Monday, March 8, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय 'पैगंबर का इत्र' नाक से सटा मौलवी ने किया कोरोना का इलाज, 2 दिन...

‘पैगंबर का इत्र’ नाक से सटा मौलवी ने किया कोरोना का इलाज, 2 दिन के बाद मरीज और उसके 2 दोस्तों की मौत

मौलवी मोर्तेजा एक अस्पताल जाता है। कोरोनो वायरस मरीज सेक्शन का दौरा करता है। पैगबंर इत्र निकाल कर कोरोना रोगियों की नाक के नीचे लगाता है। मरीज-डॉक्टर-नर्स के साथ फोटो भी खिंचवाता है। 2 दिन के बाद पैगबंर इत्र सूँघे मरीज और उसके दो दोस्तों की मौत हो जाती है।

एक तरफ पूरा विश्व कोरोना की महामारी से जूझ रहा है। चिंता की बात यह कि अभी तक इसके ईलाज के लिए कोई कारगर दवा सामने नहीं आई है। इस बीच ईरान से एक हास्यास्पद खबर सामने आई है। दरअसल ईरान में लगातार बढ़ते कोरोना के मरीजों की संख्या के बीच कुछ मौलवी पैगंबर के इत्र और फूलों के तेल से इस्लामी चिकित्सा को बढ़ावा दे रहे हैं। ईरान के मौलवियों की मूर्खता से वहाँ लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या और मौतों का आँकड़ा भी बढ़ता चला जा रहा है। हालाँकि अब ईरान के कुछ लोग इन इस्लामिक प्रचारकों पर कई तरह के सवाल भी खड़े कर रहे हैं।

द आब्जर्वर की खबर के मुताबिक ईरान में लगातार बढ़ते कोरोना के प्रकोप के बीच शुरुआत से ही कुछ लोग मौलवियों की तारीफ कर रहे हैं कि किस तरह से उन्होंने ऐसे समय में लोगों का सहायता की है, तो वहीं देश के कुछ लोग ईरान में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के लिए मौलवियों को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। यहाँ तक कि आरोप भी लगा रहे हैं कि ये लोग इस्लामिक चिकित्सा को बढ़ावा दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि ईरान में सबसे पहले कोरोना का केस शिया मुस्लिमों के सबसे पवित्र शहरों में से एक, कोम से आया था। इसकी पहली घोषणा 19 फरवरी को आधिकारिक तौर पर की गई थी। हालाँकि तभी सार्वजनिक तौर पर अधिकारियों और चिकित्सा विशेषज्ञों ने शहर को लॉकडाउन करने का आह्वान किया था, लेकिन धार्मिक कट्टरपंथियों ने शहर को लॉकडाउन करने से साफ इंकार कर दिया।

अब आप ईरान से ट्विटर पर डाली गई एक वीडियों में साफ तौर पर देख सकते हैं कि दो मौलवी सड़क पर चलती कारों पर छिड़काव कर रहे हैं, और इस छिड़काव से कोरोना के कीटाणुओं को मारने का दावा कर रहे हैं। अब केवल एक तरफ से कार को कीटाणुरहित करने का क्या मतलब है? इस वीडियो पर ईरान में कई लोगों ने तीखी टिप्पणी की।

अब आप ईरान की दूसरी घटना देखिए। एक तरफ तो विश्व के बड़े-बड़े देश इसकी दवा बनाने में नाकाम हैं वहीं एक इस्लामिक व्यक्ति पैगंबर इत्र से कोरोना वायरस के रोगियों को ठीक करने का दावा कर रहा है। इतना ही नहीं, ईरान के कोरोना वायरस संकट में चरमपंथी धार्मिक मौलवी कोरोना पीड़ितों के उपचार में पारंपरिक इस्लामी चिकित्सा का भी उपयोग कर रहे हैं।

दरअसल 21 मार्च को एक मौलवी मोर्तेजा कोहंसल ने उत्तरी ईरान के गिलान प्रांत के अंजली स्थित एक अस्पताल में कोरोनो वायरस मरीज सेक्शन का दौरा किया।
अपने इस दौरे में कोहंसल ने कुछ कोरोनो वायरस रोगियों के लिए इस्लामी उपाय लागू किया। दरअसल उसके हाथ में इत्र था, जिसे वह कोरोना रोगियों की नाक के नीचे लगा रहा था, जिसे उसने पैगबंर इत्र का नाम दिया। इतना ही नहीं, इस दौरान उसने वहाँ खड़े डॉक्टरों और नर्सों के साथ भी कुछ तस्वीरें लीं। गौर करने वाली बात यह कि कोहंसल ने जिस व्यक्ति के साथ फोटो ली थी, दो दिनों के बाद गिलान प्रांत में स्थानीय मीडिया में एक खबर छपी कि उस मोहसिन शरीफ की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरी तस्वीरों में दिख रहे शरीफ के दो दोस्तों की भी मौत हो गई।

अंजली के स्थानीय प्रशासन ने मोर्तेजा कोहंसल के लिए गिरफ्तारी वॉरंट जारी कर दिया है। इसके बाद से ही आरोपित अपनी गिरफ्तारी से बचता घूम रहा है। आपको बता दें कि कई सालों से ईरान में धार्मिक कट्टरपंथियों ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की आलोचना की है। इसके बजाय वहाँ इस्लामी उपायों के माध्यम से किसी भी बीमारी को ठीक करने का दावा किया जाता रहा है।

गौरतलब है कि इसके पहले ईरान में एक अफवाह बड़े स्तर पर फैली थी कि कि मेथनॉल (इंडस्ट्रियल अल्कोहल) पीने से कोरोना संक्रमण का इलाज हो सकता है। इसके सेवन से कोरोना के वायरस मर जाते हैं। बॉडी सैनिटाइज हो जाती है। इस अफवाह पर विश्वास कर कई लोगों ने जहरीली शराब का सेवन कर लिया। इसके बाद ये अफवाह लोगों के लिए जानलेवा साबित हो गई। इसके कारण 300 से अधिक लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे और हजारों लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे।

जानकारी के मुताबिक ईरान में कोरोना वायरस महामारी से मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 3,036 हो गई है, जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या 1 अप्रैल, 2020 तक 47593 हो गई है। हालाँकि ईरान की सरकार पर वास्तविक मौत के आँकड़ों को छिपाने का भी आरोप है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘भारत की समृद्ध परंपरा के प्रसार में सेक्युलरिज्म सबसे बड़ा खतरा’: CM योगी की बात से लिबरल गिरोह को सूँघा साँप

सीएम ने कहा कि भगवान श्रीराम की परम्परा के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित किया जाना चाहिए।

‘बलात्कार पीड़िता से शादी करोगे’: बोले CJI- टिप्पणी की हुई गलत रिपोर्टिंग, महिलाओं का कोर्ट करता है सर्वाधिक सम्मान

बलात्कार पीड़िता से शादी को लेकर आरोपित से पूछे गए सवाल की गलत तरीके से रिपोर्टिंग किए जाने की बात चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कही है।

असमी गमछा, नागा शाल, गोंड पेपर पेंटिंग, खादी: PM मोदी ने विमेंस डे पर महिला निर्मित कई प्रॉडक्ट को किया प्रमोट

"आपने मुझे बहुत बार गमछा डाले हुए देखा है। यह बेहद आरामदायक है। आज, मैंने काकातीपापुंग विकास खंड के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाया गया एक गमछा खरीदा है।"

आरक्षण की सीमा 50% से अधिक हो सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को भेजा नोटिस, 15 मार्च से सुनवाई

क्या इंद्रा साहनी जजमेंट (मंडल कमीशन केस) पर पुनर्विचार की जरूरत है? 1992 के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की सीमा 50% तय की थी।

‘बच्चा कितना काला होगा’: प्रिंस हैरी-मेगन ने बताया शाही परिवार का घिनौना सच, ओप्रा विन्फ्रे के इंटरव्यू में खुलासा

मेगन ने बताया कि जब वह गर्भवती थीं तो शाही परिवार में कई तरह की बातें होती थीं। जैसे लोग बात करते थे कि उनके आने वाले बच्चे को शाही टाइटल नहीं दिया जा सकता।

राजस्थान: FIR दर्ज कराने गई थी महिला, सब-इंस्पेक्टर ने थाना परिसर में ही 3 दिन तक किया रेप

एक महिला खड़ेली थाना में अपने पति के खिलाफ FIR लिखवाने गई थी। वहाँ तैनात सब-इंस्पेक्टर ने थाना परिसर में ही उसके साथ रेप किया।

प्रचलित ख़बरें

मौलाना पर सवाल तो लगाया कुरान के अपमान का आरोप: मॉब लिंचिंग पर उतारू इस्लामी भीड़ का Video

पुलिस देखती रही और 'नारा-ए-तकबीर' और 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगा रही भीड़ पीड़ित को बाहर खींच लाई।

‘हराम की बोटी’ को काट कर फेंक दो, खतने के बाद लड़कियाँ शादी तक पवित्र रहेंगी: FGM का भयावह सच

खतने के जरिए महिलाएँ पवित्र होती हैं। इससे समुदाय में उनका मान बढ़ता है और ज्यादा कामेच्छा नहीं जगती। - यही वो सोच है, जिसके कारण छोटी बच्चियों के जननांगों के साथ इतनी क्रूर प्रक्रिया अपनाई जाती है।

‘मासूमियत और गरिमा के साथ Kiss करो’: महेश भट्ट ने अपनी बेटी को साइड ले जाकर समझाया – ‘इसे वल्गर मत समझो’

संजय दत्त के साथ किसिंग सीन को करने में पूजा भट्ट असहज थीं। तब निर्देशक महेश भट्ट ने अपनी बेटी की सारी शंकाएँ दूर कीं।

14 साल के किशोर से 23 साल की महिला ने किया रेप, अदालत से कहा- मैं उसके बच्ची की माँ बनने वाली हूँ

अमेरिका में 14 साल के किशोर से रेप के आरोप में गिरफ्तार की गई ब्रिटनी ग्रे ने दावा किया है कि वह पीड़ित के बच्चे की माँ बनने वाली है।

‘ठकबाजी गीता’: हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने FIR रद्द की, नहीं माना धार्मिक भावनाओं का अपमान

चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने कहा, "धारा 295 ए धर्म और धार्मिक विश्वासों के अपमान या अपमान की कोशिश के किसी और प्रत्येक कृत्य को दंडित नहीं करता है।"

आज मनसुख हिरेन, 12 साल पहले भरत बोर्गे: अंबानी के खिलाफ साजिश में संदिग्ध मौतों का ये कैसा संयोग!

मनसुख हिरेन की मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई जा रही है। 2009 में ऐसे ही भरत बोर्गे की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,339FansLike
81,975FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe