‘मैं अभी भी हिन्दुत्व की विचारधारा के साथ हूँ, इसे कभी नहीं छोड़ूँगा’ – ‘सेकुलर’ सरकार के CM उद्धव ठाकरे

"मैं अभी भी 'हिन्दुत्व' की विचारधारा के साथ हूँ और इसे कभी नहीं छोड़ूँगा। पिछले पाँच वर्षों में, मैंने कभी सरकार के साथ विश्वासघात नहीं किया है।"

महाराष्ट्र में गुरुवार (28 नवंबर) को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होंने अपने पूर्ववर्ती देवेंद्र फडनवीस से बहुत कुछ सीखा है और वे हमेशा उनके दोस्त रहेंगे। साथ ही उन्होंने कहा “मैं आपको विपक्ष को नेता नहीं कहूँगा, बल्कि एक पार्टी का बड़ा ज़िम्मेदार नेता कहूँगा।”

रविवार (1 दिसंबर) को राज्य विधानसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मैं अभी भी ‘हिन्दुत्व’ की विचारधारा के साथ हूँ और इसे कभी नहीं छोड़ूँगा। पिछले पाँच वर्षों में, मैंने कभी सरकार के साथ विश्वासघात नहीं किया है।”

इसके आगे उन्होंने कहा, “मैं एक भाग्यशाली मुख्यमंत्री हूँ क्योंकि जिन्होंने मेरा विरोध किया वे अब मेरे साथ हैं। और जो मेरे साथ थे, वे अब विपरीत दिशा में बैठे हैं। मैं यहाँ अपनी क़िस्मत और लोगों के आशीर्वाद के साथ आया हूँ। मैंने कभी किसी को नहीं बताया कि मैं यहाँ आऊँगा, लेकिन मैं आ गया।”

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

इसके अलावा, उद्धव ठाकरे ने अपने उन विरोधियों की आलोचना की जिन्होंने एनसीपी और कॉन्ग्रेस के साथ हाथ मिलाकर अपनी पार्टी की हिन्दुत्व विचारधारा को कमज़ोर करने का आरोप लगाया था।

ग़ौरतलब है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री की सीट को लेकर काफ़ी लंबा विवाद चला। 23 नवंबर को देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एनसीपी के अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सभी को चौंका दिया था। लेकिन, बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों के चलते राज्य में बीजेपी की सरकार नहीं बन पाई और 28 नवंबर को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

मोदी से बगावत कर कॉन्ग्रेस में जाने वाले नाना पटोले बने महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर

शरद पवार की 2 डिमांड पूरी कर देते मोदी-शाह तो उद्धव ठाकरे नहीं बनते महाराष्ट्र के सीएम

लौट के CM ठाकरे ‘हिंदुत्व’ को आए: गणपति बाप्पा की शरण में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री

BJP लीडर की BMW कार में सीनियर कॉन्ग्रेसी नेता और पवार की मीटिंग: महाराष्ट्र में ऐसे चला सत्ता का खेल

’41 से 153 दिन के अंदर गिर जाएगी महाराष्ट्र की नई सरकार, अधिकतर सीटें भी राज्य में खो देंगे’

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

दिल्ली दंगे
इस नैरेटिव से बचिए और पूछिए कि जिसकी गली में हिन्दू की लाश जला कर पहुँचा दी गई, उसने तीन महीने से किसका क्या बिगाड़ा था। 'दंगा साहित्य' के कवियों से पूछिए कि आज जो 'दोनों तरफ के थे', 'इधर के भी, उधर के भी' की ज्ञानवृष्टि हो रही है, वो तीन महीने के 89 दिनों तक कहाँ थी, जो आज 90वें दिन को निकली है?

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

155,450फैंसलाइक करें
43,324फॉलोवर्सफॉलो करें
179,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: