एक जिला जहॉं 93 फीसदी आबादी हिंदू है, संक्रमण पर काबू पाने के तरीकों से मॉडल बन जाता है। एक इलाका जहॉं 90 फीसद मुस्लिम हैं वहॉं लॉकडाउन फेल हो जाता है। फिर कर्फ्यू और उसके बाद महाकर्फ्यू लगाना पड़ता है। बावजूद वह संक्रमण का एपिसेंटर बना हुआ है। जबाव कड़वा है, पर सच यही है।
अब आप समझ जाइए कि जब 'ऑल्टन्यूज़' के कर्ताधर्ता ऐसे काम करते हैं तो उनका प्रोपेगेंडा पोर्टल कैसे चलाया जाता होगा। बैनर पर आमजनों और पशु-पक्षियों को खाना खिलाने की बात स्पष्ट लिखी हुई है फिर भी...
205 देशों में फैल चुके कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाने के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन नहीं है। लेकिन, इस दिशा में दुनियाभर में युद्धस्तर पर काम चल रहा है। लेकिन, इस मर्ज की दवा बनाने में सबसे बड़ी बाधा समय की है। जो ड्रग्स क्लीनिकल ट्रायल्स के स्टेज 3 में भी हैं, उनके भी मरीजों तक पहुॅंचने में अभी 6 महीने और लगेंगे।
अभी तक पाँच राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी बात रखी। इनमें से तीन ने लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने को कहा। तीनों विपक्ष के शासन वाले राज्य हैं: महाराष्ट्र, पंजाब और दिल्ली।
सर्वे के अनुसार देश के 78 फीसदी लोगों ने लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का समर्थन किया है। शहरी क्षेत्रों में 82 फीसदी लोगों ने इसका समर्थन किया जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 74 फीसदी लोगों ने इसके पक्ष में अपना मत दिया।
लखनऊ में रहने वाले जमातियों का पता लगाने के लिए 700 से अधिक मोबाईल नंबरों को सर्विलांस पर रखा गया था। इनमें से 200 से अधिक जमातियों के नंबर अचानक से बंद हो गए। इन जमातियों के सम्पर्क में रहे करीब 300 लोगों ने भी अपने मोबाइल बंद कर लिए हैं।
चाँद मोहम्मद नाम के शख्स ने प्रशासन से फोन करके भूख से मरने की बात कही। फिर उसने दोबारा फोन करके कहा कि वो भूख से मर रहा है। प्रशासन आनन-फानन में सूखी राशन सामग्री एवं तैयार भोजन के पैकेट लेकर पहुँचा। मगर वहाँ का नजारा देखकर...
महाराष्ट्र कोरोना से देश का सर्वाधिक प्रभावित राज्य है। सीएम उद्धव ठाकरे का अनुभवहीन होना इसका कारण बताया जा रहा है। इस बीच ऐसी भी चर्चा चल निकली है कि साख बचाने के लिए राज्य सरकार पीआर कैंपेन चला रही है। उर्वशी रौतेला ने अपना बचाव करते-करते एक ट्वीट से इसको और हवा दी है।
जनता कर्फ्यू के दिन थाली बजाने पर पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम युवकों ने रेवंत सिंह को धमकाया। कहा कि यहाँ मोदी का नहीं हमारा कानून चलता है। फिर 4 अप्रैल को उन पर घात लगाकर हमला किया। 5 दिन कोमा में रहने के बाद उनकी मौत हो गई।