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JNU का छात्र-AISA से लिंक, छात्राओं के यौन शोषण में घिरा: अश्लील तस्वीरें भी वायरल की, स्कॉलरशिप पर जा रहा रूस

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के एक छात्र पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। आरोपित केशव कुमार ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स यूनियन (AISA)’ का छात्र नेता रहा है। बता दें कि AISA एक वामपंथी छात्र संगठन है। ये CPI(ML) का छात्र संघ है। JNU छात्र संघ ने खुद को केशव कुमार से अलग करते हुए इस मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग की है। केशव कुमार के करीबी छात्रों ने भी एक बयान जारी कर खुद को उससे अलग कर लिया है।

‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ की सेन्ट्रल वर्किंग कमिटी की सदस्य और 2015 में JNU छात्र संघ के उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ चुकीं वेलेंटिना ब्रह्मा ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा, “एक बार फिर AISA का कुकर्म सामने आया है। छात्रा के साथ न सिर्फ बलात्कार किया गया, बल्कि वीडियो भी बना लिया गया। चरित्र हनन और दुष्प्रभाव के कारण पीड़िता शिकायत भी करने में असमर्थ हैं।”

‘स्टूडेंट्स ऑफ द सेंटर फॉर रसियन स्टडीज’ के ‘बैचलर ऑफ आर्ट्स’ के तीसरे वर्ष के छात्रों ने बयान जारी कर के कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि कक्षा के एक छात्र केशव कुमार पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। छात्रों ने कहा कि उसके खिलाफ लड़कियों के खिलाफ यौन अपराध के गंभीर आरोप लगे हैं। इसमें अपने अंतरंग पार्टनर के साथ हिंसा, बलात्कार की कोशिश, बिना अनुमति के महिला की आपत्तिजनक अवस्था में तस्वीरें लेना और फिर इन तस्वीरों व वीडियो के सहारे उसे ब्लैकमेल करने जैसे आरोप शामिल हैं।

कम से कम 4 ऐसे छात्र सामने आए हैं, जिनके समक्ष केशव कुमार ने अपने ब्लैकमेलिंग कंटेंट दिखाए थे। ये भी पता चला है कि केशव कुमार न सिर्फ इस बैच का ‘SFC प्रतिनिधि’ है, बल्कि उसे विश्वविद्यालय द्वारा रूसी दूतावास के जरिए स्कॉलरशिप पर रूस भी भेजा जा रहा है। उसे मॉस्को में स्थित RUDM यूनिवर्सिटी से मास्टर्स का कोर्स करने के लिए रूस भेजे जाने का निर्णय लिया गया है। ‘सेंटर फॉर रसियन स्टडीज’ ने इस फैसले को तत्काल वापस लेने की माँग की है।

उसके बैच के छात्रों ने अपने बयान में कहा, “हम इस तरह की हरकतों से एकदम हैरान हैं और आक्रोशित हैं। हम केशव कुमार के हरकतों की निंदा करते हैं। हम पीड़िताओं के साथ खड़े हैं और हमारी माँग है कि इस तरह का व्यक्ति हमारा प्रतिनिधि नहीं हो सकता। साथ ही इस मामले की जाँच के साथ-साथ हम पीड़िताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग करते हैं।” वहीं AISA ने भी ‘पितृसत्ता’ और ‘यौन प्रताड़ना’ के खिलाफ होने की बात कही।

वामपंथी छात्र संगठन ने कहा कि BA रसियन (2018-21 बैच) के केशव कुमार के खिलाफ यौन शोषण के कई आरोप लगे हैं। साथ ही पीड़िताओं के साहस को ‘सलाम करते हुए’ AISA ने उनके साथ खड़े होने की बात कही और उन्हें सहायता तक देने का आश्वासन दिया। साथ ही JNU के ‘इंटरनल कंप्लेंट कमिटी (ICC)’ के गठन के बाद से यौन शोषण की घटनाओं के बढ़ने की बात करते हुए AISA ने कहा कि Gender Sensitisation Committee Against Sexual Harassment (GSCASH) को भंग कर ICC को लाना एक गलत फैसला था।

वहीं इस मामले में सोमवार (2 अगस्त, 2021) को JNU छात्र संघ ने न्याय के लिए मार्च का आयोजन भी किया है। वहीं अनमोल सहित कई अन्य छात्र, जो 5 वर्षों या उससे अधिक समय से केशव कुमार को जानते थे, उन्होंने भी संयुक्त बयान जारी किया है। इसमें उसके परिचित, क्लासमेट्स व रूममेट्स शामिल हैं। इन छात्रों ने कहा कि वो पहले केशव कुमार की हरकतों से पूरी तरह वाकिफ नहीं थे, इसीलिए पीड़िताओं से माफ़ी माँगते हैं।

केशव के परिचित छात्रों ने जारी किया संयुक्त बयान

छात्रों ने अपने संयुक्त बयान में कहा, “हमने केशव कुमार की हरकतों पर बयान जारी करने का निर्णय लिया है। सार्वजनिक रूप से उसकी हरकतों के सामने आने के बाद उसने हम सब को भ्रमित करने की कोशिश की। केशव ने हमें बताया कि उसने पीड़िताओं के वीडियो भी रिकॉर्ड कर रखे हैं। वो अपने अपराध में हमें भी शामिल करना चाहता था, ताकि उसे एक ‘सामाजिक कवच’ मिले, लेकिन हम उससे खुद को पूरी तरह अलग करते हैं और अगर कोई अब भी उसका बचाव करने की कोशिश करता है तो उसे भी इन अपराधों में भागीदार माना जाए।”

हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब JNU और AISA से जुड़े किसी छात्र नेता पर इस तरह के आरोप लगे हों। जेएनयू से डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे अमन सिन्हा पर दिल्ली विश्वविद्यालय की विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं पर बुरी नजर डालने के आरोप लगे थे। वो AISA और ‘पिंजरा तोड़’ जैसे संगठनों से जुड़ा हुआ था। पीड़िताओं ने कहा था कि वो DU में मौजूद भोली-भाली महिलाओं को अपनी और आकर्षित कर उन्हें फाँसता है।

धनबाद में जज के ‘मर्डर’ का CCTV फुटेज वायरल होने पर सब इंस्पेक्टर सस्पेंड, अब तक 243 से पूछताछ: रिपोर्ट

झारखंड के धनबाद में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद को दिनदहाड़े एक ऑटो ने टक्कर मारी थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इस घटना के सामने आए सीसीटीवी फुटेज से यह बात सामने आई थी कि मॉर्निंग वॉक पर निकले जज को जानबूझकर टक्कर मारी गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में सब इंस्पेक्टर आदर्श कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया में वायरल कर ड्यूटी से लापरवाही बरतने का आरोप है। धनबाद के एसएसपी संजीव कुमार के हवाले से बताया गया है कि उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा पाथरडीह थाना प्रभारी उमेश मांझी को ऑटो चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद तत्काल एक्शन नहीं लेने के कारण सस्पेंड किया गया है।

इस हिट ऐंड रन केस की जाँच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने (एसआईटी) ने अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। शनिवार (31 जुलाई 2021) को करीब 53 होटलों की तलाशी ली गई। अब तक 243 संदिग्धों से पूछताछ की गई है। पुलिस ने गाड़ी के पेपर्स नहीं दिखा पाने वाले 250 से अधिक ऑटो-रिक्शा को एक बड़े अभियान में जब्त किया है।

एसआईटी की टीम ने रविवार (1 अगस्त 2021) को धनबाद सर्किट हाउस में एडीजी (ऑपरेशन) संजय आनंद लाठकर की अध्यक्षता में मैराथन बैठकें भी की। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए धनबाद के एसएसपी संजीव कुमार ने बताया कि शनिवार की रात से रविवार की सुबह तक धनबाद के सभी 55 थाना क्षेत्रों से कुल 243 संदिग्धों को हिरासत में लेकर विभिन्न थानों में पूछताछ की गई है।

सीबीआई जाँच की सिफारिश

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन सोरेन ने जिला सत्र न्यायधीश उत्तम आनंद की हत्या के मामले में शनिवार (31 जुलाई 2021) को सीबीआई जाँच की सिफारिश की। झारखंड सरकार ने कहा, “न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत की जाँच सीबीआई को सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस संबंध में एक सिफारिश की है।” सीएम सोरेन ने आनंद के परिजनों से भी मुलाकात की थी और उन्हें बताया था कि राज्य सरकार जाँच को लेकर गंभीर है।

गौरतलब है कि झारखंड के धनबाद में बुधवार (जुलाई 28, 2021) को दिनदहाड़े अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी से एक हफ्ते में रिपोर्ट माँगा था। साथ ही कहा था कि देश भर में न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के संबंध में निश्चित तौर पर सुनवाई की जाएगी।

‘सबको मार डालेंगे’: धमकी देकर गायब हो गए थे मिजोरम सांसद, CM सरमा ने दिया FIR वापस लेने का आदेश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने असम और मिजोरम के बीच चल रहे सीमा विवाद और हाल ही में हुई हिंसा के बाद स्थिति को सामान्य बनाने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने असम पुलिस को आदेश दिया है कि मिजोरम से राज्यसभा सांसद वनलालवेना के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लिया जाए। उन्होंने दोस्ताना रुख अपनाते हुए तनाव ख़त्म करने के लिए ये पहल की है। 26 जुलाई को हुई हिंसा के असम पुलिस के 6 जवान बलिदान हो गए थे।

हालाँकि, उन्होंने कहा कि अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए मामले चलते रहेंगे। हाल ही में मिजोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरामथंगा ने कहा था कि वो इस विवाद को मिल-बैठ कर दोस्तान ढंग से सुलझाना चाहते हैं। असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस बयान का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि असम हमेशा से उत्तर-पूर्व की आत्मा को जीवित रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य सीमा पर शांति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मिजोरम के राज्यसभा सांसद को असम सीमा पर हुए विवाद के बाद बुक किया गया था। सीएम सरमा ने कहा कि सीमा पर जो हिंसा हुई, वो दोनों ही राज्यों के लिए अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि मिजोरम के मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनका क्वारंटाइन ख़त्म होने के बाद वो उन्हें फोन कॉल करेंगे। सरमा ने कहा कि सीमा विवाद सिर्फ शांतिपूर्ण बैठक से ही सुलझ सकता है। ‘मिजोरम बाउंड्री कमिटी’ ने एक प्रस्ताव पारित कर के असम पुलिस पर घुसपैठ व अतिक्रमण का आरोप लगाया है।

संसद के बाहर वनलालवेना ने बुधवार (28 जुलाई) को कहा था, “200 से अधिक असम के पुलिसकर्मियों ने हमारे क्षेत्र में प्रवेश किया और उन्होंने हमारे पुलिसकर्मियों को हमारी ही चौकियों से पीछे धकेल दिया और हमसे पहले उन्होंने फायरिंग के आदेश दिए।” उन्होंने कहा था, ”वे भाग्यशाली हैं कि हमने उन सभी को नहीं मारा। यदि वे फिर आएँगे तो हम उन सबको मार डालेंगे।” इसके बाद असम पुलिस और दिल्ली सीआईडी की टीम उन्हें ढूँढ रही थी, लेकिन वो ‘गायब’ हो गए हैं।

‘मेरे दोस्तों के साथ सेक्स करो या ₹50000 दो’: वीडियो बना ब्लैकमेल कर रहा था प्रेमी शादाब, मजबूर नाबालिग ने फ्लाईओवर से लगाई छलांग

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक नाबालिग लड़की के बॉयफ्रेंड शादाब ने ब्लैकमेल कर उसे दोस्तों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। इससे निराश हो उसने मंगलवार (27 जुलाई 2021) की शाम रेलवे फ्लाईओवर से छलांग लगा दी। इस घटना में उसकी जान तो बच गई, लेकिन रीढ़ की हड्डी टूटने से वह लकवाग्रस्त हो गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को अस्पताल में जब लड़की को होश आया तो उसने परिजनों को आपबीती बताई। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पीड़िता के मुताबिक, गाँव के ही शादाब के साथ बीते चार महीने से वह रिश्ते में थी। वह अपने चाचा के घर उसे मिलने के लिए बुलाता था। इसी दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने थे। आरोपित शादाब ने इसका वीडियो बना लिया था।

नाबालिग का कहना है कि आरोपित शादाब ने उसके अश्लील वीडियो को गाँव के अपने तीन अन्य दोस्तों को बाँट दिया था, जिसके आधार पर तीनों उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। उन्होंने पीड़िता से 10,000 रुपए ऐंठ भी लिए थे औऱ 50,000 रुपए की माँग कर रहे थे।

पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने बताया, “उसने मेरी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो ले लिए और उन्हें अपने तीन दोस्तों के साथ साझा किया। फिर अचानक उसने मुझे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने मुझसे कहा कि या तो मेरे दोस्तों के साथ सेक्स करो या 50,000 रुपए दो, नहीं तो वह मेरे वीडियो इंटरनेट पर अपलोड कर देगा।”

लड़की के पिता के मुताबिक, उनकी बेटी मंगलवार की शाम को घर से रोते हुए आत्महत्या करने की बात कहकर गई। उसने अपनी अम्मी से कहा कि मैं मरने जा रही हूँ। अम्मी ने रोका तो बोली कि अम्मी मुझे जाने दो, मुझे मरना है। इसके बाद गाँव के सामने से गुजर रहे फ्लाईओवर पर चढ़ गई और वहाँ से छलांग लगा दी।

मुरादाबाद ग्रामीण के एसपी विद्या सागर मिश्रा ने बताया कि पीड़िता और उसके परिवार की शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपित शादाब के साथ उसके दोस्त सद्दाम, राशिद औऱ आरिफ के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है औऱ आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है।

‘रिस्क है, भारत काम नहीं देगा’: Pak के कश्मीर लीग में नहीं खेलेंगे मोंटी पनेसर, BCCI के बाद ECB ने भी चेताया

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मोंटी पनेसर ने पाकिस्तान द्वारा आयोजित किए जा रहे ‘कश्मीर प्रीमियर लीग’ में हिस्सा नहीं लेने का फैसला लिया है। ‘भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)’ की आपत्ति के बाद उन्होंने ये फैसला लिया। BCCI ने पहले ही दुनिया के सभी क्रिकेट बोर्ड्स को आगाह कर रखा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में होने वाले KPL में खेलने वाले खिलाड़ियों का भारत में उनका दाना-पानी बंद कर दिया जाएगा।

मोंटी पनेसर ने बयान जारी करते हुए खा, “कश्मीर मुद्दे पर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण मैंने KPL में न खेलने का निर्णय लिया है। मैं इन सबके बीच नहीं पड़ना चाहता। ये मुझे असहज कर देगा।” ‘रिपब्लिक भारत’ से बात करते हुए मोंटी पनेसर ने अन्य खिलाड़ियों को भी चेताया कि KPL में हिस्सा लेने से पहले उन्हें इसके गंभीर परिणामों के बारे में सोचना चाहिए, जो उन्हें भुगतने पड़ सकते हैं।

इंग्लैंड के बाएँ हाथ के पूर्व ऑर्थोडॉक्स स्पिनर ने कहा कि उन्होंने स्पोर्ट्स मीडिया में अभी अपना करियर शुरू ही किया है और वो अभी इस तरह के रिस्क नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि वो KPL में खेल कर फिर से मैदान पर उतरना चाहते थे, लेकिन उन्हें बताया गया है कि BCCI ने ऐसा करने पर खिलाड़ियों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स मीडिया में उन्होंने काम शुरू किया है और वो भारत में भी काम करना चाहते हैं।

मोंटी पनेसर ने कहा कि वो क्रिकेट और राजनीति के बीच में नहीं आना चाहते, इसीलिए उन्हें लगता है कि ‘कश्मीर प्रीमियर लीग’ में खेलने में उनकी भलाई नहीं है। मोंटी पनेसर धीरे-धीरे खेल कर क्रिकेट मैदान पर फिर से वापसी करना चाहते थे। उन्होंने कहा, “हर कोई कमबैक करना चाहता है। लेकिन, मुझे भारत में कोचिंग और कमेंट्री करनी है, इसीलिए KPL में खेलने पर भारत मुझे काम नहीं देगा।”

उन्होंने बताया कि ‘इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB)’ से भी उन्हें यही सलाह मिली है। बता दें कि पाकिस्तान ने दिसंबर 2020 में KPL का ऐलान किया था। इसके जरिए वो कश्मीर मुद्दे को एक अलग तरीके से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहता है। पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में होने वाले इस लीग को लेकर BCCI सख्त है। पूरा जम्मू कश्मीर भारत के अहम हिस्सा है। इसकी एक टीम के कप्तान शाहिद अफरीदी हैं।

मोंटी पनेसर का विवादों से नाता कोई नया नहीं है। उन्होंने जून 2019 में खालिस्तान का समर्थन कर भारत में अलगाववाद को बढ़ावा दिया था। मोंटी पनेसर ने तब ट्विटर पर लिखा था, “जून 1, 1984 को जो घटनाएँ हुईं, वो अभी भी हमारे समाज के दिलोंदिमाग में मौजूद हैं। ट्राफलगर स्क्वायर (वेस्टमिनिस्टर, सेन्ट्रल लंदन) में आप देख सकते हैं कि हम खालिस्तान के लिए कितने बेचैन हैं। क्या पंजाब के लोग खालिस्तान चाहते हैं?”

इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज हर्शल गिब्स ने एक ट्वीट कर के दावा किया था कि BCCI कश्मीर प्रीमियर लीग में खेलने पर ‘गैर-ज़रूरी रूप से’ पाकिस्तान के साथ राजनीतिक एजेंडे को आगे रखते हुए खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा रहा है। BCCI ने भी कहा है कि देशहित को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है। BCCI के एक अधिकारी ने कहा कि आज तक बोर्ड ने ‘पाकिस्तान प्रीमियर लीग (PSL)’ में किसी खिलाड़ी के खेलने पर आपत्ति नहीं जताई, लेकिन ये मामला POK का है।

हासन का होयसलेश्वर मंदिर: अद्भुत नक्काशी, क्या निर्माण में होयसल राजाओं ने करवाया था मशीनों का उपयोग

कर्नाटक के हासन (Hassan) जिले के हलेबिड नामक स्थान पर स्थित है होयसलेश्वर मंदिर। हलेबिड का प्राचीन नाम द्वारसमुद्र था जो राजा विष्णुवर्धन के समय में होयसल साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। कई सदियों वर्ष पुराना मंदिर अपनी महानतम वास्तुशैली के लिए प्रसिद्ध है। ऐसा माना जाता है कि इसे बनाने में मशीनों का उपयोग किया गया था, क्योंकि मंदिर में जिस प्रकार की नक्काशी और कलाकारी की गई है वह मनुष्य के हाथों से संभव नहीं है।

इतिहास

होयसल राजाओं ने अपने शासनकाल में लगभग 1,500 मंदिरों का निर्माण कराया जिनमें से अधिकांश मंदिर भगवान शिव को समर्पित थे। होयसलेश्वर मंदिर भी उनमें से एक है जिसका निर्माण सन् 1121 में हुआ था। इस मंदिर का निर्माण होयसल राजा विष्णुवर्धन के शासनकाल में हुआ था और निर्माण का योगदान जाता है विष्णुवर्धन के एक अधिकारी केटामल्ला को। हालाँकि मंदिर के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था राजा विष्णुवर्धन ने ही कराई थी, लेकिन केटामल्ला ने मंदिर की संरचना और अद्भुत निर्माण में अपना पूरा योगदान दिया।

मंदिर और उसके आसपास स्थित शिलालेखों से यह जानकारी मिलती है कि समय के साथ कई बार मंदिर का जीर्णोद्धार होता रहा। मंदिर के ऊपर एक शिखर की मौजूदगी के प्रमाण मिलते हैं जो अब नहीं है। मंदिर ने कई बार आक्रमण भी झेला है। 14 वीं शताब्दी की शुरुआत में दिल्ली सल्तनत के अलाउद्दीन खिलजी और मुहम्मद बिन तुगलक के द्वारा द्वारसमुद्र में आक्रमण किया गया। इस दौरान उन दोनों के द्वारा भयानक विध्वंस मचाया गया। इसके बाद यहाँ विजयनगर साम्राज्य स्थापित हुआ।

संरचना

होयसलेश्वर मंदिर का निर्माण एक ऊँचे प्लेटफॉर्म पर हुआ है और इस प्लेटफॉर्म पर 12 नक्काशीदार परतें बनी हुई हैं। यह होयसल वास्तुशिल्प का बेहतरीन उदाहरण है कि इन 12 परतों को जोड़ने में न तो चूना सीमेंट का उपयोग हुआ और न किसी अन्य तरह के पदार्थ का, बल्कि इन्हें इंटरलॉकिंग तकनीक के माध्यम से आपस में जोड़ा गया है। मंदिर की बाहरी दीवार पर बेहद खूबसूरत नक्काशी की गई है और प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। होयसलेश्वर मंदिर में स्थापित मूर्तियों को बनाने में सॉफ्ट स्टोन का उपयोग किया गया है जो समय के साथ कठोर हो जाता है।

होयसलेश्वर मंदिर की वास्तुकला ‘बेसर शैली’ से प्रेरित मानी जाती है। यह मंदिर निर्माण की द्रविड़ शैली और नागर शैली, दोनों से ही भिन्न है और इस शैली का उपयोग अक्सर होयसल राजा ही किया करते थे। मंदिर के अंदर पत्थर के स्तंभ स्थित हैं और इन स्तंभों पर गोलाकार डिजाइन बनाई गई है। इसके अलावा मंदिर में भगवान शिव की एक मूर्ति विराजमान है। शिव जी की इस मूर्ति के मुकुट पर मानव खोपड़ियाँ बनी हैं, जो मात्र 1 इंच चौड़ी हैं। इन छोटी-छोटी खोपड़ियों को इस तरह से खोखला किया गया है कि उससे गुजरने वाली रोशनी आँखों के सुराख से होती हुई मुँह में जाकर कानों से बाहर लौट आती हैं।

भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर की नक्काशियों और उत्कृष्ठ कलाकृतियों को देखकर ही इस मंदिर के संबंध में अक्सर यह कहा जाता है कि मंदिर के निर्माण में मशीनों का उपयोग किया गया था। क्योंकि जिस तरीके से मंदिर की दीवारों पर मूर्तियों को उकेरा गया है और स्तंभों की गोलाई को जिस सूक्ष्मता से बनाया गया है, वह मनुष्य के हाथों से बनाया जाना थोड़ा मुश्किल मालूम होता है। हालाँकि मंदिर के निर्माण में किसी भी प्रकार की मशीन के उपयोग की कोई पुख्ता जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय मान्यताएँ ऐसा ही कुछ कहती हैं।

होयसलेश्वर मंदिर परिसर में दो जुड़वा मंदिर हैं जिनके गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित हैं और दोनों ही मंदिरों के गर्भगृह पूर्वाभिमुख हैं। दोनों ही गर्भगृह के बाहर नंदी हॉल है जहाँ अपने आराध्य की ओर मुख किए हुए नंदी विराजमान हैं। मुख्य मंदिर होयसलेश्वर मंदिर के नाम से जाना जाता है और दूसरा जुड़वा मंदिर शांतलेश्वर मंदिर। मुख्य मंदिर से जुड़ा हुआ एक सूर्य तीर्थ भी है। हालाँकि इतिहासकारों का मानना है कि इस पूरे परिसर में कई अन्य छोटे मंदिर भी थे जो अब यहाँ मौजूद नहीं हैं।

कैसे पहुँचे?

होयसलेश्वर मंदिर कर्नाटक के हासन जिले में स्थित है, जहाँ का निकटतम हवाईअड्डा मैसूर में स्थित है। होयसलेश्वर मंदिर से मैसूर हवाईअड्डे की दूरी लगभग 150 किमी है। साथ बेंगलुरु का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा यहाँ से 229 किमी दूर है। रेलमार्ग से भी हासन पहुँचना संभव है। हासन रेलवे जंक्शन कर्नाटक समेत दक्षिण भारत के लगभग सभी बड़े शहरों से रेलमार्ग के माध्यम से जुड़ा हुआ है। हासन जंक्शन, होयसलेश्वर मंदिर से मात्र 30 किमी दूर है। इसके साथ ही सड़क मार्ग से भी होयसलेश्वर मंदिर तक पहुँचा जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 75 पर स्थित हसन, देश के अन्य हिस्सों से सड़क मर्ग से जुड़ा हुआ है। कर्नाटक की राज्य परिवहन की बसों के द्वारा हासन पहुँचना बहुत ही सरल है।

मुहर्रम पर यूपी में ना ताजिया ना जुलूस: योगी सरकार ने लगाई रोक, जारी गाइडलाइन पर भड़के मौलाना

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तरफ से मुहर्रम के लिए प्रदेश के डीजीपी मुकुल गोयल ने गाइडलाइन जारी कर दी है। इस गाइडलाइन के अनुसार 19 अगस्त को प्रशासन ने किसी भी तरीके का जुलूस निकालने पर पाबंदी लगाई है। इस बार कोविड को देखते हुए जिलों में मुहर्रम जुलूस की अनुमति नहीं दी गई है। डीजीपी ने इसको लेकर जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दे दिए हैं। डीजीपी ने पुलिस अधीक्षकों को मौलानाओं से संवाद बनाने, सभी महत्वपूर्ण स्थलों की चेकिंग करने, बीट स्तर पर हालातों का परीक्षण कर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं।

ताजिया का न जुलूस निकलेगा और ना ही कर्बला में मेला लगेगा। दो-तीन की संख्या में लोग ताजिया की मिट्टी ले जाकर कर्बला में ठंडा करेंगे। रास्ते से अतिक्रमण हटवा दिया जाएगा। ताजिया चौक की सफाई भी कराई जाएगी। उप निरीक्षक शिवानंद वर्मा, गुलफाम अहमद, महमूद आलम, एबरार अली, सजाउद्दीन आदि उपस्थित थे

हालाँकि, मुहर्रम की गाइडलाइन में प्रशासन की भाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गाइडलाइन में भाषा के इस्तेमाल को लेकर शिया समुदाय के मौलानाओं, इमामों में आक्रोश है। शिया मौलाना कल्बे सिब्तैन नूरी ने गाइडलाइन के ड्राफ्ट को तुरंत बदलने की माँग है।

मौलाना कल्बे सिब्तैन नूरी ने कहा कि, मुहर्रम के संबंध में पुलिस प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन से शिया समुदाय के धार्मिक जज़्बात को ठेस पहुँची है। इसमें मुहर्रम व शिया समुदाय पर सीधे तौर पर बेबुनियाद इल्ज़ाम लगाए गए हैं। इस गाइडलाइन के ड्राफ्ट को तुरंत बदला जाए।

दरअसल, पुलिस प्रशासन की गाइडलाइन में लिखा है कि मुहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय के लोगों द्वारा तबरां पढ़े जाने पर सुन्नी समुदाय (देवबन्दी एवं अहले हदीस) द्वारा कड़ी आपत्ति व्यक्त की जाती है, जो इसके प्रतिउत्तर में “मदहे-सहाबा” पढ़ते हैं, जिस पर शियाओं द्वारा आपत्ति जाती है। शिया वर्ग के असामाजिक तत्वों द्वारा सार्वजनिक स्थानों, पतंगों एवं आवारा पशुओं पर तबर्रा लिखे जाने तथा देवबन्दी/अहले हदीस फिरकों के सुन्नियों के असामाजिक तत्वों द्वारा इन्हीं तरीकों से अपने खलीफाओं के नाम लिखकर प्रदर्शित करने पर इन दोनों फिरकों के मध्य व्याप्त कटुता के कारण विवाद संभावित रहता है।

शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि गाइडलाइन में बीते 40 साल पुरानी बातों को खोद कर शिया समुदाय पर गलत इल्जाम लगाए गए हैं। इसके जरिए शिया समुदाय के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई गई है। मौलाना ने डीजीपी से इस पत्र को वापस लेने और संबन्धित लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने की माँग की। 

वहीं कोरोना की स्थिति को लेकर बात करें तो इस समय राज्य में कोविड के केसों की संख्या बहुत कम हो गई है। एक ओर जहाँ देश के बड़े राज्यों में कोरोना वायरस का संक्रमण फिर जोर पकड़ रहा है, वहीं प्रदेश में तो एक्टिव केस हर दिन कम ही होते जा रहे हैं। प्रदेश के 75 में से दस जिले कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।

मुरादाबाद: 1 साल तक छेड़खानी के बाद सलमान और उसके भाइयों ने हिन्दू लड़की को अगवा कर जबरन कराया धर्म परिवर्तन

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कांशीराम नगर में सोमवार (26 जुलाई, 2021) को बदमाशों ने एक लड़की का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया। यह इलाका मझोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

जानकारी के मुताबिक पीड़िता गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है। उनकी आर्थिक स्थिति की वजह से वे महबूब और दिलखुश नाम के परिवार के निशाने पर आ गए। पीड़िता के पिता ने बताया कि पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण आरोपित और उसके बेटे आए दिन दबंगई दिखाते रहते हैं।

मुख्य आरोपित की पहचान महबूब और दिलखुश के बेटे सलमान के रूप में हुई है। सलमान ने पहले कई मौकों पर पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की थी। लड़की के परिवार ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी और मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद उसने कुछ दिनों तक तो उसे परेशान नहीं किया, लेकिन कुछ दिनों बाद वह फिर से लड़की के साथ छेड़छाड़ करने लगा। जब पीड़िता के परिवार ने इसकी शिकायत की, तो आरोपित और उसके परिवार ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।

सलमान के परिवार से शिकायत करने पर उनके परिवार को लाठियों से भी पीटा गया। 26 जुलाई को लड़की रहस्यमय तरीके से घर से गायब हो गई। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की। करीब तीन दिन बाद 29 जुलाई को गीता सैनी नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें बताया कि लड़की का अपहरण सलमान और उसके भाइयों ने एक कार में किया था। चश्मदीद ने बताया कि लड़की कार में चिल्ला रही थी और यह भी कह रही थी कि उसे जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया है।

इसकी शिकायत दिलखुश से करने पर लड़की के परिवार वालों को लाठी-डंडों से पीटा गया। हालाँकि वे जान बचाने में सफल रहे। इसके बाद परिजनों ने 6 लोगों के खिलाफ मझोला थाने में शिकायत दर्ज कराई। लड़की के परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि सलमान का परिवार पीड़ित लड़की पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बना रहा है।

सलमान ने पीड़िता को एक साल से ज्यादा समय तक किया परेशान

इसके बाद पुलिस ने सलमान, फैजान, अरशद, शानू, दिलखुश और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मझोला थाने के निरीक्षक के अनुसार मामले की जाँच शुरू कर दी गई है और आरोपित की तलाश शुरू कर दी गई है। वहीं, पीड़िता की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। यह भी सामने आया है कि आरोपित सलमान पिछले एक साल से पीड़िता को परेशान कर रहा था। हालाँकि, कांशीराम नगर पुलिस चौक में शिकायत करने पर परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लड़की को दोषी ठहराया और शिकायत को खारिज कर दिया।

इस घटना से हिंदू संगठनों में हड़कंप मच गया है। यह जानने के बाद कि पीड़िता का अपहरण किया गया और जबरन धर्म परिवर्तन किया गया, हिंदू अधिकार कार्यकर्ता प्रांशु जोशी ने पुलिस से अपहृत लड़की की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने पुलिस को पीड़ित की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में विफल रहने पर बड़े पैमाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

सोनू सूद बने स्पेशल ओलंपिक विश्व शीतकालीन खेलों में भारत के ब्रांड एंबेसडर: अगले साल रूस के कज़ान में करेंगे अगुवाई

अभिनेता सोनू सूद ने घोषणा की है कि वह अगले साल रूस के कज़ान में विशेष ओलंपिक विश्व शीतकालीन खेलों में भारतीय दल के साथ जाएँगे। वह इस आयोजन के भारतीय ब्रांड एंबेसडर हैं।

सोनू सूद ने कहा, “आज का दिन मेरे लिए बहुत खास है और मैं स्पेशल ओलंपिक में भारत के साथ इस यात्रा में शामिल होकर खुश हूँ। अपनी खेल उपलब्धियों के माध्यम से, प्रत्येक स्पेशल ओलंपिक एथलीट मानव भावना को फिर से परिभाषित करता है जो हर चुनौती का सामना करने के लिए खड़ा होता है। मैं उन सभी को शुभकामनाएँ देता हूँ कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करें जो अपने आप में दुनिया को एक मजबूत संदेश देगा कि वे मुख्यधारा में आने के योग्य हैं। मैं स्पेशल ओलंपिक भारत परिवार में शामिल होने का सौभाग्य महसूस कर रहा हूँ और इस मंच को और भी बड़ा बनाने और पूरे देश के लोगों के साथ प्रतिध्वनित करने का वचन देता हूँ। मैं स्पेशल ओलम्पिक भारत का समर्थन करता हूँ। मैं समावेश क्रांति का समर्थन करता हूँ।”

उन्होंने 31 जुलाई को अपने जन्मदिन पर विशेष ओलंपिक भारत के विशेष एथलीटों और अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बातचीत के दौरान यह घोषणा की। अभिनेता ने कहा, “मैं विशेष ओलंपिक विश्व शीतकालीन खेलों के लिए रूस में हमारी टीम के साथ रहने का अवसर पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। मैं अपने एथलीटों को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रोत्साहित करूँगा और उन्हें इस तरह के उत्साह के साथ प्रोत्साहित करूँगा कि सपोर्ट की गूँज भारत में गूँजेगी।”

स्पेशल ओलंपिक भारत की चेयरपर्सन डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा, “मैं विशेष ओलंपिक परिवार में शामिल होने के हमारे निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए सोनू सूद का आभार व्यक्त करना चाहती हूँ। हमें यकीन है कि वह भारत में आंदोलन को एक नई दिशा देने में एक प्रमुख भूमिका निभाएँगे और दुनिया भर में बौद्धिक विकलांग लोगों की मदद करेंगे।

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के दौरान, सोनू सूद पर इससे पीड़ित लोगों को राहत देने के नाम पर धोखाधड़ी करने का संदेह हुआ था। लोगों ने दावा किया था कि अभिनेता द्वारा इसे प्रदान करने का दावा करने के बाद उनके पास कोई सहायता प्राप्त करने की कोई जानकारी नहीं थी।

हॉकी में टीम इंडिया ने 41 साल बाद दोहराया इतिहास, टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुँची: अब पदक से एक कदम दूर

भारतीय पुरुष हॉकी टीम (Indian Men Hockey Team) ने टोक्यो ओलिंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। कोच ग्राहम रीड और कप्तान मनप्रीत सिंह की टीम ने 41 साल बाद भारत को हॉकी के सेमीफाइनल में पहुँचाने में सफलता हासिल की है। भारत ने 1980 के मॉस्को ओलिंपिक के बाद पहली बार पुरुष हॉकी के अंतिम-4 में अपनी जगह बनाई। 

टीम इंडिया ने आखिरी क्वार्टर फाइनल में ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हराया। सेमीफाइनल में भारत की टक्कर मौजूदा विश्व चैंपियन और नंबर एक रैंक टीम बेल्जियम से होगी। भारत ने 1980 के बाद से ओलिंपिक में कोई मेडल नहीं जीता है और इस बार टीम मेडल के बेहद करीब है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पूल स्टेज में 1-7 से मिली हार के झटके के बाद भारतीय टीम ने जबरदस्त वापसी की और लगातार 4 मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना लिया है। भारतीय टीम ने पहले दो क्वार्टर में ही बढ़त हासिल करते हुए ब्रिटेन को बैकफुट पर धकेला। इसके बाद टीम ने अगले दो क्वार्टर में भी मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। टीम की फॉरवर्ड लाइन ने अगर गोल कर बढ़त दिलाई, तो डिफेंस ने, खास तौर पर अनुभवी दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कुछ बेहतरीन सेव के जरिए उसे बरकरार रखने में मदद की।

पहले हाफ में ही 2-0 की बढ़त

पहला हाफ पूरी तरह से भारत के नाम रहा, जिसमें टीम इंडिया ने दोनों क्वार्टर में एक-एक गोल किए। भारत ने पहले क्वार्टर से ही अपना हमला शुरू कर दिया और ब्रिटेन के सर्किल को भेदते हुए कई मौके बनाए। इसका फायदा जल्द ही भारत को मिला भी 7वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने भारत को बढ़त दिला दी। भारत के लिए अपना 50वाँ मैच खेल रहे दिलप्रीत सिंह ने मैदानी गोल कर भारत को मैच में आगे किया। पाँच मिनट बाद ही श्रीजेश ने एक बेहतरीन सेव से ब्रिटेन की बराबरी के मौके को रोका।

पहला क्वार्टर 1-0 से भारत के पक्ष में रहा और फिर दूसरे क्वार्टर की शुरुआत भी दमदार रही। 16वें मिनट में ही गुरजंत सिंह ने भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया। शमशेर सिंह ने ब्रिटेन के पास को इंटरसेप्ट किया और तेजी से इसे गुरजंत की ओर सरकाया, जिन्होंने जबरदस्त गोलकर भारत को 2-0 से आगे कर दिया। दूसरा क्वार्टर का अंत भारत की 2-0 से बढ़त के साथ खत्म हुआ।

पीवी सिंधु ने ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता

उल्लेखनीय है कि भारत की महिला स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने ब्रॉन्ज मेडल के लिए हुए मुकाबले में चीन की हे बिंगजियाओ को हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया है। पीवी सिंधू ने टोक्यो ओलिंपिक 2020 में भारत के लिए दूसरा मेडल जीता। उन्होंने रविवार को ब्रॉन्ज मेडल मैच में चीन की हे बिंग जियाओ (He Bing Jiao) को 21-13, 21-15 से मात दी। इस जीत के साथ वह ओलंपिक खेलों में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी भी बन गईं है।