कम्युनिस्ट पार्टी की नेता ने बेशर्मी दिखाते हुए उसकी तुलना 'लघु दृष्टि' के मरीज से कर दी और कहा कि उन्होंने काफी कुछ कहा, लेकिन उसने सिर्फ राम मंदिर को लेकर बातें सुनी।
भारत ने ब्रिटिश उच्चायुक्त के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कहा - "जेन मैरियट का कदम भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ है, जो अस्वीकार्य है।"