Home Blog Page 835

1500 साल पुरानी वराह अवतार की मूर्ति का संरक्षण: एक ही पत्थर पर बने 1200 से ज्यादा चित्र, पूरी दुनिया में इकलौता ऐसा

मध्य प्रदेश के सागर जिले के ऐरण में गुप्तकालीन मंदिर, स्मारक, स्तंभ मिले हैं। यहाँ वराह अवतार की ऐसी मूर्ति है, जो पूरी दुनिया में कहीं नहीं दिखती। ऐरण में वराह की मूर्ति 12 फीट ऊँची और 15 फीट लंबी है। ये मूर्ति लाल बलुआ पत्थर के एक ही बड़े टुकड़े पर बनी हुई है, जो हैरान कर देती है। अब इस मूर्ति को संरक्षित किया गया है। इस मूर्ति के संरक्षण में लंबा समय लगा, लेकिन अब अगले कई वर्षों तक ये मूर्ति सुरक्षित रहेगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐरण में स्थित वराह की इस मूर्ति लगभग 1,200 चित्र भी बने हैं, जिसमें तमाम देवी-देवता हैं। यह संरचना गुप्त काल की है और इतिहास की गवाह है। यहाँ तक ​​कि इस क्षेत्र पर हमला करने वाले हूणों ने भी मूर्ति की गर्दन पर एक शिलालेख अंकित करके अपना योगदान दिया। अब इस मूर्ति का संरक्षण किया गया है, ताकि इसे और क्षति न पहुँचे।

एएसआई के जबलपुर सर्कल के अधीक्षण पुरातत्वविद् शिवकांत बाजपेयी ने कहा, “यह संरक्षण कार्य लंबे समय से लंबित था। अब, ‘वराह’ मूर्ति कम से कम 15-20 वर्षों तक अच्छी हालत में रहेगी। ऐरण परिसर का संरक्षण किया जाएगा। हमारा लक्ष्य अपने सर्कल में हर स्मारक को संरक्षित करना है।” इसके संरक्षण का कार्य ASI के रायपुर सर्कल ने किया है। इसे संरक्षित करने के लिए रसायनों का उपयोग किया गया और मूर्ति उग घई शैवाल जैसी जैव-कोशिकाओं को हटाया गया। एएसआई की रायपुर स्थित विज्ञान शाखा के उप-अधीक्षण रसायनज्ञ प्रदीप मोहपात्रा ने कहा, “हम सुनिश्चित करते हैं कि स्मारक अगली पीढ़ी को उसी तरह से दिया जाए जैसा हमें मिला।”

ऐरण में प्रचीन वराह और विष्णु मंदिर स्थापित है। ऐरण के अभिलेखों को गुप्त काल का गवाह माना जाता है। ऐरण में 47 फुट ऊँचा एक स्तंभ भी है जो एक ही शिला से बना हुआ है। ऐरण के इन प्राचीन शिलालेखों को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक यहाँ पहुँचते हैं। ऐरण के अभिलेख 510 ईसवीं के माने जाते हैं। ऐरण में विशाल वराह, विष्णु और नरसिंह मंदिर मौजूद हैं। ऐरण में वराह की इतनी बड़ी प्रतिमा है जो भारत में और कहीं नहीं है। इसमें मुख, पेट, पैर और समस्त अंगों में देव प्रतिमाएँ बनी हुई हैं।

ऐरण के पुरातात्विक महत्व के बारे में और अधिक जानने के लिए डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग की ओर से यहाँ खुदाई कराई गई थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ऐरण में खुदाई कर रही, जिसमें वहाँ और गुप्तकालीन अभिलेख मिले हैं। यहाँ कुछ हिस्सों में अब भी पुरातात्विक खुदाई जारी है।

गुप्तकालीन विरासत को बचाने की जद्दोजहद

मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित ऐरण नाम की जगह पर गुप्तकालीन विशालकाय विष्णु प्रतिमा, वराह प्रतिमा और गरुड़ स्तंभ मिले हैं, जो देश में कहीं और नहीं मिलते। सबसे पहले 1838 ईस्वी में भारत के प्रसिद्ध पुरातत्वविद टीएस बर्ट ने ऐरण की खोज की थी, इसके बाद भारतीय पुरातत्व के प्रथम महानिदेशक जनरल अलेग्जेंडर कनिंघम ने 1874-75 ईस्वी में इस क्षेत्र का सर्वेक्षण किया और यहाँ से प्राप्त प्राचीन प्रतिमाओं अभिलेखों और मुद्राओं का विवरण आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया रिपोर्ट में प्रकाशित करवाया।

ऐरण नगर का जिक्र ऋग्वेद में भी मिलता है। इसे एरिणिया कहा गया है। भगवान वराह को विष्णु का 16वाँ अवतार माना जाता है। भगवान विष्णु ने हिरण्याक्ष का वध करने के लिए सूकर अवतार लिया था। ऐरण नगर में ही एक 47 फुट ऊँचा स्तंभ भी है, जो एक ही शिला को काटकर बनाया गया है। वहीं, वराह की मूर्ति पर हूण राणा तोरमाण का भी उल्लेख है, जिसका शासनकाल 495 ईस्वी के आसपास का माना जाता है। इस वराह मूर्ति की जीभ पर माँ सरस्वती की आकृति है, तो वृश्तिक, कन्या, मत्स्य व अन्य राशियों का भी अंकन है। इस मूर्ति पर मंदिर भी बना है, जिसमें शिव, ब्रह्मा, विष्णु, गणेश आदि देवी-देवताओं को भी जगह मिली है।

पेपर लीक मामले के बाद UGC-NET 2024 परीक्षा की नई तिथि जारी: डार्क वेब पर मिले थे प्रश्न पत्र, शिक्षा मंत्रालय ने रद्द कर दी थी परीक्षा

पेपर लीक के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने UGC-NET 2024 परीक्षा की नई तिथि की घोषणा की है। अब इसे 21 अगस्त से 4 सितंबर 2024 के बीच आयोजित किया जाएगा। इस परीक्षा को 18 जून को आयोजित किया गया था। हालाँकि, पेपर लीक की घटना के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। इसके अलावा, अन्य परीक्षाओं की तिथियों की भी घोषणा की गई है।

NTA द्वारा जारी की गई नई तिथि के मुताबिक, यूजीसी नेट की सभी परीक्षाएँ कंप्यूटर आधारित होंगी। वहीं, NCET 2024 परीक्षा 10 जुलाई को होगी। संयुक्त सीएसआईआर यूजीसी नेट की परीक्षा 25 से 27 जुलाई के बीच आयोजित किया जाएगा। वहीं, अखिल भारतीय आयुष स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा (AIAPGET) 2024 पहले से निर्धारित 6 जुलाई को आयोजित होगी।

गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से पेपर लीक के बारे में जानकारी मिलने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा रद्द कर दी थी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जैसे ही यह स्पष्ट हो गया कि डार्कनेट पर आया यूजीसी-नेट का पेपर यूजीसी-नेट के मूल पेपर से मेल खाता है तो परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया।

सीबीआई जाँच के बाद पता चला कि पेपर 16 जून को डार्कनेट और अन्य एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया चैनलों पर परीक्षा से ठीक दो दिन पहले लीक हो गया था। इसे 5 लाख रुपए से अधिक की कीमत पर बेचा गया था। बता दें कि यूजीसी नेट की परीक्षा के जरिए जूनियर रिसर्च फेलो, असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी स्कॉलर्स का चयन होता है।

यूजीसी नेट परीक्षा का आयोजन साल में दो बार- जून और दिसंबर में होता है। इस साल NTA ने UGC की ओर से पेन-पेपर मोड में UGC NET का आयोजन किया था। हालाँकि, वर्ष 2018 में NTA के गठन से पहले UGC-NET का आयोजन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) करता था। इस साल इस परीक्षा में 9 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हुए थे। 

बता दें कि राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की परीक्षाओं का आयोजन करने वाली NTA एक स्वायत्त निकाय है। यह देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करती है। प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर इसे परीक्षा केंद्र तय करने और उत्तर पुस्तिका की जाँच तक की जिम्मेदारी NTA ही करती है।

केंद्र सरकार ने साल 2017 में इसके गठन का ऐलान किया था। दिसंबर 2018 में एनटीए ने पहली यूजीसी-नेट परीक्षा आयोजित कराई थी। यूजीसी-नेट, नीट के अलावा एनटीए इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा जॉइंट एंट्रेस एग्जामिनेशन (JEE-Main) भी आयोजित कराती है। इस परीक्षा के आधार पर आईआईटी और एनआईटी में एडमिशन मिलते हैं।

हालाँकि जेईई मेन के बाद जेईई एडवांस्ड लेवल की परीक्षा कराई जाती है और इसका आयोजन रोटेशन प्रणाली के आधार पर आईआईटी संस्थानों द्वारा कराई जाती है। इनके अलावा, एनटीए CMAT और GPAT जैसी परीक्षाएँ भी आयोजित कराती है। सीमैट देश के प्रबंधन संस्थानों में एडमिशन के लिए और जीपैट फार्मेसी संस्थानों में मास्टर्स प्रोग्राम में दाखिले के लिए कराए जाते हैं।

NEET पेपर लीक केस में CBI ने एहसानुल हक़ और इम्तियाज को दबोचा, इसी के सेंटर का प्रश्न पत्र पटना में मिला था: शिक्षा मंत्री बोले- मर्यादा का पालन हो तो चर्चा संभव

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि सरकार संसद में NEET भर्ती परीक्षा पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में चर्चा नियमों और परम्पराओं के तहत होनी चाहिए। दूसरी तरफ इस मामले में CBI ने अपना एक्शन चालू कर दिया है। CBI ने झारखंड से दो आरोपितों को इस मामले में गिरफ्तार किया है। यह दोनों NEET का केंद्र बनने वाले एक स्कूल के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल हैं। इनकी गिरफ्तारी झारखंड से हुई है।

सरकार चर्चा के लिए तैयार: शिक्षा मंत्री

NEET को लेकर संसद में विपक्ष ने शुक्रवार (28 जून, 2024) को खूब हंगामा किया। उसने राज्यसभा और लोकसभा, दोनों की कार्रवाई में व्यवधान डाला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने NEET परीक्षा को लेकर राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के बीच NEET को लेकर बहस की माँग कर दी। दूसरी तरफ सरकार ने साफ किया कि वह हर मुद्दे पर चर्चा चाहती है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बताया कि यदि विपक्ष NEET पर चर्चा चाहता है तो सरकार भी तैयार है लेकिन यह चर्चा परम्पराओं और मर्यादा का ध्यान रख कर हो।

उन्होंने कहा, “जब राष्ट्रपति महोदया ने अपने भाषण में ही NEET मुद्दे का जिक्र किया है तो फिर लीपापोती का प्रश्न ही नहीं उठ रहा है। CBI ने अपनी कार्रवाई चालू कर दी है। हम किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मा दिया गया है। हम इस मामले में कोई गुंजाइश नहीं रखेंगे। हम देश को आश्वस्त कर रहे हैं। विपक्ष को मैं अपील करना चाहता हूँ कि वह देश के छात्रों को भ्रमित ना करे।” धर्मेन्द्र प्रधान ने यह भी बताया कि CBI सभी आरोपितों को जल्द पकड़ेगी।

CBI की कार्रवाई ने पकड़ी रफ्तार, 2 और गिरफ्तार

NEET परीक्षा में हुई धांधली को लेकर CBI ने अपनी जाँच के बाद गिरफ्तारियाँ चालू कर दी हैं। गुरुवार (27 जून, 2024) को पटना से दो गिरफ्तारियों के बाद अब CBI ने झारखंड से भी दो लोगों को पकड़ा है। CBI ने शुक्रवार (28 जून, 2024) को झारखंड के हजारीबाग से ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसान उल हक़ और वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज को गिरफ्तार किया है। CBI इनसे इससे पहले पूछताछ कर रही थी। इसके अलावा सलाउद्दीन नाम के एक पत्रकार को भी गिरफ्तार कर सकती है।

जिन दो लोगों को CBI ने गिरफ्तार किया है, वह दोनों उस सेंटर के इंचार्ज थे, जहाँ NEET परीक्षा आयोजित की गई थी। CBI की टीम ने हजारीबाग में और भी लोगों से पूछताछ की है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आगे और भी गिरफ्तारियां इस मामले में देखने को मिलेंगी। इससे पहले CBI ने गुरुवार (27 जून, 2024) ने पटना से मनीष प्रकाश और उसके दोस्त आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों ने ‘सेफ हाउस’ में कमरा बुक कराया था।

बिहार पुलिस की EOU टीम से पेपर लीक जाँच की रिपोर्ट और सबूत हासिल करने के बाद अब CBI पेपर लीक के मुख्य आरोपित संजीव मुखिया को दबोचने की दिशा में काम कर रही है। CBI द्वारा गिरफ्तार मनीष प्रकाश ने अपने दोस्त आशुतोष से कहकर परीक्षार्थियों के लिए ‘लर्न एंड प्ले स्कूल’ को बुक कराया था। पटना के खेमनी चक स्थित लर्न एंड प्ले स्कूल में NEET का जला हुआ प्रश्न पत्र मिला था, जो इस घटना का प्रमुख सबूत है।

सरकार ने NEET मामले में जाँच के लिए CBI को 22 जून, 2024 को आदेश दिए थे। उसके बाद से वह लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी और पूछताछ में जुटी हुई है।

बेदी राम का मामला भी चर्चा में

NEET परीक्षा में गड़बड़ी और कार्रवाई की खबरों के बीच सुभासपा विधायक बेदीराम का मामला भी चर्चा में है। हाल ही में मीडिया में उनका एक स्टिंग किए जाने का दावा किया गया था। इस वीडियो में कथित तौर पर बेदीराम पेपर लीक की बात कबूल रहे थे। बेदीराम गाजीपुर की जखनियां विधानसभा से विधायक हैं। बताया गया है कि उन पर पूर्व में भी परीक्षाओं में गड़बड़ी करवाने के मामले दर्ज हुए हैं। यह सब खबरें सामने आने के बाद मीडिया में उनके भूमिगत हो जाने की बात कही जा रही है।

गौरतलब है कि हाल ही में NEET-UG परीक्षा का परिणाम सामने आया था। इस परिणाम में कुछ छात्रों ने गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी गया था। NEET परीक्षा कराने वाली संस्था NTA ने भी छात्रों को नम्बर दिए जाने में गड़बड़ी की बात मानी थी। इन छात्रों की परीक्षा दोबारा लिए जाने की बात कही गई थी। इसके अलावा परीक्षा में गड़बड़ी की बात का खुलासा बिहार की EOU ने किया था और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था।

जबलपुर के तुल्ला बाबा पहाड़ी पर मिले 57 पशुओं के अवशेष, गोकशी के संदेह में हिंदुओं का प्रदर्शन: सिवनी में भी मिले थे 50+ गोवंश के कटे सिर

मध्य प्रदेश के में जगह-जगह गोवंश मिल रहे हैं। इसको लेकर हिंदू समुदाय आंदोलित हो गया है। सिवनी के बाद अब जबलपुर जिले के कटंगी में 50 से अधिक पशुओं के अवशेष मिले हैं। इसको लेकर हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। हिंदू संगठनों ने शुक्रवार (28 जून 2024) को बंद बुलाया और सड़कों को जाम रखा।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जबलपुर-दमोह मार्ग पर लगभग 4 घंटे तक जाम लगाए रखा। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना और एसपी आदित्य प्रताप सिंह मौके पर पहुँचे। दोनों अधिकारियों ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।

हिंदू संगठनों का प्रदर्शन खत्म होने के बाद मार्केट भी खुल गया। इस विरोध प्रदर्शन में व्यापारियों ने भी हिंदू संगठनों का साथ दिया। बजरंग दल और दूसरे हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे पुलिस-प्रशासन की जाँच से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी माँग पर कलेक्टर ने दोबारा जाँच करवाने की बात कही है।

बता दें कि कटंगी इलाके के तुल्ला बाबा पहाड़ी में बुधवार (26 जून 2024) की दोपहर को 57 पशुओं के सिर एवं अवशेष मिले थे। ये अवशेष अलग-अलग स्थानों पर पड़े हुए थे। लोगों ने इन अवशेषों को गोवंश का अवशेष बताया। वहीं, जाँच रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से सिर्फ 5 अवशेष ही गोवंश के हैं। अवैध कटान से इनकार किया गया था।

वहीं, चिकित्सकों की रिपोर्ट में ये भी साफ हुआ है कि तीन अवशेष की जाँच में पता चला है कि उन्हें धारदार हथियार से काटा गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस बात के साक्ष्य भी नहीं मिले हैं कि तुल्ला बाबा की पहाड़ी में मृत जानवरों को लाकर फेंका जाता रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में पालतू एवं जंगली जानवर विचरण करते हैं। 

बजरंग दल के सुमित सिंह ठाकुर, रघुराज यादव समेत कई नेताओं ने ज्ञापन देते हुए माँग उठाई कि गोवंश की हत्या करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। आरोपितों के मकानों पर बुलडोजर चलाया जाए।वहीं, गोवंशों की तस्करी के इस्तेमाल होने वाले वाहनों को नष्ट किया जाए।

बता दें कि मध्य प्रदेश के सिवनी में 19 जून 2024 को गोवंश के 57 कटे शव मिले थे। प्रशासन ने मवेशी डॉक्टर को बुलाकर शवों का परीक्षण करवाने के बाद शवों कों दफना दिया था। इनकी पोस्टमॉर्टम से पता चला कि इनका गला 17 और 18 जून के बीच रेता गया। पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, नागपुर के तीन आरोपितों को चिह्नित किया है।

दरअसल, पुलिस की सख्ती के कारण ये गो तस्करों ने इनके गले काटकर शवों को फेंक दिए। पुलिस और ग्रामीणों को ऐसे 54 गोवंश मिले थे। एसपी राकेश सिंह का कहना है कि गोवंश का गला काटकर तस्कर सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ना चाहते थे, ताकि पुलिस की सख्ती ढीली पड़ जाए और दूसरे रास्ते से अन्य गोवंशों को ले जाने का मौका मिल जाए।

हिन्दू विवाहिता को अगवा करने गैंग के साथ पहुँचा मुस्लिम: विरोध करने पर माँ-बाप और भाई को मारी गोली, फरारी के बाद घरों पर चला बुलडोजर

मुरादाबाद में हिन्दू विवाहिता को अगवा करने के प्रयास में उसके माँ-बाप और भाई को गोली मारने वाले आरोपित मुस्लिम के घर पर यूपी पुलिस ने बुलडोजर चला दिया। यह सभी आरोपित अभी फरार हैं। पीड़ित अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस आरोपितों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा मामला मुरादाबाद जिले के मूढा पांडे थाने के शिवपुरी गाँव का है। यहाँ शुक्रवार रात 2 बजे मुस्लिम, उसका पिता नन्हे, आले हसन औरसुलेमान त्म्चा लेकर सुनील कुमार के घर में घुस गए। इन सभी ने सुनील कुमार की 22 वर्षीय विवाहिता और 17 वर्षीय अविवाहित बेटी के अपहरण का प्रयास किया।

दोनों लड़कियों ने चिल्ला कर जब इसका विरोध किया तो उनके घर वाले भी यहाँ इकट्ठा हो गए। इसके बाद लड़की के माता-पिता और भाई ने दोनों को बचाने का प्रयास किया। अपने काम में विफल होते देख इन लोगों ने गोलियाँ चलाना चालू कर दिया। गोली लगने से सुनील कुमार, उसका बेटा पद्म सिंह और पत्नी प्रभा देवी घायल हो गए।

इसके बाद आरोपित यहाँ से फायरिंग करते हुए भाग गए। लड़कियों के घायल परिजनों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मामले में FIR भी दर्ज कर ली गई है। इसमें मुख्य आरोपित मुस्लिम समेत 7 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ है। सारे आरोपित अभी फरार हैं। पुलिस घटना की जाँच कर रही है।

आरोपितों को पकड़ने के लिए पाँच अलग-अलग टीमे बनाई गई हैं। यह जगह जगह छापेमारी कर रही हैं। इसी क्रम में पुलिस ने आरोपितो के अवैध कब्जे पर भी कार्रवाई की है। पुलिस उनके गाँव बुलडोजर लेकर पहुँची और ग्राम समाज की जमीन पर बने निर्माण को ढहा दिया। पुलिस ने कहा है कि जो भी आरोपितों को शरण देगा उसके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।

बताया गया है कि यह आरोपित पहले भी दो बार विवाहिता को अगवा कर चुका है। वह लगातार उसे परेशान करता था। विवाहिता का ससुराल बहजोई में है। उसकी शादी पिछले वर्ष ही की गई थी। आरोपित मार्च माह में बहजोई जाकर विवाहिता को अगवा कर लाया था। इसके बाद पुलिस ने लड़की को बरामद किया था। इसके बाद वह अपने मायके में रह रही थी।

घटना के बाद मुरादाबाद के डीएम और एसपी समेत तमाम बड़े अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाक़ात करके उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामले में कुछ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है, उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

50 साल का मोहम्मद उस्मान 30 साल की शादीशुदा बहन के चरित्र पर करता था शक, कुल्हाड़ी से गला काटकर मौत के घाट उतारा: थाने में किया सरेंडर

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में 50 साल के मोहम्मद उस्मान ने 30 साल की अपनी विवाहिता बहन जमीला बानो की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी। उस्मान अपनी बहन के चरित्र पर शक करता था। उसकी बहन अपने शौहर से होकर मायके में ही रहती थी। घटना को अंजाम देने के बाद उस्मान थाने पहुँचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

सफदरगंज थाना के नई बस्ती मोहल्ले में शुक्रवार (28 जून 2024) की सुबह को उस्मान ने इस घटना को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही पास पड़ी खून से सनी कुल्हाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया। एसपी दिनेश सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया।

पुलिस आरोपित उस्मान और उसकी अम्मी से पूछताछ कर रही है। जमीला की अम्मी जोहरा का कहना है कि वह शुक्रवार (28 जून 2024) की सुबह सोकर उठी तो कमरे में जमीला का खून से लथपथ शव देखा। इसके बाद वह जोर-जोर से रोने लगी। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। उधर, उस्मान थाने चला गया।

जमीला बानो का निकाह करीब ढाई वर्ष पूर्व मसौली थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर गाँव के रहने वाले मोहम्मद आसिफ के साथ हुआ था। जमीला लगभग 3 महीने पहले अपने मायके आकर रहने लगी थी। उस्मान को शक था कि उसकी बहन का किसी अन्य युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है। उसने सोती हुई अपनी बहन पर कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर उसकी हत्या कर दी।

आसपास को लोगों का कहना है कि मोहम्मद उस्मान को अपनी बहन को लेकर कई बातों का शक था। उस्मान उसे चरित्रहीन समझता था और मानता था कि उसका किसी के साथ अवैध संबंध है। दो दिन पहले मोहम्मद आसिफ अपनी बीवी जमीला को साथ ले जाने के लिए ससुराल भी आया था, लेकिन वह उसके साथ नहीं गई। इसके बाद से उस्मान का शक पुख्ता हो गया।

संबंधित मामले में प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह सफदरगंज का कहना है कि हत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। शुरुआती जांच में बहन के कैरेक्टर पर शक करने की बात सामने आ रही है। आरोपित मोहम्मद उस्मान व उसकी माँ जोहरा से पूछताछ की जा रही है। वहीं, फरेंसिक और डॉग स्क्वायड टीम के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया है।

शबाना ने हिंदू सहेली की कादिर से कराई दोस्ती: रुपयों की उगाही और इस्लाम अपनाने का बनाने लगा दबाव, ‘द केरला स्टोरी’ जैसे मामले में 3 गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में लव जिहाद का एक ऐसा मामला सामने आया है, जो दोस्तों पर से विश्वास देगी। यह पूरी कहानी लव जिहाद पर आधारित ‘द केरला स्टोरी’ जैसी है। इसमें एक मुस्लिम लड़की ने अपनी एक हिंदू सहेली को अपने मजहब के लड़के से दोस्ती कराई। इसके बाद वह लड़का धमकी देकर लड़की से रुपयों की उगाही करने के साथ-साथ धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा।

मामला छिंदवाड़ा के शिवपुरी का है। शिवपुरी थाना के प्रभारी छत्तू सिंह सरेयाम ने बताया कि रावनवाड़ा की रहने वाली युवती ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि युवती ने कादिर, साबिर और शबाना खातून के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है और तीनों आरोपितों को दबोच लिया है।

दरअसल, युवती और साबिर, कादिर, शबाना खातून एक ही स्कूल में पढ़ते थे। शबाना उसकी सहेली है। एक दिन शबाना ने लड़की को कादिर का मोबाइल नंबर दिया और कहा कि यह बहुत अच्छा लड़का है। इससे दोस्ती करके बात करो। उसकी बातों में आकर युवती कादिर से बात करने लगी। लगभग पाँच महीने पहले कादिर ने उससे कुछ रुपए उधार माँगे।

युवती ने दोस्त समझकर उसे रुपए दे दिए। इसके बाद कादिर उससे और रुपए माँगने लगा। युवती ने फिर से उसे दे दिए। इसके बाद कादिर की डिमांड बढ़ती गई। इस बार युवती ने रुपए नहीं दिए। इतना ही नहीं, उसने कादिर को दिए उधार को भी वापस माँगा। इससे कादिर भड़क गया। उसने कहा कि उसने उसे कोई पैसे नहीं दिए।

इससे कादिर नाराज हो गया और युवती को धमकाने लगा। कादिर ने कहा कि अगर और रुपए नहीं दिए और इस्लाम अपनाकर मुस्लिम नहीं बनती है तो वह उसके पिता और भाई को वह मार देगा। इस घटना से युवती बेहद डर गई। उसने सारी बात अपने परिजनों को बताई। परिजनों ने ढाँढस बँधाया और उसे लेकर थाने पहुँचे।

थाने में युवती ने तहरीर दी। युवती की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ उगाही की धारा 386, आपराधिक षड्यंत्र रचने की धारा 120-बी, जान से मारने की धमकी 506, 34 और मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्रय अधिनियम 2021 की धारा 5 के तहत मामला दर्ज कर लिया।

इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों की तलाश में दबिश देनी शुरू कर दी। आखिरकार पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। कादिर को पुलिस ने नागपुर से पकड़ा। वहीं, शबाना खातून को परासिया में उसके कार्यस्थल से पकड़ा गया है। इसके साथ ही साबिर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया।

भारत से व्यापार के लिए चीन गया था राजस्थान का युवक: किडनैप करके माँगी ₹1 करोड़ की फिरौती, नहीं दिया तो बिल्डिंग से फेंक कर मारा

राजस्थान के जालौर के एक युवक की चीन में अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। युवक अपने धंधे के सिलसिले में चीन गया हुआ था। उसके परिवार से पहले फिरौती की माँग की गई और बाद में उसे एक बिल्डिंग से नीचे फेंक कर मार दिया गया। हत्या के पीछे व्यापारिक विवाद माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जालौर के भीनमाल का रहने वाला एक 26 वर्षीय सतीश माली लगातार चीन जाता रहता था। वह चीन से मोबाइल के पार्ट लाकर भारत बेचता था। इसी संबंध में वह चीन गया हुआ था। 21 जून, 2024 को चीन से ही सतीश के एक दोस्त को फोन करके जानकारी दी गई कि सतीश का अपहरण हो गया है।

सतीश के दोस्त ने यह पूरी घटना सतीश के परिवार को बताई। इन अपहरणकर्ताओं ने सतीश के परिवार से ₹1 करोड़ की माँग की थी। उन्होंने यह पैसा 22 जून तक मुंबई के एक व्यापारी पारस चौधरी को हवाला के जरिए पहुंचाने को कहा। उन्होंने धमकी दी थी कि यदि पैसा समय से नहीं पहुँचा तो सतीश को मार दिया जाएगा।

सतीश के पिता ने पैसे का इंतजाम करने के लिए समय माँगा। उन्होंने मुंबई के व्यापारी पारस से ₹50-60 लाख लेकर अपने बेटे को छोड़ने की बात कही। हालाँकि, ₹1 करोड़ का इंतजाम ना होने पर सतीश को उसके अपहरणकर्ताओं ने एक बिल्डिंग पर से फेंक दिया जिससे उसकी मौत हो गई।

सतीश की हत्या चीन गुआंगझाऊ शहर में हुई है। यहाँ वह मोबाइल के पार्ट लेने लगातार जाता था। सतीश ने यह काम मुंबई के एक अपने दोस्त के कहने पर चालू किया था। उसे काम में चचा मुनाफा हो रहा था। कुछ समय पहले चीन में अपना बिजनेस पार्टनर बदला था। बताया जा रहा है कि उसका नए पार्टनर से कुछ विवाद हुआ और इसी कारण उसकी हत्या करवाई गई।

सतीश की हत्या के बाद उसका परिवार चकित है। सतीश का शव लाने के लिए भी परिवार प्रयास कर रहा है। सतीश के परिवार ने सांसद लुम्बाराम चौधरी से मदद माँगी है। उन्होंने इस मामले में विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है। मामले में सतीश का परिवार विदेश मंत्री से मिलने भी जा रहा है।

देहरादून में हसीन ने तलाकशुदा प्रेमिका रेशमा और 2 बेटियों को मौत के घाट उतारा: मुजफ्फरनगर में अरबाज ने बीवी के प्रेमी को मारा, गला और पंजे काटकर नदी में डाला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में प्रेम विवाह करने वाले शौहर अरबाज ने अवैध संबंधों के शक में बीवी चाहत को मौत के घाट उतार दिया। उसने चाहत का गला काट दिया और हाथ के पंजों को भी। अरबाज ने अपने दोस्त के साथ मिलकर बीवी के शव को नदी में ठिकाने लगा दिया और फरार हो गया। वहीं, देहरादून में हसीन नाम के युवक ने तलाकशुदा प्रेमिका रेशमा और उसकी 2 बच्चियों को मौत के घाट उतार दिया। शव को कूड़े के ढेर में फेंक दिया। रेशमा और एक बेटी का शव तीसरे दिन बरामद हुआ, तो 18 घंटों के बाद दूसरी बेटी का शव भी कूड़े के ढेर से ही बरामद हुआ। दोनों ही मामलों में हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हैरानी की बात है कि दोनों ही हत्याएँ प्रेम प्रसंग से जुड़ी हैं और वीभत्सता की सारी हदें तोड़ दी गई हैं।

देहरादून में ट्रिपल मर्डर, माँ और 2 बेटियों को मौत के घाट उतारा

देहरादून में शिमला बाईपास स्थित बड़ोवाला में कूड़े के ढेर में पड़े मिले महिला और दो बच्चियों के शव मिलने के मामले का खुलासा हो गया है। उनकी हत्या महिला के प्रेमी ने ही की थी। देहरादून में गद्दा फैक्ट्री में काम करने वाले और बिजनौर जिले के निवासी हसीन ने ही अपनी तलाकशुदा प्रेमिका रेशमा और उसकी 2 बेटियों की हत्या की थी। बताया जा रहा है कि रेशमा की बड़ी बेटी 15 साल की थी, जबकि दूसरी 8 माह की थी और वो इसी हसीन से पैदा हुई थी। हसीन के मुताबिक, रेशमा के खर्चे काफी बढ़ गए थे और वो उससे निकाह की जिद कर रही थी, जिसकी वजह से उनकी हत्या कर दी। हसीन ने तीनों की हत्या गद्दा फैक्ट्री में ही की, फिर शवों को कूड़े के ढेर में फेंक आया था, जो तीन दिनों बाद सड़ी-गली हालत में मिला था। माँ और एक बेटी के शव मिलने के 18 घंटे बाद दूसरी बेटी का शव वहीं कूड़े के ढेर से बरामद हुआ।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपित हसीन निवासी फरीदपुर, नहटौर, जिला-बिजनौर (उत्तर प्रदेश) को संदेह के आधार पर बुधवार देर रात हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरा घटनाक्रम बयाँ कर दिया। एसएसपी ने बताया कि नहटौर निवासी रेशमा तलाकशुदा थी। उसके दो साल से आरोपित हसीन के साथ प्रेम-सबंध थे। तलाक के बाद रेशमा के साथ उसकी 15 वर्षीय बेटी रह रही थी। आठ महीने पहले रेशमा ने एक और बेटी को जन्म दिया।

रेशमा का दावा था कि हसीन से प्रेम संबंध के कारण यह बेटी हुई है। रेशमा लगातार हसीन पर शादी का दबाव बना रही थी। साथ ही वह बेटी के पालन-पोषण का खर्चा भी हसीन से माँग रही थी। मैसेज कर पुलिस से शिकायत की धमकी दे रही थी। जिससे तंग आकर उसने रेशमा व उसकी दोनों बेटियों की हत्या का षड्यंत्र रचा और उन्हें मौत के घाट उतार दिया। तीनों शवों को फैक्ट्री के पीछे नाले में कूड़े के ढेर में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपित हसीन के विरुद्ध हत्या व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

मुजफ्फरनगर में बीवी की गला रेतकर हत्या, शव को नदी में फेंका

यूपी के मुजफ्फरनगर में अरबाज ने अपने साथी के साथ मिलकर अवैध संबंधों के शक बीवी चाहत की गला और हाथ के पंजे काटकर निर्मम हत्या कर दी, फिर शव को बोरे में भरकर नदी में फेंक दिया। इस घटना के कुछ दिन बाद अरबाज फिर से नदी के पास पहुँच गया और चाहत के शव को पानी के बहाव में फेंकने लगा। तभी पुलिस को इसकी भनक लग गई और शौहर को नियाजीपुरा गाँव में स्थित काली नदी में शव को बहाने के दौरान गिरफ्तार किया।

अरबाज ने पूछताछ में बताया कि 8 महीने पहले उसने उत्तराखंड की 21 वर्षीय चाहत के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद अरबाज अपनी बीवी चाहत को घर वालों से छुपा कर किराए के मकान में रह रहा था, लेकिन अरबाज का कहना है कि उसकी बीवी चाहत के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध थे और वह खर्चा भी बहुत करती थी। इन सबसे परेशान होकर यह सब बातें जब उसने अपने दोस्त शाहरुख को बताई तो दोनों ने चाहत की हत्या करने का प्लान बनाया, आरोपित शौहर अरबाज ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव की पहचान न हो, इसलिए चाकू से चाहत का गला और हाथ के पंजे काट दिए फिर शव को बोरे में भरकर अरबाज और शाहरुख नियाजीपुरा गांव स्थित काली नदी में उसे ठिकाने लगा आए।

अरबाज ने बताया कि नदी में जलकुंभी होने की वजह से शव पानी में आगे नहीं बहा था, जिसके बाद बुधवार की रात वो और शाहरुख शव को आगे बढ़ाने के लिए काली नदी में पहुँचे। यहीं से वो पुलिस के हत्थे चढ़ गए। मामले में एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापति ने बताया कि थाना नगर कोतवाली पुलिस को मुखबिर द्वारा इनके बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अरबाज को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी भागने में कामयाब रहा। उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

माधुरी दीक्षित के पोस्टर पर आतंक समर्थक पाकिस्तानी इवेंट मैनेजर का नाम, सोशल मीडिया पर हुईं ट्रोल: लेकिन सच्चाई कुछ और

बॉलीवुड अभिनेत्री एक पोस्टर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गई हैं। माधुरी दीक्षित के इस पोस्टर में लिखा है कि वह आगामी दिनों में अमेरिका के ह्यूस्टन में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इस इवेंट के पाकिस्तानी इवेंट मैनेजर रेहान सिद्दीकी द्वारा आयोजित किए जाने का आरोप है। इसी को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया।

रेहान सिद्दीकी इससे पहले भी अमेरिका भीतर बॉलीवुड सितारों के कार्यक्रम आयोजित करवाता रहा है। उस पर अब भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की भी नजर है। बताया गया है कि वह अमेरिका में आयोजित इन कार्यक्रम से इकट्ठा पैसे को अमेरिका में कश्मीरी आतंक और भारत विरोधी गतिविधियों के समर्थन में खर्च करता है।

इससे पहले वर्ष 2020 में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने ह्यूस्टन में होने वाला अपना एक कार्यक्रम रद्द कर दिया था क्योंकि इसके तार रेहान सिद्दीकी से जुड़ने की बात सामने आई थी।पोस्टर के अनुसार, माधुरी दीक्षित का यह कार्यक्रम 16 अगस्त, 2024 को प्रस्तावित था। इसी पोस्टर के आधार पर दीक्षित को निशाने पर लिया गया।

सोशल मीडिया पर माधुरी दीक्षित के खिलाफ दिखाई गई नाराजगी को फ्री प्रेस जनरल और नवभारत टाइम्स जैसे संस्थानों ने भी कवर किया। हालाँकि, ऑपइंडिया ने पाया है कि एक पोस्टर के अलावा ह्यूस्टन या अमेरिका में कहीं भी रेहान सिद्दीकी द्वारा आयोजित माधुरी दीक्षित के किसी भी कार्यक्रम का कोई अन्य पोस्टर या पम्फलेट नहीं है।

इसके अलावा, पोस्टर के डिज़ाइन से लगता है कि यह नकली हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसे माधुरी दीक्षित के अगले महीने अमेरिका के कई शहरों के दौरे के दूसरे पोस्टर का उपयोग करके बनाया गया लगता है। माधुरी इस दौरे के दौरान ह्यूस्टन नहीं जाएँगी।

इस पोस्टर में टैगलाइन ‘फॉरएवर क्वीन ऑफ बॉलीवुड माधुरी दीक्षित’ लिखा हुआ है और बताया गया है कि शुक्रवार (16 अगस्त, 2024) को होने वाले इवेंट के लिए टिकट सुलेखा नाम की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। हालाँकि, जब हमने सुलेखा की वेबसाइट चेक की तो हमें इस इवेंट को लेकर कोई जानकारी नहीं दिखी।

सुलेखा वेबसाइट के इवेंट सेक्शन में अगस्त में माधुरी दीक्षित के अमेरिका दौरे के टिकट मौजूद हैं, लेकिन इसमें ह्यूस्टन या टेक्सास का कोई इवेंट शामिल नहीं है। इसके अनुसार, माधुरी दीक्षित 8 अगस्त को न्यूयॉर्क, 10 अगस्त को वर्जीनिया, 11 अगस्त को अटलांटा और 15 अगस्त को न्यू जर्सी में कॉन्सर्ट में हिस्सा लेंगी।

यह टूर वर्ल्ड स्टार एंटरटेनमेंट द्वारा आयोजित किया जाता है, जो एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी है और बॉलीवुड अभिनेताओं, गायकों आदि के कार्यक्रम आयोजित करती है। इस कंपनी का संचालन अतीक शेख नाम का आदमी करता है। वर्ल्ड स्टार एंटरटेनमेंट के इंस्टाग्राम पेज पर सुलेखा पर डाले गए इवेंट के अलावा दौरे के दौरान माधुरी दीक्षित के कुछ अन्य इवेंट का भी जिक्र है। यह 9 अगस्त को डलास में और 10 अगस्त को शिकागो में हैं।

इस बात की भी संभावना है कि रेहान सिद्दीकी ने अगस्त में माधुरी दीक्षित की अमेरिका में मौजूदगी के दौरान ह्यूस्टन में इस कार्यक्रम को रखा हो। हालाँकि, यह बात कई तथ्यों के आधार पर फिट नहीं बैठती। इससे लगता है कि पोस्टर नकली हो सकता है।

सबसे पहले, रेहान सिद्दीकी के इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज पर ऐसे किसी इवेंट का जिक्र नहीं है। उसके पोस्ट से पता चलता है कि वह पाकिस्तानी सितारों के साथ नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित करता रहा है, लेकिन हालिया सालों में उसने किसी भारतीय कलाकार को नहीं बुलाया है।

यह बात साफ है कि रेहान के आतंकियों के साथ लिंक के आरोप के बाद से भारतीय सितारे उसके द्वारा आयोजित किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे हैं। ऑनलाइन सर्च करने पर भी ह्यूस्टन में माधुरी दीक्षित के साथ आयोजित कार्यक्रम के बारे में कुछ नहीं मिला।

इसके अलावा, शेयर किए जा रहे पोस्टर का डिज़ाइन और टैगलाइन वर्ल्ड स्टार एंटरटेनमेंट पोस्टर के जैसा ही है, जिसका मतलब है कि यह नकली है। रेहान सिद्दीकी लंबे समय से इवेंट मैनेजमेंट में है, और यह संभव नहीं है कि वह अपने प्रतिद्वंद्वी के पोस्टर को अपने इवेंट के लिए कॉपी करेगा।

इस पोस्टर में फॉरएवर क्वीन ऑफ बॉलीवुड माधुरी दीक्षित टैगलाइन का इस्तेमाल किया गया है, जो उनके असली टूर के पोस्टर की तरह ही है। सरसरी निगाह डालने पर पता चलता है कि यह पोस्टर माधुरी दीक्षित के 10 अगस्त को वर्जीनिया में होने वाले कॉन्सर्ट के पोस्टर का इस्तेमाल करके बनाया गया है। टैगलाइन के साथ माधुरी दीक्षित की तस्वीर एक ही है जबकि बैकग्राउंड और बाकी जानकारी को बदल दिया गया है।

असली पोस्टर में माधुरी दीक्षित की तस्वीर सिर से कमर तक की है, ‘ह्यूस्टन पोस्टर’ में तस्वीर को काट दिया गया है, इसमें केवल सिर से छाती तक का हिस्सा रखा गया है। ऐसा असली पोस्टर में लिखी जानकारी को हटाने के लिए किया गया प्रतीत होता है।

इसलिए, यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि रेहान सिद्दीकी 16 अगस्त को ह्यूस्टन में माधुरी दीक्षित के कार्यक्रम की मेजबानी नहीं कर रहा। यह पोस्टर बॉलीवुड स्टार को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। हालाँकि, माधुरी दीक्षित ने अभी तक इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।