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‘पैगंबर का इत्र’ नाक से सटा मौलवी ने किया कोरोना का इलाज, 2 दिन के बाद मरीज और उसके 2 दोस्तों की मौत

ईरान में लगातार बढ़ते कोरोना के मरीजों की संख्या के बीच कुछ मौलवी पैगंबर के इत्र और फूलों के तेल से इस्लामी चिकित्सा को बढ़ावा दे रहे हैं। ईरान के मौलवियों की मूर्खता से वहाँ लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या और मौतों का आँकड़ा भी बढ़ता चला जा रहा है।

‘वायर’ बना लायर: फैलाया झूठ, केस दर्ज होने पर ‘प्रपंची जात भाई’ ऑल्टन्यूज कूदा बचाव में

प्रोपेगेंडा वेबसाईट TheWire एक फर्जी खबर चलाता है - योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ। सरकार के द्वारा FIR दर्ज की जाती है। इससे स्वघोषित फैक्ट-चेकर प्रतीक सिन्हा बौखला जाता है। इसे लेकर वह न सिर्फ ANI पर सवाल उठाता है बल्कि प्रेस स्वतंत्रता से भी जोड़ देता है।

फैक्ट चेक: क्या तबलीगी मरकज की नौटंकी के बाद चुपके से बंद हुआ तिरुमला तिरुपति मंदिर?

मरकज बंद करने के फ़ौरन बाद सोशल मीडिया पर एक खबर यह कहकर फैलाई गई कि आंध्रप्रदेश में स्थित तिरुमाला के भगवान वेंकेटेश्वर मंदिर को तबलीगी जमात मामला के जलसे के सामने आने के बाद बंद किया गया है।

योगी सरकार के खिलाफ फर्जी खबर फैलानी पड़ी महँगी: ‘द वायर’ पर दर्ज हुई FIR

"हमारी चेतावनी के बावजूद इन्होंने अपने झूठ को ना डिलीट किया ना माफ़ी माँगी। कार्रवाई की बात कही थी, FIR दर्ज हो चुकी है आगे की कार्यवाही की जा रही है। अगर आप भी योगी सरकार के बारे में झूठ फैलाने के की सोच रहे है तो कृपया ऐसे ख़्याल दिमाग़ से निकाल दें।"

‘राम’ को इलाहबाद चुनाव में उताकर कॉन्ग्रेस ने किया था वोटर की धार्मिक भावनाओं से खेलने का प्रयास

कॉन्ग्रेस ने वीपी सिंह के खिलाफ अरुण गोविल से चुनाव प्रचार करवाकर इलाहाबाद के मतदाता की भावना भड़काने की कोशिश की थी। इलाहाबाद उपचुनाव उस समय हॉट टॉपिक था और राजीव गाँधी अपनी छवि को हिंदुओं के बीच बेहतर जताने का भी प्रयास कर रहे थे।

बिहार में गोली, गुजरात में पत्थरबाज़ी: मरकज से निकले लोगों की तलाश कर रही पुलिस पर भीड़ का हमला

अहमदाबाद में पुलिस को तब निशाना बनाया गया जब वह निजामुद्दीन के मरकज से निकले लोगों की तलाश कर रही थी। इससे पहले मधुबनी, भिलाई, सोलापुर, बोंगाईगॉंव जैसे कई जगहों पर पुलिस के काम में बाधा डालने की कोशिश समुदाय विशेष की तरफ से हो चुकी है।

निज़ामुद्दीन मरकज का मकसद क्या था? जानिए किस राज्य में कितने पहुँचे, विदेशी मौलवी कहाँ-कहाँ छिपे थे

अब सवाल खड़ा होता है कि दिल्ली मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद ये जो जमाती पूरे देश में फैले इन्होंने जागरूकता के नाते पहले अपनी जाँच क्यों नहीं कराई और जब ये लोग दूर क्षेत्रों की मस्जिदों में पहुँचे या वहाँ रुके भी तो इस दौरान वहाँ के स्थानीय लोगों ने इसके संबंध में पुलिस प्रशासन को क्यों अवगत नहीं कराया।

ऐसे खाली हुआ निजामुद्दीन का मरकज: रात के 2 बजे एक्शन में आए NSA डोभाल, फिर ढीला पड़ा मौलाना

दिल्ली पुलिस के बार-बार कहने पर भी मौलाना साद इमारत खाली करवाने को तैयार नहीं था। बाद में उसने केवल 167 लोगों को ही क्वारंटाइन किए जाने की अनुमति दी। लेकिन, जब डोभाल ने मोर्चा सॅंभाला तो वह पूरी इमारत खाली करवाने को तैयार हो गया।

चीनी फिर से खाने लगे चमगादड़, पूरी दुनिया में वुहान वायरस फैला खोला गोश्त का बाजार

पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से त्राहि-त्राहि कर रही है। लेकिन, चीन संक्रमण पर काबू पाने का जश्न मना रहा है। उसने वेट मार्केट फिर से खोल दिया है। खुलेआम कुत्ते, बिल्ली, बतख, खरगोश का माँस बिक रहा है। चमगादड़, केकड़े और छिपकलियाँ भी बेची जा रही हैं।

कोरोना वायरस से इस जंग में नायक कौन, योगी या केजरीवाल?

वुहान वायरस का संक्रमण रोकने के लिए जरूरी है कि केंद्र सरकार के सभी प्रयास सफल रहें। इसके लिए राज्य सरकारों को बिना किसी छल-कपट के एकजुट होकर काम करना होगा। तभी अपने लोगों के जीवन की रक्षा की जा सकती है।

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