Home Blog Page 800

अनंत-राधिका की शादी में घुस गया लुकमान मोहम्मद शफी शेख, जाँच में नहीं मिला इन्विटेशन कार्ड: बिन बुलाया मेहमान हो गया गिरफ्तार

मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में सुरक्षाकर्मियों ने लुकमान मोहम्मद शफी शेख नाम के एक व्यक्ति को अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी में घुसने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार कर लिया। पेशे से व्यवसायी शेख को शादी वाली जगह पर पहले फ्लोर से शनिवार (13 जुलाई) को तड़के करीब पौने तीन बजे सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। वो गेट नंबर 10 से अवैध रूप से घुसा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लुकमान से सुरक्षाकर्मियों ने पूछताछ की, तो वो गुमराह करने लगा। उसके पास इन्विटेशन कार्ड नहीं मिला, जिसके बाद उसे सिक्योरिटी मैनेजमेंट के हवाले कर दिया गया। इसके बाद उसे जिओ सेंटर से जाने के लिए कहा गया, तो उसने मना कर दिया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) पुलिस के हवाले कर दिया।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा, “लुकमान शेख संदिग्ध तरीके से जिओ सेंटर में घूम रहा था। हमने जाँच में पाया कि उसके पास इन्विटेशन कार्ड नहीं था, यानी वो बिन बुलाया मेहमान था, इसकी वजह से उसे सिक्योरिटी एजेंसी को सौंप दिया गया।” लुकमान शेख पालघर का रहने वाला है और वो गेट नंबर 10 से अवैध तरीके से अंदर घुसा था। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। शेख ने माना कि वो जिओ सेंटर में बिना इन्विटेशन के घुसा था।

आंध्र प्रदेश का यूट्यूबर भी हुआ था गिरफ्तार

इससे पहले, आंध्र प्रदेश के एक यूट्यूबर वेंकटेश नरसैया अलूरी (26) ने अवैध रूप से शादी वाली जगह पहुँचने पर पकड़ लिया गया था। वो 12 जुलाई की सुबह पवैलियन नंबर 1 के पास से पकड़ा गया था। अलूरी गेट नंबर 23 से घुसने में फेल रहा था, तो गेट नंबर 19 से घुसा। उसे बाहर जाने के लिए कहा गया था, तो उसने मना कर दिया और सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गया था, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

माथे पर टीका, हाथ में कलावा पहन 16 साल की हिंदू लड़की को इदरीस ने फँसाया: मुसलमान बनी, निकाह के बाद रेप भी… अब हिंदू संगठनों ने बचाया

उत्तर प्रदेश के जौनपुर की 16 साल की लड़की हिमाचल प्रदेश में अपने भाई के साथ रहकर नौकरी करती थी। वहीं पर बरेली का अमन इदरीस नाम का युवक मिला, वो भी साथ काम करता था। अमन ने इदरीस नाम छिपाते हुए खुद की हिंदू पहचान बताई। हाथ में कलावा पहनता, माथे पर टीका लगाता था। अमन ने नाबालिग हिंदू लड़की को जाल में फंसा कर लव जिहाद को अंजाम दिया और उसे लेकर यूपी के बरेली भाग आया। यहाँ आकर लड़की को पता चला कि अमन हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम है, क्योंकि इदरीस नाम का खुलासा बरेली पहुँचने पर हुआ।

बरेली में अमन इदरीस और उसके पिता इदरीस ने हिंदू लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनाया और नाजरीन नाम दिया। इसके बाद अमन ने हिंदू लड़की से निकाह कर लिया और फिर जबरन संबंध बनाने लगा। यही नहीं, लड़की के साथ मारपीट भी की जाती थी। इस बीच, किसी तरह से लड़की अपनी जान बचाकर भागी, जहाँ रास्ते में हिंदुत्व वादी संगठनों से जुड़े लोग मिले, और उन्होंने लड़की की जान बचाई। साथ ही पुलिस तक पहुँचने में मदद की। इसके बाद पुलिस ने आरोपित अमन को हिरासत में ले लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये पूरा मामला बरेली के बिथरी थाना इलाके में आने वाले उदयपुर जसरतपुर गाँव से जुड़ा है। जहाँ का अमन इदरीस हिमाचल के सिरमौर जिले से हिंदू लड़की को भगाकर ले आया था। हिंदू लड़की जौनपुर के सरपतहा थाना इलाके की रहने वाली है। वो हिमाचल में अपने भाई के साथ रह कर काम करती थी, जहाँ अमन ने अपनी पहचान छिपाकर उसे अपनी जाल में फंसाया और उदयपुर जसरतपुर ले आया। यहाँ उसने अपने पिता इदरीस के साथ मिलकर उसे नाजरीन बनाया और निकाह कर लिया।

नाजरीन बनाने के बाद अमन उसके साथ जबरन संबंध बनाता था और विरोध करने पर मारपीट करता था। जब शनिवार (13 जुलाई 2024) को वो किसी तरह से भागी, तो रास्ते में विहिप से जुड़े कपिल पटेल से मिलकर उन्हें अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद हिमाँशु पटेल के नेतृत्व में हिंदू कार्यकर्ता बिथरी थाने पहुँचे और कार्रवाई की माँग की। इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने अमन को हिरासत में ले लिया और पीड़ित किशोरी के परिजनों को सूचना दी।

एसपी देहात मुकेश चंद्र मिश्र ने कहा है कि उन्हें मामले की जानकारी है और पुलिस मामले की जाँच कर रही है। इस मामले में पुलिस ने अपहरण, कन्वर्जन, रेप के मामले में अमन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि षडयंत्र में शामिल उसके अब्बू इदरीस की तलाश में दबिशें जारी हैं।

जगन्नाथ मंदिर के ‘रत्न भंडार’ और ‘भीतरा कक्ष’ में क्या-क्या: RBI-ASI के लोगों के साथ सँपेरे भी तैनात, चाबियाँ खो जाने पर PM मोदी ने उठाए थे सवाल

पहली बार ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में ‘रत्न भंडार’ को खोला जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ये कदम उठाया जा रहा है। 46 वर्षों पहले इसे खोला गया था। इसे रहस्यमयी माना जाता है और किसी को भी नहीं पता है कि इसके भीतर क्या-क्या है। इसे 1985 में खोला गया था। तब इसमें जो-जो चीजें हैं उसकी सूची बनाई गई थी। हालाँकि, ये टीम तब ‘भीतरा कक्ष’ में नहीं घुस पाई थी। तब माना गया था कि कई साँप इसकी रक्षा करते हैं।

उसके बाद से अब तक कुछ नहीं पता लगाया जा सका है कि इसमें कितना धन है, इसकी कीमत कितनी है। कहा जाता है कि इसकी चाबियाँ खो गई हैं, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सवाल उठाया था। राज्य में भाजपा की पहली बार जीत हुई है, वर्षों से यहाँ BJD की सरकार थी। ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि सारे आभूषणों का ऑडिट किया जाएगा। मौजूदा मंदिर 12वीं सदी में बनाया गया था। कई राजाओं, भक्तों और व्यापारियों द्वारा दान में दिए गए कीमती धातु यहाँ रखे गए हैं।

‘श्री जगन्नाथ टेम्पल एडमिनिस्ट्रेशन (SJTA)’ के मुखिया के नेतृत्व में टीम इस काम पर लगाई गई है। इसमें ‘भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI)’ के लोग भी होंगे। ASI इस इस मंदिर के मेंटेनेंस का काम देखती है। इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) के प्रतिनिधि को भी इसमें शामिल किया गया है। 1978 में 70 दिनों में ये प्रक्रिया पूरी की गई थी। अगर पुरी प्रबंधन के बाद चाबी नहीं मिलती है तो मजिस्ट्रेट की निगरानी में ताला तोड़ा जाएगा।

सँपेरों को भी तैनात किया गया था। अगर मेडिकल सप्लाई की ज़रूरत पड़ती है तो इसके लिए डॉक्टरों की एक टीम को भी तैनात किया गया है। 2018 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद इसकी संरचना का परीक्षण किया गया था। हालाँकि, कुछ विद्वानों का कहना है कि ‘रत्न भंडार’ के भीतर साँप होने की बातें किवदंती भी हो सकती है। लेकिन, वो इस बात से इनकार नहीं करते हैं कि कुछ छोटे-मोटे साँप यहाँ हो सकते हैं। ‘भीतरा भंडार’ 25*40 फ़ीट का है।

मांस-मछली से मुक्त हुआ गुजरात का पालिताना, इस्लाम और ईसाइयत से भी पुराना है इस शहर का इतिहास: जैन मंदिर शहर के नाम से प्रसिद्ध

गुजरात के भावनगर में स्थित पालिताना शहर में माँसहारी भोजन और माँस की बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। पालिताना शहर जैन धर्म के सबसे पवित्र नगरों में से एक है। इसी के साथ पालिताना दुनिया का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहाँ माँसाहारी भोजन पर पूर्ण प्रतिबंध लग गया है।

भावनगर जिले में स्थित पालिताना में 250 से अधिक माँस बिक्री केंद्र चल रहे थे, जिसका विरोध जैन धर्म के साधु-संत लगातार कर रहे थे। जैन साधुओं ने कहा कि अहिंसा जैन धर्म का मुख्य सिद्धांत है। ये जगह जैन धर्म के लिए पवित्र है, खासकर शत्रुंजय पहाड़ियों का क्षेत्र, इसलिए यहाँ मांसाहार, पशु वध पर पूरी तरह से बैन लगना चाहिए। प्रशासन ने उनकी माँगों को सुना और पालिताना में मांस पर संपूर्ण बैन का आदेश जारी कर दिया। पालिताना शहर में मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल का भी समर्थन मिला है। 

पालिताना जैनियों के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थानों में से एक है और यह स्थान, जो शत्रुंजय पहाड़ियों में स्थित है, इसको जैन मंदिर शहर के रूप में भी जाना जाता है, पालिताना शहर में 800 जैन मंदिर हैं। शहर में सबसे प्रसिद्ध जैन मंदिर आदिनाथ मंदिर है, और यह भगवान आदिनाथ को समर्पित है, जो जैन धर्म के पहले तीर्थंकर थे। पालिताना न केवल पर्यटन के लिए बल्कि अपने धार्मिक महत्व के कारण भी ऐतिहासिक शहरों में से एक है। यह मंदिर, इस क्षेत्र के अन्य मंदिरों के समूह के साथ, जैनियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक रहा है, और यह 5वीं शताब्दी ईस्वी पूर्व का है।

पालिताना जैन धर्म के लिए अयोध्या जैसा शहर

बता दें कि जैनियों के लिए पालिताना का वही महत्व है जो हिंदुओं के लिए राम जन्मभूमि, ईसाइयों के लिए यरुशलम और मुसलमानों के लिए मक्का का है। जैन पालिताना को पवित्र मानते हैं क्योंकि यह शत्रुंजय पहाड़ियों का उद्गम स्थल है, जिसे ‘शाश्वत भूमि’ या शाश्वत भूमि कहा जाता है जो समय के उतार-चढ़ाव से बच जाएगी और आने वाले समय में अरबों आत्माओं के लिए धार्मिकता और मोक्ष का प्रतीक बनी रहेगी।

जैन धर्म के अनुसार, अनगिनत आत्माओं ने पवित्र शत्रुंजय तीर्थ के माध्यम से मोक्ष या ‘निर्वाण’ प्राप्त किया है, जिसमें वर्तमान चक्र के पहले तीर्थंकर, भगवान आदिनाथ, इक्ष्वाकु वंश के संस्थापक शामिल हैं – यह नाम एक घटना से लिया गया है जिसमें एक जैन श्रावक ने भगवान आदिनाथ की 400 दिनों से अधिक की कठोर तपस्या को तोड़ने के लिए इक्षु रस (गन्ने का रस) चढ़ाया था, जिसे जैन भाषा में ‘वर्षिप्तप’ के रूप में जाना जाता है। जैनियों के अनुसार, यह धार्मिक तीर्थस्थल अरबों साल पुराना है और आने वाले समय तक अनंत काल तक सुरक्षित रहेगा।

जैन धर्म के मूल में अहिंसा, सिर्फ इंसान ही नहीं जानवरों के लिए भी नियम मान्य

शत्रुंजय पहाड़ियों की यह पवित्रता और शीर्ष पर स्थित धार्मिक मंदिर, साथ ही जैन धर्म का मूल सिद्धांत अहिंसा है जो पालिताना में मांस की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध लगाने की मांग का आधार बनता है। अहिंसा जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है जो इसके नैतिकता और सिद्धांत की आधारशिला है। इसका अर्थ है पूरी तरह से हानिरहित होना, न केवल अपने प्रति बल्कि दूसरों के प्रति भी, जिसमें जीवन के सभी रूप शामिल हैं, सबसे बड़े स्तनधारियों से लेकर पृथ्वी पर सबसे छोटे सूक्ष्मजीवों तक।

जैन धर्म सभी जीवित प्राणियों के लिए समान अधिकारों का दावा करता है, चाहे उनका आकार, रूप या आध्यात्मिक विकास कुछ भी हो। किसी भी जीवित प्राणी को किसी अन्य जीवित प्राणी को नुकसान पहुँचाने, घायल करने या मारने का अधिकार नहीं है, चाहे वह जानवर, कीड़े या पौधे हों। सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जीवित प्राणी का जीवन पवित्र है।

सड़क के गड्ढे में पड़ गया ऑटो का पहिया, पानी का छींटा पड़ने से नाराज़ नन्नू खान ने ड्राइवर को चाकू घोंपा फिर बाइक से हो गया फरार: अस्पताल में चल रहा इलाज

महाराष्ट्र के ठाणे में शाहबाज़ नामक शख्स ने रात चलते एक ऑटो ड्राइवर को चाकू घोंप दिया है। ऑटो चालक को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। असल में इस पूरे विवाद का कारण मामूली है। बताया जा रहा है कि ड्राइवर जब ऑटो लेकर सड़क से गुजर रहा था, उसका पहिया बारिश के पानी से भरे गड्ढे में पड़ गया। इससे बाइक से उधर से गुजर रहे शाहबाज़ के शरीर पर पानी के छींटे पड़ गए, जिससे वो आक्रोशित हो गया।

ठाणे पुलिस ने शनिवार (13, जुलाई, 2024) को बताया कि शाहबाज़ ने इस दौरान ऑटो ड्राइवर से बदला लेने की ठानी। उसने ऑटो के वापस आने का इंतज़ार किया, जैसे ही ड्राइवर दिखा उसने ताबड़तोड़ चाकू से वार करना शुरू कर दिया। ये घटना शुक्रवार की शाम को करीब साढ़े 5 बजे घोड़बंदर रोड की है। शाहबाज़ उर्फ़ नन्नू खान की उक्त ऑटो चालक के साथ कहासुनी भी हुई थी। ऑटो का सिर्फ एक पहिया ही पानी में पड़ा था, जिसके छींटे नन्नू खान पर पड़े थे।

नन्नू खान ने न सिर्फ ऑटो ड्राइवर को चाकू घोंपा, बल्कि उसकी पिटाई भी की। ऑटो चालक ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत की है, जिसके बाद नए BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 127(1) (गलत तरीके से रोकना), 118(1) (गंभीर चोट पहुँचाना), 115(2) (चोट पहुँचाना), 352 (जानबूझकर अपमान करना) और 351(2) (आपराधिक आतंकवाद) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि IPC (भारतीय दंड संहिता) की जगह अब BNS ने ले ली है।

पुलिस ने बताया कि ऑटो चालक का उपचार किया जा रहा है, जल्द ही उसका बयान भी दर्ज किया जाएगा। पीड़ित ऑटो ड्राइवर की पहचान शकील रसूल शेख के रूप में हुई है। वो आनंदनगर स्थित परदेशी बाबा चॉल का रहने वाला है। इस घटना को अंजाम देने के बाद शाहबाज़ बाइक से फरार हो गया, पुलिस उसकी तलाश कर रही है।कासरवडवली पुलिस थाने में इस संबंध में FIR दर्ज की गई है। पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी हुई है।

US में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगी गोली, हमलावर सहित 2 की मौत: PM मोदी ने जताया दुख, कहा- ‘राजनीति में हिंसा की जगह नहीं’

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप पेन्सिलवेनिया के बटलर में रैली कर रहे थे। उन पर दूर से हमलावर ने गोली चलाई, जो उनके कार को चीरती हुई निकल गई। इस दौरान गोलीबारी में एक समर्थक की भी मौत हो गई, तो 2 लोग घायल हो गए। इस गोलीबारी के दौरान ही सुरक्षाबलों ने हमलावर को मार गिराया। इस हमले में डोनाल्ड ट्रंप घायल हो गए और उनके कान से निकला खून उनके चेहरे पर दिखा। हालाँकि वो घबराए हुए बिल्कुल नहीं लगे और मुट्ठी तानकर लोगों से डटे रहने का इशारा किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हमला बटलर में मतदाताओं और समर्थकों को संबोधित करते समय हुआ। हमले के दौरान का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप मंच से रैली को संबोधित कर रहे हैं, तभी गोलियाँ चलने की आवाज आती है। गोलियाँ चलने के बाद ट्रंप कान पर हाथ लगाकर पोडियम के नीचे झुक जाते हैं और इसके बाद उनके सिक्योरिटी गार्ड उन्हें घेर लेते हैं। करीब 50 सेकंड के बाद ट्रंप पोडियम से पीछे से उठते हैं, और हवा में मुट्ठी भींचकर लोगों से कुछ बोलते हैं। इस दौरान ट्रंप के चेहरे और कान के नीचे खून देखा जा सकता है।”

ट्रंप ने ट्वीट करके कहा- “भगवान बचाए अमेरिका को”

इस घटना के बाद ट्रंप की ओर से एक्स पर बयान जारी किया गया। ट्रंप ने एक्स पर लिखा, “मैं US सीक्रेट सर्विस और सभी कानूनी एजेंसियों को धन्यवाद देना चाहता हूँ जिन्होंने बटलर, पेनसिल्वेनिया में हुई गोलीबारी पर तुरंत कदम उठाए। मैं रैली में मारे गए शख्स के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूँ, और साथ ही एक अन्य व्यक्ति जो घायल हुआ है उसके परिवार के प्रति मेरी सहानुभूति है। यह अविश्वसनीय है कि हमारे देश में ऐसा कुछ हो सकता है। इस समय मारे गए हमलावर के बारे में कुछ भी पता नहीं चला है। मेरे दाहिने कान के ऊपरी हिस्से में एक गोली लगी। मुझे तुरंत अहसास हो गया कि कुछ गड़बड़ है क्योंकि मैंने एक तेज़ गोली की आवाज सुनी और तुरंत महसूस किया कि गोली स्किन को चीरती हुई निकल गई है। मुझे अहसास हुआ कि बहुत खून बह रहा है। अमेरिका को भगवान बचाए।”

ट्रम्प के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर ने एक्स पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “वह अमेरिका को बचाने के लिए लड़ना कभी बंद नहीं करेंगे।”

इस बीच राष्ट्रपति जो बायडेन ने भी बयान जारी किया है। बायडेन ने कहा, “मुझे पेंसिल्वेनिया में डोनाल्ड ट्रम्प की रैली में हुई गोलीबारी के बारे में जानकारी मिली है। मुझे यह सुनकर खुशी हुई कि वह सुरक्षित हैं और उनका स्वास्थ्य अच्छा है। अमेरिका में इस तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। हमें एक राष्ट्र के रूप में इसकी निंदा करनी चाहिए।”

पीएम मोदी बोले – ‘राजनीति में हिंसा की जगह नहीं’

पीएम मोदी ने इस हमले को लेकर दुख जताया है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “मेरे मित्र, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर हुए हमले से मैं बहुत चिंतित हूँ। इस घटना की कड़ी निंदा करता हूँ। राजनीति और लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। हमारी संवेदनाएँ और प्रार्थनाएँ मृतकों के परिवार, घायलों और अमेरिकी लोगों के साथ हैं।”

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति जो बायडेन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप आमने-सामने हैं। जो बायडेन विपक्ष समेत अपने ही दल के साथियों के निशाने पर हैं कि उनकी उम्र 81 वर्ष हो चुकी है, जिसकी वजह से वो सबकुछ भूल जाते हैं। ऐसे में उन्हें खुद को चुनाव से अलग कर लेना चाहिए, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इन्कार कर दिया है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप तमाम मुसीबतों के बावजूद मैदान में डटे हुए हैं। उनकी जीवटता की मिशाल तब देखने को मिली, जब लहू-लुहान होकर भी उन्होंने मुट्ठी भींचकर लोगों से डटे रहने का आह्वान किया।

छात्र झारखंड के, राष्ट्रगान बांग्लादेश-पाकिस्तान का, जनजातीय लड़कियों से ‘लव जिहाद’, फिर ‘लैंड जिहाद’: HC चिंतित, मरांडी ने की NIA जाँच की माँग

झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आवाज़ उठाई है। बांग्लादेशी घुसपैठ के राज्य में क्या दुष्परिणाम हो रहे हैं, ये बताने के लिए उन्होंने 4 साल पुरानी एक खबर भी साझा की है। बता दें कि तब घाटशिला के एक स्कूल में बच्चों को बांग्लादेश और पाकिस्तान का राष्ट्रगान याद करने का होमवर्क दिया गया था। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी का कहना है कि झारखंड को ‘मिनी बांग्लादेश’ बनाने की साजिश चरम पर है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर इस तब अख़बार में छपी खबर की तस्वीर शेयर की। साथ ही उन्होंने लिखा, “LKG और UKG कक्षा के बच्चों को बांग्लादेश और पाकिस्तान का राष्ट्रगान रटवा कर नन्ही उम्र में ही ब्रेनवॉश किया जा रहा है। यह संयोग नहीं, बल्कि झारखंड की आदिवासी मूलवासी पहचान को मिटाने का खतरनाक प्रयोग है। देश विरोधी गतिविधि में संलिप्त इस स्कूल का संचालन और फंडिंग करने वाले गिरोह की सघनता से जाँच करने की आवश्यकता है।”

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अपने संरक्षण में बांग्लादेशी घुसपैठियों के फ़र्जी कागजात तैयार कर उन्हें झारखंड में बसाने वाली झामुमो-कॉन्ग्रेस गठबंधन सरकार से ऐसे संवेदनशील विषयों में कार्रवाई की उम्मीद नहीं की जा सकती। इस कारण उन्होंने NIA से अनुरोध किया है कि वो मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करें। बता दें कि जुलाई 2020 में जब ये मामला सामने आया था, तब भी ये काफी तूल पकड़ा था। उस समय भी आरोप लगाया गया था कि झारखंड में शिक्षा का इस्लामीकरण शुरू हो गया है।

हाल ही में झारखंड उच्च न्यायालय ने भी इस समस्या पर चिंता जताई है, जिसके बाद ये मामला फिर से गर्म हो गया है। झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार (3 जुलाई, 2024) को कहा है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिह्नित कर उनके प्रत्यर्पण के लिए एक एक्शन प्लान बनाने के लिए कहा है। संथाल परगना क्षेत्र में ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ PIL पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ऐसा कहा। राज्य सरकार को 2 हफ़्तों के भीतर एफिडेविट दायर करने के लिए कहा गया है।

झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रभाव बढ़ने का सबसे अधिक खामियाजा जनजातीय समाज को भुगतना पड़ता है। मशरूम की तरह अवैध मदरसे उग रहे हैं। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ जा जनजातीय समाज की लड़कियों को फाँस कर शादी कर ली जाती है, फिर उन लड़कियों को पंचायत चुनाव में खड़ा कर दिया जाता है। जनप्रतिनिधि का पद परिवार में आ जाने के बाद ये लोग उसकी आड़ में ड्रग्स तक का धंधा भी करते हैं। साथ ही अन्य घुसपैठियों को सरकारी फायदे दिलाने के लिए उनके दस्तावेज भी बना दिए जाते हैं।

बाबूलाल मरांडी ने जो खबर शेयर की है, वो ये बताता है कि कैसे शिक्षा व्यवस्था पर इस्लामी प्रभाव पड़ने के कारण बच्चे अपने देश की संस्कृति भूलते चले जाते हैं। ‘नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर’ नामक स्कूल में छात्रों को भारत नहीं बल्कि पाकिस्तान और बांग्लादेश का राष्ट्रगान याद करने का होमवर्क दिया गया था। अभिभावकों का कहना था कि वो अपने बच्चों को पाकिस्तान और बांग्लादेश का राष्ट्रगान नहीं पढ़ने देंगे। विद्यालय प्रबंधन को ये टास्क विरोध के बाद वापस लेना पड़ा था।

हमने बिहार में भी इसका प्रभाव देखा है, जहाँ सीमांचल में मुस्लिम आबादी बढ़ने और घुसपैठियों को शरण मिलने के बाद रविवार की जगह शुक्रवार (जुमा) के दिन साप्ताहिक अवकाश दिया जाने लगा। बड़ी बात ये है कि झारखंड वाली समस्या पर भाजपा विरोधी राजनीतिक दल भी चुप रहते हैं, जबकि वो खुद को पिछड़ों का रहनुमा कहते नहीं थकते हैं। जनजातीय समाज की समस्याओं पर उनकी चुप्पी मुस्लिम तुष्टिकरण को लेकर उनके झुकाव को प्रदर्शित करती है।

नोटों की गड्डियाँ बिछाकर मुनीम करता था वीडियो कॉल: इमरान ने लिव-इन पार्टनर दीप्ति के जरिए प्रेमजाल में फँसाया, फिर लूट लिए 50 लाख रुपए

राजस्थान की राजधानी जयपुर में इमरान ने अपनी लिव-इन पार्टनर के साथ मिलकर एक मुनीम को हनी ट्रैप में फँसा लिया और उससे 50 लाख रुपए लूट लिए। मुनीम मालिक की अनुपस्थिति में अलमारी में रखे नोटों की गड्डियों को बिछाकर उसे दिखाने के लिए अपने दोस्तों को वीडियो कॉल करता था। इसकी जानकारी इमरान के गैंग को लगी तो उसने मुनीम को हनी ट्रैप में फँसा लिया।

मुनीम विजय फ्लैट में अकेला रहता था। वह तिजोरी से नोटों की गड्डियाँ निकालकर उनको बिछा लेता और उन पर लेट जाता। इस दौरान वह वीडियो कॉल करके अपने साथियों को दिखाया करता था। इस तरह उसने करीब 15 साथियों को वीडियो कॉल करके यह सब दिखाया था। इन्हीं में से किसी साथी के जरिए इमरान के शेखावटी गैंग को इसकी जानकारी मिली। 

मुनीम विजय की इस हरकत की जानकारी मिलते ही इमरान ने मुनीम को लूटने की योजना बनाई। उसने अपनी लिव-पार्टनर प्रभाती देवी उर्फ दीप्ति नाम की एक महिला को भेजा। दीप्ति ने मुनीम से दोस्ती की। दोनों के बीच वीडियो कॉल होने लगा। उस दौरान भी मुनीम दीप्ति को नोटों की गड्डियाँ दिखाता था। धीरे-धीरे दीप्ति ने मुनीम से अपनी नजदीकियाँ बढ़नी शुरू कर दी।

एक दिन भाटी कॉम्प्लेक्स के एक ऑफिस का इस मुनीम ने युवती को मिलने के लिए बुलाया। 21 जून की रात को कारोबारी के दफ्तर में ही मिलना तय हुआ। वहाँ पहुँचकर दीप्ति ने उसे नशीला ड्रिंक पिलाकर मुनीम को बेहोश कर दिया। इसके बाद अपने गैंग के लोगों के साथ मिलकर अलमारी में रखे 50 लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। साथ में वे मुनीम का मोबाइल भी लेकर चले गए।

इस वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने दीप्ति और उसके प्रेमी इमरान खान को पकड़ लिया। दोनों के पास से 35.25 लाख रुपए नकद बरामद कर लिए गए हैं। प्रभाती देवी चूरू के गाजसर की रहने वाली है, जबकि इमरान खान चूरू के रतननगर का रहने वाला है। प्रभाती देवी उर्फ दीप्ति तलाकशुदा है। कुछ समय से इमरान के साथ रह रही थी। 

पुलिस ने बताया कि मामले का खुलासा करने के लिए गठित आधा दर्जन टीमों ने 300 कैमरों के फुटेज व 110 मोबाइल नंबरों की सीडीआर का एनालिसिस किया। इसके बाद इस गैंग का खुलासा हुआ। इस मामले में तीन हिस्ट्रीशीटर सहित 4 अन्य आरोपित फरार हैं। फरार आरोपियों में शामिल साबिर, साहिल गाजी, अभिषेक व अमित कास्वां अलग-अलग थानों के हिस्ट्रीशीटर हैं।

ये गैंग इंटरनेट से वर्चुअल नंबर जनरेट कर आपस में बात करते थे, ताकि ये पुलिस की पकड़ में ना आ सकें। फिलहाल विद्याधर नगर थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है। वहीं, फरार आरोपितों की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

‘अल्लाह के अलावा और कोई भगवान नहीं’: गायक लकी अली ने फिर दिखाई कट्टरता, पहले कहा था- इब्राहिम से निकला है ब्रह्म

गायक लकी अली ने एक बार फिर अपनी कट्टर सोच का प्रदर्शन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पहले विक्टिम कार्ड खेला और जब एक व्यक्ति ने उनसे प्रश्न किए तो वह बताने लगे कि इस दुनिया में अल्लाह के अलावा और कोई ईश्वर नहीं है। उनका यह पोस्ट अब वायरल हो रहा है।

‘ओ सनम’ गाने से प्रसिद्ध होने वाले गायक लकी अली ने पहले 12 जुलाई, 2024 को एक पोस्ट डाल कर विक्टिम कार्ड खेला। उन्होंने इस पोस्ट में लिखा, “आज दुनिया में मुसलमान होना एक अकेलेपन की बात है, पैगंबर की सुन्नत का पालन करना अकेलेपन की बात है, आपके दोस्त आपको छोड़ देंगे, दुनिया आपको आतंकवादी कहेगी।”

इसके कुछ ही देर बाद लकी अली ने एक और पोस्ट की जिसमें उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में उन्हें कैसे एक बार जन्नत का अनुभव हुआ। उन्होंने इसमें एक मस्जिद में नमाज पढ़ने के दौरान एक आदमी से मुलाक़ात जिक्र इसमें किया था। उन्होंने इस पोस्ट में अल्लाह को धन्यवाद दिया और बताया कि इस्लाम ही सच्चा है और इस्लाम में विश्वास करने वाले धन्य हैं।

उन्होंने कहा,”मैं प्रार्थना करता हूँ कि हम इस्लाम में रहते हुए ही जिएँ और मरें। उनके इस पोस्ट के बाद एक व्यक्ति ने पूछा कि क्या इस्लाम में विश्वास करने वाले ही सौभाग्यशाली और उसमें विश्वास ना करने वाले अभिशप्त हैं, और क्या काफिर (इस्लाम ना मानने वाला) नरक में ही जाएगा।”

इसका जवाब देते हुए लकी अली ने कहा, “यदि आप अल्लाह की नेमत पर विश्वास नहीं करते हैं तो अल्लाह से उसकी उम्मीद भी कैसे कर सकते हैं? आपने सुना होगा कि माँगोगे और तुम्हें मिलेगा, खोजोगे और तुम पाओगे। अल्लाह का ही कहना है कि कोई और ईश्वर नहीं है, केवल अल्लाह ही हैं।”

उनकी इस टिप्पणी से साफ़ हो गया कि वह इस्लाम को मानने वालों के अलावा बाकी लोगों को अभिशप्त मानते हैं। उनकी टिप्पणी से यह भी साफ हुआ कि वह जिस मजहब में विश्वास करते हैं, केवल उसी के अल्लाह को सही मानते हैं और बाकी धर्म के मानने वालों की इज्जत नहीं करते।

लकी अली का यह कट्टर रवैया कई लोगों को पसंद नहीं आया। कई लोगों ने उनकी तुलना मौलाना जाकिर नाइक से कर दी जो कि आतंक फ़ैलाने के मामलों में वांछित है। कुछ लोगों ने उन्हें सेवानिवृत्त होने की सलाह दी।

हालाँकि, यह पहला ऐसा मौक़ा नहीं है जब लकी अली ने अपनी कट्टरता प्रदर्शित की हो। इससे पहले इजरायल पर इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमले के बाद उन्होंने फिलिस्तीन जाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने इससे पहले दावा किया था कि ब्रह्म नाम इब्राहिम से आया है और ब्राम्हण इब्राहिम की संतति से हैं। उन्हें इस पोस्ट को लेकर बाद में माफ़ी माँगनी पड़ी थी।

जलगाँव में बार-बार चेन खींचकर पैसेंजर ट्रेन रोकी, फिर उतरकर यात्रियों पर करने लगे पथराव: उपद्रवी भीड़ में बुर्के वाली महिलाएँ भी दिखीं, वीडियो वायरल

महाराष्ट्र के जलगाँव जिले में कुछ अज्ञात उपद्रवियों द्वारा भुसावल-नंदुरबार पैसेंजर ट्रेन पर पथराव किया गया है। इसको लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बुर्का और नमाजी टोपी पहने लोग ट्रेन पर पर पथराव कर रहे हैं। इससे यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया। इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।

इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए @AshwiniSahaya नाम के X हैंडल ने लिखा, “महाराष्ट्र के जलगाँव में शुक्रवार को बुर्का पहनीं महिलाओं और टोपी पहने पुरुषों की भीड़ ने हिंदू श्रद्धालुओं से भरी ट्रेन पर जमकर पथराव किया। रिपोर्ट के अनुसार, सैकड़ों हिंदू श्रद्धालु अमलनेर तालुका के धार में एक पहाड़ी पर जात्रा/उरुस उत्सव के लिए एकत्र हुए थे।”

अश्विनी सहाय ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा, “वे ट्रेन में चढ़े और पहाड़ी पर उतरने के लिए चेन खींची। जैसे ही वे उतरे, चलती ट्रेन पर पत्थर फेंके गए, जिससे अन्य यात्रियों में दहशत फैल गई, जो डर के मारे चिल्ला रहे थे।”

इस पोस्ट पर जवाब देते हुए मुंबई सेंट्रल रेलवे के डीआरएम ऑफिस ने कहा, “रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उक्त घटना में अमलनेर के आरपीएफ प्रभारी ने रेलवे अधिनियम 154 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एएन सीआर 473/2024 दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए अमलनेर जीआरपी को भी घटना की जानकारी दे दी गई है।”

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, शुक्रवार (12 जुलाई 2024) की सुबह बड़ी संख्या में लोग एक धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए भुसावल से भोरटेक जा रहे थे। उस दौरान ट्रेन में आरपीएफ के जवान भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि ट्रेन में यात्रा कर रहे छह आरपीएफ कर्मियों ने अभी तक घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।

घटना 12 जुलाई की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, भुसावल से नंदुरबार जाने वाली पैसेंजर ट्रेन सुबह 10:50 बजे अमलनेर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। इसके करीब 10 मिनट बाद कुछ लोग ट्रेन की चेन खींचकर मलनेर तालुका के धार में पहाड़ी के पास उतर गए और चलती ट्रेन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान नमाजी टोपी और बुर्के में भी लोग दिखे।

हालाँकि, विनीत अभिषेक का यह भी कहना है कि इस घटना में किसी को चोट लगने की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि इसको लेकर किसी ने अभी तक लिखित रिपोर्ट नहीं दी है। वायरल वीडियो के आधार पर जीआरपी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

बता दें कि इस तरह की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। अप्रैल 2024 में ग्वालियर से जौरा जा रही MEMU ट्रेन पर पथराव का मामला सामने आया था। घटना उस समय हुई जब ट्रेन ग्वालियर के बिरला नगर स्टेशन पर पहुँची थी। इससे पहले ग्वालियर-मुरैना के पास वंदे भारत एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस पर भी इसी तरह के पथराव की खबरें आई थीं।