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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में BJP की अगुवाई वाली महायुति ने रचा इतिहास, यूपी-बिहार-राजस्थान उपचुनावों में INDI गठबंधन को दी पटखनी: जानिए 15 राज्यों के उपचुनावों के नतीजे

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, झारखंड विधानसभा चुनाव और कई राज्यों में हुए विधानसभा उप-चुनाव के नतीजों ने देश की सियासी तस्वीर को बदलकर रख दिया है। महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन ने महाविकास आघाड़ी गठबंधन को बुरी तरह से हराया, तो झारखंड में इंडी गठबंधन ने एनडीए को रोकने में कामयाबी पाई। ये चुनाव न सिर्फ राजनीतिक दलों के लिए अहम साबित हुए बल्कि जनता के मूड का भी साफ संकेत देते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इन चुनावों के बड़े नतीजे और उनका असर।

महाराष्ट्र में महायुति का जलवा, महाविकास अघाड़ी ध्वस्त

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे बीजेपी और शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति के लिए शानदार रहे। 288 सीटों वाली विधानसभा में महायुति ने 223 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं महाविकास अघाड़ी सिर्फ 55 सीटों पर सिमट गई।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट), और एनसीपी (अजित पवार गुट) की तिकड़ी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए बहुमत से सरकार बनाने का रास्ता साफ किया। दूसरी ओर, विपक्षी INDI गठबंधन, जिसमें कॉन्ग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट), और उद्धव ठाकरे की शिवसेना शामिल थी, उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया।

बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) की बड़ी जीत ने महाविकास अघाड़ी के अस्तित्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ली सीट से शिवसेना (उद्धव गुट) के आदित्य ठाकरे ने जीत हासिल की, लेकिन बाकी गुट की हालत भी खस्ता रही। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट संगमनेर सीट से चुनाव हार गए। कॉन्ग्रेस की इस चुनाव में बुरी गति दिखी, राहुल गाँधी और महाविकास आघाड़ी गठबंधन बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मतदाताओं का धन्यवाद दिया, जबकि देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सीएम पद पर फैसला महायुति करेगी। बताया जा रहा है कि महायुति सरकार 25 नवंबर को शपथ ले सकती है। अजित पवार की एनसीपी ने भी सरकार को समर्थन पत्र देने की तैयारी कर ली है।

यह जीत न केवल महायुति के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि विपक्ष के लिए करारी शिकस्त भी है। वहीं, हार से बौखलाए विपक्षी नेता ईवीएम, सरकार और पूंजीपतियों पर दोष मढ़ते नजर आ रहे हैं। संजय राउत ने तो इसे जनता पर ‘थोपा गया नतीजा’ तक बता दिया। यही नहीं, सपा से एनसीपी-शरद पवार में आए फवाद अहमद की एक्ट्रेस बीवी स्वरा भास्कर ने तो ईवीएम पर ही उंगली उठा दी और मशीन में खराबी का घिसा-पिटा राग अलापने लगी।

झारखंड में हेमंत सोरेन का दम, इंडी गठबंधन की बड़ी जीत

झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 81 में से 55 सीटें जीतीं। बीजेपी और एनडीए महज 25 सीटों पर सिमट गए।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बरहेट सीट से आगे चल रहे हैं, तो जेएमएम के स्टीफन मरांडी ने महेशपुर सीट से बड़ी जीत दर्ज की। वहीं, बीजेपी ने कोडरमा से अपनी उम्मीदवार डॉ. नीरा यादव को जीत दिलाई। परिवार की सियासत पर नजर डालें, तो सोरेन परिवार के 4 सदस्यों में से 3 चुनाव हार गए। केवल हेमंत सोरेन अपनी सीट बचा सके।

उप-चुनाव में बीजेपी ने दिखाया दम

विधानसभा उप-चुनाव में बीजेपी ने परचम लहराया, लेकिन कुछ झटके भी लगे। 15 राज्यों में हुए 48 विधानसभा सीटों और 2 लोकसभा सीटों के उप-चुनावों में बीजेपी ने अपना दबदबा बनाए रखा। खासकर उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में पार्टी ने बढ़त हासिल की।

उत्तर प्रदेश में बीजेपी और ने 9 में से 7 सीटें जीत लीं। कुंदरकी सीट पर बीजेपी की बड़ी जीत रही, जो 2002 से सपा के कब्जे में थी।

राजस्थान की झुंझुनूं, देवली, रामगढ़ और खींवसर जैसी सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की। कॉन्ग्रेस ने दौसा सीट पर बढ़त बनाए रखी।

बिहार उपचुनाव में NDA ने किया क्लीनस्वीप

बिहार उप चुनाव में एनडीए ने क्लीनस्वीप किया है। बिहार की 4 विधानसभा सीटों पर हुए उप-चुनाव में से 2 पर बीजेपी ने जीत हासिल की है, तो 2 पर उसकी सहयोगी पार्टियों ने। बीजेपी ने बिहार की तरारी और रामगढ़ विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, इमामगंज विधानसभा सीट पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) की दीपा कुमारी ने जीत हासिल की है, वहीं बेलागंज में जेडीयू की मनोरमा देवी ने जीत हासिल की है। बिहार विधानसभा उप-चुनाव में न सिर्फ आरजेडी को, बल्कि नई नवेली पार्टी लेकर मैदान में उतरे प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को भी मुँह की खानी पड़ी है।

पंजाब, पश्चिम बंगाल, केरल और असम का हाल

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 4 सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखाई, तो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) ने सभी 6 सीटें अपने नाम कीं। वहीं, असम में बीजेपी और उसके गठबंधन ने कई सीटों पर कब्जा किया, जबकि केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर कॉन्ग्रेस की प्रियंका गाँधी वाड्रा ने जीत दर्ज की।

चुनाव के प्रमुख मुद्दे और असर

इन चुनावों में अलग-अलग राज्यों के अपने मुद्दे थे। महाराष्ट्र में जहां विपक्ष की कमजोर रणनीति बीजेपी की जीत का बड़ा कारण बनी, वहीं झारखंड में हेमंत सोरेन ने अपने गठबंधन के जरिए आदिवासी और ग्रामीण वोटों को साधा।

महाराष्ट्र: महाविकास अघाड़ी के गुटबाजी और नेतृत्व के संकट ने उन्हें भारी नुकसान पहुँचाया।

झारखंड: एनडीए को आदिवासी क्षेत्रों में खासा नुकसान हुआ, जबकि सोरेन सरकार ने इन इलाकों में अच्छा प्रदर्शन किया।

उत्तर प्रदेश: बीजेपी की सरकार ने लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद उप-चुनावों में वापसी की। बीजेपी और आरएलडी ने 9 में से 7 सीटों पर जीत हासिल की है, तो सपा को सिर्फ 2 सीटों पर जीत मिली।

पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी की TMC ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत दिखाई और सभी 6 सीटों पर हुए उप चुनाव में जीत हासिल की।

चुनावों से जुड़ी कुछ रोचक बातें

वर्ली सीट से जीत: आदित्य ठाकरे ने 8801 वोटों से जीत हासिल की, जो उनके लिए राहत लेकर आई।

सोरेन परिवार का प्रदर्शन: झारखंड में सोरेन परिवार के तीन सदस्य चुनाव हार गए, जो परिवार की राजनीति के लिए बड़ा झटका है।

लोकसभा उप-चुनाव: वायनाड सीट से प्रियंका गाँधी ने जीत दर्ज की, जिससे कॉन्ग्रेस को नई ऊर्जा मिली। हालाँकि विधानसभा उप-चुनावों में कॉन्ग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशा जनक रहा

भविष्य की राजनीति पर असर

महाराष्ट्र: बीजेपी की अगुवाई में महायुति को मिली यह जीत उन्हें लोकसभा चुनाव 2029 के लिए मजबूत आधार देगी।

झारखंड: इंडी गठबंधन की जीत विपक्षी दलों को एकजुट रहने का संदेश देती है।

उत्तर प्रदेश: उप-चुनाव में बीजेपी की वापसी 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करेगी।

सिर्फ परफॉर्मेंस और रणनीति से मिलेगी जीत, हवाबाजी से नहीं

इन चुनावों ने साफ कर दिया कि राजनीति में अब सिर्फ परफॉर्मेंस और रणनीति से जीत मिलती है। महाराष्ट्र में बीजेपी और शिंदे गुट की बड़ी जीत ने दिखाया कि गुटबाजी और कमजोर नेतृत्व विपक्ष को कितना नुकसान पहुँचा सकता है। वहीं, झारखंड में हेमंत सोरेन के इंडी गठबंधन ने साबित किया कि जनता के मुद्दों पर काम करने से भरोसा कायम रहता है। उप-चुनावों में भी बीजेपी ने यूपी और राजस्थान जैसे राज्यों में दमदार वापसी की। हालाँकि, बंगाल और पंजाब जैसे राज्यों में क्षेत्रीय दलों का दबदबा जारी है।

कुल मिलाकर ये नतीजे लोकसभा 2029 के चुनावों की तैयारी का ट्रेलर लगते हैं। अब देखना ये है कि पार्टियाँ इन जीत-हार से क्या सीखती हैं और जनता के लिए क्या नया लाती हैं। क्योंकि आखिरकार जीत उसी की होगी जो जनता के दिल में जगह बनाएगा।

मोख्तार का अफेयर माँ से और भाई आरिफ का नाबालिग बेटी से: निकाह से इनकार के बाद रची भाइयों ने रची कत्ल की साजिश, 5 साल के बच्चे पर भी नहीं किया रहम

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में 27 सितंबर 2024 को एक हिन्दू महिला की उसके 2 नाबालिग बच्चों के साथ हत्या कर दी गई थी। तीनों के कंकाल 15 नवंबर को पुलिस ने बरामद किए थे। इस मामले में मोख्तार अंसारी नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में नया खुलासा हुआ है। कत्ल में मोख्तार के साथ उसका भाई आरिफ भी शामिल था। दोनों भाइयों के माँ-बेटी से अवैध संबंध थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य आरोपित झाड़-फूँक का काम करता था। इसी बहाने से कौशल्या नाम की मृतक महिला के घर उसका आना-जाना था। कुछ ही दिनों में मोख्तार और कौशल्या में प्रेम संबंध बन गए। इसी दौरान मोख्तार का छोटा भाई आरिफ भी कौशल्या के घर आने-जाने लगा। उसने कुछ ही दिनों में कौशल्या की 17 वर्षीया नाबालिग बेटी मुस्कान को अपने प्यार के जाल में फँसा लिया।

आरिफ ने मुस्कान से निकाह का प्रस्ताव रखा, लेकिन मुस्कान ने ठुकरा दिया। आरिफ को लगा कि मुस्कान का किसी और लड़के से अफेयर है। इससे नाराज आरिफ ने मुस्कान की हत्या की साजिश रची। इस साजिश में उसने अपने भाई मोख्तार को भी शामिल कर लिया। हालाँकि, कुछ रिपोर्ट में कहा गया है कि आरिफ के साथ प्रेम संबंध से मोख्तार मुस्कान से नाराज हो गया था।

जो भी हो, मोख्तार 26 सितंबर को मुस्कान के घर पहुँचा। उसने मुस्कान, उसके 5 वर्षीय भाई मिंटू और 37 साल की माँ कौशल्या को बेतला नेशनल पार्क घुमाने का झाँसा दिया। तीनों तैयार हो गए तो मोख्तार इन सबको एक बाइक पर बैठाकर कुसुमी से बलरामपुर अपने घर ले आया। यहाँ इन्हें आरिफ भी मिला। थोड़े समय के बाद आरिफ कहीं चला गया। वह रात में लौटकर फिर आया।

रात में 38 वर्षीय मोख्तार, आरिफ, कौशल्या, मुस्कान और मिंटू ने एक साथ खाना खाया। जब कौशल्या अपनी बेटी और बेटे के साथ गहरी नींद में सो गई, तब वहाँ आरिफ आया। उसने मुस्कान के पेट में चाकू घोंप दिया। मुस्कान की चीख सुनकर उसकी माँ कौशल्या जाग गई। तभी मोख्तार ने कौशल्या के सिर पर कुल्हाड़ी मार दी। इसी दौरान कौशल्या का बेटा मिंटू भी जाग गया।

मूलत: झारखंड के रहने वाले मोख्तार और आरिफ ने मिंटू को भी कुल्हाड़ी से वार करके मार डाला। उन्होंने तीनों की लाश को पास के ही एक खेत के नाले में फेंक दिया। खेत से लौटकर मोख्तार और आरिफ घर में फैले खून को साफ किया। इसके बाद दोनों अलग-अलग ठिकानों की तरफ फरार हो गए। लम्बे समय तक खेतों में कोई नहीं गया था। इसलिए तीनों मृतकों के शरीर पानी में गल गए और सिर्फ कंकाल बचे।

पुलिस ने कंकाल को बरामद करके जाँच शुरू की थी तो आखिरकार इस कत्ल की गुत्थी सुलझ गई। मोख्तार के बाद अब उसके भाई आरिफ अंसारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238, 140(3) और 138(2) के तहत कार्रवाई की गई है। कत्ल में प्रयोग हुई कुल्हाड़ी और चाकू को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।

बताते चलें कि मोख्तार अंसारी ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अलग ही कहानी गढ़ कर गुमराह करने की कोशिश की थी। तब उसने बताया था कि मुस्कान के प्यार में फँसकर उसका भाई आरिफ अंसारी घर पर पैसे नहीं भेज रहा था। माहौल को और इमोशनल बनाने के लिए उसने इस पैसे से अपने बीमार अब्बा का इलाज होने की बात भी कही थी। आखिरकार कुछ समय बाद इस झूठी कहानी का भंडा फूट गया।

अडानी के बाद अमेरिका के निशाने पर एक और भारतीय: न्याय विभाग ने संजय कौशिक पर अमेरिकी एयरक्राफ्ट तकनीक रूस को बेचने का लगाया आरोप

अमेरिका में अडानी समूह के बाद एक और भारतीय व्यक्ति को निशाना बनाया गया है। संजय कौशिक नाम के एक और भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। यह मुकदमा 20 नवंबर, 2024 को जारी किया गया है। 57 वर्षीय संजय कौशिक नामक पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका में झूठ बोल कर विमानों के कुछ पुर्जे खरीदे और उन्हें रूस में बेचने का प्रयास किया। इसी के चलते उन्हें अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने का आरोपित बनाया गया है।

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि कौशिक ने अमेरिका के आयात नियंत्रण नियमों का उल्लंघन किया है। यह मुकदमा संजय कौशिक के खिलाफ 20 ओरेगन जिले में दायर किया गया है। संजय कौशिक वर्तमान में अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में हैं। उन्हें अक्टूबर, 2024 में गिरफ्तार किया गया था।

अमेरिका के न्याय विभाग ने दावा किया है कि कि कौशिक ने रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद मार्च 2023 में कई लोगों के साथ मिलकर साजिश रची। कौशिक और अन्य पर झूठे बहाने से अमेरिका से अवैध रूप से एयरोस्पेस तकनीक हासिल करने का आरोप लगाया गया है। न्याय विभाग ने आरोप लगाया कि अमेरिकी कम्पनी से यह कह कर तकनीक हासिल की गई कि यह भारत में उपयोग की जाएगी लेकिन इसे बाद में रूस भेजने का प्रयास किया गया।

मुकदमे में कहा गया है कि उन्होंने कई पुर्जे और तकनीक खरीदे। इनमें से एटीट्यूड हेडिंग रेफरेंस सिस्टम (AHRS) था। यह विमानों में लगाया जाता है। इससे विमान उड़ाने वाले को पता लगता है कि वह कितनी उड़ाई पर विमान उड़ा रहा है तथा किस दिशा में जा रहा है। विमान की स्थिति हवा में क्या है, इसकी जानकारी इससे ही हासिल होती है। ओरेगन स्थित कम्पनी से हासिल किए गए यह पुर्जे और तकनीक रूस भेजने की अनुमति वर्तमान में नहीं है। इन्हें रूस में बेचने के लिए पहले अमेरिकी सरकार की अनुमति जरूरी होती है।

अमेरिकी न्याय विभाग ने आरोप लगाया है कि संजय कौशिक ने यह कह कर यह सभी पुर्जे और तकनीक हासिल किए कि उनकी भारत में एक प्राइवेट हेलिकॉप्टर फर्म है। हालाँकि, यह झूठ था। संजय कौशिक की फर्म ने लाइसेंस का उल्लंघन करते हुए अमेरिका से रूस सामान भेजा। हालाँकि, अमेरिकी एजेंसियों ने यह सामान अमेरिका में ही रोक लिया और रूस में नहीं पहुँचने दिया।

अगर कौशिक को इस मामले में दोषी पाया जाता है तो उन्हें 20 साल तक की जेल और 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर का जुर्माना देना पड़ सकता है।

पप्पू सिंह बनकर मुराद अली ने हिंदू महिला से की शादी, 24 साल तक किया प्रताड़ित: पीड़िता का दावा- कई हिन्दू लड़कियों से हैं आरोपित के अफेयर, हुआ गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मुराद अली नाम के एक अधेड़ मुस्लिम शख्स पर पप्पू सिंह बनकर हिन्दू महिलाओं को फँसाने का आरोप लगा है। 55 वर्षीय आरोपित सऊदी अरब भी आता-जाता रहता है। मुराद अली के साथ पिछले 24 सालों से रह रही एक हिन्दू महिला ने चूड़ी-बिंदी पहनने से रोकने का आरोप लगाते हुए मुराद के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

यह मामला फतेहपुर जिले के कोतवाली नगर का है। यहाँ एक 50 वर्षीया हिन्दू महिला ने 17 नवंबर को पुलिस में तहरीर दी थी। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि लगभग 25 वर्ष पहले उसके पति की टीबी से मौत हो गई थी। उस समय वह प्राइवेट जॉब करती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात पप्पू सिंह से हुई, जो अधिकारियों की गाड़ियाँ चलाता था। यह जान-पहचान बाद में दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई।

पीड़िता 2 बेटों व एक बेटी की माँ है। तब पप्पू सिंह ने बच्चों को एक पिता की तरह सहारा देने का वादा किया था। कुछ समय तक साथ रहने के बाद पीड़िता को पप्पू सिंह पर शक होने लगा। वह कभी अपने सुल्तानपुर स्थित पैतृक घर पीड़िता को नहीं ले जाता था। लगभग 23 साल पहले पीड़िता ने पीछा करते हुए पप्पू सिंह के घर का पता लगाया। तब पता चला कि पप्पू सिंह का असली नाम मुराद अली है।

पीड़िता ने बताया कि सच जानकर वह मुराद अली से दूरी बनाने लगी। तब मुराद अली ने पीड़िता से वादा किया कि वह हिन्दू धर्म अपना कर हमेशा के लिए पप्पू सिंह बन जाएगा। पीड़िता उसकी बातों में फिर आ गई। उसने आरोपित को एक और मौक़ा दिया। मुराद अली अपने वादे पर लम्बे समय तक टिक नहीं पाया। पीड़िता ने ऑपइंडिया को बताया कि वह आए दिन अलग-अलग हिन्दू लड़कियों के साथ दिखने लगा।

जब पीड़िता इसका विरोध करती तो उसके साथ अभद्रता और गाली-गलौज करता था। कुछ दिनों के बाद मुराद अली ने पीड़िता के हिन्दू तौर-तरीकों पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। मुराद और उसके परिजनों ने पीड़िता की बिंदी और पैरों के महावर आदि पर भी आपत्ति जतानी शुरू कर दिया। अपनी बातें न मानने पर उसने पीड़िता से कई बार मारपीट की और जान से मार डालने की धमकी भी दी।

कुछ दिनों के बाद मुराद अली ने पप्पू सिंह के नाम से आधार कार्ड भी बनवा लिया। इसे दिखाकर वह दूसरी हिन्दू महिलाओं को झाँसे में लेता था। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि मुराद अली ने अपने फर्जी पहचान पत्र के जरिए अभी हाल ही में एक और हिन्दू लड़की से शादी की है। महिला ने दावा है कि एक बार एक लड़की के साथ पकड़े जाने पर मुराद अली जेल भी जा चुका है।

मुराद अली को बेहद शातिर बताते हुए पीड़िता ने कहा कि मुराद को कई बार पुलिस ने अलग-अलग लड़कियों से पकड़ा था, लेकिन अधिकारियों की गाड़ी चलाने की वजह से वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके छूट जाता था। मुराद अली ने उसके तमाम गहने भी हड़प लिए हैं। महिला का दावा है कि मुराद अली का लगातार सऊदी अरब आना-जाना है।

पीड़िता ने ऑपइंडिया को बताया कि साल 2014 में मुराद अली ने उसकी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का प्रयास किया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत की थी। आरोप है कि तत्कालीन अधिकारियों ने इस मामले को दबा दिया। इस घटना के बाद पीड़िता और आरोपित के रिश्तों में हमेशा के लिए खटास आ गई। मुराद ने कहीं शिकायत करने पर पीड़िता को कत्ल करने की धमकी भी दी है।

पुलिस ने पीड़िता की शिकायत का संज्ञान लेकर मुराद अली के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर ली है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 82 (2), 115 (2) और 351 (2) के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। गुरुवार (21 नवंबर) को पुलिस ने मुराद अली को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का दावा है कि गिरफ्तारी के ही दिन मुराद अली सऊदी अरब जा रहा था।

छात्रों को तिलक लगाने और ‘जय श्रीराम’ ने रोका: हिमाचल प्रदेश के संस्कृत विश्वविद्यालय में हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन, कहा- प्रोफेसर के खिलाफ हो कठोर कार्रवाई

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में 22 नवंबर, 2024 में परागपुर के बलाहर में राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्र एक प्रोफेसर द्वारा कथित तौर पर माथे पर तिलक लगाने और जय श्री राम का नारा लगाने से मना करने को लेकर नाराज थे।

छात्रों ने इससे पहले संस्थान निदेशक प्रोफेसर सत्यम कुमारी को एक शिकायत सौंपी थी। उन्होंने इस मामले की जाँच अनुशासन समिति से करने को कहा था। छात्रों के अनुसार, प्रोफेसर ने उन्हें तिलक लगाने और ‘जय श्री राम’ कहने से रोका है।

प्रोफेसर ने कहा है कि जय श्री राम बोलना राजनीतिक है। प्रोफेसर की हरकतों से छात्रों में असंतोष है। उन्होंने प्रोफेसर पर बदतमीजी और भेदभाव का भी आरोप लगाया है। इस मामले में हिन्दू संगठनों ने भी छात्रों का समर्थन किया है। हिन्दू संगठनों ने छात्रों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया है।

विश्व हिंदू परिषद (VHP), बजरंग दल और ब्राह्मण सभा जैसे अन्य हिंदू समूहों ने संस्थान के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने जय श्री राम के नारे लगाए और भगवान राम के भजन भी गाए। उन्होंने मामले पर चर्चा करने के लिए प्रोफेसर कुमारी से भी मुलाकात की और प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है।

संस्कृत संस्थान की प्रोफेसर कुमारी ने कहा, “छात्रों की शिकायत हमें मिल गई है और अनुशासन समिति का गठन किया गया है। प्रोफेसर और छात्रों दोनों को समिति के सामने अपना बयान देने के लिए कहा गया है। प्रोफेसर को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है।”

उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा और स्थिति के लिए गलतफहमी को जिम्मेदार ठहराया। अनुशासन समिति की रिपोर्ट जल्द ही सामने आएगी। हिंदू जागरण मंच के नेता भी राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के परिसर में पहुँचे और प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया है।

विहिप कार्यकर्ताओं ने प्रोफेसर के व्यवहार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर ने हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। विहिप के एक सदस्य ने कहा, “हम अपने धार्मिक अधिकारों का किसी भी तरह से दमन बर्दाश्त नहीं करेंगे।” इस बीच, छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर एक्शन नहीं लिया गया तो वह विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।

महाराष्ट्र चुनाव 2024 में महायुति की प्रचंड जीत से महाविकास आघाड़ी में हड़कंप: स्वरा भास्कर ने EVM पर सवाल उठाए, पूर्व CM चव्हाण ने कॉन्ग्रेस नेतृत्व को घेरा

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महायुति (बीजेपी, शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी) ने प्रचंड जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। 288 सीटों वाली विधानसभा में महायुति ने 200 से अधिक सीटें जीती हैं। अकेले भाजपा ने 127 सीटों पर बढ़त बनाई है, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना 55 और अजित पवार की एनसीपी 37 सीटों पर आगे है।

यह जीत न केवल महायुति के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि विपक्ष के लिए करारी शिकस्त भी है। वहीं, हार से बौखलाए विपक्षी नेता ईवीएम, सरकार और पूंजीपतियों पर दोष मढ़ते नजर आ रहे हैं। संजय राउत ने तो इसे जनता पर ‘थोपा गया नतीजा’ तक बता दिया। यही नहीं, सपा से एनसीपी-शरद पवार में आए फवाद अहमद की एक्ट्रेस बीवी स्वरा भास्कर ने तो ईवीएम पर ही उंगली उठा दी और मशीन में खराबी का घिसा-पिटा राग अलापने लगी।

महाविकास आघाड़ी की हार के साथ ही सामने आई बौखलाहट

महायुति की प्रचंड जीत ने महाविकास आघाड़ी (एमवीए) को हिलाकर रख दिया है। आघाड़ी सिर्फ 55 सीटों तक सिमटती दिख रही है। हार से आहत एमवीए के नेता अब हार के लिए बाहरी कारणों को जिम्मेदार ठहराने लगे हैं। शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह जनता का फैसला नहीं हो सकता। पूरी मशीनरी का दुरुपयोग हुआ है।” उन्होंने अडानी के नाम का जिक्र करते हुए भाजपा पर भ्रष्टाचार के मामलों से ध्यान भटकाने का आरोप भी लगाया।

राउत ने कहा, “शिंदे के सारे उम्मीदवार कैसे जीत सकते हैं? यह नतीजे जनता पर थोपे गए हैं।” उन्होंने लाडकी बहन योजना का मजाक उड़ाते हुए कहा, “यहाँ लाडले नाना, दादा और भाई हैं। असली जनता का मन ऐसा नहीं हो सकता।”

तहसीन पूनावाला ने संजय राउत को आड़े हाथ लिया

कॉन्ग्रेस समर्थक और राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने हार के लिए एमवीए और विशेष रूप से संजय राउत को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “राउत हार का ठीकरा ईवीएम और उद्योगपतियों पर फोड़ रहे हैं, जबकि असल में वह खुद एमवीए की छवि खराब करने के लिए जिम्मेदार हैं। उनकी बयानबाजी ने गठबंधन की छवि खराब की।”

स्वरा भास्कर ने ईवीएम पर उठाए सवाल

चुनाव के नतीजों के बीच अणुशक्ति नगर सीट पर स्वरा भास्कर के शौहर फहाद अहमद को हार मिली है। 19 में से 18 राउंड की गिनती पूरी होने पर वो 1500 वोटों से पिछड़ गए थे, जिसके बाद स्वरा ने ईवीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर कहा, “पूरा दिन मतदान के बावजूद EVM मशीन 99% चार्ज कैसे हो सकती है? जैसे ही ये मशीनें खोली गईं, एनसीपी (बीजेपी समर्थित) को वोट मिलने लगे। चुनाव आयोग इस पर जवाब दे।”

कॉन्ग्रेस में कलह: पृथ्वीराज चव्हाण ने लीडरशिप पर उठा दिए सवाल

चुनावी नतीजों के बीच कॉन्ग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, जो खुद दक्षिण कराड़ सीट से पीछे चल रहे हैं, ने कॉन्ग्रेस नेतृत्व को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “हमारी लीडरशिप बेहद खराब रही। शायद यही हार का बड़ा कारण है।”

चव्हाण ने आरएसएस की रणनीति और भाजपा के अनुशासन की तारीफ करते हुए कहा, “आरएसएस की मदद से भाजपा ने अपना वर्चस्व स्थापित किया। इसके विपरीत, कॉन्ग्रेस में समन्वय और योजना का अभाव था।”

स्वरा का यह बयान भी विपक्ष के नेताओं की उस नाराजगी को दर्शाता है, जहाँ हार का ठीकरा तकनीक और प्रक्रिया पर फोड़ा जा रहा है।

महायुति की रणनीति: भाजपा की ताकत और सहयोगियों का साथ

इस जीत में भाजपा की रणनीति और सहयोगी दलों के तालमेल ने बड़ी भूमिका निभाई। भाजपा ने 148 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 127 पर बढ़त हासिल की, जो 85% की स्ट्राइक रेट है।

शिंदे गुट की शिवसेना ने भाजपा के साथ मिलकर मजबूत मोर्चा बनाया और मराठा क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत की। वहीं, अजित पवार की एनसीपी ने पश्चिमी महाराष्ट्र और शहरी क्षेत्रों में अपना प्रभाव बनाए रखा।

एमवीए की हार के प्रमुख कारण

संगठन में कमजोरी: एमवीए की तीनों पार्टियों (कॉन्ग्रेस, एनसीपी-शरद पवार और शिवसेना उद्धव गुट) के बीच तालमेल की कमी थी।

भाजपा की रणनीति: भाजपा ने विकास और सामाजिक योजनाओं, जैसे लाडकी बहन योजना, का कुशल प्रचार किया, जिससे उसे जनता का समर्थन मिला।

अंतर्कलह: कॉन्ग्रेस और एमवीए के अन्य दलों में आरोप-प्रत्यारोप ने जनता के बीच नकारात्मक संदेश भेजा।

महायुति की आक्रामक प्रचार नीति: महायुति ने चुनावी प्रचार में स्थानीय मुद्दों और विकास को प्रमुखता दी, जबकि विपक्ष इन मुद्दों पर कमजोर दिखा।
आगे का रास्ता

महायुति की इस ऐतिहासिक जीत ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण स्थापित कर दिए हैं। भाजपा इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की नीतियों की जीत बता रही है। दूसरी ओर, महाविकास आघाड़ी को अपनी कमजोरियों पर आत्ममंथन करना होगा। हार के कारणों का विश्लेषण और संगठन को पुनर्गठित करना एमवीए के लिए अनिवार्य है।

चुनाव परिणाम महाराष्ट्र में भाजपा के बढ़ते दबदबे और कॉन्ग्रेस की कमजोर होती पकड़ का स्पष्ट संकेत हैं। विपक्ष को अब संगठनात्मक सुधार पर ध्यान देना होगा, तो उसे जनता से जुड़े मुद्दों पर भी काम करने की जरूरत है, वरना महाराष्ट्र में भाजपा का वर्चस्व और मजबूत होगा।

दीनी तालीम ले रही नाबालिग छात्रा को दबोचा, अर्धनग्न करके रेप की कोशिश की: मदरसे के अय्याश मौलवी इरशाद को कुशीनगर पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक मदरसे के अंदर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का प्रयास किया गया है। यह आरोप मदरसे में पढ़ाने वाले मौलवी इरशाद पर लगा है। दुष्कर्म में असफल रहने पर इरशाद ने 15 वर्षीया बच्ची को बेरहमी से पीटा। मौलवी को अय्याश बताते हुए बच्ची की माँ ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शुक्रवार (22 नवंबर 2024) को पुलिस ने मौलवी इरशाद को गिरफ्तार कर लिया।

मामला कुशीनगर जिले के थाना क्षेत्र खड्डा का है। यहाँ बुधवार (20 नवंबर) को एक महिला ने पुलिस में दी गई शिकायत में बताया कि उसकी 15 वर्षीया बेटी बंजारी पट्टी स्थित मदरसे में कक्षा 6 में पढ़ती है। अहलेसुन्नत मिफ्ताहुल ओलुम नाम के इस मदरसे में कई छात्र-छात्राओं को दीनी तालीम दी जाती है। सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त इस मदरसे में उसी इलाके का रहने वाला मौलवी इरशाद बच्चों को पढ़ाता है।

महिला ने बताया कि मंगलवार (19 नवंबर) की दोपहर 12 बजे उसकी बेटी मदरसे के कार्यालय में ग्लास रखने गई थी। तभी इरशाद ने गंदी नीयत से उसे दबोच लिया और पीड़िता को अर्धनग्न करके रेप का प्रयास करने लगा। पीड़िता शोर मचाने लगी। इस पर मौलवी भड़क गया। उसने पीड़िता को बेरहमी से पीट कर चुप करवा दिया। साथ ही घटना के बारे में किसी को भी बताने पर कत्ल की धमकी दी।

जैसे-तैसे लड़की अपने घर पहुँची और परिजनों को सारी बात बताई। मौलवी इरशाद को अय्याश बताते हुए पीड़िता की माँ ने कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने इस शिकायत का संज्ञान लेकर FIR दर्ज कर ली है। यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 और 115 (2) के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

नौकरी के नाम पर हिंदू लड़की को नेपाल से लाया, रेप के बाद भाइयों को सौंपा: पुलिस ने जबरन मुस्लिम बनाने के आरोपित अमजद को दबोचा, अम्मी-भाई की तलाश

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में नेपाल की हिन्दू लड़की से रेप और फिर उसका धर्मान्तरण का कराने के आरोपित अमजद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अमजद पर 9 सितंबर 2024 को FIR दर्ज हुई थी। इस FIR में उसकी अम्मी और भाई सहित कुल 5 आरोपित नामजद हैं। फरार चल रहे अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। केस दर्ज होने के बाद से अमजद भी फरार चल रहा था।

घटना पीलीभीत जिले के थाना क्षेत्र पूरनपुर कोतवाली की है। कोतवाली प्रभारी नरेश त्यागी ने बताया कि फरार चल रहे अमजद की तलाश में जुटी पुलिस को 21 नवंबर को उसकी लोकेशन की जानकारी मिली। इसके दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस केस में अमजद की अम्मी कैसर जहाँ, मामा, भाई चंगेज और रंगीला भी नामजद हैं। ये सभी फरार हैं।

क्या था पूरा मामला

नेपाल के धनघड़ी की रहने वाली एक हिन्दू महिला ने 9 सितंबर 2024 को पीलीभीत के पूरनपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि साल 2013 में वह नेपाल के धनघड़ी में जॉब करती थी। पीलीभीत का टैक्सी ड्राइवर अमजद अक्सर वहाँ आता-जाता था। उसने खुद को अजय बताकर उसे दोस्ती की और दिल्ली में नौकरी दिलाने का झाँसा दिया।

अजय बने अमजद ने नौकरी दिलाने के नाम पर पीड़िता को भारत बुलवाया और पीलीभीत के कलीमनगर में अपने जीजा वाहिद खान के यहाँ रखा। यहाँ पर पीड़िता से न सिर्फ तमंचे की नोक पर रेप किया, बल्कि उस धर्मांतरण के बाद मुस्लिम बनकर उससे निकाह करने का भी दबाव बनाया गया। इसमें अमजद के परिजनों ने भी साथ दिया। इस दौरान पीड़िता का पीलीभीत में अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था।

धर्मांतरण के लिए जब पीड़िता तैयार नहीं हुई तो अमजद ने उसे कहा कि वह या तो मुस्लिम बने या फिर वह उसकी हत्या कर देगा। उसने पीड़िता को इस्लाम और मौत में से एक चुनने का विकल्प दिया। जान बचाने के लिए पीड़िता ने इस्लाम कबूल कर लिया। यह धर्मान्तरण बरेली में हुआ था। धर्मांतरण के बाद पीड़िता का नाम मेहरुन्निशा कर दिया गया। उस पर गोमांस खाने का भी दबाव बनाया गया।

धर्मांतरण के बाद अमजद ने पीड़िता का निकाह अपने भाई एवं 4 बच्चों के तलाकशुदा अब्बा फ़िरोज़ से करवा दिया। जब पीड़िता ने विरोध किया तो अमजद के भाई फ़िरोज़ और रंगीला उसे बेरहमी से मारा। इनका एक अन्य भाई चंगेज भी पीड़िता से कई बार दुष्कर्म कर चुका है। पीड़िता ने यह भी बताया कि चंगेज घर में कई सिख और हिन्दू लड़कियों को भी लाया करता था।

इनके घर कई मौलाना भी गिफ्ट लेकर आते थे। साल 2022 में पीड़िता पर तलवार से भी हमला किया गया। आखिरकार पीड़िता ने तंग आकर इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस मामले में पुलिस से कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। तब सभी आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64, 352, 351 (3), 115 (2), और 76 के तहत कार्रवाई की गई थी।

शेख हसीना के तख्ता पलट के बाद बांग्लादेश का इस्लामीकरण: सरकार बनाएगी मदीना की तरह मस्जिद, इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद की निंदा पर सजा-ए-मौत की सिफारिश

बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्तापलट के बाद देश का इस्लामीकरण तेज हो गया है। इस इस्लामीकरण में अब युनुस सरकार के साथ ही देश की न्यायपालिका भी शामिल हो गई है। बांग्लादेश के हाई कोर्ट ने इस्लाम या पैगंबर की निंदा पर मौत की सजा लागू करने कि सिफारिश की है। वहीं युनुस सरकार में शामिल एक मौलाना ने कहा है कि वह देश में एक मस्जिद को सऊदी अरब की मस्जिद की तरह विकसित करने जा रहे है।

बांग्लादेश हाई कोर्ट दे रहा मौत की सजा की सिफारिश

बांग्लादेश हाई कोर्ट के जस्टिस एम.आर. हसन और जस्टिस फहमीदा कादर की बेंच ने कहा, “कुरान और पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ इस तरह के गैर-जरूरी, बेशर्म, अड़ियल, भड़काऊ भाषण और आचरण के लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास जैसी सजा का प्रावधान होना चाहिए, इस पर संसद को विचार करना चाहिए।”

हाई कोर्ट ने आगे कहा, “किसी भी ऐसे भड़काऊ भाषण या ऐसे कामों को खत्म करने के लिए, जो किसी भी मजहब के लोगों को ठेस पहुँचा सकता है, या फिर उनमें से डर, आतंक, परेशानी या आशंका पैदा करता है, इनके लिए सजा बढ़ाने और गैर जमानती बनाने पर विचार किया जाना चाहिए।”

जहाँ कोर्ट अपने बयान में एक तरह कह रहा है कि पैगंबर मुहम्मद और कुरान के खिलाफ बयानों पर मौत की सजा होनी चाहिए, वहीं दूसरी तरफ उसने अपने इस्लामी कट्टरपंथ को सहारा देने के एजेंडे को सेक्युलर रंग देने के लिए बाद में ‘किसी भी मजहब’ का जुमला जोड़ दिया। यह पूरी दुनिया को पता है कि किस मजहब के लोग ईशनिंदा को लेकर सड़कों पर उतरते हैं।

बांग्लादेश का इस मामले में रिकॉर्ड भी कुछ ख़ास नहीं है। हाल ही में एक हिन्दू युवक को इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने बीच सड़क पर मार मार कर अधमरा कर दिया था। उस पर भी ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था। उसे बाद में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

यह कोई अकेली घटना नहीं है। इसके अलावा भी बांग्लादेश में कई बार हिन्दुओं को बांग्लादेश में निशाना बनाया जा चुका है। बांग्लादेश हाई कोर्ट की नई सिफारिश पर यदि युनुस सरकार कानून बनाती है, तो इसका असर सबसे अधिक हिन्दुओं पर ही पड़ेगा।

ऐसा इसलिए नहीं होगा क्योंकि बांग्लादेश में हिन्दू ईशनिंदा करते हैं। बल्कि इसलिए होगा क्योंकि बांग्लादेश में अब सत्ता इस्लामी कट्टरपंथियों के हाथ में है। बांग्लादेश के भीतर अब किसी भी हिन्दू को निशाना बनाने के लिए ईशनिंदा एक टूलकिट के तौर पर उपयोग होने लगा है। एक बार आरोप लग जाने के बाद, चाहे वह झूठा हो या सच्चा, भीड़ किसी की नहीं सुनती।

युनुस सरकार ने मस्जिद बनाने का किया ऐलान

मोहम्मद युनुस की सरकार में शामिल AFM खालिद हुसैन ने चटगाँव में एक मस्जिद को सऊदी अरब की मदीना मस्जिद की तरह विकसित करने का ऐलान किया है। AFM खालिद हुसैन ने कहा, “अंदरकिला शाही जामे मस्जिद मुगल वास्तुकला का एक अनूठा उदाहरण है। इसे स्थानीय मुस्लिम समुदाय की आकांक्षाओं के अनुरूप एक शानदार मस्जिद के रूप में विकसित किया जाएगा।” युनुस सरकार इस पर ₹10 करोड़ का खर्च करेगी। इसके बाद जरूरी होगा तो और भी पैसा लगाया जाएगा।

‘अल्लाह की मेहरबानी से जन्नत मिलेगी’: नौकरी का लालच और जहन्नुम का डर दिखाकर शाकिर ने हिन्दू लड़की को कबूल करवाया इस्लाम, गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का शाकिर ने फर्जी नाम और पहचान से एक हिन्दू लड़की को अपने प्यार के जाल में फँसाया और फिर उसका दुष्कर्म किया। आरोपित ने दबाव डालकर 20 वर्षीया पीड़िता को इस्लाम भी कबूल करवा दिया। लड़की को इस्लाम छोड़ने पर नरक जाने और फिर पूरे परिवार को कत्ल करने की भी धमकी दी। गुरुवार (21 नवंबर 2024) को पुलिस ने FIR दर्ज कर शाकिर को गिरफ्तार कर लिया।

घटना मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र की है। यहाँ रहने वाली एक महिला ने 21 नवंबर को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी को बिजनौर के शाकिर ने हनी नाम बताकर संपर्क किया। इसके बाद नौकरी दिलाने का झाँसा देकर अपने प्रेम जाल में फँसा लिया। हनी बने शाकिर ने अपना पता बिजनौर जिला बताया था, जबकि वह मूलतः रामपुर का निवासी है। उसने हनी नाम से फर्जी आधार कार्ड भी बनवा रखा था।

यही आधार कार्ड पीड़िता और उसकी माँ को भी दिखाया गया था। थोड़े समय बाद शाकिर ने हिन्दू लड़की से निकाह कर दिया। उसे अल्लाह की मेहरबानी से जन्नती सुकून मिलने जैसी बातें करके आरोपित अपने साथ ले गया। वह लड़की के साथ कटघर इलाके में ही किराए के एक मकान में रहने लगा। यहाँ उसने पीड़िता से कई बार रेप किया। 20 नवंबर को पीड़िता शाम को अपनी माँ के पास आई।

यहाँ पता चला कि लड़की को कलमा पढ़वा दिया गया है। लड़की ने यह भी बताया कि अगर उसने इस्लाम छोड़ा तो शाकिर न सिर्फ उसको नौकरी से निकाल देगा, बल्कि तलाक भी दे देगा। इस दौरान लड़की ने अपनी माँ से कहा, “मैं हिन्दुओं के बीच रहकर नरक नहीं जाऊँगी। आप काफिर हो। आप भी धर्मान्तरण कर लो वरना जहन्नुम (नरक) में जाओगी।”

अपनी बेटी के मुँह से ऐसी बातें सुनकर माँ हैरान रह गई। वह बेटी के साथ शाकिर के पास उलाहना लेकर गई। तब शाकिर ने कहा, “तुम हिन्दुओं को कितना भी समझा लो, तुम्हें समझ नहीं आएगा।” आरोपित ने महिला को धमकी दी कि अगर वो अपनी बेटी को को साथ ले गई तो पूरे परिवार का कत्लेआम कर दिया जाएगा। पीड़िता ने अपनी शिकायत में शाकिर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

पुलिस ने शिकायत का संज्ञान लेकर 21 नवंबर को शाकिर के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर ली। यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319 (2), 318 (4), 336 (3) और 351 (3) के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सम्परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 के सेक्शन 3/5(1) के तहत दर्ज की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

इस मामले की जानकारी मिलते ही मुरादाबाद के हिन्दू संगठनों ने हंगामा शुरू कर दिया। वो आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग पर अड़ गए। वायरल हो रहे एक वीडियो में हिन्दू संगठन के सदस्यों से घिरे शाकिर को लड़की के साथ देखा जा सकता है। लड़की ने काला लिबास पहन रखा है। पुलिस ने शाकिर को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से 2 आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं।