श्रमिक ट्रेनों में गृहराज्य जाने के रास्ते में 31 नवजात शिशुओं ने जन्म लिया। सबसे पहले 10 मई को सूरत से प्रयागराज जाते वक्त केतकी सिंह ने बच्चे को जन्म दिया।
चीनी प्रीमियर चाऊ एन लाई जब भारत पहुँचे तो सड़क पर जनता हाथों में पोस्टर लिए निकली। इन पर लिखा था- "चीन से सावधान" "कठोर रहना नेहरू" "चीनी घुसपैठियों के सामने समर्पण नहीं।"
'पिंजरा तोड़' वामपंथी विचारधारा की विष-बेल बन दिल्ली यूनिवर्सिटी को बर्बाद कर रही है। दंगों में भी पुलिस ने इनकी भूमिका बताई है, क्योंकि दंगों की तैयारी के दौरान इनके सदस्य उन इलाकों में होते थे।