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जब श्रमिक ट्रेन में गर्भवती महिला को शुरू हुई प्रसव पीड़ा, रेलवे की सहायता से दुनिया में आई नन्ही जान

रेलवे की मदद से माँ ने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया व जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। इसके बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस वाकए की सूचना ट्विटर पर दी।

‘नीचता पर उतरे’ कॉन्ग्रेस IT सेल के गौरव पांधी, मालिनी अवस्थी ने कहा- ‘घिनौनी’ बातों का दें प्रमाण या कार्रवाई को रहें तैयार

"अपनी इस बात का प्रमाण दो या फिर वैधानिक कार्यवाही के लिए तैयार रहो गौरव पांधी। एक स्त्री के 48 वर्षों के परिश्रम को दुर्भावना से देखने वाले, तुम्हारी घिनौनी राजनीति के तरकश में तीर कम पड़ गए तो इस नीचता पर उतर आए?"

मैं तुम्हें ऑटो-रिक्शा और स्कूटर भेजूँगी, तुम उन्हें बस समझना: गाँधी (प्रियंका) 2.0

आखिरी बार जब गाँधी परिवार ने कोई चमत्कार कर दिखाया था, तब प्रियंका के भाई राहुल गाँधी एक तरफ से आलू डालकर दूसरी तरफ से सोना...

Zee न्यूज़ के एंकर अमन चोपड़ा ने मौलाना को सिखाया ‘धर्मनिरपेक्षता’ का पाठ, एक तरफा तहजीब कब तक निभाए हिन्दू?

"हमने आम तौर पर देखा, जब हम मिलते हैं तो सलाम, अस्सलाम वालेकुम, सब कुछ कहते हैं, लेकिन क्या आप लोग राम-राम कहते हैं? आप "दो हाथों से ताली बजाइए न, मिलकर भी रहना है, गंगा-जमुनी तहजीब भी दिखानी है, आप नहीं बोलेंगे। ताली दो हाथों से बजती है..."

मई 19, 1961 की त्रासदी: जब 11 बंगालियों ने मातृभाषा के लिए अपनी जान गँवा दी थी

असम के सिलचर में राज्य की सरकारी भाषा के रूप में असमिया के अलावा बांग्ला को भी शामिल करने की माँग को लेकर आज ही के दिन वर्ष 1961 में आंदोलन हुआ था। सिलचर रेलवे स्टेशन पर मई 19, 1961 को आंदोलनकारियों पर पुलिस ने गोली चलाई थी, जिसमें 11 लोग मारे गए थे।

सुरजेवाला ने नेपाल की तस्वीर को भारत की बता फैलाया झूठ, लोगों ने कॉन्ग्रेसी प्रोपेगेंडा का कर दिया फैक्ट चेक

"भाई ये लोग तो बिल्कुल ही मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। कभी नेपाल की तो कभी बांग्लादेश की फोटो को इंडिया की बता कर राजनीति कर रहे है और....."

कोरोना संकट में भी सरकार का साथ देती नजर आई जनता, विपक्ष उलझा रहा राजनीति में

जनता ने इस महामारी से निपटने में जितनी समझदारी, संयम और सहयोग दिया है, विपक्षी राजनीतिक दलों की ओर से उतना ही असहयोगी रूख रहा है।

ऑटो और कार से मजदूरों को घर भेजेंगी प्रियंका गाँधी… 1000 बसों की सूची में ब्लैकलिस्ट किए गए वाहन भी

प्रियंका गाँधी ने यूपी सरकार को बसों की लिस्ट तो भेज दी लेकिन उसमें बसों के नाम पर तिपहिया, दोपहिया वाहनों के डिटेल्स हैं। ब्लैकलिस्टेड भी...

कोर्ट में बैठी जनता अगर न्याय करती तो गोडसे निर्दोष घोषित होते: याचिका की सुनवाई करने वाले जज खोसला

"गोडसे सिरफिरे इन्सान बिल्कुल भी नहीं थे। वो पुणे में रहते थे जहाँ देश विभाजन का कोई असर नहीं हुआ था। वो फिर भी गाँधी को मारने गए क्योंकि..."

महात्मा गाँधी किसी मस्जिद में गीता पाठ कर सकते हैं क्या? आखिर क्यों नाथूराम गोडसे ने पूछा था यह सवाल

नेहरू सरकार नाथूराम गोडसे के बहाने सावरकर पर निशाना साधना चाहती थी। गाँधीजी की हत्या के बाद इस प्रयास पर पानी फेरते हुए गोडसे ने...

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