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ED ने संजय राउत की पत्‍नी वर्षा को भेजा समन, ₹1034 करोड़ के पात्रा चॉल घोटाले में आमने-सामने बिठाकर होगी पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार (4 अगस्त, 2022) को शिवसेना सांसद संजय राउत की पत्नी वर्षा को पात्रा चॉल घोटाले में समन भेजा है। ED वर्षा राउत से उनके अकाउंट में आए धन के बारे में पूछताछ करेगा। अदालत द्वारा मामले में राउत की आठ अगस्त तक के लिए ईडी की रिमांड बढ़ाए जाने के कुछ घंटे बाद यह समन आया है। पात्रा चॉल घोटाला 1034 करोड़ रुपए से ज्यादा का बताया जाता है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ED ने वर्षा राउत के खाते में किए गए लेनदेन के सामने आने के बाद समन जारी किया गया है। अदालत में गुरुवार की सुनवाई के दौरान, ईडी ने कहा कि वर्षा राउत के खाते में असंबंधित व्यक्तियों से 1.08 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई थी। बता दें कि अप्रैल में ईडी ने इस जाँच के तहत वर्षा राउत और उनके दो सहयोगियों की 11.15 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था।

दरअसल, केंद्रीय एजेंसी ED ने उपनगर गोरेगाँव में पात्रा ‘चॉल’ के पुनर्विकास में आर्थिक अनियमितताओं को लेकर संजय राउत को रविवार को गिरफ्तार किया था। इस मामले में राउत के अलावा उनकी पत्नी व कुछ कथित साथी भी शामिल बताए जा रहे हैं।

बता दें कि इस मामले में ईडी ने संजय राउत को पहले ही अरेस्ट कर लिया है। जिसके बाद संजय राउत से कई राउंड की पूछताछ के बाद ईडी ने उनको अरेस्ट किया था। वहीं उनकी पत्नी वर्षा राउत की पात्रा चाल जमीन घोटाले में मिलीभगत सामने आई है। वहीं ईडी ने गुरुवार को बताया कि केस में कुछ और तथ्य जाँच के लिए एजेंसी को मिले हैं जिसके आधार पर अभी पूछताछ की आवश्यकता है। ईडी ने कोर्ट में कहा कि संजय राउत के बैंक अकाउंट में पहले 1 करोड़ 6 लाख रुपए के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली थी। इसके बाद दो और ट्रांजेक्शन (1.08 करोड़ रुपए और 1.15 करोड़ रुपए) का भी पता चला है।

ED ने कोर्ट को बताया कि संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के बैंक अकाउंट में बड़े ट्रांजेक्शन का पता चला है। इसके बारे में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। इसके साथ ही ईडी ने कोर्ट को बताया कि पात्रा चॉल घोटाला से जुड़े कई और लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजा गया है। उनके सामने संजय राउत को बिठाकर पूछताछ करनी है।

गौरतलब है कि भांडुप के एक स्कूल में शिक्षिका के नौकरी करने वाली वर्षा राउत की शादी संजय राउत के साथ साल 1993 में हुई थी। वर्षा राउत फिल्म निर्माण के कार्य से जुड़ी हुई हैं और उनकी हालिया फिल्म ‘ठाकरे’ थी। संजय और वर्षा राउत विदिता और पूर्वांशी नाम की दो बेटियों के माता-पिता हैं।

पात्रा चॉल जमीन घोटाला क्या है?

इस घोटाले की शुरुआत साल 2007 में हुई थी। तब, महाराष्ट्र हाउसिंग एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) की 47 एकड़ जमीन पर 672 किराएदार रहते थे। इन्हीं 672 किराएदारों के पुनर्वास के लिए पात्रा चॉल परियोजना के तहत चॉल के विकास का काम प्रवीण राउत की कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को सौंपा गया

कॉन्ट्रैक्ट में कहा गया था कि 47 एकड़ पर जो बिल्डिंग बनेगी उसके 672 फ्लैट चॉल के किराएदारों को देने होंगे और तीन हजार फ्लैट एमएचडीए को हैंडओवर करने होंगे। बाद में जो जमीन बचेगी उसे बेचने और विकसित करने के लिए भी अनुमति जरूरी होगी। अब चॉल विकास के कॉन्ट्रैक्ट में सब चीजें तय थीं। लेकिन घोटाले की शुरुआत तब हुई जब कंपनी ने न तो इस जगह का विकास किया और न किराएदारों को मकान दिए और न ही MHADA को फ्लैट हैंडओवर किए।

प्राइवेट कंपनी पर आरोप है कि उन्होंने 47 एकड़ जमीन पर गरीबों के लिए फ्लैट बनाने की बजाए उसे 9 अलग-अलग बिल्डरों को बेचा और खासा पैसा कमाया। जब म्हाडा को इसकी सूचना हुई तो उन्होंने 2018 में जाकर उनके विरुद्ध एफआईआर करवाई और केस अपराध विंग के पास गया। इसके बाद 2020 में प्रवीण राउत की गिरफ्तारी हुई और यही से शुरु हुआ संजय राउत का इस केस से कनेक्शन।

एजाज ने महिला का रेप किया, फिर नाबालिग बेटी का भी यौन शोषण: दोनों को बना दिया मुस्लिम, अश्लील वीडियो के सहारे ब्लैकमेल

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से धर्मांतरण का मामला सामने आया है। लखनऊ (Lucknow) के मलिहाबाद में किराने की दुकान चलाने वाली महिला के साथ पहले एजाज ने दुष्कर्म किया, फिर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। आरोप है कि एजाज महिला के गाँव का ही रहने वाला है, उसने उसकी नाबालिग बेटी के साथ भी छेड़छाड़ की। पीड़िता ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपित एजाज को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एजाज पीड़िता के घर के पास ही रहता है। वह उसकी दुकान पर सामान लेने आता था। एक दिन जब महिला का पति किसी काम से बाहर गया हुआ था। उस दिन मौका पाकर एजाज उसके घर में जबरदस्ती घुस गया। आरोपित ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने कहा, “मैंने तुम्हारा वीडियो बना लिया है, अगर किसी से कुछ कहा तो इसे वायरल कर दूँगा।” उसने पीड़िता का रेप (Rape) किया और वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल करते हुए उसके तीन लाख रुपए के गहने भी हड़प लिए।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसने उसकी बेटी का भी यौन शोषण किया। यही नहीं आरोपित ने फोन स्पीकर पर रखकर उसे (महिला) एक व्यक्ति से बात कराई और फिर कुछ शब्द पढ़वाने के बाद कहने लगा कि तुम्हारा धर्म परिवर्तन हो गया है। आरोपित ने धर्म परिवर्तन (Religious conversion) कराने के बाद उसका और उसकी बेटी का नाम भी बदल दिया था।

बताया जा रहा है कि एजाज लगातार पीड़िता की बेटी के साथ गलत हरकत करने लगा था। इससे तंग आकर उसने अपने पति को पूरी बात बताई। आरोप है कि पति के विरोध करने पर एजाज ने उसे तमंचा दिखाकर धमकाया, जिसके बाद महिला ने मलिहाबाद कोतवाली में एफआईआर कराई। इंस्पेक्टर मलिहाबाद सुभाष चन्द्र ने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार कर मामले की जाँच की जा रही है।

8 भाषाओं में गा सकती हैं गाना, कराटे में नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल: फ़रमानी नाज नहीं, अभलिप्सा पांडा हैं ‘हर-हर शंभू’ की असली गायिका

जिस भजन ‘हर-हर शंभू’ को गाकर मुस्लिम महिला फ़रमानी नाज़ (Farmani Naaz) इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर आईं, उस गाने का वास्तविक गायक सामने आई हैं। इस भजन की मूल गायिक अभिलिप्सा पांडा और जीतू शर्मा हैं। ये दोनों ओडिशा की रहने वाली हैं।

दोनों ने इस गाने को दो महीने पहले गाया था। हालाँकि, गाना तब चर्चा में आया जब फरमानी ने इसे गाया और कट्टरपंथियों ने इसको लेकर फतवे जारी किए। इसके साथ ही अभिलिप्सा भी चर्चा में आ गई हैं। अभिलिप्सा 8 अलग-अलग भाषाओं में गाना गा सकती हैं।

अभिलिप्सा एक प्रशिक्षित गायिका हैं और वह बचपन से ही इसका अभ्यास कर रही हैं। संगीत उन्हें विरासत में मिला है। अभिलिप्सा की माँ, पिता से लेकर दादा और नानी तक संगीत और कला की दुनिया के जाने-माने चेहरे रहे हैं।

अभिलिप्सा की माँ क्लासिकल और ओडिया डांस में माहिर हैं। एक साक्षात्कार में अभिलिप्सा ने बताया, “कला और संगीत मुझे विरासत में मिली है। मेरे पैरेंट्स और ग्रैंड पैरेंट्स संगीत से जुड़े हैं।” अभिलिप्सा पांडा ने बताया कि उनके दादा पश्चिमी ओडिशा के प्रसिद्ध कथाकार रहे हैं। इसके साथ ही उनके पिता भी कला की दुनिया से जुड़े हैं।

गायिका बनने के अपने सफर को लेकर अभिलिप्सा पांडा ने बताया कि उनकी नानी अक्सर मंत्र गाना उन्हें सिखाती थीं। इससे उन्हें सुर को समझने में मदद मिली और जब वह मंत्रों को सुरों में गाना शुरू की तब परिजनों ने उनकी कला को सराहा और उसे बढ़ावा दिया।

संगीत को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बताने वाली अभिलिप्सा कहती हैं कि जो बातें वो सामने या प्रत्यक्ष रूप से नहीं कह पाती हैं, उसे संगीत के माध्यम से वह कहने की कोशिश करती हैं। अभिलिप्सा बॉलीवुड की प्रसिद्ध गायिका सुनिधि चौहान को वर्तमान दौर की गायिकाओं में सबसे अधिक पसंद करती हैं।

अभिलिप्सा पांडा ने बताया कि वो 4 साल की उम्र से संगीत सीख रही हैं। पहले वो ओडिसी क्लासिकल संगीत सीखती थीं, लेकिन कुछ कारणों से उसे जारी नहीं रख पाईं। इसके बाद साल 2015 में उन्होंने एक इंस्टीट्यूट से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली।

संगीत के अलावा अभिलिप्सा पांडा डांसिंग और कराटे को भी बहुत पसंद करती हैं। कराटे में वह राष्ट्रीय स्तर की स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं और उनके पास ब्लैक बेल्ट है।

असम में ‘योगी मॉडल’: ‘जिहादी मदरसे’ पर चला CM सरमा सरकार का बुलडोजर, आतंकी संगठन अंसार अल-इस्लाम से मिला था सम्बन्ध

यूपी की योगी मॉडल पर चलते हुए आज असम में फिर ‘बुलडोजर’ चला। असम के मोरीगाँव जिले में आतंकी मुस्तफा उर्फ मुफ्ती मुस्तफा द्वारा संचालित जमीउल हुदा मदरसा को गुरुवार (4 अगस्त, 2022) को बुलडोजर से ढहा दिया गया। यह कार्रवाई प्रशासन ने डिजास्‍टर मैनेजमेंट एक्‍ट और यूएपीए एक्‍ट-43 के तहत की है। इस बीच, सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि हम राज्य में 800 सरकारी मदरसों को पहले ही बंद कर चुके हैं। हमारी सरकार हमेशा केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। असम इस्लामी कट्टरपंथियों का अड्डा बनता जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार आतंकी आरोपित मुफ्ती मुस्तफा अहमद द्वारा संचालित मदरसा कथित तौर पर 2018 में खोला गया था। बता दें कि अहमद को असम पुलिस ने मोरीगाँव जिले के मोरीबाड़ी पुलिस थाने के सहरिया गाँव से 28 जुलाई को बांग्लादेश स्थित आतंकी संगठन अंसार अल-इस्लाम के साथ संबंध रखने के मामले में गिरफ्तार किया था।

इससे पहले आज ही असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि राज्य ‘‘जिहादी गतिविधियों’ का अड्डा बन रहा है और पिछले कुछ महीनों में यहाँ बांग्लादेश स्थित आतंकवादी संगठन अंसारुल इस्लाम के पांच ‘मॉड्यूल’ का पर्दाफाश हुआ है। सरमा ने कहा, “अंसारुल इस्लाम से संबंधित छह बांग्लादेशी आतंकी, युवाओं को बरगलाने के लिए असम आए और उनमें से एक को इस साल मार्च में बारपेटा में पहले मॉड्यूल का पर्दाफाश होने के दौरान गिरफ्तार किया गया था।”

सीएम सरमा ने यह भी कहा कि यह बिना किसी संदेह के साबित हो गया है कि असम इस्लामी कट्टरपंथियों का अड्डा बनता जा रहा है। जब पाँच मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हैं तो पाँच अन्य बांग्लादेशी आतंकियों के ठिकाने का पता नहीं चलता है। आप गंभीरता की कल्पना कर सकते हैं।

असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि मार्च में अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) से जुड़े छह आतंकियों को राज्य के बारपेटा से गिरफ्तार किया गया था। इस गिरोह का सरगना अवैध तरीके से भारत में घुसा था। सीएम सरमा ने कहा,” राज्य में अब तक 800 सरकारी मदरसे बंद किए जा चुके हैं, लेकिन राज्य में कई कौमी मदरसे हैं। नागरिकों और अभिभावकों को इन मदरसों पर नजर रखनी चाहिए और वहाँ किस तरह के विषय पढ़ाए जाते हैं।”

गौरतलब है कि मुफ्ती मुस्तफा के आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े होने की जानकारी मिली थी इसके बाद ही उसे गिरफ्तार किया गया था। उसके कुछ और साथियों को भी असम पुलिस ने पकड़ा था। मुस्तफा मुफ्ती (AQIS) के अलावा बांग्लादेशी आतंकी संगठन ABT से भी जुड़ा है। मुस्तफा मदरसे से ही उस पर जिहादी गितिविधियाँ चलाने का आरोप है इसीलिए उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। मुस्तफा की गिरफ्तारी के बाद मदरसा सील किया गया था और अब उसे बुलडोजर से जमींदोंज कर दिया गया है।

‘हिन्दुओं पर थोपा जा रहा दूसरा मजहब’: मुहर्रम गेट हटाने के लिए धरने पर बैठे राजा भैया के बुजुर्ग पिता, हिन्दू संगठनों ने दिया समर्थन

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में मुहर्रम के लिए लगाए गए मस्जिद नुमा गेट को हटाने का मामले तूल पकड़ता जा रहा है। कुंडा से विधायक और राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह (Uday Pratap Singh) गेट हटाने की माँग को लेकर कुंडा तहसील परिसर में गुरुवार (4 अगस्त 2022) को धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि अब तक इस गेट को नहीं हटाया जाता है वह अपना धरना जारी रखेंगे।

वहीं, ‘अखिल भारतीय हिंदू महासभा’ ने भी राजा उदय प्रताप सिंह को अपना समर्थन दिया है। महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि ‘अखिल भारतीय हिंदू महासभा’ का पूरा समर्थन राजा उदय प्रताप सिंह को है और जल्द ही महासभा का प्रतिनिधिमंडल प्रतापगढ़ जाएगा। चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही है। अगर जिला प्रशासन इस तुष्टिकरण को बंद नहीं करता है, तो हिंदू महासभा सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करेगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उदय प्रताप बुधवार (4 जुलाई 2022) को भी रात भर धरने पर बैठे रहे। जिले के डीएम और एसपी के बहुत मनाने पर भी वह नहीं उठे। इस दौरान राजा भैया के पिता के साथ तमाम समर्थकों ने उनके साथ धरना दिया। धरने पर बैठे राजा उदय प्रताप का ब्लड प्रेशर डाउन होने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके भेजा गया, जाँच करने के बाद उन्हें दवाइयाँ दी गईं। करीब 2 घंटे के बाद तक डीएम और एसपी राजा उदय प्रताप को मनाते रहे, लाख कोशिशों के बाद भी जब वे नहीं माने तो ये जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गए।

अपनी माँग पर अडिग उदय प्रताप सिंह का कहना है कि हिंदूओं पर दूसरे धर्म को थोपा जा रहा है। हमने प्रशासन को इससे अवगत कराया था। उसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यही कारण है कि वह धरना देकर अपना विरोध जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक यह गेट नहीं हटेगा, तब तक धरना जारी रहेगा।

बता दें कि जिले के शेखपुर गाँव में सड़क पर बने गेट से प्रशासन और राजा उदय प्रताप विवाद शुरू हुआ है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी लगातार बातचीत के जरिए इस मामले को सुलझाने में लगे हैं। लेकिन यह मामला किसी भी तरह से सुलझता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है।

ED को मिला ‘नेशनल हेराल्ड’ केस का हवाला लिंक, कई फर्जी कंपनियों से लेनदेन: खड़गे के सामने YIL के दफ्तर की तलाशी

दिल्ली में ‘नेशनल हेराल्ड’ के मुख्यालय के एक हिस्से को ED द्वारा सील किए जाने के बाद ही कॉन्ग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक उपद्रव कर रही है। जाँच एजेंसी को इस मामले में हवाला लेनदेन के भी तार मिले हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे को ED ने ‘यंग इंडिया लिमिटेड’ के सील किए दफ्तर में समन किया, जहाँ उनकी मौजूदगी में तलाशी अभियान चलाया गया। कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिससे पता चलता है कि इस मामले में हवाला लेनदेन हुए।

कॉन्ग्रेस नेता खड़गे ने संसद की कार्यवाही के बीच समन मिलने पर सवाल खड़ा किया। हालाँकि, ED को जो सबूत मिले हैं उसमें कोलकाता के हवाला कारोबारी के साथ लेनदेन की बात भी पता चली है। ‘नेशनल हेराल्ड’ से जुड़ी संस्थाओं और तीसरे पक्षों के बीच इस तरह के अवैध लेनदेन हुए। वहीं राहुल गाँधी ने मीडिया के सामने ‘मैं नरेंद्र मोदी से नहीं डरता’ बयान देते हुए कहा कि उन्हें डरा-धमका कर चुप नहीं कराया जा सकता है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का मानसिक संतुलन हिल जाने का दावा किया। मल्लिकार्जुन खड़गे ही ‘यंग इंडिया लिमिटेड’ के प्रिंसिपल अधिकारी हैं, ऐसे में उनसे कुछ सवालों के जवाब और कागजात माँगे गए हैं। उनसे हस्ताक्षर भी लिए गए। तलाशी अभियान के बाद ED कोई बड़ी कार्रवाई भी कर सकती है। कोलकाता ही नहीं, बल्कि मुंबई के हवाला ऑपरेटर्स से लेनदेन के लिंक भी सामने आए हैं।

अब ED पूछताछ के दौरान सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी द्वारा दिए गए बयानों को सबूतों की कसौटी पर तौल रही है। AJL और YIL कंपनियों के सभी वित्तीय निर्णय दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा ले रहे थे, माँ-बेटे के इस दावे से ED संतुष्ट नहीं है। दोनों ने ये भी कहा कि इस पूरे मामले में उन्हें कोई वित्तीय फायदा नहीं हुआ। दोनों कंपनियों के सबसे बड़ी शेयरधारक गाँधी परिवार ही थी। AJL इस अख़बार को प्रकाशित करता था। हवाला मामले में फ़िलहाल 5 कंपनियाँ ED की रडार पर हैं, जिनके जरिए हवाला के रुपए YIL को मिले।

‘ड्रग्स देकर सेक्स किया, हमेशा बकते थे गालियाँ’: जॉनी डेप की 90 के दशक वाली गर्लफ्रेंड का खुलासा, अभिनेता को बताया हिंसक और शराबी

हॉलीवुड सुपरस्टार जॉनी डेप (Johnny Depp) अपनी एक्स वाइफ एम्बर हर्ड (Amber Heard) के साथ विवादों को लेकर काफी समय से सुर्खियों में हैं। अब इस केस से जुड़े 6000 से ज्यादा कोर्ट डॉक्यूमेंट सामने आए हैं, जिसमें कई सनसीखेज दावे किए गए हैं। एम्बर हर्ड के साथ जॉनी डेप के मानहानि के मुकदमे में अभिनेत्री और एलेन बार्किन (Johnny Depp’s ex-girlfriend Ellen Barkin) ने भी अपनी गवाही दी है।

जॉनी डेप की पूर्व प्रेमिका एलेन बार्किन ने दावा किया कि अभिनेता अक्सर नशे रहने वाले और उन्हें कंट्रोल करने वाला शख्स थे। उन्होंने बताया, “जॉनी अक्सर नशे में रहते थे और लोगों से ईर्ष्या (Jealous) करते थे, मुझे हमेशा पूछते थे कि तुम कहाँ जा रही हो? तुम किसके साथ जा रही हो? तुमने कल रात क्या किया?” उन्होंने ये भी दावा किया कि जॉनी ने उन पर उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया था।”

68 वर्षीय बार्किन ने इस बात पर सहमति जताई कि ‘पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन’ फिल्म का अभिनेता हैंडसम हो सकता है, लेकिन वह बात-बात पर गाली देने वाला शख्स भी है। वह 1990 के आसपास डेप से मिलीं और 10 साल तक उनके करीब रहीं। उन्होंने बताया, “जब डेप और मैंने पहली बार सेक्स किया, तब अभिनेता ने उन्हें Quaalude (एक प्रकार की नशीली दवा) दी थी।

6000 से ज्यादा कोर्ट डॉक्यूमेंट के मुताबिक, बार्किन ने बताया कि जब वे 90 के दशक में एक दूसरे को डेट कर रहे थे, तब डेप ने उन्हें एक क्वाल्यूड (Quaalude) दिया और उनसे पूछा कि क्या वो सेक्स करना चाहती हैं। एक्ट्रेस ने डेप को शराबी बताते हुए कहा कि वह हिंसक व्यवहार करता है। उन्होंने अपने वीडियो बयान में कहा कि डेप अपने नीचे काम करने वाले लोगों को अक्सर अपमानित करता था। उन्होंने बताया कि एक बार तो उसने अस्सिस्टेंट को ‘सूअर’ तक कह दिया था। नवंबर 2019 में बार्किन की गवाही की वीडियोग्राफी की गई और वर्जीनिया में फेयरफैक्स काउंटी सर्किट कोर्ट में मानहानि के मामले की सुनवाई कर रहे सात लोगों की जूरी ने सब कुछ देखा।

बीते दिनों इन डॉक्यूमेंट्स में अभिनेत्री एम्बर के वकीलों ने तरह-तरह के दावे किए हुए थे। एम्बर हर्ड (Amber Heard) के वकीलों ने जॉनी को इसमें नपुंसक बताया था। वकीलों ने दावा किया था कि जॉनी डेप इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile Dysfunction) से जूझ रहे हैं यानी वह नामर्द हैं और इसलिए ही वह एम्बर के साथ हिंसा करते थे। उनका कहना था कि वह इस बीमारी का इलाज करा रहे थे और उन्होंने सबूत के तौर पर इससे जुड़े कागजात भी कोर्ट में पेश किए थे।

गौरतलब है कि एक आर्टिकल को लेकर जॉनी डेप और एक्ट्रेस एम्बर हर्ड के बीच कानूनी लड़ी शुरू हुई थी। केस की शुरुआत में हर्ड के वकीलों ने कोर्ट को बताया गया था कि डेप नशीली दवाओं और शराब के नशे में उनकी मुव्वकिल का शारीरिक और यौन शोषण करते थे। इस दौरान वह ‘राक्षस’ बन जाते थे। वकील के अनुसार, 2015 में डेप ने हर्ड को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा था। इस दौरान उनको जमीन पर पटका। लात-घूँसों से मारा। उनके प्राइवेट पार्ट में शराब की बोतल घुसेड़ दी थी। आरोप है कि एक के बाद एक कई बोतलें उनके ऊपर फेंकी और फिर फर्श पर टूटे हुए बोतलों पर उन्हें घसीटा भी था।

8 अगस्त तक बढ़ाई गई संजय राऊत की कस्टडी, पात्रा चॉल मामले में किए गए थे गिरफ्तार: कोर्ट से बोले- ED ने बिना खिड़की वाले कमरे में रखा है

पात्रा चॉल जमीन घोटाले (Patra Chawl Land Scam) में गिरफ्तार किए गए शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राऊत (Shiv Sena MP sanjay Raut) की हिरासत को मुंबई की विशेष न्यायालय ने बढ़ा दिया है। राऊत अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में 8 अगस्त तक रहेंगे।

उधर संजय राऊत ने आरोप लगाया है कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी उन्हें ऐसे कमरे में रख रहे हैं, जिसमें खिड़की भी नहीं है। वहीं, ED का कहना है कि कमरे में एयर कंडीशनर (AC) लगा हुआ है। इसलिए उसमें खिड़की नहीं है।

गुरुवार (4 अगस्त 2022) को कोर्ट में पेशी के दौरान शिवसेना नेता ने कहा कि उन्हें एक ऐसे कमरे में रखा गया है, जिसमें न तो खिड़की है और न ही हवा-रौशनी आने का कोई माध्यम है। इसके बाद कोर्ट ने ED से स्पष्टीकरण माँगा।

वहीं, लोक अभियोजक ने कहा कि कमरे में खिड़की इसलिए नहीं है, क्योंकि इसमें एक एयर कंडीशनर है। इस पर संजय राऊत ने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या के कारण एयर कंडीशनर का उपयोग नहीं करना है। इसके बाद एजेंसी ने उन्हें उचित वेंटिलेशन वाले कमरे में रखने का आश्वासन दिया।

ED ने कोर्ट को बताया कि उसे करोड़ों रुपए नकद लेनदेन की जानकारी मिली है, जो पहले के लेनदेन से अलग है। एजेंसी ने संजय राऊत की 10 अगस्त तक हिरासत माँगी। इसके बाद कोर्ट ने संजय राऊत की हिरासत को 8 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया।

उधर, संजय राऊत की करीबी रहीं और इस मामले की प्रमुख गवाहों में से एक स्वप्ना पाटकर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और धमकी का मामला उठाया। पाटकर 2009 से 2014 तक शिवसेना के मुखपत्र सामना के स्तंभकार थीं। पाटकर के वकील रंजीत सांगले से अदालत ने पूछा कि हिरासत में रहते हुए संजय राऊत उन्हें कैसे धमकी दे सकते हैं। इस पर स्वप्ना पाटकर के वकील ने कहा कि संजय राऊत प्रभावशाली व्यक्ति हैं।

स्वप्ना पाटकर के वकील के हस्तक्षेप पर अदालत ने कहा कि यह देखने योग्य नहीं है, क्योंकि संजय राऊत एक राजनीतिक व्यक्ति हैं। अदालत ने वकील से कहा कि उसे खतरे के बारे में अधिक जानकारी की आवश्यकता नहीं है क्योंकि ईडी पहले ही इसका उल्लेख कर चुका है।

इससे पहले ED ने कहा था कि संजय राऊत और उनका परिवार रियल एस्टेट कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से प्रवीण राऊत को मिले ₹112 करोड़ में से ₹1.06 करोड़ का प्रत्यक्ष लाभार्थी था। इसमें से 13.94 लाख रुपए संजय राऊत की पत्नी वर्षा राऊत को अवनी इन्फ्रास्ट्रक्चर में ₹5,625 के निवेश पर रिटर्न के रूप में प्राप्त हुए थे। अवनी इंफ्रा प्रवीण राऊत की पत्नी माधुरी के नाम पर पंजीकृत फर्म है।

राम मंदिर और याकूब मेमन जैसे मामलों की सुनवाई से खुद को कर लिया था अलग: जानिए कौन हैं जस्टिस यूयू ललित, जो हो सकते हैं अगले CJI

भारत के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन वी रमणा ने न्यायमूर्ति यूयू ललित के नाम की सिफारिश अपने उत्तराधिकारी के रूप में की है। जस्टिस रमणा 26 अगस्त को रिटायर्र होंगे वाले हैं। ऐसे में अगर जस्टिस रमणा की सिफारिश मान ली जाती है तो जस्टिस उदय उमेश ललित देश के 49वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) बन जाएँगे। हालाँकि, जस्टिस यू यू ललित के अगला सीजेआई नियुक्त होने पर उनका कार्यकाल तीन महीने से भी कम का होगा, क्योंकि वे इसी साल आठ नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे।

कौन हैं जस्टिस उदय उमेश ललित

सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति यू यू ललित ऐसे कई ऐतिहासिक निर्णयों का हिस्सा रहे हैं, जिसमें तत्काल ‘तीन तलाक’ के माध्यम से तलाक देने की प्रथा अवैध घोषित करना भी शामिल है। वहीं बता दें कि यदि जस्टिस ललित CJI नियुक्त किया जाता है, तो न्यायमूर्ति ललित ऐसे दूसरे CJI बन जाएँगे, जिन्हें बार से सीधे शीर्ष अदालत की बेंच में पदोन्नत किया गया था। न्यायमूर्ति ललित को 13 अगस्त 2014 को जो एक प्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता से सीधे सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। वह तब से शीर्ष अदालत के कई ऐतिहासिक निर्णयों में शामिल रहे हैं। वहीं जस्टिस एस एम सीकरी, जो जनवरी 1971 में 13वें CJI बने, वे मार्च 1964 में सीधे शीर्ष अदालत की बेंच में पदोन्नत होने वाले पहले वकील थे।

जिन जस्टिस ललित को मुख्य न्यायधीश चुनने के लिए वर्तमान चीफ जस्टिस एन वी रमणा ने उनके नाम की सिफारिश कानून मंत्रालय को की है। जस्टिस यूयू ललित इस समय एन वी रमणा के बाद सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम जज हैं। उनका जन्म 9 नवंबर, 1957 को हुआ था। जस्टिस उदय उमेश ललित महाराष्ट्र के जाने-माने वकील रह चुके हैं। 1983 से उन्होंने वकालत शुरू की थी। दिसंबर, 1985 तक उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में वकालात की प्रैक्टिस की। फिर दिल्ली आ गए। यूयू ललित साल 1986 से साल 1992 तक पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के साथ भी काम कर चुके हैं।

न्यायमूर्ति ललित के कुछ अहम निर्णय

जस्टिस यूयू ललित क्रिमिनल लॉ के स्पेशलिस्ट हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सभी 2G मामलों में CBI के पब्लिक प्रोसिक्यूटर के रूप में ट्रायल्स में हिस्सा लिया। इसके अलावा उन्होंने दो कार्यकालों के लिए सुप्रीम कोर्ट की लीगल सर्विस कमेटी के सदस्य के रूप में भी कार्य किया।

जस्टिस ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत एक मामले में बंबई उच्च न्यायालय के ‘त्वचा से त्वचा के संपर्क’ संबंधी विवादित फैसले को खारिज कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि यौन हमले का सबसे महत्वपूर्ण घटक यौन मंशा है, बच्चों की त्वचा से त्वचा का संपर्क नहीं।

अपने कार्यकाल के दौरान जस्टिस ललित ने कई बार खुद को हाई-प्रोफाइल मामलों से अलग कर लिया। साल 2014 में उन्होंने याकूब मेनन की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इस याचिका में 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में मेनन की मौत की सजा को बरकरार रखने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा की माँग की गई थी। साल 2015 में उन्होंने 2008 के मालेगाँव विस्फोटों में निष्पक्ष सुनवाई की माँग करने वाली याचिका पर खुद को सुनवाई से अलग कर लिया क्योंकि उन्होंने पहले एक आरोपित का बचाव किया था। साल 2016 में उन्होंने आसाराम बापू के मुकदमे में अभियोजन पक्ष के एक प्रमुख गवाह के लापता होने की जाँच की माँग करने वाली याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।

एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में जस्टिस ललित की अगुवाई वाली पीठ ने कहा था कि त्रावणकोर के पूर्व शाही परिवार के पास केरल में ऐतिहासिक श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के प्रबंधन का अधिकार है।

‘सुबह या देर शाम न चलाएँ बुलडोजर, ध्वस्त करने से पहले दिया जाना चाहिए पर्याप्त समय’: दिल्ली HC का निर्देश- नोटिस बिना न हो कार्रवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि बिना नोटिस दिए अवैध रूप से बसी झुग्गियों को सुबह-सुबह या देर शाम को बुलडोजर लगाकर नहीं ध्वस्त किया जा सकता। कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को राष्ट्रीय राजधानी में झुग्गी के निवासियों को हटाने के लिए पर्याप्त समय देने का निर्देश दिया।

दिल्ली हाईकोर्ट के एकल पीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, “डीडीए को इस तरह के किसी भी काम को शुरू करने से पहले दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड से परामर्श लेकर कार्य करना होता है। लोगों को बिना किसी नोटिस के सुबह या देर शाम को उनके दरवाजे पर बुलडोजर से बेदखल नहीं किया जा सकता है। इससे वे पूरी तरह से आश्रय-रहित बन जाएँगे।”

कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोगों को उचित समय दिया जाना चाहिए और किसी भी विध्वंस गतिविधियों को शुरू करने से पहले उन्हें अस्थायी स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

दिल्ली हाईकोर्ट ने शकरपुर स्लम यूनियन की तरफ से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। याचिकाकर्ता संघ ने का कहना है कि पिछले साल 25 जून को DDA के अधिकारी बिना किसी सूचना के पहुँचे और करीब 300 झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया।

याचिका में कहा गया है कि DDA के अधिकारियों की करवाई तीन दिनों तक जारी रही। जिन लोगों की झुग्गियों को बुलडोजर से तोड़ा गया, उनमें से कई लोग अपने समान को ठीक से उठा भी नहीं सके थे। इस कार्रवाई में उनका सब कुछ खत्म हो गया।

हालाँकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई बंद कर दी है। इस दौरान कोर्ट ने डीडीए और दिल्ली सरकार के अधिकारियों के द्वारा दी गई दलीलों को सुना।कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद संतोष जाहिर किया और मामले की सुनवाई बंद कर दी।