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लेह का आधा हिस्सा चीन लेना चाहिए, फिर दिल्ली में मोदी की माँ-बहन हो जाएगी…: कॉन्ग्रेस नेता जाकिर हुसैन का ऑडियो वायरल, कारगिल से...

"सब ठीक हो जाएगा। बस लेह का आधा हिस्सा चाइना लेना चाहिए। फिर पता है क्या होगा... दिल्ली में मोदी की माँ-बहन हो जाएगी...। लद्दाख यूटी के फिर हजार टुकड़े हो जाएँगे।"

सुशांत जब भी सेक्स करता है… कतरा-कतरा कर उनको मारा गया है: कंगना रनौत ने बताया मीडिया ने कैसे की लिंचिंग

कंगना रनौत का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह मीडिया रिपोर्टों का हवाला देकर बता रही हैं कि कैसे सुशांत सिंह राजपूत की मीडिया ने मूवी माफिया की शह पर लिंचिंग की।

मई की 30 घटनाएँ जब मजहबी भीड़ ने हिंदुओं को बनाया निशाना, मंदिरों पर भी हमला: बांग्लादेश छोड़ने के लिए धमकाया

कहीं नदी में तैरती लाश। कहीं धर्मांतरण, बलात्कार और हिंदू लड़कियों के अपहरण के लिए हमले। संपत्ति पर कब्जा भी। ऐसे 30 मामलों पर एक नजर।

हुसैन दलवई, नीरज भारती, कलैगनार TV, सब एक ही थैली के चट्टे-बट्टे: गलवान में सैनिकों के बलिदान पर बिगड़े बोल

गलवान में सैनिकों के बलिदान पर अनर्गल प्रलाप कर रहे सभी लोग कॉन्ग्रेस से जुड़े हैं। कोई चीनी हमले को जायज ठहरा रहा तो कोई इसे बिहार चुनाव से जोड़ रहा।

डीएस बिंद्रा के ‘लंगर’ से क्विंट की मोहब्बतें: कॉन्स्टेबल रतनलाल की हत्या की चार्जशीट में नाम, बचाव में उतरा

द क्विंट ने डीएस बिंद्रा नाम के उस आरोपित को बचाने की कोशिश की है, जिसके लिए चार्जशीट में कहा गया है कि उसने उन दंगों को भड़काने का काम किया, जिसमें कॉन्स्टेबल रतनलाल की जान गई थी।

‘स्क्रॉल’ पत्रकार सुप्र‌िया शर्मा के खिलाफ वाराणसी में FIR, ‘भुखमरी’ को लेकर प्रकाशित की थी फ़ेक न्यूज़

FIR में माला देवी ने कहा है कि वह किसी के घर में काम नहीं करती हैं, और 'स्क्रॉल' की पत्रकार ने उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है।

चीन नहीं भाजपा है देश का असली दुश्मन: 20 बलिदान के बाद भी पूर्व एमनेस्टी इंडिया चीफ आकार पटेल का बयान

भारत और चीन के बीच चल रहे गतिरोध के बीच एमनेस्टी इंडिया के विवादास्पद पूर्व प्रमुख आकार पटेल ने ट्विटर पर कहा कि देश का दुश्मन भाजपा है, ना कि चीन।

लॉकडाउन में समुदाय विशेष पर ही ज्यादा मुकदमे क्यों, जज साहब पूछ रहे… हम पूछते हैं इसमें समस्या क्या है, मुकदमे झूठे हैं?

तेलंगाना हाईकोर्ट ने पूछा है कि लॉकडाउन में समुदाय विशेष पर ही ज्यादा मुकदमे क्यों? यह भी तो हो सकता है कि कोई समुदाय शांतिप्रिय हो, और कोई सिर्फ शांतिप्रिय कहलाता हो, लेकिन उपद्रव करने में अग्रणी हो?

‘मीरजाफर’ मिलते गए और चाओ-माओ बढ़ते गए: 1949 तक भारत से लगती भी नहीं थी चीन की सीमा

वह असंतोष न चीन के कम्युनिस्टों के हक में होगा और न भारत के वामपंथियों और उनके पोषक कॉन्ग्रेस के। इसलिए, नानजिंग के प्रेसिडेंशियल पैलेस और जनपथ की बेचैनियाँ आज एक सी दिख रहीं।

हर दिन मंदिर में काटी गाय, गिराए दसियों मंदिर: मोइनुद्दीन चिश्ती और उसके शागिर्दों का सच

निजामुद्दीन चिश्ती जैसों के 'शांतिपूर्ण सूफीवाद' का मिथक खूब फैलाया गया है। लेकिन वास्तविकता यही है कि ये जिहाद को बढ़ावा देने, 'काफिरों' के धर्मांतरण के लिए ही भारत आए थे।

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