Saturday, September 18, 2021
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योगी सरकार के खिलाफ फर्जी खबर फैलानी पड़ी महँगी: ‘द वायर’ पर दर्ज हुई FIR

कोरोना की महामारी के दौरान भी बीजेपी सरकार विरोधी एजेंडा में मशगूल दी वायर का सामना इस बार उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से हुआ है और लगता नहीं है कि इस बार वो आसानी से भाग निकलेंगे। कम से कम सीएम योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार का ट्वीट तो यही सन्देश देता है।

लेफ्ट-लिबरल मीडिया की प्रोपेगंडा की आजादी के दिन शायद अब पूरे हो चुके हैं। कोरोना की महामारी के दौरान भी बीजेपी सरकार विरोधी एजेंडा में मशगूल दी वायर का सामना इस बार उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से हुआ है और लगता नहीं है कि इस बार वो आसानी से भाग निकलेंगे। कम से कम सीएम योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार का ट्वीट तो यही सन्देश देता है।

कोरोना पर योगी सरकार के खिलाफ चलाई एक फर्जी खबर के सम्बन्ध में योगी सरकार ने प्रोपेगंडा वेबसाईट ‘दी वायर’ के संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह अपनी फर्जी खबर को डिलीट करें वरना इस पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इसके बावजूद भी फर्जी खबर न हटाने पर योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने ट्वीट करते हुए लिखा- “हमारी चेतावनी के बावजूद इन्होंने अपने झूठ को ना डिलीट किया ना माफ़ी माँगी। कार्यवाही की बात कही थी, FIR दर्ज हो चुकी है आगे की कार्यवाही की जा रही है। अगर आप भी योगी सरकार के बारे में झूठ फैलाने के की सोच रहे है तो कृपया ऐसे ख़्याल दिमाग़ से निकाल दें।”

दरअसल, ‘द वायर’ के संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में फेक न्यूज़ फैलाई थी। तबलीगी जमात को बचाने के लिए ‘द वायर’ ने फेक न्यूज़ चलाते हुए लिखा कि जिस दिन इस इस्लामी संगठन का मजहबी कार्यक्रम हुआ, उसी दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 25 मार्च से 2 अप्रैल तक अयोध्या प्रस्ताविक विशाल रामनवमी मेला का आयोजन नहीं रुकेगा क्योंकि भगवान राम अपने भक्तों को कोरोना वायरस से बचाएँगे।

‘द वायर’ और उसके संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन ने फैलाया झूठ

समस्या यह थी कि हाल ही में सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे मौलानाओं के बयान सामने आ रहे हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि अल्लाह मजहब विशेष को कोरोना वायरस से बचा लेगा। अपनी तकरीर में दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज के मौलाना साद ने भी अपने समर्थकों से कहा कि वो डॉक्टरों और सरकार की सलाह न मानें क्योंकि मिलने-जुलने और एक-दूसरे के साथ बैठ कर खाने से कोरोना नहीं होगा। ऐसे कई मौलानाओं के बयानों को ढकने के लिए ‘द वायर’ ने फेक न्यूज़ चला तो दी लेकिन वो पकड़ा गया। ‘द वायर’ ने अपने लेख में ऐसा दावा किया और उसके संपादक वरदराजन ने इस लेख को शेयर भी किया। लेकिन, उनकी पोल खुलते देर न लगी।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने सिद्धार्थ वरदराजन की ये चोरी पकड़ ली और उन्हें जम कर फटकार लगाई। उन्होंने ‘द वायर’ और उसके संस्थापक पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने कभी कोई ऐसी बात कही ही नहीं है, जैसा कि लेख में दावा किया गया है। उन्होंने सिद्धार्थ को चेताया कि अगर उन्होंने अपनी इस फेक न्यूज़ को तुरंत डिलीट नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी और उन पर मानहानि का मुकदमा भी चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए ये भी कहा कि कार्रवाई के बाद वेबसाइट के साथ-साथ केस लड़ने के लिए भी सिद्धार्थ वरदराजन को डोनेशन माँगना पड़ जाएगा।

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एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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