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5 साल में कनाडा में 172 भारतीय छात्रों ने गँवाई जान: संसद में केंद्र सरकार ने बताया – विदेश में 633 छात्रों की मौत

भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार (26 जुलाई 2024) को लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में बताया कि पिछले पाँच वर्षों में 41 देशों में कम-से-कम 633 भारतीय छात्रों की मौत हुई है। केरल के सांसद कोडिकुन्निल सुरेश द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि भारतीय छात्रों की सबसे अधिक मौैत कनाडा में हुई है। यहाँ 172 छात्रों की मौत हुई है।

विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लिखित उत्तर में कहा कि विदेश में भारतीय छात्रों की मृत्यु ‘प्राकृतिक कारणों, दुर्घटनाओं, चिकित्सा आपात स्थितियों’ सहित कई कारणों से हुई है। कनाडा के बाद सबसे अधिक भारतीय छात्रों की मौत अमेरिका (108), फिर यूके (58), ऑस्ट्रेलिया (57), रूस (37) और जर्मनी (24) में हुई है। पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी एक छात्र की मौत की खबर है।

विदेशों में भारतीय छात्रों पर हमलों के सवाल पर मंत्री ने कहा कि विदेशों में भारतीय मिशनों/केंद्रों के पास उपलब्ध आँकड़े बताते हैं कि हाल के दिनों में भारतीय छात्रों पर हिंसक हमलों में वृद्धि नहीं हुई है। विदेशों में हिंसा/हमले के कारण मरने वाले छात्रों के कुल संख्या 19 है। इनमें सबसे अधिक कनाडा में 9, अमेरिका में 6 तथा आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, चीन और किर्गिस्तान में एक-एक मौत शामिल है।

उन्होंने कहा कि विदेश में भारतीय मिशन/पोस्ट द्वारा अप्रिय घटनाओं के मामलों को तुरंत मेजबान देश के संबंधित अधिकारियों के साथ उठाया जाता है, ताकि अपराधियों को दंडित किया जाए। आपात स्थिति या संकट की स्थिति में विदेश में भारतीय मिशन/पोस्ट संकटग्रस्त/फँसे भारतीय छात्रों को भोजन, आश्रय, दवाइयाँ प्रदान करने में मदद करते हैं।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि संकटग्रस्त या विदेशों में फँसे भारतीयों की जल्द-से-जल्द वापसी/निकासी सुनिश्चित किया जाता है। हाल ही में दुनिया भर के देशों में फँसे भारतीय छात्रों को वंदेभारत मिशन, ऑपरेशन गंगा (यूक्रेन) और ऑपरेशन अजय (इज़राइल) के माध्यम से भारत लाया गया। बांग्लादेश से कई भारतीय छात्रों की वापसी भी भारतीय उच्चायोग ने सुगम बनाया है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस साल तक विदेशों में अध्ययनरत करने वाले भारतीय छात्रों की कुल संख्या 13.30 लाख है। पिछले तीन वर्षों में विदेश में अध्ययन करने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। साल 2022 में यह संख्या 7.5 लाख थी, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 9.3 लाख और अब 13.33 लाख हो गई है।

देश-वार आँकड़ों के अनुसार, विदेश में अध्ययन करने वाले छात्रों में सबसे अधिक छात्र कनाडा में पढ़ाई करते हैं। इनकी संख्या 4.27 लाख है। इसके बाद अमेरिका में 3.37 लाख, ब्रिटेन में 1.85 लाख, ऑस्ट्रेलिया में 1.22 लाख, जर्मनी में 42997, यूएई में 25000 और रूस में 24940 छात्र अध्ययन कर रहे हैं। कम-से-कम 8580 भारतीय छात्र चीन (हांगकांग सहित) में पढ़ाई कर रहे हैं।

वहीं, 7300 छात्र न्यूजीलैंड में, 2134 नेपाल में, 2000 सिंगापुर में, 1532 जापान में और 1020 ईरान में पढ़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि कम-से-कम 14 भारतीय छात्र पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी पढ़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के जवाब से पता चलता है कि युद्धग्रस्त यूक्रेन में 2510 भारतीय छात्र अभी भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

न रहेगी अग्निपथ न मिलेगा अग्निवीरों को आरक्षण: अखिलेश यादव का इरादा साफ, ऐलान कर बोले- सत्ता में आते ही ये योजना 24 घंटे में रद्द करेंगे

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अग्निवीरों को प्रदेश पुलिस में आरक्षण देने के ऐलान के बाद अब समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का बयान सामने आया है। अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि अगर वो सत्ता में आए तो अग्निपथ योजना को खत्म कर देंगे।

अपने ट्वीट में अखिलेश यादव ने कहा, “सत्ता में आते ही 24 घंटे में रद्द होगी, देश के सुरक्षा से समझौता करनेवाली और सैनिकों के भविष्य से खिलवाड़ करनेवाली अल्पकालिक ‘अग्निवीर’ सैन्य भर्ती। ‘अग्निवीर’ पर यही माँग हमारी। पुरानी भर्ती की फिर हो बहाली।”

उन्होंने अवधेश सिंह की वीडियो को शेयर करते हुए ये ऐलान किया। वीडियो में अवधेश सिंह कहते दिखाई दे रहे हैं कि पीएम मोदी कहते हैं कि अग्रिवीर को लेकर विपक्ष गुमराह कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि शुरुआत उन्होंने की है। इतना दिन बीत गया था कि किसी ने केवल 4 साल के लिए व्यवस्था नहीं की थी। उन्होंने ही की।

अवधेश सिंह आगे बोले अग्निवीर योजना से युवाओं का मनोबल गिरा है। उनके मन में सवाल हैं चार साल बाद वो क्या करेगा। उनकी इनकाम का सोर्स क्या होगा। इस वीडियो में अवधेश सिंह कहते दिख रहे हैं कि सरकार आने के 24 घंटे के भीतर वो अग्निवीर योजना को वापस लेंगे। सुई की घड़ी इधर-उधर हो सकती है, उनकी बात नहीं।

बता दें कि 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर पीएम मोदी कारगिल पहुँचे थे। वहाँ उन्होंने कारगिल के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद यूपी के सीएम ने ऐलान किया कि सेवानिवृत्त अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश पुलिस और पीएसी बल (प्रादेशिक आर्म्‍ड कांस्टेबुलरी) में महत्व (वेटेज) दिया जाएगा। मालूम हो कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और गुजरात सरकार ने सेना के अग्निवीरों को राज्य पुलिस की भर्ती में आरक्षण देने की घोषणा की है। वहीं उत्तराखंड और हरियाणा में पहले रिजर्वेशन का ऐलान हो चुका है।

नंग-धड़ंग बुजुर्ग, विशालकाय शरीर वाली महिला, उलटे-पुलटे जेंडर वाले जीव… ‘Woke’ वायरस ने जीसस क्राइस्ट को भी नहीं छोड़ा, पेरिस ओलंपिक का विरोध कर रहे ईसाई

फ्रांस की राजधानी पेरिस में चल रहा 2024 के ओलंपिक खेलों की ओपनिंग सेरेमनी विवादों का विषय बन गई है। ईसाई आरोप लगा रहे हैं कि इसमें उनके मजहब का मजाक बनाया गया है। बता दें कि ओलंपिक के ओपनिंग कार्यक्रम में जीसस क्राइस्ट के ‘The Last Supper’ को रिक्रिएट किया गया, लेकिन एकदम Woke तरीके से। अत्याधुनिक Wokeism को बढ़ावा देने वाला पश्चिमी जगत अब खुद इससे जूझ रहा है, जिसे दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क भी दिमागी वायरस बता चुके हैं।

‘मोनालिसा’ वाली पेंटिंग के लिए मशहूर लियोनार्डो डा विंसी ने ही ‘द लास्ट सपर’, अर्थात ‘अंतिम भोज’ के क्षण को अपनी कला के जरिए उकेरा है। ये एक ऐतिहासिक पेंटिंग है। इसमें जीसस को अपने 12 अनुयायियों के साथ देखा जा सकता है, जहाँ वो येरुशलम स्थित माउंट सियोन में उनके साथ भोजन कर रहे हैं। इस जगह को ‘The Upper Room’ के नाम से भी बुलाया जाता है। यहाँ भोजन करने के बाद जीसस के साथ उनके ही एक अनुयायी ने धोखेबाजी की और उन्हें शूली पर लटका दिया गया, जिसे उनके Crucification के रूप में जाना जाता है।

लीज़ चर्चिल नामक ‘X’ इन्फ्लुएंसर ने पेरिस ओलंपिक का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ये शैतानी प्रवृत्ति और बच्चों के यौन शोषण को बढ़ावा देने जैसा है।” वहीं ब्रॉडकास्टर नियाल बॉयलन ने लिखा, “जीसस को एक महिला के रूप में चित्रित किया गया है और उनके अनुयायियों को विपरीतलिंगियों के कपड़े पहनने वाला दिखाया गया है।” उन्होंने पूछा कि क्या इस्लाम को इस तरह दिखाने कि किसी में हिम्मत है? एली डेविड नामक रिसर्चर ने कहा कि एक यहूदी होकर भी उन्हें ये देख कर दुःख हो रहा है।

पेरिस ओलंपिक के ओपनिंग समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रौं अतिथियों के स्वागत के लिए मौजूद रहे। जिस वीडियो को लेकर विवाद है, उसमें देहा जा सकता है कि अत्यधिक चर्बी वाली एक महिला जीसस क्राइस्ट बन कर खड़ी हैं, वहीं एक बुजुर्ग नग्न होकर माइक पर गीत गा रहा है। साथ ही महिलाओं के कपड़े पहने पुरुष भी दिखाई दे रहे हैं। ‘The Last Supper’ के दौरान जीसस ने ब्रेक तोड़ कर अपने अनुयायियों को देते हुए कहा था कि ये उनका शरीर है जो वो लोगों को अर्पण कर रहे हैं, वहीं प्याले में वाइन देते हुए कहा था कि ये उनका रक्त है जो उनके लिए बह रहा है।

एस-400 ‘सुदर्शन’ का दिखा दम: दुश्मनों के हमलावर ‘पैकेज’ का 80% हिस्सा किया साफ, IAF हुई और भी ताकतवर

भारत के सुदर्शन एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम ने शानदार तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया है। सुदर्शन ने अपनी तैनाती के दौरान एक अभ्यास सत्र में दुश्मन के 80 प्रतिशत हमलावर लड़ाकू विमानों, मिसाइलों को मार गिराया, तो 20 प्रतिशत लड़ाकू विमानों को अपने हमले रोककर पीछे हटने को मजबूर कर दिया।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि यह अभ्यास भारतीय वायुसेना द्वारा एक थिएटर में किया गया था, जहाँ सेना ने लंबी दूरी के एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम सुदर्शन के एक स्क्वाड्रन को तैनात किया था। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना द्वारा मिसाइल प्रणाली के बल में पूर्ण एकीकरण को प्रदर्शित करने के लिए यह अभ्यास आयोजित किया गया था। एस-400 मिसाइल सिस्टम एक एकीकृत मल्टीफ़ंक्शन रडार के साथ आता है, जिसमें लक्ष्य की पहचान कर उसे नष्ट करने की ताकत होती है। इसमें एंटी-एयर मिसाइल लांचर और कमांड और कंट्रोल मिसाइल भी शामिल हैं। यह एक स्तरित रक्षा के लिए मिसाइलों को फायर करने में सक्षम है।

बता दें कि भारतीय वायुसेना ने अपने एस-400 हवाई रक्षा प्रणाली का नाम पौराणिक संदर्भ में ‘सुदर्शन’ रखा है। सुदर्शन भगवान कृष्ण का प्राथमिक हथियार है। सुदर्शन एक बार चलने के बाद किसी भी लक्ष्य को पूरी तरह से नष्ट कर देता है। वहीं, भारतीय वायुसेना ने अब इस प्रणाली को पूरी तरह से एकीकृत कर लिया है, जिसके तीन स्क्वाड्रन पहले ही शामिल किए जा चुके हैं और 2026 में दो और की आपूर्ति होने की उम्मीद है। ये सौदा इसी साल पूरा हो जाना था, लेकिन अब इसके अगस्त 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

सुदर्शन के 5 स्क्रॉड्रन की होनी है तैनाती, स्वदेशी-इजरायली मिसाइल भी मिली

गौरतलब है कि भारत ने रूस के साथ 2018-19 में एस-400 के 5 स्क्वॉड्रन के लिए 35,000 करोड़ रुपए से अधिक का समझौता किया था। भारत को तीन स्क्वॉड्रन मिल चुकी हैं, 2 अभी आनी आनी हैं। रूस पिछले 2 साल से यूक्रेन के साथ युद्ध में फंसा हुआ है, जिसकी वजह से एस-400 सिस्टम की डिलीवरी पर भी असर पड़ा है। हालाँकि रूस और भारत के बीच समझौते के मुताबिक, 2026 तक सभी 5 सिस्टम्स की आपूर्ति कर दी गई जाएगी। इस बीच, भारतीय रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में प्रोजेक्ट कुशा के तहत भारतीय लॉन्ग रेंज सरफेस एयर मिसाइल सिस्टम की खरीद को मंजूरी दी है। इसके अलावा स्वदेशी एमआर-एसएएम और आकाश मिसाइल सिस्टम के साथ-साथ इजरायली स्पाइडर क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम भी सेना को मिली हैं।

मटन के नाम पर परोसा जा रहा होटल में कुत्ते का मीट?: अब्दुल रज्जाक के मँगाए 150 कार्टन बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से जब्त, FSSAI करेगी मीट का जाँच

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के रेलवे स्टेशन पर 26 जुलाई को मीट (मांस) के एक बड़े पार्सल को लेकर बवाल हो गया। आरोप है कि मटन (बकरे का मांस) के नाम पर बेंगलुरु के होटलों में कुत्ते के मांस की सप्लाई की जा रही है। हंगामे के बाद मीट के 150 कार्टन जब्त किए गए हैं और उसके सैंपल को जाँच के लिए भेज दिया गया है। वहाँ पर RPF को भी तैनात कर दिया गया है।

दरअसल, जयपुर से मांस का एक बड़ा शिपमेंट बेंगलुरु के KCR सिटी रेलवे स्टेशन पहुँचा था। 26 जुलाई की शाम को यह शिपमेंट जयपुर-मैसूर एक्सप्रेस में आया था। उसमें मीट के 150 कार्टन थे। ‘गोरक्षक’ पुनीथ केरहल्ली और उनके सहयोगियों ने आरोप लगाया कि स्टेशन पर मीट का जो पार्सल उतारा गया है, वह कुत्ते का मांस है। इसके बाद स्टेशन पर खूब हंगामा हुआ।

  मामले की शिकायत मिलने पर BBMP (बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका) के स्वास्थ्य अधिकारी और कॉटनपेट इलाके की पुलिस मौके पर पहुँची। मीट के कार्टन जब्त कर जाँँच के लिए उसके सैंपल लिए गए और उसकी की जाँच के लिए FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) को भेज दी गई है। FSSAI जाँच कर रही है कि यह मीट किस जानवर का है।

आरोप है कि यह कुत्ते का मांस होटलों में सप्लाई होने जा रहा था। इसका कुल वजन लगभग 5,000 किलोग्राम बताया जा रहा है। हालाँकि, अधिकारियों ने इसके 1500 किलोग्राम होने का दावा किया है। प्रारंभिक जाँच में पुलिस को पता चला है कि यह मांस बाजार में 600 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा था, जबकि मटन की कीमत 800 रुपए प्रति किलोग्राम है।

इससे अधिकारियों की शंका बढ़ गई है। मीट का शिपमेंट मँगाने वाले शख्स का नाम अब्दुल रजाक बताया जा रहा है। अब्दुल रज्जाक ने कहा कि इस खेप से संबंधित उसके पास कानूनी दस्तावेज हैं। अब्दुल रज्जाक ने कहा कि जिस किसी को भी शक हो वह मांस के सैंपल में जानवर की पूँछ देख सकता है। अब्दुल रज्जाक ने दावा किया कि ये कुत्ता का मांस नहीं, बल्कि भेड़ का मांस है।

इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के लोग भी मौके पर पहुँच गए और हंगामा किया। हंगामे के देखते हुए वहाँ पुलिस तैनात कर दिया गया है। बता दें कि इससे पहले BBMP को स्थानीय भोजनालयों में परोसे जाने वाले मीट की क्वालिटी को लेकर शिकायत मिली थी। BBMP ने तब FSSAI के साथ मिलकर मामले की जाँच शुरू की थी। 

पुलिस ने की सिर्फ पूछताछ, गिरफ्तार नहीं: हज पर मुस्लिम महिलाओं के यौन शोषण की आवाज उठाने वाले दीपक शर्मा पर कट्टर इस्लामी फैला रहे थे झूठ

विदेशी मीडिया रिपोर्टों में प्रकाशित जानकारी के आधार पर पिछले दिनों हज में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर कुछ सवाल सोशल मीडिया पर उठे थे। लोगों ने ट्वीट करते हुए पूछा था कि आखिर हज पर मुस्लिम महिलाओं के साथ ये सब क्या हो रहा है। इन लोगों में एक नाम दीपक शर्मा का भी था। ऑपइंडिया की तरह, दीपक ने विदेशी मीडिया की रिपोर्ट सीएनएन वर्ल्ड में जो महिलाओं की आपबीती बताई गई थी उसी विवरण के कुछ मुख्य बिंदुओं को साझा करते हुए ये मामला सोशल मीडिया पर उठाया था।

सामान्य लोग जहाँ इस जानकारी के बारे में पढ़कर हैरान हुए तो वहीं कट्टर इस्लामी मानसिकता के लोग ट्वीट पर भड़क गए। उन्होंने दीपक शर्मा के विरुद्ध शिकायत करनी शुरू करनी शुरू कर दी जिसके बाद कल खबर आई कि आंध्र प्रदेश पुलिस दीपक शर्मा को पकड़ने उनके घर पहुँची है। इस खबर को भी कट्टर इस्लामवादियों ने खूब प्रसारित किया। कहीं कहा गया कि दीपक शर्मा फरार हो गया है, तो कहीं कहा गया वो डर गया है या फिर उसे पुलिस ने पकड़ लिया है आदि-आदि। हालाँकि ऑपइंडिया ने जब दीपक शर्मा से पुलिस के आने पर उनके बात की तो सारी हकीकत पता चली।

ऑपइंडिया से दीपक शर्मा की बातचीत

ऑपइंडिया से बात करते हुए दीपक शर्मा ने बताया कि वो कहीं फरार नहीं हुए। उन्हें किसी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। उनके ट्वीट पर शिकायतें हुई थीं तो अलग-अलग जगहों की पुलिस ने उनसे संपर्क करके ट्वीट के बारे में पूछा। जब उन्हें बताया गया कि ट्वीट का आधार क्या है तो वो भी समझ गए कि इल्जाम बेबुनियाद हैं। दीपक शर्मा ने कहा- “न तो पुलिस ने मेरे साथ बदसलूकी की है और न ही गिरफ्तार किया है। जो-जो उन्होंने पूछा मैंने सब बता दिया है।”

दीपक शर्मा ने कहा कि सीएनएन की रिपोर्ट के आधार पर बनाई गई ऑपइंडिया की रिपोर्ट में कहीं से कहीं कोई भी गड़बड़ नहीं थी। पूरी रिपोर्ट तथ्यों पर थी। अब अगर कोई कहे कि यौन शोषण का शिकार पीड़िता का नाम बताओ तो ये तो कानूनन अपराध है, वो इसे कभी नहीं करेंगे।

दीपक शर्मा ने यही कहा कि ये मान लीजिए कि अगर खबर में या उनके ट्वीट में कहीं से कहीं तक कोई गलती निकलती तो अब तक एफआईआर हो चुकी होती, उन लोगों को अरेस्ट कर लिया जाता जिन्होंने इस मुद्दे पर बात रखी। उन्होंने इस सारी ट्रोलिंग के पीछे लेफ्ट विंग के बड़े-बड़े नामों को जिम्मेदार बताया, जिन्होंने अपनी बंदूक छोटे लोगों पर रखकर चलाई। दीपक शर्मा ने कहा कि इन लोगों को लगा था कि इस तरह प्रोपगेंडा फैला दिया जाएगा और शिकार फँसा लिया जाएगा लेकिन हुआ ऐसा कुछ नहीं क्योंकि पुलिस ने सारे लिंक चेक किए। पड़ताल के बाद समझा कि ये सारी बातें तथ्यों के आधार पर हैं।

सोशल मीडिया पर दीपक शर्मा को सपोर्ट

बता दें कि सोशल मीडिया पर दीपक शर्मा और आंध्र पुलिस के बीच होती बातचीत की वीडियो सामने आने के बाद जहाँ लिबरल जमात खुशियाँ मना रहा था और फैलाया जा रहा था कि दीपक गिरफ्तार हो गए, तो वहीं इसी बीच सैंकड़ों ट्वीट दीपक शर्मा के समर्थन में भी हो रहे थे। एक्स पर हैशटैग चल रहा था #IstandWithDeepakSharma और इस हैशटैग में कई नामी एक्स हैंडल दीपक के समर्थन में ट्वीट कर रहे थे।

प्रदीप मैखुरी ने बताया कि दीपक शर्मा के घर आंध्र प्रदेश पुलिस पहुँची तो कुछ लोग सोशल मीडिया पर फैलाने लगे कि दीपक शर्मा फरार हैं, लेकिन सच तो ये है कि वो अपने घर ही पर थे। उन्होंने जो भी कहा वो निराधार नहीं है। सीएनएन और बीबीसी की रिपोर्ट पर ये कहा गया है। इस ट्वीट का जवाब देते हुए दीपक शर्मा ने बताया था कि वो सुरक्षित हैं और अपने घर पर हैं।

वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने इस मामले पर कहा, “दीपक शर्मा ने हज पर जाने वाली महिलाओं के साथ जो बेहूदगी होती है उसे लिखा तो पुलिस पकड़ने आ गई। जबकि दीपक ने जो लिखा वो दुनिया भर के अंग्रेजी अखबारों में छप चुका है। मैंने खुद X पर ऐसी बेहूदगी के वीडियो देखे हैं। फिर इस सच को दबाने की कोशिश कौन कर रहा है?”

पत्रकार अजीत भारती इस मामले पर कहते हैं, “CNN से लेकर ‘दी प्रिंट’ तक कह रहा है कि मुस्लिम महिलाओं ने हज पर अपने साथ सेक्सुअल मोलेस्टेशन की घटनाएँ बताई हैं। दीपक शर्मा ने लिख दिया तो पुलिस पहुँच गई। न तो दीपक शर्मा ने, न ही ऑपइंडिया में कुछ भी गलत लिखा। मेरा पूर्ण समर्थन है इन सबको।”

वहीं दीपक शर्मा ने अभी अपने एक ट्वीट में कहा है कि वो मस्त हैं और सुरक्षित हैं। उन्होंने मुस्लिमों से ये भी कहा कि उन लोगों को एक बार सोचना चाहिए, अगर उन्होंने कुछ भी झूठी खबर फैलाई होती तो उसके खिलाफ अब तक मोहम्मद जुबैर कुछ न कुछ बोल चुका होता। लेकिन वो चुप है क्योंकि उसे पता है न्यूज रिपोर्ट सही हैं, जहाँ से उन्होंने यह जानकारी ली।

CNN वर्ल्ड की रिपोर्ट पर आधारित ऑपइंडिया की रिपोर्ट का भी हुआ विरोध

बता दें कि विदेशी मीडिया में हज पर महिलाओं के यौन शोषण की तमाम कहानियाँ पहले से मौजूद हैं। कुछ दिन पहले ये मुद्दा सोशल मीडिया पर उठा और कुछ वीडियोज सामने आई तो ऑपइंडिया ने सीएनएन वर्ल्ड पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के आधार पर कुछ महिलाओं की आपबीती हिंदी भाषा में स्पष्ट रूप से लिखी। लेकिन, इस रिपोर्ट के बाद इस्लामी भड़क गए। उन्होंने ऑपइंडिया बैन कराने तक के लिए हैशटैग चला दिया। मगर रिपोर्ट खोलकर ये पढ़ने या देखने की मेहनत नहीं की कि हर रिपोर्ट के साथ एक वो लिंक है जिसकी जानकारी पर आधारित रिपोर्ट तैयार की गई है। जब सोशल मीडिया पर इसे लेकर बवाल किया गया तो तमाम सोशल मीडिया यूजर्स ने ऐसी फोटो और वीडियोज साझा की जिसमें वाकई मजहबी स्थल पर घिनौने काम हो रहे थे। ये सारी वीडियोज आदि एक्स समेत तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।

बांग्लादेशियों के खिलाफ प्रदर्शन करने पर झारखंड पुलिस ने हॉस्टल में घुसकर छात्रों को पीटा: BJP नेता बाबू लाल मरांडी का आरोप, साझा की भयानक तस्वीरें

झारखंड के पाकुड़ जिले में बांग्लादेशी घुसपैठियों का आतंक छाया है। उनकी वजह से हिंदुओं को अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ रहा है। हिंदू लड़कियों से छेड़छाड़ आदि तो आम बता हो गई है। लैंड जिहाद की हकीकत भी अब लोगों के सामने आ गई है। इन अवैध घुसपैठियों के खिलाफ छात्रों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद हेमंत सोरेन की झारखंड पुलिस ने उनकी बर्बर तरीके से पिटाई कर दी।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं झारखंड भाजपा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड पुलिस के अत्याचार की कई तस्वीरें सोशल मीडिया साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की हैं। उन्होंने पाकुड़ के जिलाधिकारी से इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करके कठोर कार्रवाई करने और घायल छात्रों के इलाज का प्रबंध करने का आग्रह किया है।

बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में लिखा, “पाकुड़ से बताया गया है कि बांग्लादेशी मुसलमानों के अवैध घुसपैठ के विरुद्ध प्रदर्शन करने वाले युवा छात्रों की कल देर रात हेमंत सरकार की पुलिस ने छात्रावास में घुसकर बर्बरतापूर्ण पिटाई की है। छात्रों के उपर हुए इस कायराना हमले की वीभत्स तस्वीरें विचलित करने वाली हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “हेमंत जी, अपनी माँ-बहनों की रक्षा के लिए घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवा छात्रों पर अत्याचार और बाहरियों पर इतना प्रेम बरसाने की वजह क्या है? बांग्लादेशी घुसपैठिए झारखंड की अस्मिता और अस्तित्व के लिए खतरा बने हुए हैं। इन्हें संरक्षण देकर आप प्रदेश की साढ़े तीन करोड़ जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।”

बता दें कि कुछ दिन पहले पाकुड़ में एक मुस्लिम लड़के ने हिंदू लड़की का वीडियो बनाकर वायरल करने का प्रयास किया था। इसके बाद हिंदुओं ने इस घटना का विरोध किया और लड़के की पिटाई कर दी थी। इस घटना से नाराज होकर मुस्लिम पक्ष के लोग हिंदुओं के घरों के बाहर आ खड़े हुए और दोनों पक्षों की ओर से जमकर ईट-पत्थर चलाए गए। इस दौरान घरों को नुकसान भी पहुँचाया गया।

भाजपा नेताओं ने दावा किया था कि बांग्लादेशी घुसपैठियों से भयभीत होकर हिंदू इलाके से पलायन करने को तैयार हैं। गाँव वीरान हो रहा है। उस दौरान मरांडी ने कहा था, “झारखंड के हालात 90 के दशक की कश्मीर और वर्तमान बंगाल-केरल जैसे बदतर बनते जा रहे हैं। राज्य सरकारें मुस्लिम तुष्टिकरण की आड़ में हिन्दुओं पर हो रहे हमले को देखकर आँखें मूँद ले रही हैं।

पाकुड़ के ही महेशपुर थाना इलाके में आने वाले गायबधान में बांग्लादेशी घुसपैठिए जनजातीय लोगों को उनकी जमीनों से बेदखल कर रहे हैं। गायबधान का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें बांग्लादेशी इस्लामिक घुसपैठिए जनजातीय लोगों को धमका रहे थे और कह रहे थे कि वे उनका जीना मुहाल कर देंगे। इस मुद्दे को भी बाबूलाल मरांडी ने जोर-शोर से उठाया था।

बाबूल लाल मरांडी ने एक्स पर लिखा था, “जीना मुश्किल कर देंगे: अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा झारखंड के आदिवासियों को दी जा रही इस खतरनाक धमकी को सुनिए और झारखंड के खौफनाक भविष्य का अंदाजा लगाइए! पाकुड़ जिला के महेशपुर थाना अंतर्गत गायबथान में ‘लैंड जिहाद’ का मामला सामने आया है, जहाँ घुसपैठियों ने जमीन मालिकों को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।”

उन्होंने आगे लिखा था, “अबुआ राज और जल-जंगल-जमीन के स्वयंभू ठेकेदार हेमंत सोरेन ने अब आदिवासियों की पहचान को मिटाने का ठेका ले रखा है। हेमंत सोरेन की सरकार में यदि आदिवासियों ने अपनी जमीन बांग्लादेशी घुसपैठियों के हाथ में नहीं सौंपी तो उनका जीना मुहाल कर दिया जाएगा। आदिवासी महानायकों की धरती पर आदिवासी महिलाओं बेटियों पर बढ़ता अत्याचार अत्यंत दुखद है।”

नीति आयोग की बैठक में शामिल होने पहुँची बंगाल की सीएम ममता बनर्जी: INDI गठबंधन को लगा तगड़ा झटका, 7 राज्यों ने बैठक का किया है बहिष्कार

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आज शनिवार (27 जुलाई 2024) को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक शुरू हो गई है। राष्ट्रपति भवन के कल्चरल सेंटर में आयोजित हो रही इस बैठक में देश भर के मुख्यमंत्री इस बैठक में भाग ले रहे हैं। वहीं, इंडी गठबंधन शासित राज्यों में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसमें हिस्सा ले रही हैं। वहीं, गठबंधन के अन्य दलों ने इसका बहिष्कार किया है।

विकास के विभिन्न मुद्दों और नीतिगत मामलों पर चर्चा के लिए नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की नौवीं बैठक चल रही है। नीति आयोग पॉलिसी मेकिंग के लिए केंद्र सरकार का थिंक टैंक है। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल (एलजी) और केंद्रीय गृह, वित्त, रक्षा, कृषि सहित 15 मंत्री इसके सदस्य हैं।

नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा एवं NDA गठबंधन शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री तथा केंद्रशासित राज्यों के उपराज्यपाल पहुँच गए हैं। वहीं, सदस्य केंद्रीय मंत्री भी बैठक में शामिल हैं। इंडी गठबंधन की हिस्सा ममता बनर्जी इसमें हिस्सा ले रही हैं।

बैठक में शामिल होने से पहले शुक्रवार (26 जुलाई 2024) को ममता बनर्जी ने कहा था कि वह नीति आयोग की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नीति आयोग को खत्म करने और योजना आयोग को बहाल करने का अनुरोध करेंगी। बनर्जी का मानना ​​है कि योजना आयोग नेताजी बोस का आइडिया था। योजना आयोग प्रभावी मंच था और नीति आयोग एक शक्तिहीन निकाय है।

वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक से दूरी बना ली है। इससे पहले खबर आई थी कि वह बैठक में भाग लेंगे, लेकिन अब वह INDI गठबंधन के फैसले के साथ रहेंगे। उनका कहना है कि केंद्रीय बजट में झारखंड की अनदेखी की गई है। केंद्र सरकार पर राज्य का 1.36 लाख करोड़ रुपए बकाया है। बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी खबर लिखे जाने तक नहीं पहुँचे हैं।

वहीं, बैठक में 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आने से इनकार कर दिया है। इनमें तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और झारखंड शामिल हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर राज्य के अधिकारों की अनदेखी करने और बकाया फंड जारी न करने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है।

पैंट में हाथ डालता है, प्राइवेट पार्ट में उंगली… बिहार के मुजफ्फरपुर में स्कूल टीचर कासिफ के खिलाफ नाबालिग छात्राओं ने दी शिकायत, जाँच शुरू

बिहार के मुजफ्फरपुर में स्कूली बच्चियों के प्राइवेट अंगों को छूने और उनके साथ अश्ललील हरकतें करने के आरोप में कासिफ रजा (कुछ रिपोर्ट के अनुसार नाम कासिम अंसारी) नाम के शिक्षक के ऊपर शिकायत हुई है। पुलिस आरोपित को तलाशने के प्रयास कर रही है।

पूरा मामला जिले के पियर थाना क्षेत्र के एक गाँव के एक स्कूल का है। मामले की जानकारी के बाद एसडीएम ने कहा कि केस की जाँच करवाई जा रही है। आरोपित फरार है उसे खोजने की भी कोशिश हो रही है।

जानकारी के मुताबिक छात्राओं ने कासिफ की हरकतों से तंग आकर अपने परिजनों से शिकायत की थी। बाद में ये मामला प्रिंसिपल तक पहुँचा और फिर एसडीएम तक। छात्राओं ने आरोप लगाया कि शिक्षक न केवल उनके साथ अश्लील हरकतें करता था बल्कि उनके साथ छेड़छाड़ भी करता था।

बच्चियों के अनुसार कासिफ उनके पैंट में हाथ डालता था और कई बार प्राइवेट पार्ट में भी उंगली डालता था। इसके अलावा वो लड़कियों को धमकाते हुए ये भी कहता था कि अगर किसी को ये सब बताया तो स्कूल से नाम काट दिया जाएगा।

जब कासिम अंसारी को अपने ऊपर लगे इल्जामों की जानकारी हुई तो वह कोई बहाना बनाकर फरार हो गया। एसडीएम ने इस मामले को लेकर कहा कि ये केस बेहद गंभीर है। इसकी जाँच करवाई जा रही है। इसके लिए स्कूल के प्राचार्य और संबंधित थाने को निर्देश दिए गए हैं। मामले की जाँच के बाद सत्यता पाए जाने पर आरोपित शिक्षक के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

वहीं BEO प्रेमलता ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या यह मामला सही पाया गया है। यह एक गंभीर मामला है, आरोपित के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि घटना को लेकर इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है। परिजनों का गुस्सा भी शांत होने को नाम नहीं ले रहा, वह सब लोग सिर्फ आरोपित टीचर की तलाश कर रहे हैं।

ट्रेन पकड़कर फरहत आजम करता था खतरनाक स्टंट, वायरल वीडियो देख पुलिस गई पकड़ने तो गायब मिले हाथ-पाँव: मस्जिद स्टेशन पर कारनामे के दौरान हुआ अपंग

मुंबई की लोकल ट्रेन में खतरनाक स्टंट करने का एक वीडियो कुछ दिन दिन पहले वायरल हुआ था। रेलवे पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने युवक की पहचान करने के बाद उसे गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पहुँची। वहाँ पता चला कि फरहत आजम शेख नाम के इस आरोपित का एक हाथ और एक पैर नहीं है। स्टंट में उसने अपने अंग गँवा दिए हैं।

रेलवे के एक अधिकारी ने शुक्रवार (26 जुलाई 2024) को इसकी जानकारी दी। दरअसल, 14 जुलाई 2024 को मुंबई के शिवडी रेलवे स्टेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में दिख रहा था कि एक लड़का मुंबई की लोकल ट्रेन पर लटककर स्टंट कर रहा है। सोशल मीडिया यूजर ने इस वीडियो को शेयर कर कार्रवाई की माँग की थी।

इस वीडियो पर जवाब देते हुए मुंबई सेंट्रल के डीआरएम ने कहा था, “जानकारी देने के लिए धन्यवाद। RPF पोस्ट VDLR को वीडियो में दिख रहे अज्ञात यात्री के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। उसका पता लगाने के प्रयास जारी हैं। हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे इस तरह की असुरक्षित गतिविधियों से दूर रहें और अपने एवं यात्रियों के लिए जीवन को खतरे में ना डालें।” 

वीडियो सामने आने के बाद व्यक्ति की पहचान की तो उसकी पहचान वडाला के एंटॉप हिल निवासी फरहत अज़ाम शेख के रूप में हुई। पुलिस उसके घर पहुँची तो पता लगा कि मुंबई के मस्जिद रेलवे स्टेशन पर इसी प्रकार का स्टंट करते हुए फरहत ने अपना बायाँ हाथ और पैर खो दिया है। शिवडी रेलवे स्टेशन का वीडियो 7 मार्च का है और इसे उसके एक दोस्त ने रिकॉर्ड किया था।

एक अधिकारी ने शुक्रवार (26 जुलाई 2024) को को कहा, “वह (फरहत आजम शेख) अपनी गंभीर हालत के कारण फिलहाल बिस्तर पर है। उसकी गंभीर चिकित्सा स्थिति के कारण उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।” पुलिस ने इस तरह के स्टंट को लेकर एक कड़ी चेतावनी जारी की है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्टंट के कारण फरहत को अब दैनिक कामकाज करने में भी अत्यधिक कठिनाई हो रही है।