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15800 फ़ीट पर दुनिया की सबसे ऊँची सुरंग, चीनी सैनिकों की आक्रामकता को काबू करने के लिए ऑल-वेदर रोड: BRO के काम में तेजी

केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के लेह में पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों की ओर से भारत लगातार घुसपैठ का सामना करना पड़ रहा है। इसको देखते हुए भारत अपनी बुनियादी ढाँचे को मजबूत कर रहा है। सीमा सड़क संगठन (BRO) अगले कुछ हफ़्तों में चीन से लगी सीमा पर विशेष बुनियादी ढाँचे का काम पूरा कर लेगा। इसमें लेह के लिए वैकल्पिक रास्ता भी है, जो हर मौसम के लिए उपयुक्त है।

इन सबके अलावा, रक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाले इस संगठन ने भारत-चीन सीमा सड़क कार्यक्रम के तहत नामित परियोजनाओं पर काम को प्राथमिकता दी है। उत्तराखंड में मानसरोवर यात्रा मार्ग पर लिपुलेख दर्रे तक संपर्क को पूरी तरह से स्थापित किया है। वर्तमान में लेह तक पहुँचने के लिए तीन रास्ते हैं। पहला रास्ता जम्मू और कश्मीर में श्रीनगर-जोजिला-कारगिल होकर जाता है।

दूसरा रास्ता हिमाचल प्रदेश में मनाली-रोहतांग से होकर जाता है। यह सड़क दारचा नामक स्थान पर विभाजित हो जाती है। यहाँ से एक रास्ता पदम और निमू के माध्यम से लेह से जुड़ता है और दूसरा हिमाचल प्रदेश में बारालाचा ला और लद्दाख में तंगलांग ला के पहाड़ी दर्रों से होकर कारू के माध्यम से लेह से जुड़ता है। वर्तमान में लेह जाने वाले दोनों रास्ते सभी मौसम के लिए उपयुक्त नहीं हैं।

श्रीनगर-लेह मार्ग देश के सबसे लोकप्रिय मार्गों में से एक है। इन परियोजनाओं के बारे में जानकारी रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि निमू-पदम-दारचा सड़क के 4 किलोमीटर के कटे हुए हिस्से को जोड़ना और मनाली-दारचा-पदम-निमू अक्ष पर 4.1 किलोमीटर लंबी ट्विन ट्यूब शिंकू ला सुरंग का निर्माण कार्य शुरू करना BRO की प्राथमिकता वाली सूची में शामिल हैं।

नीमू-पदम-दारचा सड़क के 4 किलोमीटर लंबे कटे हुए हिस्से को जोड़ने का काम पूरा होने वाला है। सड़क के अधिकांश हिस्से पर तारकोल बिछा दिया गया है। बाकी का काम कुछ हफ़्ते में पूरा हो जाएगा। पीएम मोदी ने जुलाई में द्रास यात्रा के दौरान शिंकुन ला सुरंग परियोजना का शुभारंभ किया था। इस पर जल्दी ही काम शुरू होगा। यह 15,800 फ़ीट की ऊँचाई पर दुनिया की सबसे ऊँची सुरंग होगी।

इस परियोजना पर लगभग 1,681 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस सुरंग से हिमाचल प्रदेश के मनाली और लद्दाख के लेह के बीच की दूरी 60 किलोमीटर कम हो जाएगी। यह निमू-पदम-दारचा सड़क के 4 किलोमीटर लंबे कटे हुए हिस्से से भी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी। यह तीसरा ऑल-वेदर रूट होगा, जो लेह के लिए अन्य दो पुराने मार्गों का विकल्प होगा।

मौजूदा 255 किलोमीटर लंबी दुरबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी (डीएस-डीबीओ) सड़क के अलावा, दो अन्य सड़कें अलग-अलग स्थानों पर एलएसी के समानांतर चलती हैं। ये एक सड़क है जो लेह और डेमचोक को कारू और न्योमा के माध्यम से जोड़ती है और दूसरी सड़क दुरबुक को चुशुल के माध्यम से न्योमा से जोड़ती है जो पैंगोंग त्सो झील के दक्षिण में स्थित है।

एक अधिकारी ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में लेह-डेमचोक सड़क से संपर्क स्थापित करने को प्राथमिकता दी गई है और इस सड़क पर अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन सड़कों को अंततः डबल लेन करने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के समानांतर चलने वाली सड़कों में से एक तक संपर्क स्थापित करना भी बीआरओ की प्राथमिकता है।

बीआरओ ने चार सड़कों को भी सूचीबद्ध किया है, जिन्हें वह आईसीबीआर परियोजना के पहले दो चरणों के तहत पूरा करना चाहता है। इनमें आईसीबीआर के दूसरे चरण के तहत कुल 330.95 किलोमीटर की तीन सड़कें और ज़ेमीथांग के पास भारत-चीन सीमा पर अंतिम सीमा चौकी सुरवा सांबा में एक और सड़क शामिल है। सूचीबद्ध सभी चार सड़कें अरुणाचल प्रदेश में हैं।

आईसीबीआर कार्यक्रम के पहले दो चरणों के तहत भारत-चीन सीमा पर 4,643 किलोमीटर लंबी कुल 73 रणनीतिक सड़कें बनाई जानी थीं, जिनमें से 61 बीआरओ द्वारा और 12 केंद्रीय निर्माण लोक विभाग द्वारा बनाई जानी थीं। ये सड़कें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में फैली हुई हैं।

अगले कुछ महीनों में बीआरओ को ICBR चरण III के तहत कुल 320.71 किलोमीटर लंबी 14 सड़कों की परियोजना रिपोर्ट देनी है। इनमें पूर्वी लद्दाख में LAC के लिए संपर्क सड़कें भी शामिल हैं। जैसे चुशुल-लुकुंग को ठाकुंग से जोड़ने वाली सड़क, डीएस-डीबीओ रोड ट्रैक जंक्शन, गैपशान से डीएस-डीबीओ सड़क और अरुणाचल प्रदेश में सीमावर्ती सड़कें जैसे टूटिंग-मुर्बो-बाने और बिशिंग-तिनाली क्षेत्र आदि।

अरुणाचल प्रदेश में लगभग 1,800 किलोमीटर लंबे फ्रंटियर हाईवे पर अगले कुछ महीनों में काम शुरू हो जाएगा। यह हाईवे म्यांमार सीमा के करीब बोमडिला, नफरा, हुरी और विजयनगर को जोड़ेगा। इसके कुछ हिस्सों के लिए 6,000 करोड़ रुपए आवंटित हुए थे। जम्मू-कश्मीर में अखनूर-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2.79 किलोमीटर लंबी सुंगल सुरंग का कार्य तथा मानसरोवर यात्रा मार्ग के भारत-चीन सीमा पर स्थित लिपुलेख दर्रे तक पूर्ण सम्पर्क स्थापित करना प्राथमिकता में शामिल है।

पिछले चार वर्षों में इन क्षेत्रों में सड़कों, पुलों, आवास, सुरंग, गोला-बारूद डिपो के निर्माण के साथ-साथ अन्य बुनियादी ढाँचे के निर्माण में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, ताकि सैनिकों एवं सामानों की तेज़ आवाजाही हो सके। इस वित्त वर्ष में बीआरओ को आवंटित बजट में भी दिखता है। BRO के इस साल के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष यह बजट 6,500 करोड़ रुपए हो गया है।

‘क्या असम तुम्हारे बाप का है’: बांग्लादेशी प्रदर्शनकारियों की गीत की तर्ज पर अल्ताप हुसैन ने गाया गाना, पुलिस ने दबोचा; गैंगरेप के बाद ‘मियाँ’ के खिलाफ बढ़ रहा विरोध

असम पुलिस ने शनिवार (31 अगस्त) को अल्ताप हुसैन नाम के एक युवा गायक को हिरासत में ले लिया। धुबरी जिले का रहने वाला अल्ताप हुसैन अपने गीतों के माध्यम से स्थानीय समुदायों में शत्रुता भड़काने का काम कर रहा था। उसके गीत के बोल एथुन बाबू और मौसमी के बांग्लादेशी विरोध गीत ‘देश ता तोमर बापर नाकी’ से मिलते-जुलते हैं। उसके इस गीत को सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है।

यह घटना नागाँव जिले में तीन मुस्लिम युवकों द्वारा हाल ही में एक नाबालिग लड़की से रेप के बाद ‘मियाँ’ और स्थानीय समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है। गौरीपुर थाने के ओसी जे बैश्य ने कहा, “उसके खिलाफ गौरीपुर थाने में बीएनएस की धारा 196/299 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आज हमने अल्ताप को हिरासत में लिया है।” सूत्रों का कहना है कि उसे जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अंग्रेजी मीडिया हाउस टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, गायक अल्ताप पर भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की धारा 196/299 के तहत ‘धर्म और जाति के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने’ और ‘किसी भी वर्ग, धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के इरादे से दुर्भावनापूर्ण कार्य करने’ का आरोप लगाया

अल्पताप हुसैन का यह गाना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए लाखों लोगों तक पहुँच चुका है। इस गाने में ‘मियाँ’ (ऐसे मुस्लिम, जो बांग्लादेश से आकर असम में असम में बसे हैं) को निशाना बनाए जाने को चुनौती दी गई है। इन गानों के हिंदी बोल हैं- ‘क्या असम तुम्हारे बाप की ज़मीन है जो तुम हमेशा मियाँ को भगाना चाहते हो?’ और ‘हर कोई अपराध करता है लेकिन तुम सिर्फ़ मियाँ में ही दोष ढूंढ़ते हो।’ है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वे पक्षपात के आरोपों के बावजूद ‘मियाँ’ को राज्य पर कब्ज़ा नहीं करने देंगे। विधानसभा में बोलते हुए सरमा ने अपराध दर और नागाँव में 14 वर्षीय लड़की के साथ हाल ही में हुए सामूहिक बलात्कार पर चर्चा की। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ़ अपराधों पर ‘शून्य-सहिष्णुता’ की नीति पर जोर दिया और अपराधियों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई का वादा किया।

गैंगरेप के बाद मियाँ के खिलाफ प्रदर्शन

दरअसल, असम के ढिंग में 22 अगस्त 2024 को कक्षा 8 में पढ़ने वाली एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप हुआ था। इस गैंगरेप का आरोप मुस्लिम समुदाय के 3 लोगों पर लगा था। इस घटना के बाद राज्य भर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे और लोगों ने मियाँ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। प्रदर्शन में शामिल कई संगठनों ने मियाँ को ऊपरी असम खाली कर देने का अल्टीमेटम दिया था।

प्रदर्शनकारियों ने मियाँ को समाज के लिए नासूर बताया था और उन्हें 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए इलाका छोड़ने के लिए कहा था। ताई अहोम युवा परिषद नाम के संगठन ने कहा, “पूरी घटना मियाँ मुस्लिमों द्वारा की गई है। मियाँ अब असम के लिए नासूर बन गए हैं। निचले असम में भी कई मियाँ हैं। वे बलात्कार, डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अपराधों में शामिल हैं। इनसे लोग बेहद परेशान हैं।”

वहीं, असम से कॉन्ग्रेस विधायक अब्दुर रशीद मंडल द्वारा मियाँ को निकालने का ऐलान कर रहे संगठनों को चुनौती दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी ऊपरी असम से मियाँ को नहीं निकाल पाएँगे। ढिंग की घटना की निंदा करते हुए अब्दुर रशीद ने आगे कहा कि कुछ लोगों की गलती के लिए सबको दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मियाँ असम के विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दे रहे हैं।

जनता की समस्याएँ सुन रहे थे गिरिराज सिंह, AAP पार्षद शहज़ादुम्मा सैफी ने कर दिया हमला: दाढ़ी-टोपी का नाम ले बोले केंद्रीय मंत्री – डरने वाला नहीं

बिहार के बेगूसराय जिले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर हमले की कोशिश की गई है। यह प्रयास उनके जनता दरबार के दौरान हुआ जिसे सुरक्षाकर्मियों ने नाकाम कर दिया। आरोपित का नाम शाहजादुम्मा उर्फ़ सैफी बताया जा रहा है जिसे हिरासत में ले कर पूछताछ की जा रही है। सैफी आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता है जिसने गिरिराज सिंह को घूँसा मारने का प्रयास किया। गिरिराज सिंह के साथ मौजूद लोगों ने सैफी की पिटाई भी की है। घटना शनिवार (31 अगस्त, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बेगूसराय के बलिया प्रखंड की है। शनिवार को यहाँ जनता दरबार के कार्यक्रम में गिरिराज सिंह भी मौजूद थे। शहजादुम्मा उर्फ़ सैफी ने गिरिराज सिंह से कुछ सवाल-जवाब किए। कार्यक्रम खत्म होने के बाद गिरिराज सिंह ने सैफी से कहा कि उसे तमाम सवालों के जवाब दे दिए गए हैं। इसके बाद सैफी जोर-जोर से नारे लगाने लगा और अचानक ही गिरिराज सिंह की तरफ मुक्का तान कर आगे बढ़ा। हालाँकि केंद्रीय मंत्री के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों की वजह से सैफी अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाया।

इस बीच गिरिराज सिंह के तमाम समर्थकों ने सैफी की पिटाई शुरू कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने शहजादुम्मा को लोगों से बचा कर अपनी हिरासत में लिया और थाने ले गई। यहाँ उसे से पूछताछ की जा रही है। शहजादुम्मा मूल रूप से बेगूसराय के लखमिनिया का रहने वाला है। वह आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता है जो वर्तमान में लखमिनिया से वार्ड पार्षद भी है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में लोगों को सैफी की पिटाई करते देखा जा सकता है।

खुद पर हुए इस हमले के बाद गिरिराज सिंह का बयान आया है। उन्होंने कहा, “मैं गिरिराज हूँ और मैं हमेशा समाज के हितों के लिए बोलता रहूँगा, संघर्ष करता रहूँगा। इन हमलों से मैं डरने वाला नहीं। दाढ़ी-टोपी देखकर उनको पुचकारने और सहलाने वाले लोग आज देख लें कि किस प्रकार बेगूसराय बिहार सहित पूरे देश में लेंड जिहाद-लव जिहाद और साम्प्रदायिक तनाव पैदा किया जा रहा है।” माना जा रहा है कि यहाँ दाढ़ी-टोपी को पुचकारने वालों से उनका इशारा तेजस्वी यादव की तरफ था।

चुनाव आयोग ने मानी बिश्नोई समाज की माँग, आगे बढ़ाई मतदान और काउंटिंग की तारीखें: जानिए क्यों राजस्थान में हर वर्ष जमा होते हैं श्रद्धालु

चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के मतदान और मतगणना की तारीखों में बदलाव किया है। बिश्नोई समाज और भाजपा की हरियाणा यूनिट ने ये माँग की थी। पहले हरियाणा में मतदान के लिए 1 अक्टूबर की तारीख़ तय की गई थी, लेकिन अब इस दिन मतदान नहीं होगा। दोनों ही राज्यों के लिए मतगणना 8 अक्टूबर को होगी और चुनाव परिणाम भी उसी दिन जारी किए जाएँगे। चुनाव आयोग ने बिश्नोई समाज के मतदान के अधिकार और उनके परंपराओं के सम्मान के लिए ये फैसला लिया है।

बिश्नोई समाज हर वर्ष गुरु जम्भेश्वर को याद करते हुए आसोज अमावस्या का त्योहार मनाता है। ये एक सदियों पुरानी प्रथा है, जो निरंतर चली आ रही है। ‘अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा’ ने चुनाव आयोग को ज्ञापन देकर चुनाव की तारीखों को बदलने की माँग की थी। न सिर्फ हरियाणा, बल्कि पंजाब और राजस्थान में भी बिश्नोई समाज के परिवार बड़ी संख्या में इस त्योहार को मनाते हैं। राजस्थान के बीकानेर में हर वर्ष वो इकट्ठा होते हैं और वहीं पर वार्षिक उत्सव में भाग लेते हैं।

वहाँ स्थित मुकाम गाँव बिश्नोई समाज का पैतृक स्थल माना जाता है और वो वहाँ जाकर दर्शन करते हैं। इस बार ये त्योहार 2 अक्टूबर को पड़ रहा है। ऐसे में सिरसा, फतेहाबाद और हिसार में रहने वाले हजारों बिश्नोई परिवार उस दौरान राजस्थान की यात्रा पर रहेंगे। 1 अक्टूबर को वोटिंग होता तो वो अपने मताधिकार से वंचित हो सकते थे। हालाँकि, ये पहली बार नहीं हुआ है जब किसी त्योहार के कारण तारीखों में बदलाव किया गया हो। 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान गुरु रविदास जयंती के कारण मतदान एक सप्ताह आगे बढ़ाया गया था।

इसी तरह 2022 में मणिपुर विधानसभा चुनाव के दौरान ईसाई समाज की रविवार के प्रेयर को लेकर तारीख बदली गई थी। राजस्थान में 2023 में ऐसा किया गया था। वहाँ देवउठनी एकादशी विवाह के लिए बहुत बड़ा अवसर होता है और इसीलिए उस दिन लोग जश्न में व्यस्त रहते हैं। इसी तरह 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बारावफात के लिए तारीख बदली गई थी। हालाँकि, अब कॉन्ग्रेस जैसों ने इस फैसले पर राजनीति शुरू कर दी और इसका विरोध कर रहे हैं।

एयर होस्टेस से छेड़खानी करने लगा मोहम्मद अदनान, विमान से उतार कर किया गया गिरफ्तार: ‘एयर इंडिया’ की उड़ान में भी हो गई देरी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में एयरपोर्ट पर एक एयर होस्टेस से छेड़खानी का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम मोहम्मद अदनान है जो वाराणसी से हैदराबाद जाने के लिए फ्लाइट पकड़ने आया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर के आरोपित को हिरासत में ले लिया है। अदनान की करतूत से विमान लगभग सवा घंटे देर से उड़ा। एयर इंडिया के सुरक्षा अधिकारी की तहरीर पर केस दर्ज कर के घटना की जाँच की जा रही है। घटना शुक्रवार (30 अगस्त, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला वाराणसी के थाना क्षेत्र फूलपुर का है। यहाँ लाल बहादुर शास्त्री अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। शुक्रवार को यहाँ हैदराबाद का रहने वाला मोहम्मद अदनान पहुँचा। वह आज़मगढ़ कुछ काम से गया था। अदनान को सुबह 7:30 वाली फ्लाइट पकड़ कर एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान से हैदराबाद जाना था। आरोप है कि मोहम्मद अदनान ने एयर इंडिया के फ्लाइट संख्या IX 1171 की चालक दल की एक महिला सदस्या से छेड़खानी शुरू कर दी।

पहले तो पीड़िता ने अदनान की करतूतों को अनदेखा किया लेकिन जब वो नहीं माना तो मामले की शिकायत सुरक्षा अधिकारी से की गई। पीड़िता की शिकायत पर दुर्व्यवहार कर रहे मोहम्मद अदनान को जहाज से उतार दिया गया। इस हंगामे की वजह से 7:30 पर जाने वाली फ्लाइट लगभग 1 घंटे 20 मिनट लेट हो कर 8:50 पर टेकऑफ़ कर पाई। एयर इंडिया एक्सप्रेस के सुरक्षा अधिकारी शशिकांत ने अदनान की हरकतों की शिकायत पुलिस में की। पुलिस टीम फ़ौरन मौके पर पहुँची और आरोपित को हिरासत में ले लिया। अदनान के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई।

यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 के तहत दर्ज हुई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश किया है। शनिवार (31 अगस्त) को DCP गोमती जोन ने बताया कि मामले की जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

दलितों को बना रहे थे ईसाई, हिन्दुओं ने किया विरोध तो नेपाल पुलिस ने चर्च पर जड़ दिया ताला: पादरी भरत महतो पर कार्रवाई के लिए शिकायत

नेपाल के धनुषा जिले में ईसाई धर्मांतरण का मामला सामने आया है। यहाँ हिन्दू संगठन के सदस्यों ने शनिवार (31 अगस्त, 2024) को एक चर्च के आगे प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि चर्च द्वारा गरीब हिन्दुओं को लालच दे कर ईसाई बनाया जा रहा है। हालत तनावपूर्ण होते देख कर पुलिस बल मौके पर पहुँचा। दोनों तरफ से हुई बहस के बाद आखिरकार चर्च पर ताला लगा दिया गया है। मुख्य आरोपित का नाम भरत महतो है। भरत महतो पहले हिन्दू था लेकिन बाद में धर्मांतरित हो कर ईसाई बन गया था।

यह मामला नेपाल के धनुषा जिले के शहीद नगर नगरपालिका, वार्ड नंबर 3 का है। यहाँ गरीब और मध्यमवर्गीय लोग ज्यादातर संख्या में रहते हैं। इन हिन्दुओं में दलित समुदाय के लोग बहुतायत हैं। आरोप है कि इस वार्ड में लगभग 5 साल पहले एक चर्च बनवा दिया गया था। कुछ ही दिनों के अंदर आसपास के गरीब लोगों का इस चर्च में आना-जाना शुरू हो गया। चर्च का संचालन भरत महतो नाम का व्यक्ति करता था। भरत महतो पहले हिंदू था लेकिन बाद में धर्मांतरित हो कर ईसाई बन गया।

नेपाल की हिन्दू सम्राट सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश यादव ने ऑपइंडिया से बात की। राजेश यादव ने हमें बताया कि उनके संगठन को काफी समय से चर्च के अंदर हो रही कारस्तानी की सूचना मिल रही थी। यहाँ ज्यादातर दलित वर्ग के भोले-भाले हिन्दुओं को प्रार्थना के नाम पर बुलाया जाता था और बाद में उन्हें ईसाई सहित दे कर धर्मांतरित करने की कोशिश की जाती थी। जब ‘हिन्दू सम्राट सेना’ के सदस्यों को इस करतूत की भनक लगी तो उन्होंने अपने स्तर पर इसकी जाँच पड़ताल शुरू की।

राजेश यादव ने हमें आगे बताया कि उनके कार्यकर्ताओं ने चर्च पर नजर रखी। कुछ लोगों को प्रार्थना के भीतर भेजा गया। वहाँ पता चला कि बाइबिल बाँटी जा रही है और लोगों को हिन्दू धर्म छोड़ कर ईसाई बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा। जब तमाम वीडियो और सबूत मिल गए तो ‘हिन्दू सम्राट सेना’ द्वारा लगभग 15 दिन पहले स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन दे कर इसे बंद करवाने की माँग की। हालाँकि इस ज्ञापन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और चर्च की गतिविधियाँ जारी रहीं। हिन्दू सम्राट सेना ने ऑपइंडिया को वो तमाम वीडियो और तस्वीरों को भेजा है।

आखिरकार शनिवार (31 अगस्त) को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। दर्जनों की तादाद में स्थानीय लोग हिन्दू सम्राट सेना के सदस्यों संग एक कच्चे मकान में बने चर्च में पहुँच गए। यहाँ उन्होंने देखा कि छोटे-छोटे बच्चे और बच्चियाँ भी प्रार्थना के नाम पर हो रही धर्मांतरित की साजिश के शिकार हो रहे हैं। चर्च के बाहर ‘जय श्री राम’ के नारे लगे। कुछ ही देर में पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँच गए। इन सभी ने चर्च के कागजातों की जाँच की।

आखिरकार चर्च बिना किस वैध कागज के चलता मिला जिसे सील कर दिया गया है। हिन्दू सम्राट सेना ने पास्टर भरत महतो पर भी कार्रवाई की माँग को ले कर प्रशासन को ज्ञापन दिया है। चर्च के अंदर से बाइबिल व अन्य ईसाई साहित्य बरामद हुए हैं।

मुस्लिम बलात्कारी को सज़ा दिलाने के लिए उतरे जो लोग, उन पर गुजरात पुलिस ने बरसाई लाठियाँ: FIR दर्ज कर 30 को गिरफ्तार किया, कहा – माहौल खराब किया

गुजरात के वलसाड जिले में मंगलवर (27 अगस्त, 2024) को एक मुस्लिम युवक द्वारा 3 साल की हिन्दू बच्ची से रेप का मामला सामने आया था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। तब गुस्साए लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया था और आरोपित को कड़ी सजा देने की माँग उठाई थी। घटना के अगले दिन रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस रैली पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। अब पुलिस प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज कर के लगभग 30 लोगों को गिरफ्तार किया है।

मिल रही जानकारी के मुताबिक उमरगाम पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर अलग-अलग FIR दर्ज की है। इन FIR में महिलाएँ भी नामजद हैं। पहली FIR कुल 30 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है। आरोपितों में 18 पुरुष और 12 महिलाएँ शामिल हैं। यह FIR वलसाड सिटी थाने में दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता इसी थाने में तैनात एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हैं। आरोपितों पर तमाम धाराओं के साथ सार्वजनिक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपितों ने एक अवैध भी जुटा कर पुलिस स्टेशन पर हमला किया। इस हमले से सरकारी काम में बाधा आई। भीड़ में मौजूद लोगों पर सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने और भड़काऊ नारे लगाने के भी आरोप हैं। बताते चलें कि मंगलवार को जुटी यह भीड़ आरोपित को फाँसी की सजा देने की माँग कर रही थी। फिलहाल इस मामले में पुलिस जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई कर रही है।

रैली को शहर का माहौल खराब करने की साजिश बताया

दूसरी FIR में कुल 13 लोग आरोपित किए गए हैं। इसमें 11 महिलाएँ व 2 पुरुष शामिल हैं। यह FIR उमरगाम पुलिस स्टेशन के पीआई शैलेश चौधरी की शिकायत पर दर्ज। हुई है। इन सभी आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। बताते चलें कि मंगलवार को हुई घटना के अगले दिन बुधवार को उमरगाम में रैली निकाली गई थी। इस रैली में रेप के आरोपित को कड़ी सजा दिलाने व बेटियों की सुरक्षा की माँग उठाई गई थी। हालाँकि पुलिस ने इसे लॉ एन्ड ऑर्डर खराब करने की साजिश माना और FIR दर्ज कर ली है।

पुलिस ने अपनी FIR में बताया है कि नामजद आरोपितों ने रैली निकालने की कोई आधिकारिक परमिशन नहीं ली थी। इस रैली में कई लोग आरोपितों को खुद के हवाले करने की माँग उठा रहे थे। बकौल शिकायतकर्ता ऐसी नारेबाजी से समाज का माहौल खराब हुआ और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होने की आशंका हो गई थी। उमरगाम कस्बा बंद करने की घोषणा को भी पुलिस ने सार्वजनिक हंगामा पैदा करने की साजिश करार दिया।

नामजद आरोपितों में अधिकतर रैली के आयोजक है। बताते चलें कि इस रैली पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जबकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने रैली में शामिल महिलाओं को भी निशाना बनाया था। हालाँकि, पुलिस का दावा है कि लाठीचार्ज में कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है।

तीसरी FIR में 12 नामजद

इस मामले में तीसरी FIR 12 नामजदों सहित 300 से 400 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज हुई है। पुलिस ने आरोपितों द्वारा खुद पर पथराव करने का आरोप लगाया है। इसी के साथ FIR में सरकारी काम में बाधा डालने की भी धारा लगाई है है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पुलिस ने क्या कहा ?

ऑपइंडिया ने उमरगाम पुलिस संपर्क किया। पुलिस स्टेशन पीआई एस. डी चौधरी ने बातचीत में कहा कि कानून को हाथ में लेने वाली भीड़ के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर के जाँच की जा रही है। बकौल PSI अब तक कुल तीस से बत्तीस लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

13 छात्राओं को मिली TMC की रैली में न जाने की ‘सज़ा’, घंटों टॉयलेट में लॉक कर के रखा: साँस की तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित RG Kar मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के बलात्कार एवं हत्या के बाद पूरा राज्य उबल रहा है। डॉक्टरों के बाद युवाओं और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, फिर भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किया, कॉन्ग्रेस ने भी विरोध प्रदर्शन किया। अब तृणमूल कॉन्ग्रेस की युवा यूनिट TNCP (तृणमूल स्टूडेंट्स कॉन्ग्रेस) की 13 छात्राओं को टॉयलेट में कैद किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इन छात्रों ने संगठन के कार्यक्रम में जाने से इनकार कर दिया था।

शुक्रवार (30 अगस्त, 2024) को संगठन ने एक मार्च का आयोजन किया था, जिसमें ये छात्राएँ नहीं गईं। इसके बाद उन्हें कॉमन रूम के टॉयलेट में लॉक कर दिया गया। कई घंटों तक बाथरूम में कैद रहने के कारण इन महिलाओं की तबीयत भी खराब हो गई। इन्हें सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। उधर TMCP नेताओं ने इन आरोपों से इनकार किया है। नॉर्थ बंगाल डेवलपमेंट मिनिस्टर उदयन गुहा भी उक्त कॉलेज की प्रशासक समिति में शामिल हैं।

वो उदयन गुहा ही हैं जिन्होंने विरोध प्रदर्शनों को लेकर कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ उठने वाली उँगलियों को तोड़ डाला जाएगा। कॉलेज के प्रधानाध्यापक अब्दुल अवल ने इस घटना पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। दिनहाटा पुलिस थाने ने बताया है कि उन्हें घटना की सूचना मिली है, लेकिन लड़कियों के परिजनों ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। RG Kar मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस की छात्र यूनिट ने राज्य भर में मार्च बुलाया था। इसमें जाने से इनकार करने पर इन छात्राओं को लॉक कर दिया गया।

इसके बाद इन छात्राओं ने पड़ोस में रहने वाले एक शख्स को बुलाया, जिसके आकर दरवाजा खोला। इसके बाद पीड़ित छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन्होंने डर के कारण मीडिया के सामने कुछ नहीं कहा। एक लड़की के पिता ने बताया कि उनकी बेटी को पहले से ही साँस लेने में तकलीफ थी। लंबे समय तक खाना न खाने के कारण भी छात्राओं की तबीयत बिगड़ी। TMCP नेता आमिर आलम ने कहा कि छात्राएँ खुद ही बीमार पड़ी हैं। वहीं ABVP ने जाँच में कोताही का आरोप लगाया है।

रद्द हो कॉन्ग्रेस MLA मामन खान की जमानत, हाईकोर्ट में याचिका: राज्य सरकार ने बताया – यही है नूहं हिंसा का सरगना, गैर-कानूनी सभा में हिन्दू यात्रा हमले के लिए उकसाया

साल 2023 में मेवात के नूहं इलाके में बृजमंडल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर हुए हमले के मुख्य आरोपित कॉन्ग्रेस विधायक मामन खान की जमानत को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई है। हरियाणा सरकार द्वारा दायर इस याचिका में मामन खान को हिंसक भीड़ का सरगना बताया गया है। चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस याचिका पर मामन खान को नोटिस जारी करते हुए 26 नवंबर तक जवाब माँगा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरियाणा राज्य सरकार ने कॉन्ग्रेस MLA मामन खान को निचली अदालत से मिली जमानत ख़ारिज करने की अपील हाईकोर्ट में की है। इस अपील में राज्य सरकार की तरफ से मामन को नूहं हिंसा का कर्ताधर्ता बताया गया है। याचिका में बताया गया है कि इस हिंसा में कई लोगों की जान चली गई थी जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। याचिका में उस गैर-कानूनी सभा का भी जिक्र हुआ है जिसमें बृजमंडल यात्रा पर हमले के लिए उकसाया गया था। आरोप है कि साजिशन हुई इस सभा का नेतृत्व मामन खान ने किया था।

याचिका में आगे बताया गया है कि नूहं के सत्र न्यायाधीश ने मामन को जमानत देने से पहले कई गंभीर बिंदुओं पर गौर नहीं किया था। हाईकोर्ट में इस याचिका की सुनवाई जस्टिस महावीर सिंह संधू की अदालत में होनी है। न्यायाधीश ने मामन खान को नोटिस जारी करते हुए 26 नवंबर तक जवाब माँगा है। मामन द्वारा जवाब दाखिल करने के बाद मामले में अगली सुनवाई होगी। मामन खान पहले ही लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित और खुद को फँसाने की साजिश करार देते आ रहे हैं।

बताते चलें कि जुलाई 2023 के अंतिम सप्ताह में हुई बृजमंडल यात्रा पर कट्टरपंथियों ने नूहं के कई हिस्सों में हमला किया था। हमलावर भीड़ ने अलग-अलग गुट बना कर न सिर्फ श्रद्धालुओं बल्कि पुलिसवालों के साथ आम नागरिकों की भी हत्या कर दी थी। उपद्रवियों ने बमों और लाठी डंडों गोलियों का इस्तेमाल करने के साथ गोलियाँ भी बरसाईं थीं। इस मामले में पुलिस ने कुल 61 FIR दर्ज कर के कई उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।

लम्बे समय तक फरार रहने के बाद 14 सितंबर, 2023 को पुलिस ने मामन को गिरफ्तार कर लिया था। 18 अक्टूबर, 2023 को मामन को जिला अदालत से जमानत मिल गई थी।

‘तू हिन्दू लड़के से क्यों बात कर रही थी’: मुस्लिम लड़की को गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए बुर्का फाड़ने का प्रयास, पीड़िता का आरोप- नाज़िम और वसीम नाम ले रहे थे लोग

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में हिन्दू लड़के से बात करने का आरोप लगा कर एक मुस्लिम लड़की से गाली-गलौज किए जाने का मामला सामने आया है। गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए पीड़िता का बुर्का भी खींचा गया। लड़की की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हालाँकि पीड़िता का आरोप है कि आसपास जुटे लोग आरोपितों को नाज़िम और वसीम कह कर बुला रहे थे। घटना गुरुवार (29 अगस्त 2024) की है। आरोपितों की तलाश की जा रही है।

यह घटना मुरादाबाद के थानाक्षेत्र कटघर की है। यहाँ 30 अगस्त (शुक्रवार) को पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक मुस्लिम समुदाय की पीड़िता मुरादाबाद में कहीं जॉब करती है। गुरुवार की शाम लगभग 7:20 पर वह अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान उसे एक युवक ने रोका और कहा, “तू हिन्दू लड़के से बात क्यों कर रही है।” इसके बाद आरोपित पीड़िता को गंदी-गंदी गालियाँ देने लगा। पीड़िता का बुर्का भी खींचने की कोशिश की गई।

इस दौरान पीड़िता आरोपितों को बताती रही कि वो जिस से बात कर रही है, वह उसके भाई जैसा है। हालाँकि इस दलील का आरोपितों पर कोई फर्क नहीं पड़ा और उनकी बदतमीजी जारी रही। अपने वीडियो बयान में पीड़िता ने बताया है कि आरोपित उनके ही मोहल्ले के हैं। जब दोनों आरोपित पीड़िता से बदतमीजी कर रहे थे, तब आसपास के लोग उन्हें वसीम और नाज़िम कह कर बुला रहे थे। बकौल पीड़िता अगर बीच बचाव करने वाले लोग न आए होते तो उनको शायद आरोपित मार ही डालते।

पुलिस ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए अज्ञात आरोपित पर FIR दर्ज कर ली है। यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126 (2), 74 और 352 के तहत दर्ज हुई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। मुरादाबाद के एसपी सिटी के मुताबिक लड़की से बात कर रहे युवक के साथ भी अभद्रता की गई थी। मामले में आरोपित की पहचान के प्रयासों के साथ अन्य जरूरी कार्रवाई और जाँच की जा रही है।

आपको बता दें कि इसी सप्ताह बरेली में भी ऐसी ही घटना हुई है। वहाँ भी बुर्का पहनी एक लड़की को जब एक लड़के के साथ बैठे देखा गया तो इस्लामी कट्टरपंथी भड़क गए। इसके बाद कट्टरपंथियों ने पहले लड़के को थप्पड़ मारा। जब लड़की ने उन लोगों को रोकना चाहा तो कट्टरपंथियों ने उस लड़की को भी थप्पड़ मारा।