शपथ ग्रहण का समय गठबंधन के अनुकूल नहीं। इस समय वृष आरोही है। शनि, शुक्र और चंद्रमा भी आठवें घर में, जो अंत समय को दर्शाता है। मंगल और बुध भी छठे स्थान पर, जो दुश्मनों का घर है। इसलिए ये गठबंधन उसी समय बिखर जाएगा, जब ये सभी ग्रह राहु-केतु के मध्य आएँगें।
ऐसी तख्तियाँ क्यों निकल आती हैं कि 'मैं किसी के भी साथ सो सकती हूँ, पर भाजपाई के साथ नहीं?' क्या किसी भाजपाई ने आपको बुलाया सोने के लिए साथ में? क्या भाजपा ने, या मोदी के मंत्रियों ने, मंत्रालयों के प्रवक्ताओं ने कहीं भी यह कहा है कि भाजपा वालों से सेक्स करें?
भाजपा को गच्चा देने के बाद अजित पवार अपनी पार्टी में लौट भी गए हैं और ससम्मान स्वीकार भी हो गए हैं। मौजूदा खबरों में भी उनके डिप्टी सीएम बनाए जाने की बात सामने आ रही है।
"संस्कृत पढ़ना कोई कौतूहल की बात नहीं है पर संस्कृत प्रेमी कहना पूर्ण सत्य नहीं है यदि फिरोज संस्कृत प्रेमी होते तो दूसरे के धर्म पर आघात नहीं करते मुझे लगता है ये केवल व्यवसायिक तौर पर ही संस्कृत को पढ़ें है यदि ये तीन पीढ़ी से संस्कृत ही पढ़ रहे हैं, भजन-श्लोक गाने में ही रूचि है तथा वैचारिक रूप से सनातनी ही है तो फिर इन्होंने अबतक सनातन धर्म क्यों नहीं अपना लिया?"
शाह ने कहा कि भारत और पाकिस्तान का रिश्ता इस पर निर्भर करता है कि वो अपनी ज़मीन पर आतंकवाद को ख़त्म करता है या नहीं। अगर वो आतंकवाद फैलाने वाली रणनीति पर कायम रहता है तो उसका जवाब हम देंगे।
राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी अशोभनीय हरकत की थी। उन्होंने अदालत में दस्तावेजी साक्ष्य के रूप में पेश किए गए नक्शे को फाड़ दिया था। उनकी इस हरकत पर सीजेआई ने काफी नाराजगी जताई थी।
"जब कोई ऐसा कुलपति (VC) हो जिसे न उस संस्थान और उसके संस्थापक के मूल्य पता हों, न हिन्दू धर्म में आस्था तो ऐसा अनर्थ होना स्वाभाविक हो जाता है। सरकार को सोचना चाहिए जब वो कुलपति का चुनाव करती है कि कहाँ के लिए कैसा कुलपति उपयुक्त है।"
राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी के पीएम बनने की बात चलती थी तो बालासाहब पूछते थे कि प्रधानमंत्री का पद भिंडी बाजार में रखी कोई कुर्सी है क्या? बाल ठाकरे के ख़ून पसीनों से सींची हुई पार्टी ने उसके नाम पर शपथ ली, जिसके सामने झुकने वालों को वो हिजड़ा मानते थे।
आईआईटी गुवाहाटी के एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने हाई कोर्ट में मंदिर के खिलाफ याचिका डाली है। उनका दावा है कि यह 2015 तक सिर्फ़ एक चबूतरा था, जहाँ पीपल के पेड़ के नीचे कुछ मजदूरों ने देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ रख दी थी।
अमित शाह ने कहा कि जनादेश देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने के लिए था, जिसका शिवसेना ने अपमान किया है। उन्होंने कहा कि अंत में स्थिर सरकार को ही जनता वापस लेकर आती है और महाराष्ट्र में भी ऐसा ही होगा।