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कॉन्ग्रेस की समिति, स्वतंत्रता आंदोलन पर किताब, नेहरू की प्रस्तावना और सावरकर के नाम के आगे ‘वीर’: इतिहास का एक पन्ना यह भी

यह दुर्भाग्य ही है कि कॉन्ग्रेस का एक अध्यक्ष सावरकर को सम्मान दे रहा था तो आज की कॉन्ग्रेस अपने ही इतिहास को भूल गई है।

कानून का पालन करो, हमे न हाँको: ट्विटर को मोदी सरकार की दो टूक, नए नियमों पर डिजिटल प्लेटफॉर्म/OTT को 15 दिन का वक्त

भारत सरकार ने कहा है कि ट्विटर एक निजी, लाभकारी और विदेशी संस्था है। इधर-उधर सिर मारना बंद कर वह कानून का पालन करे।

‘ट्विटर न जाँचकर्ता है और न जज, लेकिन कोशिश दोनों बनने की कर रहा’: टूलकिट पर दिल्ली पुलिस ने लताड़ा

कॉन्ग्रेस टूलकिट मामले में ट्विटर के आरोपों को दिल्ली पुलिस ने मिथ्या करार दिया है। कहा है कि इनका उद्देश्य वैध जाँच को बाधित करना है।

IMA की दुकान में तेल से लेकर पेंट तक: पैसे लेकर देता है सर्टिफिकेट, धंधे में कितनी कमाई, कोई हिसाब नहीं

किस वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर IMA ये सर्टिफिकेट देता है? कौन सी जाँच की जाती है? किसी को कुछ नहीं पता। इसके लिए IMA रुपए लेता है, लेकिन रकम गुप्त होती है।

महात्मा गाँधी की हत्या के लिए सजा क्यों नहीं? गोडसे ने कोर्ट को क्या तर्क दिए? मुकदमे से संबंधित दस्तावेज पढ़ने पर रोक क्यों?

जब गोडसे को पूर्वी पंजाब हाईकोर्ट से सजा मिली तो अपने खिलाफ मुक़दमे और दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील का अधिकार क्यों नहीं दिया गया?

नाम: मीनू हांडा, कंपनी: गूगल (डायरेक्टर, कॉरपोरेट कम्युनिकेशन), काम: PM मोदी के खिलाफ घृणा दिखाना

मीनू हांडा की सोशल मीडिया प्रोफाइल में पीएम मोदी और वर्तमान केंद्र सरकार के लिए आलोचना और घृणा ही दिखाई देती है।

भगवा कपड़ों में ‘यीशु दरबार’ लगाने वाला कुलपति, जो कोरोना को ‘हुक्म देकर’ भगाता है: ₹23 Cr के घोटाले में जा चुका है जेल...

"हम तेरे (कोरोना) अधिकार को समाप्त करते हैं। जहाँ से तू आया है, तुझे हम वहीं भेज देते हैं यीशु के नाम से। आज से और इसी घड़ी से इसी समय से ये शैतानी शक्ति देश को छोड़ दे।"

‘3 महीने का समय दीजिए, हमने महामारी में लोगों को सहारा दिया’: Twitter गिड़गिड़ाया – अपने कर्मचारियों के लिए चिंतित

"Twitter को इन नियमों को लागू करने के लिए 3 महीने का समय दिया जाए। हम भारत के लोगों के प्रति गहराई से समर्पित हैं और इस महामारी के समय में हमारी सेवाएँ लोगों के लिए सहारा बनी हैं।"

बुद्धिजीवी, प्रोपगेंडाजीवी, आन्दोलनजीवी… इकोसिस्टम ने खोले सारे ‘घोड़े’, फिर भी PM मोदी अडिग

कोई राहुल गाँधी इस बात के सहारे नहीं नहीं बैठ सकता कि कोई रवीश कुमार रोज फेसबुक पोस्ट लिखकर उसे सत्ता दिला सकता है। कोई रवीश कुमार इस सोच के सहारे नहीं बैठ सकता कि......

PM मोदी के खिलाफ विदेशी मीडिया गिरोह और उसका प्रोपेगेंडा: कभी ‘डिवाइडर इन चीफ’ तो कभी Covid के ‘एकमात्र जिम्मेदार’

मीडिया गिरोह और भारत के राष्ट्रवादी लोगों का युद्ध बहुत आगे तक चलने वाला है। इस युद्ध में इतना तो निश्चित है कि मीडिया, हिंदुओं और भारत के हितों पर जोरदार प्रहार करने वाला है और उसके सामने खड़े हैं प्रधानमंत्री मोदी और उनका समर्थन करने वाले करोड़ों हिन्दू।

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