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देखिए: 1 अप्रैल को ट्विटर पर राहुल गाँधी के बयानों ने ‘बनाया माहौल’

ट्विटर पर कुछ लोगों ने राहुल गाँधी को आज के दिन शुक्रिया भी कहा। इन लोगों का मानना है कि राहुल गाँधी ने उन्हें इस दिन मुस्कुराने और हँसने की वजह दी है।

मुश्किल चुनावों के दौरान सोनिया और इंदिरा भी भागी थीं दक्षिण भारत, जीत कर छोड़ दी थीं सीटें

हार के बाद इंदिरा गाँधी ने दक्षिण भारत का रुख किया। अपना पहला चुनाव लड़ रही सोनिया के लिए दक्षिण में 'सेफ सीट' खोजी गई। अब हार से डरे राहुल भी दक्षिण भारत भाग खड़े हुए हैं। चिकमंगलूर, बेल्लारी और अब वायनाड- क्या है इनमें समान?

जगन्नाथपुरी: BJD के गढ़ में हिंदुत्व और गरीबों की आवाज़ बन कर गरज रहे संबित पात्रा

अपने हाथों से बूढ़ी महिला को खिलाना, साधु-संतों को दण्डवत प्रणाम, मंदिरों में दर्शन, ग़रीबों संग भोजन, बीजद-कॉन्ग्रेस के दिवंगत नेताओं का सम्मान- संबित पात्रा ने पुरी में भाजपा के लिए बिगुल बजा दिया है। उनके अभी तक के पूरे चुनावी अभियान का विश्लेषण।

लालू परिवार में संकट के पीछे का गणित: तेज प्रताप के बग़ावत से अधर में महागठबंधन

लालू यादव के समय उनके आस-पास रघुनाथ झा, रघुवंश प्रसाद, अखिलेश सिंह और सीताराम सिंह जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता संकटमोचक के रूप में हुआ करते थे जो पार्टी में किसी भी तरह की स्थिति को संभालने की ताक़त रखते थे। आज पार्टी को इनकी कमी खल रही है।

कॉन्ग्रेस ज्वाइन करते ही लोग बौरा काहे जाते हैं? प्रियंका तो ‘C’ फ़ैक्टर है, पर बाकी?

जिस तरह की पार्टी है, और जैसे चाटुकार लोग हैं, वो लोगों की गालियों वाले ट्वीट को भी 'चर्चा में तो हैं हमलोग' मानकर निकल ले रहे हैं। मालिक तो पहले ही मूर्ख है, वो तो पेपर देखकर पढ़ नहीं पाता, उसको कुछ भी कह दो, क्या फ़र्क़ पड़ता है!

कॉन्ग्रेसी राज के वो दिन, जब देश को मजबूत बनाने की सोचने वाले जिंदा नहीं बचते थे

मोदी विरोध के लिए देश की उपलब्धियों को झुठलाने वाली कॉन्ग्रेस व विपक्षी दल फिर कटघरे में हैं। आज नहीं कल, लोग उनसे हिसाब माँगेंगे और पूछेंगे कि देश को मजबूत बनाने वालों की संदिग्ध मौत और भारत को असुरक्षित बनाने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी के इतिहास में इतने ब्लैक होल क्यों हैं?

क्यों दफ़्न किए गए दस्तावेज़? क्या सोनिया गाँधी का इतालवी परिवार बोफोर्स घोटाले में शामिल था?

ऑपइंडिया ने इस तरफ अपना ध्यान केंद्रित किया और सबूतों को प्राप्त करने की दिशा में क़दम आगे बढ़ाए जिससे यह पता चल सके कि कहीं सोनिया गाँधी और उनका इटैलियन परिवार बोफोर्स घोटाले में शामिल तो नहीं था और फिर उनके नाम सार्वजनिक रूप से छिपा दिए गए हों।

पीसी चाको, कॉन्ग्रेस की चाटो! लटक कर झूलना ही बचा है अब राहुल गाँधी में

चाको और चाको टाइप्स चिरकुट लोग, भूल चुके हैं कि समय बदल गया है और गाँधी चालीसा का पाठ उन्हें सोनिया और राहुल की नज़र में तो 'अले मेला बच्चा' तक तो पहुँचा देगा लेकिन भारत की जनता से नहीं बचाएगा जिसने नेहरू और नकली गाँधियों के कुकर्मों को लगातार झेला है।

फैक्ट चेक: कॉन्ग्रेस, आप के नेता और उनके चाटुकार पत्रकारों ने रिटायर्ड NIA जज के BJP में शामिल होने की फर्जी खबरें फैलाईं

इस खबर के मूल हकीक़त को परखेे बिना इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना दिखाता है कि आजकल सोशल मीडिया का इस्तेमाल किस प्रकार फेक न्यूज को फैलाने के लिए किया जा रहा है।

लल्लनटॉप की राजनीतिक समझ को दीजिए खाज: लड़के की चीटिंग की खबर को जोड़ा 2019 चुनाव से

चीटिंग की ख़बर थी, लेकिन इसमें ‘विचित्र’ वाला कम्पोनेंट नहीं मिला। जैसे कि ‘लिंग में बाँधकर ले गए थे पुर्ज़े’ या ‘मलद्वार में रखा था कागज को’, जो कि लल्लनटॉप की विशेषता है। फिर खबर बनेगी कैसे जो लल्लनटॉप पत्रकार को मारक मजा दे दे!

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