Tuesday, July 23, 2024
Homeदेश-समाजउडुपी कॉलेज में गुप्त रिकॉर्डिंग करने वाली तीनों छात्राओं को जमानत, छात्राओं ने बताया...

उडुपी कॉलेज में गुप्त रिकॉर्डिंग करने वाली तीनों छात्राओं को जमानत, छात्राओं ने बताया था- 1 साल से मुस्लिम लड़कों को शेयर किए जा रहे थे वीडियो

कर्नाटक के उडुपी में स्थित प्राइवेट कॉलेज नेत्र ज्योति की महिला हॉस्टल के टॉयलेट में मोबाइल कैमरा मिलने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ था। कॉलेज में पढ़ने अलीमातुल शैफा, शबानाज़ और आलिया नाम की तीन मुस्लिम छात्राओं ने टॉयलेट में मोबाइल कैमरा लगा रखा था।

कर्नाटक के उडुपी के नेत्र ज्योति कॉलेज में हिंदू छात्राओं का अश्लील वीडियो बनाने की आरोपित तीनों छात्राओं को सशर्त जमानत मिल गई है। एक मजिस्ट्रेट अदालत ने 20 हजार रुपए के मुचलके पर इन्हें जमानत दी है। इस मामले में उडुपी पुलिस ने आरोपित तीनों मुस्लिम छात्राओं के खिलाफ दो FIR दर्ज की थी। एक मामला टॉयलेट में छात्रा के बनाए गए वीडियो को डिलीट करने को लेकर तीन छात्राओं और कॉलेज प्रशासन से जुड़ा है। दूसरा मामला यूट्यूब चैनलों पर हिडन कैमरे वाला वीडियो अपलोड करने से जुड़ा है।

अतिरिक्त सिविल जज श्याम प्रकाश ने आरोपित छात्राओं की याचिका पर 28 जुलाई 2023 को सुनवाई की। आरोपित छात्राओं के वकील असदुल्ला काटपाडी ने दावा किया कि मामला राजनीति से प्रेरित है और शिकायत पीड़ित छात्रा ने दर्ज नहीं कराई है। अदालत ने इसके बाद तीनों को 20-20 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। साथ ही जाँच में सहयोग करने और सभी अदालती सुनवाई में भाग लेने का आदेश दिया।

बताते चलें कि कर्नाटक के उडुपी में स्थित प्राइवेट कॉलेज नेत्र ज्योति की महिला हॉस्टल के टॉयलेट में मोबाइल कैमरा मिलने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ था। कॉलेज में पढ़ने अलीमातुल शैफा, शबानाज़ और आलिया नाम की तीन मुस्लिम छात्राओं ने टॉयलेट में मोबाइल कैमरा लगा रखा था। इसमें हिंदू लड़कियों के प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड कर वे मुस्लिम लड़कों को भेजा करती थीं।

आरोप है कि उडुपी के नेत्रज्योति कॉलेज के महिला शौचालय में हिंदू लड़कियों के टॉपलेस वीडियो रिकॉर्ड किए गए और बाद में मुस्लिम समूहों के साथ साझा किए गए। कॉलेज प्रबंधन ने मामले की जाँच की और निष्कर्ष निकाला कि वीडियो डिलीट कर दिया गया था। इसके बाद मामला खत्म हो गया। लेकिन लोगों के आक्रोश के बाद उडुपी जिले के मालपे पुलिस स्टेशन में मामले का स्वत: संज्ञान लेकर FIR दर्ज की गई।

वीडियो बनाने के लिए ज़िम्मेदार अलीमतुल शैफ़ा, शबानाज़ और आलिया नाम के तीन मुस्लिम छात्रों के साथ-साथ नेत्रज्योति कॉलेज के प्रबंधन बोर्ड पर सबूत नष्ट करने का आरोप है। पुलिस ने IPC की धारा 509, 204, 175 और 34 के तहत मामले दर्ज किए हैं।  ‘TV9 कन्नड़’ के साथ एक इंटरव्यू में इसी कॉलेज की छात्राओं ने बताया था कि मुस्लिम लड़कियाँ पिछले 1 साल से हिन्दू छात्राओं के वीडियो बना रही थीं और मुस्लिम लड़कों के साथ साझा कर रही थीं।

छात्राओं ने बताया था, “पिछले एक साल से ये सब हो रहा था। कॉलेज के बाहर मुस्लिम लड़के कार में इंतजार करते रहते थे। हिन्दू लड़कियों का वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद मुस्लिम लड़कियाँ उन्हें जाकर अपना फोन दे देती थीं। दोपहर में लंच के समय मोबाइल फोन्स की अदला-बदली होती थी। कॉलेज मैनेजमेंट के सामने इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। 18 जुलाई, 2023 को पीड़िता ने कॉलेज प्रबंधन से फिर शिकायत की।”

लड़कियों ने बताया था कि मैनेजमेंट ने इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। 2 दिन बाद 20 जुलाई को कॉलेज की अन्य छात्राओं को इस बारे में पता चला और वो धरना प्रदर्शन पर बैठ गईं। छात्राओं ने बताया कि तीनों आरोपित मुस्लिम लड़कियों ने मोबाइल फोन में वीडियो डाल कर ऊच्चीला से आए मुस्लिम लड़कों को दिया था। ये लड़के पल्सर बाइक और कार से आते थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कोई भी कार्रवाई हो तो हमारे पास आइए’: हाईकोर्ट ने 6 संपत्तियों को लेकर वक्फ बोर्ड को दी राहत, सेन्ट्रल विस्टा के तहत इन्हें...

दिसंबर 2021 में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा।

‘कागज़ पर नहीं, UCC को जमीन पर उतारिए’: हाईकोर्ट ने ‘तीन तलाक’ को बताया अंधविश्वास, कहा – ऐसी रूढ़िवादी प्रथाओं पर लगे लगाम

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि समान नागरिक संहिता (UCC) को कागजों की जगह अब जमीन पर उतारने की जरूरत है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -