Home Blog Page 715

OpIndia Impact: लव जिहाद के आरोपित कथित डॉक्टर अब्दुर्रहमान को गाजियाबाद पुलिस ने दबोचा, पूर्व IAS अधिकारी की MBBS बेटी से की है दरिंदगी

गाजियाबाद पुलिस ने ओडिशा की हिंदू महिला डॉक्टर के साथ लव जिहाद करने वाले अब्दुर्रहमान को गुरुवार (22 अगस्त 2024) गिरफ्तार कर लिया। अब्दुर्रहमान ने नोएडा के एक अस्पताल में डॉक्टरी का काम करता था। इसी दौरान उसने हिंदू महिला डॉक्टर को फँसाकर उससे हिन्दू रीति-रिवाज से शादी कर कर लिया। हालाँकि, उसका जब बेटा हुआ तो उसने उसका नाम अली रखा और उसका खतना करवाया।

इस घटना को ऑपइंडिया ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। इसके साथ ही यह प्रकरण मेन स्ट्रीम मीडिया का हिस्सा भी बना था। ऑपइंडिया ने इस मामले को ‘नेहा जैसा न हो MBBS डॉक्टर का हश्र: जिसके पिता IAS अधिकारी, उसे दवा बेचने वाले अब्दुर्रहमान ने फँसा लिया… इकलौती बेटी को बचाने की गुहार’ से प्रमुखता से छापा था।

पीड़िता वर्षा सारंगी (बदला नाम) मूल रूप से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के रहने वाली है। उसके पिता आरके सारंगी एक रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं। वह अपने माँ-बाप की इकलौती संतान है। वर्षा की माँ सांगविका सारंगी ने इस संबंध में गाजियाबाद के थाना कोतवाली में FIR दर्ज कराई थी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद पुलिस ने गुरुवार अब्दुर्रहमान को गिरफ्तार कर लिया।

सांगविका सारंगी ने बताया कि उनकी बेटी वर्षा सारंगी ने यूक्रेन से MBBS की पढ़ाई की है। वह भारत आकर नोएडा के यथार्थ प्राइवेट हॉस्पिटल में नौकरी शुरू कर दी। यहाँ उसकी जान-पहचान अब्दुर्रहमान से हुई। अब्दुर्रहमान मेरठ जिले के किठौर का रहने वाला है। माँ का आरोप है कि 17 नवंबर 2017 को अब्दुर्रहमान ने अपने फ्लैट में आग लगाकर उनकी बेटी को अपंग बना दिया।

सागंविका सारंगी का कहना है कि इस घटना में उनकी बेटी करीब 28 प्रतिशत जल गई है। बेटी ने पुलिस को बयान दिया था कि उसको किसी प्रकार से बेहोश किया गया था। इसके बाद फ्लैट में अचानक आग लग गई। उन्होंने कहा कि साल 2018 में अब्दुर्रहमान ने अपना धर्म परिवर्तन करके हिंदू बनने का ढोंग किया और गाजियाबाद के आर्य समाज मंदिर में मेरी बेटी से शादी कर ली।

इसके बाद उसने एक ही दिन में अपना धर्मांतरण किया, बेटी से शादी की और उसका रजिस्ट्रेशन भी करा लिया। इसके बाद साल 2021 में वर्षा सारंगी ने एक बेटे ने एक बच्चे को जन्म दिया। अब्दुर्रहमान ने उसका नाम अली रखा। वर्षा की माँ का आरोप है कि अब्दुर्रहमान जब धर्मांतरण कर चुका है तो उसको अपने बच्चे का नाम हिन्दू नाम रखना चाहिए था। लेकिन उसने मुस्लिम नाम रखा और उसका सुन्नत भी कराया।

IAS ने जारी किया था वीडियो

इससे पहले अप्रैल 2024 में ओडिशा के पूर्व IAS अधिकारी एवं वर्षा के पिता ने वीडियो जारी करके अपनी बेटी को भी ‘लव जिहाद’ के चंगुल में फँसा बताया था। उन्होंने अब्दुर्रहमान नाम के युवक पर अपनी एकलौती बेटी को धोखे से जाल में फँसाने और ब्रेनवॉश करने का आरोप लगाया था। इस संबंध में उन्होंने सारे विवरण 21 अप्रैल 2024 को ऑपइंडिया को भेजे थे।

वीडियो में पूर्व IAS आरके सारंगी के साथ उनकी पत्नी सांगविका सारंगी भी मौजूद थीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई थी। वीडियो में उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी तरफ से खोजबीन की तो उनकी बेटी की मौजूदगी मेरठ के मवाना इलाके में पाई गई थी। उन्होंने बेटी को खोजने का आग्रह किया था।

नोएडा के अस्पताल में मिला अब्दुर्रहमान

RK सारंगी हमें आगे बताया कि नोएडा के एक अस्पताल में इंटर्नशिप करने के दौरान वर्षा को अब्दुर्रहमान मिला था। वह उसी अस्पताल में यूनानी दवाओं का कोई काम करता था। शुरुआत में वर्षा ने अपने माता-पिता से शिकायत की थी कि अब्दुर्रहमान जबरन उससे बातचीत की कोशिश करता है।

इस शिकायत के बाद वर्षा को दूसरे अस्पताल में काम करने के लिए भेजा गया था। बाद में आर के सारंगी का ट्रांसफर गुजरात के राजकोट हो गया था। इसके बाद वर्षा ने अपनी डॉक्टरी का इंटर्नशिप जारी रखने की माँग की और नोएडा में ही कुछ और समय रहने की मोहलत माँगी।

घर में मिली थी जली हालत में

आर के सारंगी ऑपइंडिया को आगे बताते हैं कि एक दिन उन्हें राजकोट में कॉल आई कि उनकी बेटी नोएडा के अपने घर में जल गई है। आनन-फानन में वो नोएडा पहुँचे तो वर्षा एक अस्पताल में जली हालत में भर्ती मिलीं। यहाँ पर अब्दुर्रहमान भी मौजूद मिला, जिसने वर्षा के जलने के सवाल पर गोलमोल जवाब दिया।

पुलिस जाँच में वर्षा ने बताया कि उन्हें बेहोशी की हालात में सम्भवतः जलाया गया। जब होश आया तो वो शॉवर के नीचे नग्न हालत में पड़ी थीं। RK सारंगी को अब्दुर्रहमान पर शक हुआ लेकिन उन्होंने पहले बेटी के स्वास्थ्य की चिंता की। इसके बाद वो वर्षा को लेकर राजकोट चले गए।

राजकोट में हुआ इलाज

सारंगी दम्पति हमें आगे बताते हैं कि राजकोट के अस्पताल में इलाज के दौरान पाया गया कि वर्षा के चेहरे पर और सीने पर जले के निशान थे। उन्होंने अपनी बेटी का महँगे से महँगा इलाज करवाया। थोड़ा ठीक होने के बाद वर्षा फिर से इंटर्नशिप पूरा करने के नाम पर नोएडा जाने की जिद करने लगीं।

सारंगी दम्पति को आशंका है कि अब्दुर्रहमान छिप कर राजकोट आया था। उसने घायल अवस्था में नग्न पड़ी वर्षा की कई आपत्तिजनक तस्वीरें खींच ली थी, जिसके सहारे पीड़िता को ब्लैकमेल किया गया। आर के सारंगी ने हमें बताया कि उनकी बेटी को राजकोट से नोएडा लाकर अब्दुर्रहमान गाजियाबाद ले गया।

गाजियाबाद में हिन्दू बन कर फर्जी शादी की साजिश

आरोप है कि अप्रैल 2022 में यहाँ एक ‘आर्य समाज सेवा ट्रस्ट’ नाम से बनी संस्था में उसने वर्षा से शादी का नाटक किया। उक्त संस्था पहले से ही विवादित रही है और दयानंद सरस्वती वाला ‘आर्य समाज’ से इसका कोई संबंध नहीं है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय भी उक्त संस्था पर टिप्पणी करते हुए फटकार लगा चुका है।

आरोप है कि अब्दुर्रहमान ने इस शादी में खुद के हिन्दू धर्म में ‘घर वापसी’ का दावा किया था। हालाँकि, गाजियाबाद पुलिस ने इस केस में IPC की धारा 420 के तहत FIR दर्ज कर ली थी। पूर्व अधिकारी की पत्नी का दावा है कि जिस शादी के नाम पर अब्दुर्रहमान उनकी बेटी को अपनी बीवी बताने का दावा करता है, वो कानूनन अवैध है।

बना रहा है केस वापसी का दबाव

आरके सारंगी की पत्नी ने हमें बताया था कि अब्दुर्रहमान उनकी बेटी पर केस वापसी का दबाव बना रहा है। केस वापसी से इनकार करने पर लम्बे समय तक वर्षा से बात नहीं करवाई जाती है। बकौल पीड़ित दम्पति, उन्हें यह भी बताया गया कि अब्दुर्रहमान ने कई बार वर्षा की निर्ममता से पिटाई की है। अब वर्षा एक बच्चे की माँ है। आरोप है कि अक्सर अब्दुर्रहमान बच्चे की फोटो स्टेटस पर डाल कर सारंगी दम्पति को चिढ़ाने का भी काम करता है।

सम्पत्ति पर है नजर और ‘लव जिहाद’ का टास्क

सारंगी दम्पति ने आशंका जताई थी कि अब्दुर्रहमान की नजर उनकी सम्पत्ति पर है। उन्होंने बताया कि अब्दुर्रहमान यह जानता है कि वर्षा अपने परिवार की इकलौती संतान है। हमें यह भी बताया गया था कि मानसिक तनाव के चलते अक्सर आर के सारंगी की तबीयत खराब ही रहने लगी है। सारंगी की पत्नी ने बताया था वह उनकी सारी चल-अचल सम्पत्ति का मालिक भी बनना चाह रहा है।

‘नहीं मिला साथ तो मार डाली जाएगी बेटी’

सारंगी परिवार ने हमें आगे बताया था कि केस वापसी का दबाव सिर्फ इसलिए बनाया जा रहा है, जिससे अब्दुर्रहमान उनकी बेटी को बाद में मार भी डाले तो कोई कानूनी अड़चन न आए। अपनी बेटी को पूरी तरह से ब्रेनवॉश बताते हुए सारंगी परिवार मामले की जाँच CBI या NIA से करवाने की माँग की थी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि किसी अधिकारी के आगे बयान दिलाने से पहले अब्दुर्रहमान उनकी बेटी को ड्रग्स देता है और साथ ही मुँह खोलने पर बेटे को मार डालने के लिए धमकाता है। पीड़ित परिवार ने कम से कम 1 महीने वर्षा को अपने साथ रखने की गुहार लगाई थी। प्रशासन के अलावा सारंगी परिवार ने हिन्दू संगठनों से भी मदद की अपील की थी।

सुरक्षा के लिए NTF गठन के बाद AIIMS के डॉक्टरों का हड़ताल खत्म, CJI बोले- हम भी सरकारी अस्पताल के फर्श पर सोए हैं, मरीजों से सहानुभूति

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर की रेप-हत्या मामले में 13 दिनों से हड़ताल कर रहे AIIMS के डॉक्टरों ने गुरुवार (22 अगस्त 2024) को काम पर लौटने की घोषणा कर दी। इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने डॉक्टरों से काम पर लौटने के लिए कहा था। इसके साथ ही उनकी समस्याएँ सुनने के लिए कमिटी बनाने की बात भी कही।

सुनवाई के दौरान CJI ने कहा, “सरकारी अस्पतालों की स्थिति मैं जानता हूँ। जब मेरे परिवार का एक सदस्य बीमार था, तब मैं खुद एक सरकारी अस्पताल के फर्श पर सोया हूँ। मरीजों की स्थिति जानता हूँ। उनसे सहानुभूति है।” CJI ने कहा, “हम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को निर्देश देते हैं कि वे राज्य के मुख्य सचिवों और DGP के साथ मिलकर डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।”

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि यह काम एक सप्ताह में पूरी हो जानी चाहिए। इसके साथ ही राज्य सरकारें इसे दो हफ्तों के अंदर लागू करें। उन्होंने आगे कहा, “पहले निर्णय लिया गया था कि नेशनल टास्क फोर्स सभी पक्षकारों से परामर्श करेगा। इससे प्रभावित होने वाले सभी हितधारकों और चिकित्सा पेशेवरों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों की बात सुनी जाएगी।”

सीजेआई ने आगे कहा, “(1) संकट कॉल सिस्टम, (2) संस्थागत एफआईआर, (3) मुआवजा संकट निधि पर सुझाव देते हैं। इन पर एनटीएफ (NTF) द्वारा विचार किया जा सकता है। प्रतिनिधियों के सुझावों को एनटीएफ द्वारा लिया जाना चाहिए; हम एनटीएफ द्वारा सुझावों को लिए जाने के लिए मंत्रालय की वेबसाइट पर एक पोर्टल खोलने का निर्देश देते हैं।” 

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टास्क फोर्स सभी हितधारकों की बात सुनेगा। इनमें इंटर्न, रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। सीजेआई ने कहा, “डॉक्टरों को के बारे में हमें चिंता है। उन्हें 36 घंटे काम करना पड़ता है। हम सभी के परिवार के सदस्य, रिश्तेदार हैं, जो सरकारी अस्पतालों में गए हैं। हमने डॉक्टरों को 36 घंटे काम करते देखा है।”

सीजेआई ने आगे कहा, “सार्वजनिक अस्पतालों में एक चलन बन गया है। जूनियर डॉक्टर सिर्फ़ यौन उत्पीड़न ही नहीं बल्कि कई तरह के उत्पीड़न के शिकार होते हैं। हमें बहुत सारे ईमेल मिले हैं… 48 या 36 घंटे की ड्यूटी अच्छी नहीं है।” इसके बाद सीजेआई ने सभी डॉक्टरों से काम पर लौटने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “डॉक्टर काम पर लौट आएँ। अगर आप काम पर नहीं लौटेंगे तो सार्वजनिक प्रशासनिक ढाँचा कैसे चलेगा?” 

डॉक्टरों ने भी कहा कि वे काम पर लौटने के इच्छुक हैं, लेकिन उन्हें कार्रवाई का डर है। इस पर सीजेआई ने उन्हें आश्वस्त किया और कहा कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। सीजेआई ने अधिकारियों से भी आग्रह किया कि वे डॉक्टरों के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई ना करें। इस तरह कोर्ट की कार्रवाई खत्म होने के बाद डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी। 

अयोध्या में मोईद खान का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स ध्वस्त, कन्नौज में नवाब मलिक से जुड़े कोल्ड स्टोरेज पर चला बुलडोजर: बलात्कार आरोपित सपा नेताओं पर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर योगी सरकार की बुलडोजर कार्रवाई जारी है। अयोध्या जिला प्रशासन ने गैंगरेप के आरोपित सपा नेता मोईद खान के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर गुरुवार (22 अगस्त 2024) को बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करवा दिया। यह कार्रवाई उस कॉम्प्लेक्स के खिलाफ की गई थी जो तालाब और ग्राम समाज की जमीन पर बनाया गया था। इसके साथ ही कन्नौज में भी बुलडोजर एक्शन हुआ, जहाँ रेप के आरोपित सपा नेता नवाब सिंह यादव के करीबी के कोल्ड स्टोरेज की बॉउड्री वाल को गिरा दी गई।

जानकारी के मुताबिक, इस बिल्डिंग का कुछ हिस्सा तालाब की भूमि पर निर्मित कराया गया था। राजस्व प्रशासन ने इसकी नाप जोख करने के बाद गिराने की चेतावनी देकर किराएदारों को खाली करने की नोटिस करीब दस दिन पूर्व ही दिया था, इसी भवन में संचालित पीएनबी बैंक न हटाए जाने से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई टल रही थी। बैंक के हटने के बाद ये कार्रवाई अंजाम दी गई है।

जिस शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को ढहाया गया है, वो 4 हजार स्क्वॉयर फीट में बना था। उसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए आँकी जा रही है। वो तालाब की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया था। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान पूरे भदरसा कस्बे में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

सोहावल के एसडीएम अशोक कुमार सैनी ने बताया कि भदरसा कस्बे में दोपहर करीब डेढ़ बजे बुलडोजर ने कॉम्प्लेक्स को गिराना शुरू किया था। उन्होंने कहा, “मोईद खान का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स सरकारी जमीन पर बना था, इसलिए अनधिकृत इमारत को गिराने की कार्रवाई की गई। इस बारे में अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी के सचिव ने जमीन को खाली कराने का निर्देश दिया था। ये कॉम्प्लेक्स तालाब की जमीन पर बना था।”

गौरतलब है कि अयोध्या पुलिस ने इसी साल 30 जुलाई को जिले के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के भदरसा कस्बे में बेकरी चलाने वाले स्थानीय सपा नेता मोईद खान और उसके कर्मचारी राजू को 12 साल की एक बच्ची से दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक मोईद और राजू ने दो महीने पहले नाबालिग से दुष्कर्म किया था और इस कृत्य की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की थी। इस मामले में पीड़ित का गर्भपात हो गया था और उसके डीएनए को सुरक्षित रख लिया गया था।

कन्नौज में भी गरजा बुलडोजर

इस बीच, कन्नौज में रेप के आरोपित सपा नेता नवाब सिंह यादव के करीबी के कोल्ड स्टोरेज की बॉउड्री वाल को गिरा दी गई। कन्नौज के ठठिया थाना क्षेत्र के बलनापुर गाँव में बने कोल्ड स्टोरेज पर बुलडोजर चला है। कन्नौज में कार्रवाई के लिए पहुंचे एसडीएम ने कहा कि ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर बाउंड्री वॉल बनाई गई थी। दीवार हटाने की नोटिस भी दी गई थी। नोटिस की समय अवधि पूरी होने के बाद भारी पुलिस बल के साथ पहुँची राजस्व टीम ने अवैध बाउंड्री वॉल ध्वस्त कराई।

‘प्रभाष का नाम लेकर पब्लिसिटी पा रहे अरशद वारसी’: ‘जर्सी’ और ‘मक्खी’ वाले हीरो ने साधा निशाना, ‘कल्कि’ पर साउथ और बॉलीवुड में ‘फैन वॉर’

बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी का तेलुगु अभिनेता प्रभास की आलोचना करना कई लोगों को पसंद नहीं आया है। अरशद वारसी ने एक इंटरव्यू में प्रभास की हालिया फिल्म ‘कल्कि 2898’ की आलोचना की थी। इसके बाद अब प्रभास के फैन्स और कई तेलुगु सिनेमा से जुड़े लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं।

पूरा मामला अरशद वारसी की कल्कि मूवी पर राय से जुड़ा है। अरशद वारसी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में सिनेमा के कई आयामों को लेकर बातचीत की थी। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि उन्हें हालिया दिनों में कौन सी फिल्म सबसे खराब लगी है तो उन्होंने जवाब में इसे कल्कि बताया।

उन्होंने कहा, “मैंने कल्कि हाल ही में देखी जो मुझे अच्छी नहीं लगी। कल्कि में अमिताभ बच्चन अविश्वसनीय लगे। उनके जैसा पावर मुझे भी चाहिए, जिन्दगी बन जाएगी। लेकिन प्रभास को इस फिल्म में जोकर बना दिया। तुमने उसको क्या बना दिया यार, क्यों करते हैं ऐसा समझ में नहीं आता।”

अरशद वारसी की यह टिप्पणी काफी वायरल हो गई। उनकी इस क्लिप को लाखों बार सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। हालाँकि, उनकी इस टिप्पणी को लेकर तेलुगु सिनेमा के कई कलाकार गुस्सा हो गए और अरशद वारसी को सीमा से बाहर जाने वाला बता डाला।

तेलुगु एक्टर सुधीर बाबू ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “रचनात्मक आलोचना करना ठीक है, लेकिन किसी को उलटा सीधा नहीं कहना चाहिए। अरशद वारसी से ऐसे गैरजिम्मेदार अंदाज़ की उम्मीद कभी नहीं की थी। प्रभास का कद छोटी सोच वाले लोगों की टिप्पणियों करने वालों के लिए बहुत बड़ा है।”

वहीं तेलुगु डायरेक्टर अजय भूपति ने कहा, “प्रभास वो शख्स हैं जिन्होंने भारतीय सिनेमा को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुँचाने के लिए अपना सबकुछ दिया है और कुछ भी करने को तैयार हैं, वो हमारे देश का गौरव हैं। हम आपकी आँखों में उस फिल्म के लिए, ईर्ष्या देख सकते हैं, क्योंकि आपका ग्राफ गिर गया है और आपको कोई नहीं पूछता। अपनी राय देने की एक सीमा और एक तरीका होता है। ऐसा लगता है कि आपने उसके बारे में जो कहा है, वो आप ही हैं।”

वहीं तेलुगु एकत्र नानी इनसे भी आगे बढ़ गए। उन्होंने अरशद वारसी की टिप्पणी को लेकर पूछे जाने पर कहा, “जिस आदमी के बारे में आप बात कर रहे हैं, वो अब तक सबसे ज्यादा पब्लिसिटी इसी बात से पाया है। आपलोग खाली में एक मुद्दे को आगे बढ़ा रहे हो।”

कल्कि 2898 AD फिल्म जून, 2024 में आई थी। इस फिल्म में प्रभास के अलावा दीपिका पादुकोण, अमिताभ बच्चन, दिशा पाटनी और कमल हसन जैसे कलाकरों ने काम किया था। इस फिल्म को बॉक्सऑफिस पर लगभग ₹1000 करोड़ की कमाई हुई है।

जिस ब्रिटिश YouTuber को पकड़ कर तालिबान ने 8 महीने कैद में रखा, वो दे रहा भारत पर परमाणु बम गिराने की धमकी: भारतीयों पर नस्लवादी टिप्पणी भी की

ब्रिटेन यूट्यूबर माइल्स रूटलेज ने सोशल मीडिया पर भारतीय लोगों का मजाक उड़ाते हुए कई नस्लवादी टिप्पणी की है। इतना ही नहीं, उसने भारत पर परमाणु बम गिराने का भी मजाक किया है। इसके बाद माइल्स को सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, जो माइल्स से सवाल कर रहे हैं उनसे भी वह अमर्यादित भाषा में बात कर रहा है।

नस्लवादी टिप्पणी करने के लिए कुख्यात इस यूट्यूबर ने सोशल मीडिया पर अपने कई पोस्टों में एक अनाम ट्रोलर पर भारतीय होने का आरोप लगाया। इसके लिए उसने किसी तरह का सबूत नहीं दिया। 25 साल माइल्स रूटलेज एक छात्र और यूट्यूबर है। वह पहली बार साल 2021 में चर्चा में आया था। इसके बाद वह भारत पर आरोप एवं नस्लवादी टिप्पणी करके चर्चा में बना रहता है।

साल 2024 में रूटलेज ने भारत और अफ्रीका के खिलाफ अपनी नस्लवादी टिप्पणियों के लिए सुर्खियाँ बटोरी थीं। उसने एक अज्ञात यूजर्स के साथ अपनी बातचीत साझा की, जिसने उन्हें ढूँढ़ने की धमकी दी। संदेश में लिखा था, “मैं तुम्हें ढूँढ़ लूँगा, मैं वादा करता हूँ, तुम्हारा माफ़ीनामा वीडियो बहुत अच्छा होगा।” उसने अजनबी के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उसे अपना पता साझा किया था।

उस एक्स यूजर को भारतीय कहते हुए उसने लिखा, “भारतीय मुझे खोजने की धमकी देते हैं लेकिन यह उन पर उल्टा पड़ता है। तुम नहीं लेकिन मैं तुम्हें ढूंढ लूँगा और फिर तुम्हें माफी माँगते हुए वीडियो बनाना होगा।” रूटलेज ने इसके अलावा, कई आपत्तिजनक टिप्पणी की। उसने अपने वीडियो में भारतीयों के बात करने के तरीकों का भी मजाक उड़ाया है।

परमाणु हमले को लेकर रूटलेज ने लिखा, “जब मैं इंग्लैंड का प्रधानमंत्री बनूँगा तो मैं ब्रिटिश हितों और मामलों में हस्तक्षेप करने वाली किसी भी विदेशी शक्ति को स्पष्ट चेतावनी के रूप में परमाणु साइलो खोलूँगा। मैं बड़ी घटनाओं के बारे में बात नहीं कर रहा हूँ, मैं छोटे से छोटे उल्लंघन पर पूरे देश पर परमाणु हमला कर दूँगा। मैं सिर्फ भारत के लिए ही न्यूक्लियर लॉन्च कर सकता हूँ।”

दरअसल, जब Google ने युद्धग्रस्त अफगानिस्तान को ‘यात्रा करने के लिए सबसे ख़तरनाक देशों‘ की सूची में सबसे टॉप पर शामिल किया था। इसके बाद साल 2021 में वह अफगानिस्तान घुमने गया। वहाँ तालिबान के कब्जे के दौरान वह अफगानिस्तान में फँस गया था। हालाँकि, अन्य विदेशी नागरिकों की तरह अमेरिका एवं ब्रिटेन की सरकार ने उसे भी वहाँ से निकाला था।

अफगानिस्तान से लौटने के बाद रूटलेज ने एक साक्षात्कार में कहा था कि वह फिर भी अफ़गानिस्तान जाएगा और अपना सांस्कृतिक आदान-प्रदान जारी रखेगा। रूटलेज को अक्सर ‘ख़तरनाक पर्यटक’ के रूप में टैग किया जाता है। वह ‘लॉर्ड माइल्स’ से YouTube चलाता है, जिसके 1,26,000 सब्सक्राइबर हैं। वह फिर दोबारा अफगानिस्तान गया था।

फ़रवरी 2023 के अंत में अफ़गानिस्तान की अपनी तीसरी यात्रा पर माइल्स को तालिबान खुफिया ने हिरासत में लिया था। रूटलेज ने कहा था, “मुझे तालिबान खुफिया द्वारा आठ महीने के लिए हिरासत में लिया गया, जो मेरी अब तक की सबसे सुखद छुट्टी बन गई। न केवल मैंने बहुत अच्छा समय बिताया, बल्कि मैंने तालिबान सरकार के शीर्ष लोगों से दोस्ती की और फिर मुझे वापस बुलाया गया।”

मालगाड़ी को पलटाने के लिए पटरी पर जानबूझकर डाल दिया बाइक का पहिया, रिपोर्ट में दावा- अलीगढ़ की साजिश में आया अफ़सान का नाम

कानपुर में साबरमती एक्स्प्रेस को डिरेल करने की घटना के बाद दो दिन पहले अलीगढ से मालगाड़ी को डिरेल करने की साजिश सामने आई थी। छानबीन में पटरी पर से एक बाइक का एलॉय व्हील मिला था जिसे देख लोगों ने अंदाजा लगाया कि शायद इस व्हील को इसलिए रखा गया ताकि रेल पटरी से उतर जाए और एक हादसा और हो जाए। अब इसी मामले में व्हील को रखने वाले का नाम सामने आया है।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित का नाम अफसान है। उसी पर ट्रेन को डिरेल करने की साजिश रचने का आरोप है। कहा जा रहा है कि अगर 20 अगस्त की सुबह 7:45 बजे तलासपुर गाँव से गुजरते हुए थर्ड लाइन पर मालगाड़ी की स्पीड कम नहीं होती तो हादसा हो सकता था। गनीमत ये रही कि उस समय मालगाड़ी की स्पीड कम थी और व्हील के ट्रेन से टकराते ही इमरजेंसी ब्रेक लगाने से ट्रेन रुक गई।

बाद में इस घटना की जानकारी सुरक्षाकर्मियों को दी गई और फिर पड़ताल शुरू हुई। आरपीएफ के एएसआई धीरज ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचकर सब देखा तो उन्हें मौके पर से बाइक का एलॉय व्हील एक प्लास्टिक के बोरे में भरा पड़ा मिला। इसके साथ ही ट्रैक के पास कुछ टूटे हुए टुकड़े भी मिले। बाद में रिपोर्ट तैयार करके उच्च अधिकारियों को भेजी गई जिसके बाद घटना करने वालों की तलाश शुरू हुई।

अंदाजा लगाया गया कि ये काम किसी बाइक चोरी करने वाली गैंग का हो सकता है जिन्हें बाइक के टुकड़े करके बेचना हो और वो चाहते हों कि इसके टायर के भी टुकड़े हो जाए। हालाँकि बाद में इस मामले में अफसान का नाम सामने आया। रिपोर्ट में अफसान को कैलपुर का निवासी बताया जा रहा है। अब सुरक्षाकर्मी उससे आगे की पूछताछ करेंगे। वहीं कुछ संदेह होने पर पुलिस को सूचित करके इस मामले में केस दर्ज करवाया जाएगा।

मालूम हो कि इस घटना से कुछ दिन पहले कानपुर में साबरमती एक्सप्रेस को पलटने की साजिश सामने आई थी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ बताया था कि रेल किसी भारी चीज से टकराने के बाद डिरेल हुई है। इस हादसे में साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे डीरेल हो गए थे।

मिट्टी में मिला कॉन्ग्रेस नेता हाजी अली का करोड़ों का महल: पैगंबर मुहम्मद के अपमान का आरोप लगा इस्लामी भीड़ ने किया था दंगा, पत्थर चलने के बाद अब चला बुलडोजर

मध्य प्रदेश के छतरपुर में इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद की बेअदबी के नाम कट्टरपंथियों की भीड़ ने बुधवार (21 अगस्त 2024) को जमकर हिंसा की। यह भीड़ बेअदबी के मामले में थाने में ज्ञापन देने गई थी, लेकिन वहाँ पहुँचते ही थाने पर पथराव कर दिया। इस हमले में थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसा में शामिल लोगों पर प्रशासन ने बुलडोजर की कार्रवाई की है।

हिंसा में शामिल कॉन्ग्रेस के जिला उपाध्यक्ष एवं पूर्व सदर मोहम्मद हाजी शहजाद अली के आलीशान बंगले को बुलडोजर लगाकर ढहा दिया गया है। इसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक है। हिंसा में शामिल लोगों का नेतृत्व हाजी अली ही कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने हाजी अली सहित 50 लोगों और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखी है।

दरअसल, छतरपुर की अंजुमन इस्लामिया कमिटी के सदर हाजी अली के नेतृत्व में मुस्लिम भीड़ 21 अगस्त को सिटी कोतवाली थाना पहुँची थी। वहाँ महाराष्ट्र के अहमदनगर में महंत रामगिरि महाराज द्वारा पैगंबर पर की गई टिप्पणी के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने महंत रामगिरि पर कार्रवाई करते हुए तत्काल गिरफ्तारी की माँग की थी।

इतना ही नहीं, ज्ञापन में चेतावनी भी दी गई थी। कहा गया था कि अगर महंत रामगिरि कोे गिरफ्तार करके उन पर कार्रवाई नहीं की गई तो महाराष्ट्र के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी शांति भंग की आशंका है। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम भीड़ कोतवाली थाने का घेराव किया। फिर भीड़ हिंसक हो गई और थाने एवं पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया।

इस पथराव में कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद कुजूर सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसके अलावा, थाने के वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। आखिरकार हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले दागने पड़े। घटना सामने आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात करके आरोपितों पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बता दें कि महाराष्ट्र के नासिक में प्रवचन के दौरान सरला द्वीप के महंत रामगिरि ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की बात कही थी। इसका उदाहरण देेते हुए उन्होंने इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद का भी जिक्र किया था। मुस्लिम कट्टरपंथियों ने इसे ईशनिंदा और उनके पैगंबर मुहम्मद का अपमान बताकर उनके खिलाफ कई जगहों पर एफआईआर दर्ज करवाई है।

इतना ही नहीं, अहमदनगर और नासिक सहित महाराष्ट्र के कई इलाकों में कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने सड़कों पर निकल कर हिंसा फैलाई। उन्होंने जगह लोगों पर हमला किया, दुकानों में तोड़फोड़ की और वाहनों में तोड़फोड़ एवं आग लगाई। इसको देखते हुए महाराष्ट्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब नूपुर शर्मा मामले की तरह इसे भी कट्टरपंथियों द्वारा देश के अन्य हिस्सों फैलाने की कोशिश की जा रही है।

‘किसानों से कहो अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली हटाएँ, हाइवे खोलने पर बनाएँ सहमति’: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब-हरियाणा से कहा – बातचीत कीजिए, शम्भू बॉर्डर पर डटे हैं प्रदर्शनकारी

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब से कहा है कि वह किसानों को समझा कर उनके प्रदर्शन से ट्रैक्टर-ट्रॉली हटाए और हाइवे खुलवाए। कोर्ट ने हरियाणा से भी किसान आंदोलनकारियों से बातचीत करके हाइवे खोलने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान पंजाब और हरियाणा से भी आपस में बातचीत करने को कहा है।

गुरुवार (22 अगस्त, 2024) को सुप्रीम कोर्ट शंभू बॉर्डर पर जमे किसानों और उनके कारण बंद हाइवे के मुद्दे की सुनवाई कोर्ट कर रहा था। कोर्ट ने इस दौरान कहा वह एक सप्ताह में किसानों के मुद्दे समझने के लिए कमिटी का गठन कर देगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह कमिटी बनाने की बात पिछली सुनवाइयों में की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान पंजाब और हरियाणा से कहा कि वह अपने मुद्दे भी दें, जिससे कमिटी को काम करने में आसानी हो। कोर्ट ने कहा है कि कमिटी उन मुद्दों को सुलझाएगी, जो राज्य उसे बताएँगे। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा से कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बैठें और उनसे हाइवे खोलने के मुद्दे पर बात करें।

सुप्रीम कोर्ट को पंजाब ने बताया है कि किसान हाइवे खोलने के मुद्दे पर राजी हैं लेकिन वो ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ ही प्रदर्शन करना चाहते हैं। कोर्ट ने इस पर कहा कि उन्हें ट्रैक्टर ट्रॉली हटाने को लेकर कहा जाए। सुप्रीम कोर्ट से हरियाणा ने भी ट्रैक्टर ट्रॉली सम्बन्धित बात बताई है।

किसानों के प्रदर्शन में ट्रैक्टर ट्रॉली को लेकर सुप्रीम कोर्ट राजी नहीं है। कोर्ट ने इस बीच अम्बाला के पुलिस अधिकारियों और पंजाब के पुलिस अधिकारियों को साथ बैठ कर हाइवे खोलने को लेकर बातचीत करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने उस दौरान कहा है कि वह जो कमिटी बनाएगा, उसे कुछ शक्तियाँ भी देगा, जिससे उसके सुझाव माने जाएँ।

सुप्रीम कोर्ट यह सुनवाई हरियाणा की याचिका पर कर रहा है। हरियाणा सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के हाइवे खोलने के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट के आदेश पर हरियाणा को ऐतराज है क्योंकि इससे किसान अपने ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर दिल्ली पहुंचेगे।

जनजातीय समाज के हवलदार की हत्या कर फरार हो गया था शाहिद अंसारी, शमीम ने छिपने में की मदद: पुलिस ने दोनों को दबोचा

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में 12 अगस्त को एक सजायाफ्ता कैदी शाहिद अंसारी ने हवलदार चौहान हेंब्रम की लोहे की रॉड से मारकर हत्या कर दी थी और फरार हो गया था। उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया है। शाहिद अंसारी की भागने में मदद करने वाले शमीम अंसारी को भी पुलिस ने पकड़ा है। मंगलवार (20 अगस्त 2024) की रात गाजियाबाद के रिश्तेदार के घर से उसे गिरफ्तार किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 41 साल का शाहिद अंसारी पॉक्सो-मर्डर केस में धनबाद सेंट्रल जेल में सजा काट रहा था। तबियत खराब होने के बाद उसे हजारीबाग की जेल में भेजा गया था। जहाँ से उसे इलाज के लिए हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के कैदी वार्ड में रखा गया था। करीब 2 सप्ताह से उसका इलाज चल रहा था। लेकिन 12 अगस्त को उसने ड्यूटी पर तैनात हवलदार चौहान हेंब्रम पर लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर फरार हो गया था। अब उसे मंगलवार की रात गाजियाबाद से उसके रिश्तेदार के घर से पकड़ा गया है।

जनजातीय समुदाय से आने वाले हवलदार चौहान हेंब्रम के परिवार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी और हत्यारोपी की जल्द गिरफ्तारी की माँग की थी। हजारीबाग के एसपी अरविंद कुमार ने बताया बताया कि शाहिद अंसारी को पकड़ने के लिए 7 सदस्यीय एसआईटी बनाई गई थी। इसकी मॉनिटरिंग वो खुद कर रहे थे। इस टीम ने टेक्निकल मदद लेते हुए अपराधी को धर दबोचा, जिसमें मुखबिर भी मददगार साबित हुए।

शाहिद अंसारी पर दो मामले धनबाद में चल रहे थे। उस पर सुदामडीह थाना में केस संख्या 40/17 के तहत धारा 341, 323, 354,356D, 306, रेप समेत पोक्सो का मामला दर्ज है। वहीं पाथरडीह थाना में कांड संख्या 40/ 18 के तहत धारा 302 ,201, 382 के तहत मामला दर्ज है। कोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है। वो मूल रूप से धनबाद का रहने वाला है। अब पुलिस ने उसके सहयोगी शमीम को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच, बुधवार (21 अगस्त 2024) को हजारीबाग एसआईटी ने गाजियाबाद में उसकी ट्रांजिड रिमांड की कार्रवाई पूरी की और उसे अपने कब्जे में ले लिया है।

शिकागो में गूँजा ‘ॐ शांति’ और ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’: अमेरिका में डेमोक्रेट के सबसे बड़े कार्यक्रम में मंच से मंत्रोच्चारण, जानिए कौन हैं पुजारी राकेश भट्ट

अमेरिका में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव से पहले शिकागो में डेमोक्रेटिक पार्टी का नेशनल कन्वेंशन जारी है। इस बीच डीएनसी के मंच से गुरुवार (22 अगस्त 2024) को हिंदू मंत्रोच्चारण सुनाई पड़ा। ये मंत्रोच्चारण करने वाले हिंदू पुजारी राकेश भट्ट थे। डीएनसी कन्वेंशन के तीसरे दिन उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत की।

इस दौरान राकेश भट्ट ने पहले संस्कृत में श्लोक पढ़े और फिर उनका अंग्रेजी में अर्थ समझाया ताकि पता चल सके कि आखिर वो कह क्या रहे थे। श्लोक पढ़ने के बाद उन्होंने साथ ही आखिर में ओम शांति-शांति का भी पाठ किया।

उन्होंने कहा, “भले ही हमारे बीच मतभेद हों, लेकिन जब राष्ट्र की बात आती है तो हमें एकजुट होना होगा और यह हमें सभी के लिए न्याय की ओर ले जाएगा। हमें एकमत होना चाहिए। हमारे दिमाग एक साथ सोचें। हमारे दिल एक साथ धड़कें। यह सब समाज की बेहतरी के लिए है। यह हमें शक्तिशाली बनाए ताकि हम एकजुट हो सकें और अपने देश को गौरवान्वित कर सकें।”

राकेश भट्ट ने आगे कहा, “हम एक सार्वभौमिक परिवार हैं। सत्य हमारा आधार है और हमेशा जीतता है। हमें असत्य से सत्य की ओर ले चलो। अंधकार से प्रकाश की ओर, और मृत्यु से अमरता की ओर (तमसो मा ज्योतिर्गमय)। ओम शांति शांति शांति।”

गौरतलब है कि राकेश भट्ट एक पारंपरिक माधवा ब्राह्मण परिवार से आते हैं और बेंगलुरु के रहने वाले हैं, जो बाद में अमेरिका शिफ्ट हो गए। उनका प्रशिक्षण उनके गुरु, उडुपी मठ के श्री पेजावर स्वामीजी के मार्गदर्शन में हुआ। रकेश भट्ट के पास संस्कृत, अंग्रेजी कन्नड़ में स्नातक और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री है। इसके अलावा उन्हें उत्तरादि मठ और उडुपी अष्ट मठ जैसे संस्थानों से सत्शास्त्र विद्वान का सम्मान मिला है।