पुणे पुलिस का दावा है कि गोंसाल्विस और परेरा व अन्य के कारण ही भीमा-कोरेगाँव में हिंसा भड़की थी। ये दोनों प्रतिबंधित माओवादी संगठन में भर्ती के लिए के लिए लोगों को उकसा रहे थे और सीपीएम (माओवादी) के लिए कैडर तैयार कर रहे थे।
स्वामी प्रसाद मौर्या ने दावा किया कि 8वीं शताब्दी तक बद्रीनाथ बौद्ध मठ था उसके बाद यह बद्रीनाथ धाम हिन्दू तीर्थ स्थल बनाया गया, यही सच है। ज्ञानवापी पर भी दिखाई घृणा।