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वायनाड पीड़ितों के लिए सुअर का मांस बेच पैसा इकट्ठा कर रहे कम्युनिस्ट, भड़के मुस्लिम: कहा- ये मजहब की तौहीन, पूछा- फंड के लिए ‘वेश्यावृत्ति चैलेंज’ भी होगा

केरल में वामपंथी छात्र संगठन डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (DYFI) के सुअर का मांस बेचने पर मुस्लिम भड़क गए हैं। उन्होंने इसे उनके मजहब पर प्रहार और ईशनिंदा बताया है। कम्युनिस्ट छात्र संगठन यह मांस वायनाड आपदा के लिए राहत की धनराशि इकट्ठा करने को बेच रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, DYFI ने कासरगोड के राजापुरम इलाके में 10 अगस्त को सुअर का मांस (पोर्क) बेचा था। उसने यह मांस ‘पोर्क चैलेन्ज’ के नाम से बेचा था। इसी तरह 18 अगस्त को भी सुअर का मांस कोठमंगलम में बेचा गया। DYFI का कहना है कि वह इस मांस की बिक्री से जुटाई गई धनराशि का इस्तेमाल वायनाड भूस्खलन आपदा पीड़ितों के लिए करेगा।

DYFI का कहना है कि केरल भर में इसी तरह सुअर का मांस बेच कर पैसा जुटाएगा और उससे वायनाड में 25 घरों का निर्माण दुबारा करवाएगा। DYFI का कहना है कि वह मात्र सुअर का मांस ही नहीं बल्कि और भी समान बेच कर यह धनराशि इकट्ठा करेगा। उसने 7000 लीटर दूध भी बेचा है।

DYFI का पैसे इकट्ठा करने के लिए सुअर मांस बेचने का फैसला केरल के इस्लामी कट्टरपंथियों को रास नहीं आया है। मुस्लिम मौलानाओं का कहना है कि सुअर का मांस बेचना मुस्लिमों की की मजहबी भावनाओं को आहत करना है। एक सुन्नी संगठन के मौलाना ने कहा कि वायनाड त्रासदी में बचने वाले कुछ लोग सुअर का मांस नहीं खाते, ऐसे में यह उनका अपमान है।

सुन्नी मौलाना नासर फैजी कूदाथई ने कहा है कि वायनाड में बचने वाले अधिकांश परिवार मुस्लिम हैं और उनको मुस्लिम होने के नाते सुअर का मांस खाना मना है। मौलाना नासर ने कहा कि यह जानते हुए भी DYFI उनके लिए सुअर का मांस बेच कर पैसा इकट्ठा कर रही है।

एक और मौलाना ने इसका विरोध फेसबुक के जरिए किया और फिर अपना बयान वापस ले लिया। मौलाना जियाउद्दीन फैजी ने लिखा, “मुसलमानों को किसी ऐसे व्यक्ति से मदद स्वीकार करने से मना नहीं किया जाता है जो हराम और हलाल से कमाया गया हो। यह नियम शराब की दुकान के मालिक, बैंक मैनेजर या पोर्क व्यापारी सहित सभी पर लागू होता है।”

मौलाना ने आगे लिखा, “लेकिन यहाँ सवाल यह है कि क्या गरीबों की मदद के लिए हराम चैलेन्ज आयोजित करने की जरूरत भी है। क्या कल को सूदखोरी चैलेन्ज, वेश्यावृत्ति चैलेन्ज, शराब चैलेन्ज और चोरी चैलेन्ज भी आयोजित किए जाएँगे।” बाद में मौलाना ने अपना बयान वापस ले लिया।

मुस्लिमों के DYFI का विरोध करने पर केरल की वामपंथी सरकार मंत्री केटी जलील ने उन्हें आड़े हाथों लिया है। केटी जलील ने कहा, “मुसलमानों के लिए ब्याज भी हराम है। लेकिन सूअर के मांस के ये विरोधी यह क्यों नहीं कहते कि बैंकों द्वारा दिया गया दान हराम है? क्या ब्याज से कमाए पैसे का उपयोग सूअर के मांस खाने से भी बड़ा पाप नहीं है? मुसलमानों के लिए शराब वर्जित है। लेकिन ईसाइयों और हिंदुओं के लिए आस्था से जुड़ी शराब चढ़ाना वर्जित नहीं है। ये लोग नहीं कहते कि शराबी स्वर्ग में नहीं जाएँगे।”

गौरतलब है कि वायनाड में हाल ही में बड़ी भूस्खलन आपदा आई थी। इसके कारण 4 गाँव पूरी तरह से बह गए थे। इस भूस्खलन के कारण लगभग 400 लोगों की मौत हो गई थी। इस आपदा में कई घरों को बड़े स्तर पर नुकसान पहुँचा था। वायनाड में दोबारा से जीवन पटरी पर लाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार प्रयास कर रही है।

कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, खुद CJI चंद्रचूड़ करेंगे सुनवाई: विरोध प्रदर्शन में उतरी बंगाली फिल्म इंडस्ट्री

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या की घटना का सुप्रीम कोर्ट ने रविवार (18 अगस्त, 2024) को स्वतः संज्ञान लिया है। आगामी 20 अगस्त को 3 जजों की बेंच में इस मामले की सुनवाई खुद चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ करेंगे। अन्य न्यायमूर्तियों में जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस ज बी परीदवाला होंगे। शुक्रवार (16 अगस्त 2024) को सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे 2 वकीलों और तेलंगाना के एक डॉक्टर ने चीफ जस्टिस को पत्र लिख कर इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने की माँग उठाई थी।

इस बीच महिला डॉक्टर संग हुई बर्बरता के विरोध में बंगाली फिल्म जगत के लोग भी उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं।

ANI के मुताबिक रविवार को उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप और बाद में हत्या की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले की सुनवाई के लिए 3 जजों की बेंच का गठन किया है। इस बेंच में डी वाई चंद्रचूड़ के अलावा जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस जे बी परीदवाला शामिल रहेंगे। इस मामले की सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तारीख मुकर्रर की गई है। इस मामले से जुड़े सभी पक्षों को अवगत भी करवा दिया गया है।

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट के 2 वकीलों रोहित पांडेय और उज्ज्वल गौर ने एक पत्र लिख कर चीफ जस्टिस से मामले का स्वतः संज्ञान लेने की माँग की थी। पत्र में दोनों वकीलों ने न्यायपालिका को न्याय का अभिभावक और प्रताड़ित हुए हर व्यक्ति की अंतिम उम्मीद बताया था। दोनों वकीलों ने महिला डॉक्टर के साथ हुए घटनाक्रम को असमान्य लिखा था। उनका कहना था कि डॉक्टर अपना जीवन दूसरों को बचाने में ही बिताते हैं ऐसे में जनअपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए इस केस को बेहद संजीदगी से देखा जाना चाहिए।

इन 2 वकीलों के अलावा तेलंगाना के आर्मी कॉलेज ऑफ़ डेंटल सर्विसेज की महिला डॉक्टर मोनिका सिंह ने भी चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने कोलकाता की घटना के बाद डॉक्टरों में डर का माहौल बताते हुए अस्पतालों की सुरक्षा में केंद्रीय बलों को तैनात करने की माँग उठाई थी। इसी पत्र में डॉक्टर मोनिका ने पूरे देश में मौजूद मेडिकल संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराए जाने की माँग भी की है। अंत में चीफ जस्टिस से मामले का स्वतः संज्ञान लेने की आशा जताई गई थी।

बंगाली फिल्म जगत के लोग भी उतरे विरोध-प्रदर्शन में

इस बीच 9 अगस्त, 2024 को कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या की घटना के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों में अब पश्चिम बंगाल के फिल्म जगत के लोग भी उतर आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 18 अगस्त (रविवार) को कोलकाता में हुए प्रदर्शन में अदाकार पाउली दाम, परमब्रता चटर्जी, शाश्वत चटर्जी, अबीर चटर्जी और अंकुश हजारा भी शामिल हुए। इनके साथ डायरेक्टर कौशिक गांगुली, शिबो प्रसाद मुखोपाध्याय, अर्जुन दत्ता और श्रीजीत मुखर्जी भी शामिल थे।

सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में हुए इस प्रदर्शन में ‘रे एक्लाई स्वर, जस्टिस फॉर आर जी कर’ के नारे लगाए गए। इसका हिंदी में अर्थ है कि हमारी एक ही माँग है कि पीड़िता को न्याय मिले। अभिनेत्री पाउली दाम ने इस मौके पर कहा कि वो खामोश नहीं बैठ सकती हैं और अब आवाज उठाना ही होगा क्योंकि एक महिला डॉक्टर का रेप कर के हत्या कर दी गई है। यह जुलूस उत्तरी कोलकाता के खन्ना क्रॉसिंग से शुरू हो कर श्यामबाजार मेट्रो स्टेशन पर जा कर समाप्त हुआ।

बुशरा हुसैन बनीं ‘वर्षा वाल्मीकि’, मंदिर में दलित युवक गोलू को चुना जीवनसाथी: अब्बू के टॉर्चर से प्रताड़ित होकर छोड़ा था घर, हवन कर लगाया ‘जय श्री राम’ का नारा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक मुस्लिम लड़की ने इस्लाम छोड़ कर हिन्दू धर्म में घर-वापसी की है। लड़की का नाम बुशरा हुसैन है। बुशरा अब वर्षा वाल्मीकि नाम से जानी जाएँगी। उन्होंने मंदिर में विधि-विधान से अपना शुद्धिकरण करवाया और दलित समुदाय के हिन्दू युवक गोलू वाल्मीकि से वैदिक रीति से विवाह किया। इस मौके पर बजरंग दल के सदस्यों ने लड़की के परिजनों द्वारा होने वाले विधि-विधान निभाए। बुधवार (14 अगस्त) को हुई इस शादी के बाद बुशरा अपने पति के साथ ख़ुशी-ख़ुशी ससुराल चली गईं।

बुशरा ने एक वीडियो जारी कर के अपने परिवार से अपनी सुरक्षा करने के लिए पुलिस के तत्कालीन SHO और बजरंग दल को धन्यवाद भी किया है।

यह मामला मुरादाबाद जिले के थाना क्षेत्र भगतपुर का है। यहाँ के गाँव सकटपुरा में रहने वाले ज़ाहिद हुसैन और अकबरी बेगम की बेटी बुशरा का इसी थानाक्षेत्र के निवासी दलित समुदाय (SC वर्ग) के गोलू से काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। गोलू भी मुरादाबाद के ही भगतपुर थाना क्षेत्र का निवासी है जो मेहनत-मजदूरी कर के अपना परिवार पालता है। बुशरा और गोलू के अफेयर की खबर उनके परिजनों को लगी। तब बुशरा के अब्बा और अन्य परिजनों ने उसे काफी प्रताड़ित किया।

इसी प्रताड़ना से तंग आ कर लगलभ 5 महीने पहले बुशरा घर छोड़ कर कहीं चली गई। उस समय बुशरा नाबालिग थी। उसकी उम्र लगभग 17 साल और 8 महीने थी। तब उसके अब्बा ने पुलिस में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस मामले की जाँच कर ही रही थी कि लगभग 15 दिनों में बुशरा वापस लौट आई। वह सीधे थाना भगतपुर पर गई और अपने परिजनों द्वारा लगाए गए अपहरण के आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया। बुशरा ने बताया कि वह अपनी मर्जी से कहीं चली गई थी।

आखिरकार तमाम कानूनी प्रावधानों और काउंसिलिंग के बाद बुशरा को उसके परिजनों को सौंप दिया गया था। कुछ दिनों बाद बुशरा अपने साथ किसी अनहोनी की आशंका से डर कर थाने पहुँची। यहाँ उसने अपने परिजनों के ही खिलाफ अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई। पुलिस ने बुशरा को कानूनी प्रावधानों के तहत एक बार फिर से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समक्ष पेश किया। CWC के आगे बुशरा ने फिर से अपने घर जाने से साफ मना कर दिया। मजबूरन CWC ने पुलिस को आदेश दिया कि बुशरा को बालिग़ होने तक लखनऊ स्थित नारी निकेतन में भेज दिया जाए।

इस आदेश का पालन हुआ और बुशरा नारी निकेतन में शिफ्ट कर दी गई। 4 माह तक नारी निकेतन में रहने के बाद जब बुशरा बालिग़ हुई तब वो बाहर आई। यहाँ से वो सीधे अपने प्रेमी गोलू वाल्मीकि के पास पहुँची। गोलू वाल्मीकि और बुशरा ने बजरंग दल से अपनी शादी के लिए मदद माँगी। आखिरकार बुधवार (14 अगस्त) को भगतपुर थानाक्षेत्र के एक मंदिर में दोनों का वैदिक विधि-विधान से विवाह हुआ। इस अवसर पर गोलू के परिजन मौजूद रहे। बुशरा के परिजनों का तमाम क्रिया-कलाप बजरंग दल के सदस्यों ने निभाया।

इस दौरान बजरंग दल पदाधिकारी सुभाष और मंदिर के पुजारी ने नव दम्पति को आशीर्वाद दिया। शादी के दौरान बुशरा ने हवन किया और जय श्री राम का नारा लगाया और हवन किया। इसी स्थान पर बुशरा ने अपना नया नाम वर्षा वाल्मीकि रखा। शादी के बाद वर्षा बनी बुशरा और उनके पति गोलू वाल्मीकि ने एक सामूहिक वीडियो जारी किया है। उन्होंने भगतपुर थानाक्षेत्र के तत्कालीन SHO इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार और बजरंग दल के सदस्यों को अपनी सुरक्षा करने के लिए धन्यवाद बोला है।

बकौल बुशरा अगर पुलिस व हिन्दू संगठन साथ न देते तो उनके परिवार वाले उन्हें बड़ा नुकसान पहुँचा सकते थे। बुशरा ने अपनी नई शादीशुदा जिंदगी में खुद को बेहद खुश बताया है।

मंदिर में माँ चामुंडा की मूर्ति के आगे फेंका मांस, टाइल्स पर बिखेरे खून के छींटे: 2 बुर्कानशीं महिलाओं पर आरोप, हिन्दू संगठनों ने कार्रवाई के लिए उठाई आवाज़

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक हिन्दू मंदिर के अंदर मांस फेंके जाने का मामला सामने आया है। पुलिस में दी गई इस करतूत का आरोप बुर्के वाली 2 महिलाओं और एक अन्य पुरुष पर लगा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने इसे अपनी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली घटना बताया है। बजरंग दल ने मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग उठाई है। पुलिस FIR दर्ज कर के जाँच कर रही है। घटना शुक्रवार (16 अगस्त 2024) की है।

यह मामला मुरादाबाद जिले के थाना क्षेत्र काँठ का है। यहाँ ‘बजरंग दल’ सहित कई अन्य हिन्दू संगठनों ने शुक्रवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि गाँव पैगंबरपुर सुखवासीलाल में चामुंडा माता का मंदिर है जो कि आसपास के हिन्दुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है। देवी माता के साथ यहाँ कई अन्य देवताओं की मूर्तियाँ भी विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठित की गईं हैं। इस मंदिर में हर दिन पूजा-पाठ होने के साथ खास पर्वों पर अच्छी-खासी भीड़ जमा होती है।

शिकायत में बताया गया है कि 16 अगस्त को इस मंदिर में माँ चामुंडा की मूर्ति के ठीक सामने मांस के टुकड़े मिले। यह माँस मुर्गे का बताया जा रहा है। आरोप है कि यह हरकत बुर्का पहने 2 महिलाओं और एक अन्य अज्ञात पुरुष ने की थी। शिकायतकर्ता ने इस हरकत को हिन्दू समाज की धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाली बताया है। इसी के साथ आरोपितों की पहचान करवा के उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है। बताया यह भी गया है कि इस से पहले भी इसी चामुंडा मंदिर से घँटे चोरी हो चुके हैं और मूर्तियों को भी खंडित किया जा चुका है।

घटना के बाद मंदिर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मंदिर के मुख्य द्वार पर माँस के टुकड़ों सहित टाइल्स पर खून देखा जा सकता है। मुरादाबाद पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ इस मामले की FIR दर्ज कर ली है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस के मुताबिक केस दर्ज कर के मामले में जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

मजहबी अत्याचार के शिकार 188 पाकिस्तानी हिन्दुओं को मिली भारतीय नागरिकता, बोले अमित शाह – पड़ोसी मुल्कों में किसी भी अल्पसंख्यक नहीं होने देंगे प्रताड़ित

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में रविवार (18 अगस्त, 2024) को गुजरात के अहमदाबाद में 188 पाकिस्तानी हिन्दुओं को भारत की नागरिकता दी गई। इस अवसर पर उन्होंने कॉन्ग्रेस को आड़े हाथों लिया और CAA (नागरिकता संशोधन कानून) के खिलाफ मुस्लिमों को भड़काने का आरोप लगाया। कॉन्ग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि धर्म के आधार पर हुए विभाजन से उठे मुद्दे भुलाए नहीं जा सकते है। इस अवसर पर शरणार्थी हिन्दुओं ने ‘वन्दे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष किया।

पाकिस्तान में मज़हबी अत्याचार के शिकार 188 शरणार्थी हिन्दुओं को नागरिकता देने के इस कार्यक्रम में अमित शाह के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित राज्य के कई अन्य मंत्री मौजूद थे। उस अवसर को अपने लिए बेहद भावुक पल बताते हुए अमित शाह ने CAA कानून की उपलब्धियाँ गिनाईं। उन्होंने CAA को न्याय और अधिकार देने वाला कानून बताया। अमित शाह ने कहा कि कॉन्ग्रेस के शासन काल में पाकिस्तान में प्रताड़ित हिन्दू, सिख, जैन और बौद्ध जब जैसे-तैसे जब भारत में आते थे तो यहाँ भी उनको परेशान किया जाता था।

केंद्रीय गृहमंत्री ने भारत को एकलौता देश बताया जिसे धर्म के आधार पर बाँटा गया है। उन्होंने बताया कि भारत आए शरणार्थी पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अपने साथ हुए अत्याचार को कभी भूल नहीं सकते क्योंकि उनके परिवार तक उजड़ गए। अमित शाह के अनुसार तब दंगों में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिन्दुओं ने जो झेला उतनी पीड़ादायक दुनिया में कोई और घटना नहीं है। उनका आरोप है कि शरणार्थी हिन्दुओं को कॉन्ग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने अपने वोट बैंक न खोने के डर से नागरिकता नहीं दी थी। इस राजनीति को अमित शाह ने ‘सबसे बड़ा पाप’ की संज्ञा दी।

अमित शाह ने कॉन्ग्रेस के तमाम नेताओं से पूछा कि शरणार्थी हिन्दुओं का क्या दोष था। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस की उन्हीं सरकारों ने करोड़ों घुसपैठियों को देश में घुसने दिया। CAA को कॉन्ग्रेस की गलतियों का सुधार बताते हुए अमित शाह ने इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूत इच्छाशक्ति का प्रमाण बताया। CAA के खिलाफ कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने कहा कि मुस्लिमों को भड़काया गया। अंत में उन्होंने कहा कि CAA किसी की नागरिकता लेने वाला नहीं बल्कि शरणार्थियों को नागरिकता देने वाला कानून है।

इस अवसर पर अमित शाह ने CAA को ले कर फैलाई जा रहीं तमाम अफवाहों का भी खंडन किया। नागरिकता पाने वाले सभी शरणार्थी हिन्दुओं को उन्होंने ‘माँ भारती का परिवार’ बताया। उन्होंने कहा कि कभी बांग्लादेश में रहने वाले 27% हिन्दुओं की आबादी अब न के बराबर इसलिए हो गई क्योंकि वहाँ जबरन धर्म-परिवर्तन करवाया गया। बकौल अमित शाह, पड़ोस के किसी भी देश में रहने वाले अल्पसंख्यक को प्रताड़ित नहीं होने देगी और साथ ही भारत में आने के बाद उनके सम्मान की रक्षा भी करेगी।

जहाँ ‘भीम आर्मी’ का नेता दे रहा था भारत को बांग्लादेश बनाने की धमकी, वहीं दलित छात्रा के सीने पर हाथ रख यौन शोषण: सलीम, फैज़ान, आमिर, अरमान और अकबर ने घेरा

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में दलित समुदाय की एक नाबालिग लड़की से छेड़खानी और अश्लील हरकतें करने का मामला सामने आया है। इस मामले में सलीम, आमिर, अरमान, फैज़ान और अकबर को नामजद आरोपित बनाया गया है। इन सभी ने पीड़िता को इस्लाम कबूल करवाने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा विरोध करने के बाद आरोपितों ने उसे तमंचे से डराया-धमकाया। घटना शनिवार (17 अगस्त, 2024) की है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर आमिर और सलीम को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

खास बात ये है कि इसी जिले में भीम आर्मी से जुड़ा एक नेता भारत को बांग्लादेश बनाने की धमकी देने के आरोप में पकड़ा गया है।

यह मामला बरेली के थाना क्षेत्र आँवला का है। यहाँ शनिवार को 16 वर्षीया नाबालिग पीड़िता के भाई ने पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में बताया गया है कि 17 अगस्त को पीड़िता अपनी परीक्षा संबंधी जानकारी लेने पास के ही एक जनसेवा केंद्र पर गई थी। तभी रास्ते में उसे सलीम, फैज़ान, आमिर, अरमान और अकबर ने उसे घेर लिया। इन्होंने पीड़िता के सीने पर हाथ मारा और अश्लील हरकतें करने लगे। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो आमिर तमंचा निकल कर जान से मार डालने की धमकी देने लगा।

आरोप है कि आमिर ने पीड़िता के सीने पर तमंचा रखा और कहा, “तेरा धर्म-परिवर्तन करवा के तुझे मुस्लिम बना दूँगा और तूने कुछ किया तो आँवला को बांग्लादेश बना दूँगा।” आरोपितों से डर कर पीड़िता शोर मचाने लगी तो आसपास से लोग जुटने लगे। लोगों को आता देख कर पाँचों आरोपित हाथों में तमंचा लहराते हुए मौके से फरार हो गए। पीड़ित भाई ने अपनी बहन के साथ हुई प्रताड़ना पर अकबर, सलीम, फैज़ान, अरमान और आमिर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

पुलिस ने इस शिकायत पर पाँचों आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 व 352 के साथ पॉक्सो और SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आमिर और सलीम को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस इन दोनों आरोपितों से हथियार बरामद करवाने मकबरा के पास पहुँची तब इन्होने भागने का प्रयास किया। इसी कोशिश में इन्होने छिपा कर रखे गए हथियार से पुलिस पर गोलियाँ भी बरसानी शुरू कर दीं।

आख़िरकार आत्मरक्षा में पुलिस को भी गोलियाँ चलानी पड़ी। गोलियाँ आमिर और सलीम के पैरों में लगीं और वो दोनों घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस पर हुए हमले की अलग से FIR दर्ज की जा रही है। यह FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 262 व 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट के सेक्शन 25/27 के तहत दर्ज हुई है। फ़िलहाल पुलिस अरमान उर्फ़ अंटा, फैज़ान और अकबर की तलाश में दबिश दे रही है। मामले में अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई अमल में लई जा रही है।

भीम आर्मी वाला दे रहा भारत को बांग्लादेश बनाने की धमकी

जहाँ एक तरफ बरेली में मुस्लिम समुदाय के 5 युवकों ने नाबालिग दलित लड़की से छेड़खानी की और इस्लाम कबूल करने के लिए कहा तो वहीं इसी जिले में भीम आर्मी का पदाधिकारी भी भारत को बांग्लादेश बनाने की धमकी दे रहा था। धमकी देने वाले आरोपित का नाम रवि कुमार है जो भीम आर्मी एकता मिशन का बरेली से पदाधिकारी है। उसने अपने एक ट्वीट में लिखा, “दलित महिलाओं पर आज़ाद भारत में शोषण रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

केंद्र सरकार खान खोल कर सुन ले। जब जुल्म की हद होती है तो एक नई क्रान्ति जन्म लेती है। जिस दिन अम्बेडकरवादी गुस्सा हो गया उस दिन मुस्लिम तो नहीं अंबेडकरवादी जरूर इस देश को बांग्लादेश बना देगा।”

इस मामले में बरेली के ही अलीगंज थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर मिथलेश गुप्ता की तहरीर पर FIR दर्ज हुई है। शनिवार (17 अगस्त, 2024) को FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353 (2) के तहत दर्ज हुई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। आरोपित रवि कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस इस मामले में भी आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

घास काटने गई बच्ची से नदीम ने साथियों संग किया गैंगरेप, पंचायत ने सुनाया ₹2000 में मामले को रफ़ा-दफ़ा करने का फरमान, अब तक मिल रही है धमकी

बिहार के दरभंगा में 13 साल की एक बच्ची से गैंगरेप का मामला सामने आया है। इस मामले में मोहम्मद नदीम सहित कुल 4 आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोपितों ने पीड़िता को चाकू दिखा कर सामूहिक बलात्कार किया था। आरोपित फरार हैं जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। लगभग 10 दिन पुरानी इस घटना को कुछ लोगों द्वारा समझौते के नाम पर दबाने का प्रयास किया गया था। स्थानीय थाने की पुलिस पर भी कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगा है। घटना शनिवार (3 अगस्त, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना दरभंगा के थाना क्षेत्र बड़ागाँव की है। यहाँ के एक गाँव में 3 अगस्त, 2024 को 13 साल की एक नाबालिग लड़की पशुओं के लिए घास काटने सहेली के साथ खेतों में गई थी। वापसी में उसका गट्ठर खुल गया तो उसने सहेली से अपनी माँ को भेजने की बात कहते हुए भेज दिया। लड़की को अकेला देख कर मोहम्मद नदीम अपने 3 साथियों के साथ वहाँ पहुँचा। उसने पीड़िता को चाकू दिखाया और घसीट कर दूर बगीचे में ले गया। यहाँ चारों ने बारी-बारी पीड़िता से गैंगरेप किया।

रेप के दौरान पीड़िता ने चीखने का प्रयास किया तो उसके मुँह को गमछा रख कर बंद कर दिया गया। नाबालिग को कोल्डड्रिंक में नशा भी दिया गया। रेप के बाद आरोपितों ने लड़की को बेहोशी की हालत में सड़क के किनारे छोड़ दिया। कुछ स्थानीय लोगों ने पीड़िता को जैसे-तैसे उसके घर पहुँचाया। बताया जा रहा है कि लड़की के परिजनों ने 4 अगस्त को इस मामले की सूचना गाँव के पंचायत को दी। पंचायत ने फैसला खुद करने की बात करते हुए नाबालिग के घर वालों को 2000 रुपए ले कर मामले को रफा-दफा करने के लिए कहा।

पंचायत में आरोपितों का पक्ष लिया गया। पंचायत के इस फैसले के बाद 3 दिन तक पीड़िता के परिवार वाले चुप रहे। हालाँकि, उन्हें यह फैसला मंजूर नहीं था जिसके चलते उन्होंने 7 अगस्त (बुधवार) को थाना बड़ागाँव में नदीम व 3 अन्य अज्ञात सहित 4 शिकायत दर्ज करवाई। 8 अगस्त को पुलिस और FSL की टीम गाँव में पहुँची और जाँच पड़ताल शुरू की। आरोप है कि थाना स्तर पर पुलिस ने भी कार्रवाई में ढिलाई बरती और 4 दिनों तक पीड़िता का मेडिकल टेस्ट नहीं करवाया। परिजनों के मुताबिक 2 दिनों तक बेहोश रही पीड़िता के गले पर खरोंच के निशान थे और गुप्तांग में सूजन आ गई थी।

पुलिस पर लगे आरोपों पर दरभंगा की एसपी ग्रामीण काव्या मिश्रा ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि 9 अगस्त को पीड़िता और उसकी माँ को थाने बुलाया गया लेकिन अगले 2 दिन शनिवार और रविवार पड़ जाने की वजह से उन्हें वहीं रख लिया गया। सोमवार (12 अगस्त, 2024) को कोर्ट के समक्ष पीड़िता के 164 के बयान दर्ज हुए। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी करवाया गया है जिसमें अल्ट्रासॉउन्ड भी शामिल है। हालाँकि दरभंगा के एसएसपी IPS जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने थाना स्तर पर लापरवाही होने की बात स्वीकारी है। उन्होंने कहा कि वो इसकी जाँच करवा के दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई करेंगे।

पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। नामजद आरोपित और पीड़िता एक ही समुदाय के हैं। पीड़िता के गाँव के मुखिया ने अपनी सफाई में कहा है कि पंचायत स्तर पर 2 दिन तक आरोपितों की पहचान के प्रयास किए जा रहे थे। उन्होंने आगे बताया कि 2 दिनों में पीड़िता को कई तस्वीरें दिखा का एक आरोपित की पहचान की गई थी। हालाँकि, पीड़िता के घर वालों का आरोप है कि रसूखदार आरोपितों से उन्हें केस वापस लेने की धमकियाँ मिल रहीं हैं।

ममता बनर्जी की कोलकाता पुलिस ने TMC सांसद सुखेंदु शेखर को ‘गलत जानकारी’ का भेजा नोटिस: RG कर हॉस्पिटल रेप मामले में जाँच पर लिखा था पोस्ट

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल महिला डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या के मामले में फेक न्यूज फैलाने का आरोप लगाकर कोलकाता पुलिस ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे को नोटिस भेजा है। दरअसल, सुखेंदु ने CBI से कोलकाता पुलिस आयुक्त और आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर पूछताछ की माँग की थी।

सुखेंदु शेखर रे ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट किया था। इसमें इस भयावह अपराध की जाँच को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। उन्होंने दावा किया था कि घटना के 3 दिन बाद घटनास्थल पर खोजी कुत्ते का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इस देरी का कारण पूछा। उन्होंने यह भी सवाल किया कि मुख्य आरोपित संजय रॉय को किसके संरक्षण में इतना शक्तिशाली बना था।

सुखेंदु शेखर रे की पोस्ट

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “सीबीआई को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए। पूर्व प्रिंसिपल और पुलिस कमिश्नर को हिरासत में लेकर पूछताछ करना ज़रूरी है, ताकि पता चल सके कि आत्महत्या की कहानी किसने और क्यों फैलाई। हॉल की दीवार को क्यों ढहाया गया। इस तरह के सैकड़ों प्रश्न है, जो पूछा जाना चाहिए।”

पुलिस ने कहा कि सुखेंदु शेखर रे का यह दावा कि अपराध स्थल पर तीन दिन बाद खोजी कुत्तों को भेजा गया था, ‘गलत सूचना’ है। कोलकाता पुलिस ने कहा, “यह जानकारी कि खोजी कुत्ता तीन दिन बाद भेजा गया, पूरी तरह से गलत है। खोजी कुत्ता दो बार भेजा गया था, 9 तारीख को और फिर 12 (अगस्त) को। सुखेंदु शेखर रे को बीएनएस की धारा 35(1) के तहत नोटिस भेजा गया है।”

इससे पहले सुखेंदु शेखर इस घटना के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे और पार्टी की नराजगी मोल ली थी। अब उनके पोस्ट से वे TMC नेता भड़क गए हैं। TMC के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने डॉक्टर रेप-मर्डर केस में कोलकाता के पुलिस आयुक्त से पूछताछ की माँग करने पर सुखेंदु शेखर रे की आलोचना की और कहा कि वे इस माँग का पुरजोर विरोध करते हैं।

कुणाल घोष ने दावा किया कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल ने इस मामले में अपनी तरफ से पूरी कोशिश की और वह खुद इस मामले को सँभाल रहे हैं। TMC नेता घोष ने आगे कहा कि इस तरह की पोस्ट, वह भी एक वरिष्ठ पार्टी नेता की तरफ से, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उल्लेखनीय है कि कुणाल घोष ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का बचाव नहीं किया। यहाँ बताना जरूरी है कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामले को ठीक से नही सँभालने और भीड़ को अस्पताल में तोड़फोड़ करने की अनुमति देने के लिए पुलिस की कड़ी आलोचना की है। अदालत ने पुलिस को इस बात के लिए भी आड़े हाथों लिया कि वह भीड़ से खुद को भी नहीं बचा पाई।

उल्लेखनीय है कि अस्पताल में तोड़फोड़ करने के आरोप में कई टीएमसी समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। भीड़ तीसरी मंजिल पर स्थित सेमिनार रूम में जाना चाहती थी, जहाँ पीड़िता का शव मिला था। हालाँकि, मंजिल संख्या को लेकर भ्रम के कारण उन्होंने दूसरी मंजिल पर तोड़फोड़ की। वहीं, पुलिस बाथरूम में और विरोध कर रहे मेडिकल छात्रों के पीछे छिपी हुई थी।

सिराज अहमद की छेड़खानी से तंग आकर कक्षा 9 की छात्रा ने अपनी ही गर्दन पर चलाया धारदार हथियार, वायरल वीडियो देखने के लिए कलेजा चाहिए

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में मुस्लिम युवक द्वारा आए दिन की जा रही छेड़खानी से तंग आकर एक लड़की ने खुद की गर्दन काटने का प्रयास किया है। आरोपित का नाम सिराज अहमद है, जिसको लोगों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है। गंभीर हालत में पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना शुक्रवार (16 अगस्त 2024) की है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना सीधी जिले के थानाक्षेत्र चुरहट में आने वाले सेमरिया की है। यहाँ शुक्रवार को कक्षा 9 में पढ़ने वाली पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में तहरीर दी है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि कुछ दिनों पहले एक शादी समारोह में पीड़िता और आरोपित की मुलाकात हुई थी। इसी दौरान सिराज अहमद ने पीड़िता का नंबर ले लिया। वह अक्सर पीड़िता को कॉल करने लगा। साथ ही सिराज लड़की के गाँव और स्कूल के आए दिन चक्कर लगाने लगा। रास्ते में वह लड़की को परेशान करते हुए फब्तियाँ कसता था।

लड़की द्वारा कई बार मना करने के बावजूद सिराज की हरकतों में कोई सुधार नहीं हुआ। धीरे-धीरे आरोपित की हरकतें बढ़ने लगीं और वो पीड़िता के स्कूल में घुस कर बदतमीजी करने लगा। शुक्रवार को भी आरोपित ने यही हरकत दोहराई। आखिरकार परेशान होकर पीड़िता स्कूल से बाहर निकली। उसने बाहर निकल कर जूता बनाने वाले एक दुकानदार के यहाँ से धारदार हथियार उठाया और अपनी ही गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर डाले। छात्रा की सहेलियों ने पीड़िता को रोकने की काफी कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहीं।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में अपनी गर्दन पर कई वार करने के बाद आखिरकार पीड़िता जमीन पर गिर पड़ीं। अन्य छात्राओं ने अपनी सहेली को संभालने का प्रयास किया। पीड़िता को आसपास के लोगों ने अस्पताल में भर्ती करवाया है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

स्कूल के बाहर मौजूद लोगों ने सिराज अहमद को दौड़ा कर पकड़ लिया। पकड़े जाने पर सिराज अहमद हाथ पैर जोड़ कर भागने की फिराक में था। पुलिस बुला कर आरोपित को सौंप दिया गया। पीड़िता के परिजनों की शिकायत के आधार पर सिराज को BNS (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।

साबरमती एक्सप्रेस बेपटरी मामले में आतंकी साजिश, जाँच के लिए पहुँची ATS: रेल पटरी के टुकड़े को ट्रैक पर रखा गया, पेंच और गार्टर से कसा गया, वेल्डिंग के भी निशान

कानपुर में साबरमती एक्सप्रेस (19168) के 22 डिब्बे पटरी से उतरने के मामले में आतंकी साजिश की आशंका बढ़ती जा रही है। जिस तरह से पटरी से छेड़खानी की गई थी, उससे लगता है कि ट्रेन को पलटने और अधिक-अधिक लोगों को हताहत करने का साजिश थी। हालाँकि, ट्रेन पटरी से उतरी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। इस मामले में अब IB के बाद अब ATS भी जाँच में जुड़ गई है।

इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के बाद अब एंट्री टेररिस्ट स्कवॉयड (ATS) की टीम जाँच के लिए कानपुर पहुँची है। इस मामले में जूही के सीनियर सेक्शन इंजीनियर महेंद्र प्रताप सिंह सिसोदिया ने पनकी थाने में FIR दर्ज कराई है। FIR में कहा गया है कि ट्रैक पर पटरी का टुकड़ा रखा गया था। इसकी टक्कर के बाद ट्रेन पटरी से उतरी। रेल मेंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी यही बात कही थी।

हादसे के बाद वैष्णव ने कहा था कि ट्रेन का इंजन पटरी पर रखी किसी भारी चीज से टकराया था। इंजन पर टकराने के निशान हैं और IB अपना काम कर रही है। वहीं, रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि साजिश का शक इसलिए भी है कि साबरमती एक्सप्रेस के आने से 1 घंटा 20 मिनट पहले इसी ट्रैक से पटना एक्सप्रेस गुजरी थी। उस समय लाइन क्लीयर थी।

FIR में कहा गया है कि साबरमती एक्सप्रेस वाराणसी से अहमदाबाद जा रही थी। इसे लोको पायलट एपी बुंदेला चला रहे थे। 17 अगस्त की रात ट्रेन 2.27 बजे गोविंदपुरी-भीमसेन स्टेशन के पास पहुँची। 1338/21-19 KM पॉइंट पर मध्य अप लाइन में भारी वस्तु दिखाई दी। देखते ही लोको पायलट/सह लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन भारी वस्तु इंजन के कैटल गार्ड से टकरा गई।

टक्कर के कारण कैटल गार्ड मुड़ गया। इसके अलावा आगे के पहिए और 22 बोगी पटरी से उतर गए। लोको पायलट ने झाँसी कंट्रोल रूम को 2.30 बजे इसकी सूचना दी। वहाँ पुरानी रेल का टुकड़ा मिला।इसमें फ्रेश हीटिंग के निशान मिले। इससे लगता है कि पटरी से उतारने के लिए लोहे के टुकडे़ को ट्रैक पर रखा गया था। आशंका है कि रेल का टुकड़ा ट्रैक पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने रखा।

मौके पर 2-3 पटरी के टुकड़े (बोल्डर) मिले थे। यही बोल्डर रेलवे ट्रैक पर रखे गए थे। इन बोल्डर को पेंच और गार्डर से कसा गया था, ताकि ट्रेन के झटके से यह निकले नहीं और ट्रेन इनके ऊपर से तेजी से गुजरकर बेपटरी हो जाए और अधिकतम तबाही हो। हालाँकि, ट्रेन की स्पीड 80-90 किलोमीटर प्रतिघंटे थी और लोको पायलट ने संदेहास्पद वस्तु को देखकर इमरजेंसी ब्रेक मारी थी।

वहीं, एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जब भी कोई ट्रेन पटरी से उतरती है तो एटीएस मौके पर पहुँचकर अपने स्तर पर जाँच करती है। एटीएस को साबरमती एक्सप्रेस हादसे की रिपोर्ट जल्द से जल्द लखनऊ मुख्यालय को सौंपेने के लिए कहा गया है। फिलहाल, लोहे की पटरी रखने वाले लोगों की पहचान के लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं।