Saturday, July 13, 2024
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मेहुल चोकसी – भारत के कानून से भागा था, डोमिनिका की पुलिस ने कूटा: भगोड़े के सबूत लेकर दिल्ली से गया एक जहाज

तस्वीरों में मेहुल चोकसी जेल से अपने हाथ को बाहर निकालकर दिखाता नज़र आ रहा है। उसके हाथ पर चोट है। आखों में भी चोट के निशान हैं, जैसे किसी ने जबरदस्त मुक्का मारा हो।

पीएनबी घोटाले का आरोपित और भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की डोमिनिका से पहली तस्वीर सामने आई है। मेहुल चोकसी डोमिनिका में क्रिमिनिल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) की कस्टडी में है। उसे चार दिनों पहले गिरफ्तार किया गया था। मेहुल की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें वो जेल में बंद दिखाई दे रहा है।

अन्य कुछ और तस्वीरों में मेहुल चोकसी जेल से अपने हाथ को बाहर निकालकर दिखाता नज़र आ रहा है। तस्वीरों में दिख रहा है कि उसके हाथ पर चोट है। मेहुल चोकसी की ये तस्वीरें एंटीगुआ न्यूज़रूम की ओर से जारी की गई हैं। मेहुल चोकसी की तरफ से ये आरोप लगाया गया है कि उसके साथ डोमिनिका की जेल में मारपीट की गई है।

इसी बीच डोमिनिका के डगलस चार्ल्स एयरपोर्ट पर दिल्ली से रवाना हुआ एक विमान लैंड हुआ। इसके बाद से ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही थी कि क्या मेहुल चोकसी को लेने के लिए विमान भेजा गया है? अब एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने स्थानीय रेडियो स्टेशन के साथ एक साक्षात्कार में इस बात की पुष्टि कर दी है कि भारत सरकार ने अदालत के दस्तावेजों के साथ डोमिनिका के लिए एक जेट भेजा है। यह दस्तावेज साबित करेगा कि मेहुल चोकसी भगोड़ा है और ये दस्तावेज बुधवार (जून 2, 2021) को डोमिनिका अदालत में दिखाए जाएँगे।

इससे पहले मेहुल चोकसी के वकील ने दावा किया था कि मेहुल चोकसी को एंटीगुआ से जबरन अगवा किया गया। उन्हें पीटा गया और उन्हें डोमिनिका ले जाया गया। भारत में मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कथित तौर पर उनके साथ ‘टॉर्चर’ किए जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था, “जब तक पता नहीं चलता कि वो डोमिनिका कैसे पहुँचे, तब तक कोई भी कयास नहीं लगाने चाहिए। लेकिन मेरी समझ कहती है कि वो अपनी मर्जी से डोमिनिका नहीं पहुँचे हैं। इसलिए मुझे इसमें गड़बड़ दिख रही है। कोई इस बात की तरफ गौर नहीं कर रहा है कि आखिर वो डोमिनिका कैसे पहुँचे?”

इस पूरे मामले पर मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा, “मेरे क्लाइंट एक इंसान हैं, कोई मोहरा नहीं हैं कि उन्हें कोई भी अपनी मर्जी से शतरंज के खेल की तरह घुमाते रहे। मेरा स्टैंड सही साबित हुआ है। मैं एंटीगुआ की यूनाइटेड प्रोग्रेसिव पार्टी के बयान की प्रशंसा करता हूँ कि एंटीगुआ को अपने हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे क्लाइंट मेहुल चोकसी एंटीगुआ के नागरिक हैं और एंटीगुआ के संविधान के तहत सभी कानूनी संरक्षण के हकदार भी हैं।”

23 मई को एंटीगुआ से गायब हो गया था चोकसी

मेहुल चोकसी एंटीगुआ स्थित अपने घर से 23 मई की शाम को गायब हो गया था। बकायदा उसके लापता होने की रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। लेकिन 26 मई को उसे डोमिनिका में पकड़ लिया गया था। बताया जा रहा था कि वो क्यूबा भागने की फिराक में था, लेकिन रास्ते में ही उसे पकड़ लिया गया।

जिसके बाद खबर आई कि डोमिनिका मेहुल चोकसी को भारत प्रत्यर्पित करने के लिए सहमत हो गया है, जिससे इस भगोड़े बिजनेसमैन को भारत लाए जाने की सँभावनाएँ बढ़ गई हैं। एंटीगुआ के पीएम गैस्टन ब्राउन ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, “… डोमिनिका (मेहुल चोकसी के प्रत्यावर्तन के लिए) सहमत हो गया है। हम उसे वापस स्वीकार नहीं करेंगे … डोमिनिकन सरकार और कानून प्रवर्तन सहयोग कर रहे हैं, और हमने भारत सरकार को उसे भारत वापस लाने के लिए सूचित किया है।”

जनवरी 2018 से फरार है मेहुल चोकसी

जनवरी 2018 की शुरुआत में पंजाब नेशनल बैंक में करीब 13 हजार करोड़ रुपए का घोटाला होने का खुलासा हुआ था। इस मामले में 30 जनवरी 2018 को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। लेकिन उससे पहले ही इस घोटाले के दो मुख्य आरोपित नीरव मोदी और मेहुल चोकसी भारत छोड़कर भाग गए थे। तब से ही दोनों आरोपियों के प्रत्यर्पण की कोशिश की जा रही है। नीरव मोदी ब्रिटेन में है और वहाँ के गृह मंत्रालय ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। हालाँकि, इसके खिलाफ नीरव मोदी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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