स्वामीजी के अनुयायी भारत में आकर भारतीय हो गए। न कोई सेवा के नाम पर धर्मांतरण का छलावा न कोई मान-सम्मान की चाहत। उन्होंने निस्वार्थ भाव से माँ भारती की सेवा की।
कानपुर में चल रहे धर्मांतरण के खेल का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने बताया है कि उन्हें आरोपितों के फ्लैट से धर्म प्रचार की सामग्री मिली है, जिनमें से कुछ ताइवान भाषा में हैं।