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सुदर्शन ‘UPSC जिहाद’ मामला: जिसे बताया हेट स्पीच, वो अनुवाद ही गलत… मधु किश्वर ने दायर की हस्तक्षेप याचिका

'यूपीएससी जिहाद' शो के टेलीकास्ट के बाद वकील फिरोज इकबाल खान ने मधु पूर्णिमा किश्वर की टिप्पणी का हवाला दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने...

‘शिव भी तो लेते हैं ड्रग्स, फिल्मी सितारों ने लिया तो कौन सी बड़ी बात?’ – लेखिका का तंज, संबित पात्रा ने लताड़ा

मेघना का कहना था कि जब हिन्दुओं के भगवान ड्रग्स लेते हैं तो फिर बॉलीवुड सेलेब्स के लेने में कौन सी बड़ी बात हो गई? संबित पात्रा ने इसे घृणित करार दिया।

राजनीति में आएँगे ‘रॉबिनहुड बिहार के’? संस्कृत से UPSC क्लियर करने वाले गुप्तेश्वर पांडेय ने 2009 में भी दिया था इस्तीफा

यूपीएससी में संस्कृत को अपना विषय चुनने वाले बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय बिहार के विकास को लेकर खासे चिंतित रहे हैं।

हथियारों से लैस होना जरूरी, वरना भेड़िये तो राह चलते साधुओं पर भी अकारण झपट्टा मारते हैं: दिनकर ने क्यों कहा था ऐसा?

फ़रवरी 21, 1963 को राज्यसभा में दिए अपने भाषण में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने समझाया था कि अहिंसा का अर्थ क्या होता है।

आफ़ताब दोस्तों के साथ सोने के लिए बनाता था दबाव, भगवान भी आलमारी में रखने पड़ते थे: प्रताड़ना से तंग आकर हिंदू महिला ने...

“कई बार मेरे पति आफ़ताब के द्वारा मुझपर अपने दोस्तों के साथ हमबिस्तर होने का दबाव बनाया गया लेकिन मैं अडिग रहीं। हर रोज मेरे साथ मारपीट हुई। मैं अपना नाम तक भूल गई थी। मेरा नाम तो हरामी और कुतिया पड़ गया था।"

व्यंग्य: रवीश जी दुबरा गए हैं, एतना चिंता हो रहा है देस का कि का कहें महाराज!

एक समाज के तौर पर हम कहाँ जा रहे हैं? धरती घूम रही है और हम भी घूम रहे हैं। इसी धरती पर मोदी हमें घुमा रहा है। जबकि लेहरू जी द्वारा भारत को दिए गए विज्ञान की सौगात यही कहती है किसान को किसान ही रहने दो, उसको व्यापारी मत बनाओ।

संजय सिंह और डेरेक ओ ब्रायन ने ईशान करण की चिट्ठी नहीं पढ़ी… वरना पत्रकार हरिवंश से पंगा न लेते

दूर बैठकर भी कर्मचारियों के मन को बखूबी पढ़ लेने वाले हरिवंश जी, अब आसन पर बैठ संजय सिंह, डेरके ओ ब्रायन की 'राजनीति' को पढ़ हँसते होंगे।

दिल्ली दंगों से पहले चाँदबाग में हुई बैठक: 7 गाड़ियों में महिलाएँ जहाँगीरपुरी से लाई गई, देखें व्हाट्सअप चैट में कैसे हुई हिंसा की...

16-17 फरवरी की देर रात चाँद बाग में मीटिंग करने का निर्णय लिया था। यहीं इनके बीच यह बात हुई कि दिल्ली में चल रहे प्रोटेस्ट के अंतिम चरण को उत्तरपूर्वी दिल्ली के इलाकों में अंजाम दिया जाएगा।

अगले जनम मोहे विपक्ष ही कीजो : किसान विरोधी इस फासिस्ट सत्ता की इमेज क्यों नहीं बिगड़ने देता विपक्ष

अगर सरकार कोई किसान विरोधी कदम उठाती है तो इसका फायदा तो विपक्ष को ही होना चाहिए. लेकिन विपक्ष है कि सरकार की इमेज ख़राब होने ही नहीं देता।

‘…तुम्हारा हश्र भी कमलेश तिवारी जैसा होगा’ – UP में अपने ही विभाग के मंत्री को शकील अहमद ने दी धमकी

आरोप है कि अधिकारी शकील अहमद ने यूपी में मंत्री राजेश्वर सिंह को धमकाया कि उनका भी हश्र हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी जैसा ही होगा।

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