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हरियाणा में कॉन्ग्रेस के मंच पर महिला नेता के साथ छेड़छाड़, कुमारी शैलजा ने की कार्रवाई की माँग: पूर्व सीएम के सांसद बेटे दीपेंद्र हुड्डा भी वहाँ थे मौजूद

हरियाणा विधानसभा चुनाव के मतदान के बीच, 3 सितंबर को नारनौंद में हुई एक घटना से सोशल मीडिया पर आक्रोश फ़ैल गया है। यह घटना कॉन्ग्रेस की एक रैली से जुड़ी है। कॉन्ग्रेस की इस रैली में एक महिला नेता के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ हुई। छेड़छाड़ की बात की पुष्टि कॉन्ग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने भी की है। उन्होंने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

घटना के वायरल वीडियो में रोहतक से कॉन्ग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा को मंच पर देखा जा सकता है, उनके साथ एक महिला नेता सोनिया दुहान खड़ी थीं। सोनिया दुहान उन्हें गुलदस्ता देती हैं। इसी बीच उनके पीछे खड़ा एक व्यक्ति सोनिया को गलत तरीके से हाथ से छूते दिखता है। इसके बाद सोनिया दुहान असहज हो जाती हैं।

घटना के वायरल वीडियो के बाद सोनिया दुहान से कॉन्ग्रेस सांसद कुमार शैलजा ने बात की है। शैलजा ने मीडिया को बताया, “मैंने सोनिया से बात की है, वो मुझे बता रही हैं कि उनके साथ वहाँ छेड़छाड़ की गई… मैंने उनसे इस बात की पुष्टि की है, अगर आज किसी महिला के साथ ऐसा होता है, तो इससे बुरा और निंदनीय क्या हो सकता है। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।”

कुमारी शैलजा ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग भी की है। कुमारी शैलजा पहले अपनी ही पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ़ आवाज़ उठा चुकी हैं। हरियाणा चुनाव के प्रचार के दौरान कॉन्ग्रेस नेता जस्सी पेटवाड़ के समर्थकों ने कथित तौर पर उनके खिलाफ़ अनुचित टिप्पणी की थी।

इस घटना के कारण राज्य में राजनीतिक हलचल मचा दी थी। घटना से दुखी होने के कारण कुमारी शैलजा ने करीब दो सप्ताह तक चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गाँधी समेत वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेताओं से शिकायत की थी। भूपेन्द्र हुड्डा ने इसके बाद सफाई दी थी।

भाजपा ने भी इस मुद्दे को लेकर कॉन्ग्रेस को घेरा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे ‘चौंकाने वाला मामला बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “कॉन्ग्रेस की एक महिला नेता के साथ दीपेंद्र हुड्डा की मौजूदगी में मंच पर नेताओं द्वारा छेड़छाड़ की गई।”

आगे उन्होंने लिखा, “न्यूज और यहाँ तक ​​कि कुमारी शैलजा द्वारा भी इसकी पुष्टि की गई है। यदि दिनदहाड़े कॉन्ग्रेस की बैठकों में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं – तो क्या कॉन्ग्रेस की सरकार आने पर वे सुरक्षित हो सकती हैं?” पूनावाला ने प्रश्न उठाए कि आखिर प्रियंका गाँधी का लड़की हूँ-लड़ सकती हूँ का नारा अब कहाँ चला गया है।

हरियाणा विधानसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान कई जगह हिंसा, फर्जी मतदान को लेकर झड़प: कुल 61.19% मतदान, मेवात में सबसे ज्यादा पड़े वोट

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए ताजा आँकड़ों के मुताबिक, शाम 7 बजे तक कुल 61.19% मतदान हुआ है। इस बार हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटों पर 1031 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है, जिसमें 101 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। मतदान का क्रम समाप्त होते ही सभी उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। चुनावी नतीजे 8 अक्टूबर 2024 को जारी किए जाएँगे।

इस चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 89 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं, जबकि कॉन्ग्रेस ने भी 89 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। जननायक जनता पार्टी (JJP) और आजाद समाज पार्टी (ASP) गठबंधन ने 78 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें JJP ने 66 और ASP ने 12 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए। इसके अलावा, आम आदमी पार्टी (AAP) ने 88 सीटों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

हरियाणा के सभी जिलों में यमुनानगर अव्वल

हरियाणा के विभिन्न जिलों में मतदान प्रतिशत अलग-अलग रहा। मेवात जिले में सबसे ज्यादा 68.28 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि गुरुग्राम में सबसे कम 49.97 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। अन्य जिलों में भी मतदान प्रतिशत इस प्रकार है: अंबाला में 63.35%, भिवानी में 63.06 प्रतिशत, चरखी दादरी में 58.10 प्रतिशत, फरीदाबाद में 51.90 प्रतिशत, फतेहाबाद में 67.05 प्रतिशत मतदान हुआ।

इसके अलावा हिसार में 64.79 प्रतिशत, झज्जर में 60.52 प्रतिशत, जींद में 66.02 प्रतिशत, कैथल में 62.53 प्रतिशत, करनाल में 60.42 प्रतिशत, कुरुक्षेत्र में 65.55 प्रतिशत, महेंद्र गढ़ में 65.76 प्रतिशत, पलवल में 67.69 प्रतिशत, पंचकुला में 54.71 प्रतिशत, पानीपत में 60.52 प्रतिशत, रेवाड़ी में 60.91 प्रतिशत, रोहतक में 61.59 प्रतिशत, सिरसा में 65.37 प्रतिशत, सोनीपत में 56.69 प्रतिशत और यमुनानगर में 67.93 प्रतिशत मतदान हुआ है।

चुनाव आयोग द्वारा मतदान के आँकड़े (फोटो साभार: ECI)

मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। ग्रामीण इलाकों में मतदान का रुझान शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक रहा, जो कि राजनीतिक दलों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।

मतदान के दौरान हिंसा की कई घटनाएँ

चुनाव के दौरान कई जिलों से हिंसक घटनाओं और झड़पों की खबरें भी आईं, जिसने चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित किया।

रोहतक में पूर्व विधायक पर हमला: रोहतक के महम विधानसभा क्षेत्र में हजपा प्रत्याशी बलराज कुंडू और कॉन्ग्रेस नेता आनंद सिंह दांगी के बीच तीखी झड़प हुई। बलराज कुंडू का आरोप है कि दांगी और उनके समर्थकों ने उनके ऊपर हमला किया और उनके कपड़े फाड़ दिए। मामले को शांत कराने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा।

नूहँ में पथराव: नूहँ जिले की पुनहाना विधानसभा में कॉन्ग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद इलियास और निर्दलीय उम्मीदवार रहीस खान के समर्थकों के बीच जमकर हाथापाई और पथराव हुआ। पुलिस के मौके पर पहुँचने के बाद ही स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।

हिसार में झड़प: हिसार जिले के नारनौंद इलाके में कॉन्ग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प की खबर आई। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस के बाद मारपीट हो गई, जिसमें कई लोग घायल हुए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मतदान को पुनः शुरू कराया।

पानीपत में चाकूबाजी: पानीपत जिले के नोहरा गांव में बोगस वोटिंग को लेकर कॉन्ग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच चाकूबाजी हुई। इस घटना में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाला और घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया।

डाटा गाँव में फर्जी मतदान पर झड़प: नारनौंद विधानसभा क्षेत्र के डाटा गाँव में बूथ नंबर 69 पर फर्जी मतदान को लेकर झड़प हुई। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं पर फर्जी वोटिंग के आरोप लगे, जिसके बाद दो पक्षों में तनाव बढ़ गया। स्थिति तब और बिगड़ी जब कुछ लोग फर्जी मतदान का वीडियो बनाने लगे, जिससे कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता भड़क उठे। पुलिस ने स्थिति को काबू में किया और घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार दिया गया।

फर्जी मतदान की कई घटनाएँ

चुनाव के दौरान कई जगहों पर फर्जी मतदान की घटनाएँ भी सामने आईं। पानीपत के नोहरा गाँव में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं पर बोगस वोटिंग का आरोप लगा। भाजपा के एजेंट ने इसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों में चाकूबाजी हुई। इस हिंसक घटना ने मतदान प्रक्रिया को कुछ समय के लिए बाधित किया। इसी तरह, नारनौंद विधानसभा के डाटा गांव में भी फर्जी मतदान की घटना पर दो पक्षों में झड़प हुई। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं पर फर्जी वोट डलवाने के आरोप लगे, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रण में लानी पड़ी।

पिछले चुनाव में पार्टियों की ये थी स्थिति

साल 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 40 सीटें जीती थीं और उसका वोट शेयर 36.49% था। कॉन्ग्रेस ने 31 सीटें जीती थीं और उसका वोट शेयर 28.08% रहा। जननायक जनता पार्टी (JJP) ने 10 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 7 सीटों पर विजय पाई थी। इस बार के चुनाव में भाजपा और कॉन्ग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है, जबकि JJP-ASP गठबंधन और आम आदमी पार्टी भी अपनी चुनौती पेश कर रही हैं।

2 करोड़ से अधिक मतदाताओं की भागीदारी

इस बार के चुनाव में 2 करोड़ से अधिक मतदाता हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 10,775,957 पुरुष मतदाता और 9,577,926 महिला मतदाता शामिल हैं। राज्यभर में 20,632 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, इसके बावजूद कुछ स्थानों पर झड़पों और हिंसक घटनाओं ने माहौल को बिगाड़ा। पुलिस ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी और हिंसक घटनाओं का मिला-जुला असर देखा गया। मतदान का प्रतिशत अभी तक 54.3% तक पहुँचा है, और 8 अक्टूबर को मतगणना के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि किस पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

पश्चिम बंगाल में 10 साल की बच्ची का अपहरण कर हत्या, रेप का भी आरोप: पुलिस की लापरवाही का विरोध करने पर बरसीं लाठियाँ, मुस्तकीन सरदार गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में कक्षा 4 में पढ़ने वाली 10 वर्षीय बालिका की अपहरण करके हत्या कर दी गई। बच्ची के साथ रेप की आशंका परिजनों ने जताई है। बच्ची के परिजनों ने मामले में पुलिस पर लापरवाही और उसे समय से ना ढूँढने का आरोप लगाया है। नाबालिग का शव बरामद होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध किया तो पुलिस ने उन पर लाठियाँ बरसाईं। इस मामले के बाद भाजपा ने राज्य की ममता सरकार पर आरोप लगाया है कि वह महिलाओं की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिण 24 परगना के कृपाखाली गाँव में शुक्रवार (4 अक्टूबर, 2024) को 10 वर्षीय बच्ची गायब हो गई थी। बच्ची ट्यूशन पढ़ने गई थी जिसके बाद वह वापस नहीं आई। इस मामले में परिजनों ने FIR भी दर्ज करवाई थी। बच्ची की लाश शनिवार (5 अक्टूबर, 2024) को सुबह बरामद हुई। उसकी लाश पर चोट के कई निशान थे।

बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसकी रेप के बाद हत्या की गई है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो बच्ची की मौत नहीं होती। बच्ची की लाश मिलने के बाद शनिवार को परिजन और ग्रामीण नाराज होकर प्रदर्शन करने लगे। उनकी पुलिस से झड़प भी हुई।

इसके बाद पुलिस ने कथित रेप और हत्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठियाँ बरसाईं और आंसू गैस के गोले तक छोड़े। यहाँ पर मामले को शांत करने के लिए पहुँचे TMC विधायक को भी भगा दिया गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस मामले में भी पुलिस ने कोलकाता डॉक्टर रेप और हत्या मामले की तरह लापरवाही बरती है। इस मामले में पुलिस ने मुस्तकीन सरदार नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। मुस्तकीन से अभी पूछताछ जारी है। कृपाखाली में स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। मौके पर भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल भी पहुँची हैं।

पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने मामले में ममता सरकार पर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने एक्स (ट्विट्टर) पर लिखा, “स्तब्ध हूँ कुलतली थाने के कृपाखाली इलाके में ट्यूशन से लौटते समय चौथी कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ बेरहमी से बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। बाद में ग्रामीणों ने नदी के किनारे से बच्ची का बर्फ में दबा शव बरामद किया। महिलाओं की सुरक्षा करने में विफल रहीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मेरा सवाल है कि नवरात्र में भी भी बंगाल की लडकियाँ सुरक्षित क्यों नहीं हैं।”

सुकांता मजूमदार ने कहा है कि आखिर कब तक बंगाल की महिलाओं को ममता राज में सहना पड़ेगा। मामले में पुलिस ने अपना बचाव किया है। पुलिस ने कहा है कि उसे शुक्रवार देर शाम सूचना मिली थी और उसने तुरंत एक्शन लेते बच्ची को खोजना चालू कर दिया। जिले के एसपी ने बताया है कि उन्होंने जिस आरोपित को गिरफ्तार किया है, उसने जुर्म भी कबूल कर लिया है।

भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित VSHORADS मिसाइलों का किया सफल परीक्षण किया: आधुनिक तकनीक से लैस, कम दूरी के लक्ष्य को भेदने में कारगर

भारत ने राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण फायरिंग रेंज में स्वदेशी रूप से विकसित VSHORADS मिसाइलों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। DRDO ने यहाँ बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली के तीन परीक्षण किए गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल विकास परीक्षणों में शामिल DRDO, भारतीय सेना और उद्योग को बधाई दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीकों से लैस यह नई मिसाइल हवाई खतरों के खिलाफ सशस्त्र बलों को और मजबूत करेगी। रक्षा मंत्रालय ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “DRDO भारत ने पोखरण से चौथी पीढ़ी की तकनीकी रूप से उन्नत लघु हथियार प्रणाली VSHORADS के तीन उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किए हैं।”

उम्मीद है कि VSHORADS कम दूरी पर दुश्मन के विमानों, ड्रोन और अन्य हवाई लक्ष्यों से निपटने के लिए बलों की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करेंगी। सेना अपनी आवश्यकताओं के लिए रूसी इग्ला मिसाइलों पर निर्भर है, लेकिन पिछले एक दशक से वह आधुनिकीकरण की आवश्यकता महसूस कर रही है।

VSHORADS परियोजना में विकास और उत्पादन में दो निजी कंपनियाँ भागीदार हैं। पिछले कुछ वर्षों से भारत मिसाइल सहित स्वदेशी हथियारों का तेजी से विकास कर रहा है। इस दिशा में यह सफल परीक्षण बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। इससे भारती सेनाओं को मजबूती मिलेगी।

इससे पहले शुक्रवार (4 अक्टूबर) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग (IPRD) 2024 को संबोधित करते हुए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत का समर्थन व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने इंडो-पैसिफिक के देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की अपील की।

उन्होंने कहा, “भारत ने विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की लगातार वकालत की है और क्षेत्रीय संवाद, स्थिरता और सामूहिक विकास को बढ़ावा देने में आसियान की केंद्रीयता पर जोर देते हुए हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की माँग की है।” रक्षा मंत्री ने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त अभ्यास और सूचना-साझाकरण पहल सहित क्षेत्रीय भागीदारों के साथ जुड़ाव का उद्देश्य सामूहिक समुद्री सुरक्षा ढाँचे को मजबूत करना है। उन्होंने कहा किया कि भारतीय सशस्त्र बल, विशेष रूप से नौसेना, क्षेत्र के देशों के साथ सहयोगात्मक प्रयासों में सबसे आगे रहे हैं और उनकी क्षमता और योग्यता के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा, “जबकि भारत का समुद्री सहयोग के लिए प्रयास जारी है, इसके हित किसी अन्य देश के साथ संघर्ष में नहीं हैं। किसी अन्य देश के हितों का अन्य देशों के हितों के साथ टकराव नहीं होना चाहिए। यही वह भावना है जिसके साथ हमें मिलकर काम करना चाहिए।”

इंडो-पैसिफिक के लिए भारत के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “इंडो-पैसिफिक के लिए भारत का दृष्टिकोण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के SAGAR (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के विचार पर आधारित है, क्योंकि हम ऐसी साझेदारी को बढ़ावा देने में विश्वास करते हैं जो सतत विकास, आर्थिक विकास और आपसी सुरक्षा को प्राथमिकता देती है।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का अपने भागीदारों के साथ जुड़ाव इस समझ से निर्देशित है कि सच्ची प्रगति केवल सामूहिक कार्रवाई और तालमेल के माध्यम से ही हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के कारण भारत को इस क्षेत्र में एक ‘विश्वसनीय और पसंदीदा सुरक्षा भागीदार और पहला उत्तरदाता’ माना जाता है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के खिलाफ एकजुट हुए बंगाल के हिंदू, इस्लामी मुल्क के सामानों के खिलाफ चलाया #BoycottBangladesh अभियान

बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों खास कर हिंदुओं पर हो रहे इस्लामी कट्टरपंथियों के अत्याचारों, हमलों के खिलाफ अब पश्चिम बंगाल के हिंदू एकजुट हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल के हिंदू न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बांग्लादेशी घुसपैठियों को सबक सिखा रहे हैं, बल्कि बांग्लादेश से आधिकारिक चैनलों से आने वाले सामान का भी बहिष्कार कर रहे हैं। इस पूरे अभियान का एक ही मकसद है- बांग्लादेश के इस्लामी कट्टरपंथियों की जेब पर हमला और आर्थिक बहिष्कार। इसीलिए पश्चिम बंगाल के हिंदुओं ने बाकायदा #बायकॉटबांग्लादेश नाम से कैंपेन भी शुरू कर दिया है।

‘बांग्लादेश आउट’ कैंपेन की शुरुआत इस ज़रूरत से हुई कि एक ऐसे देश को आर्थिक मदद न दी जाए, जो इस साल 5 अगस्त से कट्टरपंथी इस्लामी लोगों के चंगुल में आ चुका है। जब बांग्लादेश में हिंदू समुदाय, उनके मंदिरों और व्यापारों पर हमले शुरू हुए, तो पश्चिम बंगाल के हिंदुओं ने खुद ही पड़ोसी देश में बने सामानों और सेवाओं के आर्थिक बहिष्कार को शुरू कर दिया।

OpIndia ने #BoycottBangladesh अभियान के आयोजक मयुख पाल से बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में यह आंदोलन अनौपचारिक था। लोग अपने आप जुड़ने लगे, फंड इकट्ठा किया और ये सिर्फ एक महीने में 12 जिलों तक फैल गया। वो भी सिर्फ मौखिक प्रचार मात्र से।

मयुख पाल और उनके साथियों ने बांग्लादेशी सामानों के बहिष्कार से जुड़े पोस्टर छपवाए हैं और पूरे राज्य के सबसे व्यस्त इलाकों में लगवाए हैं।

पश्चिम बंगाल में हिंदुओं ने बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए प्रदर्शन कर सुरक्षा की माँग की

पाल और उनके कार्यकर्ताओं ने पोस्टर छपवाए और पश्चिम बंगाल के सबसे व्यस्त इलाकों में लगाए, जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, और बाजार। स्वयंसेवकों ने लोगों से संपर्क किया, उन्हें बांग्लादेश की स्थिति के बारे में बताया और उस देश के उत्पादों का बहिष्कार करने की शपथ लेने के लिए प्रेरित किया। कई लोगों ने कैमरे के सामने यह शपथ ली कि वे बांग्लादेशी कपड़ों और सेवाओं का उपयोग नहीं करेंगे।

पश्चिम बंगाल के हिंदू बंगालियों की माँगें

मयुख पाल ने OpIndia को बताया कि उन्होंने 2500 से अधिक पोस्टर वितरित किए और 1 लाख से अधिक हिंदुओं को प्रभावित किया।

BoycottBangladesh अभियान से जुड़े हिंदू कार्यकर्ता आर बंगोपाध्याय ने बंगाली हिंदुओं की चार मुख्य माँगें बताईं हैं:

  • बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा जारी करना तुरंत बंद किया जाए।
  • जो बांग्लादेशी नागरिक भारत में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, उन्हें देश से बाहर निकाला जाए।
  • कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों को ब्लैकलिस्ट किया जाए, जो हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाते हैं।
  • बांग्लादेश में बने उत्पादों का बहिष्कार किया जाए।
पश्चिम बंगाल में दीवारों, पेड़ों और रेलवे स्टेशनों पर ‘बांग्लादेश आउट’ के पोस्टर लगे

आर बंगोपाध्याय ने बताया कि पहले तीन माँगें भारतीय सरकार से हैं, जबकि चौथी माँग हिंदू समुदाय के लिए है।

#BoycottBangladesh आंदोलन किस तरह से आगे बढ़ा?

OpIndia ने ‘बांग्लादेश आउट’ अभियान के पोस्टरों को भी देखा। अंग्रेजी पोस्टरों में हिंदुओं के नरसंहार को रोकने, समुदाय को बचाने की जरूरत और चल रहे अत्याचारों के खिलाफ चुप्पी तोड़ने पर जोर दिया गया है, तो बांग्ला पोस्टरों में हिंदू समुदाय के मंदिरों और घरों के विनाश, हत्याओं, अपहरण और बलात्कार को उजागर किया गया था।

#BoycottBangladesh अभियान का अंग्रेजी पोस्टर

बंगाली पोस्टर में लिखा था, “हिंदुओं के खून से रंगे बांग्लादेशी कपड़ों का बहिष्कार करें।” इसमें ज़ारा, एचएंडएम, जीएपी जैसे ब्रांडों का नाम भी शामिल था।

बंगाली पोस्टर में उन कपड़ों की भी लिस्ट है, जो बांग्लादेश से मंगाए जाते हैं- जैसे साड़ी, चूड़ीदार, टी-शर्ट, शर्ट, जीन्स, स्वेटर, और लुंगी।

बांग्ला भाषा के पोस्टर

बांग्लादेशी सामानों के बहिष्कार का ये आंदोलन राज्य के व्यस्ततम इलाकों में पोस्टर लगाने से शुरु हुआ था और धीरे-धीरे आम लोग उससे जुड़ते चले गए। लोगों में जागरुकता लाने के लिए इस अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों ने लोगों को जागरुक भी करना शुरू किया और लोगों को मौखिक रूप से भी इस अभियान की जरूरत को समझाया। उन्होंने बंगाली हिंदू समुदाय से सोशल मीडिया के माध्यम से हो रहे भ्रामक प्रचार से भी सावधान रहने की अपील की, जिसमें बांग्लादेश के हिंदु समुदाय पर हो रहे अत्याचारों को दबाने, छिपाने की कोशिशें की जाती हैं।

रेलवे स्टेशनों और अन्य व्यस्त जगहों पर पोस्टर लगाते युवा स्वयंसेवक

कई वीडियो में बंगाल के हिंदुओं को बांग्लादेशी वस्त्रों का बहिष्कार करते हुए देखा गया। जनता की प्रतिक्रिया जबरदस्त थी। बंगाली हिंदुओं ने यहाँ तक कसम खाई कि वे पद्मा नदी की हिलसा मछली नहीं खाएँगे।

OpIndia ने बताया था कि बांग्लादेश सरकार ने दुर्गा पूजा के दौरान भारत को हिलसा मछली भेजने की परंपरा को रोक दिया था। लेकिन बाद में इस फैसले को पलट दिया गया। इसके बावजूद, बंगाली हिंदुओं ने यह साफ किया कि उनके लिए एक हिंदू का जीवन सबसे महत्वपूर्ण है।

यह भावना बंगाल के हिंदुओं के वीडियो इंटरव्यू में भी झलकती है, जिन्होंने ‘बॉयकॉट बांग्लादेश’ अभियान का समर्थन किया।

कुछ जूनियर डॉक्टर और छात्र भी इस अभियान में शामिल हो गए हैं। एक डॉक्टर ने बंगाली में कहा, “बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। महिलाएँ अत्याचार का शिकार हो रही हैं। हिंदू मंदिर नष्ट किए जा रहे हैं। इसलिए हम बांग्लादेश का बहिष्कार कर रहे हैं।”

ममता सरकार के खिलाफ कोलकाता पुलिस के वॉटर कैनन का सामना करने वाले हिंदू संत ने भी इस अभियान का समर्थन किया और बांग्लादेशी उत्पादों के बहिष्कार की माँग की।

‘बांग्लादेश आउट’ आंदोलन को सोशल मीडिया पर भी समर्थन मिला है, जिसमें प्रसिद्ध यूट्यूबर्स और कार्यकर्ता जैसे रुद्र प्रसाद बनर्जी और सौरिश मुखर्जी शामिल हैं।

बायकॉट बांग्लादेश अभियान की अगुवाई कर रहे मयुख पाल ने ऑपइंडिया से बताया कि उनका आंदोलन उत्तर 24 परगना से शुरू हुआ और पूरे राज्य में फैल गया। उन्होंने बताया कि उन्होंने भारत के अन्य हिस्सों में भी जागरूकता बढ़ाने के लिए अपने पोस्टरों की सॉफ्ट कॉपी भेजी है।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों के मामले बढ़े

बांग्लादेश में हिंदुओं से घृणा के मामले हमले से सामने आते रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ समय में हिंदू मंदिरों, दुकानों और व्यवसायों पर कम से कम 205 हमले हो चुके हैं, विशेषकर शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद।

बांग्लादेश में दुर्गापूजा के लिए बनाई जा रही मूर्तियों को इस्लामी कट्टरपंथियों ने तोड़ दिया और हिंदुओं से पैसों की उगाही की जा रही है।

चटगाँव में एक हिंदू युवक को ईशनिंदा के आरोप में उसकी मॉब लिंचिंग के लिए इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने पूरे थाने को ही घेरा लिया और आर्मी की गाड़ियों तक में आग लगा दी थी।

ओपइंडिया ने पहले बताया था कि कैसे खुलना के सोनाडांगा इलाके में एक मुस्लिम भीड़ ने हिंदू लड़के उत्सव मंडल को ‘ईशनिंदा’ के आरोप में लगभग मार डाला था।

यह भी खुलासा हुआ था कि मुस्लिम छात्रों ने 60 से अधिक हिंदू शिक्षकों, प्रोफेसरों और सरकारी अधिकारियों को अपने पदों से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया है।

हाल ही में, मानवाधिकार कार्यकर्ता और निर्वासित बांग्लादेशी ब्लॉगर असद नूर ने बताया कि अल्पसंख्यक समुदाय को ‘जमात-ए-इस्लामी’ में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

6 सितंबर को चटगांव के कादम मुबारक इलाके में गणेश उत्सव के दौरान हिंदू भक्तों की एक शोभायात्रा पर भी हमला हुआ था।

बांग्लादेश में पिछले 6 दिनों में कुल 16 हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और तीन मंदिरों पर हमला किया जा चुका है। लेकिन हमेशा की तरह अब भी हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को ‘फर्जी‘, या ‘ राजनीति से प्रेरित ‘ बताकर बांग्लादेशी सरकार इस्लामी कट्टरपंथियों की मदद करे हिंदुओं पर अत्याचार को समर्थन दे रही है।

मूल रूप से ये रिपोर्ट अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित है। मूल रिपोर्ट को यहाँ क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

‘मेला घूमना इस्लाम में हराम, बाहर ना निकलें मुस्लिम बहन-बेटी: रतलाम के शहर काजी का फरमान, गरबा पंडालों में लगा बैनर- गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित

नवरात्रि का त्योहार देश भर में धूम-धाम से मनाया जा रहा है। इस बीच मध्य प्रदेश के रतलाम में गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। शहर के सभी गरबा पंडालों में इसको लेकर बैनर लगाए गए हैं। उधर, शहर काजी अहमद अली ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से घर में रहने की अपील की और कहा कि मेला-बाजार घुमना इस्लाम के खिलाफ है।

इसको लेकर अहमद अली ने एक पत्र भी जारी किया है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है, “मुस्लिम अवाम से गुजारिश है कि नौजवान, माँ, बहन और उम्मत की बेटियाँ नवरात्रि पर न ही मेले में जाएँ और न ही गरबा देखने जाएँ। हालात को मद्देनजर रखते हुए अपने घरों में रहें। बाजार, मेलों में घूमना दीन-ए-इस्लाम में जायज नहीं है। लिहाजा, ऐसे गैर-दीनी मामलात में सख्ती से बचा जाए।”

बता दें कि जिले के 735 स्थानों पर गरबा का आयोजन हो रहा है। हिंदू संगठनों और गरबा आयोजन समिति ने इस बार फैसला लिया है कि गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं को नहीं घुसने दिया जाएगा। इसके साथ ही अश्लील वस्त्रों में भी प्रवेश पर रोक लगाई गई है। गरबा के दौरान बॉलीवुड गाने भी नहीं बजेंगे। शराब पीकर आने वालों के खिलाफ सख्ती की जाएगी।

चिट्ठी के वायरल होने के बाद आसिफ अली ने कहा कि मुस्लिम महिलाएँ वैसे भी बाहर नहीं जाती, क्योंकि इस्लाम में पर्दे का हुक्म है। आजकल के माहौल को देखते हुए मुस्लिम युवक-युवती न जाएँ। माहौल अभी गर्म है और लोगों के बयान भी आ रहे हैं। इसलिए मुस्लिमों से घर में रहकर नमाज़ पढ़ने और इबादत करने की सलाह दी गई है।

नवरात्रि को लेकर रतलाम पुलिस अलर्ट मोड पर है। पंडालों की सुरक्षा के लिए 60 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और 40 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अवैध प्रवेश को रोकने के लिए तीन अलग-अलग बैरियर बनाए गए हैं। जिले में 62 और शहर में 28 स्थान संवेदनशील हैं। इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

‘युवाओं को नशे में धकेल कर चुनाव जीतना चाहती है कॉन्ग्रेस’: महाराष्ट्र में दहाड़े पीएम मोदी, मेट्रो सहित राज्य को दी ₹56000 करोड़ की सौगात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार (5 अक्टूबर, 2024) को महाराष्ट्र पहुँचे हैं। पीएम मोदी सबसे पहले महाराष्ट्र के वाशिम में पोहरादेवी मंदिर पहुँचे। उन्होंने वाशिम में कृषि क्षेत्र को ₹23,000 करोड़ की योजनाएँ दी। पीएम मोदी ने यहाँ एक जनसभा को भी संबोधित किया। पीएम मोदी के इस महाराष्ट्र दौरे से देश को लगभग ₹56000 करोड़ के प्रोजेक्ट मिले हैं।

पीएम मोदी वाशिम में पोहरादेवी मंदिर पहुँचे। यह मंदिर यहाँ के बंजारा समुदाय के लिए श्रद्धेय है। यह मंदिर माता माता जगदम्बा का है। यहाँ पीएम मोदी ने सुबह पूजा अर्चना की और इसके बाद यहाँ स्थापित नगाड़ा बजाया। पीएम मोदी ने वाशिम में कृषि और पशुपालन से सम्बन्धित योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

पीएम मोदी ने वाशिम में किसान सम्मान निधि की 18वीं किश्त जारी की है। यह किश्त ₹20000 करोड़ की है। अब तक इस योजना के तहत ₹3.45 करोड़ किसानों को दिए जा चुके हैं। पीएम मोदी ने यहाँकृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) के तहत ₹1,920 करोड़ से अधिक की 7,500 से अधिक परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित की।

प्रधानमंत्री ने यहाँ 9,200 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को भी राष्ट्र को समर्पित किया। इनका संयुक्त कारोबार लगभग 1,300 करोड़ रुपये है। उन्होंने यहाँ बंजारा म्यूजियम का उद्घाटन भी किया। पीएम मोदी ने वाशिम में एक जनसभा को भी संबोधित किया। इस जनसभा में उन्होंने बंजारा समुदाय पर रवैये को लेकर कॉन्ग्रेस को निशाने पर लिया।

पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस की सोच शुरू से ही विदेशी रही है। अंग्रेजी हुकूमत की तरह ही ये कॉन्ग्रेसी परिवार भी दलित, पिछड़ा और आदिवासियों को अपने बराबर नहीं मानते। इन्हें लगता है कि भारत पर सिर्फ एक परिवार की ही हुकूमत रहनी चाहिए। इसलिए उनलोगों ने बंजारा समाज के प्रति हमेशा अपमानजनक रवैया बनाए रखा।”

पीएम मोदी ने इस दौरान हाल ही में कॉन्ग्रेस नेता के पास से ड्रग पकडे जाने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा, “हाल ही में दिल्ली में हजारों करोड़ का ड्रग्स का जखीरा पकड़ा गया। इस ड्रग्स रैकेट का मुख्य सरगना कॉन्ग्रेस का एक नेता निकला। कॉन्ग्रेस युवाओं को नशे की लत में धकेल कर चुनाव जीतना चाहती है।”

पीएम मोदी ने बंजारा समुदाय की भलाई के लिए किए गए NDA सरकारों के काम भी यहाँ गिनाए। उन्होंने यहाँ कहा कि एनडीए की केन्द्र सरकार ने ही घुमंतू और अर्ध घुमंतू समुदाय के लिए कल्याण बोर्ड का गठन भी किया है। पीएम मोदी इसके बाद ठाणे भी जा रहे हैं जहाँ वह कई इन्फ्रा योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

पीएम मोदी ठाणे में मुंबई मेट्रो लाइन-3 के बीकेसी से आरे जेवीएलआर खंड का उद्घाटन करेंगे, जिसकी लागत करीब ₹14,120 करोड़ है। इस खंड में 10 स्टेशन होंगे, जिनमें से 9 भूमिगत होंगे। इसके अलावा वह लगभग ₹12,200 करोड़ की लागत से बनने वाली ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो रेल परियोजना की आधारशिला रखेंगे। वह और भी कई योजनाओं को हरी झंडी दिखाएँगे।

तिरंगे में पतंग बाँधकर ले जा रहे थे मुस्लिम नाबालिग, FIR दर्ज: AIMIM और कॉन्ग्रेस नेता के साथ भीड़ पहुँची थाने, अहमदाबाद पुलिस ने सँभाला हालात

गुजरात के अहमदाबाद के दानीलीमडा में शुक्रवार (4 अक्टूबर) को मुस्लिम समुदाय के दो नाबालिगों को राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप में पुलिस के हवाले कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें राष्ट्रीय ध्वज के कपड़े से बनी पतंग ले जाते हुए पकड़ा। यह जानकारी मिली है कि पुलिस ने दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

ऑपइंडिया के साथ बातचीत में दानीलीमडा पुलिस के PI जीजे रावत ने इसकी पुष्टि की है। दोनों के खिलाफ ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971’ की धारा 2 (भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान) और भारतीय दंड संहिता की धारा 54 (अपराध के समय उत्प्रेरक के रूप में उपस्थित होना) के तहत आरोप लगाए गए हैं। दोनों आरोपित नाबालिग हैं।

शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया कि वे रात में दानीलीमडा क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने एक सफेद एक्टिवा स्कूटर पर दो व्यक्तियों को देखा। उन्होंने देखा कि राष्ट्रीय ध्वज जैसा दुपट्टा बाँधकर उसमें पतंगें बाँधी हुई थीं। पूछताछ करने पर दोनों वहाँ से भाग गए, लेकिन पीछा करने पर मंगल विकास चौराहे के पास उनका पैकेट गिर गए।

इसके बाद वे रूक कर पैकेट लेने लगे। इसी दौरान शिकायतकर्ता ने दोनों को पकड़ लिया। पैकेट की जाँच करने पर पता चला कि इसमें लगभग आठ राष्ट्रीय ध्वज सिलकर एकत्रित किए गए थे। शिकायतकर्ता ने फिर उन ध्वजों को सम्मानपूर्वक निकाला। नाबालिगों ने बताया कि उन्हें इसके अलावा कोई दूसरा कपड़ा नहीं मिला था।

इस बीच स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। उन्होंने भी राष्ट्रीय ध्वज के अपमान को देखकर दोनों नाबालिगों को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों नाबालिगों को पकड़कर अपने साथ थाने चली गई।

घटना के कुछ फोटो और वीडियो भी ऑपइंडिया के पास उपलब्ध हैं। वीडियो में दोनों व्यक्ति एक बाइक पर जाते हुए दिखते हैं, जिसमें पीछे बैठा व्यक्ति एक पैकेट पकड़ रखा है, जिसमें पतंग है। इस पैकेट को बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया कपड़ा स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय ध्वज है, जिसमें केसरिया, सफेद और हरे रंग के साथ केंद्र में अशोक चक्र भी दिखाई देता है।

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के आरोप में दोनों मुस्लिम नाबालिगों को पुलिस थाने ले जाने के बाद स्थानीय AIMIM और कॉन्ग्रेस के नेता भी पुलिस थाने पहुँच गए। वहाँ भीड़ भी इकट्ठा हो गई। हालाँकि, पुलिस ने समय पर कार्रवाई की, जिसके चलते कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। फिलहाल पुलिस ने मामले की जाँच कर रही है।

आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के चीफ नसरल्लाह की मौत पर बिहार में कैंडल मार्च, जुम्मे की नमाज के बाद मातमी सभा: बताया- सदी का सबसे बड़ा शहीद

मध्य-पूर्वी मुल्क लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के चीफ नसरल्लाह के मारे जाने के बाद जुम्मे की नमाज (शुक्रवार की नमाज) के दौरान देश के कई हिस्सों में कट्टरपंथियों ने उसे श्रद्धांजलि दी। बिहार के छपरा और मुजफ्फरनगर सहित विभिन्न जगहों पर इस्लाम के शिया फिरके से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने आंतकी नसरल्लाह की मौत पर मातम मनाया गया।

हिजबुल्लाह चीफ की याद में शुक्रवार (4 अक्टूबर 2024) को छपरा के दहियावाँ स्थित शिया इमामबाड़ा में मातमी सभा का आयोजन किया गया। रात की नमाज के बाद एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें शिया समुदाय के लोगों ने हाथों में तख्ती और आतंकी नसरल्लाह की तस्वीर लेकर उसे श्रद्धांजलि श्रद्धांजलि दी।

इमामबाड़ा में नसरल्लाह की तस्वीर के सामने कैंडल जलाकर फतिहा पढ़ा गया। शिया मस्जिद के मुख्य मौलवी सैयद मासूम रजा ने कहा, “नसरल्लाह ने अपने समुदाय के लोगों के लिए शहादत दी है। वो दहशतगर्द वाले जिहादी नहीं थे। वो गरीब लोगों की लड़ाई लड़ रहे थे। इंसाफ वाले जिहादी थे।” मातमी सभा में नसरल्लाह और उसकी बेटी को सदी का सबसे बड़ा शहीद कहा गया।

वहीं, मुजफ्फरपुर में हसन नसरल्लाह की मौत और उसे आतंकी कहने पर शिया समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। शिया धर्मगुरु सैयद मोहम्मद काज़ीम शबीब के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिया समुदाय के मुस्लिमों ने कमरा मोहल्ला इमाम चौक से सरैयागंज टावर तक कैंडल मार्च निकाला।

इस दौरान आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के प्रमुख नसरल्लाह की तस्वीरें हाथों में लेकर इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी। उन्होंने नसरल्लाह को शहीद बताया। मौलाना काज़ीम शबीब ने कहा कि नसरल्लाह इजराइल के खिलाफ लड़ रहे थे। उन्हें सब आतंकवादी कह रहे हैं, जो कि बेहद गलत है।

इससे पहले लखनऊ से लेकर कश्मीर तक नसरल्लाह की मौत पर मातम मनाया गया। लखनऊ में तो इसको लेकर तीन दिन का शोक तक रख दिया गया है। नसरल्लाह की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद रुहुल्लाह मेहदी ने अपने चुनाव प्रचार को रोक दिया।

यह विरोध और मातमपुरसी सिर्फ उत्तर प्रदेश, बिहार, कश्मीर या अन्य मुस्लिम बहुल इलाकों तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई की एक मस्जिद में भी नसरल्लाह के पोस्टर लगा दिए गए और श्रद्धांजलि दी गई।

बता दें कि 27 सितंबर 2024 को इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के मुख्यालय पर 80 टन बम से हमला किया था। इसमें हसन नसरल्लाह मारा गया था। जिस समय यह हवाई हमला हुआ, उस समय नसरल्लाह दक्षिणी बेरूत में हिजबुल्लाह के अंडरग्रांउड हेडक्वॉर्टर में शीर्ष नेताओं के साथ बैठक कर रहा था।

इजरायल ने पिछले 2 महीने में हिजबुल्लाह की पूरी लीडरशिप को खत्म कर दिया है। इससे पहले 30 जुलाई को उसने हिजबुल्लाह के दूसरे सबसे सीनियर लीडर फुआद शुकर को मार गिराया था। इसके अगले दिन यानी 31 जुलाई को ईरान में आतंकी संगठन हमास के चीफ इस्माइल हानियाह को मार दिया था। अब हिजबुल्लाह में कोई सीनियर नेता नहीं बचा है। वहीं हमास की लीडरशिप में सिर्फ याह्या सिनवार जीवित है।

देश भर में 22 जगहों पर NIA के छापे, जैश-ए-मुहम्मद का नेटवर्क तोड़ने को हुई कार्रवाई: यूपी में ATS ने महकार को उठाया, PAK में करता था बातें

उत्तर प्रदेश के मेरठ में ATS और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त रूप से छापा मारा है। इस छापेमारी में एक मुस्लिम युवक को पकड़ा गया है। सुरक्षा एजेंसियों को युवक के पाकिस्तान के आतंकी संगठन से संबंध होने का शक है। ATS और दिल्ली पुलिस की जाँच अभी जारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेरठ के सरधना के खिवाई इलाके में शनिवार सुबह UP ATS और दिल्ली पुलिस की टीमें पहुँची। इन टीमों ने महकार नाम के एक युवक को पकड़ा। उसकी उम्र 22 साल है। ATS महकार को गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई।

ATS और पुलिस को सूचना मिली थी कि खिवाई के युवक पाकिस्तान में बात करते हैं। इसी कारण से एजेंसियों को शक हुआ कि यह युवक आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं। एजेंसियों ने कई घंटों तक इस कस्बे में जाँच की है। महकार के अलावा दो और युवकों से पूछताछ हुई है।

NIA ने भी 22 जगह मारे छापे

उत्तर प्रदेश के अलावा देश के बाकी हिस्सों में बड़े स्तर पर छापेमारी हुई है। NIA और ATS ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 22 जगह छापा मारा है। NIA ने दिल्ली, महाराष्ट्र और असम समेत पाँच राज्यों में यह जाँच की है। यह छापेमारी जैश-ए-मुहम्मद से कनेक्शन के मामले में हुई है।

जम्मू कश्मीर के भी कुछ ठिकानों पर NIA की छापेमारी की बात सामने आई है। महाराष्ट्र के जलगाँव, जालना और छत्रपति संभाजी नगर समेत बाकी जगहों पर छापे मारे गए हैं और इनमें लगभग 5 लोग पकड़े गए हैं। इन लोगों पर शक है कि यह जम्मू कश्मीर के आतंकी संगठनों से भी जुड़े हैं।

NIA इस मामले में आतंक की फंडिंग का एंगल जाँच रही है। NIA ने मालेगाँव के एक होम्योपैथी क्लिनिक से लोग पकड़े हैं। दिल्ली से भी 2 लोगों को पकड़े जाने की बात सामने आई है। NIA को इन गिरफ्तारियों के साथ ही संदिग्ध साहित्य भी मिला है। NIA जैश ए मुहम्मद के जम्मू कश्मीर से बाहर विस्तार को लेकर लम्बे समय से धरपकड़ कर रही है।

इससे पहले NIA ने पश्चिम बंगाल में जगहों पर हाल ही में छापेमारी की थी। यह छापेमारी माओवादी संगठन CPI (M) का दायरा बढ़ाने की साजिश को लेकर की गई थी। पश्चिम बंगाल के भीतर NIA ने 11 जगहों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में NIA ने कई ऐसे दस्तावेज इकट्ठा किए थे, जिससे माओवादी साजिश का खुलासा हुआ था।