Monday, July 26, 2021
Homeराजनीतिमहात्मा गाँधी जैसा था 'कुबुद्धि', दुष्ट और शराबी: कॉन्ग्रेस राज में पढ़ रहे बच्चे

महात्मा गाँधी जैसा था ‘कुबुद्धि’, दुष्ट और शराबी: कॉन्ग्रेस राज में पढ़ रहे बच्चे

इंग्लिश मॉड्यूल के टेस्ट पेपर-3 में प्रश्न पूछा गया है कि सुबुद्धि और कुबुद्धि की विशेषताएँ बताएँ। इसका जवाब देते हुए सुबुद्धि काे ईमानदार और अच्छा जीवन जीने वाला बताया गया है, जबकि कुबुद्धि को दुष्ट व्यक्ति, शराब पीने वाला और गाँधीजी के जैसा जीवन जीने वाला बताया गया है।

महात्मा गॉंधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे पर जारी सियासत के बीच मध्य प्रदेश में स्कूली किताब में गॉंधी जी की तुलना ‘कुबुद्धि’ से किए जाने का मामला सामने आया है। प्रदेश शिक्षा विभाग ने कक्षा 10 के लिए जो मॉडल पेपर तैयार किया है उसमें इस शब्द का इस्तेमाल किया गया है। राज्य में कमलनाथ के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की सरकार चल रही है, जिसने भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा के गोडसे पर कथित बयान को लेकर संसद में जबर्दस्त हंगामा किया था। यहॉं तक कि कॉन्ग्रेस के एक विधायक ने मध्य प्रदेश आने पर साध्वी को जिंदा जला देने की धमकी भी दी थी। ​विधायक का कहना था कि गॉंधी जी के खिलाफ बात कॉन्ग्रेसियों के दिल पर चोट करती है।

हैरानी की बात है कि उसी कॉन्ग्रेस के राज में बीते कई महीनों से सरकारी स्कूल के बच्चों को वह मॉडल पेपर पढ़ाया जा रहा है जिसमें बताया गया है कि कुबुद्धि गॉंधी जैसा था। मॉड्यूल बुक में टेस्ट पेपर-3 के पेज नंबर 46 पर लिखा है, “कुबुद्धि बेहद अवगुणी और शराबी था और गाँधी जी जैसा जीवन जीता था।” इंग्लिश मॉड्यूल के टेस्ट पेपर-3 में प्रश्न पूछा गया है कि सुबुद्धि और कुबुद्धि की विशेषताएँ बताएँ। इसका जवाब देते हुए सुबुद्धि काे ईमानदार और अच्छा जीवन जीने वाला बताया गया है, जबकि कुबुद्धि को दुष्ट व्यक्ति, शराब पीने वाला और गाँधीजी के जैसा जीवन जीने वाला बताया गया है।

गाँधीजी को बताया ‘कुबुद्धि’ (फोटो साभार: ANI)

हालाँकि एक शिक्षिका नीलम वसानिया ने इसे मिसप्रिंट का मामला बताया है। उन्होंने कहा कि टीचर्स छात्रों को पढ़ाते समय इस मॉडल में सुधार कर देते हैं। वसानिया ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “यह मिसप्रिंट के चलते हुआ है। जहाँ गाँधीजी लिखा है, वहाँ गैम्बलिंग (जुआ) लिखा होना चाहिए था। ऐसा प्रिंटिंग मिस्टेक के चलते हो सकता है, लेकिन इसमें मॉडल पेपर तैयार करने वाले विशेषज्ञ की कोई गलती नहीं है।”

एएनआई के मुताबिक यह मॉडल पेपर प्रदेश के शिक्षा विभाग ने कमजोर छात्रों की मदद के लिए तैयार किया है। इसे पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले कई महीनों से पढ़ाया जा रहा है। कॉग्रेस पार्टी की प्रवक्ता विभा पटेल ने कहा है कि इस मामले की जाँच कराई जाएगी। जो भी इस गलती के लिए जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी मिस्टेक है। कॉन्ग्रेस पार्टी इस तरह की किसी भी मानसिकता का समर्थन नहीं करती है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पेगासस पर भड़के उदित राज, नंगी तस्वीरें वायरल होने की चिंता: लोगों ने पूछा – ‘फोन में ये सब रखते ही क्यों हैं?’

पूर्व सांसद और खुद को 'सबसे बड़ा दलित नेता' बताने वाले उदित राज ने आशंका जताई कि पेगासस ने कितनों की नंगी तस्वीर भेजी होगी या निजता का उल्लंघन किया होगा।

कारगिल के 22 साल: 16 की उम्र में सेना में हुए शामिल, 20 की उम्र में देश पर मर मिटे

सुनील जंग ने छलनी सीने के बावजूद युद्धभूमि में अपने हाथ से बंदूक नहीं गिरने दी और लगातार दुश्मनों पर वार करते रहे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,222FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe