बताया, “उसका नाम सना इरम है। उसका निकाह 7 दिसम्बर 2019 को नदीम से हुई थी। शादी के छह महीने तक सब कुछ ठीक चला उसके बाद उसकी ननद का व्यवहार बहुत खराब रहा। मारपीट की जाने लगी। नन्द और नंदोई मुझे टॉर्चर करने लगे। मेरी ननद का नाम हदीजा बेगम है, वो मुझे तलाक की धमकी देने लगी। उसने कहा कि तुझे अपने भाई से तलाक दिलवा कर रहूँगी। खाने पीने में ताने देती थी, कहती थी पूरे घर का खर्चा मैं उठाती हूँ, जैसा मैं कहूँगी तू वैसे ही रहेगी।”

पीड़िता ने आगे बताया कि जब वह इसकी शिकायत अपने शौहर से करती थी तो वो मुझसे बर्दाश्त करने को कहते थे।

वहीं इस मामले में एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि थाना कोतवाली पर एक अभियोग पंजीकृत किया गया था, जिसमें महिला द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि उसके ससुरालीजन उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। उसका यह भी कहना था कि एक पार्टी विशेष को उसके द्वारा वोट देने के कारण उसके पति ने उससे तलाक ले लिया है। इसमें अभियोग पंजीकृत किया गया था। अभियुक्त नदीम की गिरफ्तारी की गई है। अब इस मामले में विवेचनात्मक कार्यवाही की जा रही है।

‘उस फिल्म के बाद अब तक 200 पुरुषों के साथ सो चुकी हूँ’: अभिनेत्री का खुलासा – ‘MILF वाले कैरेक्टर’ से असली सेक्स लाइफ भी बन गई ‘वाइल्ड’

अभिनेत्री जेनिफर कूलिज ने कहा है कि ‘American Pie’ फिल्म करने के बाद उन्होंने कम से कम 200 पुरुषों के साथ सेक्स किया। बता दें कि इस एडल्ट फिल्म सीरीज में उन्होंने एक माध्यम उम्र की महिला का किरदार निभाया था। उन्होंने बताया है कि इस किरदार को अदा करने के बाद वास्तविक जीवन में भी उनकी सेक्स लाइफ ‘वाइल्ड’ हो गई। उन्होंने कहा कि इसका पूरा श्रेय फिल्म में उनके ‘MILF वाले किरदार’ को जाता है।

उन्होंने बताया कि इस फिल्म को करने के बाद वो लगभग 200 पुरुषों के साथ सो चुकी हैं। अभिनेत्री जेनिफर कूलिज ‘Legally Blonde’ और ‘White Lotus’ नामक फिल्मों में काम करने के लिए भी जानी जाती हैं। 60 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा कि ‘American Pie’ से उन्हें सिर्फ लोकप्रियता ही नहीं, बल्कि संतुष्टि भी मिली। उन्होंने कहा, “इस फिल्म से मुझे काफी सेक्सुअल सक्रियता मिली और एक MILF के रूप में मुझे काफी कुछ करने को मिला।”

इसके बाद उन्हें कई अन्य फिल्मों में भी ऐसे ही किरदार अदा करने का मौका मिला। अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने जीवन में अच्छी चीजें चुनीं और अच्छे दोस्त बनाए। फ़िलहाल वो अपनी एक सीरीज की शूटिंग में व्यस्त हैं। ‘American Pie’ फिल्म में उनका कोई नाम भी नहीं था, लेकिन ‘Stiffler’s mom’ के रूप में उन्हें सिनेमा के दर्शकों के बीच लोकप्रियता मिली। ‘White Lotus’ में उनके किरदार के लिए उन्हें एमी अवॉर्ड्स का नॉमिनेशन भी मिला है।

उन्होंने कहा कि 90 के दशक के उनके ‘MILF वाले किरदार’ से उन्हें काफी फायदे हुए। बता दें कि ‘American Pie’ 1999 में आई थी। इस फिल्म सीरीज की कुल 4 फ़िल्में आईं। इसने अमेरिका में ‘सेक्स कॉमेडी’ वाला चलन शुरू किया। तब के युवाओं के बीच इसने कल्ट फॉलोविंग बनते हुए ‘पॉप कल्चर फेनोमेनन’ को स्थापित किया। 145 मिलियन में बनी फिल्म सीरीज ने दुनिया भर में 1 बिलियन डॉलर से भी अधिक की कमाई की।