'ढाई दिन का झोपड़ा' को फिर से देवालय बनाने की माँग ने जोर पकड़ लिया है। बीजेपी सांसद रामचरण बोहरा ने कहा है कि जल्द ही इस जगह पर फिर से मंत्र गूँजेंगे।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि श्री राम मंदिर के निमंत्रण को ठुकराना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आत्मघाती फ़ैसला है। अर्जुन मोधवाडिया बोले - राम आराध्य देव।
नेहरू से लेकर सोनिया तक कॉन्ग्रेस हिंदू घृणा में सनी रही। फिर भी राम की मर्यादा का पालन कर उसके नेताओं को न्योता दिया गया। पर उसने वही चुना जो उसकी नियति है।
इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनते हुए यूरोप के लोग पेरिस में 'राम रथ यात्रा' में भाग लेंगे और एफिल टॉवर के पास प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखेंगे।