Wednesday, August 5, 2020
Home विविध विषय भारत की बात हर दिन मंदिर में काटी गाय, गिराए दसियों मंदिर: मोइनुद्दीन चिश्ती और उसके शागिर्दों...

हर दिन मंदिर में काटी गाय, गिराए दसियों मंदिर: मोइनुद्दीन चिश्ती और उसके शागिर्दों का सच

निजामुद्दीन चिश्ती ने अजमेर की आना सागर झील, जो कि हिन्दुओं का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, पर बड़ी संख्या में गायों का क़त्ल किया, और इस क्षेत्र में गायों के खून से मंदिरों को अपवित्र करने का काम किया था।

अधिकांश सूफी संत या तो इस्लामिक आक्रांताओं की आक्रमणकारी सेनाओं के साथ भारत आए थे, या इस्लाम के सैनिकों द्वारा की गई कुछ व्यापक विजय के बाद। लेकिन इन सबके भारत आने के पीछे सिर्फ एक ही लक्ष्य था और वह था इस्लाम का प्रचार। इसके लिए उलेमाओं के क्रूरतम आदेशों के साथ गाने-बजाने की आड़ में हिन्दुओं की आस्था पर चोट करने वाले ‘संतों’ से बेहतर और क्या हो सकता था?

‘शांतिपूर्ण सूफीवाद’ का मिथक, कई सदियों तक इस्लामिक ‘विचारकों’ और वामपंथी इतिहासकारों द्वारा खूब फैलाया गया है। वास्तविकता इन दावों से कहीं अलग और विपरीत है। वास्तविकता यह है कि इन सूफी संतों को भारत में इस्लामिक जिहाद को बढ़ावा देने, ‘काफिरों’ के धर्मांतरण और इस्लाम को स्थापित करने के उद्देश्य से लाया गया था।

इसी में एक सबसे प्रसिद्ध नाम आता है ‘सूफी संत’ मोइनुद्दीन चिश्ती (Khwaja Moinuddin Chishti) का, जिन्हें कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ के नाम से भी पुकारा जाता है। सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती का जन्म ईरान में हुआ था, लेकिन उन्हें राजस्थान के अजमेर में दफनाया गया था।

‘काफिरों’ को लेकर सूफीवाद के महानतम विद्वानों का दृष्टिकोण ISIS के दृष्टिकोण से अलग है, यह कहना एकदम गलत है। इसका उदाहरण सूफी विचारधारा के सबसे बड़े प्रतीक माने जाने वाले मोइनुद्दीन चिश्ती और औलिया हैं, जिन्होंने वो काम सदियों पहले कर दिया था, जिसे ISIS और कट्टर इस्लामिक संगठन आज की सदी में कर रहे हैं।

इतिहासकार एमए खान ने अपनी पुस्तक ‘इस्लामिक जिहाद: एक जबरन धर्मांतरण, साम्राज्यवाद और दासता की विरासत’ (Islamic Jihad: A Legacy of Forced Conversion, Imperialism, and Slavery) में इस बारे में विस्तार से लिखा है कि मोइनुद्दीन चिश्ती, निज़ामुद्दीन औलिया, नसीरुद्दीन चिराग और शाह जलाल जैसे सूफी संत जब इस्लाम के मुख्य सिद्धांतों की बात करते थे, तो वे वास्तव में रूढ़िवादी और असहिष्णु विचार रखते थे, जो कि मुख्यधारा के जनमत के विपरीत था।

एमए खान की पुस्तक का अंश

उदाहरण के लिए, सूफी संत मोईनुद्दीन चिश्ती और औलिया इस्लाम के कुछ पहलुओं जैसे- नाच (रक़) और संगीत (सामा) को लेकर उदार थे, जो कि उन्होंने रूढ़िवादी उलेमा के धर्मगुरु से अपनाया, लेकिन एक बार भी उन्होंने कभी हिंदुओं के उत्पीड़न के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया। औलिया ने अपने शिष्य शाह जलाल को बंगाल के हिंदू राजा के खिलाफ जिहाद छेड़ने के लिए 360 अन्य शागिर्दों के साथ बंगाल भेजा था।

इस पुस्तक में इस बात का भी जिक्र किया है गया है कि वास्तव में, हिंदुओं के उत्पीड़न का विरोध करने की बात तो दूर, इन सूफी संतों ने बलपूर्वक हिंदुओं के इस्लाम में धर्म परिवर्तन में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। यही नहीं, ‘सूफी संत’ मोइनुद्दीन चिश्ती के शागिर्दों ने हिंदू रानियों का अपहरण किया और उन्हें मोईनुद्दीन चिश्ती को उपहार के रूप में प्रस्तुत किया।

गौरी के साथ भारत आकर अजमेर में लगाया था डेरा

यह भी एक ऐतिहासिक तथ्य है कि चिश्ती, शाह जलाल और औलिया जैसे सूफी ‘काफिरों’ के खिलाफ जिहाद छेड़ने के लिए भारत आए थे। उदाहरण के लिए- मोइनुद्दीन चिश्ती, मुइज़-दीन मुहम्मद ग़ोरी की सेना के साथ भारत आए और गोरी द्वारा अजमेर को जीतने से पहले वहाँ गोरी की तरफ से अजमेर के राजा पृथ्वीराज चौहान की जासूसी करने के लिए अजमेर में बस गए थे। यहाँ उन्होंने पुष्कर झील के पास अपने ठिकाने स्थापित किए।

प्रतिदिन गाय का वध और मंदिरों को अपवित्र करते थे चिश्ती के शागिर्द

मध्ययुगीन लेख ‘जवाहर-ए-फरीदी’ में इस बात का उल्लेख किया गया है कि किस तरह चिश्ती ने अजमेर की आना सागर झील, जो कि हिन्दुओं का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, पर बड़ी संख्या में गायों का क़त्ल किया, और इस क्षेत्र में गायों के खून से मंदिरों को अपवित्र करने का काम किया था। मोइनुद्दीन चिश्ती के शागिर्द प्रतिदिन एक गाय का वध करते थे और मंदिर परिसर में बैठकर गोमांस खाते थे।

इस अना सागर झील का निर्माण ‘राजा अरणो रा आनाजी’ ने 1135 से 1150 के बीच करवाया था। ‘राजा अरणो रा आनाजी’ सम्राट पृथ्वीराज चौहान के पिता थे। आज इतिहास की किताबों में अजमेर को हिन्दू-मुस्लिम’ समन्वय के पाठ के रूप में तो पढ़ाया जाता है, लेकिन यह जिक्र नहीं किया जाता है कि यह सूफी संत भारत में जिहाद को बढ़ावा देने और इस्लाम के प्रचार के लिए आए थे, जिसके लिए उन्होंने हिन्दुओं के साथ हर प्रकार का उत्पीड़न स्वीकार किया।

मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेर

यहाँ तक कि आज भी इन सूफी संतों की वास्तविकता से उलट यह बताया जाता है कि ये क़व्वाली, समाख्वानी, और उपन्यासों द्वारा लोगों को ईश्वर के बारे में बताकर उन्हें मुक्ति मार्ग दर्शन करवाते थे। लेकिन तत्कालीन हिन्दू राजाओं के साथ इनकी झड़प और उनके कारणों का जिक्र शायद ही किसी इतिहास की किताब में मिलता हो।

पृथ्वीराज चौहान की जासूसी और उन्हें पकड़वाने में चिश्ती की भूमिका

खुद मोइनुद्दीन चिश्ती ने तराइन की लड़ाई में पृथ्वीराज चौहान को पकड़ लिया था और उन्हें ‘इस्लाम की सेना’ को सौंप दिया। लेख में इस बात का प्रमाण है कि चिश्ती ने चेतावनी भी जारी की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था – “हमने पिथौरा (पृथ्वीराज) को जिंदा पकड़ लिया है और उसे इस्लाम की सेना को सौंप दिया है।”

हिन्दू राजा की बेटी ‘बीबी उमिया’ का अपहरण और निकाह

मोइनुद्दीन चिश्ती का एक शागिर्द था मलिक ख़ितब। उसने एक हिंदू राजा की बेटी का अपहरण कर लिया और उसे चिश्ती को निकाह के लिए ‘उपहार’ के रूप में प्रस्तुत किया। चिश्ती ने खुशी से ‘उपहार’ स्वीकार किया और उसे ‘बीबी उमिया’ नाम दिया।

लेकिन संयोगवश ‘सूफी संत’ मोईनुद्दीन चिश्ती के बारे में इतिहास में दर्ज ये तथ्य बॉलीवुड की फिल्मों, गानों, सूफी संगीत और वामपंथी इतिहास से एकदम अलग हैं।

सिर्फ इस्लाम की स्थापना था उलेमा और सूफी संतों का लक्ष्य

अपनी पुस्तक ‘भारत में मुस्लिम शासन की विरासत’ (Legacy of Muslim Rule in India) में इतिहासकार केएस लाल ने लिखा है, “मुस्लिम मुशाहिक (सूफी आध्यात्मिक नेता) उलेमाओं की तरह ही धर्मांतरण को लेकर उत्सुक थे, और सूफी ‘संतों’ को लेकर आम धारणा के विपरीत, हिंदुओं के प्रति दयालु होने के स्थान पर, वे चाहते थे कि यदि इस्लाम अपनाने से इनकार करते हैं तो उन्हें दूसरे दर्जे के नागरिक के तौर पर रखा जाए।”

‘द सिनिस्टर साइड ऑफ सूफीवाद’ में, लेखक राम ओहरी ने लिखा है, “कोई भी मुसलमान, न ही कोई सूफी, कभी भी हिंदू मंदिर में पूजा करने के लिए सहमत नहीं हुआ है, और न ही हिंदू देवी-देवताओं की छवियों के सामने कोई सम्मानपूर्वक तरीके से पेश आया है।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

ख़ास ख़बरें

राम मंदिर के लिए कॉन्ग्रेस के समर्थन के बाद केरल में सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने बुलाई आपातकालीन बैठक

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने राम मंदिर के पक्ष में कई कॉन्ग्रेस नेताओं के बयानों के बारे में जानने के बाद बुधवार को अपने शीर्ष अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है।

कॉन्ग्रेस नेताओं के भूमि पूजन से पहले सॉफ्ट हिंदुत्व दिखाने से भड़के लिबरल और मुस्लिम, कहा- वाह रे नेहरूवादी सेकुलरिज्म

उत्साही कॉन्ग्रेस समर्थकों और लिबरलों को मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस का ट्विटर प्रोफाइल पिक्चर रास नहीं आया। प्रोफाइल पिक्चर बदलने के तुरंत बाद ही उन्हें ट्रिगर करना शुरू कर दिया।

मरते हुए सड़क पर रक्त से लिखा सीताराम, मरने के बाद भी खोपड़ी में मारी गई 7 गोलियाँ… वो एक रामभक्त था

वो गोली लगते ही गिरे और अपने खून से लिखा "सीताराम"। शायद भगवान का स्मरण या अपना नाम! CRPF वाले ने 7 गोलियाँ और मार कर...

ऐसा होगा अयोध्या का भव्य राम मंदिर: इन 8 तस्वीरों में देखें अंदर से बाहर तक का अलौकिक दृश्य

अयोध्या भव्य, दिव्य और अलौकिक राम मंदिर कैसा होगा, इसे आप 8 आधिकारिक तस्वीरों के माध्यम से समझ सकते हैं जिसे ट्रस्ट द्वारा जारी किया गया है।

नहीं दिखेगी टाइम्स स्क्वायर पर भूमिपूजन की तस्वीर: मुस्लिम समूहों के विरोध के बाद कंपनी का फैसला, कट्टरपंथी खुश

मुस्लिम समूहों के विरोध के बाद एक ओर जहाँ ब्रांडेड सिटीज की ओर से यह फैसला आया है। वहीं ट्विटर पर कट्टरपंथी मुस्लिम इसे अपनी जीत मान रहे हैं।

मंदिर निर्माण एक धार्मिक घटना ही नहीं, संस्कृति का पुनर्जागरण है

जन्मभूमि से इतनी दिक्कत क्योंकि विदेशियों की फेंकी हुई बोटियों पर पलने वाले कुत्तों की दशकों की मेहनत पर ये एक झटके में पानी फेर देता है।

प्रचलित ख़बरें

‘इससे अल्लाह खुश होता है, तो शैतान किससे खुश होगा?’ गाय को क्रेन से लटकाया, पटका फिर काटा

पाकिस्तान का बताए जाने वाले इस वीडियो में देखा जा सकता है कि गाय को क्रेन से ऊपर उठाया गया है और कई लोग वहाँ तमाशा देख रहे हैं।

‘खड़े-खड़े रेप कर दूँगा, फाड़ कर चार कर दूँगा’ – ‘देवांशी’ को समीर अहमद की धमकी, दिल्ली दंगों वाला इलाका

"अपने कुत्ते को यहाँ पेशाब मत करवाना नहीं तो मैं तुझे फाड़ कर चार कर दूँगा, तेरा यहीं खड़े-खड़े रेप कर दूँगा।" - समीर ने 'देवांशी' को यही कहा था।

‘इंशाअल्लाह, न कभी भूलेंगे, न माफ करेंगे’: भूमि पूजन से पहले जामिया वाली लदीदा ने दिखाई नफरत

जामिया में लदीदा के जिहाद के आह्वान के बाद हिंसा भड़की थी। अब उसने भूमि पूजन से पहले हिंदुओं के प्रति नफरत दिखाते हुए पोस्ट किया है।

‘राम-राम नहीं, जय भीम बोलो’: दरोगा रमेश राम ने माँ का श्राद्ध कर रहे परिजनों को जम कर पीटा, CM योगी ने लिया संज्ञान

जातिवादी टिप्पणी करते हुए दरोगा रमेश राम ने कहा कि वो ब्राह्मणों और ठाकुरों को सबक सिखाने के लिए ही पुलिस में भर्ती हुआ है। घायलों में सेना का जवान भी शामिल।

मरते हुए सड़क पर रक्त से लिखा सीताराम, मरने के बाद भी खोपड़ी में मारी गई 7 गोलियाँ… वो एक रामभक्त था

वो गोली लगते ही गिरे और अपने खून से लिखा "सीताराम"। शायद भगवान का स्मरण या अपना नाम! CRPF वाले ने 7 गोलियाँ और मार कर...

‘खुदा करे ये मर जाए… इस बार अमित शाह मरना चाहिए… सब दुआ करो’ – शाहीन बाग वाली रिजवी का जहरीला वीडियो

"ये वही है, जिसने गोधरा ट्रेन करवाया, कारसेवकों को मरवाया। फिर उसी के नाम पर गुजरात जलवाया। अल्लाह पाक बद्दुआएँ लगाए, ये तड़ीपार मर जाए।"

राम मंदिर के लिए कॉन्ग्रेस के समर्थन के बाद केरल में सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने बुलाई आपातकालीन बैठक

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने राम मंदिर के पक्ष में कई कॉन्ग्रेस नेताओं के बयानों के बारे में जानने के बाद बुधवार को अपने शीर्ष अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है।

दिल्ली दंगों को लेकर DU प्रोफेसर अपूर्वानंद से स्पेशल सेल ने 5 घंटे पूछताछ के बाद मोबाइल किया ज़ब्त

DU के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने कहा कि यह देखना दुखद है कि नागरिकता अधिनियम विरोध प्रदर्शन के समर्थकों को हिंसा का स्रोत माना जा रहा है और उम्मीद करते हैं कि पुलिस निष्पक्ष होकर इस मामले की जाँच करेगी।

बाबर रोड का नाम बदलकर किया जाए ‘5 अगस्त मार्ग’, BJP नेता विजय गोयल ने की गृह मंत्रालय से माँग

भाजपा नेता विजय गोयल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली स्थित बाबर रोड का नाम बदलकर '5 अगस्त मार्ग' करने की माँग की है।

मुगल वंशज प्रिंस तुसी ने ओवैसी को ‘जोकर’ कहते हुए जताई श्रीराम मंदिर निर्माण देखने की इच्छा

बहादुर शाह ज़फ़र के परपोते प्रिंस तुसी ने AIMIM नेता ओवैसी को जोकर बताते हुए कहा कि उनके परिवार की अयोध्या में बने राम मंदिर को देखने की इच्छा है।

कॉन्ग्रेस नेताओं के भूमि पूजन से पहले सॉफ्ट हिंदुत्व दिखाने से भड़के लिबरल और मुस्लिम, कहा- वाह रे नेहरूवादी सेकुलरिज्म

उत्साही कॉन्ग्रेस समर्थकों और लिबरलों को मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस का ट्विटर प्रोफाइल पिक्चर रास नहीं आया। प्रोफाइल पिक्चर बदलने के तुरंत बाद ही उन्हें ट्रिगर करना शुरू कर दिया।

370 का बदला: पाकिस्तान ने नया ‘ऐतिहासिक नक्शा’ जारी कर सियाचिन, J&K के साथ गुजरात के हिस्सों पर भी जताया अपना दावा

पाकिस्तान ने एकबार फिर भारत की सीमा को अपने नक़्शे में दिखाया है लेकिन इस बार पाकिस्तान ने सिर्फ जम्मू-कश्मीर ही नहीं बल्कि गुजरात के एक हिस्से पर भी अपना अधिकार जताया है।

अनु बन कर अनवर ने हिन्दू युवती को प्रेम के जाल में फँसाया: महीनों तक किया बलात्कार, ₹6.5 लाख भी हड़पे

मुस्लिम युवक अनवर ने अपने मजहब की पहचान छिपा कर छद्म हिन्दू नाम अनु रखा और युवती को अपने प्रेम के जाल में फँसा कर महीनों बलात्कार करता रहा।

जामिया हिंसा: याचिकाकर्ताओं के बचाव में इंदिरा जयसिंह की दलील- पत्थर और बोतलें नहीं होतीं हथियार

वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने अदालत में अपनी एक दलील में कहा कि पत्थर और बोतलें आग बरसाने के हथियार नहीं होते हैं और पुलिस ने जो किया वह बर्बरता थी।

25,000 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने वाले मो. शरीफ को भूमि पूजन पर निमंत्रण, कहा- सेहत ने साथ दिया तो जरूर जाऊँगा

शरीफ वही व्यक्ति हैं जिन्हें नरेंद्र मोदी सरकार में पद्मश्री से नवाजा गया। उन्होंने अब तक 25 हजार से ज्यादा लावारिस शवों का रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करवाया है।

ओवैसी ने ‘बाबरी विध्वंस’ के लिए प्रियंका पर साधा निशाना, कहा- खुशी है कि अब नाटक नहीं कर रहे

असदुद्दीन ओवैसी ने प्रियंका के इस ट्वीट को लेकर उनकी खिंचाई की। ओवैसी ने कॉन्ग्रेस पार्टी पर उस 'आंदोलन में योगदान देने का आरोप लगाया जिसने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया।'

संबंधित ख़बरें

हमसे जुड़ें

243,869FansLike
64,374FollowersFollow
289,000SubscribersSubscribe
Advertisements