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NSA, गैंगस्टर एक्ट और नुकसान की भरपाई… जिन भीम आर्मी वालों ने चन्द्रशेखर रावण के लिए की थी हिंसा, उन पर पुलिस का एक्शन: 85 गिरफ्तार, 600+ के खिलाफ दर्ज हुआ था केस

प्रयागराज में 29 जून 2025 को आजाद समाज पार्टी (ASP) और भीम आर्मी के सदस्यों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद 85 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 8 नाबालिग भी शामिल हैं।

उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई उपद्रवियों से करवाएगी।

हिंसा के बाद एक वीडियो सामने आया। वीडियो में उपद्रवी सज़ा काटते दिख रहे है। पुलिस स्टेशन में माफी भी माँगते दिखे। वीडियो में कुछ उपद्रवियों के सिर मुंडे हुए थे। वे हाथ जोड़े हुए भी दिख रहे थे। हालाँकि, यह साफ नहीं है कि इन वीडियो का मौजूदा मामले से कोई संबंध है या नहीं।

क्या हुआ था उस दिन?

रविवार (29 जून 2025) को प्रयागराज में ASP प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ को एक बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने से रोका गया था। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई। भीड़ बेकाबू हो गई।

यमुनानगर के DCP के अनुसार, करछना क्षेत्र के पास के गाँव में लोग इकट्ठा हुए थे। उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियाँ तोड़ी और आग लगाई। पुलिसकर्मियों पर पत्थर भी फेंके।

चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया था कि यूपी पुलिस ने उन्हें कौशांबी जिले में कथित बलात्कार की शिकार एक नाबालिग लड़की के परिवार से मिलने नहीं दिया। दो घंटे से ज़्यादा इंतजार करवाया।

भीड़ का उत्पात

भीम आर्मी के समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने आधे दर्जन से ज़्यादा बसों, चार पुलिस वाहनों और चार अन्य गाड़ियों पर पथराव कर नुकसान पहुँचाया। उपद्रवियों ने बाजार की दुकानों में भी तोड़फोड़ की और राहगीरों से मारपीट की।

रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्पात वाले दिन पुलिस ने हालात काबू करने की कोशिश की तो उपद्रवियों ने 4,000 से ज़्यादा पत्थर फेंके। पुलिस ने बाजार के आसपास से 42 दोपहिया वाहन भी जब्त किए हैं।

हंगामे से पहले की तैयारी

चंद्रशेखर आजाद के करछना के इसौटा गाँव पहुँचने की खबर पर उनके समर्थकों ने हर घर पर भीम आर्मी का झंडा लगा दिया था। इससे लग रहा था कि चंद्रशेखर आजाद परिवार से मिलने से पहले शक्ति प्रदर्शन करने वाले थे।

गाँव में डॉ भीम राव अंबेडकर की एक प्रतिमा को मंदिर की तरह बनाया गया था और वहाँ भी झंडे लगाए गए थे।

पुलिस चाहती थी कि बलात्कार पीड़िता के परिवार को शहर ले जाया जाए ताकि वे चंद्रशेखर से मिल सकें। लेकिन भीम आर्मी के समर्थक जिद पर अड़े थे कि उनके नेता को करछना आने दिया जाए।

पुलिस का विरोध करते हुए समर्थकों ने हनुमान पुरी मोड़ पर तोड़फोड़ और आगजनी की। यमुनानगर DCP मामले की जाँच कर रही है।

निमिषा, मरियम और प्रयागराज की दलित बच्ची… ‘द केरल स्टोरी’ फिर हो गई रिपीट: इस पर चर्च तक है परेशान, चारों तरफ मौजूद हैं ताज, दरकशा और कैफ

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 साल की नाबालिग दलित बच्ची को एक ‘बेहतर जिंदगी और पैसों’ का सपना दिखाकर उसे बहला फुसला कर उसके ही गाँव से उठाकर दूर केरल ले जाया गया, जहाँ उसके साथ जो हुआ वो किसी डरावने सपने से कम नही था।

यह घटना कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि ये हकीकत है, ठीक वैसी ही जैसे ‘The Kerala Story‘ फिल्म में दिखाया गया था, जिसे कई लोग केवल कल्पना मानते रहे। लेकिन इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इस तरह की घटनाएँ हमारे समाज में सचमुच हो रही हैं और बेहद गंभीर रूप ले चुकी हैं।

लड़की को गाँव की ही 19 साल की कहकशा बानो और 25 साल के मोहम्मद कैफ ने मिलकर बहलाया-फुसलाया और फिर उसे केरल ले गए। वहाँ उसका जबरन धर्म परिवर्तन करवाया फिर उसे आतंकवादी संगठनों में शामिल करने की कोशिश की गई।

इस पूरे षड्यंत्र में ताज मोहम्मद नाम का एक और व्यक्ति शामिल है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि लड़की ने जैसे-तैसे हिम्मत जुटाई और पुलिस तक अपनी बात पहुँचाई, जिसके बाद कैफ और कहकशा को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कैफ पर ये भी आरोप है कि उसने लड़की के साथ गलत हरकतें की और उसकी इज्जत को ठेस पहुँचाने की कोशिश की। इस पूरे मामले ने एक बार फिर ‘केरला स्टोरी’ जैसी फिल्मों की सच्चाई को सामने ला दिया है, जिसे पहले कुछ लोगों ने केवल एक काल्पनिक कहानी मानकर नकार दिया था।

इस घटना से साफ है कि कैसे कुछ लोग मासूम लड़कियों को अपने जाल में फँसाकर न सिर्फ उनका बचपन और भरोसा तोड़ते हैं, बल्कि उन्हें एक ऐसे अंधेरे रास्ते पर धकेल देते हैं, जहाँ से वापस आना बेहद मुश्किल होता है।

जिहादियों के मंसूबे खतरनाक

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फूलपुर क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 15 वर्षीय एक दलित लड़की को बहला-फुसलाकर केरल ले जाया गया। आरोप है कि वहाँ उसे जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया और जिहाद के लिए तैयार करने की कोशिश की गई।

यह मामला शनिवार (28 जून 2025) को तब उजागर हुआ जब लड़की की माँ गुड्डी देवी ने फूलपुर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि 8 मई को उनकी बेटी अपने गाँव लिलहट में एक राशन डीलर की शादी में शामिल होने गई थी, जहाँ से वह गायब हो गई। उसे आखिरी बार रात करीब 10 बजे देखा गया था।

गुड्डी देवी ने अपनी शिकायत में कहा कि उसी मोहल्ले की रहने वाली कहकशाँ उर्फ दरकशा बानो नाम की महिला ने उनकी बेटी को बेहतर जीवन और पैसे का लालच देकर फुसलाया और इस्लाम की बातें करके ब्रेनवॉश किया।

इसके बाद बानो ने मोहम्मद कैफ नामक युवक से संपर्क किया, जो मोटरसाइकिल से आया और दोनों महिलाओं को प्रयागराज रेलवे स्टेशन ले गया। इस दौरान कैफ ने लड़की से छेड़छाड़ भी की।

फिर बानो लड़की को लेकर ट्रेन से प्रयागराज से दिल्ली और फिर केरल के त्रिशूर पहुँची। सफर के दौरान उनका लगातार संपर्क ताज मोहम्मद नाम के एक व्यक्ति से बना रहा, जिसे बानो ने बताया कि वह लड़की को साथ ला रही है।

गुड्डी देवी का यह भी आरोप है कि बानो ने उसे एक अज्ञात नंबर से फोन कर जान से मारने की धमकी दी, ताकि वे पुलिस में शिकायत न करें। शिकायत में यह भी बताया गया कि लड़की को यह कहकर बहलाया गया था कि केरल में कई दलित लड़कियाँ पहले ही इस्लाम अपना चुकी हैं और अब वों सभी खुशहाल जीवन जी रही हैं, कुछ को तो विदेश भी भेजा गया है।

डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जाँच कर रही है और इसमें शामिल सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

नाबालिग ने किसी तरह जहन्नुम से बचाई जान

लड़की ने बताया कि जब वह केरल के त्रिशूर पहुँची, तो उसे एक ऐसी जगह ले जाया गया जहाँ पहले से कई और युवा लड़कियाँ और दाढ़ी वाले पुरुष मौजूद थे। वहाँ पर उससे इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया गया और जिहाद की बातें की गई।

लड़की ने कहा कि वह बहुत डर गई थी और किसी तरह वहाँ से भागकर त्रिशूर रेलवे स्टेशन पहुँची। वहीं पर स्थानीय पुलिस को वह मिली, जिन्होंने तुरंत उसके परिवार को इसकी सूचना दी। इसके बाद त्रिशूर में मौजूद केरल चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने लड़की को अपनी सुरक्षा में लिया।

फिर फूलपुर पुलिस की मदद से लड़की को उसके परिवार के लोग प्रयागराज वापस लेकर आए। लड़की को इस समय ‘वन स्टॉप सेंटर’ में रखा गया है, जहाँ उसकी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब लड़की ने केरल से अपनी माँ से संपर्क किया, तब पूरी कार्रवाई शुरू हुई। दरकशा बानो, मोहम्मद कैफ और फोन पर धमकाने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि फूलपुर थाने में मामले की पूरी जानकारी लेकर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इसके बाद पुलिस टीम लड़की के घर गई, उससे बात की और परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए। पुलिस मामले की गहराई से जाँच कर रही है और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

खतरनाक हो चला है जिहादी गठजोड़

डीसीपी गुनावत ने बताया कि पीड़ित लड़की कुछ संदिग्ध लोगों के संपर्क में आ गई थी, जिन्होंने पहले उसे पैसों का लालच दिया, फिर उसे इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया और बाद में उस पर जिहाद जैसी कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बनाया।

उन्होंने बताया कि दरकशा बानो नाम की महिला एक ऐसे संगठन से जुड़ी लगती है, जो केरल में सक्रिय है और लड़कियों को जबरन धर्म परिवर्तन करवा कर उन्हें जिहाद के लिए तैयार करता है।

डीसीपी के अनुसार, बानो किसी संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो खास तौर पर गरीब और दलित लड़कियों को निशाना बनाता है। उन्हें बहला-फुसलाकर उनका ब्रेनवॉश करता है और फिर उन्हें जबरन धर्म परिवर्तन कराकर आतंकी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल करता है। यह गिरोह बेहद गहरी प्लानिंग के साथ काम करता है।

मामले में एक और आरोपित ताज मोहम्मद जिसे बानो ने यात्रा के दौरान कई बार फोन किया था, अब प्रयागराज पुलिस की जाँच के घेरे में है। पुलिस को शक है कि ताज मोहम्मद केरल के त्रिशूर में रहता है, इसलिए केरल पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है।

प्रयागराज पुलिस ने अब तक की शुरुआती जाँच रिपोर्ट केरल पुलिस को भेज दी है ताकि दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर सके। अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि मामले की जाँच के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया है और ये टीमें लगातार छानबीन कर रही हैं।

प्रयागराज और केरल पुलिस मिलकर गंभीरता से यह जाँच कर रही हैं कि कहीं कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं जो देशभर में गरीब और दलित लड़कियों को इस तरह बहला-फुसलाकर गलत रास्ते पर ले जा रहा हो।

डीसीपी ने कहा कि दरकशा बानो की गतिविधियों की गहराई से जाँच की जा रही है और जो भी व्यक्ति इस गिरोह से जुड़ा पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की है और जाँच अभी भी जारी है।

प्रयागराज पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर किसी को इस तरह की गतिविधियों की जानकारी है, तो वह तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि पीड़ित लड़की को पूरी सुरक्षा और सभी जरूरी मदद मिले।

एक परेशान करने वाली वास्तविकता

 केरल में इस्लामी कट्टरपंथ की बढ़ती घटनाएँ अब अपवाद नहीं बल्कि एक खतरनाक सामान्य प्रवृत्ति बनती जा रही हैं। इस्लामवादियों, उदारवादियों और उनके समर्थक पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा भले ही यह दावा किया जाता हो कि धर्मांतरण और चरमपंथी गतिविधियाँ कुछ गिने-चुने मामलों तक सीमित हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कहीं अधिक चिंताजनक है।

खासकर केरल में बीते वर्षों में इस्लामी कट्टरता में तेजी से इजाफा हुआ है। केरल में मुस्लिम युवाओं द्वारा योजनाबद्ध ढंग से हिंदू और ईसाई लड़कियों को प्रेम और शादी के नाम पर फँसाकर उनका जबरन धर्मांतरण कराना आम बात हो गई है।

इन लड़कियों को बाद में सीरिया, इराक जैसे मध्य-पूर्वी देशों में भेज दिया जाता है, जहाँ उन्हें या तो सेक्स स्लेव के रूप में इस्तेमाल किया जाता है या आतंकवादी संगठनों में शामिल किया जाता है।

केरल को अब अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवेंट) के लिए एक सक्रिय भर्ती केंद्र माना जाता है। इसकी जड़ें 2013 से शुरू हुईं, जब राज्य में धर्मांतरण को बढ़ावा देने वाले कट्टरपंथी मॉड्यूल तैयार किए गए। 2014 से आईएसआईएस ने वहाँ सक्रिय रूप से पैर जमाना शुरू कर दिया।

इस पूरे नेटवर्क को बढ़ावा देने में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की बड़ी भूमिका रही है, जिसने केरल को आईएसआईएस की भर्ती का गढ़ बना दिया। 2008 और 2009 के बीच केरल में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण की घटनाएँ सामने आईं, जिनमें कई महिलाएँ मुस्लिम युवकों से शादी के बाद इस्लाम कबूल कर चुकी थी और बाद में उन्हें विदेश भेजा गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर 2016 में यह मुद्दा सबके सामने आया जब कुछ भारतीय महिलाएँ अपने मुस्लिम शौहरों के साथ आईएसआईएस में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान चली गईं। यह मामला तब गंभीर बना जब इन महिलाओं को हिरासत में लिया गया और पूछताछ की गई।

इन महिलाओं में मेरिन जैकब पल्लथ उर्फ मरियम, राफैला और सोनिया सेबेस्टियन उर्फ आयशा, निमिशा उर्फ फातिमा शामिल थीं। निमिशा, एक हिंदू लड़की थी जो डॉक्टर बनना चाहती थी। उसके परिवार ने लाखों खर्च कर उसे मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलवाया।

वहीं उसकी मुलाकात सज्जाद सलीम से हुई, जो उसी कॉलेज में पढ़ रहा था। सज्जाद और उसके परिवार ने निमिशा को प्रेम जाल में फंसा कर 2012 में उसका जबरन धर्म परिवर्तन करवा दिया। जिसके बाद उसका नाम फातिमा रखा गया फिर उसका जबरन निकाह भी कराया गया।

जब वह गर्भवती हुई, तो सज्जाद ने उसे तलाक दे दिया। इसके बाद एक मुस्लिम संगठन ने मदद के नाम पर उसे फिर से एक कनवर्टेड मुस्लिम युवक से निकाह कराया। उसी दौरान उसके मन में इस्लाम और जिहाद के नाम पर कट्टरता भरी गई। फिर आखिर में उसे फिदायीन बम के रूप में अफगानिस्तान भेजा गया।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) के अनुसार, निमिशा 2016 से लापता है और अब अफगानिस्तान की काबुल जेल में ISIS आतंकी के रूप में बंद है। उसकी माँ बिंदु ने बताया कि उन्होंने बेटी की तलाश के लिए FIR दर्ज कराई, लेकिन जब तक उन्हें सच्चाई का पता चला, बहुत देर हो चुकी थी। निमिशा का सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन वह लव जिहाद और आतंकवाद की शिकार बन गई।

सोनिया की शादी कासरगोड निवासी अब्दुल रशीद अब्दुल्ला से हुई थी, जिसे राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड बताया है। रफैला की शादी एक स्थानीय डॉक्टर इजास कल्लुकेट्टिया पुरयिल से हुई थी।

इस्लामी खिलाफत की इच्छा

केरल की कुछ युवतियों को 2016 में इस्लाम अपनाने और आतंकवादी संगठन ISIS से जुड़ने के लिए बहकाया गया। ये सभी महिलाएँ अपने शौहरों के साथ भारत से निकलकर ईरान होते हुए अफगानिस्तान पहुँचीं, जहाँ वे इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रांत (ISKP) का हिस्सा बनना चाहती थीं।

वे कुल मिलाकर 21 लोगों के एक समूह में थीं, जिसमें पुरुष और महिलाएँ दोनों शामिल थे। इनका मकसद ISIS के समर्थन में लड़ना और खलीफा की स्थापना करना था। 2019 में जब अफगानिस्तान और अमेरिका की संयुक्त सेनाओं ने ISIS के खिलाफ अभियान चलाया, तब इन महिलाओं के आतंकी शौहर मारे गए।

इसके बाद इन महिलाओं ने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्हें उनके बच्चों सहित काबुल की जेल में बंद कर दिया गया। 2021 में जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया और जेलों के ताले तोड़े, तो ये महिलाएँ वहाँ से रिहा हो गईं। बाद में उन्होंने यह इच्छा जताई कि वे भारत वापस लौटना चाहती हैं।

इस मामले में एक और अहम नाम यास्मीन अहमद जाहिद का है, जिसे 2023 में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने गिरफ्तार किया। 2016 में पूछताछ के दौरान यास्मीन ने कबूल किया था कि उसने 6 महिलाओं और 3 बच्चों सहित कुल 22 केरलवासियों की भर्ती की थी, जिन्हें बाद में ISIS द्वारा चलाए जा रहे इलाकों में भेजा गया।

उसने बताया कि अब्दुल रशीद अब्दुल्ला नाम के व्यक्ति ने तब तक 40 केरल के युवाओं का धर्म परिवर्तन करवाया और उन्हें ISIS से जोड़ दिया था। यास्मीन खुद भी अब्दुल रशीद और उसकी पत्नी द्वारा चलाए जा रहे मजहबी कक्षाओं में नियमित रूप से भाग लेती थी।

उस पर आरोप है कि उसने कासरगोड ज़िले से ISIS के 15 सदस्यों की भर्ती की थी। उसने आगे बताया कि केरल के इन लोगों को बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई के एयरपोर्ट से कुवैत, दुबई, मस्कट और अबू धाबी भेजा गया, फिर वहाँ से उन्हें ईरान ले जाकर अफगानिस्तान पहुँचाया गया।

इन सभी गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य था – ISIS के खलीफा शासन की स्थापना में सहयोग करना और अबू बकर अल-बगदादी के समर्थन में काम करना। यह पूरी घटना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि कैसे केरल में एक संगठित और कट्टरपंथी नेटवर्क लंबे समय से काम कर रहा है, जो युवाओं को बहला-फुसला कर उन्हें आतंकवादी संगठनों में शामिल कर रहा है।

केरल का चर्च लगातार जता रहा है चिंता

केरल में लव जिहाद को लेकर ईसाई संगठनों और चर्चों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। पहले जहाँ यह मुद्दा मुख्य रूप से हिंदू संगठनों द्वारा उठाया जाता था, वहीं अब  कैथोलिक चर्च और अन्य ईसाई समूह भी इस पर खुलकर सामने आ रहे हैं।

कई पादरियों और बिशपों ने राज्य की वामपंथी सरकार (CPM नेतृत्व) पर लव जिहाद को मूक सहमति देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार और पुलिस इन मामलों की अनदेखी कर रही है, जिससे कट्टरपंथी को बढ़ावा मिल रहा है।

केरल के सबसे बड़े चर्च साइरो मालाबार चर्च ने एक रिपोर्ट में बताया है कि ईसाई लड़कियों को प्रेमजाल में फँसाकर जबरन इस्लाम अपनाने को मजबूर किया जा रहा है और कई मामलों में उन्हें सीरिया, अफगानिस्तान जैसे युद्धग्रस्त देशों में भेजा जा रहा है, जहाँ उनका सेक्स स्लेव या आतंकवादी के रूप में इस्तेमाल होता है।

चर्च ने इसे इस्लामिक स्टेट (ISIS) की एक संगठित साजिश बताया, जिसका मकसद राज्य की धार्मिक और सामाजिक एकता को कमजोर करना है। केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल (KCBC) और इसके प्रवक्ता फादर वर्गीज वल्लिकट्ट ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारें महिलाओं और बच्चों के लापता होने के मामलों की गंभीरता से जाँच नहीं कर रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि लव जिहाद को मूक मंजूरी दी जा रही है। चर्च की रिपोर्ट के अनुसार ISIS द्वारा भर्ती की गई 21 महिलाओं में 12 ईसाई थीं, जिन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया था। पाला बिशप मार जोसेफ कल्लारंगट ने 2021 में अपने एक भाषण में लव जिहाद और नारकोटिक जिहाद की समस्या को उठाया और कहा कि ईसाई लड़कियों को निशाना बनाकर उनका शोषण किया जा रहा है और फिर उन्हें आतंकवादी गतिविधियों में धकेला जा रहा है।

इसी तरह, मार जोसेफ पैम्प्लेनी ने 2023 में ईस्टर के मौके पर पत्र के जरिए लव जिहाद को एक वास्तविक खतरा बताते हुए इसे लेकर चिंता जताई।

जॉर्ज कुरियन ने लिखा था गृह मंत्री अमित शाह को पत्र

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष जॉर्ज कुरियन ने भी इस विषय पर गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर ईसाई लड़कियों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाने की माँग की थी। साल 2019 में लिखे पत्र में उन्होंने कहा था कि लव जिहाद और धर्मांतरण के जरिए भोले-भाले लोगों को आतंकवादी गतिविधियों में फंसाया जा रहा है।

कुरियन ने बताया कि उनके बेटे के बाद एनआईए ने केरल के कोझिकोड में एक मामले में हस्तक्षेप कर आरोपित को गिरफ्तार किया। उन्होंने एक अन्य घटना का भी जिक्र किया जिसमें दिल्ली की एक ईसाई लड़की के गायब होने के बाद उसे UAE में खोजा गया। लड़की ने बताया कि उसका जबरन मजहब बदलवाया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि लव जिहाद के जरिए युवाओं को प्यार, पैसे और झूठे वादों से फँसाकर कट्टरपंथी एजेंडे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। खासकर, गरीब लोगों को उनका शोषण कर के आतंकवाद फैलाने की कोशिश की जा रही है। कुरियन ने चेताया कि भले ही कुछ लोग लव जिहाद को साजिश कहकर खारिज करें, लेकिन ये एक गंभीर मुद्दा है और देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा भी खासकर केरल जैसे राज्यों में।

अमेरिका में इस्कॉन मंदिर पर चली 20-30 राउंड गोलियाँ, हिंदुओं में दहशत फैलाना था मकसद: हिंदू संगठनों ने की सुरक्षा और न्याय की माँग

अमेरिका के यूटा राज्य के स्पेनिश फोर्क शहर में स्थित विश्वप्रसिद्ध इस्कॉन श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, कई रातों तक लगातार मंदिर और उसके आस-पास की संपत्ति पर करीब 20 से 30 राउंड गोलियाँ चलाई गई।

स्थानीय समय के अनुसार यह हमला उस समय हुआ जब मंदिर के अंदर भक्त और मेहमान मौजूद थे। गनीमत रही कि किसी को नुकसान नहीं पहुँचा, लेकिन मंदिर की इमारत, विशेषकर हाथ से बनी नक्काशीदार मेहराब और सजावटी संरचनाओं को भारी नुकसान हुआ है। कुल नुकसान हजारों डॉलर में आँका जा रहा है।

मंदिर प्रशासन और हिंदू संगठनों ने आशंका जताई है कि यह हमला सोची समझी सजिश और पहले से पनप रही नफरत का नतीजा हो सकता है, जिसका उद्देश्य हिंदुओं को डराना है। अब तक किसी भी आरोपित की पहचान नहीं हो पाई है और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है।

पुलिस मामले की जाँच कर रही है, लेकिन हिन्दुओं की ओर से यह माँग की जा रही है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और मंदिरों की सुरक्षा पुख्ता की जाए। भारत सरकार ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए एक्स पर कहा कि वह सभी भक्तों और हिन्दुओं के साथ खड़ा है। दूतावास ने स्थानीय प्रशासन से त्वरित और कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है।

इस से पहले भी अमेरिका में किसी हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है, इससे पहले 9 मार्च 2025 को कैलिफोर्निया के चीनो हिल्स स्थित बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) मंदिर को अपवित्र किया गया था।

यह घटना लॉस एंजिल्स में आयोजित खालिस्तान जनमत संग्रह से ठीक पहले हुई थी। उन हमलों में ‘हिंदुओं वापस जाओ’ जैसे नारे भी देखे गए। इसी तरह सितंबर 2024 में सैक्रामेंटो और न्यूयॉर्क के मंदिरों में भी तोड़फोड़ और भड़काऊ बातें लिखी मिली थीं।

कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (CoHNA) और अन्य हिंदू संगठनों ने इन हमलों को बढ़ती हिंदू विरोधी भावना की ओर इशारा किया और अमेरिका में रह रहे हिंदुओ की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। फिलहाल, इस्कॉन मंदिर पर हुए हमले की जाँच जारी है और हिंदू समुदाय इस हमले को लेकर उचित कार्यवाही की प्रतीक्षा कर रहा है।

‘ट्रेनिंग में कोई कमी नहीं होनी चाहिए’: प्रयागराज की दलित बच्ची को सऊदी भेजने की थी तैयारी, मौलाना सिखा रहा था इस्लामी रिवायतें-उर्दू, दरकशा-कैफ के बाद UP ATS को ताज की तलाश

प्रयागराज से जिस दलित बच्ची को दरकशा बानो केरल ले गई थी उसे ‘खद्दामा वीजा’ पर सऊदी अरब भेजने की तैयारी थी। यहाँ उसे किसी शेख की खिदमत में लगाया जाना था। धर्मांतरण के बाद उसे केरल में इस्लामी रिवायतों की ट्रेनिंग दी जा रही थी। यह सारी बातें पीड़िता ने खुद बताई हैं। इस पूरे मामले की जाँच UPATS कर रही है।

UPATS और प्रयागराज विजिलेंस ने पीड़ित बच्ची से जानकारी हासिल की है। इस दौरान बच्ची ने केरल में उसके साथ हुए अत्याचार की सारी आपबीती सुनाई। बच्ची ने बताया कि केरल से उसे वर्क वीजा पर सऊदी अरब भेजने वाले थे। ट्रेनिंग सेंटर में इस वीजा को ‘खद्दामा वीजा’ कहकर पुकारा जाता था।

मौलाना सिखा रहा था उर्दू

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, केरल में बच्ची को एक छोटे से कमरे में रखा गया था। जहाँ बाकी लड़कियाँ भी थी, लेकिन किसी को भी आपस में बात करने की अनुमति नहीं दी गई थी। बच्ची ने बताया है कि यहाँ एक मौलाना सभी को उर्दू सिखाता था। मौलाना ही बच्ची को हिजाब डालने का दबाव बनाता था।

बच्ची ने बताया कि उसे यहाँ सारी इस्लाम रिवायतें भी सिखाई जा रहीं थी। पीड़िता ने बताया है कि उसने कुछ लोगों को कमरे के बाहर आपस में बात करते सुना था। बच्ची ने बताया कि वह उसे सऊदी अरब भेजने की बात कर रहे थे। उनका कहना था कि इसलिए ट्रेनिंग में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बच्ची ने बताया कि यह सुनकर वह खौफ में आ गई थी।

फिर बच्ची ने हिम्मत जुटाई और भागने की योजना बनाई। एक दिन बच्ची को पास वाले कमरे में मोबाइल फोन मिला और बच्ची ने अपनी माँ को फोन मिला दिया। अपनी लोकेशन दी और दोबारा कॉल न करने की बात कही।

ताज की तलाश में जुटी पुलिस

प्रयागराज पुलिस अब तक इस मामले में मोहम्मद कैफ और दरकशा बानो को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन आरोपित ताज उर्फ मोहम्मद ताजउद्दीन अब भी फरार है। उसका नाम भी FIR में शामिल है। दरकशा की दी गई लोकेशन पर केरल में ताज के ठिकाने पर छापेमारी की गई, लेकिन वह यहाँ नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि बताई गई लोकेशन फर्जी थी।

पीड़ित बच्ची ने भी ताज का नाम लिया है। बच्ची ने बताया है कि केरल ले जाते वक्त उसे ताज से मिलवाया गया था। यह भी सामने आया है कि ताज ही उत्तर प्रदेश से लड़कियों को केरल ले जाता था। यह भी पता चला है कि फिर लड़कियों का धर्म परिवर्तन, ट्रेनिंग और खरीद-फरोख्त में अहम भूमिका निभाता था।

पुलिस ताज की तलाश में जुटी हुई है। UPATS की एक टीम को केरल भेजा गया है, वह ताज से जुड़ी जानकारी निकाली जा रही है। हालाँकि, पुलिस को ताज की अपराध हिस्ट्री नहीं मिली है, जिससे ताज की तलाश में मुश्किल हो रही है।

प्रयागराज में आतंकी मॉड्यूल?

दरकशा के धर्मांतरण करवाने और केरल ले जाने की इस प्लानिंग के चलते यह शक हो रहा है कि वह किसी आतंकी मॉड्यूल का भी हिस्सा हो सकती है। उसके स्लीपर सेल की तरह जाँच करने का शक भी गहरा रहा है। दरकशा ने इस बच्ची को कैसे टार्गेट किया, उसके किससे संबंध हैं, इसके लिए पुलिस टीमें फॉरेंसिक जाँच में भी जुटी हैं।

दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि दरकशा का मोबाइल जब्त किया गया है और उसके व्हाट्सएप की भी जाँच हो रही है। वह किससे बात करती थी, इस पर भी जानकारी निकाली जा रही है। मोबाइल डाटा सामने आने पर यह भी पता लग सकता है कि उसने और कितनी बच्चियों को निशाना बनाया है।

जानें पूरा मामला

पूरा मामला प्रयागराज के फूलपुर थाने से जुड़ा हुआ है। यहाँ लिलहट गाँव में एक दलित विधवा महिला और उसकी बेटी रहती है। बेटी की आयु मात्र 15 वर्ष है। उसके पड़ोस में ही दरकशा नाम की मुस्लिम लड़की रहती है। दरकशा बानो कथित तौर पर इस हिन्दू बच्ची की सहेली थी।

दरकशा हिन्दू बच्ची के साथ रहती थी। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि दरकशा हिन्दू बच्ची को इस्लाम के बारे में ब्रेनवॉश किया करती थी। वह हिन्दू धर्म के प्रति जहर भी भरती थी। 8 मई, 2025 को दरकशा बानो रात 10 बजे हिन्दू बच्ची को एक शादी से लेकर फूलपुर की एक मस्जिद के पास गई।

दरकशा बानो का मददगार मोहम्मद कैफ यहाँ बाइक लेकर खड़ा था। दरकशा ने हिन्दू बच्ची को इस दौरान पाने जाल में फँसा लिया था। कैफ ने इन दोनों को प्रयागराज जंक्शन छोड़ा। रास्ते में कैफ ने हिन्दू बच्ची से छेड़छाड़ भी की। दरकशा प्रयागराज से बाद हिन्दू बच्ची को प्रयागराज से लेकर दिल्ली चली गई।

दरकशा की मंजिल लेकिन दिल्ली नहीं थी। यहाँ से वह हिन्दू बच्ची को लकर केरल के त्रिशूर चली गई। यहाँ हिन्दू बच्ची के साथ प्रताड़नाओं का दौर चालू हो गया। उसका धर्मांतरण करवाया गया। उसे आतंकी ट्रेनिंग की बात भी हुई। बच्ची किसी तरह बच के पुलिस के पास पहुँची, जहाँ से प्रयागराज सूचना परिवार के पास पहुँची। बच्ची वापस इसके बाद आ सकी।

‘टेक्निकल ग्लिच’ की वजह से दिखने लगे थे पाकिस्तानियों के अकाउंट-यूट्यूब चैनल, दोबारा हो गए भारत में बैन: पहलगाम आतंकी हमले-ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगा था प्रतिबंध

भारत में पाकिस्तानी सेलिब्रिटी के यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया अकाउंट एक बार फिर बैन कर दिए गए हैं। तकनीकी खराबी के कारण ये अकाउंट भारत में कुछ घंटों के लिए दिखने लगे थे, जिसे सुधार लिया गया है।

दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद इन अकाउंट्स को बैन कर दिया था।

क्या थी ‘अस्थायी वापसी’ की वजह?

जानकारी के अनुसार, 2 जुलाई 2025 को इन हैंडल्स का थोड़ी देर के लिए दिखना एक तकनीकी खराबी के कारण था। सरकार ने साफ किया कि बैन किए गए पाकिस्तानी हैंडल बैन ही रहेंगे।

कई पाकिस्तानी मशहूर हस्तियों में युमना जैदी, अहाद रजा मीर, सबा कमर, दानिश तैमूर, मावरा होकेन, दानानीर मोबीन और शाहिद अफरीदी के इंस्टाग्राम हैंडल आदि शामिल है।

इसके अलावा हम टीवी, शोएब अख्तर के आधिकारिक चैनल जैसे यूट्यूब चैनल कुछ समय के लिए दिखे थे। लेकिन अब इनमें से ज़्यादातर इंस्टाग्राम हैंडल फिर से एक्सेस नहीं हो पा रहे हैं और यूट्यूब चैनलों को भी जल्द ही ब्लॉक कर दिया जाएगा।

ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन की माँग

पाकिस्तानी सेलिब्रिटी हैंडल्स से अस्थायी रूप प्रतिबंध हटाने की जानकारी ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) को मिली तो उन्होंने कड़ा विरोध किया। AICWA ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर इसे शहीद जवानों का अपमान बताया।

पत्र में सभी पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट और मीडिया चैनलों को तुरंत दोबारा बैन करने की माँग भी की थी। AICWA ने साफ कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद फैलाता रहेगा, तब तक पाकिस्तानी कलाकारों और सामग्री पर प्रतिबंध नहीं हटेगा।

हैंडल्स क्यों हुए थे ब्लॉक?

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले में 26 हिंदू पर्यटकों की जान गई थी। इसके बाद पाकिस्तानी हैंडल्स पर भारत विरोधी बातें फैलाने लगी, जिसके बाद भारत सरकार ने कड़ी कार्रवाई की थी। 28 अप्रैल 2025 को 16 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों को बैन कर दिया गया था।

बैन किए गए चैनलों में डॉन न्यूज टीवी, इरशाद भट्टी, समा टीवी, एआरवाई न्यूज जैसे बड़े नाम शामिल थे। जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के सभी एक्स (पहले ट्विटर) और यूट्यूब अकाउंट ब्लॉक हैं और आगे भी ब्लॉक रहेंगे।

यदि कोई उपयोगकर्ता पाकिस्तान के कुछ अकाउंट देख पा रहा था, तो वे अब एक्सेस नहीं कर पाएँगे।

जिन रेयर अर्थ मिनरल्स को लेकर चीन दुनिया को सता रहा, उन्हीं पर PM मोदी ने की घाना से डील: दोनों देश मिलकर करेंगे खनन, UPI पर भी हुआ MoU

प्रधानमंत्री मोदी पाँच देशों की ऐतिहासिक दौरे पर हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने घाना से की है। पिछले 30 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ये पहली घाना यात्रा है। पीएम ने यहाँ कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें रेयर अर्थ मिनरल्स और माइनिंग से जुड़ा समझौता भी शामिल है।

ये समझौता ऐसे समय हुआ है जब अवैध सोने के खनन को लेकर चीन और घाना आमने-सामने हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति जॉन ड्रमानी महामा की रेयर अर्थ मिनरल्स के खनन को लेकर सहमति भी बनी है। ये भारत के लिए काफी अहम है क्योंकि चीन ने रेयर मैग्नेट के निर्यात पर लगाम लगा दिया है। चीन में रेयर अर्थ मिनरल्स काफी हैं जिसका भारत में भी निर्यात होता है।

इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक गाड़ियों के निर्माण में किया जाता है। चीन के फैसले की वजह से भारत को धक्का लगा है। भारत ने इसका करारा जवाब देते हुए अफ्रीकन देश से रेयर अर्थ मिनरल्स पर समझौता कर चीन के एकाधिकार को चुनौती देने की शुरुआत कर दी है।

इसके अलावा भारत और घाना द्विपक्षीय संबंधों को ‘कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप’ कहा है यानी संबंधों में नए आयाम जुड़ने वाले हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति महामा के बीच चार अहम समझौते हुए हैं। ये संस्कृति, पारंपरिक चिकित्सा, खनिज संसाधन और रक्षा सहयोग को लेकर है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारत अब केवल एक भागीदार नहीं, बल्कि घाना की राष्ट्र-निर्माण यात्रा में एक सहयात्री है.’

पीएम के बयान से भारत की अफ्रीका नीति की स्पष्टता साफ झलकती है। घाना के साथ भारत अगले 5 सालों में व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। भारतीय कंपनियों ने अब तक घाना में 17138 करोड़ रुपए का निवेश किया है। पीएम ने कहा है कि भारत घाना के साथ फिनटेक सेक्टर में सहयोग करने जा रहा है। यूपीआई डिजिटल भुगतान सिस्टम को भी साझा करने जा रहा है।

पीएम मोदी ने बताया कि भारत घाना के साथ रेयर अर्थ मिनरल्स की खोज में मदद करेगा। दरअसल रेयर अर्थ मिनरल्स को लेकर पूरी दुनिया में घमासान मचा हुआ है। चीन के एकाधिकार और मनमाने रवैये का असर भारत के ऑटो सेक्टर और डिफेंस पर पड़ सकता है इसलिए पीएम ने अफ्रीका से चीन को संदेश दिया है।

इससे पहले घाना ने पहलगाम आतंकी हमले का कड़ा विरोध किया था और भारत के ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया था। पीएम मोदी और राष्ट्रपति राष्ट्रपति जॉन ड्रमानी ने बैठक के दौरान यूरोप और पश्चिम एशिया में चल रहे जंग पर चिंता जताई और संवाद के जरिए कूटनीतिक प्रयास से समस्या के समाधान पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी 2 जुलाई से 9 जुलाई के बीच त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया भी जाने वाले हैं। घाना में उन्हें ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से भी सम्मानित किया गया और घाना के बच्चों ने ‘हरे राम हरे कृष्ण’ का मंत्रोच्चार कर स्वागत किया गया।

पीएम मोदी का घाना में शानदार स्वागत हुआ। घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। पीएम मोदी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर‘ मिला। 21 तोपों की सलामी भी दी गई। पीएम मोदी की घाना की पहली सरकारी यात्रा थी। वह घाना जाने वाले तीसरे भारतीय प्रधानमंत्री हैं। उनसे पहले जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी गए थे।

पहलगाम आतंकी हमले के लिए चूँ तक नहीं, सिर्फ कश्मीर मुद्दे पर बवाल: UNSC के सामने फिर गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, आतंकी मुल्क कर रहा मानवाधिकारों की बात

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की जुलाई महीने की अध्यक्षता पाकिस्तान कर रहा है। इस पद पर बैठते ही पाक ने एक बार फिर अपनी नापाक हरकतों पर उतर आया है। UNSC की बुधवार (2 जुलाई 2025) की बैठक में पाकिस्तान ने कश्मीर के मुद्दे को फिर से उठाया है।

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र (UN) के मुख्यालय में आयोजित बैठक में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने फिर से कश्मीर को लेकर अपना पुराना राग छेड़ दिया है। असीम ने कहा कि कश्मीर विवाद को अब और नहीं टाला जा सकता। सुरक्षा परिषद को इसके समाधान के तौर पर अपनी ओर से प्रस्तावों को लागू कराने जैसे हल निकालने चाहिए।

असीम ने आगे कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर का मुद्दा तनाव का विषय बना हुआ है। इसके कारण मानवाधिकार, शांति और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ता है। UNSC के स्थायी देशों के साथ दुनिया को इस पर काम करने की जरूरत है।

सदस्यता का हवाला देकर मुद्दे को अपने हित में लाने की कोशिश

UNSC में अपनी अस्थायी सदस्यता का रोना रोते हुए पाक ने कहा कि हम यहाँ महज 2 साल के लिए ही हैं। ऐसे में सुरक्षा परिषद के स्दस्यों को इसके प्रावधानों के हिसाब से समाधान खोजना होगा। यही एकमात्र रास्ता है।

पाकिस्तान वैश्विक मंचों पर कश्मीर का मुद्दा जब तब उठाता रहता है। जबकि इसे लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला समझौते हुआ जिसमें साफ तौर पर कश्मीर के मुद्दे को आपस में ही सुलझाने के प्रयास करने की बात कही गई है।

इसी साल 22 अप्रैल को जब पाकिस्तानी आतंकियों ने भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 20 से अधिक हिंदू और कुल 26 पर्यटकों की हत्या की। इसके बाद भारत ने पाकिस्तानियों का भारत को लेकर वीजा रद्द किया, सिंधु जल समझौता निलंबित किया और शिमला समझौते को भी खत्म कर दिया। इसके बाद तो पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे को लेकर खुली छूट मिल गई है।

शांति- सुरक्षा पर नजर रखता है UNSC

बताते चलें कि UNSC दुनिया का सबसे मजबूत अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा के लिए काम करना है। इसके सदस्य 15 देश हैं। अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस इसके स्थायी सदस्य हैं। अन्य 10 अस्थायी देशों की सदस्यता हर दो साल में बदलती है। भारत इसमें सक्रिय रूप से शामिल नहीं है।

सदस्यों के तहत रोटेशन नंबर के जरिए पाकिस्तान को UNSC में जुलाई की अध्यक्षता मिली है। इसका अर्थ होता है कि UNSC में जो भी सदस्य हैं उनमें बारी- बारी से सभी को अध्यक्षता का मौका मिले। इस दौरान पाकिस्तान कम से कम दो बार ओपेन मीटिंग्स कर सकता है।

पाकिस्तान से पहले 2025 में अब तक अल्जीरिया, चीन, डेनमार्क, फ्रांस, ग्रीस और गुयाना देश UNSC की अध्यक्षता कर चुके हैं। पाकिस्तान के बाद अध्यक्षता के लिए कोरिया, रूस, सिएरा लियोन और स्लोवेनिया का नंबर आएगा।

पाकिस्तान UNSC में गैर स्थायी सदस्य को तौर पर 8वीं बार शामिल हुआ है। अब तक 1952-53, 1968-69, 1976-77, 1983-84, 1993-94, 2003-04 और 2012-13 में पाक अस्थायी सदस्य रह चुका है।

अब एक बार फिर अपनी एक महीने की अध्यक्षता में पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे से दुनिया को अपनी ओर करने की हरसंभव कोशिश में लग गया है। हालाँकि ये इतना भी आसान नहीं है। कश्मीर के मुद्दे को उछाल कर पाकिस्तान भले ही प्रस्ताव को अपनी ओर करने की जुगत में हो लेकिन उसके लिए UNSC के 9 देशों की सहमति जरूरी होती है।

इसके साथ ही कोई भी स्थायी सदस्य देश प्रस्ताव के खिलाफ वीटो ना करे ये सबसे जरूरी है। पर ये हो पाना थोड़ा मुश्किल है। भारत को अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन का साथ मिला हुआ है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए इस तरह का प्रस्ताव दूर की कौड़ी है।

पहले पति से तलाक, दूसरे की मौत के बाद ससुर-जेठ से अवैध संबंध और सास की हत्या: पूजा जाटव ने प्रॉपर्टी हड़पने के लिए किया सब, झांसी मर्डर केस में नए खुलासे

उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस ने 29 वर्षीय पूजा जाटव को गिरफ्तार किया है। उसपर अपनी सास सुशीला देवी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इस मामले में पूजा जाटव, उसकी बहन और बहन के प्रेमी को पुलिस ने पकड़ा है।

सास की हत्या जमीन विवाद को लेकर हुई लेकिन इसे डकैती जैसा दिखाने की कोशिश की गई। इस मामले में जैसे-जैसे पुलिस की जाँच आगे बढ़ी, कई राज सामने आने लगे। हत्या, साजिश, विश्वासघात और अवैध संबंधों की जानकारी मिली।

पूजा ने अपने पति के परिवार में अवैध संबंध बनाए थे। अपनी बहन और उसके प्रेमी के साथ मिलकर सास सुशीला देवी को जहर दिया और गला घोंटकर मार डाला, ताकि परिवार की संपत्ति और कीमती सामान हड़प सके।

24 जून 2025 को झांसी के टहरौली इलाके में रहने वाली 60 वर्षीय सुशीला देवी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं। सुशीला की मौत के बाद से बहू पूजा जाटव गायब थी। घटना को देखकर ऐसा लग रहा था कि घर में डकैती हुई हो।

अंतिम संस्कार के बाद जब पूजा घर नहीं आई तो संदेह पैदा हुआ। पुलिस ने उसकी गैरमौजूदगी, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया। काफी देर तक पूछताछ के बाद आखिरकार उसने हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली।

जमीन हड़पने के लिए सास की हत्या की साजिश रची

पूजा जाटव ग्वालियर की रहने वाली है। वह वहाँ स्थायी रूप से बसने और झांसी में अपने ससुराल वालों की अठारह बीघा पारिवारिक जमीन बेचने का मन बना चुकी थी। इस वक्त वो जमीन उसके दिवंगत पति कल्याण के नाम पर थी। सास सुशीला देवी लगातार संपत्ति बेचने का विरोध कर रही थी। पूजा को उसके ससुर और देवर संतोष संपत्ति में हिस्सा देने के लिए तैयार थे। इसको लेकर सुशीला देवी और पूजा जाटव के बीच झगड़ा भी हुआ था। सास के कड़ा विरोध को देखते हुए उसने सास को रास्ते से हटाने के लिए हत्या की साजिश रची।

आरोपित पूजा जाटव ने अपनी बहन कामिनी और उसके प्रेमी अनिल वर्मा को ग्वालियर से बुलाया। कामिनी और अनिल 24 जून की शाम को 125 किलोमीटर दूर झांसी पहुँचे। घर में जब कोई दूसरा नहीं था तो सुशीला देवी को जहर का इंजेक्शन दे दिया और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी। ये दोनों 8 लाख के गहने भी चुराकर मौके से फरार हो गए। पूरी घटना इस तरह दिखाने की कोशिश की गई ताकि लगे कि डकैतों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। लेकिन पूजा के विरोधाभाषी बयान, मोबाइल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज ने शक पैदा किया। पुलिस की कड़ाई के सामने वह टूट गई और खुद कई चौकानेवाले खुलासे किए।

ग्वालियर में शादी के बाद पहले पति से तलाक लिया

पूजा ने बताया कि उसकी शादी पहले ग्वालियर में ही हुई थी। कथित तौर पर एक झगड़े के दौरान पूजा को उसके पति ने गोली मार दी और मामला अदालत पहुँच गया। कानूनी कार्यवाही के दौरान पूजा की मुलाकात कल्याण से हुई। जल्द ही दोनों के बीच नजदीकियाँ बढ़ गईं क्योंकि कल्याण को पूजा से सहानुभूति हो गई और आखिरकार उन्होंने शादी कर ली।

शादी के छह साल बाद कल्याण की कथित तौर पर सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। पूजा ने बिना समय गँवाए पति कल्याण के बड़े भाई यानी जेठ संतोष के साथ अवैध संबंध बना लिए। वह शादीशुदा था, फिर भी पूजा संतोष के घर चली गई और संतोष के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी। संतोष की पत्नी ने संतोष और पूजा के अवैध रिश्ते का पूरजोर विरोध किया। इसको लेकर घर में झगड़े होते रहते थे। पूजा ने फिर दावा किया कि वह कल्याण की विधवा है इसलिए संपत्ति में उसे हिस्सा मिले।

बताया जा रहा है कि पूजा की अपने ससुर के साथ भी अवैध संबंध थे। इसका सास सुशीला देवी लगातार विरोध कर रही थी। इसलिए जब संपत्ति की बात आई तो ससुर और जेठ हिस्सा देने के लिए राजी हो गए लेकिन सास अड़ गई। इसके बाद उसने सास को मारने की योजना बनाई। उसने बहन और उसके प्रेमी की योजना में मदद ली।

पुलिस ने पूरे खुलासे के बाद पूजा और कामिनी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। पुलिस ने अनिल वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। पूजा जाटव का जीवन विश्वासघात और लालच की ऐसी कहानी कहता है जिसने दो शादियाँ की, कई अवैध संबंध बनाए और संपत्ति हड़पने के लिए हत्या की साजिश रची।

21 तोपों की सलामी के साथ पीएम मोदी को मिला ‘ऑर्डर ऑफ द स्टार’ सम्मान: घाना में ‘हरे राम हरे कृष्ण’ से हुआ स्वागत, वैश्विक साझेदारी के लिए 5 देशों की यात्रा पर प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (2 जुलाई 2025) को पाँच देशों की महत्वपूर्ण यात्रा पर है। इसका मुख्य उद्देश्य अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में भारत की साझेदारी को मजबूत करना है। यह यात्रा घाना से शुरू हुई।

पीएम मोदी तीन दशकों में घाना का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने हैं। घाना में उन्हें ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से भी सम्मानित किया गया और घाना के बच्चों ने ‘हरे राम हरे कृष्ण’ का मंत्रोच्चार कर स्वागत किया गया।

घाना में ऐतिहासिक शुरुआत

पीएम मोदी का घाना में शानदार स्वागत हुआ। घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। पीएम मोदी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर‘ मिला। 21 तोपों की सलामी भी दी गई। पीएम मोदी की घाना की पहली सरकारी यात्रा थी। वह घाना जाने वाले तीसरे भारतीय प्रधानमंत्री हैं। उनसे पहले जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी गए थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने घाना में कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात की। इसमें निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य और सुरक्षा शामिल हैं। पीएम मोदी ने घाना की संसद को संबोधित किया और इसे बड़ा सम्मान बताया। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश मजबूत लोकतंत्र हैं। जानकारी के अनुसार, घाना में 15,000 से ज्यादा भारतीय रहते हैं, कुछ परिवार सात दशकों से वहाँ हैं।

आगे की यात्रा

घाना के बाद पीएम मोदी अपनी यात्रा जारी रखेंगे और त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया जाएँगे। 3 से 4 जुलाई 2025 को वह त्रिनिदाद और टोबैगो में संसद में भाषण देंगे और देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ग्रहण करेंगे

इसके बाद 4 से 5 जुलाई 2025 को पीएम मोदी अर्जेंटीना में राष्ट्रपति जेवियर माइली से मिलेंगे, जहाँ व्यापार, ऊर्जा, निवेश और नवीकरणीय ऊर्जा पर चर्चा होगी। 5 से 8 जुलाई 2025 तक पीएम मोदी ब्राजील के रियो डी जनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और ब्राजील के राष्ट्रपति सहित कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

आखिर में 8 से 9 जुलाई 2025 को नरेंद्र मोदी नामीबिया का दौरा करने वाले भारत के पहले पीएम होंगे, जहाँ वह राष्ट्रपति नंदी-एनडाइटवाघ से मिलेंगे और खनिज व ऊर्जा साझेदारी पर बातचीत करेंगे। यह पूरी यात्रा दिखाती है कि भारत दुनिया के दक्षिणी देशों के साथ अपने संबंध मजबूत करना चाहता है और खास क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है।

स्कूटी टकराने के विवाद में नहीं, मुस्लिम लड़की से प्यार में हुई दिल्ली के यश की हत्या: ऑपइंडिया से बोला परिवार- चाकुओं से गोदा, पड़ोसी बोलने को नहीं तैयार

‘खुद के लिए जीना एक आम कहानी है, दूसरों के लिए जीना इसी का नाम जिंदगानी है।‘

यह लाइन दिल्ली के गीता कॉलोनी के उस स्वागत द्वार पर लिखी हुई हैं यहाँ 27 जून 2025 की रात करीब 8 बजे 20 वर्षीय यश की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि स्कूटी टकराने के कारण हुए विवाद के बाद युवक की हत्या हुई है। लेकिन परिजन बताते हैं कि यश एक मुस्लिम लड़की से प्यार करता था, जिसकी सजा उसे अपनी जान देकर भुगतनी पड़ी। इस पूरे मामले की पड़ताल के लिए ऑपइंडिया की टीम गीता कॉलोनी पहुँची।

28 जून 2025 की दोपहर, जब हम दिल्ली के गीता कॉलोनी पहुँचे, तो वहाँ भारी संख्या में सुरक्षा बल के जवान नजर आए। आरएएफ के जवानों की तैनाती बता रही थी कि यहाँ माहौल तनाव भरा है। गली के बाहर लाइन से ऑटो खड़े हैं, प्रवेश करते ही बाएँ तरफ एक बड़ी मस्जिद है तो दाएँ ओर एक छोटा सा पार्क है, जो गंदगी से बदहाल है।

गली में करीब 150 मीटर अँदर जाने के बाद एक और गली में करीब 20 मीटर अंदर यश का छोटा सा मकान है। करीब 4 फीट चौड़ाई वाली अंधेरी गली में 40-50 की संख्या में महिलाएँ दोनों ओर चबूतरे पर बैठी हैं। जमीन पर तीन-चार चटाई बिछी हुई हैं, जिस पर थोड़ी देर पहले ही यश का शव रखा था।

कुछ एक महिलाएँ विलाप कर रहीं थी, तो शेष महिलाओं के चेहरे पर यश की हत्या के आरोपितों के खिलाफ गुस्सा दिख रहा था। इस बीच एक छोटा सा बच्चा(करीब 4 साल) हमसे स्वयँ बात करते हुए कहता है “मैं यश का भाई हूँ। यश को राजघाट ले गए हैं। उसको किसी ने चाकू मार दिया, वो अब इस दुनिया में नहीं है, उसे जलाने ले गए हैं। वो मेरे ऊपर वाली छत पर ही रहते थे, वो मुझे गेम खिलाते थे और मजाक करते थे।”

मोहल्ले की मुस्लिम लड़की से प्यार करता था यश

यश की माँ ने ऑपइंडिया से बातचीत में बताया कि मेरा लड़का अपने भाई को लेने के लिए गया था, इस बीच रास्ते में उसकी स्कूटी टकराने के कारण चार लड़के उसे मारने लगे। पहले बँदूक से धमकी दी, फिर उनमें से एक लड़के ने चाकू मार दिया। मेरा लड़का गुल्लो (मुस्लिम लड़की) से प्यार करता था। पास में बैठी एक महिला ने कहा, “यश ने ईद वाले दिन मुस्लिम लड़की को किसी और लड़के के साथ आपत्तिजनक अवस्था में बाथरूम में देख लिया था।”

आगे माँ कहती है कि लड़की मेरे बेटे से पैसे ऐंठती थी। उसने बेटे को बुलाकर दो हजार रुपए लिए और फिर बेटे को ही मरवाने की धमकी भी दी। माँ का दावा है कि आरोपित लड़की की बहन मुन्नी शाम को ही घर पर धमकी देकर गई थी कि आज तुम्हारा बेटा मर जाएगा। अब हमें इंसाफ चाहिए मेरे बेटे को मारने वाले लड़कों और मरवाने वाली (लड़की) सबको फाँसी होनी चाहिए।

पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के बाद से हमारे यहाँ पुलिस तक नहीं आई और आरोपितों के घरों पर पुलिस पहरा दे रही है। पास में बैठी पड़ोस की महिला ने कहा, “हिंदू-मुसलमान घटना के कारण पुलिस नहीं आई और यहाँ फोर्स भेज दी है।”

यश हत्याकांड से इलाके में पसरा सन्नाटा

गीता कॉलोनी मिश्रित आबादी है। यश की हत्या के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। यश के घर के बाहर सांत्वना देने वालों का तांता लगा है, तो वहीं यश के घर से करीब 50 मीटर दूर आरोपित रेहान के घर और उसके आस-पास के 6-7 मुस्लिम घरों पर ताला लगा हुआ है। दरवाजे के बाहर कुछ ईंट-पत्थर भी पड़े हैं। जानकारी लेने के बाद पता चला कि यश की हत्या से गुस्साए परिवार के सदस्यों ने आरोपित के घर पर हमला बोला था, लेकिन इससे पहले ही आरोपित का परिवार घर छोड़कर फरार हो गया।

यश के पड़ोस में रहने वाली महिला डरते हुए कहती है कि अब इतना डर लगने लगा है कि पता नहीं कब क्या हो जाए। ऐसा मन होता है कि यहाँ से सबकुछ छोड़कर चले जाएँ। हर महीने इस तरह की घटनाएँ हो रही हैं। आरोपित रेहान के घर के बाहर खड़ी एक अधेड़ उम्र की महिला कहती है कि पाँच महीने पहले मेरे दो बेटों को मार दिया था। आज तक कुछ नहीं हुआ।

पाँच बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुका है रेहान

इस बीच हमने आरोपित रेहान के आस-पास रहने वाले लोगों से बात की। पड़ोसियों की मानें तो रेहान और उसके साथी दिन में गोलगप्पे बेचने का काम और रात में अपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। मुस्लिम पड़ोसी के मुताबिक मुख्य आरोपित ने पिछले कुछ महीनों में पाँच बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है और बेखौफ बाहर घूमता है। वजह पूछने पर बताते हैं कि इनको कोई कठोर सजा नहीं मिलती और न ही पुलिस का कोई डर रहता है।

दूसरे मुस्लिम पड़ोसी ने बताया कि जब से नए लड़के नशा करने लगे हैं, तब से कॉलोनी में इस तरह की वारदातें बढ़ चुकी हैं। एक तीसरे मुस्लिम पड़ोसी ने बताया कि ये लड़के पहले तो नशे का काम करते हैं और फिर अपराध करते हैं। कॉलोनी में रहने वाले मो. कासिम बताते हैं कि पुलिस वालों की कमी से ये सब हो रहा है। बच्चे नशे का कारोबार कर रहे हैं। इलाके में खतरा इतना है कि पेशाब करने से पहले भी चारों ओर देखना पड़ता है कि कोई चाकू मारकर न भाग जाए।

“आपसे बात करना आफत को गले लगाना है”

गली में नाई की दुकान पर बैठे मुस्लिम बुजुर्ग ने कहा हमें किसी बात का डर नहीं है। घटना कारित करने वाला, घटना करके जेल गया, यहाँ सब ठीक है। आरोपितों के बारे में पूछने पर हाथ जोड़कर बोले कि आगे पता कर लीजिए। सड़क किनारे मंदिर की सीड़ियों पर बैठे एक व्यक्ति ने हमसे बात करने से साफ मना कर दिया और कहा कि यहाँ बात करना आफत को गले लगाना है। वहीं पास में खड़े दो और लोगों ने बात करने से इनकार कर दिया।

नाबालिग ने चलाई थी यश पर गोली

दिल्ली पुलिस ने यश हत्याकांड में एक नाबालिग सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि नाबालिग ने ही यश पर पहले गोली चलाई थी, लेकिन गोली नहीं लगने के बाद दूसरे ने यश पर चाकू से वार किया था। दरअसल, यश मुस्लिम लड़की से शादी करना चाहता था। फिलहाल यश इस दुनिया में नहीं है। उसके घर वाले और इलाके के लोगों की एक ही माँग है, हत्यारों को सजा मिले और पीड़ित को न्याय।