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1 साल में 15% बढ़ गया टूरिज्म सेक्टर, पहुँचे 2 करोड़ से अधिक पर्यटक: J&K में बदलाव की बयार, इस वर्ष 6 महीने में ही पहुँच गए 1 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट

भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए बजट में 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इस साल केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए 42,277.74 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है। केंद्र सरकार ने बताया है कि जम्मू-कश्मीर का विकास तेज गति से हो रहा है, जिसमें कोई रुकावट न आने पाए, इसके लिए बजट को बढ़ाया गया है। साथ ही केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि आर्टिकल 370 हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के बाद से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पर्यटन तेजी से बढ़ा है।

केंद्रीय मंत्री ने संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया है कि आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से हर साल पर्यटन की वजह से कमाई में बढ़ोतरी हुई है। हर साल राज्य की कमाई में 15 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। वहीं, पर्यटकों की संख्या को देखें तो साल 2023 में पर्यटकों की संख्या 2.11 करोड़ से अधिक दर्ज की गई थी, वहीं इस साल ये संख्या जून के आखिर तक ही 1.08 करोड़ के पार जा चुका है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में पूछे गए सवाल के जवाब में लिखित में जानकारी देते हुए कहा कि अगस्त 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर के हालात बहुत तेजी से सुधरे हैं। उन्होंने साल दर साल का आँकड़ा जारी करते हुए बताया कि कोविड प्रभावित वर्ष 2020 में 34 लाख 70 हजार 834 पर्यटक जम्मू-कश्मीर पहुँचे थे। साल 2021 में 1 करोड़ 13 लाख 14 हजार 884 लोग केंद्रशासित प्रदेश पहुँचे, तो साल 2022 में ये आँकड़ा 1 करोड़ 88 लाख 64 हजार 332 हो गया। वहीं, 2023 में सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए ये आँकड़ा 2 लाख 11 हजार 24 हजार 674 तक पहुँच गया, तो इस साल अभी जून 2024 तक ये आँकड़ा 1 करोड़ 8 लाख 41 हजार 9 लोगों तक पहुँच चुका है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने बताया कि इस बीच में सरकार ने जम्मू एंड कश्मीर टूरिज्म पॉलिसी 2020 बनाया, तो जम्मू एंड कश्मीर इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2021 बनाकर केंद्र शासित प्रदेश में टूरिज्म सेक्टर को इंडस्ट्री घोषित किया। इसके साथ ही सरकार ने जम्मू एंड कश्मीर फिल्म पॉलिसी 2021 लागू, तो 75 ऑफ-बीट डेस्टिनेशंस की पहचान कर उन्हें पर्यटकों से जोड़ा।

सरकार ने बताया है कि जम्मू और कश्मीर में जी-20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की मीटिंग के बाद से इंटरनेशनल टूरिस्ट की संख्या भी बढ़ी है। वहीं, कमाई की बात करें तो इस केंद्र शासित प्रदेश के कुल जीडीपी में साल 2019-20 में टूरिज्म सेक्टर का योगदा जहाँ 7.84 प्रतिशत था, तो 2022-23 में ये बढ़कर 8.47 प्रतिशत हो गया। इस तरह से राज्य को बीते तीन सालों में होने वाली कमाई में साल दर साल करीब 15.13 प्रतिशत कमाई की बढ़ोतरी हो रही है, जो उसके विकास में मदद कर रही है।

उड़ान भरते ही जमीन पर गिरा विमान, आग लगने से 18 की मौत: नेपाल के काठमांडू एयरपोर्ट से वीडियो आई सामने, पायलट का इलाज जारी

बुधवार (24 जुलाई, 2024) को नेपाल की राजधानी काठमांडू में के बड़ा विमान हादसा हो गया। नेपाल के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई। मौके पर राहत बचाव टीम मौजूद है।

जानकारी के अनुसार, त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यह हादसा विमान के उड़ान भरते समय हुआ। इस विमान में 19 लोग सवार थे। यह विमान सौर्य एयरलाइन्स का था। विमान राजधानी काठमांडू से पोखरा को जा रहा था। हादसे का समय सुबह लगभग 11 बजे बताया जा रहा है।

बताया गया कि उड़ान भरने के दौरान विमान का एक पंख झुक गया और वह एयरपोर्ट के क्षेत्र में ही जाकर गिर गया। इसके बाद इस विमान में तुरंत आग लग गई। हादसे की सूचना पर राहत बचाव टीमें यहाँ पहुँची। राहत बचाव टीमों ने विमान में लगी आग को बुझाया।

बताया गया कि विमान में सवार 19 में से 18 की मौत मौके पर ही हो गई है। इनके शव भी बरामद हो गए हैं। वहीं विमान उड़ा रहे कैप्टन MR शाक्य इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्हें काठमांडू मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है।

विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद मलबा और आग की लपटों समेत धुआँ देखा गया। त्रिभुवन एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने इस हादसे को देखा और कुछ ने वीडियो भी बनाया। हादसे के कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। बताया गया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान बोम्बर्डियर कम्पनी का CRJ-200 था।

वायरल वीडियो में दिखता है कि विमान हवा में गोते लगाकर जमीन में गिरता है और इसमें आग लग जाती है। नेपाल की विमान नियामक एजेंसी ने भी 18 मौतों की पुष्टि कर दी है। नेपाल पुलिस ने बताया है कि इसमें सवार सभी 19 लोग एयरलाइन्स के ही कमर्चारी थे और पोखरा में विमान के मेंटेनेस के लिए ही जा रहे थे।

बांग्लादेशियों को ‘शरण देने’ वाले CM ममता बनर्जी के बयान पर बांग्लादेश सरकार ने ही किया विरोध: दिल्ली भेजा पत्र, कहा- इससे फैल सकता भ्रम

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बांग्लादेशियों को शरण देने के बयान पर बांग्लादेश ने आपत्ति जताई है। बांग्लादेश ने ममता बनर्जी के बयान को भ्रम पैदा करने वाला बताया है। इससे पहले भाजपा भी उनके बयान को लेकर विरोध कर चुकी है।

बांग्लादेश की शेख हसीना शेख हसीना सरकार में विदेश मंत्री हसन महमूद ने इस मामले पर कहा, “हमारे नजदीकी सम्बन्धों वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के प्रति पूरा सम्मान रखते हुए हम यह साफ करना चाहते हैं कि उनके बयान में भ्रम की बहुत गुंजाइश है। इसलिए, हमने भारत सरकार को एक नोट दिया है।” बांग्लादेश सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को एक नोट भी संबंध में भेजा है। इसमें ममता बनर्जी के बयान पर विरोध जताया गया है।

ममता बनर्जी ने हाल ही में एक रैली में कहा था कि अगर बांग्लादेश से लोग शरण लेने पश्चिम बंगाल में आते हैं तो जरूर वह उन्हें शरण देंगी। उन्होंने कहा था, “बांग्लादेश के मामलों पर मुझे कुछ नहीं बोलना चाहिए क्योंकि यह एक देश है और इस मुद्दे पर जो कुछ भी कहा जाना चाहिए वह केंद्र सरकार का विषय है। लेकिन मैं आपको यह बता सकती हूँ कि अगर लोग हमारे दरवाजे खटखटाते हैं, तो हम निश्चित रूप से उन्हें शरण देंगे।”

उनका यह बयान बांग्लादेश में हाल के दिनों में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद आया था। बांग्लादेश में जुलाई माह की शुरुआत से ही सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर प्रदर्शन हो रहे थे। यह प्रदर्शन आरक्षण खत्म किए जाने को लेकर हो रहे थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण में बदलाव के निर्णय के बाद प्रदर्शनों को रोक दिया गया है।

दरअसल, बांग्लादेश के हाई कोर्ट ने 1 जुलाई, 2024 को दिए गए फैसले में देश में 56% आरक्षण दोबारा से चालू करने का फैसला किया था। इसमें से 30% आरक्षण 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वालों के वंशजों को दिया जाता था। यह 56% 2018 में शेख हसीना की सरकार ने ही खत्म कर दिया था।

हाई कोर्ट के इस निर्णय का छात्र छात्राएँ विरोध कर रहे थे। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में लड़ने वाली तीसरी पीढ़ी को क्यों मिल रहा है। हाई कोर्ट के इस निर्णय में बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने बदलाव कर दिए हैं। इसके बाद से प्रदर्शनकारी शांत हैं। इन प्रदर्शनों में लगभग 100 से अधिक मौतें हुई हैं।

मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली कोर्ट ने जारी किया समन, BJP नेता की शिकायत के बाद सुनवाई: अदालत ने कहा- स्पीड पोस्ट, इलेक्ट्रॉनिक मोड सबसे भेजो नोटिस

दिल्ली की एक अदालत ने प्रोपगेंडाबाज यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि मामले में समन जारी किया है। ये समन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुरेश करमशी नखुआ द्वारा दायर मामले में जारी हुआ है। नखुआ का आरोप हैकि ध्रुव राठी ने उन्हें ‘हिंसक और गालीबाज’ ट्रोल कहकर उनका अपमान किया।

बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली की साकेत कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट जज गुंजन गुप्ता ने 19 जुलाई को राठी के नाम समन जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि ध्रुव राठी को स्पीड पोस्ट, कूरियर के अलावा इलेक्ट्रॉनिक मोड से भी समन भेजा जाए। कोर्ट में भाजपा नेता नखुआ की तरफ से वकील राघव अवस्थी और मुकेश शर्मा पेश हुए।

बता दें कि ध्रुव राठी ने 7 जुलाई 2024 को अपने यूट्यूब चैनल पर “माई रिप्लाई टू गोदी यूट्यूबर्स | एल्विश यादव | ध्रुव राठी” शीर्षक से एक वीडियो बनाई थी। इसी वीडियो के बाद नखुआ ने उनकी वीडियो के खिलाफ आपत्ति जताई थी। नखुआ ने कहा था कि राठी द्वारा लगाए गए आरोपों के कारण उन्हें (नखुआ को) व्यापक निंदा और उपहास का सामना करना पड़ा है।

इसके अलावा यह भी कहा गया कि वीडियो में सारे आरोप निराधार और दुर्भावना से लगाए गए हैं। इससे न केवल वादी यानी नखुआ के चरित्र पर संदेह पैदा होता बल्कि समाज में उन्होंने जो सम्मान अर्जित किया है वो भी धूमिल होता है। राठी की वीडियो का नतीजा दूरगामी हो सकता है जिससे लोगों में उनके प्रति विश्वास कम हो सकता है। उन्होंने मामला दायर कराते हुए यह भी कहा था कि ये वीडियो उनके व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों क्षेत्रों को अपूरणीय रूप से प्रभावित करती है, जिसका असर पूरी तरह कभी खत्म नहीं हो पाएगा।

आतंकियों की करते थे मदद, उनके लिए हथियार-पैसे जुटाते थे: सरकार ने J&K में 4 सरकारी कर्मचारियों को किया बर्खास्त, अब तक 60+ पर कार्रवाई

जम्मू कश्मीर में आतंकियों की मदद करने वाले और उनके लिए हथियार-पैसा जुटाने वाले 4 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। नौकरी से निकाले जाने वाले कर्मचारियों में से 2 पुलिसकर्मी हैं। सरकार इससे पहले भी दर्जनों कर्मचारियों पर कार्रवाई कर चुकी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने दो पुलिसकर्मी, एक शिक्षा विभाग के कर्मचारी और एक पंचायती राज कर्मचारी को नौकरी से बाहर किया है। सुरक्षा एजेंसियों को इनकी गतिविधियों पर शंका हुई थी और वह इनके खिलाफ जाँच कर रहीं थी। इनके नौकरी के नियमों का उल्लंघन करने पर बर्खास्त कर दिया गया।

बर्खास्त किए गए कर्मचारियों का नाम इम्तियाज अहमद लोन, बाजिल अहमद मीर, मुश्ताक अहमद पीर और जैद शाह हैं। इनमें से कुछ आतंकियों को हथियार और संसाधन मुहैया करवा रहे थे जबकि बाकी पाकिस्तान के ड्रग तस्करों के साथ मिलकर कश्मीर में नशा फैलाने में जुटे थे।

यह पाकिस्तान के रास्ते आई ड्रग्स को कश्मीर में फैलाते थे और उससे मिले पैसे को आतंक के लिए देते थे। अब इनको जम्मू कश्मीर सरकार की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई भी की जा रही है। यह पहली बार नहीं है जब जम्मू कश्मीर में सरकारी कर्मचारी आतंक की मदद करते पाए गए हों।

60 से अधिक पर हो चुकी कार्रवाई

जम्मू कश्मीर में इससे पहले जून में भी 4 कर्मचारियों पर ऐसी ही कार्रवाई की गई थी। इसके पहले नवम्बर, 2023 में भी 4 कर्मचारी नौकरी से निकाले गए थे, इन पर भी आतंकियों से संबंध रखने का आरोप था। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया था कि सरकार कम से कम 55 ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर चुकी है जिनके आतंकियों से सबंध थे।

सरकार ने ऐसे कर्मचारियों की पहचान के लिए एक टास्कफोर्स का भी गठन किया हुआ है। नौकरी से निकाले जाने वाले अधिकांश कर्मचारी जम्मू कश्मीर के शिक्षा विभाग या फिर पुलिस विभाग से जुड़े हैं। यह आतंकियों के लिए जमीन तैयार करने का काम करते हैं।

four employees of jammu kashmir government dismissed on terror link charges

न्यूड फोटो बनाकर रब्बानी अब्बास नाबालिग लड़कियों को करता था ब्लैकमेल: यूपी STF ने किया गिरफ्तार, पूछताछ में बोला- कतर से मिली ट्रेनिंग

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से यूपीएसटीएफ ने रब्बानी अब्बास नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। रब्बानी पर आरोप है कि वो साइबर अपराधों में संलिप्त था। लड़कियों से चैटिंग करना, उनकी तस्वीरें हासिल करके उन्हें न्यूड तस्वीर में एडिट करना, फिर लड़कियों को ब्लैकमेल करना, उनसे पैसे ऐंठना उसके काम थे। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया है कि गिरफ्तार आरोपितएआई/डीपफेक (AI/Deepfake) के जरिए लड़कियों की न्यूड तस्वीर बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देता था। इसके बाद जब लड़कियाँ डर जाती थीं तो उनसे मोटी रकम भी वसूलता था।

पुलिस को छानबीन में उसके पास से लड़कियों से चैटिंग के स्क्रीनशॉट, लड़कियों की न्यूड तस्वीरें और कई जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, उन्होंने आरोपित रब्बानी को चिनहट थाने से 500-700 मीटर दूर लखनऊ के मटियारी चौहारे से पकड़ा है। उसके विरुद्ध अब साइबर अपराध की गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।

एएसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि बीते दिनों लखनऊ के गाजीपुर में एक एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें बताया गया था कि एक 15 वर्षीय बच्ची की किसी ने AI व डीप फेक की मदद से न्यूड तस्वीर बनाई और उसे वायरल करने की धमकी देकर होटल में बुला रहा था। इसके बाद यूपी STF ने इस मामले की जाँच शुरू की और मंगलवार को चिनहट इलाके से बाराबंकी के रहने वाले रब्बानी को गिरफ्तार कर लिया।

एएसपी के मुताबिक, पूछताछ में रब्बानी ने बताया कि वह सिर्फ हाई स्कूल (दसवीं) पास है। जनवरी-2023 में वह नौकरी करने कतर गया था। वहीं पर उसने 6 महीने का कम्प्यूटर कोर्स किया। उसने इस दौरान एडिटिंग सीखी। फिर भारत वापस आ गया। इसके बाद जनवरी-2024 में उसने टेलीग्राम पर डीपफेक व Bot NubeeAl ग्रुप से जुडा। इस ग्रुप के जरिए उसे वेबसाइट और ऐप के माध्यम से न्यूड फोटो बनाने के लिए फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर, वेबसाइट और ऐप के साथ वीपीएन इस्तेमाल करने के बारे में जानकारी हुई।

इसी सब के बाद रब्बानी ने नाबालिग लड़की के इंस्टा अकाउंट से मई 2024 में फोटो और वीडियो चोरी किए। फिर लड़की से चैट की और उसे उसकी न्यूड तस्वीरें भेजकर ब्लैकमेल किया। जब लड़की ने कहा कि वो स्टूडेंट और ऐसा न किया जाए तो रब्बानी ने उसे होटल में मिलने बुलाया।। इसके बाद उसे धमकी दी जाने लगी।

रब्बानी पर आरोप है कि वो करीब 10 लड़कियों के इंस्टा अकॉउंट से फोटो चोरी करके उन्हें मिलने बुला चुका है। उसके पास फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं जो उसने मेकर ऐप से बनाए थे। इसमे उसने अपना नाम राज सिंह बताया हुआ है। इसका प्रयोग वो लड़कियों के आगे खुद को आरजे बताने के लिए करता था और होटलों में इसी आईडी का इस्तेमाल करता था।

झारखंड में जलाभिषेक कर लौट रहे काँवड़ियों पर हमला, राँची-लोहरदगा ट्रेन पर पथराव: दूसरे समुदाय पर लगा मारपीट और लूटपाट का आरोप

झारखंड में भोलेनाथ पर जल अर्पित कर लौट रहे कांवड़ियों पर हमला किया गया। उनकी ट्रेन के ऊपर पथराव की भी सूचना है। यह घटना राँची से लोहरदगा के बीच हुई। कांवड़ियों ने इस मामले में प्रदर्शन किया है। हमला करने का आरोप दूसरे समुदाय पर लग रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लोहरदगा जिले से कांवड़ियों का एक समूह राजधानी राँची के पहाड़ी महादेव मंदिर गया था। यह लोहरदगा से यहाँ कांवड़ लेकर जलाभिषेक करने गए थे। इन्होने सोमवार (22 जुलाई, 2024) को राँची में जल अर्पित किया और उसके बाद घर लौट रहे थे।

यह सभी कांवडिये राँची-लोहरदगा के बीच चलने वाली ट्रेन से लौट रहे थे। रास्ते में ही कुछ युवकों ने इन पर अभद्र टिप्पणियाँ और लड़ाई झगड़ा चालू कर दिया। उनके साथ मारपीट और गाली गलौज की गई और लूटपाट भी हुई। बताया गया कि यह मारपीट रास्ते के कई स्टेशन तक जारी रही।

एक पीड़ित ने सोने की चेन खींचने का आरोप भी लगाया है। कांवड़ियों से भरी ट्रेन पर पथराव की भी सूचना है। मीडिया रिपोर्ट्स में दूसरे समुदाय को इस घटना का आरोपित बताया गया है। कांवड़ियों ने घटना से क्षुब्ध होकर लोहरदगा पहुँचने पर प्रदर्शन किया और कार्रवाई की माँग की। पुलिस प्रशासन ने कांवड़ियों को शांत करवाया है। वहीं RPF ने ऐसी किसी भी घटना की सूचना मिलने से इनकार किया है।

मामले को लेकर झारखंड भाजपा मुखिया और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी इस मामले को उठाया है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने लिखा, “रांची के पहाड़ी मंदिर में जलाभिषेक करने आए कांवड़ियों पर रांची-लोहरदगा ट्रेन में जानलेवा हमला और पथराव किए जाने की सूचना है। असामाजिक तत्वों द्वारा 2-3 स्टेशनों पर उक्त घटना को अंजाम दिया गया है। पवित्र सावन मास में शिवभक्तों के उपर ऐसा कायराना हमला निंदनीय एवं अक्षम्य है।”

हलाल है या झटका… मीट की दुकान के बाहर लिखो: जयपुर नगर निगम ने जारी किया आदेश, शिव मंदिर के पास और काँवड़ियों के रास्ते में मांस बेचने पर भी होगी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में खाने वाली दुकानों के बाहर मालिक का नाम लिखे जाने का मामला अभी शांत नहीं हुआ कि जयपुर नगर निगम द्वारा भी एक आदेश जारी करने की बात सामने आई है। आदेश में नगर निगम ने कहा है कि हर मीट की दुकान के बाहर स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि दुकान में हलाल मीट मिलता है या फिर झटका।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार निगम ने अपने आदेश में खुले में मीट बेचने पर भी प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा ये भी साफ कहा है कि शहर में मीट की दुकानों के लिए लाइसेंस लेना होगा और केवल कमर्शियल जमीन पर ही मीट की दुकानें खोली जा सकेंगी। जो इस आदेश का पालन नहीं करेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में महापौर सौम्या गुर्जर ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि जयपुर में 150 वार्ड हैं, मैं कई बार लोगों के बीच गई हूँ, इस दौरान लोगों ने इस संबंध में शिकायत की थी। बताया गया था कि कैसे दुकानों पर गंदगी होती है। अब एग्जीक्यूटिव कमेटी ने फैसला लिया है कि जहाँ लोग रहते हैं, उसके आसपास मीट की मंडी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मीट की दुकानों का लाइसेंस नगर निगम उन्हीं को देगा, जिसके पास दुकान का कमर्शियल पट्टा होगा। इसके अलावा महापौर ने काँवड़ यात्रा मार्गों की पवित्रता का भी ध्यान रखते हुए काँवड़ियों के रास्ते में और शिव मंदिर के निकट खुले में मीट बिक्री पर रोक लगाने की बात कही।

जो लोग अपने नाम और धर्म को छिपाकर अलग नाम से धंधा करते हैं उन लोगों के लिए महापौर ने कहा कि इंटरनेट मीडिया से जानकारी मिली है कि सियाराम नाम से कंपनी चलाने वाले तीन मालिक मुस्लिम हैं। ऐसे में पता चलना चाहिए कि कोई हिंदू देवी-देवताओं के नाम से गलत काम तो नहीं कर रहा है।

बता दें कि पिछले दिनों उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में काँवड़ यात्रा के मद्देनजर सरकारों ने आदेश जारी किया था कि था दुकानदारों को अपना नाम सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित करना होगा। इसके बाद कई तस्वीरें सामने आई जिसमें दुकानदारों ने ऐसा किया भी हुआ था। हालाँकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर इस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी।

₹2000 का जुर्माना भी नहीं भर पा रहे उद्धव ठाकरे और संजय राउत, कोर्ट से माँगी 2 दिनों की मोहलत: रिपोर्ट में दावा, मानहानि का चल रहा केस

शिवसेना-यूबीटी के चीफ उद्दव ठाकरे और उनकी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत को मानहानि के मामले में कोर्ट की कार्रवाई को लेकर 2 हजार रुपए का जुर्माना भरना था, लेकिन वो भर नहीं पाए। जिसके बाद उन्होंने 2 दिन का और समय कोर्ट से माँगा है। उनकी तरफ से कहा गया है कि कोर्ट के अधिकारियों ने कैश एक्सेप्ट ही नहीं किया, इसलिए वो जुर्माने की राशि जमा नहीं कर पाए।

बता दें कि शिवसेना के मुखपत्र सामना में एक लेख प्रकाशित करने के लिए ठाकरे और राउत के खिलाफ उनके एक पूर्व सहयोगी, शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के नेता राहुल शेवाले ने मानहानि का मामला दर्ज कराया था। शेवाले द्वारा दायर मानहानि की शिकायत की कार्यवाही मझगांव मजिस्ट्रेट अदालत में चल रही है। कार्यवाही के दौरान, मजिस्ट्रेट अदालत ने दोनों को मामले से बरी करने से इनकार कर दिया था और यह आदेश 26 अक्टूबर, 2023 को पारित किया गया था।

नियमों के अनुसार, दोनों को मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को तुरंत चुनौती देनी चाहिए थी, जो उन्होंने नहीं किया। पुनरीक्षण दायर करने के लिए नियमों के तहत निर्धारित बाहरी समय सीमा से 84 दिनों की देरी हुई। इस प्रकार, देरी को माफ करते हुए, सत्र न्यायालय ने 13 जून को उन पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। यह पैसा अगले दो दिनों के भीतर जमा किया जाना है।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, ये फाइन उनके खिलाफ दायर मानहानि के मामले में लगाया गया है। उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने कहा कि उन्हें 14 जून को आदेश मिला और अदालत का कैश काउंटर, जहाँ पैसे जमा किए जाने थे, अगले दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अगले कुछ दिनों में अपनी तरफ से पूरी कोशिश की लेकिन प्रक्रिया पूरी करने की औपचारिकताएँ पूरी नहीं हो सकीं और 10 दिन की अवधि बीत जाने के बाद कैश काउंटर पर मौजूद अधिकारियों ने पैसे लेने से इनकार कर दिया।

हालाँकि, शेवाले की ओर से पेश अधिवक्ता चित्रा सालुंखे ने दो दिन का समय माँगने वाले इस नए आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि उनके उदासीन रवैये के कारण ही नकद जमा प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। सालुंखे ने यह भी आरोप लगाया कि यह ठाकरे और राउत की ओर से केवल देरी करने की रणनीति है। अब इस मामले में स्पेशल कोर्ट 31 जुलाई को दलीलें सुनना जारी रखेगा।

T20 विश्व कप जीतने के बाद बागेश्वर धाम वाले बाबा के चरणों में कुलदीप यादव, गुरु पूर्णिमा पर लिया आशीर्वाद: टूर्नामेंट में झटके थे 10 विकेट

T20 विश्व कप 2024 की विजेता टीम के सदस्य कुलदीप यादव बागेश्वर धाम वाले बाबा पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के शरण में एक बार फिर से पहुँचे हैं। गुरु पूर्णिमा से जुड़े कार्यक्रम के दौरान बाएँ हाथ के रिस्ट स्पिनर कुलदीप यादव को मंच पर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के चरणों में बैठे हुए देखा गया। कइयों का मानना है कि उन्होंने बागेश्वर धाम वाले बाबा को अपना गुरु मान लिया है। इससे पहले सितंबर 2023 में भी कुलदीप यादव उनका आशीर्वाद लेने पहुँचे थे।

उस दौरान ODI विश्व कप होना था, जिससे पहले उन्होंने बाबा का आशीर्वाद लिया था। कुलदीप यादव ने उस टूर्नामेंट में 11 मैचों में 15 विकेट झटके थे। वहीं ताज़ा T20 वर्ल्ड कप की बात करें तो कुलदीप यादव ने 5 मैचों में 10 विकेट झटके। अब गौतम गंभीर टीम इंडिया के मुख्य कोच बनाए गए हैं और उनके कार्यकाल में भारत पहली सीरीज श्रीलंका से खेलने जा रहा है। वनडे मैचों के लिए टीम में कुलदीप यादव का भी चयन किया गया है।

इस सीरीज से पहले वो मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित हनुमान जी की पीठ पर पहुँचे, पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जहाँ के महंत हैं। पहले उनके दादा यहाँ के मठाधीश हुआ करते थे। वीडियो में सुरक्षाकर्मियों के साथ कुलदीप यादव को इस कार्यक्रम में पहुँचे हुए देखा जा सकता है। मंच पर पहुँच कर वो बागेश्वर धाम वाले बाबा के पाँव छूकर उनका आशीर्वाद लेते हैं, फिर वहीं नीचे पालथी मार पर बैठ जाते हैं। बताया जा रहा है कि वो परिवार समेत यहाँ पहुँचे थे।

फ़िलहाल इसका खुलासा नहीं हुआ है कि उन्होंने दीक्षा ली है या नहीं। कुलदीप यादव के प्रदर्शन की बात करें तो 29 वर्षीय गेंदबाज ने 103 वनडे मैचों में 168 विकेट झटके हैं। इस तरह अंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी-ट्वेंटी मैचों में उनके नाम 39 पारियों में 69 विकेट दर्ज हैं। उन्होंने 12 टेस्ट मैच भी खेल रखे हैं और इस फॉर्मेट में उन्हें 22 पारियों में 53 विकेट प्राप्त हुए हैं। कुलदीप यादव और यजुवेंद्र चाहल की जोड़ी को ‘कुलचा’ कहा जाता है, दोनों ने मिल कर कई बल्लेबाजों की नींद उड़ाई है।