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‘अफवाह फैलाई, भय पैदा किया’: बिहार पुलिस ने Youtuber मनीष कश्यप समेत 4 लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR, तमिलनाडु में बिहारियों को लेकर हैं मुखर

वहीं, तमिलनाडु के डीजीपी सी सिलेंद्र बाबू ने कहा है कि अब यहाँ स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। होली के चलते कुछ लोग घर वापस लौट गए हैं।

तमिलनाडु में हिंदी भाषियों के खिलाफ हुई कथित हिंसा मामले में अफवाह फैलाने को लेकर बिहार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया में भ्रामक फोटो, वीडियो शेयर करने के आरोप में यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं, तमिलनाडु पुलिस ने भी अफवाह फैलाने वाले 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

दरअसल, बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे थे कि तमिलनाडु में हिंदी भाषियों के साथ हिंसा हो रही है। कुछ वीडियो में लोगों को मारपीट करते हुए भी दिखाया गया था। हालाँकि, अब इन तमाम दावों को लेकर बिहार पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा किया है। इसमें यूट्यूबर मनीष कश्यप, अमन कुमार, राकेश तिवारी तथा युवराज सिंह का नाम शामिल है।

बिहार पुलिस ने सिलसिलेवार तरीके से ट्वीट कर कहा है कि तमिलनाडु में बिहार के लोगों के साथ हो रही हिंसा को लेकर जानबूझ कर सुनियोजित तरीके से भ्रामक, अफवाह जनक तथा भड़काने वाले फोटो, वीडियो, टेक्स्ट मैसेज इत्यादि शेयर कर जनता के बीच भय का माहौल पैदा किया जा रहा है। इससे कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की संभावना है।

पुलिस ने कहा है कि उन्होंने 30 वीडियो एवं पोस्ट चिन्हित किये हैं। इसको लेकर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने धारा 153/153 (ए)/153 (बी)/505 (1) (बी)/505(1) (सी)/468/471/120 (बी) आईपीसी एवं आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

बिहार पुलिस ने ट्वीट में बताया है कि इसमें से एक आरोपित अमन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को अमन के मोबाइल में कई आपत्तिजनक पोस्ट एवं सबूत मिले हैं। मामले की लगातार जाँच की जा रही है।

वहीं, तमिलनाडु के डीजीपी सी सिलेंद्र बाबू ने कहा है कि अब यहाँ स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। होली के चलते कुछ लोग घर वापस लौट गए हैं। यदि ऐसा नहीं होता तो वे लोग जहाँ नौकरी कर रहे थे, उनसे बात कर उन्हें रोकने की कोशिश की जाती। पुलिस अधिकारियों ने प्रवासी मजदूरों से मिलकर उन्हें आश्वस्त किया है कि बिहारी या किसी अन्य राज्य के मजदूरों पर ऐसी कोई हिंसा नहीं हुई है।

डीजीपी सी सिलेंद्र बाबू ने यह भी कहा है, “हमने मीडिया में जो कुछ भी देखा है। वह सब फर्जी वीडियो हैं। इनमें से अधिकांश वीडियो का तमिलनाडु से कोई संबंध नहीं है। जिन जगहों पर उत्तर भारतीय लोग काम कर रहे हैं, वहाँ हमने पुलिस गश्त तेज कर दी है। हिंदी जानने वाले पुलिसकर्मी लगातार उनके संपर्क में हैं। हमने चैनलों से फेक कंटेंट हटाने का अनुरोध किया है। वीडियो न हटाने वाले 9 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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