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अफजाल ने चाकू घोंपा, तड़पने लगे तो समीर ने लात मारी… चाय बेच परिवार चलाते थे 2 बहनों के इकलौते भाई करण झा, खौफ में परिवार का दिल्ली से बिहार पलायन

दिल्ली के भजनपुरा इलाके में एक हिन्दू युवक की चाकुओं से गोद कर निर्ममता से हत्या कर दी गई है। मृतक का नाम करण झा है जिनकी उम्र 19 साल थी। करण के साथ माधव नाम का एक अन्य युवक घायल हो गया है। हमले का आरोप अफजाल उर्फ़ अज्जू और उसके एक साथी समीर पर लगा है। घटना मंगलवार (23 अप्रैल, 2024) की है। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक मूलतः बिहार का रहने वाला था। हत्या के बाद करण के पिता को छोड़ कर उनका परिवार दिल्ली से पलायन कर के गाँव चला गया है।

यह मामला दिल्ली के भजनपुरा इलाके का है। यहाँ घटना के चश्मदीद और कातिलों के हमले में भुक्तभोगी 29 वर्षीय माधव गोयल ने पुलिस में FIR दर्ज करवाई है। माधव गोयल और करण में स्कूल के समय से दोस्ती थी। पहले करण झा माधव के साथ ड्राई फ्रूट की मंडी में काम करता था लेकिन 10 दिन पहले उसने भजनपुरा में ‘आर्टिस्ट कॉफी हाउस’ नाम से चाय, कॉफी और फास्टफूड की दुकान खोल ली थी। 23 अप्रैल (मंगलवार) की दुपहरी में माधव अपने दोस्त करण से मिलने उनकी दुकान पर गए थे। अपराह्न 3:30 पर करण अपने साथी माधव के साथ स्कूटी से घर की तरफ निकला।

घटना के समय स्कूटी करण चला रहा था। जैसे ही दोनों दोस्त दुकान से निकल कर मुख्य सड़क तक आए वैसे ही उनके दाईं तरफ से अफसर अली का बेटा अफजाल अचानक दौड़ता हुआ है। अफ़ज़ाल भजनपुरा के ही पास सुभाष नगर का निवासी है। उसके पास एक धारदार चाकू था। कोई कुछ समझ पाता इस से पहले ही अफ़ज़ाल ने करण झा के सीने में घोंप दिया। सीने पर घाव होते ही करण अपने साथी माधव सहित स्कूटी से नीचे गिर पड़ा। इसी दौरान 20-25 साल का एक अन्य लड़का वहाँ आया। उसने माधव को पीछे से दबोच लिया।

बताया जा रहा है कि यह दूसरा हमलावर समीर था। समीर ने भी घायल करण को 3-4 लातें मारीं। बाद में दोनों हमलावरों ने माधव को भी पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान आसपास के लोग जमा होने शुरू हो गए। लोगों को जुटता देख कर दोनों हमलावर मौके से भाग निकले। घायल करण को ई-रिक्शा पर लाद कर अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। चोटिल हुए माधव का भी इलाज करवाया गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो वो मौके पर पहुँच कर कार्रवाई में जुट गई।

मिली थी अंजाम भुगतने की धमकी

पुलिस को दी गई शिकायत में माधव ने बताया है कि कुछ समय पहले करण का अफजाल उर्फ़ अज्जू से झगड़ा हुआ था। यह विवाद शैतान चौक पर हुआ था जिसके बाद अफजाल ने करण को अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी। माधव ने करण की हत्या के पीछे इसी झगड़े को वजह बताया है। करण के मकान मालिक भुवनेश सिंहल ने भी भी ऑपइंडिया को बताया कि करण और अफजाल में पहले भी झगड़ा हुआ था जो अब उसकी हत्या की वजह बन गया। मृतक का मोबाइल हमले में टूट गया था जिसे माधव ने पुलिस के पास जमा कर दिया है।

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। अपनी FIR में माधव ने करण के कातिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने अफ़ज़ाल और समीर के खिलाफ IPC की धारा 302, 323 और 34 के तहत कार्रवाई की है। दोनों को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया है। FIR में बताया गया है कि मृतक पर धारदार हथियार से वार किए गए जो मौत की वजह बना। पुलिस ने अपनी प्ररम्भित जाँच में बताया है कि घटनास्थल का मुआयना करने पर काफी खून बिखरा पाया गया। इस खून से सनी सफेद रंग की एक चप्पल भी मौके पर पड़ी थी। ऑपइंडिया के पास इस घटना का CCTV फुटेज मौजूद है।

दिल्ली छोड़ कर बिहार लौटा परिवार

ऑपइंडिया ने मृतक करण के मकान मालिक भुवनेश से बात की। भुवनेश ने हमें बताया कि करण 2 छोटी बहनों का एकलौता भाई था। वह परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उनका परिवार मूलतः बिहार के सीतामढ़ी जिले का रहने वाला है। करण की हत्या के बाद उनके पिता को छोड़ कर बाकी परिवार सीतामढ़ी चला गया है। भुवनेश ने बताया कि मृतक के परिजन काफी डरे हुए हैं और वो पलायन कर चुके हैं। मृतक के पिता महज कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए रुके हुए हैं।

करण का अंतिम संस्कार दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया जा चुका है। करण के मकान मालिक भुवनेश का यह भी दावा है कि इस से पहले भी करण को मारने की तमाम कोशिशें की जा चुकी थीं। हमलावर कई दिनों से उसकी घात में थे। ऑपइंडिया ने इस मामले में पुलिस का पक्ष जानने के लिए DCP नार्थ ईस्ट को कॉल किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। पुलिस का वर्जन आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

‘वकील अली मोहम्मद लोन को ₹5 लाख मुआवजा दो’: J&K हाईकोर्ट ने जमात से जुड़े अलगाववादी के पक्ष में सुनाया फैसला, प्रशासन को याद दिलाया लौरा का कथन

जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने हाल ही में J&K प्रशासन को आदेश दिया है कि वो 2019 से ही नज़रबंदी (Preventive Detention) में रखे गए एक वकील को 5 लाख रुपए का मुआवजा दे। उक्त वकील का नाम मोहम्मद अली लोन उर्फ़ ज़ाहिद है। जस्टिस राहुल भारती ने कहा कि जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट उसे हिरासत में लेने के खिलाफ 3 बार आदेश दे चुका है। उस पर ‘पब्लिक सेफ्टी एक्ट’ (PSA) लगाया गया था। जज का कहना है कि पिछले फैसलों के खिलाफ अपील दायर करने की बजाए प्रशासन ने फिर से डिटेंशन ऑर्डर दे दिया।

जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने अली मोहम्मद लोन के खिलाफ चौथा डिटेंशन ऑर्डर रद्द करते हुए ‘बटरफ्लाई वीड्स’ की लेखिका लॉरा मिलर का एक उद्धरण दोहराया, “अतीत एक बहुत ही धृष्ट प्रेत है, जब तक मौका मिलता है वो पीछा करता ही रहता है।” हाईकोर्ट ने कहा कि पुलवामा के SSP की यही सोच है। बता दें कि 61 वर्षीय अली मोहम्मद लोन अलगाववादी रहा है। वो जमात-ए-इस्लामी का सदस्य था। उसे PSA के तहत सबसे पहले 2019 में हिरासत में लिया गया था।

उसकी हिरासत को हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के बाद प्रशासन ने नया आदेश दिया। 2020 में दूसरी बार ऐसा हुआ, 2021 में तीसरी बार। 2022 में पुलवामा के SSP की अनुशंसा पर DM ने चौथी बार उसकी नजरबंदी का आदेश जारी किया। जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने अली मोहम्मद लोन को हिरासत में लिए जाने वाले फैसले को ‘पूर्वकल्पित’ करार देते हुए कहा कि बिना कोई अपराध सिद्ध हुए उसे जेल की बेड़ियों से बाँध कर रखा गया।

अली मोहम्मद लोन ने 25 लाख रुपए के मुआवजे की माँग की थी, लेकिन J&K उच्च न्यायालय ने 5 लाख दिए जाने का आदेश दिया। जजमेंट के 3 महीने के भीतर प्रशासन को उसे ये रकम देनी पड़ेगी। बता दें कि ‘जमात-ए-इस्लामी कश्मीर’ (JIJK) श्रीनगर का एक इस्लामी राजनीतिक दल है। वो कश्मीर को भारत का हिस्सा मानने की बजाए एक विवादित क्षेत्र मानता है और कहता है कि इसका समाधान UN (संयुक्त राष्ट्र) द्वारा किया जाना चाहिए। ज़ाहिद अली उसका प्रवक्ता था।

भारत में 1941 में ही जमात-ए-इस्लामी मूवमेंट शुरू हो गया था। इसमें सक्रिय कट्टरवादी मौलाना मौदूदी की विचारधारा पर ही चल कर JIJK की स्थापना हुई थी। ये लोग इतने कट्टर थे कि ये शेख अब्दुल्ला को भी सेक्युलर मानते थे। सूफीवाद की आड़ में उन्होंने इस्लाम का प्रसार शुरू किया। श्रीनगर की जामिया मस्जिद में इनकी साप्ताहिक बैठक होती थी। 1960 के दशक में इसने कश्मीर के भारत में होने पर सवाल उठाया। चुनावों में ये अपने समर्थन से उम्मीदवार भी उतारता रहा है।

हिंदू लड़की को फँसाया, रेप और अप्राकृतिक सेक्स के बाद गोमांस भी खिलाया: शादीशुदा साबिर खान ने कहा था- ‘तुझे मुसलमान बनना होगा’

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साबिर खान नाम के युवक पर एक हिंदू लड़की के साथ लव जिहाद करने का मामला सामने आया है। साबिर ने युवती को पहले प्यार के जाल में फँसाया और फिर उसका शारीरिक शोषण करने लगा। इतना ही नहीं मारपीट करके उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि साबिर ने उसे जबरन गोमांस खिलाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

ग्वालियर के तारागंज निवासी 27 साल की एक महिला ने शुक्रवार (26 अप्रैल 2024) की शाम को बहोड़ापुर थाना पहुँची और शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बताया कि वह तारागंज में रहती है और उसके पिता टेंट से जुड़ा कारोबार करते हैं। उसके घर के पास ही साबिर खान उर्फ छोटे खान रहता था। साबिर खान शादीशुदा है।

युवती ने बताया कि 6 अक्टूबर 2021 को साबिर खान ने उससे दोस्ती की। इसके बाद वह उससे अपनी बातों में फँसा लिया। दोनों की बातचीत होने लगी। जिस समय की यह घटना है, उस समय साबिर खान का निकाह नहीं हुआ था। युवती ने बताया कि साबिर की शादी होने के बाद उसने बात करना बंद कर दिया था। इसके बाद भी साबिर उसे लगातार परेशान करता था।

युवती ने आरोप लगाया कि एक दिन साबिर खान ने कहा कि अगर वह उसकी बात नहीं मानेगी तो वह सुसाइड कर लेगा और उसके पिता एवं भाई को फँसा देगा। लड़की भाई और पिता के जेल जाने की आशंका से डर गई और उससे जबरन बात करने लगा। एक दिन उसने युवती को मिलने के बहाने बुलाया और अपने साथ चलने के लिए कहा। युवती के इनकार किया तो उसने हत्या की धमकी दी।

वह युवती को लेकर अपने घर आ गया और वहाँ उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह लड़की को ब्लैकमेल करने लगा। इस तरह ब्लैकमेल करते हुए साबिर उसे अपने साथ ले गया और 3 साल तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस दौरान साबिर उससे मारपीट भी करता था। युवती ने बताया कि साबिर ने उसके साथ सारी हदें पार कर दीं। उसने कई बार उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य भी किया।

पीड़िता ने बताया कि साबिर उस पर धर्म परिवर्तन करके इस्लाम अपनाने का दबाव डालता था। साबिर कहता था, “मेरे साथ रह रही है तो तुझे मुसलमान बनना होगा।” युवती का कहना है कि जब वह धर्म परिवर्तन के लिए तैयार नहीं होती थी तो पीटा जाता था। इतना ही नहीं एक बार उसे गोमांस भी खिलाया गया। उसने बताया कि साबिर का पिता युसूफ खान और भाई समीर खान भी उससे मारपीट करते थे।

लड़की का कहना है कि साबिर के अलावा उसके घर वाले भी उसके साथ मारपीट करते थे। उसने बताया कि 25 अप्रैल की रात को साबिर खान की बीवी और बहन ने उसके साथ जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं, उसे जान से मारने का प्रयास भी किया। इसी दौरान वहाँ मकान मालिक गया, जिसकी वजह से उसकी जान बच गई। युवती ने बताया कि इस घटना के बाद वह बेहद डर गई।

पीड़िता थाने आकर शिकायत करनी चाही, लेकिन उस समय महिला स्टाफ नहीं होने के कारण वह अगले दिन थाने आई और शिकायत दर्ज कराई। युवती की शिकायत पर साबिर खान के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट, धमकाने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। उसके पिता और भाई पर भी FIR दर्ज किया गया है। साबिर सहित तीनों आरोपित फिलहाल फरार हैं

इस मामले में हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने बहोड़ापुर थाने पर पहुँचकर नारेबाजी की। इन लोगों की माँग की है कि जिस तरह गुना में हुए अमानवीय कृत्य के बाद आरोपित का घर तोड़ा गया, उसी तरह ग्वालियर में भी आरोपित का घर तोड़ा जाए। इन लोगों ने आरोपित को फाँसी की सजा देने की माँग की।

श्रीलंका में चीनी पैसों से बने एयरपोर्ट को चलाएँगी भारत-रूस की कंपनियाँ: पड़ोसी देश में ड्रैगन के उखड़ रहे कदम!

श्रीलंका में तीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। उसमें से 2 राजधानी कोलंबो में हैं, तो तीसरा दक्षिणी हिस्सा के हंबनटोटा शहर के पास। यही तीसरा एयरपोर्ट अब भारत और रूस की कंपनियाँ चलाएँगी। इस एयरपोर्ट का नाम है मट्टाला राजपक्षे इंटरनेशनल एयरपोर्ट और ये श्रीलंका का सबसे बड़ा रनवे वाला एयरपोर्ट है। ये एयरपोर्ट चीनी पैसों से बना है, जो श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर सबसे बड़ी मुसीबत है, क्योंकि चीन ने जो पैसा दिया है, उसका ब्याज काफी ज्यादा है। खैर, अब इस एयरपोर्ट को 30 साल के लिए भारत और रूस की कंपनियों को लीज पर दे दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के एग्जिम बैंक से मिले लोन से इस एयरपोर्ट को बनाया गया था। आरोप है कि उस समय श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे महिंद्रा राजपक्षे ने चीन से नजदीकी बढ़ाने के लिए इस एयरपोर्ट को बनवाया था। हालाँकि इस एयरपोर्ट पर हवाई जहाजों की आवाजाही इतनी कम है कि इसे सालों पहले दुनिया का सबसे ‘खाली’ एयरपोर्ट कहा गया और अब इस एयरपोर्ट को संवारने और फ्लाइट ऑपरेशंस को अंजाम देने के लिए भारत की शौर्या ऐरेनॉटिक्स (प्राइवेट) लिमिडेट और रूस की एयरपोर्ट्स ऑफ रीजंस मैनेजमेंट कंपनी को सौंप दिया गया है।

मट्टाला राजपक्षे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सालाना 1 मिलियन पैसेंजर्स को हैंडल करने की क्षमता है, लेकिन पर्याप्त यात्रियों के न होने की वजह से तमाम इंटरनेशनल एयरलाइंस ने अपना बोरिया बिस्तर समेट लिया था। इस एयरपोर्ट को महिंद्र राजपक्षे द्वारा अपने गृह जिले में विकास दिखाने के तौर पर ‘सफेद हाथी’ की तरह माना जाता है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था का बंटाधार हुआ। ये एयरपोर्ट अपनी परिचालन लागत तक नहीं निकाल पा रहा है, जबकि इसके पास बड़ा कार्गो टर्मिनल है। इस एयरपोर्ट को बनाने के लिए 209 मिलियन डॉलर की रकम खर्च हुई थी, जो बाकी सारे कामों को बढ़ाते हुए 4 बिलियन डॉलर से ऊपर पहुँच गई।

जानकारी के मुताबिक, साल 2009 से इस एयरपोर्ट को बनाने का काम शुरू हुआ था। साल 2013 से इस एयरपोर्ट पर उड़ाने शुरू की गई थी, लेकिन 2018 आते-आते लगभग सभी कंपनियों ने अपने ऑपरेशन यहाँ से समेट लिए। साल 2020 में भी चर्चाएँ चली थी कि इस एयरपोर्ट को भारत की मदद से फिर से बढ़ाया जाएगा, लेकिन नई सरकार तब कोई फैसला नहीं ले पाई। हालाँकि अब शुक्रवार (26 अप्रैल 2024) को कैबिनेट ने फैसला लिया है कि अब इस एयरपोर्ट को चलाने के लिए भारतीय और रूसी कंपनी को 30 साल के लिए लीज पर दे दिया जाए।

‘अमित शाह ने किया SC, ST और OBC आरक्षण खत्म करने का ऐलान’: तेलंगाना कॉन्ग्रेस के वीडियो की जानिए असलियत, पोल खुलते ही किया डिलीट

तेलंगाना कॉन्ग्रेस ने अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से शनिवार (27 अप्रैल, 2024) को एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो के माध्यम से कॉन्ग्रेस दावा कर रही है कि भाजपा नेता अमित शाह ने एससी, एसटी और अनुसूचित जनजाति को मिल रहा आरक्षण खत्म करने का एलान किया है। इसी वीडियो के साथ कॉन्ग्रेस ने अपने कैप्शन में SC, ST और OBC के साथ अल्पसंख्यकों को भी भारतीय जनता पार्टी को वोट न देने के लिए भड़काया है।

यह वीडियो 17 सेकेंड का है। वीडियो में अमित शाह एक जनसभा को सम्बोधित करते दिख रहे हैं। इस वीडियो में अमित शाह को कहते दिखाया गया, “भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी तो ये गैर-संवैधानिक SC, ST और OBC का है, वो रिजर्वेशन को हम समाप्त कर देंगे।” रिजर्वेशन खत्म करने की बात अमित शाह ने 2 बार कही है जिस पर जनता की तरफ से खूब तालियाँ बजीं हैं।

कॉन्ग्रेस ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है कि भाजपा में जो SC, ST, OBC या अल्पसंख्ययक समुदाय से हैं और धर्म की राजनीति कर रहे हैं वो वोट देने से पहले इस वीडियो को देखें। इसी कैप्शन में आगे अमित शाह, नरेंद्र मोदी और भाजपा को अहंकारी बताते हुए सबक सिखाने का आह्वान भी किया गया है। कॉन्ग्रेस ने इसी ट्वीट में संविधान बचाने की दुहाई देते हुए लिखा, “भाजपा को सत्ता से हटाओ, देश बचाओ।” हालाँकि, पोल खुलने के बाद अब ये वीडियो डिलीट कर लिया गया है।

एडिटेड है वीडियो

ऑपइंडिया ने इस वीडियो की पड़ताल की तो पाया कि यह वीडियो एडिटेड है। इसमें इस तरह से काट-छाँट की गई कि लोगों को यह लगे कि केंद्रीय गृहमंत्री जाति-आधारित आरक्षण खत्म करना चाहते हैं। असलियत तो यह है कि अमित शाह ने मुस्लिमों को मिल रहे असंवैधानिक आरक्षण खत्म कर के SC, ST और OBC को देने की कसम खाई थी। अमित शाह का यह वीडियो गुरुवार (25 अप्रैल, 2024) का है। तब वो तेलंगाना में एक चुनावी रैली को सम्बोधित कर रहे थे।

अपने इस पूरे भाषण में अमित शाह ने कहा था, ”कॉन्ग्रेस और TRS कभी भी तेलंगाना मुक्ति दिवस नहीं मनाते क्योंकि वे मजलिस (AIMIM) से डरते हैं। भाजपा ने तेलंगाना मुक्ति दिवस मनाने का निर्णय लिया है क्योंकि हम मजलिस (असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM) से नहीं डरते।” अमित शाह ने इसी सम्बोधन में आगे कहा, “भाजपा ने कॉन्ग्रेस और TRS द्वारा दिए गए मुस्लिम आरक्षण को खत्म करने और इसे एससी, एसटी और ओबीसी को देने का फैसला किया है।”

हमारी पड़ताल में यह बात निकल कर सामने आई कि अमित शाह ने एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण खत्म करने की बात नहीं की है। कॉन्ग्रेस की यह कोशिश लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण से पहले फर्जी खबरें फैला कर कई समुदायों के बीच उन्माद फैलाने वाली हरकत मानी जा रही है।

‘यहूदियों को जीने का हक नहीं, शुक्र मनाओ मैं मार नहीं रहा’: कोलंबिया यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट लीडर खैमनी जेम्स दिखा रहा था हेकड़ी, अब नहीं कर पाएगा पढ़ाई

अमेरिका में हमास और फिलिस्तीन के समर्थन में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच कोलंबिया यूनिवर्सिटी के एक इजरायल विरोधी छात्र नेता का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो यहूदियों के सफाए की बात कह रहा है। वो वीडियो में कहते सुना जा रहा है कि ‘यहूदियों को जीने का हक नहीं। शुक्र मनाओ कि मैं बाहर जाकर यहूदियों की जान नहीं ले रहा।’ ये वीडियो अमेरिका के तमाम यूनिवर्सिटी कैंपस में चल रहे इजरायल विरोधी विरोध-प्रदर्शनों के बीच तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद, कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने खैमनी जेम्स को

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस छात्र नेता की पहचान खैमनी जेम्स के तौर पर हुई है, जो सोशल मीडिया पर खुद को एंटी कैपिटलिस्ट, एंटी-इम्पीरियलिस्ट, स्टूडेंट और एजुकेटर कहता है। यही नहीं, वो दुनिया भर में चल रहे आजादी के आंदोलनों का खुद को समर्थक बताता है और आजाद फिलिस्तीन की वकालत करता है। लेकिन इस वीडियो में वो यहूदियों के खिलाफ जमकर आग उगल रहा है।

वीडियो में वो बोल रहा है, “यहूदियों के साथ सारे गोरे वर्चस्ववादियों को खत्म कर देना चाहिए, क्योंकि वो कमजोर लोगों को मार रहे हैं। मेरा शुक्र मनाइए कि मैं बाहर इन यहूदियों को मार नहीं रहा हूँ। हालाँकि मैंने कभी किसी को मारा नहीं है और उम्मीद करता हूँ कि ये नौबत न आए।”

इयान माइल्स चेओंग नाम के यूजर ने उसका वायरल हो रहा वीडियो पोस्ट करते हुए बताया है कि खैमनी जेम्स को कोलंबिया यूनिवर्सिटी से बाहर निकाल दिया गया है।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह हिंसा को बढ़ावा देता है और विश्वविद्यालय के मूल्यों के खिलाफ है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

6 महीने में आग लगने की 565 घटनाएँ, 690 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित: उत्तराखंड में इस साल भी गर्मियों में वही समस्या, काफी ज्वलनशील होती है चीड़ की पत्तियाँ

उत्तराखंड सुलग रहा है। कारण – गर्मियों में आग की समस्या फिर से उठ खड़ी हुई है। अब नैनीताल के भवाली रोड पर पाइन्स के जंगलों में भीषण आग लग गई है। सिर्फ जंगल का एक बड़ा हिस्सा ही नहीं, बल्कि ITI भवन भी इसकी चपेट में आ गया। नैनीताल में ही लड़ियाकाँटा क्षेत्र के जंगलों में भी आग फैली हुई है। भवाली जाने वाली सड़क पर धुआँ छाया हुआ है। वाहनों की आवाजाही रुक गई है। दमकल विभाग को आग को काबू करने के लिए लगाया गया है, लेकिन तेज़ हवाओं के कारण इसमें भी मुश्किलें आ रही हैं।

भारतीय सेना जहाँ तैनात है, वहाँ भी आग की लपटें पहुँच सकती हैं। सेना के जवान तत्परता से आग बुझाने के काम में लग गए हैं। नैनीताल और भीमताल झील से पानी लेकर हेलीकॉप्टर के जरिए आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। कुमाऊँ के जंगल भी अछूते नहीं हैं। बलदियाखान, ज्योलिकोट, मंगोली, खुरपाताल, देवीधुरा, भवाली, पाईनस और भीमताल मुक्तेश्वर समेत कई इलाके इसकी चपेट में आ गए हैं। बड़ी बात ये है कि पाइन्स क्षेत्र स्थित हाईकोर्ट कॉलोनी के लोगों को भी खतरा है।

चूँकि आग जिला मुख्यालय के पास ही लगी है, शहर में यातायात बाधित है। ‘द पाइन्स’ के पास स्थित एक घर भी जल गया। वो घर खाली पड़ा हुआ था। हालाँकि, हाईकोर्ट कॉलोनी को फ़िलहाल कोई नुकसान नहीं हुआ है। नैनी झील में फ़िलहाल नौकायन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। नैनीताल के प्रभागीय वन अधिकारी चन्द्रशेखर जोशी ने बताया कि आग बुझाने के लिए मनोरा रेंज के 40 कर्मियों एवं 2 वन रेंजरों को भी तैनात किया गया है।

पिछले 24 घंटों में कुमाऊँ क्षेत्र में आग लगने की 26 घटनाएँ हुई हैं। गढ़वाल के 5 इलाके भी इसका शिकार बने हैं। वहाँ 33.34 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। अगर 1 नवंबर, 2023 से अब तक की घटनाओं को लें तो 6 महीने से भी कम समय में आग लगने की 565 घटनाओं ने उत्तराखंड को दहलाया है। 689.89 हेक्टेयर क्षेत्र के जंगल प्रभावित हुए हैं। राज्य को 14 लाख रुपए से भी अधिक का नुकसान हुआ है। जखोली और रुद्रप्रयाग में 2 अलग-अलग क्षेत्रों में जंगल में आग लगाने के आरोप में 3 लोग गिरफ्तार हुए हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के लिए कहा है, साथ ही विभिन्न विभागों को आपस में समन्वय कर के आग बुझाने का निर्देश दिया है। कुछ लोगों ने अपने भेड़ों को चराने के लिए घास उगाने हेतु भी जंगल में आग लगाई थी। ताज़ा आग के कारण 2 लोगों के झुलसने की भी खबर है। कालागढ़ टाइगर रिजर्व, राजाजी टाइगर रिजर्व और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में आग लगने से जंगली जानवरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है।

वन विभाग ने अपने मुख्यालय में इन घटनाओं पर काबू पाने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया है। आग लगने की सूचना देने के लिए 18001804141 और 01352744558 फोन नंबर भी जारी किए गए हैं। 9389337488 व 7668304788 पर व्हाट्सएप्प भी किया जा सकता है। देहरादून स्थित आपदा कंट्रोल रूम के नंबर 9557444486 और पुलिस के 112 पर भी ऐसी घटनाओं को लेकर आमजन सूचित कर सकते हैं। देहरादून की डीएम ने विभिन्न विभागों की बैठक की है।

आग लगने की घटनाओं को लेकर लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। मॉनसून को देखते हुए नगर निकायों को नालियों की सफाई का निर्देश दिया गया है। बारिश के मौसम से पहले रिवर ड्रेजिंग, चैनलाइजेशन व ड्रेनेज कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया। बिजली विभाग को जर्जर विद्युत पोलों को चिह्नित कर बदलने के लिए कहा गया है। इन्स्युलेटर भी चेक करने को कहा गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों पर क्रैश बैरियर भी लगाए जाएँगे। अन्य तरह की भी तमाम तैयारियाँ की जा रही हैं।

वैसे उत्तराखंड में आग लगने की घटनाएँ कोई नई नहीं हैं। 2021 में भी ये समस्या भयावह हो गई थी। तब Mi-17 हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई थी। वहाँ चीड़ के पेड़ ज्यादा हैं, उनकी पत्तियाँ ‘पिरूल’ अत्यधिक ज्वाललशील होती है, ऐसे में हिमालय की संपदा नष्ट होती है। 2021 में भी पहले साढ़े 3 महीनों में 1400 के करीब ऐसी घटनाएँ दर्ज हुई थीं। एक अध्ययन में पता चला था कि जंगल की आग से निकला स्मॉग और राख ‘ब्लैक कार्बन’ बना रहा है, जो ग्लेशियरों को कवर कर रहा है, जिससे उन्हें पिघलने का खतरा है।

गंगोत्री, मिलम, सुंदरडुंगा, नयाला और चेपा जैसे अपेक्षाकृत कम ऊँचाई पर स्थित ग्लेशियर सबसे अधिक खतरे में हैं और यही ग्लेशियर बहुत सी नदियों के स्रोत भी हैं। चीड़ के पेड़ औषधीय गुण रखते हैं, उन्हें काट देना समाधान नहीं है। उससे कोयला बनता है, बिजली उत्पादन होता है। ये भी माँग की जा रही है कि वन विभाग से लेकर जंगली क्षेत्रों का नियंत्रण वापस लेकर वन पंचायतों को अधिक सदृश किया जाए। अक्सर जनजातीय समाज जंगलों का संरक्षण करता रहा है।

अमेरिका में मानवाधिकार हनन के साथ-साथ नस्लीय भेदभाव: अश्वेत फ्रैंक टायसन को पुलिस ने गिराकर गर्दन दबाया, अस्पताल में मौत

सारी दुनिया को मानवाधिकार का ज्ञान देने वाले अमेरिका में इन दिनों लोगों का उत्पीड़न जारी है। साल 2020 में सामने आए जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के वीडियो की तरह ही एक और अश्वेत अमेरिकी का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वह व्यक्ति जमीन पर गिरा हुआ है और उसके ऊपर चढ़े हुए लोगों से वह कह रहा कि ‘मैं साँस नहीं ले पा रहा हूँ’। आखिरकार अस्पताल में उसकी मौत हो गई है।

अमेरिका में अहियों के कैंटन पुलिस विभाग द्वारा गुरुवार (25 अप्रैल 2024) को एक वीडियो जारी किया गया। यह वीडियो पुलिस के बॉडी कैमरा से लिया गया है। इस वीडियो में अधिकारी 53 साल के फ्रैंक टायसन नाम के एक व्यक्ति को पकड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। अधिकारी उसे जमीन पर गिराकर अपने घुटनों से दबाए हुए हैं। उसके हाथ में हथकड़ी लगी है।

दरअसल, टायसन को लेकर पुलिस को संदेह था कि 18 अप्रैल 2024 को वह एक कार दुर्घटना में वह शामिल था और एक्सीडेंट के बाद मौके से फरार हो गया था। 36 मिनट लंबे इस वीडियो क्लिप की शुरुआत एक गश्ती करने वाले अधिकारी के एक कार पर आने से होती है। यह कार बिजली के एक खंभे से टकरा गई थी। एक प्रत्यदर्शी ने बताया कि वाहन का चालक पास के एक बार में भाग गया है।

इसके बाद अधिकारी वहाँ जाते हैं तो टायसन बार में मिलता है। अधिकारी उसकी बाँह पकड़ने की कोशिश करते हैं तो विवाद हो जाता है। इसके बाद टायसन चिल्लाने लगता है, “वे मुझे मारने की कोशिश कर रहे हैं। शेरिफ को बुलाओ।” अधिकारियों ने टायसन को ज़मीन पर गिरा दिया और उसे हथकड़ी लगा दी। वीडियो में लगभग 30 सेकंड तक उसकी गर्दन के पास पीठ पर अधिकारी घुटना रखे हुए दिखते हैं।

इस दौरान टायसन यह बार-बार कहता है, “मैं साँस नहीं ले पा रहा हूँ। मैं अपनी गर्दन नहीं हिला सकता।” हालाँकि, एक अधिकारी खड़े होने से पहले ‘शांत हो जाओ’ और ‘तुम ठीक हो’ चिल्लाता है। अगले वीडियो में टायसन को लगभग छह मिनट तक फर्श पर औंधे मुँह लेटे हुए और शांत दिखाया गया है। वहीं, अधिकारी बार के अधिकारियों से बात कर रहे हैं।

जब अधिकारी टायसन की जाँच करते हैं तो वह कोई जवाब नहीं देता है। उस दौरान एक अधिकारी कहता है, “क्या वह साँस ले रहा है? क्या उसकी नाड़ी चल रही है?” इसके बाद अधिकारियों ने टायसन की हथकड़ी खोल दी और सीपीआर शुरू कर दिया। वीडियो में दिखाया गया है कि कुछ देर में पैरामेडिक्स घटनास्थल पर पहुँचते हैं और टायसन को स्ट्रेचर पर एम्बुलेंस में लेकर जाते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, टायसन की एक स्थानीय अस्पताल में मृत्यु हो गई है। हालाँकि, मौत का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर इस घटना की तुलना साल 2020 में हुए अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत से कर रहे हैं।

फ्लॉयड को भी इसी तरह जमीन पर गिराकर उसके ऊपर घुटने रख गए थे। फ्लॉयड ने भी अधिकारियों से कहा था कि ‘वह साँस नहीं ले पा रहा’ है। दरअसल, कानून का पालन करने वाले नागरिक की तरह फ्लॉयड ने पुलिस के निर्देशों का अनुपालन किया और फिर भी उनके साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया था। इसके कारण उसकी मृत्यु हो गई थी। इस मामले में कोर्ट ने तीन अधिकारियों को दोषी पाया था।

बताते चलें कि अमेरिका में अश्वेतों के खिलाफ किए गए नस्लीय अपराधों का एक बड़ा एवं वीभत्स इतिहास रहा है। जॉर्ज फ्लॉयड अमेरिकी पुलिस द्वारा संस्थागत अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ संस्थागत नस्लीय अत्याचार का शिकार था, जिसका अफ्रीकी अमेरिकी मूल के लोगों के खिलाफ बर्बरता बरतने का एक लंबा इतिहास रहा है। अब उसी अत्याचार का शिकार टायसन बना है।

रिचार्ज करवाने गई नाबालिग हिंदू लड़की को दुकानदार अतहरुद्दीन भेजने लगा गंदे-गंदे मैसेज, सबके सामने उठा ले जाने की धमकी: लोगों ने दम भर कूटा

सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग एक दुकानदार को घसीट कर बाहर लाते हैं और उसकी बीच सड़क पर पिटाई करते हैं। घटना की वजह से आसपास भीड़ जमा हो गई, जिसमें महिलाएँ भी दिख रही हैं। पिट रहे युवक पर लव जिहाद का आरोप लगाया जा रहा है। बाद में सभी लोग आरोपित को पकड़ कर पुलिस स्टेशन ले जाने की बात करते दिख रहे हैं। घटना गुरुवार (25 अप्रैल 2024) की है।

सोशल मीडिया के X यूजर अनिल शर्मा ने 1 मिनट 39 सेकेंड के इस वीडियो को शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “उत्तराखंड हल्द्वानी की घटना है यह। मुसलमान को दुकान किराए पर दे देते हैं हिंदू किराए की लालच में और यह अपना जिहाद करना शुरु कर देते हैं। इसकी मोबाइल की दुकान थी, जो भी लड़की इससे रिचार्ज करवाने आती थी, उनको यह मैसेज करना शुरू कर देता था।”

क्या है पूरा मामला

यह पूरा मामला हल्द्वानी के कोतवाली क्षेत्र का है। यहाँ की रहने वाली एक महिला ने 25 अप्रैल (गुरुवार) को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता ने बताया कि उनकी 17 साल की नाबालिग बेटी कुछ दिनों पहले एक मोबाइल की दुकान पर रिचार्ज करवाने गई थी। ‘दिल्ली मोबाइल शॉप’ नाम की इस दूकान को अतहरुद्दीन ऑपरेट करता है। अतहरुद्दीन ने यहाँ पीड़िता का नंबर ले लिया। बाद में वह पीड़िता को गंदे-गंदे मैसेज करने लगा। ऑपइंडिया के पास अतहरुद्दीन द्वारा भेजे गए कुछ मैसेज के स्क्रीनशॉट मौजूद हैं।

इन मैसेजों में नाबालिग लड़की बार-बार अतहरुद्दीन को ‘भैया’ बोल रही है। हालाँकि अतहरुद्दीन खुद को भाई बोलने से मना कर रहा है। वह पीड़िता को जबरन दोस्ती करने का दबाव बना रहा है। कई मैसेज उसने डिलीट भी कर लिए हैं। एक मैसेज में अतहरुद्दीन ने पीड़िता को अपने सपने में देखने की भी बात कही। नाबालिग की माँ ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि अतहरुद्दीन ने खुद को सिख (सरदार) बता कर लड़की को गुमराह करने की भी कोशिश की।

शिकायत के मुताबिक अतहरुद्दीन यहीं नहीं रुका। वह लड़की का पीछा उसके कॉलेज स्टॉप तक जा कर करने लगा। रास्ते में वह नाबालिग से छेड़खानी करता था और हाथ पकड़ने की भी कोशिश कर रहा था। पीड़िता ने अपने एक परिचित से अतहरुद्दीन की करतूत बताई। पीड़िता का परिचित उलाहना लेकर अतहरुद्दीन की दुकान पर गया। यहाँ अतहरुद्दीन उससे झगड़ने और हाथापाई करने लगा। आरोप है कि उलाहना देने पर अतहरुद्दीन बोला, “जो करना है कर लो। मुझे किसी का डर नहीं लगता। मैं लड़की को सबके सामने उठा कर ले जाऊँगा।”

आरोपित ने पीड़िता के परिचित को भी जान से मार डालने की धमकी दी। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि उनकी बेटी अतहरुद्दीन की इस धमकी से बेहद डरी हुई है। पीड़िता ने खाना-पीना छोड़ दिया है और मानसिक अवसाद की हालत में पहुँच गई है। लड़की की माँ ने अपनी बेटी के साथ किसी तरह की अनहोनी की आशंका जताई है।

पुलिस को दी गई शिकायत में अतहरुद्दीन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने अतहरुद्दीन को हिरासत में ले लिया है। मामले की जाँच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में जब नैनिताल पुलिस से ऑपइंडिया ने संपर्क किया तो उनकी ओर से फिलहाल कोई जवाब नहीं आया है। जवाब आने पर इस खबर को अपडेट किया जाएगा।

हल्द्वानी के बजरंग दल कार्यकर्ता जोगिंदर सिंह राणा उर्फ़ जोगी से ऑपइंडिया ने बात की। जोगिंदर ने बताया कि आरोपित अतहरुद्दीन हल्द्वानी के मुखानी रोड पर पूरे परिवार के साथ रहता है। वह उम्र में पीड़िता से लगभग 10 साल बड़ा है। जोगिंदर राणा ने यह भी बताया कि अतहरुद्दीन के पास दुकान चलाने का वैध कागजात भी नहीं है। उन्होंने अतहरुद्दीन के मोबाइल में कई अन्य हिन्दू लड़कियों के नंबर और उनसे आपत्तिजनक चैटिंग मिलने का भी दावा किया।

मुस्लिम लीग के नेताओं ने 4 पत्रकारों से की मारपीट… क्योंकि वो दिखा रहे थे फर्जी मतदान की खबर, CPM विधायक से भी धक्का-मुक्की: केरल में मामला दर्ज

केरल के कासरगोड में शुक्रवार (26 अप्रैल 2024) को फर्जी मतदान की रिपोर्टिंग करने गए चार पत्रकारों पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के संदिग्ध कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। इस दौरान पत्रकारों से मारपीट की गई और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं ने पिटाई करने के बाद पत्रकारों को वहाँ से भगा दिया।

घटना कासरगोड के चेंगला स्थित सरकारी हाई स्कूल के बूथ की है। यहाँ पर फर्जी मतदान की खबर मिलते ही कैराली न्यूज के रिपोर्टर शिजू कन्नन, चैनल के कैमरामैन शैजू पिलाथारा, मातृभूमि न्यूज के रिपोर्टर सारंग और मातृभूमि अखबार के रिपोर्टर प्रदीप जीएन बूथ पर पहुँचे और रिपोर्टिंग की कोशिश की। इसी दौरान IUML कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की।

दरअसल, मतदान के दिन दोपहर में मार्क्सवादी पार्टी के एजेंटों ने स्कूल में बूथ संख्या 113, 114 और 115 में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान की सूचना अपने पार्टी के अधिकारियों को दी। उन्होंने यह भी बताया कि IUML के कार्यकर्ता उन्हें मतदान केंद्र पर बैठने नहीं दे रहे हैं। इसके बाद CPM चुनाव प्रबंधक कासरगोड विधानसभा क्षेत्र में IUML के गढ़ चेंगला के स्कूल पहुँचे।

एलडीएफ चुनाव समिति के संयोजक केपी सतीश चंद्रम ने आरोप लगाया कि मुस्लिम लीग के कार्यकर्ता उन लोगों के वोट डाल रहे थे, जो केरल में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा, “हमने जिला निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई है।” सतीश चंद्रम ने इसकी जानकारी मीडिया को भी दी। इसके साथ ही उदमा के विधायक और सीपीएम के जिला सचिव को भी इसके बारे में बताया।

जब मीडिया घटना की रिपोर्टिंग के लिए पहुँची तो IUML के कार्यकर्ताओं ने रिपोर्टिंग नहीं करने के लिए कहा और वहाँ से तुरंत भागने के लिए धमकाया। उसी समय उदमा विधायक और कार्यवाहक सीपीएम जिला सचिव कुन्हाम्बु स्कूल पहुँचे। उन्होंने कहा, “IUML कार्यकर्ताओं ने विधायक के साथ मारपीट करने की कोशिश की, लेकिन कासरगोड विधायक एनए नेल्लिकुन्नु ने हस्तक्षेप कर मामले को सुलझाया।”

इधर, हमले के शिकार पत्रकारों ने इसकी शिकायत पुलिस और जिला कलेक्टर से की है। कलेक्टर इनबासेकर ने एक बयान में कहा कि उन्होंने बूथ संख्या 115 पर फर्जी मतदान पर कार्रवाई की है। हालाँकि, उन्होंने की गई कार्रवाई के बारे में विस्तार से नहीं बताया।

बता दें कि केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग UDF (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) गठबंधन में कॉन्ग्रेस की सहयोगी दल है। इस गठबंधन में और भी कई छोटे-छोटे दल हैं। वहीं, दूसरी तरफ CPM की अगुवाई वाली LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) गठबंधन है। इसमें सीपीएम और सीपीआई सहित कई दल हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री विजयन पिनराई के नेतृत्व में केरल में LDF की सरकार है।