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‘नहीं निकलने देंगे यहाँ से काँवड़, जिसे बुलाना है बुला लाओ’: मुस्लिम बहुल इलाके में नाबालिग ‘भोले’ को मारा थप्पड़, मार्ग में खड़ी कर दी बाइकें

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा काँवड़ यात्रियों को रोके जाने के बाद हंगामा खड़ा हो गया। कांवड़ियों ने सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान हिन्दू एकता जिंदाबाद के नारे लगाए गए। आरोप है कि कांवड़ यात्रा के मार्ग में बाइक लगा कर चुनौती दी गई कि जिसे बुलाना है बुला लोग। पुलिस ने मामले का समाधान करवाया और बाद में कांवड़िये आगे की तरफ बढ़ गए। इस मामले में पुलिस जाँच व अन्य कानूनी कार्रवाई कर रही है। मामला सोमवार (19 अगस्त 2024) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना अमरोहा जिले के थाना क्षेत्र हसनपुर की है। सोमवार की सुबह लगभग 7 बजे यहाँ लगभग 50 काँवड़ यात्रियों का एक जत्था मुख्य मार्ग से गुजर रहा था। उनके साथ DJ भी चल रहा था जिसमें धार्मिक गाने बज रहे थे। आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने DJ बंद करने के लिए कहा। काँवड़ियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो दोनों तरफ से तनातनी होने लगी। आरोप है कि इस दौरान काँवड़ यात्रा के मार्ग में बाइक खड़ी कर दी गई। साथ ही कांवड़ियों को चुनौती दी गई अब यात्रा इधर से नहीं निकलने देंगे चाहे जिसको बुला लो।

विरोध प्रदर्शन में शामिल कांवड़िया दीपक चौहान ने बताया कि वो हर साल उसी रास्ते के काँवड़ ले कर आते थे लेकिन इस साल उनके रास्ते को रोका गया। आरोप है कि एक नाबालिग बच्चे को चाँटा भी मारा गया है। दीपक ने कहा कि हमें चिंता है कि आने वाले कल में क्या होगा। काँवड़ यात्रियों ने इस अभद्रता के खिलाफ सड़क पर जाम लगा दिया। वो ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के साथ हिन्दू एकता जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।

इस बीच मामले की जानकारी पुलिस व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को हुई तो वो फ़ौरन ही घटनास्थल पर पहुँचे। प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों को समझाया और जाम को खुलवाया। कांवड़ियों को प्रशासन ने भरोसा दिया कि आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आखिरकार कांवड़ यात्री फिर से अपने मार्ग पर आगे बढ़ गए। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कुल 3 आरोपितों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक हालात सामान्य हैं और जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

8 साल की छात्रा को मोबाइल पर दिखाया पॉर्न फिर कई बार की गंदी हरकत, मस्जिद में मदरसा बना कर नमाज़ियों के बच्चों को देता था दीनी तालीम: मौलवी शब्बीर धराया

उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक मदरसे के अंदर मौलवी द्वारा नाबालिग छात्रा से छेड़खानी का मामला सामने आया है। पीड़िता की उम्र 8 साल है जिसे आरोपित मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखा कर गंदी हरकतें करता था। आरोपित का नाम शब्बीर रज़ा है जिसने बच्ची को कहीं शिकायत करने पर जान से मार डालने की धमकी भी दी थी। जिस मदरसे में यह वारदात हुई है वो अस्थाई तौर पर संचालित हो रहा था। मामले की शिकायत शुक्रवार (16 अगस्त, 2024) को की गई है। पुलिस ने शब्बीर रज़ा को हिरासत में ले लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना रुद्रपुर के गाँव मलसी की है। यहाँ पर पीलीभीत के थाना क्षेत्र जहानाबाद का रहने वाला मौलवी शब्बीर रज़ा एक अस्थाई मदरसा चलाता है। यह मदरसा एक मस्जिद के अंदर कमरे में बना कर रखा गया है। इसी कमरे में वह ज्यादातर नमाज़ियों के बच्चों को उर्दू के साथ मज़हबी तालीम दिया करता था। 16 अगस्त को एक महिला ने पुलिस में मौलवी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उनकी भी 8 वर्षीया बेटी मौलवी शब्बीर के मदरसे में दीनी तालीम लेने जाती थी।

आरोप है कि मौलवी शब्बीर रज़ा उनकी बेटी को अपने कमरे में ले जाया करता था। यहाँ वो बच्ची को पहले अपने मोबाइल में अश्लील वीडियो दिखाता था फिर उनके साथ गंदी-गंदी हरकतें करता था। जब छात्रा इसका विरोध करती थीं तो उनको चुप रहने का दबाव बनाया जाता था। इसी के साथ किसी से शिकायत करने पर शब्बीर रज़ा छात्रा को कत्ल करने की भी धमकी दिया करता था। मौलवी की इस करतूत से परेशान पीड़िता की तबियत खराब रहने लगी। वो घर लौट कर गुमसुम रहा करती थी।

अपनी बेटी की हालत खराब होती देख कर उसकी अम्मी ने इसकी वजह पूछी लेकिन पीड़िता ने कुछ भी बताने से मना कर दिया। छात्रा की सहेलियों से पूछताछ की गई तो सारी जानकारी सामने आई। उन्होंने मौलवी की सारी करतूत पीड़िता की माँ को बता दी। सहेलियों ने बताया कि छुट्टी होने के बाद मौलवी पीड़िता के अलावा कुछ अन्य बच्चियों को भी अपने कमरे में ले जाया करता था। आखिरकार पीड़िता की माँ ने शब्बीर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाया।

DSP निहारिका ने बताया कि आरोपित मौलवी शब्बीर को हिरासत में ले लिया गया है। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

‘हिन्दू काफिर और मुशरिक, बहुदेववादियों को मिलेगी सजा’: बिहार सरकार से फंडिंग पा रहे मदरसों में पढ़ाई जा रहीं पाकिस्तान में छपी किताबें, UN से हस्तक्षेप की माँग

बिहार के कुछ मदरसों में मज़हबी कट्टरपंथ की शिक्षा दिए जाने का मामला सामने आया है। रविवार (18 अगस्त, 2024) को यह खुलासा राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने किया है। उन्होंने बताया कि इन मदरसों में हिन्दुओं को काफिर बताया जाता है। यहाँ पढ़ाई जाने वाली कई पुस्तकें तो पाकिस्तान में छपी पाई गईं हैं। खास बात तो ये है कि इन मदरसों को राज्य सरकार पैसे भी दे रही है। प्रियांक कानूनगो ने मदरसा बोर्ड को भंग करने की भी माँग उठाई है।

प्रियांक कानूनगो ने रविवार को अपने ‘X’ हैंडल पर कई स्क्रीनशॉट शेयर किए। इन स्क्रीनशॉट के साथ उन्होंने कैप्शन के तौर पर लिखा, “बिहार राज्य में सरकारी फ़ंडिंग से चलने वाले मदरसों में तालिमुल इस्लाम व ऐसी ही अन्य किताबें पढ़ाई जा रहीं हैं। इस किताब में ग़ैर इस्लामिकों को काफ़िर बताया गया है। इन मदरसों में हिंदू बच्चों को भी दाख़िला दिए जाने की सूचना मिली है परंतु बिहार सरकार संख्या अनुपात की अधिकारिक जानकारी नहीं दे रही है।”

प्रियांक कानूनगो ने बिहार मदरसा बोर्ड के हवाले से आगे बताया कि मदरसे का पाठ्यक्रम यूनिसेफ ने तैयार किया है। उन्होंने इसे यूनिसेफ और मदरसा बोर्ड द्वारा किए जा रहे तुष्टिकरण की पराकाष्ठा करार दिया है। बकौल प्रियांक बच्चों के संरक्षण के नाम पर दान और सरकारों से मिले अनुदान से कट्टरवादी पाठ्यक्रम बनाना यूनिसेफ़ का काम नहीं है। उन्होंने यह हरकत भारत के संविधान के खिलाफ बताते हुए मामले की जाँच और निगरानी संयुक्त राष्ट्र द्वारा कराए जाने की माँग उठाई है।”

प्रियांक कानूनगो के मुताबिक बिहार में मौजूद मदरसों के पाठ्यक्रम में शामिल अनेक किताबें पाकिस्तान में छपवाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि मदरसा किसी भी रूप में बच्चों की बुनियादी शिक्षा की जगह नहीं हैं। बच्चों की पढ़ाई स्कूलों में कराए जाने की वकालत करते हुए उन्होंने कम से कम हिन्दू बच्चों को मदरसरों में न पढ़ाने की अपील की है। अंत में प्रियांक कानूनगो ने मदरसा बोर्ड भंग करने की माँग की है। अपने इस ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के साथ उनके कार्यालयों व संयुक्त राष्ट्र संघ को टैग किया है।

क्या छपा है किताबों में

प्रियांक कानूनगो ने जो स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं उसके ऊपर तालीम उल इस्लाम (इस्लाम की शिक्षा) हेडलाइन दी गई है। इसके पहले सवाल में ‘तुम्हें किसने बनाया है’ के जवाब में लिखा है ‘अल्लाह ने मुझे और दुनिया की हर चीज बनाई’। एक अन्य सवाल था कि अल्लाह ने दुनिया कैसे बनाई जिसके जवाब में लिखा गया है कि अपनी ताकत और हुक्म से। जो अल्लाह को नहीं मानते उन्हें इस किताब में ‘काफिर’ और किसी और को पूजने वाले लोगों को मुशरिक बताया गया है।

इसी किताब में एक और सवाल कर के पूछा गया है कि क्या बहुदेववादी (एक से ज्यादा देवताओं को मानने वाले) मोक्ष को प्राप्त होते हैं? इसके जवाब में लिखा गया है कि ‘कभी नहीं’। साथ ही कहा गया है कि बहुदेववादियों को सजा मिलती है। इसके अलावा किताबों के कई पन्नों पर इस्लामी प्रतीक छपे हुए हैं। इन प्रतीकों में सऊदी अरब की मस्जिद अल नवाबी भी शामिल है।

उधर बहनें बाँध कर गईं राखी, इधर देवराज ने तोड़ दिया दम… मुस्लिम छात्र ने गोदा था चाकू, 4 दिन से जीवन-मौत के बीच जूझ रहा था: दलित परिवार में क्रंदन

राजस्थान के उदयपुर में शुक्रवार (16 अगस्त, 2024) को एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले दलित छात्र को उसके सहपाठी ने चाकू घोंप दिया था। आरोपित मुस्लिम समुदाय से है। इस घटना ने साम्प्रदायिक रंग ले लिया था और शहर के कई हिस्सों में आगजनी की घटनाएँ हुईं थी। गंभीर हालत में पीड़ित छात्र को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहाँ आज सोमवार (19 अगस्त, 2024) को उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद अस्पताल के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मृतक छात्र की माँ ने आरोपितों को कड़ी सजा देने की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घायल देवराज का इलाज उदयपुर के MB हॉस्पिटल में चल रहा था। पीड़ित की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। सोमवार की दोपहरी में लगभग सवा दो बजे घायल छात्र की सगी बहन सुहानी और चचेरी बहनों ने अस्पताल में आ कर अपने भाई को राखी बाँधी थी। तब उन्होंने देवराज के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की थी। कुछ ही देर बाद लगभग 3 बजे एक बार फिर से देवराज की तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने देवराज को बचाने की बहुत कोशिश की। हालाँकि, ये कोशिशें नाकाम रहीं और देवराज की मृत्यु हो गई।

कुछ ही देर में यह खबर पूरे शहर में फ़ैल गई और लोग अस्पताल के बाहर जुटने लगे। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हॉस्पिटल के साथ-साथ शहर के बाकी हिस्सों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। दलित छात्र की मौत की खबर सुन कर अस्पताल में जिले के तमाम सीनियर प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि पहुँच गए हैं। इसमें उदयपुर ग्रामीण से भाजपा विधायक फूल सिंह मीणा भी शामिल हैं। राजस्थान के गृहमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि सरकार सभी जरूरी कार्रवाई कर रही है।

फ़िलहाल देवराज का शव मॉर्च्युरी में रखा गया है। देवराज की माँ मीडिया के सामने आईं हैं। उन्होंने आरोपित को कठोर सजा की माँग की है। उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक आरोपित को फाँसी नहीं मिल जाती तब तक वो अपने बच्चे का शव नहीं लेंगी। इस बीच हिन्दू संगठन से जुड़े सदस्यों ने अस्पताल के गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें गुमराह किया है। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी पीड़ित को कभी दिल्ली तो कभी जयपुर ले जाने के झूठे दावे करते रहे। प्रशासन ने अफवाह न फैलाने की हिदायत देते हुए के लिए शहर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट बंद कर दिया है।

बताते चलें कि मृतक और आरोपित दोनों छात्रों की उम्र लगभग 15 साल है। दोनों राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भटि्टयाणी चौहट्‌टा में एक ही क्लास में पढ़ते थे। लंच के दौरान दोनों स्कूल के बाहर निकल गए। इस दौरान मुस्लिम छात्र ने देवराज पर चाकू के दो-तीन वार किए थे। स्कूल की प्रिंसिपल ईशा धर्मावत ने बताया कि लंच के करीब 5 से 7 मिनट बाद स्कूल के बाहर से कुछ छात्र चिल्लाते हुए अंदर आए। उन्होंने कहा, “मैंने तुरंत बाहर जाकर देखा तो एक स्टूडेंट घायल अवस्था में पड़ा था। मेरी स्कूटी पर बैठाकर स्टाफ ने उसे तुरंत हॉस्पिटल पहुँचाया।

RG Kar मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में इससे पहले 5 रहस्यमयी मौतें: दावा – ‘अस्पताल में चल रहा सेक्स-ड्रग्स रैकेट, क्रूर हत्या के बाद शराबी को लाश का रेप करने भेजा’

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित RG Kar मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक जूनियर महिला डॉक्टर की बलात्कार के बाद क्रूर तरीके से हत्या के बाद पूरा देश उद्वेलित है। पश्चिम बंगाल में तो सभी डॉक्टर और मेडिकलकर्मी हड़ताल पर हैं। इसी बीच अरूप चक्रवर्ती और उदयन गुहा जैसे TMC नेता प्रदर्शनकारियों को ही धमका रहे हैं, आवाज़ उठाने वालों को पश्चिम बंगाल पुलिस गिरफ्तार कर रही है। इस बीच उस अस्पताल को लेकर कई ऐसी बातें पता चली हैं जो दिल दहलाने वाली हैं।

घटना के समय कॉलेज का प्रधानाध्यापक रहे संदीप घोष भी घेरे में हैं, क्योंकि इससे पहले दो-दो बार उनका ट्रांसफर हुआ था और उन्होंने इसे रुकवा दिया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी कोलकाता पुलिस की जाँच प्रक्रिया पर सवाल उठाया। ‘राष्ट्रीय महिला आयोग’ (NCW) ने पाया कि अस्पताल में कई खामियाँ थीं, जैसे – रात को ठीक से प्रकाश की व्यवस्था न होना, गार्ड्स की व्यवस्था न होना, गंदे शौचालय। सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आंतरिक सूत्रों से कई तरह की बातें पता चल रही हैं।

गरीबों के मददगार थे डॉ राधागोविंद कर

राधागोविंद कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का इतिहास गौरवशाली भी है, साथ ही कलंकित भी है। इसका निर्माण एक ऐसे डॉक्टर के नाम पर हुआ है, जो गरीबों का इलाज करने के लिए कड़ी धूप में भी साइकिल पर कोलकाता में घूमा करते थे। उनके मरीज ऐसे होते थे जो फीस देना तो दूर की बात, दवा खरीदने में भी असमर्थ थे। डॉ राधागोविंद कर विदेश से पढ़ाई कर के लौटे थे। उन्होंने विदेश से डिग्री लेने के बावजूद गाँवों में लोगों का इलाज करना चुना।

वो न सिर्फ गरीबों का फ्री में इलाज करते थे, बल्कि दवा के लिए उन्हें रुपए भी दे देते थे। मार्च 1899 में जब कोलकाता में प्लेग फैला तो डॉ राधागोविंद कर और सिस्टर निवेदिता ने ही इस महामारी में लोगों की सेवा की थी। ब्रिटिश शासित बंगाल में उन्हें चिकित्सा विज्ञान के पुनर्जागरण का श्रेय दिया जाता है। हावड़ा के बेतर में 23 अगस्त, 1852 को जन्मे डॉक्टर RG कर के पिता दुर्गादास ने ढाका में मिडफोर्ड हॉस्पिटल की स्थापना की थी। डॉ RG कर ने हेयर स्कूल से प्रवेश परीक्षा पास कर के सन् 1880 में कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था।

इससे पहले भी हो चुकी हैं रहस्यमयी मौतें

अब बात करते हैं इस अस्पताल के कलंकित इतिहास की। यहाँ पहले भी रहस्यमयी मौतें हो चुकी हैं। कभी मेडिकल प्रोफेशनल तो कभी प्रोफेसर तो कभी हाउस स्टाफ तक मरे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित इस अस्पताल अस्पताल में देह-व्यापार का धंधा चलने से लेकर यहाँ ड्रग्स तस्करों तक के सक्रिय रहने की बातें होती रही हैं। 25 अगस्त, 2001 को ऐसी एक घटना हुई थी जब चौथे वर्ष के छात्र सौमित्र विश्वास को छात्रावास के कमरे में ही फंदे से मृत लटका हुआ पाया गया था।

उनकी मौत को भी प्रशासन ने आत्महत्या बताया था, लेकिन तब भी हॉस्टल में अश्लील फिल्मों के निर्माण की बात उड़ी थी। अरोमिता दास और अमित बाला नामक उसके 2 सहपाठियों की गिरफ़्तारी के बावजूद ये मामला अनसुलझा रहा, जबकि कलकत्ता हाईकोर्ट ने CID जाँच का आदेश दिया था। इसी तरह 5 फरवरी, 2003 को अरिजीत दत्ता नामक हाउस स्टाफ ने आत्महत्या की थी। बताया गया कि उसने पहले खुद को हाथ में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दिया, फिर कलाई की नस काट ली और फिर छत से कूद गया।

वो बीरभूम के सिउरी के रहने वाले थे। न कोई सुसाइड नोट मिला, न आत्महत्या का कारण पता चला। इस घटना के कुछ ही दिन बाद 16 फरवरी को प्रवीण गुप्ता ने आत्महत्या का प्रयास किया। हरियाणा के प्रवीण मानिकतल्ला स्थित लालमोहन हॉस्टल में रहते थे, उन्होंने अपनी दोनों कलाई की नस काटने का प्रयास किया था। प्रवीण के पिता ने बेटे के किसी बात से परेशान होने की बात कही थी, वहीं पुलिस ने प्रेम-प्रसंग बता कर कहा कि उसने अपनी प्रेमिका को सुसाइड नोट भेजा था। हालाँकि, उसके साथियों ने उसे कभी अवसादग्रस्त नहीं पाया।

इसी तरह 24 अक्टूबर, 2016 को 52 वर्षीय मेडिसिन के प्रोफेसर गौतम पाल का सड़ा-गला शव दक्षिणी दमदम स्थित उनके किराए के घर से बरामद हुआ था। दरवाजा अंदर से बंद था तो हार्ट अटैक से अचानक मौत की बात कह पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया। कोरोना महामारी के दौरान स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा पौलमी साहा की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस ने अस्पताल की छठी मंजिल से कूद कर आत्महत्या की बात कही, सहपाठियों ने उसके अवसाद में होने की बात कही थी। आज तक ये भी रहस्य है।

सौमित्र की माँ ने बताया था कि उनके बेटे को अस्पताल में अवैध गतिविधियों की भनक लगी थी। एक कमरे में ट्राइपॉड और रिफ्लेक्टर भी मिले थे। कॉलेज में शवों के यौन शोषण तक की खबरें आई थीं। 25 वर्षीय पौलमी भी अभी की पीड़िता की तरह ट्रेनी थी। यूपी के ‘यूनाइटेड रेजिडेंट एंड डॉक्टर्स असोसिएशन’ के अध्यक्ष डॉ नीरज मिश्रा ने कहा कि अस्पताल में सेक्स वर्क की बात पता सबको है, लेकिन कोई मुँह नहीं खोलना चाहता।

ऑडियो में दावा – बंगाल के हर मेडिकल कॉलेज में चल रहा घपला

सौमित्र विश्वास की फॉरेंसिक जाँच की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है, ऊपर से नायलन के जिस छोटे धागे से लटके मिले थे वो भी पतला-छोटा था और कहा गया था कि उन्होंने इसे खुद नहीं लगाया होगा। फिर भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कुछ नहीं निकला। उनके गले में रुमाल ठूँसे होने की बात भी पता चली थी। वहीं लेखिका मधु पूर्णिमा किश्वर ने उक्त कॉलेज की एक डॉक्टर शोमा मुखर्जी के बंगाली ऑडियो का अंग्रेजी अनुवाद शेयर किया है, जिसमें कई खुलासे हुए हैं।

इसमें बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के हर कॉलेज में प्रोफेसर छात्रों को पास कराने के लिए पैसे लेते हैं। डॉ संदीप घोष पर सेक्स और ड्रग्स रैकेट चलाने का आरोप है। करोड़ों रुपए फार्मा कंपनियों से वसूले जाते थे और पार्टी फंड में पैसे जाते थे। प्रिंसिपल को TMC का करीबी बताया जा रहा है, वहीं मृत छात्रा का थीसिस जानबूझकर अप्रूव नहीं किया जा रहा था। जानबूझकर 36 घंटे की ड्यूटी पर लगाया गया था। इस घटना में एक लेडी डॉक्टर का हाथ भी सामने आ रहा है। शराबी संजय रॉय को डेड बॉडी का रेप करने के लिए भेजा गया था, ताकि मामले पर पर्दा पड़ जाए।

जिस नवाब सिंह यादव से सपा ने झाड़ा पल्ला, कन्नौज में अखिलेश यादव के साथ उसकी तस्वीरों वाले होर्डिंग: रिपोर्ट में बताया- पीड़िता पर बयान बदलने का बनाया दबाव

नाबालिग से रेप की कोशिश के आरोप में नवाब सिंह यादव की गिरफ्तारी होते ही समाजवादी पार्टी ने उससे पल्ला झाड़ने की कोशिश की थी। लेकिन दैनिक भास्कर ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में बताया है कि कन्नौज में आज भी अखिलेश यादव के साथ नवाब सिंह यादव की तस्वीरों वाले होर्डिंग लगे हुए हैं। इतना ही नहीं उसने अपने रसूख का इस्तेमाल कर पीड़िता पर बयान बदलने का दबाव भी डाला था।

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के इस मामले में रविवार (11 अगस्त 2024) को नवाब सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया था। उसकी पहचान समाजवादी पार्टी के नेता का तौर पर रही है। लेकिन सपा ने केस दर्ज होने के महज 24 घंटों में उससे पल्ला झाड़ लिया था। लेकिन एक मीडिया संस्थान की ग्राउंड रिपोर्ट में निकल कर सामने आया है कि जिस कॉलेज में रेप की कोशिश का आरोप नवाब सिंह यादव पर है, उसका भी उद्घाटन अखिलेश यादव ने ही किया था।

दैनिक भास्कर ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में बताया है कि घटना की शिकायत के बाद नवाब सिंह ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर पीड़िता का 24 घंटे मेडिकल नहीं होने दिया। कहा यह भी जा रहा है कि नवाब सिंह लगभग 200 अलग-अलग लोगों की नौकरियाँ लगवा चुका है। नवाब सिंह के रुतबे को देखते हुए ही बड़ी संख्या में पुलिस बल घटनास्थल पर भेजा गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि जब पुलिस पहुँची तब पीड़िता डरी-सहमी थी। कॉल डिटेल में सामने आया है कि घटना के दिन नवाब सिंह की पीड़िता की बुआ से फोन पर 20 बार बात हुई थी।

बताते चलें कि गिरफ्तारी के समय एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें पीड़िता की बुआ नवाब सिंह से 8000 रुपए का जिक्र कर रही थी। वीडियो में वो बोलीं, “8000 में ले कर आए हैं।” पीड़िता की बुआ और नवाब सिंह दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे, लेकिन पुलिस को देखते ही दोनों सकपका गए थे। पुलिस के बार-बार पूछने पर दोनों अपने रिश्ते के बारे में नहीं बता सके थे।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कई लोगों इस मामले में इसलिए चुप हैं क्योंकि उन्हें डर है कि जेल से निकलने के बाद नवाब सिंह यादव उनका जीना मुहाल कर देगा। कुछ स्थानीय लोगों ने तो पीड़िता की बुआ पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आधी रात में महिला के अपनी भतीजी के साथ कॉलेज में आने की घटना को संदिग्ध बताया है। कॉलेज के प्रिंसिपल के मुताबिक पुलिस वहाँ लगे CCTV फुटेज को खंगालने के लिए DVR अपने साथ ले गई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जाँच और कार्रवाई पूरी निष्पक्षता से चल रही है।

होर्डिंग में अखिलेश यादव के साथ नवाब सिंह यादव

बताते चलें कि नवाब सिंह की गिरफ्तारी के माहज 24 घंटे के अंदर समाजवादी पार्टी ने उनसे पल्ला झाड़ लिया था। सपा के कन्नौज जिलाध्यक्ष ने पत्र जारी कर नवाब सिंह को पार्टी विरोधी बताया था। लेकिन कन्नौज के स्थानीय निवासियों के गले यह बात उतर नहीं रही है। आज भी कन्नौज के चौराहों पर नवाब सिंह की होर्डिंग्स लगी है। इन होर्डिंग्स में अखिलेश यादव सहित समाजवादी पार्टी के तमाम बड़े नेताओं की भी तस्वीरें लगी रहती हैं। सबसे ताजा होर्डिंग तो रक्षाबंधन की बधाई देते हुए लगाई गई है।

कन्नौज में समाजवादी पार्टी कार्यालय के स्टाफ श्याम सुंदर यादव ने भास्कर को बताया कि भले उनके (नवाब) के पास पद नहीं था, लेकिन वो हमेशा सक्रिय हो कर प्रचार किया करते थे। श्याम सुंदर का यह भी दावा है कि नवाब सिंह यादव पार्टी को फंडिंग भी करते थे। नवाब सिंह के कॉलेज में बने कार्यालय में भी मुलायम सिंह यादव की बड़ी सी तस्वीर लगी रहती है। बताया जा रहा है कि यहीं से नवाब सिंह यादव अपनी राजनैतिक गतिविधियाँ भी चलाता था।

कोई कह रहा उँगली तोड़ने की बात तो कोई कह रहा पब्लिक करेगी डॉक्टरों पर हमला: धमकी पर उतरे TMC नेता, आलोचना करने पर वाली छात्रा गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित RG Kar मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बलात्कार एवं हत्या के मामले में राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस ने अब इस घटना पर आवाज़ उठाने वालों पर ही निशाना साधना शुरू कर दिया है। अब TMC सांसद अरूप चक्रवर्ती ने प्रदर्शनकारियों को धमकाते हुए कहा है कि हड़ताल से नाराज़ होकर अगर लोग हमला कर देते हैं तो सरकार डॉक्टरों को नहीं बचाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर आप तो अपने घर जा सकते हैं या कोई अपने बॉयफ्रेंड के साथ जा सकती है।

अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि अगर कोई मरीज हड़ताल की वजह से मरता है कि इन डॉक्टरों को जनाक्रोश का सामना करना पड़ेगा, फिर हम आपको नहीं बचाएँगे। उन्होंने बाँकुरा में एक रैली के दौरान ये बयान दिया। रैली के बाद भी वो मीडिया के सामने अपने बयान को लेकर कायम रहे। उन्होंने कहा विरोध के नाम पर ये डॉक्टर बाहर जा रहे हैं। 14 अगस्त को घटनास्थल पर गुंडों की एक भीड़ पहुँच गई थी। प्रदर्शनकारियों को पीटा गया है, साथ ही अस्पताल में तोड़फोड़ मचाई गई थी।

इसी तरह TMC नेता उदयन गुहा ने कहा था कि ममता बनर्जी की तरफ जो लोग उँगलियाँ उठा रहे हैं, उनकी उँगलियाँ तोड़ दी जाएँगी। उधर पश्चिम बंगाल पुलिस इस घटना को लेकर आवाज़ उठाने वालों को ही गिरफ्तार कर रही है। एक बीकॉम के द्वितीय वर्ष की छात्रा को ममता बनर्जी को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट करने के लिए गिरफ्तार किया गया है। कीर्ति शर्मा नामक छात्रा ‘kirtisocial’ यूजरनेम से इंस्टाग्राम अकाउंट चलाती थी। कोलकाता पुलिस ने उस पर मृतका का नाम और तस्वीर उजागर करने का आरोप भी लगाया है।

कीर्ति शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में ममता बनर्जी की तुलना देश में आपातकाल लगाने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी से की थी। पुलिस का कहना है कि ये टिप्पणियाँ आपत्तिजनक थीं और इनसे समाजिक सामंजस्य बिगड़ने की आशंका है। कोलकाता पुलिस ने सुखेंदु शेखर रे को नोटिस भेज दिया था। साथ ही भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी को भी समन भेजा गया है। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जिन्हें-जिन्हें भी नोटिस मिला है वो उन्हें ईमेल के माध्यम से सूचित करें, उन सबको कानूनी मदद मुहैया कराई जाएगी।

17 साल की बेटी का 1 साल से रेप कर रहा था अब्बा, मुँह खोलने पर कत्ल की देता था धमकी: विरोध करने पर बीवी को दिया तीन तलाक, अब UP पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक नाबालिग लड़की के अब्बा पर अपनी ही बेटी से रेप का आरोप लगा है। यह आरोप पीड़िता की अम्मी ने ही लगाया है। आरोप है कि पीड़िता का अब्बू पिछले 1 साल से अपनी ही बेटी को हवस का शिकार बना रहा था। वह अपनी बेटी को मुँह बंद रखने की धमकी भी देता था। इस मामले के निबटारे के लिए स्थानीय स्तर पर पंचायत भी हुई थी। इसी पंचायत में आरोपित अपनी बीवी को तीन तलाक दे कर फरार हो गया था। शनिवार (17 अगस्त, 2024) को पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

यह घटना बिजनौर जिले के थाना क्षेत्र अफजलगढ़ की है। यहाँ 16 अगस्त (शुक्रवार) को 17 वर्षीया पीड़िता की अम्मी ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि पीड़िता कुल 3 बहनें और 2 भाई हैं। लगभग 15 दिन पहले पीड़िता ने अपनी अम्मी को बताया कि उसका अब्बू उसके साथ लगभग 1 साल से बलात्कार कर रहा है। इनकार करने पर आरोपित अपनी ही बेटी को डरा-धमका कर चुप करवा देता था। उसने कहीं भी मुँह खोलने पर अपनी बेटी का कत्ल करने की धमकी दी थी।

जब महिला को ये सब पता चला तो उसने अपने शौहर से इस बावत पूछताछ की। इस से आरोपित नाराज हो गया। उसने अपनी बीवी सहित पूरे परिवार को ही खत्म करने की धमकी दी और सबसे मुँह बंद रखने को कहा। आखिरकार पीड़िता की अम्मी ने गुरुवार (15 अगस्त) को इलाके के कुछ मानिंद लोगों को इकट्ठा किया। इस पंचायत में मामले को रखा गया। तब आरोपित ने कोई बात मानने के बजाय सबके आगे ही अपनी बीवी को तीन तलाक दे दिया। इसके बाद वह वहाँ से फरार हो गया।

बिजनौर पुलिस प्रेस नोट

अपने शौहर की इन करतूतों से परेशान हो कर पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और शुक्रवार (16 अगस्त) को मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 और 351 (3) के अलावा तीन तलाक कानून व पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली। फरार आरोपित की तलाश शुरू कर दी गई। आखिरकार शनिवार (17 अगस्त) को आरोपित को दबोच लिया गया। मामले में जाँच व अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

ममता बनर्जी ने तय किया है ‘रेट कार्ड’, डॉक्टर के रेप-मर्डर में भी डील की कोशिश: पीड़ित पक्ष के वकील का दावा, कहा- कोलकाता पुलिस पूरी तरह फेल

कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर से रेप और हत्या मामले के वकील ने CM ममता बनर्जी पर बड़ा आरोप लगाया है। पीड़िता के वकील ने दावा किया है कि CM ममता बनर्जी ने पैसे देकर यह मामला ठंडा करने की कोशिश की। पीड़िता के वकील ने यह भी आरोप लगाया कि CM ममता बनर्जी ने रेप पीड़िताओं के लिए रेटकार्ड बनाया है और वह इसके जरिए उनको शांत करवाती हैं। वहीं पश्चिम बंगाल के राज्यपाल CV आनंद बोस ने कहा है कि राज्य अब महिलाओं के सुरक्षित नहीं है।

कोलकाता की पीड़िता के परिजनों के वकील बिकाश रंजन भट्टाचार्या ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का रोल निंदनीय है। जब भी कहीं कोई रेप की घटना होती है, वह तुरंत ही पीड़ित के परिवार के सम्पर्क में आती हैं और उन्हें पैसा देकर कहती हैं कि सब कुछ हो गया। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि उन्होंने रेप के लिए रेट कार्ड फिक्स कर दिए हैं। रेप पीड़िताओं को जरूर मुआवजा मिलना चाहिए लेकिन वह सब जाँच के बाद होना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “ममता बनर्जी गवाहों को खरीदने का प्रयास करती हैं, इस वाले मामले (आर जी कर मेडिकल कॉलेज) में भी यह प्रयास किया गया था। पीड़िता के अभिभावकों ने इसको लेकर मना कर दिया था। उन्होंने मामले को कोर्ट में ले जाने की बात कही थी। जिसके बाद यह मामला CBI के पास चला गया और अब उस की जाँच चल रही है।”

पीड़िता के वकील ने राज्य की पुलिस पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा, “पुलिस कमिश्नर को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की कोई जरूरत नहीं थी, वह मामले को नियंत्रण में असफल रहे हैं। घटना के बाद भी पुलिस का रवैया असंतोषजनक था। जब पुलिस लोगों के विचार को रोकने लगे तो साफ़ हो जाता है कि उन्होंने अपना काम ढंग से नहीं किया।”

मामले में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल CV आनंद बोस ने भी राज्य के हालातों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि बंगाल की सरकार फेल हो गई है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “बंगाल महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। बंगाल की सरकार महिलाओं को सुरक्षित करने में फेल रही है। बंगाल को फिर से उस समय में लाना होगा जब महिलाओं का समाज में सम्माननीय स्थान होता था। महिलाएँ गुंडों से डरी हुई हैं। राज्य की सरकार इस मुद्दे को लेकर असंवेदनशील है।”

राज्यपाल CV आनंद बोस ने कहा कि मामले में हाई कोर्ट ने भी अपनी चिंताएँ जताई हैं। उन्होंने कहा कि मैं राज्यपाल के रूप में अपना कर्तव्य निभाऊंगा। राज्यपाल बोस ने पीड़िता के परिवार के प्रति अपनी संवेदना भी प्रकट की है। इससे पहले इस मामले में पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें पीड़िता को मारने से पहले उसके साथ बर्बरता का जिक्र था।

गौरतलब है कि कोलकाता के RG कर मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली एक PG मेडिकल छात्रा का शव 9 अगस्त को अर्धनग्न अवस्था मिला था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम में साफ़ हुआ था कि छात्रा के साथ रेप हुआ है और फिर उसकी नृशंसता से हत्या कर दी गई।

इस मामले में कॉलेज और पुलिस प्रशासन पर शुरुआत में ढिलाई बरतने के के आरोप हैं। मामले में हीलाहवाली से क्षुब्ध होकर इसकी जाँच कलकत्ता हाई कोर्ट ने CBI को सौंप दी थी। इस बीच लगातार छात्र इस मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी और न्याय के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। मामले में ममता बनर्जी सरकार पर प्रश्न उठ रहे हैं।

‘तू च$री है, औकात ही क्या है’: डॉक्टर शाहनवाज ने जाटव समाज की नर्स से क्लीनिक में ही किया बलात्कार, बुर्के वाली मेहनाज और जुनैद ने दिया साथ

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक अस्पताल के अंदर वंचित जाति (SC वर्ग) की नर्स से रेप का मामला सामने आया है। जाटव बिरादरी की महिला से बलात्कार का आरोप अस्पताल के डॉक्टर शाहनवाज पर लगा है। मस्जिद के सामने चलने वाले हॉस्पिटल के स्टाफ जुनैद और एक अन्य महिलाकर्मी मेहनाज़ पर भी दुष्कर्म में साथ देने का आरोप लगा है। घटना शनिवार (17 अगस्त, 2024) की है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

यह घटना मुरादाबाद जिले के थाना क्षेत्र ठाकुरद्वारा की है। 18 अगस्त, 2024 (रविवार) को पीड़िता की माँ ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि उनकी 20 वर्षीया बेटी धोबियों वाली मस्जिद के सामने चलने वाले ABM हॉस्पिटल में पिछले 10 महीने से नर्स का काम कर रही है। 17 अगस्त को पीड़िता नाइट ड्यूटी पर शाम 7 बजे अस्पताल गई थी। अस्पताल में अक्सर बुर्के में दिखने वाली एक अन्य स्टाफ मेहनाज़ ने पीड़िता को कुछ जरूरी काम बताते हुए डॉक्टर शाहनवाज के पास जाने के लिए कहा।

पीड़िता ने मना कर दिया तो मेहनाज़ ने फिर से उन्हें डॉक्टर शाहनवाज के अस्पताल के ऊपर बने कमरे में जाने के लिए कहा। इस बार अस्पताल के एक अन्य स्टाफ जुनैद ने भी पीड़िता पर शाहनवाज के पास जाने का दबाव बनाया। आरोप है कि मना करने के बाद मेहनाज़ जबरन पीड़िता को शाहनवाज के कमरे में ले गई। रात में लगभग 12:30 पर कमरा बंद कर दिया गया। इसके बाद शाहनवाज ने पीड़िता से बलात्कार किया। पीड़िता ने विरोध किया और चीखी-चिल्लाई लेकिन न तो आरोपित पर उसका कोई फर्क पड़ा और न ही अन्य किसी ने उसकी मदद की।

बलात्कार के बाद शाहनवाज ने पीड़िता को धमकाते हुए कहा कि अगर कहीं मुँह खोला तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। इसी के साथ उसने चुप रहने के लिए पैसों का भी लालच दिया। आरोपित डॉक्टर ने पीड़िता नर्स का मोबाइल भी अपने पास छिपा लिया। सुबह जब सीनियर नर्स अस्पताल आई तो पीड़िता ने अपने साथ हुआ पूरा घटनाक्रम बताया। इसके बाद सुबह 10 बजे पीड़िता अपने घर पहुँची। इस दौरान पीड़िता की तबियत काफी खराब थी। उन्होंने अपनी माँ आरोपितों की सारी करतूत बता दी।

शिकायत में पीड़िता की माँ ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर शाहनवाज ने उनकी बेटी से कहा, “तू च$री है। तुम लोगों की औकात ही क्या है।” रात भर अपनी बेटी को बंधक बनाने और उसके साथ प्रताड़ना और रेप की शिकायत करते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने शाहनवाज, मेहनाज और जुनैद पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (2), 64, 351 (2) और 127 (2) के साथ SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।