दुर्गा मंदिर में हुए अनुष्ठान में शामिल अविरल शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम विहिप ने आयोजित किया था और इसके लिए मंदिर में तोड़-फोड़ से आहत पूरी दिल्ली के हिन्दुओं ने दान दिया था।
हिन्दू धर्म और प्रथाओं, परम्पराओं के प्रचार-प्रसार में शामिल लोगों को भी हमेशा सचेत रहना चाहिए कि हमारे ज्ञान और प्रणालियों को इतना धूमिल या व्यवसायीकृत न किया जाए कि उनके मूल रूप, उनकी आत्मा से छेड़-छाड़ होने लगे या वह क्षीण हो जाए।
पिछले 22 दिनों से पिथौरागढ़ महाविद्यालय के छात्र पुस्तकों और शिक्षकों के लिए सड़क पर हैं। पोस्टर और बैनरों की मदद से अपनी बातें पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। आम लोगों के जेहन में ये बात पहुँचाने की कोशिश की जा रही है कि एक आवाज बनकर ही बदलाव लाया जा सकता है।
कई मौकों पर फैक्टचेकर ने जानबूझकर तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा ताकि अपने डेटाबेस में मुस्लिम पीड़ितों की संख्या बढ़ा सके। इसके लिए उसने उन मामलों को भी शामिल किया जहाँ पीड़ित और अपराधी दोनों ही मुस्लिम थे। कुछ ऐसे मामलों को भी हेट क्राइम डेटाबेस में महज इसलिए शामिल कर रखा है, क्यूँकि कथित तौर पर पीड़ित मुस्लिम और गुनहगार हिन्दू थे, जबकि बाद में ये मामले गलत साबित हो चुके हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद इस पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। लोगों का कहना है कि जब वह खुद यह कह रहे हैं कि वह पाकिस्तानी हैं तो उन्हें भारत में रहने का अधिकार नहीं, उन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाए।
नारेबाजी के दौरान राहुल गाँधी की माताजी सोनिया गाँधी भी सदन में मौजूद थीं। राहुल गाँधी को भी अपने स्थान पर बैठकर 'वी वांट जस्टिस' कहते सुना गया। उनके साथ ही सदन में कॉन्ग्रेस सदस्य 'वी वांट जस्टिस', 'लोकतंत्र की हत्या बंद करो', 'शिकार की राजनीति बंद करो' के नारे लगा रहे थे।
पुलवामा में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। जवाबी कार्रवाई में भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक किया था। हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ सामने आने के बाद भारतीय वायुसेना ने इस आतंकी संगठन के सबसे बड़े कैम्प को निशाना बनाया और सैंकड़ों आतंकी मार गिराए थे।
"मेरे दामाद अब्बास के किसी और से अवैध संबंध थे। डेढ़ साल पहले उसने पूरे परिवार की मिलीभगत से मेरी बेटी आरिफा को तलाक दे दिया। फिर आश्वासन दिया कि वह आरिफा का हलाला करवाकर दोबारा अब्बास से निकाह करवा देंगे। 2 दिन पहले उसे मार दिया।"
गुजरात में 40 के क़रीब कॉन्ग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। ऐसा उन्होंने जगन्नाथ यात्रा के दौरान हुई पत्थरबाज़ी की घटना को लेकर किया। इस मामले में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष परिमल सिंह राणा की चुप्पी को लेकर पार्टी कार्यकर्ता नाराज़ थे।