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इंडोनेशिया-दुबई-पाकिस्तान-लश्कर-ए-तैयबा… दिल्ली हिन्दू-विरोधी दंगों की फंडिंग का इंटरनेशनल कनेक्शन

इंडोनेशिया का एक NGO, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के साथ लिंक, पैसों को हवाला के जरिए दुबई से भारत भेजा जाना... इन सब के पीछे वही प्रोपेगेंडा! इंटरनेट पर उपलब्ध फोटो और मैसेज को प्रोपेगेंडा की तरह इस्तेमाल करना।

कोरोना वायरस से भारत में दूसरी मौत: सरकार ने उठाए अहम कदम, अमेरिका में भी आपातकाल की घोषणा

कोरोना के संक्रमण में तेजी से बढ़त को देखते हुए देश के कई राज्‍यों में स्‍कूलों को बंद करने का ऐलान कर दिया गया है। इस क्रम में राजधानी दिल्‍ली, उत्‍तराखंड, छत्‍तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, हरियाणा, बिहार, उत्‍तर प्रदेश, राजस्थान और मणिपुर ने...

‘जय श्रीराम वाली भीड़ ने की अंकित की हत्या’ – इस खबर वाले फिरंगी पत्रकार को देश से निकालने पर कंफ्यूजन दूर

"पत्रकार बेलमैन के खिलाफ शिकायत सरकार के ऑनलाइन शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म 'ऑनलाइन ग्रीवांस रिड्रेसल प्लेटफॉर्म' पर एक व्यक्ति ने निजी हैसियत से की। संबंधित विभाग को शिकायत फॉरवर्ड करना एक रूटीन प्रक्रिया है और इस जर्नलिस्ट के डिपोर्टेशन पर विदेश मंत्रालय ने कोई फैसला नहीं लिया है।"

दिल्ली दंगों में जिन मुस्लिमों को गिरफ्तार किया, उन्हें रिहा करो: कानूनी प्रक्रिया में शाहीन बाग की भीड़ का दबाव

शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों द्वारा गिरफ्तार आरोपित मुस्लिमों की रिहाई की माँग करना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। आरोपित की रिहाई कानूनी प्रक्रिया के तहत होती है, भीड़ की माँग पर नहीं। फिर आखिर क्या वजह है कि शाहीन बाग में धरने पर बैठी भीड़ आरोपितों को छोड़ने के लिए दबाव बना रही है?

जब दुनिया उलझी हुई थी… तो भारत की तैयारी थी ऐसी: PM मोदी को वर्ल्ड लीडर इसलिए कह रहे Thank You

भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदम अन्य विकसित देशों की तुलना में कहीं बेहतर नजर आ रहे हैं। हालाँकि कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ऐसा नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन वो इसे लेकर भारत सरकार का विरोध करना चाहते हैं।

दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगा में बुर्का पहनकर पुलिस पर हमला करने वाली 6 महिलाओं की हुई पहचान, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी

हमला करने वाली अधिकतर महिलाओं ने बुर्के पहन रखे थे, इसलिए उन्हें पकड़ना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है। लेकिन, मौके से मिले वीडियो फुटेज और सर्विलांस के जरिए 6 महिलाओं की पहचान कर ली गई है, जिनको लेकर पुलिस जल्द खुलासा और गिरफ्तारियाँ कर सकती है।

‘स्वामी’ चक्रपाणि की बकैती पर काशी विद्वत परिषद के मंत्री का बयान, जिसका मन होता है लाल कपड़ा पहनकर खुद को हिन्दू महासभा का...

दी प्रिंट के साथ ही कुछ अन्य मीडिया गिरोहों ने भी कोरोना वायरस पर चक्रपाणि महाराज को हिन्दू महासभा का अध्यक्ष बताते हुए खबर प्रकाशित की है कि वो कोरोना से लड़ने के लिए गोमूत्र पार्टी करने जा रहे हैं, जिससे कि कोरोना वायरस से उपचार मिल सकेगा।

102 साल पहले: कोरोना की तरह ही आया था स्पेनिश फ्लू, 5 करोड़ लोग हुए थे शिकार

उस समय दुनिया आज की तरह ग्लोबल नहीं थी। फिर भी उस वायरस को दुनिया को अपनी चपेट में लेते वक्त नहीं लगा। उस समय दुनिया का हर चौथा शख्स इससे प्रभावित था। मृतकों में से आधे से ज्यादा 20 से 30 की उम्र के थे।

राजस्थान को लेकर यूँ ही नहीं लग रहे कयास: जानिए, गहलोत सरकार के विज्ञापनों से कैसे गायब हुए पायलट

ऐसा नहीं है कि गहलोत और पायलट में अचानक से दूरियॉं बढ़ी है। सरकार गठन के बाद से ही पायलट की उपेक्षा की जा रही है। आरटीआई से सामने आई एक जानकारी से भी इसकी पुष्टि होती है। इसके मुताबिक 25 करोड़ के 62 विज्ञापन दिए गए। इसमें सिर्फ और सिर्फ गहलोत ही नजर आए।

हिन्दू विरोधी दंगे: ट्विटर ने ऑपइंडिया द्वारा हिन्दू पीड़ितों की खबरें शेयर करने पर अकाउंट किया लॉक

दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों की सच्चाई को सामने लाने का जो प्रयास ऑपइंडिया ने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए किया, उसे एक ओर जहाँ बड़े वर्ग का स्नेह और सहानुभूति मिली, वहीं दूसरी ओर एक वर्ग ऐसा भी था जिसे दंगों के इस पहलू के सामने आने से परेशानी भी हुई।

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