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‘हम मीडिया ट्रायल के लायक नहीं’: राज कुंद्रा के पोर्न कनेक्शन पर शिल्पा शेट्टी ने तोड़ी चुप्पी, बच्चों और निजता की दी दुहाई

पोर्न फिल्म बनाने के मामले में गिरफ्तार कारोबारी राज कुंद्रा की पत्नी और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने पति की गिरफ्तारी के बाद अब इस पर अपना बयान जारी किया है। इस मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर कहा, “मैंने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है और इस मामले पर ऐसा करने से बचती रहूँगी, क्योंकि यह मामला अभी भी विचाराधीन है।”

उन्होंने लिखा, “बीते कुछ दिन हर तरह से चुनौतीपूर्ण रहे हैं। हमें लेकर कई तरह की अफवाहें, आरोप और अनचाहे लांछन मीडिया और मेरे दुश्मनों की ओर से लगाए गए। ऐसा न केवल मुझ पर किया गया, बल्कि मेरे परिवार पर लांछन लगाए गए। लेकिन मेरा स्टैंड ये है कि मैंने अभी इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है और मैं इस मामले पर ऐसा करने से बचना जारी रखूँगी। क्योंकि यह मामला अभी तक विचाराधीन है, इसलिए प्लीज मेरे लिए गलत बयान देना बंद करें।”

शिल्पा ने आगे कहा, “एक सेलिब्रिटी के रूप में ‘कभी शिकायत न करें, कभी समझाएँ’ की अपनी फिलॉसॉफी को दोहराते हुए मैं केवल इतना कहूँगी कि जाँच अभी चल रही है और मुझे मुंबई पुलिस और भारतीय कानून पर पूरा भरोसा है। एक परिवार के रूप में हम सभी तरह के कानूनी सहारे ले रहे हैं।”

अपनी पोस्ट के जरिए अभिनेत्री ने निजता की दुहाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने अपने 29 साल के फिल्मी कैरियर का भी हवाला दिया है। उन्होंने लिखा, “एक माँ के रूप में मैं आपसे अनुरोध करती हूँ कि मेरे बच्चों की खातिर हमारी गोपनीयता का सम्मान करें। इस मामले में खबरों की पुष्टि किए बिना आधी-अधूरी जानकारियों पर टिप्पणी करने से बचें।”

शिल्पा शेट्टी ने खुद को भारतीय कानूनों का पालना करने वाला नागरिक बताया औऱ कहा, “मैं 29 साल से मेहनती प्रोफेशनल्स रही हूँ। मैंने कभी लोगों को निराश नहीं किया। इसी कारण लोगों ने मुझ पर भरोसा किया है। इसीलिए मैं आपसे अनुरोध करती हूँ कि इस समय में मेरे परिवार और निजता के ‘मेरे अधिकार’ का सम्मान करें। हम मीडिया ट्रायल के लायक नहीं हैं। कृपया कानून को अपना काम करने दें। सत्यमेव जयते!”

गौरतलब है कि पोर्न फिल्म बनाने और उसे एप्स पर अपलोड करने के मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा जेल में हैं। इसके अलावा उनपर GOD गेम के जरिए भी लोगों से 3000 करोड़ रुपए ठगने का आरोप है।

छठा निकाह कर रहे सपा सरकार में मंत्री रहे बशीर, विरोध करने पर तीसरी बीवी को तीन तलाक दे घर से निकाला

उत्तर प्रदेश के आगरा के थाना मंटोला में समाजवादी पार्टी नेता व पूर्व मंत्री चौधरी बशीर के ख़िलाफ़ उनकी तीसरी बीवी नगमा ने उत्पीड़न का मुकदमा दायर करवाया है। पीड़िता का कहना है कि चौधरी बशीर ने 8 दिन पहले छठी शादी की है और वह कपड़ों की तरह बीवियाँ बदलता है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता का निकाह सपा नेता बशीर से 1 नवंबर 2012 को हुआ था। वह चौधरी बशीर की तीसरी पत्नी हैं। उनका आरोप है कि उनका शौहर 23 जुलाई को शाइस्ता नाम की महिला से छठा निकाह कर रहा था, जब उन्होंने ऐसा करने से उसे रोका तो बशीर ने सबके सामने उन्हें तीन तलाक बोलकर भगा दिया। दोनों के दो बेटे हैं।

नगमा ने शिकायत दर्ज करवाते हुए अपनी सेफ्टी के लिए पुलिस सुरक्षा की माँग की। उनका कहना है कि निकाह के बाद से ही शौहर और ननदों ने उनका शारीरिक व मानसिक शोषण शुरू कर दिया था। इसीलिए अब तंग आकर वह कार्रवाई चाहती हैं। पुलिस ने नगमा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में जाँच की जा रही है। सपा सरकार में मंत्री रह चुके बशीर के ख़िलाफ़ पहले भी अपराधिक मुकदमे दर्ज हुए हैं।

नगमा बताती हैं कि उनका शौहर बीवियाँ बदलने के लिए कोई भी रूप धारण कर लेता है। एक बार तो उसने हिंदू लड़की से शादी के लिए हिंदू का चोला पहना था। नगमा ने अपने इस दावे के प्रमाण भी दिए हैं। उन्होंने हिंदू महिला के साथ उसकी शादी की तस्वीरें दिखाईं, जिसमें नजर आ रहा है कि बशीर ने माथे पर टीका लगाया हुआ है। इसके अलावा एक तस्वीर ऐसी भी है जिसमें उसने ‘जय माता दी’ की पट्टी माथे पर बाँधी है।

साभार: दैनिक भास्कर

नगमा अपने शौहर के लिए कहती हैं, “वह आदमी नहीं हैवान है, उसने मुझसे पहले भी कई औरतों की जिंदगी बर्बाद की है।” उनके मुताबिक, बशीर की मुस्लिम समाज में अच्छी पैठ है। इसी का फायदा उठा कर वह हर बार चुनाव लड़ता है। पूर्व में उसके ख़िलाफ़ लोगों को भड़काने का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। पिछले साल उसने बकरीद पर दंगा करवाने की कोशिश की थी, मगर वीडियो वायरल होने पर दो केस दर्ज हुए थे।

बता दें कि बशीर की तस्वीरें सामने आने से पहले लोगों को यही मालूम था कि उसने दो निकाह किए हुए हैं। हालाँकि जब तस्वीरें पेश की गई तो पता चला कि नगमा उनकी तीसरी बीवी है और हाल में उसने छठा निकाह भी किया है। चौधरी बशीर का इस संबंध में कहना है कि नगमा से उसके संबंध खत्म हो चुके हैं। इससे पहले भी नगमा के कारण उसे जेल जाना पड़ा था। मालूम हो कि सपा नेता की एक शादी 2004 में हुई थी। वह शादी कथिततौर पर मायावती के कहने पर हुई थी। 2005 में दोनों का बेटा हुआ था और फिर दोनों में तलाक हो गया था।

‘एक गोल्ड मेडल अनवर सरदार को भी’: उधर टोक्यो ओलंपिक में इजरायल का राष्ट्रगान बजा, इधर सोशल मीडिया पर अनु मलिक की धुनाई

उधर टोक्यो ओलंपिक में इजरायल का राष्ट्रगान बजा, इधर सोशल मीडिया पर बॉलीवुड के बड़े संगीतकारों में से एक अनु मलिक की लोगों ने धुनाई चालू कर दी। असल में लोगों को अनु मालिक द्वारा कंपोज किए गए गाने ‘मेरा देश, मेरा मुल्क, मेरा ये वतन’ और इजरायल के राष्ट्रगान ‘हातिकवाह’ में काफी समानता दिखी। जब इजरायली जिमनास्‍ट अर्टम दोल्‍गोप्‍याट गोल्ड मेडल पहन रहे थे, तब बैकग्राउंड में इजरायल का राष्ट्रगान बज रहा था।

अनवर सरदार मलिक उर्फ़ अनु मलिक पर काफी पहले से गानों को कॉपी करने के आरोप लगते रहे हैं। एक सोशल मीडिया यूजर ने तो यहाँ तक दावा कर दिया कि अनु मलिक को गानों को कॉपी करने के मामले में गोल्ड मेडल दिया जाना चाहिए।

‘मनोज विश्वास’ नाम के व्यक्ति ने तंज कसा कि अनु मलिक अब अपने गाने को कॉपी करने के आरोप में इजरायल पर केस करने जा रहे हैं।

एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने एक स्टैंडअप कॉमेडियन द्वारा कही गई लाइन शेयर करते हुए लिखा कि अनु मलिक ने जब इजरायल के राष्ट्रगान की धुन कॉपी की होगी तो यही सोचा होगा – ‘इनको क्या ही पता चलेगा…’।

वहीं कुछ लोगों ने अनु मलिक को ‘टाइम ट्रेवलर’ बताते हुए कहा कि उनका जन्म सन् 1870 में ही हो गया था और उन्होंने ही 1887 में इजरायल के राष्ट्रगान की धुन बनाई। उक्त व्यक्ति ने इजरायल के राष्ट्रगान की धुन तैयार करने वाले सैमुअल कोहेन की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि ये अनु मलिक की काफी पुरानी तस्वीर है। वहीं कुछ लोगों ने लिखा कि वेब सीरीज ‘डार्क’ उनके ही जीवन पर आधारित है।

एक शहर ऐसा भी जहाँ सबको लग गया कोरोना का टीका: जुलाई में 12.5% अधिक वैक्सीनेशन, UP सबसे आगे

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच देश में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में जुलाई 2021 में देश में 13,45,82,477 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इस तरह से प्रतिदिन औसतन 43,41,373 शॉट्स दिए गए। जून में टीकाकरण की कुल संख्या 11,96,69,381 थी। यानी, जुलाई में जून के मुकाबले 12.5% अधिक टीकाकरण हुआ है। उससे पहले मई की तुलना में जून में टीकाकरण में भारी उछाल आया था।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, भारत में अब कोरोना वैक्सीन के कुल 47,22,23,639 डोज दिए जा चुके हैं। इनमें से 36,79,94,586 लोगों ने केवल पहली डोज ही ली है, जबकि 10,42,29,053 को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं।

वैक्सीनेशन के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे चल रहा है। राज्य में अब तक 4,84,43,142 डोज दिए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र 4,46,72,654 डोज के साथ थोड़ा सा ही पीछे है। वहीं गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अब तक दो करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण किया गया है।

राहुल गाँधी कर रहे प्रोपेगेंडा

कोरोना को मात देने के लिए तेजी से चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के बावजूद कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी लगातार प्रोपेगेंडा करने में जुटे हैं। इसी क्रम में रविवार (1 अगस्त 2021) को राहुल गाँधी ने स्वास्थ्य मंत्रालय पर तंज कसते हुए दावा किया कि जुलाई बीत चुका है, लेकिन वैक्सीन की कमी का बनी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि कई राज्यों के कुछ केंद्रों पर वैक्सीन ही नहीं उपलब्ध है।

उनके इस बयान पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, “जुलाई के महीने में भारत में 13 करोड़ से अधिक टीकाकरण किया गया। इस महीने इसमें तेजी आने वाली है। इस उपलब्धि के लिए हमें अपने स्वास्थ्यकर्मियों पर गर्व है। अब आपको उन पर और देश पर गर्व होना चाहिए।”

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि जुलाई में टीका लगवाने वाले 13 करोड़ लोगों में राहुल गाँधी भी एक व्यक्ति थे। हालाँकि, उन्होंने उन वैज्ञानिकों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा, जिन्होंने टीके को भारत की आबादी तक पहुँचाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। केंद्रीय मंत्री ने लिखा, “मैंने सुना है कि आप उन 13 करोड़ लोगों में से हैं, जिन्हें जुलाई में टीका लगाया गया था। लेकिन आपने हमारे वैज्ञानिकों के लिए एक शब्द भी नहीं बोला, जनता से टीकाकरण की अपील नहीं की। मतलब आप टीकाकरण के नाम पर ओछी राजनीति कर रहे हैं। दरअसल, वैक्सीन नहीं आपमें परिपक्वता की कमी है।”

दरअसल, कॉन्ग्रेस लगातार टीकों की कमी को लेकर केंद्र सरकार को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। बावजूद इसके भारत हर महीने उत्पादन बढ़ा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने साल के अंत तक सभी का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अगस्त के महीने में भारत 15 करोड़ से अधिक टीकाकरण कर पाने में सक्षम होगा।

भुवनेश्वर में 100 फीसदी टीकाकरण

कोरोना के टीकाकरण के मामले में ओडिशा का भुवनेश्वर देश का पहला शहर बन गया है, जिसनें अपने 100 फीसदी नागरिकों का टीकाकरण पूरा कर लिया है। भुवनेश्वर नगर निगम के उपायुक्त अंशुमन रथ ने कहा, “नगर निगम की ओर से मैं भुवनेश्वर के लोगों को कोविड टीकाकरण अभियान को बड़ी सफलता बनाने के लिए धन्यवाद देता हूँ। नगर निकाय के अधिकारियों की कड़ी मेहनत और स्थानीय लोगों के सहयोग से भुवनेश्वर देश का पहला शहर बन गया है जिसने अपनी 100 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया है।”

इंडिया जीता… लेकिन सब गोल पंजाबी खिलाड़ियों ने किया: CM अमरिंदर सिंह के ट्वीट में भारत-पंजाब अलग-अलग क्यों?

टोक्यो ओलंपिक 2020 में ब्रिटेन को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल्स में 49 साल बाद जगह बनाने पर पूरे देश को भारत की पुरुष हॉकी टीम पर गर्व महसूस हो रहा है। ऐसे में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह इस मौके पर भी क्षेत्रीय राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे।

उन्होंने पुरुष टीम की जीत पर ट्वीट किया और ट्वीट में मुख्य रूप से तीन खिलाड़ियों की बात की। उन्होंने ध्यान दिलवाया कि गोल करने वाले खिलाड़ी पंजाब से हैं। अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ”…41 साल बाद टीम इंडिया ने टॉप 4 में प्रवेश किया है। इस बात को जानकर खुश हूँ कि सभी 3 गोल पंजाब खिलाड़ी दिलप्रीत सिंह, गुरजंत सिंह और हार्दिक सिंह ने किए। शुभकामनाएँ। गोल्ड लेकर आएँ।”

इसके बाद पंजाब सीएम ने ऐसा ही ट्वीट महिला टीम की जीत पर भी किया। उन्होंने लिखा, “हमारी महिलाओं पर गर्व है कि वह तीन बार की विजेता को हराकर सेमीफाइनल्स में पहुँचीं। अमृतसर की गुरजीत कौर को शाबाशी जिन्होंने पूरे मैच का अकेला गोल किया। हम इतिहास की दहलीज पर हैं। शुभकामनाएँ लड़कियों। गोल्ड लेकर आओ।”

अब मालूम हो कि हॉकी एक टीम स्पोर्ट है जिसमें 10 फील्ड प्लेयर और 1 गोलकीपर होता है। टीम में हर प्रदेश के अलग-अलग खिलाड़ी होते हैं लेकिन जब वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने जाते हैं तो टीम ‘भारतीय’ कहलाती है। मगर, पंजाब मुख्यमंत्री का ट्वीट बताता है कि वह इस क्षण में भी अपनी राजनीति घुसाना चाहते हैं और पंजाब को भारत से अलग दिखाना चाहते हैं।

हालाँकि, सोशल मीडिया यूजर्स इतने सक्षम हैं कि बात जब भारत की अखंडता की हो तो वो किसी भी घटिया प्रयास को तर्कों से धराशायी कर देते हैं। यूजर्स ने इस बार भी बातों ही बातों में कैप्टेन अमरिंदर को बताया कि जिन्हें वह पंजाबी प्लेयर कह रहे हैं वो दरअसल टोक्यो में भारतीय के रूप में जाने जा रहे हैं।

स्वंय एक सिख यूजर ने लिखा, “एक सिख होने के नाते मैं कहना चाहता हूँ कि वह पहले भारतीय हैं। अगर बाकी प्लेयर बॉल को आगे बढ़ाते ही नहीं, तो वो स्कोर कैसे करते।”

अंकुर चतुर्वेदी इस ट्वीट को पढ़कर अपनी निराशा दिखाते हैं। वह कहते हैं, “आपसे यह उम्मीद नहीं थी सर। हर गोल एक भारतीय ने किया। पंजाबियों ने कोई स्कोर नहीं किया और न ही मलयालियों ने कोई गोल बचाया। हमारे पास भारतीय गोलकीपर था।”

हरिओम मिश्रा लिखते हैं, “जीवन भर पंजाब और अमृतसर की बात करते रहो। गलती से देश की बात मत कर लेना। मैं अचंभित हूँ कि आपने कैसे राष्ट्र में बतौर कैप्टेन सेवा दी।”

उल्लेखनीय है कि भारत की दोनों हॉकी टीमें जहाँ एक साथ बढ़त बनाते हुए सेमीफाइनल्स में पहुँच चुकी हैं। ऐसे में ऑपइंडिया की टीम पूरी भारतीय टीम को शुभकामना देती है।

शिव-पार्वती के होंठ वाला कवि, रोमिला थापर की बहू: MP की सरकारी समितियों में अब तक कॉन्ग्रेस के लोग, वामपंथी

क्या आपको पता है कि दिसंबर 2018 में मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ में मध्य प्रदेश की सभी सरकारी समितियों को भंग कर दिया था और उनमें अधिकतर ऐसे लोगों को बिठा दिया था, जो कॉन्ग्रेस के विश्वस्त थे। हैरत की बात ये है कि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बने सवा साल हो गए हैं, लेकिन अब तक ‘भारत भवन’ समेत कई संस्थानों में यही लोग मलाई खा रहे हैं। भाजपा सरकार ने इन समितियों का पुनर्गठन तक नहीं किया।

‘दैनिक जागरण’ में एक लेख के माध्यम से वरिष्ठ पत्रकार व लेखक अनंत विजय ने इस सम्बन्ध में ध्यान दिलाया है। उन्होंने बताया है कि कैसे जिन सरकारी समितियों में राज्य सरकार द्वारा नियुक्तियाँ की जाती थीं, उन सबका कार्यकाल पूरा होने का इंतजार किए बिना उन्हें भंग कर दिया गया था। इनमें कॉन्ग्रेस व वामपंथी दलों में आस्था रखने वाले लोगों को बिठाया गया। माखनलाल चतुर्वेदी विशविद्यालय में भी तत्कालीन कुलपति से इस्तीफा दिलवा अपना कुलपति बिठाया गया था।

साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अनर्गल टिप्पणी करने वाले तीन प्रोफेसरों की नियुक्ति कॉन्ग्रेस के विश्वस्त नए कुलपति ने की थी। ऐसे अधिकतर लोग अब भी अपने पदों पर जमे हुए हैं। ताज़ा विवाद भोपाल स्थित ‘भारत भवन’ के प्रशासनिक अधिकारी प्रेमशंकर शुक्ल से जुड़ा है। उन्होंने अपनी एक कविता में शिव-पार्वती के होठों की बात की है। उनकी इस कविता की पंक्तियों पर जरा एक नजर डालिए:

आधे होंठ से पार्वती
आधे होंठ से शिव
पूरी करते हैं मुस्कान
नाभि में भी अंधेरे की
आधी गहराई शिव की है
आधी पार्वती की”

इस कविता को लेकर विवाद भी हुए थे। कॉन्ग्रेस सरकार ने ‘भारत भवन’ के ट्रस्टियों में संजना कपूर, गुलजार और श्याम बेनेगल को डाला। बता दें कि संजना कपूर दिवंगत अभिनेता शशि कपूर की बेटी हैं। उनकी शादी वामपंथी इतिहासकार रोमिला थापर के भतीजे से हुई है। कॉन्ग्रेस सरकार ने जब ‘भारत भवन’ के ट्रस्टियों को हटाया था तो उसमें पद्मा जैसी बड़ी कलाकार और सच्चिदानंद जोशी जैसे बड़े लेखक शामिल थे।

अनंत विजय लिखते हैं कि भाजपा और कॉन्ग्रेस में यही फर्क है कि कॉन्ग्रेस ने बेहिचक बड़े-बड़े कलाकारों को निकाल कर अपने लोगों को बिठाया, लेकिन भाजपा हिचक रही है कि श्याम बेनेगल व गुलजार जैसी हस्तियों को कैसे हटाएँ। वो जानकारी देते हैं कि 1982 में स्थापना के बाद से ही अशोक वाजपेटी भारत भवन के सर्वेसर्वा थे। भोपाल गैस ट्रेजेडी के बाद उनका बयान ‘यही जीवन है, मरने वालों के साथ कोई मर नहीं जाता’ पर खूब विवाद हुआ था।

उन्होंने ध्यान दिलाया है कि कला संस्थानों में कई मामलों में नियम न बने होने की आड़ में अपनी ‘मित्र मण्डली’ को फायदे पहुँचाए जाते हैं। इसका अर्थ है, वो अपने समूह के कलाकारों की नियुक्तियाँ करते हैं और उन्हें कार्यक्रमों में आमंत्रित करते हैं। सालों तक ‘भारत भवन’ में अशोक वाजपेयी के ही मण्डली के लोग जमे हुए हैं। अब देखना ये है कि मध्य प्रदेश में कला-संस्कृति को बचाने के लिए शिवराज सिंह चौहान की सरकार क्या कदम उठाती है।

22 साल की TikTok स्टार पूजा चव्हाण, सुसाइड से पहले मंत्री रहे शिवसेना नेता से हुई थी खूब बात: रिपोर्ट

महाराष्ट्र की पुणे पुलिस 22 वर्षीय TikTok स्टार पूजा चव्हाण की आत्महत्या (Pooja Chavan Suicide) मामले की जाँच कर रही है। अब पुणे पुलिस को उसके मोबाइल फोन से कई कॉल रिकॉर्डिंग्स मिले हैं। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के अनुसार, जिस व्यक्ति से पूजा चव्हाण की काफी बार बात हुई थी, कथित तौर पर वो महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री व शिवसेना नेता संजय राठौड़ हैं। मौत के 4-5 दिन पहले भी दोनों की खूब बातें हुई थीं।

खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इनमें से एक कॉल रिकॉर्डिंग तो डेढ़ घंटे की है। पूजा चव्हाण ने 7 फरवरी, 2021 को पुणे की एक इमारत से छलाँग लगा कर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में महाराष्ट्र के तत्कालीन वन मंत्री संजय राठौड़ का नाम सामने आने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। संजय राठौड़ यवतमाल जिले के दिग्रस विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार विधायक हैं।

एक पुलिस सूत्र ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “मृतका के मोबाइल फोन से मिले शुरुआती सबूतों के अनुसार, पूजा चव्हाण से बात कर रहा व्यक्ति संजय राठौड़ प्रतीत होता है। पूजा ने सारी बातचीत रिकॉर्ड कर के रखी हुई थी। ये बातचीत ‘बंजारा भाषा’ में हुई थी, इसीलिए इसका अनुवाद किया जा रहा है।” बता दें कि पूजा चव्हाण उसी आदिवासी ‘बंजारा समुदाय’ से ताल्लुक रखती थीं, जिससे संजय राठौड़ आते हैं।

मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड़ की पूजा चव्हाण पुणे में रह रही थीं। साथ ही वहाँ उन्होंने एक शैक्षिक संस्थान में दाखिला भी लिया था। पूजा की आत्महत्या के बाद आरोप लगे थे कि वो संजय राठौड़ के साथ रिलेशनशिप में थीं। पूजा के मोबाइल फोन को जाँच के लिए व सबूत जुटाने के लिए पुणे के ‘फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी’ भेजा गया है। यवतमाल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का 6 फरवरी की सुबह की एक CCTV फुटेज भी जाँच के लिए भेजी गई है।

ये पूजा चव्हाण की आत्महत्या से 24 घंटे पहले की फुटेज है। कथित तौर पर इस वीडियो फुटेज में पूजा चव्हाण के साथ दिख रहा व्यक्ति अरुण राठौड़ था, जो संजय राठौड़ का करीबी है। पूजा चव्हाण मॉडलिंग में करियर बनाना चाहती थीं। पूजा की मौत के बाद दोनों पुरुषों की बातचीत का एक ऑडियो भी लीक हुआ था, जिसमें पूजा का मोबाइल फोन जल्द लाने की बात हो रही थी। एक ऑडियो में एक व्यक्ति ‘पूजा के न समझने के कारण खुद के तनाव में होने’ की बात कह रहा था।

‘बाबर शिल्पकार लेकर नहीं आया था भारत… मुस्लिम शिल्पकार भी भगवान विश्वकर्मा के वंशज’: बीजेपी सांसद रामचंद्र जांगड़ा

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भाजपा के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि हर शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा का वंशज है। यहाँ तक कि मुस्लिम शिल्पकार भी भगवान विश्वकर्मा के ही वंशज हैं। उन्होंने कहा कि बाबर अपने साथ शिल्पकार लेकर नहीं आया था। ईरान, ईराक और यूएई में तो केवल रेत ही है तो वहाँ कला मौजूद भी नहीं हो सकती।

हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष रहे जांगड़ा मुजफ्फरनगर जिले के रामपुरी स्थित विश्वकर्मा मंदिर में आय़ोजित एक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यसभा सांसद ने कहा, “ईरान, ईराक और यूएई में घास तक पैदा नहीं होती है, वहाँ शिल्पकला कैसे पैदा हो सकती है। पहाड़ वहाँ हैं ही नहीं कि पत्थर के शिल्पकार पैदा हो। वहाँ लोहा, तांबा, चाँदी जैसे खनिज भी नहीं हैं। वहाँ तो गहराई में जाओ तो तेल निकलता है और उससे तो कोई शिल्प नहीं बनता। इसलिए सारे मुस्लिम शिल्पकार भी भगवान विश्वकर्मा की संतान हैं।”

बीजेपी नेता ने कहा, “जहाँ श्रम, मेहनत को सम्मान नहीं मिलता और पुरुषार्थ को सम्मान नहीं मिलता तो आदमी उस घर को छोड़ देता है। ऐसे केवल इस्लामी शिल्पकारों ने ही नहीं बल्कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने भी किया था, क्योंकि जो सम्मान उन्हें समाज से मिलना चाहिए था वो उन्हें नहीं मिला।”

कार्यक्रम के दौरान बीजेपी सांसद ने विश्वकर्मा समाज से एकजुट होकर अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने की अपील की और कहा कि श्रमिकों के सम्मान से ही आत्मनिर्भर भारत बनेगा। उन्होंने राष्ट्र के निर्माण में विश्वकर्मा समुदाय की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया औऱ कहा कि शिल्पकला और तकनीकी कौशल भगवान विश्वकर्मा की देन है।

भाषण के दौरान भाजपा सांसद ने भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस के मौके पर दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले विश्वकर्मा महासम्मेलन में पहुँचने की अपील भी की। उन्होंने बताया कि उस दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी शिल्पियों से सीधा संवाद करेंगे।

चक दे इंडिया: ओलंपिक के 60 मिनट और भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास

टोक्यो ओलंपिक 2020 के क्वार्टर फाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1-0 से ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफाइनल्स में जगह बना ली है। इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने सबको हैरान करते हुए इस तरह जीत हासिल की। वो भी उस ऑस्ट्रेलिया को हराकर जो ओलंपिक में तीन बार गोल्ड जीत चुके हों।

इससे पहले भारतीय महिला टीम का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से हुआ था। टीम ने 4-3 से मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी और आज ऑस्ट्रेलिया पर भी मैच के शुरुआत से दबाव बनाए रखा। अब टीम का अगला मैच अर्जेंटीना से होना है।

बता दें कि टोक्यो ओलंपिक से पहले मॉस्को ओलंपिक 1980 में टीम को चौथा स्थान प्राप्त हुआ था। हालाँकि उस समय फॉरमेट अलग थे और कोई नॉक आउट मैच नहीं होते थे।

सोशल मीडिया पर महिला हॉकी टीम की जीत का जश्न मनाया जा रहा है। टीम के सेमीफाइनल्स में पहुँचने के बाद से ही #hockeyindia ट्रेंड पर है। लोग उस पल की वीडियो धड़ाधड़ शेयर कर रहे हैं जहाँ गुरजीत कौर ने शानदार गोल करते हुए भारत का प्रवेश सेमीफाइनल्स में सुनिश्चित किया।

यूजर्स इतने खुश हैं कि वह तरह-तरह से अपनी खुशी बयान कर रहे हैं। कुछ लोग इस जीत के बाद ‘चक दे इंडिया’ कहकर महिला टीम का हौसला बढ़ा रहे हैं। तो कुछ ‘गो फॉर गोल्ड’ कहकर उन्हें शुभकामनाएँ दे रहे हैं।

द स्किन डॉक्टर नामक ट्विटर यूजर लिखते हैं, “शब्द ये बयां नहीं कर सकते कि ये कितना अच्छा लगता है। ऐसे शख्स के लिए जिसने हमेशा अपने दादाजी से विश्व हॉकी इतिहास में भारतीय वर्चस्व के बारे में सुना हो, लेकिन कभी उन्हें वैसे खेलते हुए न देखा हो। यह बिलकुल ऐसा है जैसे सपना सच हुआ हो। गर्व हो रहा है।”

सलोनी यदुवंशी लिखती हैं, “मैं कल ये सोचकर सोई थी कि आखिर भारत को ऑस्ट्रेलिया कितने मार्जिन से हराएगी? या क्या भारत कुछ फायदा उठा पाएगा? मैं खुश हूँ और हर भारतीय भी। ये बयां नहीं किया जा सकता।”

कुछ यूजर्स इस जीत के बाद भारतीय टीम के कोच और ओडिशा सरकार की सराहना भी कर रहे हैं। एक यूजर लिखता है, “हमारा कोच खुशी से रो रहा है। वह ये डिजर्व करता था। उसने भारतीय महिला टीम को बदल कर रख दिया। ओडिशा सरकार शुक्रिया। ये आपको रिटर्न गिफ्ट है।”

JNU का छात्र-AISA से लिंक, छात्राओं के यौन शोषण में घिरा: अश्लील तस्वीरें भी वायरल की, स्कॉलरशिप पर जा रहा रूस

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के एक छात्र पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। आरोपित केशव कुमार ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स यूनियन (AISA)’ का छात्र नेता रहा है। बता दें कि AISA एक वामपंथी छात्र संगठन है। ये CPI(ML) का छात्र संघ है। JNU छात्र संघ ने खुद को केशव कुमार से अलग करते हुए इस मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग की है। केशव कुमार के करीबी छात्रों ने भी एक बयान जारी कर खुद को उससे अलग कर लिया है।

‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ की सेन्ट्रल वर्किंग कमिटी की सदस्य और 2015 में JNU छात्र संघ के उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ चुकीं वेलेंटिना ब्रह्मा ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा, “एक बार फिर AISA का कुकर्म सामने आया है। छात्रा के साथ न सिर्फ बलात्कार किया गया, बल्कि वीडियो भी बना लिया गया। चरित्र हनन और दुष्प्रभाव के कारण पीड़िता शिकायत भी करने में असमर्थ हैं।”

‘स्टूडेंट्स ऑफ द सेंटर फॉर रसियन स्टडीज’ के ‘बैचलर ऑफ आर्ट्स’ के तीसरे वर्ष के छात्रों ने बयान जारी कर के कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि कक्षा के एक छात्र केशव कुमार पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। छात्रों ने कहा कि उसके खिलाफ लड़कियों के खिलाफ यौन अपराध के गंभीर आरोप लगे हैं। इसमें अपने अंतरंग पार्टनर के साथ हिंसा, बलात्कार की कोशिश, बिना अनुमति के महिला की आपत्तिजनक अवस्था में तस्वीरें लेना और फिर इन तस्वीरों व वीडियो के सहारे उसे ब्लैकमेल करने जैसे आरोप शामिल हैं।

कम से कम 4 ऐसे छात्र सामने आए हैं, जिनके समक्ष केशव कुमार ने अपने ब्लैकमेलिंग कंटेंट दिखाए थे। ये भी पता चला है कि केशव कुमार न सिर्फ इस बैच का ‘SFC प्रतिनिधि’ है, बल्कि उसे विश्वविद्यालय द्वारा रूसी दूतावास के जरिए स्कॉलरशिप पर रूस भी भेजा जा रहा है। उसे मॉस्को में स्थित RUDM यूनिवर्सिटी से मास्टर्स का कोर्स करने के लिए रूस भेजे जाने का निर्णय लिया गया है। ‘सेंटर फॉर रसियन स्टडीज’ ने इस फैसले को तत्काल वापस लेने की माँग की है।

उसके बैच के छात्रों ने अपने बयान में कहा, “हम इस तरह की हरकतों से एकदम हैरान हैं और आक्रोशित हैं। हम केशव कुमार के हरकतों की निंदा करते हैं। हम पीड़िताओं के साथ खड़े हैं और हमारी माँग है कि इस तरह का व्यक्ति हमारा प्रतिनिधि नहीं हो सकता। साथ ही इस मामले की जाँच के साथ-साथ हम पीड़िताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग करते हैं।” वहीं AISA ने भी ‘पितृसत्ता’ और ‘यौन प्रताड़ना’ के खिलाफ होने की बात कही।

वामपंथी छात्र संगठन ने कहा कि BA रसियन (2018-21 बैच) के केशव कुमार के खिलाफ यौन शोषण के कई आरोप लगे हैं। साथ ही पीड़िताओं के साहस को ‘सलाम करते हुए’ AISA ने उनके साथ खड़े होने की बात कही और उन्हें सहायता तक देने का आश्वासन दिया। साथ ही JNU के ‘इंटरनल कंप्लेंट कमिटी (ICC)’ के गठन के बाद से यौन शोषण की घटनाओं के बढ़ने की बात करते हुए AISA ने कहा कि Gender Sensitisation Committee Against Sexual Harassment (GSCASH) को भंग कर ICC को लाना एक गलत फैसला था।

वहीं इस मामले में सोमवार (2 अगस्त, 2021) को JNU छात्र संघ ने न्याय के लिए मार्च का आयोजन भी किया है। वहीं अनमोल सहित कई अन्य छात्र, जो 5 वर्षों या उससे अधिक समय से केशव कुमार को जानते थे, उन्होंने भी संयुक्त बयान जारी किया है। इसमें उसके परिचित, क्लासमेट्स व रूममेट्स शामिल हैं। इन छात्रों ने कहा कि वो पहले केशव कुमार की हरकतों से पूरी तरह वाकिफ नहीं थे, इसीलिए पीड़िताओं से माफ़ी माँगते हैं।

केशव के परिचित छात्रों ने जारी किया संयुक्त बयान

छात्रों ने अपने संयुक्त बयान में कहा, “हमने केशव कुमार की हरकतों पर बयान जारी करने का निर्णय लिया है। सार्वजनिक रूप से उसकी हरकतों के सामने आने के बाद उसने हम सब को भ्रमित करने की कोशिश की। केशव ने हमें बताया कि उसने पीड़िताओं के वीडियो भी रिकॉर्ड कर रखे हैं। वो अपने अपराध में हमें भी शामिल करना चाहता था, ताकि उसे एक ‘सामाजिक कवच’ मिले, लेकिन हम उससे खुद को पूरी तरह अलग करते हैं और अगर कोई अब भी उसका बचाव करने की कोशिश करता है तो उसे भी इन अपराधों में भागीदार माना जाए।”

हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब JNU और AISA से जुड़े किसी छात्र नेता पर इस तरह के आरोप लगे हों। जेएनयू से डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे अमन सिन्हा पर दिल्ली विश्वविद्यालय की विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं पर बुरी नजर डालने के आरोप लगे थे। वो AISA और ‘पिंजरा तोड़’ जैसे संगठनों से जुड़ा हुआ था। पीड़िताओं ने कहा था कि वो DU में मौजूद भोली-भाली महिलाओं को अपनी और आकर्षित कर उन्हें फाँसता है।